Kushal Tandon

Shilpa Shinde and Shivangi Joshi face controversy in Lock Upp 2 after remarks spark backlash from fans and TV celebrities.
'Lock Upp 2' में बढ़ा विवाद: शिवांगी जोशी पर शिल्पा शिंदे की टिप्पणी से मचा बवाल, कई टीवी सितारों ने जताई नाराजगी

मुंबई: रियलिटी शो 'Lock Upp 2' में अभिनेत्री शिल्पा शिंदे की एक टिप्पणी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। शो के हालिया एपिसोड में शिल्पा द्वारा सह-प्रतियोगी शिवांगी जोशी की निजी जिंदगी पर की गई टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई टीवी कलाकारों ने भी इस मामले में सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की है। क्या है पूरा मामला? हालिया एपिसोड में एक टास्क के बाद शिल्पा शिंदे और शिवांगी जोशी को एक ही सेल में रखा गया। इसके बाद दोनों के बीच कई बार मतभेद देखने को मिले। इसी दौरान बातचीत के दौरान शिल्पा शिंदे ने शिवांगी जोशी की निजी जिंदगी और कथित रिश्तों को लेकर टिप्पणी की, जिसे सोशल मीडिया पर कई लोगों ने आपत्तिजनक बताया। रिपोर्ट्स के अनुसार, बातचीत के दौरान अभिनेता कुशाल टंडन का नाम भी लिया गया, जिसके बाद यह विवाद और बढ़ गया। सोशल मीडिया पर हुई आलोचना एपिसोड प्रसारित होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई दर्शकों ने शिल्पा शिंदे की टिप्पणी की आलोचना की। यूजर्स का कहना है कि किसी की निजी जिंदगी या व्यक्तिगत संबंधों पर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है, चाहे वह रियलिटी शो का हिस्सा ही क्यों न हो। टीवी इंडस्ट्री के कलाकार भी आए समर्थन में इस विवाद के बाद कई टीवी कलाकारों ने शिवांगी जोशी के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी। विन्नी धूपर ने एक वीडियो साझा कर कहा कि किसी महिला की निजी जिंदगी, रिश्तों या व्यक्तिगत फैसलों का मजाक उड़ाना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि असहमति व्यक्त करने के कई तरीके हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियां सीमा पार कर देती हैं। जन्नत जुबैर ने क्या कहा? अभिनेत्री जन्नत जुबैर ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए शिवांगी जोशी का समर्थन किया। उन्होंने लिखा कि वह शिवांगी को वर्षों से जानती हैं और उनके व्यक्तित्व व मूल्यों से परिचित हैं। जन्नत ने कहा कि किसी महिला के चरित्र पर बिना तथ्यों के टिप्पणी करना या उसे मनोरंजन का हिस्सा बनाना गलत है। उन्होंने अपील की कि मतभेद होने के बावजूद व्यक्तिगत गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए। राजीव अदातिया की प्रतिक्रिया अभिनेता राजीव अदातिया ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शिल्पा शिंदे की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी प्रतियोगी की निजी जिंदगी या व्यक्तिगत विषयों पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से बचना चाहिए और रियलिटी शो में भी मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। बढ़ रही है शो की चर्चा 'Lock Upp 2' में लगातार बढ़ते विवाद, बहस और टकराव शो को चर्चा में बनाए हुए हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर अब तक शो के निर्माताओं या संबंधित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस जारी है। एक वर्ग शिल्पा शिंदे की टिप्पणी की आलोचना कर रहा है, जबकि कुछ दर्शकों का मानना है कि रियलिटी शो में ऐसी परिस्थितियां अक्सर देखने को मिलती हैं।  

surbhi जुलाई 16, 2026 0
Tina Tandon reacts on social media, defending Kushal Tandon after Shreya Kalra's allegations during a reality show.
Alliance Controversy: कुशल टंडन के बचाव में उतरीं बहन, श्रेया कालरा के आरोपों पर दिया जवाब

