Michael movie

Jaafar Jackson performing as Michael Jackson in musical biopic scene from blockbuster film Michael
Michael बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाए हुए, तीसरे वीकेंड में ₹55 करोड़ के करीब पहुंची फिल्म

Michael भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। Jaafar Jackson स्टारर इस म्यूजिकल बायोपिक ने तीसरे शुक्रवार को भी अच्छी पकड़ बनाए रखी और अब फिल्म ₹55 करोड़ के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गई है। Antoine Fuqua के निर्देशन में बनी यह फिल्म भारत में हॉलीवुड म्यूजिकल ड्रामा फिल्मों के लिए नया बेंचमार्क बनती नजर आ रही है। तीसरे शुक्रवार को दर्ज हुई हल्की बढ़त फिल्म ने तीसरे शुक्रवार को करीब ₹1.65 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया। यह आंकड़ा पिछले दिन के मुकाबले लगभग 5 प्रतिशत ज्यादा रहा। हालांकि दूसरे शुक्रवार की तुलना में फिल्म की कमाई में करीब 60 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन तीसरे हफ्ते में भी दर्शकों की दिलचस्पी बनी रहना फिल्म के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अब तक फिल्म का कुल भारतीय ग्रॉस कलेक्शन ₹53.45 करोड़ पहुंच चुका है। तीसरे वीकेंड में ₹58 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक Michael तीसरे वीकेंड में ₹5 से ₹7 करोड़ तक की अतिरिक्त कमाई कर सकती है। अगर यही रफ्तार जारी रही तो फिल्म का कुल कलेक्शन ₹58 करोड़ के आसपास पहुंच सकता है। मौजूदा ट्रेंड्स को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अपने पूरे रन में करीब ₹75 करोड़ ग्रॉस तक पहुंच सकती है। भारत में हॉलीवुड म्यूजिकल फिल्मों का नया रिकॉर्ड भारत में म्यूजिकल फिल्मों के लिए यह प्रदर्शन बेहद खास माना जा रहा है। इससे पहले Taylor Swift: The Eras Tour ने लगभग ₹13 करोड़ और Bohemian Rhapsody ने करीब ₹7 करोड़ का कलेक्शन किया था। ऐसे में Michael ने इस जॉनर में नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है। 2026 हॉलीवुड फिल्मों के लिए शानदार साल? यह फिल्म 2026 में भारत में सफल होने वाली तीसरी बड़ी हॉलीवुड HIT बन गई है। इससे पहले Project Hail Mary और The Mummy भी अच्छा प्रदर्शन कर चुकी हैं। वहीं हाल ही में रिलीज हुई The Devil Wears Prada 2 भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छी पकड़ बनाए हुए है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 भारत में हॉलीवुड फिल्मों के लिए बेहद मजबूत साल साबित हो सकता है, खासकर तब जब बिना बड़े franchise IP वाली फिल्में भी दर्शकों को थिएटर तक खींच रही हैं। Michael का बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट कार्ड दिन कलेक्शन पहला हफ्ता ₹31.25 करोड़ दूसरा शुक्रवार ₹4.00 करोड़ दूसरा शनिवार ₹4.50 करोड़ दूसरा रविवार ₹5.00 करोड़ दूसरा सोमवार ₹1.75 करोड़ दूसरा मंगलवार ₹2.00 करोड़ दूसरा बुधवार ₹1.75 करोड़ दूसरा गुरुवार ₹1.55 करोड़ तीसरा शुक्रवार ₹1.65 करोड़ कुल कलेक्शन ₹53.45 करोड़

surbhi मई 9, 2026 0
Jaafar Jackson performing iconic Michael Jackson dance moves in the biopic Michael on stage
बॉक्स ऑफिस पर कायम है ‘माइकल’ का जलवा, 13वें दिन भी फिल्म ने की शानदार कमाई

