वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर नए हवाई हमले किए हैं, जबकि समुद्री नाकेबंदी (नेवल ब्लॉकेड) भी दोबारा लागू कर दी गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान बातचीत की मेज पर वापस नहीं आया, तो अमेरिका अपने सैन्य अभियान को और तेज करेगा तथा पावर प्लांट और पुल जैसे अहम ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है। ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के साथ पिछले महीने हुए समझौते के तहत हटाई गई समुद्री नाकेबंदी अब फिर से लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्य हासिल करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। ट्रंप ने कहा कि ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर आगे क्या कार्रवाई होगी, इस पर अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा, लेकिन अगर हालात नहीं बदले तो अगले चरण में पावर प्लांट और उसके बाद महत्वपूर्ण पुलों को निशाना बनाया जा सकता है। ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमला अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों पर नया हवाई हमला किया गया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य उन सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना था, जिनका इस्तेमाल ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर हमलों के लिए कर सकता है। समुद्री नाकेबंदी फिर लागू अमेरिकी सेना ने बताया कि 14 जुलाई की शाम से ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की ओर आने-जाने वाले जहाजों पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी गई है। इससे पहले दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत यह प्रतिबंध हटा लिया गया था। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियां मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी भी मजबूत कर दी है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, क्षेत्र में 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान तैनात हैं, जो किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार हैं। समझौते पर मंडराया संकट पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से कुछ कदम उठाए गए थे, लेकिन हालिया सैन्य कार्रवाई और नाकेबंदी की बहाली के बाद दोनों देशों के बीच बना सीमित विश्वास भी कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
Kriti Sanon Kabir Bahia News: बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में वह इंग्लैंड के एजबेस्टन क्रिकेट स्टेडियम, बर्मिंघम में भारत बनाम इंग्लैंड मैच का आनंद लेते हुए नजर आईं। खास बात यह रही कि उनके साथ कथित बॉयफ्रेंड कबीर बाहिया भी मौजूद थे। दोनों की साथ में ली गई एक सेल्फी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। हालांकि दोनों ने अब तक अपने रिश्ते को आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया है, लेकिन उनकी हालिया तस्वीरों ने एक बार फिर डेटिंग की चर्चाओं को हवा दे दी है। बर्मिंघम में साथ दिखे कृति और कबीर कबीर बाहिया ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एजबेस्टन क्रिकेट स्टेडियम से एक ग्रुप सेल्फी साझा की, जिसमें कृति सेनन और उनके कुछ दोस्त भी नजर आए। तस्वीर में दोनों