अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो जुलाई का महीना आपके लिए शानदार साबित हो सकता है। जून में कई बड़े स्मार्टफोन लॉन्च हुए थे, लेकिन जुलाई में बजट, मिड-रेंज, प्रीमियम और फोल्डेबल सेगमेंट में कई नए डिवाइस बाजार में दस्तक देने वाले हैं। इस महीने OPPO, Nothing, Samsung, iQOO, Motorola और OnePlus जैसी कंपनियां अपने नए स्मार्टफोन्स पेश करेंगी। कहीं बड़ी बैटरी मिलेगी तो कहीं फ्लैगशिप कैमरा, लेटेस्ट प्रोसेसर और AI फीचर्स का शानदार कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं जुलाई में लॉन्च होने वाले प्रमुख स्मार्टफोन्स के बारे में। OPPO Reno 16 और Reno 16c OPPO 2 जुलाई को भारत में अपनी नई Reno 16 Series लॉन्च करेगी। इस सीरीज में Reno 16 और Reno 16c शामिल होंगे। Reno 16 में 6.32 इंच का FHD+ AMOLED 120Hz डिस्प्ले, MediaTek Dimensity 8550 प्रोसेसर और 50MP का ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है। वहीं सेल्फी के लिए 50MP फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है। दोनों स्मार्टफोन में नया AI Snap Key मिलेगा, जिससे यूजर्स AI फीचर्स को तुरंत एक्सेस कर सकेंगे। इसके अलावा IP66, IP68, IP69 और IP69K रेटिंग, एयरोस्पेस-ग्रेड एल्यूमिनियम फ्रेम, Splash Touch और Glove Touch जैसे फीचर्स भी दिए जाएंगे। Reno 16c में 6.57 इंच की AMOLED डिस्प्ले मिलने की संभावना है। लॉन्च इवेंट के दौरान कंपनी OPPO Bubble नाम का नया मैग्नेटिक एक्सेसरी भी पेश करेगी, जो फोन के पीछे लगकर रियर कैमरे का लाइव प्रीव्यू दिखाएगा और बेहतर सेल्फी लेने में मदद करेगा। Nothing Phone (4b) Nothing 7 जुलाई को अपना नया Phone (4b) लॉन्च करने जा रही है। यह कंपनी का एंट्री-लेवल स्मार्टफोन होगा। लीक्स के अनुसार इसमें Snapdragon 6 Gen 4 प्रोसेसर, 8GB RAM, 6.77 इंच AMOLED डिस्प्ले, 50MP डुअल कैमरा और 5400mAh की बैटरी मिलेगी, जो 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करेगी। Nothing का सिग्नेचर ट्रांसपेरेंट डिजाइन और Glyph Bar भी इस फोन की खास पहचान होगा। OnePlus N6 OnePlus का नया N6 30 जून को लॉन्च हो चुका है, जबकि इसकी बिक्री 4 जुलाई से शुरू होगी। करीब 25 हजार रुपये के बजट में आने वाला यह स्मार्टफोन बड़ी बैटरी चाहने वाले ग्राहकों के लिए आकर्षक विकल्प हो सकता है। मुख्य फीचर्स: 8000mAh बैटरी 6.75 इंच LCD डिस्प्ले MediaTek Dimensity 6360 Apex प्रोसेसर Samsung Galaxy Z Fold 8 Series Samsung 22 जुलाई को अपना Galaxy Unpacked इवेंट आयोजित कर सकता है। इस दौरान कंपनी अपनी नई फोल्डेबल सीरीज लॉन्च करेगी। संभावित मॉडल्स: Galaxy Z Fold 8 Galaxy Z Fold 8 Ultra Galaxy Z Flip 8 Galaxy Z Fold 8 में 4800mAh बैटरी और डुअल रियर कैमरा मिलने की उम्मीद है। वहीं Ultra मॉडल में 200MP प्राइमरी कैमरा, 5000mAh बैटरी, टेलीफोटो कैमरा और Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया जा सकता है। Galaxy Z Flip 8 में 6.9 इंच OLED इनर डिस्प्ले, 4.1 इंच कवर स्क्रीन, 4300mAh बैटरी और 50MP डुअल कैमरा मिलने की संभावना है। iQOO Z11 5G iQOO भी जुलाई के अंत तक भारत में अपना नया Z11 5G लॉन्च कर सकता है। लीक रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें मिल सकते हैं: 6.83 इंच 165Hz AMOLED डिस्प्ले MediaTek Dimensity 8500 प्रोसेसर 50MP डुअल कैमरा 9020mAh की बड़ी बैटरी 90W फास्ट चार्जिंग अगर ये स्पेसिफिकेशन सही साबित होते हैं, तो यह अपने सेगमेंट में सबसे बड़ी बैटरी वाले स्मार्टफोन्स में शामिल हो सकता