Lightning Alert

Dark monsoon clouds and heavy rainfall over Bihar as IMD issues rain, lightning, and flood alerts.
बिहार के 18 जिलों में आज गरज-चमक के साथ होगी तेज बारिश, बिजली गिरने की भी चेतावनी, बाढ़ का खतरा मंडराया

पटना: बिहार में मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में मौसम और अधिक बिगड़ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को राज्य के 18 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए तेज बारिश, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी है। वहीं नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण उत्तर बिहार की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ का खतरा भी गहराने लगा है। इन 18 जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, कैमूर, रोहतास, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर वज्रपात (बिजली गिरने) की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। अगले चार दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 4 जुलाई को उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों के साथ दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना है। वहीं 5 और 6 जुलाई को लगभग पूरे बिहार के लिए आंधी, बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार सक्रिय मॉनसून के कारण कई इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। बारिश के बावजूद उमस से नहीं मिली राहत पिछले 24 घंटों के दौरान बक्सर, जमुई, पटना, किशनगंज, बेगूसराय और खगड़िया समेत कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि बारिश के बावजूद लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिल सकी। पटना सहित अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश और उमस दोनों का असर एक साथ देखने को मिल सकता है। नेपाल में भारी बारिश से बढ़ा बाढ़ का खतरा नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार की नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। कोसी, बागमती और उत्तर बिहार की कई अन्य नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यदि नेपाल में इसी तरह बारिश जारी रही तो कई नदियां जल्द ही खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर पहुंच सकती हैं। इससे उत्तर बिहार के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। लोगों से सतर्क रहने की अपील मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर न रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। किसानों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि अगले कुछ दिन मौसम की दृष्टि से संवेदनशील रह सकते हैं।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as heavy rainfall and lightning trigger orange alert across multiple districts.
झारखंड में मानसून हुआ पूरी तरह सक्रिय, 1-2 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी

झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसके असर से राज्य के कई हिस्सों में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। बारिश के चलते लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं मौसम विभाग ने 1 और 2 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले दो दिनों तक राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है। इसे देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 1 और 2 जुलाई को निम्न जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है— देवघर दुमका गोड्डा जामताड़ा पाकुड़ साहिबगंज बोकारो धनबाद लोहरदगा गुमला रामगढ़ रांची खूंटी सिमडेगा पूर्वी सिंहभूम पश्चिमी सिंहभूम इन जिलों के लिए वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी है। बारिश से तापमान में आई बड़ी गिरावट मानसून की बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया है। राजधानी रांची में सोमवार की तुलना में मंगलवार को अधिकतम तापमान में करीब 5.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। रांची का अधिकतम तापमान: 28.4°C अनुमानित न्यूनतम तापमान: 21°C मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान: 36.6°C तापमान में आई इस गिरावट से लोगों को लंबे समय बाद गर्मी से राहत मिली है। सबसे ज्यादा बारिश मेदिनीनगर में मंगलवार को राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं— मेदिनीनगर: 67.4 मिमी रांची: 20 मिमी चाईबासा: 14 मिमी बारिश के कारण कई इलाकों का मौसम सुहावना हो गया। 3 से 5 जुलाई तक क्या रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार, 3 से 5 जुलाई के बीच भारी बारिश में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि इस दौरान कई स्थानों पर मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। वहीं 6 जुलाई से एक बार फिर मानसून सक्रिय होने के आसार हैं और राज्य के कई हिस्सों में दोबारा भारी बारिश हो सकती है। अब भी सामान्य से काफी कम बारिश हालांकि मानसून ने अब रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन जून महीने में झारखंड में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई। 1 जून से 30 जून तक के आंकड़े: पूरे झारखंड में सामान्य से 54% कम बारिश रांची में सामान्य से 26% कम बारिश रांची में जहां सामान्य तौर पर इस अवधि में 197.6 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार केवल 146.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे चिंताजनक स्थिति दुमका की रही, जहां पूरे जून महीने में बारिश लगभग नहीं के बराबर दर्ज की गई। लोगों के लिए सलाह मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। तेज बारिश और वज्रपात के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें और मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखें।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Dark monsoon clouds over Jharkhand as rain, thunderstorms, and lightning alert issued across multiple districts.
झारखंड में अगले 5 दिनों तक बारिश का अलर्ट, वज्रपात का खतरा भी बरकरार; कई जिलों में भारी बारिश के आसार

रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने लगा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि आकाशीय बिजली की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। तापमान में आएगी गिरावट, गर्मी से मिलेगी राहत भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगले पांच दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे उमस और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। रविवार को देवघर जिले के सिकटिया में सबसे अधिक 54.0 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कोलेबिरा में 40.2 मिमी, पपुनकी में 30.8 मिमी, नोआमुंडी में 23.6 मिमी, राजधनवार में 23.2 मिमी और पालकोट में 14.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई। राजधानी रांची में भी कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। वहीं, डालटनगंज राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। वज्रपात ने ली पांच लोगों की जान बारिश के बीच आकाशीय बिजली का कहर भी जारी है। शनिवार और रविवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में वज्रपात से पांच लोगों की मौत हो गई। लोहरदगा के कैरो थाना क्षेत्र के सदाबे डुमरटोली गांव में वज्रपात की चपेट में आने से ढाई वर्षीय अंकिता उरांव की मौत हो गई। गढ़वा जिले के रंका प्रखंड के दुधवल गांव में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से 18 वर्षीय शहबाज अंसारी और 12 वर्षीय फैजुन खातून की जान चली गई। वहीं पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव और सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में भी वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में एक युवक और एक महिला की मौत हो गई। अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार 2 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। 29 जून: पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना। 30 जून: राज्य के कई हिस्सों में वज्रपात और तेज हवा चल सकती है। कोडरमा, गिरिडीह और धनबाद सहित उत्तर-पूर्वी झारखंड के कुछ इलाकों में भारी बारिश के आसार। 1 जुलाई: पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, बोकारो, खूंटी, रामगढ़ और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा वज्रपात के समय सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की सलाह दी है।  

surbhi जून 29, 2026 0
Dark monsoon clouds and rainfall over Jharkhand as IMD issues yellow alert for several districts.
झारखंड में मॉनसून हुआ सक्रिय, 27 जून तक कई जिलों में येलो अलर्ट; बारिश और वज्रपात की चेतावनी

रांची: झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सक्रिय होने के साथ ही मौसम का मिजाज बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही बने रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 जून तक राज्य के विभिन्न जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब से बिहार तक सक्रिय टर्फ और झारखंड से तटीय आंध्र प्रदेश तक बने दूसरे टर्फ के कारण राज्य में नमी बढ़ रही है। इसके चलते अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। तापमान में आएगी गिरावट मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 और 23 जून के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इसके बाद तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। गुमला में हुई सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 40.2 मिलीमीटर बारिश गुमला जिले के चैनपुर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा— रांची में 35.6 मिमी बारिश बोकारो में 35.5 मिमी बारिश नामकुम में 23.5 मिमी बारिश दर्ज की गई तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट 22 जून को दक्षिणी झारखंड और राजधानी क्षेत्र के आसपास के जिलों में तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। वहीं 23 जून से 27 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में— गरज-चमक के साथ बारिश, वज्रपात, और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी है।  

surbhi जून 22, 2026 0
Dark clouds over Ranchi city as rain and strong winds hit Jharkhand under orange weather alert.
झारखंड में मौसम ने ली करवट, रांची समेत 14 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