मुस्कुराते हुए कैमरे के लिए पोज देते दिखाई दिए। इस मौके पर कृति ने ग्रीन टॉप और व्हाइट पैंट पहनी थी, जबकि कबीर व्हाइट टी-शर्ट और ब्राउन लेदर जैकेट में नजर आए। दोनों का कैजुअल लुक सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। ब्रेकअप की अफवाहों के बीच आई नई तस्वीर पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि कृति सेनन और कबीर बाहिया का रिश्ता खत्म हो गया है। इन चर्चाओं को तब और बल मिला जब कबीर की एक अन्य महिला के साथ तस्वीर वायरल हुई थी। हालांकि, हालिया तस्वीरों और सार्वजनिक मौजूदगी ने इन अफवाहों को फिर से चर्चा का विषय बना दिया है। इससे पहले भी कृति ने अपने जून फोटो डंप में कबीर के साथ एक तस्वीर साझा की थी, जिसे कई लोगों ने रिश्ते का संकेत माना था। लंबे समय से जुड़ रहा है दोनों का नाम कृति सेनन और कबीर बाहिया के रिश्ते की चर्चा तब तेज हुई थी जब दोनों को कृति की बहन नूपुर सेनन और गायक स्टेबिन बेन की शादी के समारोहों में साथ देखा गया। इसके बाद दोनों की कई तस्वीरें और छुट्टियों की झलकियां भी सोशल मीडिया पर सामने आईं। हालांकि, दोनों ने अपने रिश्ते पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और निजी जिंदगी को लेकर हमेशा चुप्पी बनाए रखी है। वर्क फ्रंट पर चमक रहीं कृति सेनन पेशेवर मोर्चे पर कृति सेनन अपनी हालिया फिल्म 'Cocktail 2' की सफलता का आनंद ले रही हैं। फिल्म को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और बॉक्स ऑफिस पर भी इसका प्रदर्शन सकारात्मक बताया जा रहा है।
शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘कॉकटेल 2’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म के रिलीज होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दर्शकों के रिएक्शन आने शुरू हो गए हैं। शुरुआती प्रतिक्रियाओं से संकेत मिल रहे हैं कि निर्देशक होमी अदजानिया एक बार फिर रोमांस और इमोशन्स से भरपूर कहानी के जरिए दर्शकों को प्रभावित करने में सफल रहे हैं। सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया फिल्म देखने के बाद कई यूजर्स ने X पर अपनी राय साझा की है। कुछ दर्शकों ने फिल्म की कहानी, संगीत और भावनात्मक पहलुओं की जमकर तारीफ की है, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि फिल्म का विजुअल स्केल शानदार होने के बावजूद इसमें पहले भाग जैसी आत्मा और गहराई की कमी महसूस होती है। एक यूजर ने फिल्म को रिश्तों और कमिटमेंट पर आधारित एक दिल छू लेने वाली कहानी बताया और इसे 4.5 स्टार दिए। वहीं कुछ दर्शकों ने कहा कि फिल्म मनोरंजक है, लेकिन भावनात्मक प्रभाव उतना मजबूत नहीं है जितनी उम्मीद की जा रही थी। तरण आदर्श ने दिए 4 स्टार फिल्म ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ‘कॉकटेल 2’ की जमकर सराहना की है। उन्होंने फिल्म को 4 स्टार देते हुए इसे "विनर" बताया। उनके अनुसार, फिल्म उम्मीदों से बेहतर साबित हुई है और इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी अनप्रेडिक्टेबल कहानी है। उन्होंने कहा कि फिल्म केवल एक साधारण लव ट्रायंगल नहीं है, बल्कि इसमें कई ऐसे मोड़ हैं जो दर्शकों को लगातार बांधे रखते हैं। शानदार संगीत, खूबसूरत सिनेमैटोग्राफी और मजबूत लेखन फिल्म को खास बनाते हैं। शाहिद कपूर और कृति सेनन की एक्टिंग की हुई तारीफ तरण आदर्श के मुताबिक, शाहिद