है। Motorola Razr 70 Ultra Motorola भी जुलाई में अपना नया फ्लिप फोल्डेबल Razr 70 Ultra लॉन्च कर सकता है। संभावित फीचर्स: Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर 16GB RAM 512GB स्टोरेज 7 इंच फोल्डेबल डिस्प्ले 4 इंच कवर स्क्रीन 50MP ट्रिपल कैमरा 5000mAh बैटरी 68W फास्ट चार्जिंग Android 16 यह स्मार्टफोन उन ग्राहकों को आकर्षित कर सकता है जो प्रीमियम फोल्डेबल डिवाइस की तलाश में हैं। जुलाई में किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा? जुलाई का महीना स्मार्टफोन खरीदारों के लिए बेहद खास रहने वाला है। बजट से लेकर फ्लैगशिप और फोल्डेबल तक लगभग हर कैटेगरी में नए विकल्प उपलब्ध होंगे। यदि आप नया फोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो इन लॉन्च का इंतजार करना फायदे का सौदा साबित हो सकता है, क्योंकि कंपनियां नई तकनीक, बेहतर कैमरा, बड़ी बैटरी और AI फीचर्स के साथ ग्राहकों को आकर्षित करने की तैयारी में हैं।
Nothing अपने स्मार्टफोन पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए अब एक नई 'b' सीरीज लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि इस सीरीज का पहला स्मार्टफोन Nothing Phone 4b होगा, जिसे बजट सेगमेंट के ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश किया जाएगा। खास बात यह है कि यह मॉडल मौजूदा Nothing Phone 4a से भी कम कीमत में उपलब्ध कराया जा सकता है। Nothing के पोर्टफोलियो में शामिल होगी नई 'b' सीरीज कंपनी के CEO Carl Pei के नेतृत्व में Nothing लगातार नए प्रोडक्ट्स के जरिए अपनी मौजूदगी मजबूत कर रही है। सोमवार को Nothing India के को-फाउंडर और प्रेसिडेंट Akis Evangelidis ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए नई 'b' सीरीज के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सीरीज कंपनी की लोकप्रिय 'a' सीरीज से नीचे के प्राइस सेगमेंट में रखी जाएगी। उनके अनुसार, b Series को उन ग्राहकों के लिए डिजाइन किया गया है जो कम कीमत में Nothing का एक्सपीरियंस चाहते हैं। नामकरण रणनीति भी समझाई Akis Evangelidis ने Nothing की प्रोडक्ट नामकरण प्रणाली को भी स्पष्ट किया। उनके मुताबिक, डिवाइस के नाम में दिया गया नंबर उसकी जनरेशन को दर्शाता है, जबकि अंत में जुड़ा अक्षर (जैसे a या b) उसके सेगमेंट की पहचान बताता है। कंपनी का मानना है कि जैसे-जैसे उसका पोर्टफोलियो बढ़ेगा, यह सिस्टम ग्राहकों के लिए अलग-अलग डिवाइसेज़ को समझना आसान बनाएगा। 7 जुलाई को भारत में होगा लॉन्च Nothing ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि Nothing Phone 4b को भारत में 7 जुलाई को दोपहर 3:30 बजे (IST) लॉन्च किया जाएगा। लॉन्च से पहले जारी किए गए टीजर में फोन के रियर डिजाइन की झलक दिखाई गई है। फोन में पिल-शेप्ड कैमरा मॉड्यूल और LED फ्लैश दिया गया है। मिल सकता है Glyph Bar इंटरफेस टीजर से संकेत मिलते हैं कि Nothing Phone 4b में हॉरिजॉन्टल Glyph Bar इंटरफेस भी देखने को मिल सकता है। यह डिजाइन हाल ही में लॉन्च हुए Nothing Phone 4a से प्रेरित माना जा रहा है, जो फोन को प्रीमियम और अलग पहचान देने में मदद करता है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक फोन के प्रोसेसर, कैमरा, बैटरी और कीमत जैसी अन्य स्पेसिफिकेशंस का खुलासा नहीं किया है। उम्मीद है कि लॉन्च के करीब आने के साथ कंपनी और जानकारियां साझा करेगी।