झारखंड में मानसूनी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। शुक्रवार, 19 जून को राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से ही आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी और मध्य झारखंड के आसपास बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए रांची सहित 14 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन 14 जिलों में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, उनमें शामिल हैं: रांची हजारीबाग खूंटी रामगढ़ गिरिडीह कोडरमा बोकारो धनबाद देवघर दुमका जामताड़ा गोड्डा साहिबगंज पाकुड़ इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर वज्रपात की आशंका जताई गई है। रांची का तापमान 19 जून को रांची का अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह हुई बारिश के बाद मौसम काफी सुहावना हो गया। 24 जून तक सभी जिलों में येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 24 जून तक पूरे झारखंड में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। इसी को देखते हुए राज्य के सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार को कहां कितनी बारिश हुई? गुरुवार को सबसे अधिक 14 मिमी बारिश देवघर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मेदिनीनगर और बोकारो में भी हल्की बारिश हुई। वहीं अधिकतम तापमान की बात करें तो: मेदिनीनगर – 42°C बोकारो – 38.1°C जमशेदपुर – 36.6°C चाईबासा – 36.8°C रांची – 35.1°C वज्रपात और आंधी के दौरान बरतें ये सावधानियां मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान: किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर शरण लें। खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े न हों। बिजली के खंभों, मोबाइल टावर और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। मोबाइल फोन का अनावश्यक इस्तेमाल करने से बचें। समूह में होने पर एक जगह भीड़ लगाने के बजाय थोड़ी दूरी बनाकर खड़े रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी बरतकर वज्रपात से होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।  

surbhi जून 19, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand as rain, thunderstorms and strong winds are forecast across several districts.
Jharkhand Weather: झारखंड के कई जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी, 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

Jharkhand Weather: दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ झारखंड के मौसम में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार 6 जून को राज्य के कई हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं मौसम विभाग के मुताबिक, 6 जून को झारखंड के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही बादल गरजने और बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है। रांची में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 7 से 9 जून तक कैसा रहेगा मौसम? 7 जून राज्य के दक्षिणी और मध्य भागों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। 8 जून उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 9 जून दक्षिणी और मध्य झारखंड के कुछ इलाकों में वज्रपात और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। इस दौरान भी हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। 10 जून से प्री-मानसून बारिश के संकेत मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 10 जून से राज्य के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश? बीते 24 घंटों के दौरान झारखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश पाकुड़ जिले में हुई, जहां करीब 80 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। तेजी से आगे बढ़ रहा है मानसून केरल पहुंचने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले दो से तीन दिनों में इसके गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।  

surbhi जून 6, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand as rain, thunderstorms and strong winds are forecast
झारखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, गरज-चमक के साथ बारिश और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं तेज हवाएं

झारखंड में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है। India Meteorological Department के रांची केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 4 जून को कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार 4 जून को राज्य के पूर्वी और उससे सटे मध्य भागों में कहीं-कहीं गरज-चमक और वज्रपात के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। साथ ही कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हो सकती है। 5 जून को भी बारिश के आसार 5 जून को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिमी और उससे सटे मध्य क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य भागों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम में नमी बढ़ने के कारण लोगों को उमस का भी सामना करना पड़ सकता है। रांची में अगले कुछ दिनों का मौसम राजधानी Ranchi और आसपास के इलाकों में 5 जून तक आंशिक बादल छाए रहने और गर्जन वाले बादल बनने की संभावना है। वहीं 6 और 7 जून को गरज-चमक के साथ बारिश होने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार— अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश? राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक वर्षा Hazaribagh में दर्ज की गई, जहां 2.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि अधिकांश जिलों में मौसम सामान्य बना रहा, लेकिन आने वाले दिनों में कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है, विशेष रूप से वज्रपात की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।  

surbhi जून 4, 2026 0
Dark clouds and strong winds over Jharkhand as weather department issues rain and thunderstorm alert.
झारखंड में मौसम ने ली करवट, कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

Jharkhand में मई के महीने के बीच मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बादल, हल्की बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। अब मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 मई तक राज्य के अलग-अलग जिलों में मौसम इसी तरह बदला हुआ बना रहेगा। कई इलाकों में तेज हवा के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। 19 मई: आंशिक बादल और हल्की बारिश के आसार मौसम विभाग के मुताबिक, 19 मई को राज्य में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि उत्तर-पश्चिमी और उससे सटे मध्य भागों, खासकर Hazaribagh और Koderma को छोड़कर बाकी जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 20 और 21 मई: तेज आंधी और वज्रपात का खतरा 20 और 21 मई को मौसम और ज्यादा सक्रिय हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पूर्वी और आसपास के मध्य क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ गरज और वज्रपात की भी आशंका है। वहीं Palamu और Garhwa को छोड़कर पश्चिमी, दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में भी तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। 21 मई को Latehar समेत कुछ उत्तर-पश्चिमी जिलों को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 22 मई: फिर बारिश की संभावना 22 मई को भी मौसम पूरी तरह साफ होने के संकेत नहीं हैं। पश्चिमी जिलों को छोड़कर बाकी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। मई के अंतिम सप्ताह तक जारी रहेगा असर मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार मई के अंतिम सप्ताह तक राज्य में मौसम का यही बदला हुआ रूप बना रह सकता है। बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की गतिविधियां कई जिलों में जारी रहने की संभावना है। किसानों और आम लोगों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की गई है।  