Michael बॉक्स ऑफिस पर लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रही है। ‘किंग ऑफ पॉप’ Michael Jackson की जिंदगी पर आधारित इस बायोपिक को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिल रहा है। रिलीज के 13 दिन बाद भी फिल्म की कमाई थमने का नाम नहीं ले रही और सिनेमाघरों में इसका क्रेज बरकरार है। 13वें दिन कमाए 1.60 करोड़ रुपये बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग वेबसाइट Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने रिलीज के 13वें दिन करीब 1.60 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। वीकडेज में भी फिल्म की स्थिर कमाई यह दिखाती है कि दर्शकों के बीच इसका आकर्षण अभी भी मजबूत बना हुआ है। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन अब लगभग 42.75 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि ग्रॉस कलेक्शन 51 करोड़ रुपये के पार बताया जा रहा है। देशभर में फिल्म को अच्छी स्क्रीन काउंट मिली है और लगातार शोज चल रहे हैं। खासतौर पर म्यूजिक लवर्स और माइकल जैक्सन के फैंस इस फिल्म को बड़े पर्दे पर देखने पहुंच रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी फिल्म को लेकर चर्चा लगातार तेज बनी हुई है। जाफर जैक्सन की परफॉर्मेंस ने जीता दिल फिल्म में माइकल जैक्सन का किरदार Jaafar Jackson ने निभाया है, जो असल जिंदगी में माइकल जैक्सन के भतीजे हैं। उनकी एक्टिंग, डांस मूव्स और स्टेज प्रेजेंस को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने कहा कि जाफर को स्क्रीन पर देखकर उन्हें माइकल जैक्सन की याद आ गई। फिल्म में माइकल जैक्सन की जिंदगी के संघर्ष, सफलता और म्यूजिक इंडस्ट्री में उनके ऐतिहासिक योगदान को बड़े स्तर पर दिखाया गया है। सोशल मीडिया पर छाया फिल्म का म्यूजिक और डांस फिल्म के गाने, डांस सीक्वेंस और स्टेज परफॉर्मेंस वाले दृश्य इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। दर्शक खासतौर पर फिल्म के विजुअल्स, कॉन्सर्ट सीन्स और म्यूजिक प्रोडक्शन की जमकर तारीफ कर रहे हैं। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में भी फिल्म की कमाई मजबूत बनी रह सकती है, खासकर वीकेंड पर बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में फिर उछाल देखने को मिल सकता है।  

surbhi मई 7, 2026 0
Jaafar Jackson as Michael Jackson in biopic dominating box office collections
‘माइकल’ का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा कायम: 7वें दिन भी मजबूत कमाई, पहले हफ्ते में 26 करोड़ पार

म्यूजिक आइकन Michael Jackson की जिंदगी पर आधारित बायोपिक Michael बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के सातवें दिन भी फिल्म ने अपनी पकड़ बनाए रखी और दर्शकों का उत्साह कम होता नहीं दिखा। 7वें दिन की कमाई ने बनाए रखी रफ्तार ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, Michael ने सातवें दिन करीब 2.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही भारत में फिल्म की कुल कमाई 26 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि फिल्म को शुरुआत से ही अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, खासकर Michael Jackson के फैंस में जबरदस्त क्रेज देखने को मिला है। वीकेंड पर मिला जोरदार बूस्ट फिल्म ने पेड प्रीव्यू से ही मजबूत शुरुआत की थी। इसके बाद ओपनिंग डे और पहले वीकेंड में सिनेमाघरों में दर्शकों की अच्छी भीड़ देखने को मिली, जिससे कलेक्शन में तेजी आई। हालांकि वीकडेज में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन फिल्म की कमाई स्थिर बनी रही। कड़ी टक्कर के बावजूद मजबूत पकड़ बॉक्स ऑफिस पर Bhoot Bangla और Dhurandhar 2 जैसी फिल्मों से टक्कर मिलने के बावजूद Michael ने अपनी मौजूदगी मजबूती से बनाए रखी है। नई रिलीज फिल्मों का असर सीमित रहा, जिससे इस बायोपिक को फायदा मिला। जाफर जैक्सन की परफॉर्मेंस बनी चर्चा का केंद्र फिल्म में Jaafar Jackson ने अपने चाचा Michael Jackson का किरदार निभाया है। उनकी एक्टिंग और डांस मूव्स की सोशल मीडिया पर खूब सराहना हो रही है। फिल्म में माइकल जैक्सन के संघर्ष, सफलता और म्यूजिक करियर को भव्य तरीके से पेश किया गया है। दूसरे हफ्ते पर टिकी नजरें अब सभी की नजर फिल्म के दूसरे हफ्ते के प्रदर्शन पर है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर दर्शकों का सपोर्ट इसी तरह जारी रहा, तो फिल्म आने वाले दिनों में और बेहतर कलेक्शन कर सकती है।  