टीवी अभिनेता कुशल टंडन एक बार फिर सुर्खियों में हैं। रियलिटी शो Alliance में नजर आ रहे कुशल पर Lock Upp 2 की कंटेस्टेंट और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रेया कालरा ने हाल ही में गंभीर आरोप लगाए हैं। अब इस पूरे विवाद पर कुशल की बहन टीना टंडन ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है और लोगों से बिना दोनों पक्ष सुने कोई निष्कर्ष न निकालने की अपील की है। क्या हैं श्रेया कालरा के आरोप? Lock Upp 2 के एक एपिसोड में श्रेया कालरा ने बताया कि उन्होंने और कुशल टंडन ने एक टीवी शो के प्रमोशनल वीडियो की शूटिंग साथ की थी। उनके मुताबिक शूटिंग के बाद कुशल ने उन्हें इंस्टाग्राम पर डायरेक्ट मैसेज (DM) किया। श्रेया का दावा है कि उस समय कुशल का नाम अभिनेत्री शिवांगी जोशी के साथ जोड़ा जा रहा था, लेकिन उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुशल लगातार उन्हें मैसेज करते रहे। श्रेया ने यह भी कहा कि बाद में जब उनकी मुलाकात शिवांगी जोशी से हुई, तब शिवांगी ने उनसे इस मामले पर बात की। श्रेया के अनुसार, उन्होंने शिवांगी को पूरी चैट दिखाई, जिसके बाद वह भावुक हो गईं। कुशल की बहन ने किया बचाव कुशल टंडन फिलहाल Alliance शो में व्यस्त हैं और सार्वजनिक रूप से इस विवाद पर प्रतिक्रिया नहीं दे सकते। ऐसे में उनकी बहन टीना टंडन उनके समर्थन में सामने आईं। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि हाल ही में उनके भाई और उनके पुराने रिश्ते को लेकर जो बातें कही गई हैं, वे पूरी तरह सही नहीं हैं। टीना ने कहा कि फिलहाल लोगों ने केवल एक पक्ष की बात सुनी है और जब तक दोनों पक्ष सामने न आ जाएं, तब तक किसी भी तरह की राय बनाना उचित नहीं होगा। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय सच्चाई सामने आने का इंतजार करने की अपील भी की। कुशल और शिवांगी के रिश्ते की चर्चा कुशल टंडन और शिवांगी जोशी टीवी शो Barsatein – Mausam Pyaar Ka में साथ काम करने के दौरान करीब आए थे। दोनों के रिश्ते की चर्चा लंबे समय तक होती रही और बाद में कुशल ने अपने रिश्ते की पुष्टि भी की थी। हालांकि, वर्ष 2025 में कुशल टंडन ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी थी कि दोनों का रिश्ता कुछ महीने पहले ही खत्म हो चुका है। फिलहाल नहीं आया कुशल का बयान श्रेया कालरा के आरोपों पर अभी तक कुशल टंडन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे विवाद को लेकर दोनों पक्षों की बात सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।   