Kerala News

Kerala Budget 2026-27
केरल बजट 2026-27: मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने पेश किया पहला बजट, मिशन समुद्र के लिए 400 करोड़ रुपये का ऐलान

तिरुवनंतपुरम, एजेंसियां। केरल के मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री वीडी सतीशन ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पेश करते हुए 'नए केरल' के निर्माण का संकल्प दोहराया। अपने पहले बजट भाषण में उन्होंने समावेशी विकास, टिकाऊ बुनियादी ढांचे और निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही राज्य को वैश्विक समुद्री केंद्र बनाने के उद्देश्य से 'मिशन समुद्र' की घोषणा की, जिसके लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।   बंदरगाह आधारित अर्थव्यवस्था पर जोर मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि राज्य सरकार बंदरगाह आधारित अर्थव्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मिशन समुद्र के जरिए केरल की समुद्री क्षमता का बेहतर उपयोग किया जाएगा और ब्लू इकोनॉमी को नई गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य राज्य को अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनाना है।   महंगाई और वित्तीय दबाव बनी चुनौती बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि राज्य वित्तीय दबाव, बढ़ती देनदारियों और महंगाई जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसके बावजूद सरकार विकास कार्यों की गति बनाए रखने और दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती के लिए व्यापक रणनीति पर काम करेगी।   एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब के लिए 200 करोड़ बजट में केरल के चारों हवाई अड्डों के आसपास आधुनिक एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब विकसित करने के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।   निवेश बढ़ाने के लिए बनेगा 'इन्वेस्ट केरल सेल' राज्य में कारोबार को आसान बनाने और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकार 'डाटा-आधारित इन्वेस्ट केरल सेल' की स्थापना करेगी। यह सेल निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा और उद्योगों के सामने आने वाली बाधाओं को दूर करने में मदद करेगा।

anjali kumari जून 19, 2026 0
Monsoon Kerala
मानसून 3 दिन देर से पहुंचा केरलम, 7 दिन तक भारी बारिश का अनुमान

MP-राजस्थान समेत 24 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दावा किया है कि मानसून की केरलम में एंट्री हो गई है। इसके असर से केरलम के अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक में कुछ जगहों पर अगले 7 दिन भारी बारिश हो सकती है। इस बार मानसून 3 दिन लेट है। आमतौर पर यह 1 जून को केरलम पहुंचता है। इसके बाद डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर कर लेता है। मौसम विभाग ने पहले अनुमान लगाया था कि मानसून 26 मई को केरलम पहुंचेगा। इन राज्यों में प्री मानसून का असर इधर, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में प्री-मानसून एक्टिव है। क्यूम्युलोनिम्बस क्लाउड्स यहां 50 से 70kmph की रफ्तार से आंधी-बारिश करवा सकते हैं। क्यूम्युलोनिम्बस क्लाउड या CB क्लाउड (बादल) मौसम के पावरहाउस माने जाते हैं। तेज आंधी, बिजली और गरज वाले तूफान इन्हीं बादलों के कारण बनते हैं। गर्मी से झुलस रहे ये राज्य हालांकि, देश के कई राज्यों में अभी भी गर्मी कम नहीं हुई है। गुजरात, पश्चिमी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु में तापमान 40°C से ऊपर बना हुआ है।

Unknown जून 4, 2026 0
ED team conducts raid at former Kerala CM Pinarayi Vijayan’s residence in money laundering probe
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री के घर ED की रेड, बेटी की IT कंपनी से जुड़ा मामला