भारतीय स्मार्टफोन बाजार में मोटोरोला और वीवो के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है। ₹45,000 से ₹50,000 के प्रीमियम सेगमेंट में अब Motorola Edge 70 Pro+ और Vivo V70 एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। दोनों स्मार्टफोन बड़ी बैटरी, 90W फास्ट चार्जिंग और 50MP कैमरा जैसे आकर्षक फीचर्स के साथ आते हैं। हालांकि, दोनों की खूबियां अलग-अलग हैं। अगर आप इस बजट में नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आइए जानते हैं कि कौन सा फोन आपके लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। डिस्प्ले और डिजाइन: Motorola का बड़ा फायदा Motorola Edge 70 Pro+ में 6.8 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और 5,200 निट्स की पीक ब्राइटनेस के साथ आता है। दूसरी तरफ Vivo V70 में 6.59 इंच का AMOLED पैनल मिलता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 5,000 निट्स ब्राइटनेस दी गई है। अगर आप गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और आउटडोर विजिबिलिटी को महत्व देते हैं, तो Motorola का डिस्प्ले ज्यादा प्रभावशाली साबित हो सकता है। वहीं, Vivo V70 का कॉम्पैक्ट डिजाइन उन यूजर्स को पसंद आएगा जो हल्का और आसानी से पकड़ में आने वाला फोन चाहते हैं। कैमरा: ZEISS बनाम पेरिस्कोप जूम Motorola Edge 70 Pro+ में 50MP Sony LYT-710 प्राइमरी कैमरा के साथ 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस मिलता है, जो 3.5x ऑप्टिकल जूम और 50x डिजिटल जूम सपोर्ट करता है। इसके अलावा सभी कैमरों से 4K 60fps वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। वहीं, Vivo V70 में ZEISS ट्यूनिंग वाला 50MP कैमरा सिस्टम दिया गया है, जो प्राकृतिक रंगों और शानदार पोर्ट्रेट फोटोग्राफी के लिए जाना जाता है। जूम फोटोग्राफी पसंद है? Motorola बेहतर विकल्प। पोर्ट्रेट और कलर साइंस महत्वपूर्ण है? Vivo V70 मजबूत दावेदार। परफॉर्मेंस और गेमिंग: Motorola को बढ़त Motorola Edge 70 Pro+ में MediaTek Dimensity 8500 Extreme प्रोसेसर और बड़ा वेपर कूलिंग सिस्टम दिया गया है, जिससे हैवी गेमिंग और मल्टीटास्किंग के दौरान बेहतर प्रदर्शन मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर Vivo V70 में Snapdragon 7 Gen 4 चिपसेट मिलता है, जो सामान्य उपयोग और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पर्याप्त है। रॉ परफॉर्मेंस के मामले में Motorola Edge 70 Pro+ थोड़ा आगे दिखाई देता है। बैटरी और चार्जिंग दोनों स्मार्टफोन में: 6,500mAh बैटरी 90W फास्ट चार्जिंग की सुविधा मिलती है। हालांकि Motorola Edge 70 Pro+ में अतिरिक्त 15W वायरलेस चार्जिंग भी दी गई है, जो इसे एक अतिरिक्त बढ़त देती है। सॉफ्टवेयर अपडेट: Vivo का फायदा Vivo V70: 4 बड़े Android अपडेट Motorola Edge 70 Pro+: 3 बड़े Android अपडेट अगर आप फोन को लंबे समय तक इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो Vivo V70 का लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट आपके लिए अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है। कौन सा फोन खरीदना चाहिए? Motorola Edge 70 Pro+ चुनें अगर: आपको बेहतर डिस्प्ले चाहिए हैवी गेमिंग करते हैं वायरलेस चार्जिंग चाहते हैं जूम कैमरा आपके लिए महत्वपूर्ण है Vivo V70 चुनें अगर: ZEISS कैमरा एक्सपीरियंस पसंद है बेहतर पोर्ट्रेट फोटोग्राफी चाहते हैं लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट प्राथमिकता है कॉम्पैक्ट डिजाइन पसंद करते हैं