News 16 (Entertainment) Box Office: दूसरे शुक्रवार भी थमी नहीं 'Alpha' की रफ्तार, 50 करोड़ क्लब में एंट्री के बेहद करीब आलिया-शरवरी की फिल्म दूसरे शुक्रवार की कमाई में आई गिरावट, फिर भी 50 करोड़ के आंकड़े पर नजर आलिया भट्ट और शरवरी वाघ स्टारर स्पाई एक्शन फिल्म 'Alpha' बॉक्स ऑफिस पर दूसरे हफ्ते में भी अपनी पकड़ बनाए रखने की कोशिश कर रही है। दूसरे शुक्रवार को फिल्म की कमाई में गिरावट जरूर दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद फिल्म 50 करोड़ रुपये के नेट कलेक्शन के बेहद करीब पहुंच गई है। दूसरे शुक्रवार कितना रहा कलेक्शन? शुरुआती ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, 'Alpha' ने रिलीज के दूसरे शुक्रवार को करीब 1.50 करोड़ रुपये का नेट कारोबार किया। यह आंकड़ा पहले दिन की तुलना में काफी कम है, लेकिन दूसरे सप्ताह में भी फिल्म का लगातार दर्शक जुटाना इसके लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन अब लगभग 46.60 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। वीकेंड से बढ़ी उम्मीदें ट्रेड एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि शनिवार और रविवार को छुट्टियों का फायदा फिल्म को मिल सकता है। यदि सप्ताहांत में दर्शकों की संख्या बढ़ती है तो फिल्म आसानी से 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है। अनुमान लगाया जा रहा है कि दूसरे वीकेंड में फिल्म 6.5 से 7 करोड़ रुपये तक का कारोबार कर सकती है। पहले सप्ताह का प्रदर्शन रिलीज के पहले सप्ताह में फिल्म ने कुल 45.10 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था। शुरुआती तीन दिनों में फिल्म ने अच्छी कमाई की, लेकिन उसके बाद वीकडेज़ में कारोबार में लगातार गिरावट देखने को मिली। अब तक का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दिन नेट कलेक्शन पहला शुक्रवार ₹9.00 करोड़ पहला शनिवार ₹11.50 करोड़ पहला रविवार ₹12.50 करोड़ पहला सोमवार ₹3.50 करोड़ पहला मंगलवार ₹4.00 करोड़ पहला बुधवार ₹2.50 करोड़ पहला गुरुवार ₹2.10 करोड़ दूसरा शुक्रवार ₹1.50 करोड़ (अनुमानित) कुल ₹46.60 करोड़ कहां तक पहुंच सकती है फिल्म? मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि 'Alpha' का लाइफटाइम भारतीय नेट कलेक्शन 60 से 65 करोड़ रुपये के बीच रह सकता है। हालांकि अंतिम आंकड़े इस बात पर निर्भर करेंगे कि आने वाले दिनों में फिल्म को दर्शकों का कितना समर्थन मिलता है और नई रिलीज फिल्मों से इसे कितनी प्रतिस्पर्धा मिलती है। महिला प्रधान स्पाई फिल्म के सामने रही चुनौती 'Alpha' एक महिला-केंद्रित स्पाई एक्शन फिल्म है। भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इस तरह की फिल्मों को आमतौर पर बड़ी ओपनिंग मिलना आसान नहीं होता। इसके अलावा हाल के समय में स्पाई यूनिवर्स की कुछ फिल्मों का प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिससे इस फिल्म के सामने शुरुआत से ही चुनौती मौजूद थी। फिर भी फिल्म ने शुरुआती सप्ताह में संतोषजनक प्रदर्शन करते हुए अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। अब सभी की नजरें दूसरे वीकेंड पर टिकी हैं, जहां यह फिल्म 50 करोड़ क्लब में शामिल होने की ओर बढ़ रही है।  