surbhi मई 1, 2026 0
Michael Jackson biopic film poster showing iconic dance pose amid global box office success
‘माइकल’ का बॉक्स ऑफिस पर धमाका, नेगेटिव रिव्यू के बावजूद 2000 करोड़ पार; ‘भूत बंगला’ और ‘धुरंधर 2’ की रफ्तार धीमी

पॉप किंग Michael Jackson की जिंदगी पर आधारित फिल्म Michael ने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कहीं बड़ा प्रदर्शन करते हुए इंडस्ट्री को चौंका दिया है। रिलीज से पहले और बाद में मिले मिश्रित और नकारात्मक रिव्यू के बावजूद फिल्म ने ओपनिंग वीकेंड में ही दुनियाभर में 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली है। यह आंकड़ा फिल्म की जबरदस्त फैन फॉलोइंग और स्टार अपील को दर्शाता है। भारत में धीरे-धीरे पकड़ बना रही ‘माइकल’ भारत में फिल्म की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही, लेकिन दिन-ब-दिन इसकी कमाई में इजाफा देखा गया। पेड प्रीव्यू से शुरुआत करने वाली इस फिल्म ने पहले दिन 3.70 करोड़, दूसरे दिन 5.25 करोड़ और तीसरे दिन 5.85 करोड़ का कलेक्शन किया। चौथे दिन फिल्म ने 2.25 करोड़ रुपये की कमाई की। इस तरह भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन लगभग 22.50 करोड़ और नेट कलेक्शन करीब 18.75 करोड़ तक पहुंच गया है। Bhoot Bangla पर पड़ा असर अभिनेता Akshay Kumar की फिल्म ‘भूत बंगला’ 200 करोड़ क्लब की ओर बढ़ रही थी, लेकिन ‘माइकल’ की रिलीज के बाद इसकी कमाई की रफ्तार पर असर साफ नजर आ रहा है। फिल्म ने अपने 11वें दिन 3.65 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया और अब तक भारत में 117.05 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी है। हालांकि, वर्ल्डवाइड स्तर पर यह फिल्म अब भी 200 करोड़ के आंकड़े के करीब पहुंच रही है। Dhurandhar 2 का घटता प्रभाव वहीं Ranveer Singh की फिल्म ‘धुरंधर 2’ को रिलीज हुए 40 दिन हो चुके हैं। फिल्म ने भारत में 1131 करोड़ और दुनियाभर में 1779 करोड़ का शानदार कलेक्शन किया है, लेकिन नई फिल्मों की एंट्री के चलते अब इसकी कमाई में गिरावट देखी जा रही है। स्टार पावर और फैन बेस का असर ‘माइकल’ ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत फैन बेस और ग्लोबल स्टारडम किसी भी फिल्म के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। भले ही समीक्षाएं कमजोर रही हों, लेकिन दर्शकों का उत्साह और जुड़ाव फिल्म को बड़ी सफलता दिला सकता है।  

surbhi अप्रैल 28, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Deepshikha जून 10, 2026 0