Samsung, Xiaomi, Vivo और Realme समेत कई कंपनियों ने बढ़ाए दाम भारत में बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन खरीदना अब पहले जितना आसान नहीं रह गया है। पिछले कुछ महीनों में स्मार्टफोन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे सीमित बजट वाले ग्राहकों की परेशानी बढ़ गई है। जिन स्मार्टफोन्स को कुछ समय पहले तक 18,000 से 20,000 रुपये के बीच खरीदा जा सकता था, वे अब 25,000 रुपये या उससे अधिक की कीमत में उपलब्ध हैं। बाजार में बढ़ती कीमतों का असर केवल एक या दो ब्रांड तक सीमित नहीं है। Samsung, Xiaomi, Vivo, Oppo, Realme और Nothing जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपने कई लोकप्रिय मॉडलों की कीमतों में इजाफा किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे वैश्विक तकनीकी बदलाव, AI सेक्टर की बढ़ती मांग और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां प्रमुख कारण हैं। AI क्रांति का असर स्मार्टफोन बाजार पर स्मार्टफोन महंगे होने की सबसे बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर का तेजी से विस्तार माना जा रहा है। दुनिया भर में AI आधारित सर्वर, डेटा सेंटर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम्स की मांग बढ़ रही है। इन तकनीकों को बड़ी मात्रा में उन्नत मेमोरी चिप्स की जरूरत होती है। इसी कारण Samsung, Micron और SK Hynix जैसे बड़े मेमोरी चिप निर्माताओं ने अपना ध्यान AI सेक्टर की ओर अधिक केंद्रित कर दिया है। नतीजतन स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली DRAM और NAND मेमोरी चिप्स की उपलब्धता प्रभावित हुई है और उनकी कीमतों में भारी उछाल आया है। उद्योग से जुड़े जानकारों के अनुसार कई मामलों में इन चिप्स की कीमतें 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। यही वजह है कि कुछ विश्लेषक इस बढ़ती लागत को “AI टैक्स” तक कहने लगे हैं, क्योंकि AI की बढ़ती मांग का बोझ आखिरकार स्मार्टफोन उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। बजट और मिड-रेंज ग्राहकों पर सबसे ज्यादा मार भारत दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजारों में से एक है और यहां सबसे अधिक बिक्री बजट तथा मिड-रेंज सेगमेंट में होती है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार Xiaomi के कुछ मॉडलों की कीमतों में लगभग 32 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। Samsung के कुछ फोन करीब 36 प्रतिशत, Vivo के लगभग 40 प्रतिशत और Realme के कुछ मॉडल 50 प्रतिशत से अधिक महंगे हो चुके हैं। इसके साथ ही कंपनियों द्वारा दिए जाने वाले डिस्काउंट और आकर्षक ऑफर्स में भी कमी देखने को मिल रही है। इसका परिणाम यह है कि ग्राहक अब नया स्मार्टफोन खरीदने से पहले पहले की तुलना में अधिक सोच-विचार कर रहे हैं। लोग पुराने फोन को ज्यादा समय तक इस्तेमाल कर रहे महंगे होते स्मार्टफोन का असर उपभोक्ताओं की खरीदारी की आदतों पर भी दिखाई देने लगा है। पहले जहां कई लोग हर एक या दो साल में नया स्मार्टफोन खरीद लेते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपने पुराने फोन को रिपेयर करवाकर अधिक समय तक इस्तेमाल करना पसंद कर रहे हैं। 