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आवास समेत 10 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई उनकी बेटी टी. वीणा की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई। सूत्रों के मुताबिक, ED की करीब 12 सदस्यीय टीम तिरुवनंतपुरम के बेकरी जंक्शन स्थित विजयन के आवास पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। एजेंसी ने यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की है। CMRL मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा मामला यह पूरा मामला कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन को लेकर है। आरोप है कि CMRL ने वर्ष 2018-19 के दौरान टी. वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को करीब 1.72 करोड़ रुपए का भुगतान किया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह रकम बिना किसी वास्तविक सॉफ्टवेयर या आईटी सेवा के दी गई थी और इसे फर्जी खर्च के तौर पर दिखाया गया। इसी आरोप के आधार पर ED ने वर्ष 2024 में PMLA के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद ED की कार्रवाई मंगलवार को केरल हाईकोर्ट ने CMRL की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें कंपनी ने ED की जांच रद्द करने की मांग की थी। अदालत से राहत नहीं मिलने के एक दिन बाद ED ने छापेमारी की कार्रवाई शुरू कर दी। कानूनी जानकारों के अनुसार, हाईकोर्ट के फैसले के बाद जांच एजेंसी को आगे की कार्रवाई में मजबूती मिली है। SFIO भी कर रहा है जांच इस मामले की जांच सिर्फ ED ही नहीं, बल्कि सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) भी कर रहा है। SFIO कथित वित्तीय अनियमितताओं और कंपनी लेनदेन की अलग से जांच कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि भुगतान के बदले वास्तव में कोई सेवा दी गई थी या नहीं। विजयन सरकार के लिए बड़ा राजनीतिक विवाद टी. वीणा और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़ा यह मामला पिछले कुछ समय से केरल की राजनीति में बड़ा विवाद बना हुआ है। विपक्ष लगातार इसे लेकर वाम सरकार और पिनराई विजयन पर सवाल उठाता रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सत्ता का दुरुपयोग कर कथित तौर पर वित्तीय लाभ पहुंचाया गया, जबकि वाम दल इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते रहे हैं। ED की छापेमारी के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर इस मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है।  

surbhi मई 27, 2026 0
Political leaders in Kerala debate over full rendition of Vande Mataram during oath-taking ceremony
केरल में ‘वंदे मातरम’ विवाद: शपथ ग्रहण समारोह में पूरा गीत गाने पर लेफ्ट और बीजेपी आमने-सामने

Kerala में कांग्रेस नेतृत्व वाली UDF सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पूरा ‘वंदे मातरम’ गाए जाने को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे पर वामपंथी दलों और Bharatiya Janata Party (बीजेपी) के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। वामपंथी दलों ने समारोह में राष्ट्रीय गीत के पूर्ण संस्करण के गायन पर आपत्ति जताते हुए इसे भारत के बहुलतावादी और धर्मनिरपेक्ष ढांचे के खिलाफ बताया है। वहीं बीजेपी ने लेफ्ट पार्टियों पर राष्ट्रीय गीत का अपमान करने और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। CPIM और CPI ने क्यों जताई आपत्ति? Communist Party of India (Marxist) (CPIM) ने सबसे पहले इस मुद्दे को उठाया। बाद में Communist Party of India (CPI) ने भी इसका समर्थन किया। CPI नेता Binoy Viswam ने कहा कि इतिहास में ‘वंदे मातरम’ की कुछ पंक्तियां इसलिए हटाई गई थीं क्योंकि वे एक विशेष धार्मिक सोच को बढ़ावा देती थीं। उन्होंने कहा कि Jawaharlal Nehru और Mahatma Gandhi के धर्मनिरपेक्ष भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप केवल सीमित हिस्से को ही स्वीकार किया गया था। CPIM राज्य सचिवालय ने भी कहा कि 1937 में कांग्रेस कार्य समिति ने माना था कि ‘वंदे मातरम’ का पूरा गायन बहुलवादी समाज के लिए उपयुक्त नहीं है। बाद में संविधान सभा ने 1950 में स्पष्ट किया था कि गीत की केवल पहली आठ पंक्तियों को ही आधिकारिक राष्ट्रीय गीत माना जाएगा। पार्टी का कहना है कि गीत के कुछ हिस्सों में धार्मिक संदर्भ हैं, इसलिए सरकारी कार्यक्रमों में पूरा गीत गाना भारत की धर्मनिरपेक्ष परंपरा के खिलाफ माना जा सकता है। केरल सरकार ने क्या कहा? विवाद बढ़ने के बाद केरल सरकार के सूत्रों ने खुद को इससे अलग करते हुए कहा कि शपथ ग्रहण समारोह के आयोजन की जिम्मेदारी लोक भवन के पास थी और सरकार की इसमें सीधी भूमिका नहीं थी। बीजेपी का पलटवार केरल बीजेपी अध्यक्ष Rajeev Chandrasekhar ने वामपंथी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि मार्क्सवाद एक आयातित विचारधारा है जो भारतीय संस्कृति और मूल्यों से मेल नहीं खाती। उन्होंने आरोप लगाया कि वामपंथी दल जमात-ए-इस्लामी और SDPI जैसी कट्टरपंथी ताकतों को खुश करने के लिए राष्ट्रीय गीत का विरोध कर रहे हैं। राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “राजनीतिक अस्तित्व के लिए भारत का अपमान करना धर्मनिरपेक्षता नहीं है। यह खतरनाक तुष्टीकरण की राजनीति और कट्टरपंथ को बढ़ावा देना है।” बंगाल का उदाहरण भी दिया CPIM ने यह भी सवाल उठाया कि West Bengal में बीजेपी नेता Suvendu Adhikari के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पूरा ‘वंदे मातरम’ नहीं गाया गया था, तो फिर केरल में ऐसा क्यों किया गया। वाम दलों का कहना है कि सरकारों को ऐसे कदमों से बचना चाहिए जो देश की बहुलवादी और धर्मनिरपेक्ष परंपराओं को कमजोर कर सकते हैं।  