कपूर पूरी फिल्म में बेहतरीन फॉर्म में दिखाई दिए हैं। चाहे इमोशनल सीन हों या हल्के-फुल्के रोमांटिक पल, उन्होंने हर फ्रेम में प्रभाव छोड़ा है। वहीं कृति सेनन को फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज पैकेज बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि उन्होंने अपने करियर की सबसे दमदार परफॉर्मेंस में से एक दी है। रश्मिका मंदाना ने भी अपने किरदार के साथ न्याय करने की कोशिश की है, लेकिन कहानी में उनके हिस्से में अपेक्षाकृत कम स्क्रीन स्पेस आने की वजह से उनका प्रभाव सीमित नजर आता है। क्या ‘कॉकटेल 2’ देखने लायक है? शुरुआती रिव्यू के आधार पर देखा जाए तो रोमांटिक ड्रामा और म्यूजिक पसंद करने वाले दर्शकों के लिए ‘कॉकटेल 2’ एक अच्छा सिनेमाई अनुभव साबित हो सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला दर्शकों की व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करेगा।
मुंबई में अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'Cocktail 2' के ट्रेलर लॉन्च के दौरान अभिनेत्री कृति सेनन ने अपने फैशन स्टेटमेंट से एक बार फिर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कृति ने लंदन स्थित अल्बानियाई डिजाइनर Nensi Dojaka की शानदार ब्लैक-एंड-व्हाइट शीयर मैक्सी ड्रेस पहनकर रेड कार्पेट पर ग्लैमरस अंदाज में एंट्री की। लिंजरी-इंस्पायर्ड ड्रेस में दिखा मॉडर्न फेमिनिन टच कृति की यह असिमेट्रिक मैक्सी ड्रेस डिजाइनर Nensi Dojaka के Spring/Summer 2025 कलेक्शन का हिस्सा है। आउटफिट में वन-शोल्डर फिटेड ब्लैक बॉडिस के साथ फ्लोई आइवरी शिफॉन स्कर्ट दी गई थी। ड्रेस में मौजूद शीयर डिटेलिंग और कट-आउट्स ने इसे बोल्ड लेकिन एलिगेंट लुक दिया। Nensi Dojaka अपने डिजाइनों में 90 के दशक की मिनिमलिस्ट स्टाइल और लिंजरी एलिमेंट्स को मॉडर्न रेडी-टू-वियर फैशन के साथ जोड़ने के लिए जानी जाती हैं और कृति का यह लुक उसी सिग्नेचर स्टाइल को बखूबी दर्शाता है। जूलरी और मेकअप ने बढ़ाई खूबसूरती कृति ने अपने आउटफिट के साथ अलग-अलग ब्रांड्स की जूलरी को मिक्स करके बोहेमियन टच दिया। उन्होंने Curio Cottage के ईयररिंग्स, Ahsiam का ईयर कफ और Silverstreak व Sikkaa Jewellery के एक्सेसरीज़ पहने। फुटवियर के तौर पर उन्होंने ग्लैडिएटर-स्टाइल सैंडल चुने, जो पूरे लुक के साथ बेहतरीन तालमेल में नजर आए। मेकअप की बात करें तो कृति ने न्यूड लिपस्टिक, सॉफ्ट स्मोकी आईज और ग्लोइंग बेस के साथ मिनिमल लेकिन आकर्षक लुक अपनाया। वहीं खुले और स्ट्रेट ब्लो-ड्राय हेयरस्टाइल ने उनके पूरे लुक को और निखार दिया। 'Cocktail 2' के किरदार से जुड़ा फैशन रिपोर्ट्स के मुताबिक, कृति के इस आउटफिट में उनकी फिल्म 'Cocktail 2' के किरदार Ally की झलक भी देखने को मिली। ड्रेस की बोल्ड और फ्री-स्पिरिटेड स्टाइल उनके ऑन-स्क्रीन कैरेक्टर की पर्सनैलिटी को दर्शाती है।