2026 की शुरुआती बाजार रिपोर्ट्स में स्मार्टफोन बिक्री में लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि ग्राहक अब खर्च को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं। यदि पुराना फोन संतोषजनक प्रदर्शन कर रहा है, तो लोग नया डिवाइस खरीदने की जल्दबाजी नहीं कर रहे। बढ़ती शिपिंग लागत और वैश्विक तनाव भी जिम्मेदार स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतों के पीछे केवल मेमोरी चिप्स की कमी ही जिम्मेदार नहीं है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती शिपिंग लागत और विभिन्न क्षेत्रों में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने भी इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की लागत बढ़ा दी है। कंपनियों को अब कच्चा माल और तैयार उत्पाद विभिन्न देशों तक पहुंचाने में अधिक खर्च करना पड़ रहा है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी और कई इलेक्ट्रॉनिक कॉम्पोनेंट्स की सीमित उपलब्धता ने भी उत्पादन लागत बढ़ाई है। इन अतिरिक्त खर्चों का बड़ा हिस्सा अब सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है। प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट क्यों है अपेक्षाकृत सुरक्षित? दिलचस्प रूप से बढ़ती कीमतों का असर प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार पर अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रहा है। Apple के iPhone और Samsung Galaxy S-Series जैसे फ्लैगशिप डिवाइस खरीदने वाले ग्राहक आमतौर पर कीमत को लेकर कम संवेदनशील होते हैं। इसके अलावा बड़ी कंपनियों की सप्लाई चेन अधिक मजबूत और स्थिर मानी जाती है, जिससे वे लागत बढ़ने के प्रभाव को बेहतर तरीके से संभाल पाती हैं। यही कारण है कि बजट और मिड-रेंज सेगमेंट में कीमतों का दबाव ज्यादा दिखाई दे रहा है, जबकि प्रीमियम श्रेणी फिलहाल अपेक्षाकृत स्थिर बनी हुई है। आगे और बढ़ सकते हैं दाम उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि AI सेक्टर में मेमोरी चिप्स की मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो आने वाले महीनों में स्मार्टफोन की कीमतों में और इजाफा हो सकता है। विशेष रूप से बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों को इसका सबसे अधिक असर झेलना पड़ सकता है। ऐसे में यदि कोई उपभोक्ता निकट भविष्य में नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहा है, तो अत्यधिक इंतजार करना उसके लिए फायदे का सौदा नहीं भी हो सकता, क्योंकि बाजार में कीमतों के और बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
स्मार्टफोन बाजार में एक बार फिर फ्लैगशिप रेस तेज हो गई है। Xiaomi ने अपना नया प्रीमियम स्मार्टफोन Xiaomi 17 Max चीन में लॉन्च कर दिया है। यह फोन अपने दमदार फीचर्स-8000mAh बैटरी, 200MP Leica कैमरा और Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट-की वजह से चर्चा में है। कंपनी ने इसे उन यूजर्स के लिए तैयार किया है जो गेमिंग, फोटोग्राफी और हाई-परफॉर्मेंस मल्टीटास्किंग के लिए एक ऑल-इन-वन फ्लैगशिप फोन चाहते हैं। 8000mAh बैटरी के साथ नया पावर गेम Xiaomi 17 Max की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8000mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी है, जो फ्लैगशिप सेगमेंट में बेहद बड़ी मानी जा रही है। कंपनी का दावा है कि यह फोन लंबे गेमिंग सेशन, वीडियो स्ट्रीमिंग और हेवी यूज के दौरान भी शानदार बैकअप देगा। फोन में 100W फास्ट चार्जिंग, 50W वायरलेस चार्जिंग और रिवर्स वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट भी दिया गया है, जिससे यह डिवाइस दूसरे गैजेट्स को भी चार्ज कर सकता है। 