surbhi मई 20, 2026 0
VD Satheesan Oath Ceremony
केरलम में वीडी सतीशन ने ली सीएम पद की शपथ, राहुल गांधी समेत की बड़े नेता रहे मौजूद

तिरुवंतपुरम, एजेंसियां। केरलम में आज से सतीशन युग शुरू हो गया है। कांग्रेस के वीडी सतीशन ने सोमवार को केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में उनके साथ 20 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। पूरी कैबिनेट ने एक साथ शपथ ली खास बात यह रही कि करीब 60 साल बाद केरल में पूरी कैबिनेट ने एक साथ शपथ ली है। इससे पहले 1962 में पूर्व मुख्यमंत्री आर शंकर ने ऐसा किया था। 14 विधायक पहली बार मंत्री बने शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री मौजूद रहे। नई कैबिनेट में 14 विधायक पहली बार मंत्री बने हैं, जिससे पार्टी ने युवा और नए चेहरों पर भरोसा जताया है। स्पीकर और डिप्टी स्पीकर कांग्रेस के कांग्रेस ने विधानसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पद भी अपने पास रखे हैं। आने वाले दिनों में विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव और राज्य बजट पेश किया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नई सरकार केरल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है और कांग्रेस के लिए दक्षिण भारत में नई मजबूती का संकेत है।

Unknown मई 18, 2026 0
VD Satheesan with UDF leaders ahead of Kerala chief minister oath-taking ceremony in Thiruvananthapuram.
केरल में UDF सरकार का गठन: वीडी सतीशन सोमवार को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, मंत्रिमंडल की सूची जारी

VD Satheesan सोमवार को केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह से पहले उन्होंने अपनी कैबिनेट मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है और यह सूची राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar को सौंप दी गई है। रविवार को मीडिया से बातचीत में वीडी सतीशन ने कहा कि गठबंधन सहयोगियों के साथ चर्चा के बाद मंत्रिमंडल के नाम तय किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे पूरी UDF सरकार शपथ लेगी। सतीशन ने कहा, “करीब 60 साल बाद पूरी UDF कैबिनेट एक साथ शपथ लेने जा रही है। हमने 24 घंटे के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी की, जो केरल के राजनीतिक इतिहास में अभूतपूर्व है। यह संभव इसलिए हो पाया क्योंकि चुनाव के बाद भी UDF एकजुट रही।” कांग्रेस का रहेगा दबदबा नई कैबिनेट में कांग्रेस का स्पष्ट प्रभाव देखने को मिलेगा। कांग्रेस कोटे से कुल 11 मंत्रियों को जगह दी गई है। सतीशन ने बताया कि वरिष्ठ नेता Ramesh Chennithala, K Muraleedharan और Sunny Joseph को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी को 63 सीटें मिलने के बावजूद कई योग्य नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी। सतीशन ने इसे राज्य में कांग्रेस की सबसे बड़ी जीतों में से एक बताया। सोमवार को शपथ लेने वाले मंत्री सोमवार को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के साथ जिन नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी, उनमें शामिल हैं: वीई अब्दुल गफूरपीके कुन्हालीकुट्टी रमेश चेन्निथला के मुरलीधरन सनी जोसेफ मॉन्स जोसेफ शिबू बेबी जॉन अनूप जैकब सीपी जॉन एपी अनिल कुमार एन समसुधीन पीसी विष्णुनाथ रोजी एम जॉन बिंदु कृष्ण एम लिजू केएम शाजी पीके बशीर टी सिद्दीकी केए तुलसी ओ जे जनीश  राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नई UDF सरकार के सामने राज्य की आर्थिक चुनौतियों और विकास परियोजनाओं को गति देने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। सोमवार को होने वाला शपथ ग्रहण समारोह केरल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।  