surbhi मई 19, 2026 0
Jharkhand Weather update
Jharkhand Weather update: झारखंड में अगले 72 घंटे भारी, बारिश-आंधी और वज्रपात का अलर्ट

रांची। झारखंड में अगले 72 घंटों के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। रांची स्थित मौसम केंद्र ने राज्य के कई जिलों में गरज के साथ बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। दक्षिणी और मध्य झारखंड के इलाकों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।   कई जिलों में तेज हवा और वज्रपात का खतरा मौसम केंद्र के अनुसार खूंटी और गुमला समेत दक्षिणी झारखंड के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ ही वज्रपात की भी आशंका है। वहीं धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और लोहरदगा समेत मध्य झारखंड के जिलों में भी गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।   अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान 19 मई को उत्तर-पश्चिमी झारखंड को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश और तेज हवा का असर देखने को मिल सकता है। 20 मई को पूर्वी और मध्य झारखंड में मौसम और ज्यादा सक्रिय रहेगा। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 21 मई को पलामू, गढ़वा और लातेहार को छोड़कर बाकी हिस्सों में बारिश और मेघ गर्जन की संभावना बनी रहेगी।   तापमान में भी बढ़ोतरी राज्य के कई जिलों में गर्मी का असर भी बना हुआ है। डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जमशेदपुर, बोकारो और रांची में भी तापमान सामान्य से ऊपर रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

Unknown मई 18, 2026 0
Dark clouds and heavy rain over Ranchi as thunderstorms hit Jharkhand districts
झारखंड में मौसम का बदला मिजाज: आंधी-बारिश से राहत, 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

भीषण गर्मी से जूझ रहे झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी रांची सहित कई इलाकों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात ने लोगों को गर्मी से राहत दी, लेकिन इसके साथ ही जनजीवन भी प्रभावित हुआ। गुरुवार दोपहर बाद करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने कई जगहों पर पेड़ उखाड़ दिए, जिससे यातायात और बिजली व्यवस्था बाधित हो गई। बारिश के दौरान रांची में लगभग 4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। मौसम के इस बदलाव का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। वहीं, वज्रपात की चपेट में आने से बरियातु क्षेत्र के एक युवक की मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक का माहौल है। तापमान में भारी गिरावट, लोगों को मिली राहत अचानक बदले मौसम के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में 7.9 डिग्री सेल्सियस की कमी आई, जबकि न्यूनतम तापमान में 6.6 डिग्री की गिरावट देखी गई। रांची का अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली। 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार के लिए झारखंड के 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू है। विभाग के अनुसार, राज्य के पूर्वी और मध्य हिस्सों में कहीं-कहीं 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज के साथ वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। अन्य क्षेत्रों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। आने वाले दिनों में भी राहत के संकेत मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 4 मई के बीच राज्य में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इससे आने वाले दिनों में भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।  

surbhi मई 1, 2026 0
Dark storm clouds with lightning and strong winds over Jharkhand cities indicating severe weather alert
झारखंड में फिर बदलेगा मौसम, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

झारखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24–48 घंटों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की चेतावनी दी है। लोगों को खास सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 8 अप्रैल: इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट इन जिलों में तेज मौसम का असर देखने को मिल सकता है: गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़ दुमका, देवघर, जामताड़ा धनबाद, बोकारो, गिरिडीह हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़ रांची, खूंटी पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां संभावित असर: गर्जन के साथ वज्रपात ओलावृष्टि 50–60 किमी/घंटा की तेज हवाएं 9 अप्रैल: येलो अलर्ट जारी इन जिलों में मौसम थोड़ा कम तीव्र लेकिन असरदार रहेगा: गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़ दुमका, देवघर, जामताड़ा धनबाद, बोकारो रामगढ़, रांची, खूंटी पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां संभावित असर: गर्जन और वज्रपात 40–50 किमी/घंटा की हवाएं लोगों के लिए जरूरी सावधानियां खराब मौसम में घर के अंदर रहें खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें मवेशियों को सुरक्षित जगह पर रखें बेवजह यात्रा करने से बचें किसानों के लिए अलर्ट ओलावृष्टि और तेज हवा से फसलों  बागवानी  को भारी नुकसान हो सकता है, इसलिए पहले से तैयारी रखें।  

surbhi अप्रैल 8, 2026 0
Dark storm clouds over Jharkhand with lightning, heavy rain and strong winds warning
झारखंड में मौसम का कहर: 3 दिन तक तूफानी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में खतरे की घंटी

झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। India Meteorological Department (IMD) ने राज्य में अगले तीन दिनों तक तेज आंधी, भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सर्कुलेशन के कारण पूरे प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है। किन जिलों में ज्यादा खतरा? राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं: बोकारो रामगढ़ हजारीबाग खूंटी गुमला पूर्वी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां पश्चिमी सिंहभूम इन इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। कितनी तेज चलेंगी हवाएं? मौसम विभाग के अनुसार: हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है कई जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना वज्रपात (ठनका) का खतरा काफी ज्यादा 9 अप्रैल तक रहेगा असर IMD के मुताबिक 7 अप्रैल से लेकर 9 अप्रैल तक पूरे झारखंड में मौसम खराब रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है, जिससे साफ है कि राज्यभर में बारिश का असर देखने को मिलेगा। लोगों के लिए जरूरी सावधानियां मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है: खराब मौसम में घर के अंदर ही रहें वज्रपात के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें ओलावृष्टि के समय सुरक्षित छायादार स्थान पर शरण लें पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखें किसानों की बढ़ी चिंता बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज हवाओं और बारिश के कारण: खड़ी फसलें खराब हो सकती हैं बागवानी और वृक्षारोपण को नुकसान खेतों में जलभराव की स्थिति इस मौसम का सीधा असर कृषि पर पड़ सकता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।  

surbhi अप्रैल 7, 2026 0
Dark clouds over Jharkhand city with heavy rain and lightning during sudden weather change
झारखंड में बदला मौसम: रांची-कोडरमा में झमाझम बारिश, 13 जिलों में अलर्ट जारी

झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार शाम को रांची और कोडरमा समेत कई इलाकों में तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिली। हालांकि, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी दी है। 4 से 6 अप्रैल तक येलो अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 4 अप्रैल से 6 अप्रैल तक झारखंड में बारिश और खराब मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान राज्य के कई जिलों में तेज हवाएं, गरज के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इन 13 जिलों में विशेष चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को जिन जिलों में मौसम ज्यादा प्रभावित रह सकता है, उनमें शामिल हैं: पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। रविवार और सोमवार को और बढ़ेगा असर मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार और सोमवार को मौसम का असर और तेज हो सकता है। इस दौरान हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। अप्रैल में गर्मी का रिकॉर्ड टूटने के संकेत हालांकि अभी बारिश से थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अप्रैल के दूसरे और तीसरे सप्ताह में तापमान तेजी से बढ़ सकता है। वर्ष 2016 में 42 डिग्री सेल्सियस का रिकॉर्ड बना था, जो इस बार टूटने की संभावना जताई जा रही है। महीने के अंत तक हीट वेव जैसी स्थिति भी बन सकती है। तापमान और बारिश का ताजा अपडेट पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। रामगढ़ में सबसे ज्यादा 5 मिमी बारिश हुई सरायकेला में अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री दर्ज किया गया गुमला में न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया

surbhi अप्रैल 4, 2026 0
Dark clouds and lightning over Jharkhand indicating rain and thunderstorm warning
झारखंड में बदलेगा मौसम, 31 मार्च तक बारिश और वज्रपात की चेतावनी, येलो अलर्ट जारी