मुंबई, एजेंसियां। बहुप्रतीक्षित रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म Cocktail 2 का ट्रेलर आखिरकार रिलीज हो गया है। फिल्म में Shahid Kapoor, Kriti Sanon और Rashmika Mandanna मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। ट्रेलर लॉन्च के साथ ही फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह और बढ़ गया है। दोस्ती और प्यार के बीच फंसी कहानी करीब तीन मिनट के ट्रेलर की शुरुआत शाहिद कपूर के वॉयसओवर से होती है, जिसमें वह रिश्तों, दोस्ती और प्यार के बदलते रंगों पर बात करते दिखाई देते हैं। इसके बाद कहानी के तीन प्रमुख किरदारों कुणाल, दीया और एली से दर्शकों का परिचय कराया जाता है। कुणाल और दीया एक-दूसरे से प्यार करते हैं और उनका रिश्ता शादी की ओर बढ़ता नजर आता है। इसी बीच उनकी जिंदगी में एली की एंट्री होती है, जो आजाद ख्याल और मस्तीभरे अंदाज वाली लड़की है। धीरे-धीरे तीनों के बीच की दोस्ती एक जटिल लव ट्रायंगल का रूप ले लेती है, जिससे कई भावनात्मक और हास्यपूर्ण परिस्थितियां पैदा होती हैं। रोमांस, मस्ती और इमोशनल ट्विस्ट का तड़का ट्रेलर में खूबसूरत लोकेशंस, पार्टी सीक्वेंस, रोमांचक यात्राएं और युवा जीवन की ऊर्जा देखने को मिलती है। कहानी आगे बढ़ने के साथ रिश्तों में गलतफहमियां और भावनात्मक उतार-चढ़ाव भी सामने आते हैं। एक मोड़ पर एली और दीया के बीच हुई एक गलती का असर कुणाल की जिंदगी पर पड़ता है, जिससे कहानी और दिलचस्प हो जाती है। दो हफ्ते बाद सिनेमाघरों में दस्तक फिल्म का निर्देशन Homi Adajania ने किया है। फिल्म की कहानी तरुण जैन और Luv Ranjan ने लिखी है, जबकि निर्माण का जिम्मा दिनेश विजान, लव रंजन, प्रमिता आर. विजान और अंकुर गर्ग ने संभाला है। किसके साथ होगा कुणाल का अंत? ट्रेलर ने दर्शकों के मन में सबसे बड़ा सवाल छोड़ दिया है क्या कुणाल अपनी प्रेमिका दीया के साथ शादी करेगा या फिर एली के साथ उसका रिश्ता नई दिशा लेगा? इसी रोमांच और भावनात्मक संघर्ष के जवाब के लिए दर्शकों को 19 जून तक इंतजार करना होगा, जब ‘कॉकटेल 2’ सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
बॉलीवुड में इन दिनों सीक्वल का ट्रेंड जोरों पर है, और इसी बीच शाहिद कपूर को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहिद अपनी हिट साई-फाई रोमांटिक फिल्म ‘तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया’ के सीक्वल की तैयारी में हैं-और इस बार कहानी में नया ट्विस्ट देखने को मिल सकता है। सीक्वल पर शुरू हुआ काम खबरों के अनुसार, फिल्म के दूसरे पार्ट की स्क्रिप्ट पर तेजी से काम चल रहा है। उम्मीद है कि स्क्रिप्ट अगस्त 2026 तक पूरी हो जाएगी। इसके बाद फिल्म की शूटिंग 2027 की शुरुआत में शुरू हो सकती है। पहले पार्ट को दर्शकों ने इसके यूनिक कॉन्सेप्ट-रोमांस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मेल-के लिए काफी पसंद किया था। स्टारकास्ट में बड़ा बदलाव! रिपोर्ट्स की मानें तो: शाहिद कपूर और कृति सेनन एक बार फिर लीड रोल में नजर आएंगे वहीं इस बार फिल्म में जाह्नवी कपूर की एंट्री हो सकती है अगर यह कास्ट फाइनल होती है, तो शाहिद और जाह्नवी पहली बार स्क्रीन शेयर करेंगे, जो फैंस के लिए बड़ा सरप्राइज होगा। कहानी में क्या होगा खास? सूत्रों के मुताबिक, सीक्वल की कहानी वहीं से आगे बढ़ेगी जहां पहली फिल्म खत्म हुई थी। इस बार टेक्नोलॉजी और रिश्तों के बीच का टकराव और गहराई से दिखाया जा सकता है। बाकी प्रोजेक्ट्स में भी बिजी हैं शाहिद शाहिद कपूर के पास इस वक्त कई बड़े प्रोजेक्ट्स लाइनअप हैं: कॉकटेल 2 – रश्मिका मंदाना और कृति सेनन के साथ (जून 2026 रिलीज) फर्जी सीजन 2 ओ रोमियो रिपोर्ट्स ये भी कहती हैं कि इस सीक्वल का भविष्य काफी हद तक ‘कॉकटेल 2’ की सफलता पर निर्भर करेगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।