surbhi जुलाई 11, 2026 0
Shreya Kalra speaks on Lock Upp 2 while Kushal Tandon and Shivangi Joshi remain at the center of dating allegations.
Lock Upp 2: श्रेया कालरा का दावा- शिवांगी जोशी को डेट करने के दौरान कुशल टंडन ने किए फ्लर्ट वाले मैसेज, कहा- 'सच्चाई पता चलते ही मैंने दूरी बना ली'

रियलिटी शो Lock Upp 2: Sach Ya Saza में अभिनेत्री और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रेया कालरा ने अभिनेता कुशल टंडन को लेकर बड़ा दावा किया है। शो के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कुशल ने उन्हें सोशल मीडिया पर मैसेज किए थे, जबकि उस समय उनका नाम अभिनेत्री शिवांगी जोशी के साथ जोड़ा जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों पर अब तक कुशल टंडन और शिवांगी जोशी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रमोशनल शूट के बाद आए मैसेज शो में सह-प्रतियोगी शिल्पा शिंदे से बातचीत के दौरान श्रेया कालरा ने बताया कि उन्होंने टीवी शो Barsatein – Mausam Pyaar Ka के प्रमोशनल वीडियो में कुशल टंडन के साथ काम किया था। श्रेया के अनुसार, शूटिंग पूरी होने के बाद कुशल ने उन्हें इंस्टाग्राम पर मैसेज करना शुरू किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय वह खुद भी एक रिश्ते में थीं और बाद में उन्हें पता चला कि कुशल और शिवांगी जोशी के बीच भी रिश्ता था। इसके बाद उन्होंने कुशल से बातचीत आगे नहीं बढ़ाई। शिवांगी से मुलाकात के दौरान क्या हुआ? श्रेया ने यह भी दावा किया कि बाद में जब उनकी मुलाकात शिवांगी जोशी से हुई, तब अभिनेत्री ने बताया कि कुशल ने कहा था कि सोशल मीडिया पर सबसे पहले श्रेया ने ही उन्हें मैसेज और फॉलो किया था। श्रेया ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने शिवांगी को अपनी पूरी चैट दिखाई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उन्होंने कभी भी फ्लर्ट या बातचीत की शुरुआत नहीं की थी। ब्रेकअप का भी किया जिक्र श्रेया कालरा ने शो में यह भी दावा किया कि कुछ महीनों बाद कुशल टंडन ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए शिवांगी जोशी से अपने अलग होने की जानकारी साझा की थी। गौरतलब है कि कुशल ने वर्ष 2025 में सोशल मीडिया पर अपने ब्रेकअप की पुष्टि की थी, हालांकि बाद में वह पोस्ट हटा दी गई थी। क्या बोले कुशल और शिवांगी? फिलहाल श्रेया कालरा के इन आरोपों पर कुशल टंडन या शिवांगी जोशी की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। Lock Upp 2 में बढ़ रहा है विवाद Lock Upp 2: Sach Ya Saza इन दिनों अपने विवादित खुलासों और कंटेस्टेंट्स के व्यक्तिगत बयानों को लेकर लगातार चर्चा में है। शो में कई प्रतिभागी अपने निजी जीवन से जुड़े अनुभव साझा कर रहे हैं, जिससे दर्शकों के बीच इसकी चर्चा बनी हुई है।  

surbhi जुलाई 11, 2026 0
Baba Barfani
5 दिन में ही क्यों अंतर्ध्यान हो गए बाबा बर्फानी? वैज्ञानिकों ने बताए कई अहम कारण

श्रीनगर, एजेंसियां। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा शुरू होने के महज पांच दिन के भीतर पवित्र हिम शिवलिंग (बाबा बर्फानी) के लगभग पूरी तरह पिघल जाने से करोड़ों श्रद्धालुओं में चिंता और जिज्ञासा बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह किसी एक वजह से नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, कम बर्फबारी और गुफा क्षेत्र में बढ़ी मानवीय गतिविधियों का संयुक्त प्रभाव हो सकता है।   प्राकृतिक प्रक्रिया पर पड़ा मौसम का असर   वैज्ञानिकों के अनुसार अमरनाथ गुफा में बनने वाला हिम शिवलिंग पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया से बनता है। गुफा की छत से टपकने वाली पानी की बूंदें कम तापमान में जमकर बर्फ का स्तंभ बनाती हैं। इस बार सर्दियों में अपेक्षाकृत कम बर्फबारी, अधिक तापमान और मौसम के बदलते पैटर्न के कारण शिवलिंग अपेक्षित आकार नहीं ले सका और जल्दी पिघल गया।   श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या भी मानी जा रही वजह   विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रा के शुरुआती दिनों में ही रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु गुफा तक पहुंचे। बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही, रोशनी, अस्थायी ढांचों और अन्य मानवीय गतिविधियों से गुफा के आसपास का तापमान प्रभावित हो सकता है, जिससे प्राकृतिक हिम शिवलिंग तेजी से पिघलने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि इस संबंध में कोई अंतिम वैज्ञानिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।   आस्था बरकरार, यात्रा जारी   हिम शिवलिंग के अंतर्ध्यान होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। बड़ी संख्या में भक्त अब भी अमरनाथ गुफा पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि यात्रा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधाओं के पूरे इंतजाम किए गए हैं।

abhishek singh जुलाई 11, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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anjali kumari जुलाई 11, 2026 0