India Meteorological Department के रांची केंद्र ने झारखंड के मौसम को लेकर अहम अपडेट जारी किया है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव के कारण राज्य में 31 मार्च तक मौसम अस्थिर बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। 27 और 28 मार्च के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश और गरज-चमक का दौर रहेगा जारी मौसम विभाग के अनुसार, 28, 30 और 31 मार्च को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि उत्तर-पश्चिमी जिलों में इसका असर अपेक्षाकृत कम रहेगा। लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 26 और 29 मार्च को मिलेगी राहत मौसम विभाग के मुताबिक 26 और 29 मार्च को राज्य में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा। इन दिनों आंशिक बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना नहीं है। इससे लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, हालांकि गर्मी का असर बना रहेगा। रामनवमी पर भी बदल सकता है मौसम 27 मार्च यानी रामनवमी के दिन भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। कई स्थानों पर हल्की बारिश और मेघ गर्जन की संभावना है। ऐसे में त्योहार के दौरान प्रशासन और आम लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। तापमान में उतार-चढ़ाव, कई जिलों में बढ़ेगी गर्मी झारखंड में तापमान में भी लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। सरायकेला में अधिकतम तापमान 36.7°C दर्ज किया गया गुमला में न्यूनतम तापमान 14.9°C रहा रांची का अधिकतम तापमान 32.4°C तक पहुंच गया देवघर, धनबाद, दुमका और गोड्डा जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 33–37°C के बीच रहने की संभावना है। वहीं पलामू, गढ़वा और चतरा में यह 35–37°C तक जा सकता है। वज्रपात और तेज हवा से सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि इस दौरान वज्रपात और तेज हवा का खतरा बना रहेगा। लोगों को सलाह दी गई है कि: खुले स्थानों पर जाने से बचें पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर शरण लें किसानों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि मौसम में यह बदलाव जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।  

kalpana मार्च 26, 2026 0
hailstorm and rain over Jharkhand with strong winds and lightning
झारखंड में बदला मौसम का मिजाज: बारिश और ओलावृष्टि से राहत भी, नुकसान भी, IMD का अलर्ट जारी

21 मार्च तक सतर्क रहने की चेतावनी, कई जिलों में वज्रपात और तेज हवा का खतरा झारखंड में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। दोपहर तक तेज धूप के बाद शाम होते-होते राज्य के कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात देखने को मिला। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले चार दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में बारिश, ओले और वज्रपात राज्य के रांची, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, गुमला, लोहरदगा समेत कई जिलों में देर शाम तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। कुछ स्थानों पर आसमानी बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल रहा। 21 मार्च तक जारी रहेगा ऐसा ही मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 21 मार्च तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना बनी रहेगी। विभाग ने रांची, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज, गोड्डा और पाकुड़ जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। तेज हवाओं ने बढ़ाई परेशानी रांची में दोपहर बाद मौसम अचानक बदला और करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। शाम होते-होते बारिश शुरू हो गई और कई इलाकों में ओले भी गिरे। मोरहाबादी, कांके रोड, नामकुम और इटकी जैसे क्षेत्रों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। तापमान में गिरावट, गर्मी से राहत मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। जहां पहले अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा था, वहीं अब यह घटकर 34-36 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। खूंटी में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री और रांची में 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई जिलों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आई है। किसानों को भारी नुकसान बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर गुमला, धनबाद और लोहरदगा में गेहूं और सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। अचानक हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। अलग-अलग जिलों में दर्ज हुई बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी सिंहभूम में 37.2 मिमी, पश्चिमी सिंहभूम में 9.6 मिमी, रांची में 4.8 मिमी और धनबाद में 4.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। 22 मार्च से फिर बदल सकता है मौसम मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 मार्च के बाद मौसम में फिर बदलाव आएगा और तापमान दोबारा बढ़ने लगेगा। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सतर्कता जरूरी अचानक बदलते मौसम और वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जून 30, 2026 0