surbhi मई 18, 2026 0
Congress leaders meet in Delhi as suspense continues over Kerala chief minister candidate
केरल में मुख्यमंत्री चेहरे पर सस्पेंस बरकरार, कांग्रेस ने फिर टाला ऐलान

कांग्रेस अब भी नहीं तय कर पाई मुख्यमंत्री का नाम Kerala में नई सरकार के गठन को लेकर सस्पेंस अभी खत्म नहीं हुआ है। कांग्रेस नेतृत्व ने मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा एक बार फिर टाल दी है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि पार्टी गुरुवार को अपने मुख्यमंत्री उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है। हालांकि बुधवार को संकेत मिले थे कि दिन में ही फैसला सामने आ सकता है, लेकिन देर रात तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई। दिल्ली से होगा अंतिम फैसला केरल कांग्रेस अध्यक्ष सनी जोसेफ ने कहा था कि मुख्यमंत्री के नाम पर लगभग सभी चर्चाएं पूरी हो चुकी हैं और अंतिम घोषणा दिल्ली से की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ता और नेता हाईकमान के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। सोनिया गांधी की तबीयत बनी देरी की वजह? रिपोर्ट्स के अनुसार बुधवार को Sonia Gandhi का गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में रूटीन हेल्थ चेकअप हुआ था। माना जा रहा है कि इसी कारण निर्णय प्रक्रिया में देरी हुई। बाद में कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जानकारी दी कि सोनिया गांधी जांच के बाद घर लौट चुकी हैं। तीन नेताओं के बीच फंसा मामला मुख्यमंत्री पद की दौड़ फिलहाल तीन बड़े नेताओं के बीच मानी जा रही है – KC Venugopal, VD Satheesan और Ramesh Chennithala। दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान लगातार इन नेताओं के साथ बैठकें कर रहा है ताकि अंतिम नाम पर सहमति बन सके। राहुल गांधी और खड़गे की अहम बैठक Rahul Gandhi ने मंगलवार को इन तीनों नेताओं के साथ बैठक की थी। इसके बाद बुधवार को उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के साथ करीब 40 मिनट तक चर्चा की। इस बैठक को मुख्यमंत्री चयन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी के अंदर गुटबाजी भी चर्चा में सूत्रों के मुताबिक पार्टी के भीतर अलग-अलग गुट सक्रिय हैं। केरल के कई स्थानीय नेता वीडी सतीशन और रमेश चेन्निथला के समर्थन में बताए जा रहे हैं, जबकि केसी वेणुगोपाल को राहुल गांधी का करीबी माना जा रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अधिकांश कांग्रेस विधायकों ने वेणुगोपाल के नाम का समर्थन किया है। IUML का झुकाव सतीशन की ओर यूडीएफ की सहयोगी पार्टी Indian Union Muslim League ने कथित तौर पर वीडी सतीशन का समर्थन किया है। पार्टी का मानना है कि सतीशन को जनता के बीच व्यापक समर्थन हासिल है। विधानसभा चुनाव में UDF की बड़ी जीत हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाले United Democratic Front ने 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतकर बड़ी सफलता हासिल की थी। इसके साथ ही Pinarayi Vijayan के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार का दशकभर का शासन खत्म हो गया।  

surbhi मई 14, 2026 0
Kerala politics
केरल का अगला मुख्यमंत्री कौन? सस्पेंस बरकरार!

तिरुवंतपुरम, एजेंसियां। केरला में कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हाल ही में हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद अब सभी की नजर कांग्रेस हाईकमान पर टिकी है, जो जल्द ही राज्य के अगले मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तीन बड़े नेताओं के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं।   राहुल गांधी और खरगे करेंगे अंतिम फैसला केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष Sunny Joseph ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जल्द ही मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा करेंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व पहले ही तीनों प्रमुख दावेदारों से चर्चा कर चुका है और अब फैसला अंतिम चरण में पहुंच चुका है।   राज्य नेतृत्व को बयानबाजी से बचने की सलाह नई दिल्ली से लौटने के बाद मीडिया से बातचीत में सनी जोसेफ ने कहा कि फिलहाल राज्य नेताओं के साथ किसी और दौर की चर्चा की जरूरत नहीं दिखती। उन्होंने यह भी साफ किया कि पार्टी नेतृत्व ने सभी नेताओं को सार्वजनिक बयानबाजी और किसी भी तरह के विवाद से बचने की सलाह दी है ताकि संगठन में एकजुटता बनी रहे।   UDF सहयोगियों से चर्चा पर भी सस्पेंस जब उनसे पूछा गया कि क्या यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के सहयोगी दलों से भी मुख्यमंत्री पद को लेकर बातचीत की जाएगी, तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान ही करेगा। इससे साफ है कि पार्टी इस मुद्दे पर पूरी तरह केंद्रीय नेतृत्व के नियंत्रण में आगे बढ़ रही है।   जल्द हो सकता है बड़े नाम का ऐलान राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस नेतृत्व जल्द ही ऐसा चेहरा सामने ला सकता है जो पार्टी को राज्य में मजबूत संदेश देने के साथ-साथ गठबंधन सहयोगियों को भी संतुलित रख सके। अब सबकी नजर राहुल गांधी और खरगे की अगली घोषणा पर टिकी हुई है।

Unknown मई 11, 2026 0
Voters list verification process in West Bengal with election officials and political rallies in background
Assembly Election 2026 LIVE: बंगाल में 90 लाख नाम हटे, केरल में सनसनी, असम में सियासी वार

देश के अलग-अलग राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल, केरल और असम से बड़ी खबरें सामने आई हैं। बंगाल: 90 लाख से ज्यादा मतदाता लिस्ट से बाहर चुनाव आयोग के मुताबिक 90.66 लाख वोटरों के नाम हटाए गए इनमें से: 32.68 लाख पात्र वोटरों के नाम फिर जोड़े गए 27.16 लाख नाम स्थायी रूप से हटाए गए करीब 60 लाख मामलों की जांच की गई थी यह कार्रवाई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत की गई केरल: LDF दफ्तर के सामने किसान की मौत केरल के वैकोम में LDF कार्यालय के सामने एक किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी किसान ने आरोप लगाया था कि CPI नेताओं ने उसकी रोजी-रोटी छीन ली कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने CM पिनारायी विजयन से जवाब मांगा और सरकार पर निशाना साधा केरल चुनाव: आज शाम थमेगा प्रचार 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए प्रचार आज शाम खत्म होगा साइलेंस पीरियड में पाबंदियां: जनसभाएं, रैलियां, जुलूस पूरी तरह बंद मनोरंजन कार्यक्रमों पर रोक मीडिया में राजनीतिक विज्ञापन के लिए पूर्व अनुमति जरूरी मकसद: मतदाता बिना दबाव के मतदान कर सकें असम: CM हिमंता का कांग्रेस पर पलटवार पत्नी पर लगे आरोपों पर CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा: “किसी परिवार को इस तरह बदनाम नहीं कर सकते” चेतावनी दी कि कांग्रेस को इसके परिणाम भुगतने होंगे

surbhi अप्रैल 7, 2026 0
Kerala: Attack on Shashi Tharoor convoy injures gunman and driver
केरल में शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन और ड्राइवर घायल

वंडूर (केरल): कांग्रेस सांसद शशि थरूर के काफिले पर शुक्रवार शाम हमला होने की घटना सामने आई है। इस हमले में उनके गनमैन और ड्राइवर घायल हो गए, जबकि शशि थरूर सुरक्षित हैं। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना वंडूर क्षेत्र के चेलिथोडे इलाके में शाम करीब 7:30 बजे हुई। उस समय शशि थरूर एक चुनावी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में पुल के पास सड़क संकरी होने के कारण जाम की स्थिति बन गई थी। इसी दौरान दो गाड़ियों में सवार करीब पांच लोगों ने थरूर के काफिले को रोक लिया। बताया जा रहा है कि जब गनमैन रतीश के पी ने रास्ता खाली करने के लिए सामने खड़ी गाड़ी को हटाने को कहा, तो आरोपियों ने गनमैन और ड्राइवर पर हमला कर दिया। घटना के बाद गनमैन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने देर रात एक आरोपी को हिरासत में लिया, जबकि अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हमले के पीछे की वजह जानने का प्रयास कर रही है। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उनके गार्ड पर हमले को लेकर चिंता जताने वाले सभी लोगों का वह धन्यवाद करते हैं। उन्होंने बताया कि गार्ड अब सुरक्षित है और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचा। थरूर ने यह भी कहा कि घटना के बावजूद उन्होंने अपने तय कार्यक्रम पूरे किए। फिलहाल, पुलिस जांच के बाद ही इस हमले के कारणों का खुलासा हो सकेगा।  

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Rahul Gandhi interacting with students at Marian College Kuttikkanam discussing The Kerala Story 2 controversy
‘लोग केरल स्टोरी-2 नहीं देख रहे, यह अच्छी खबर’ – केरल में छात्रों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी का बयान

  कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने कहा कि फिल्म The Kerala Story 2: Goes Beyond को ज्यादा लोग नहीं देख रहे हैं और यह एक अच्छी खबर है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजकल फिल्मों, टीवी और मीडिया का इस्तेमाल तेजी से प्रोपेगैंडा फैलाने के लिए किया जा रहा है। राहुल गांधी ने यह टिप्पणी Marian College Kuttikkanam में छात्रों से बातचीत के दौरान की। कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने फिल्मों के प्रोपेगैंडा के रूप में इस्तेमाल किए जाने को लेकर सवाल पूछा था। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि “अच्छी बात यह है कि केरल स्टोरी लोगों को खोखली लग रही है और वे इसे देखने नहीं जा रहे हैं।” उन्होंने कहा कि इससे यह भी साफ होता है कि कई लोग केरल की परंपरा और संस्कृति को सही तरीके से समझ नहीं पाए हैं।   फिल्मों और मीडिया के इस्तेमाल पर जताई चिंता राहुल गांधी ने कहा कि आज फिल्मों, टेलीविजन और मीडिया का इस्तेमाल नफरत फैलाने के लिए किया जा रहा है। इनके जरिए लोगों को बदनाम करने और समाज में फूट डालने की कोशिश होती है, जिससे कुछ लोगों को फायदा मिलता है और दूसरों को नुकसान। छात्रों से बातचीत में कही ये बातें छात्रों के साथ संवाद के दौरान राहुल गांधी ने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी: उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में एक खास विचारधारा का दबाव बढ़ रहा है और कई वाइस-चांसलर की नियुक्ति उसी आधार पर की जा रही है। AI और डेटा: राहुल ने कहा कि भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अपने डेटा पर नियंत्रण रखना होगा, क्योंकि अमेरिका और चीन इस क्षेत्र में काफी आगे हैं। वैश्विक राजनीति: उन्होंने कहा कि वेस्ट एशिया में तनाव का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है, क्योंकि यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा उत्पादन का केंद्र है। व्यक्तिगत रुचियां: राहुल गांधी ने बताया कि उन्हें शतरंज और मार्शल आर्ट पसंद है और फिट रहने के लिए वे तैराकी, दौड़ और व्यायाम करते हैं। कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं केसी वेणुगोपाल और डीन कुरियाकोस के साथ केरल के पारंपरिक मार्शल आर्ट कलारीपयट्टू के कुछ स्टेप्स भी आजमाए।  

surbhi मार्च 7, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जून 30, 2026 0