200MP Leica कैमरा सिस्टम बना बड़ा आकर्षण Xiaomi 17 Max में Leica के साथ मिलकर तैयार किया गया 200MP प्राइमरी कैमरा दिया गया है। इसके साथ 50MP अल्ट्रा-वाइड और 50MP टेलीफोटो लेंस मिलता है। कैमरा सिस्टम में AI-बेस्ड सीन ऑप्टिमाइजेशन, नाइट फोटोग्राफी और 8K वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं। यह फोन मोबाइल फोटोग्राफी को प्रोफेशनल लेवल तक ले जाने का दावा करता है। Snapdragon 8 Elite Gen 5 के साथ दमदार परफॉर्मेंस फोन में Qualcomm का लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया गया है, जो 3nm टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसके साथ 16GB तक RAM और 512GB स्टोरेज का विकल्प मिलता है। गेमिंग और हीट मैनेजमेंट के लिए कंपनी ने एडवांस्ड कूलिंग सिस्टम भी शामिल किया है, जिससे लंबे समय तक परफॉर्मेंस स्थिर बनी रहती है। डिस्प्ले और डिजाइन में प्रीमियम टच Xiaomi 17 Max में 6.9 इंच LTPO AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 3500 निट्स तक ब्राइटनेस मिलती है। फोन IP68 रेटिंग के साथ आता है और इसे ब्लैक, व्हाइट, ब्लू और टाइटेनियम सिल्वर जैसे प्रीमियम कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। Xiaomi 17 Max बनाम Xiaomi 17 Ultra जहां Xiaomi 17 Ultra कैमरा-केंद्रित फोन है, वहीं Xiaomi 17 Max बैटरी और ऑलराउंड परफॉर्मेंस पर ज्यादा फोकस करता है। Ultra में 6800mAh बैटरी है, जबकि Max में 8000mAh बैटरी दी गई है। भारत लॉन्च को लेकर स्थिति चीन में इस फोन की शुरुआती कीमत CNY 4,799 रखी गई है और बिक्री 25 मई 2026 से शुरू होगी। हालांकि कंपनी ने भारत लॉन्च को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि आने वाले महीनों में यह ग्लोबल मार्केट में भी आ सकता है।
स्मार्टफोन बाजार में लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब OnePlus ने अपने प्रीमियम मिड-रेंज स्मार्टफोन OnePlus Nord 6 की कीमतों में बड़ा इजाफा कर दिया है। कंपनी ने इस फोन की कीमत में सीधे ₹5,000 तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें अब OnePlus India और Amazon India पर भी अपडेट हो चुकी हैं। दिलचस्प बात यह है कि फोन को लॉन्च हुए अभी ज्यादा समय भी नहीं हुआ है और इतनी जल्दी कीमत बढ़ने से यूजर्स हैरान हैं। इससे पहले भी OnePlus 15R की कीमत में कंपनी ने ₹7,000 तक का इजाफा किया था। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि बढ़ी कीमत के बाद भी क्या OnePlus Nord 6 वैल्यू-फॉर-मनी डिवाइस बना हुआ है? OnePlus Nord 6 की नई कीमत नई कीमतों के मुताबिक: 8GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट अब ₹38,999 की जगह ₹41,999 में मिलेगा। 12GB RAM + 256GB वेरिएंट की कीमत ₹41,999 से बढ़कर ₹46,999 हो गई है। यानी दोनों वेरिएंट्स पर कंपनी ने भारी प्राइस हाइक किया है। नई कीमत के बाद अब यह फोन प्रीमियम मिड-रेंज कैटेगरी में पहुंच चुका है, जहां इसका सीधा मुकाबला POCO X8 Pro Max और iQOO 15R जैसे स्मार्टफोन्स से होगा। क्यों बढ़ रही हैं स्मार्टफोन की कीमतें? विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल मार्केट में मेमोरी चिप्स, प्रोसेसर और अन्य कंपोनेंट्स की लागत लगातार बढ़ रही है। इसी वजह से कई कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में संशोधन कर रही हैं। OnePlus का यह फैसला भी उसी ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है। क्या अब भी खरीदना चाहिए OnePlus Nord 6? कीमत बढ़ने के बावजूद OnePlus Nord 6 कई दमदार फीचर्स के साथ आता है। फोन में Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए शानदार माना जा रहा है। इसके अलावा बड़ी 9000mAh बैटरी लंबे बैकअप का दावा करती है और IP69K रेटिंग इसे बेहतर ड्यूरेबिलिटी देती है। कैमरा सेटअप की बात करें तो इसमें टेलीफोटो लेंस नहीं मिलता, लेकिन फिर भी फोन नेचुरल और एक्यूरेट फोटो क्लिक करने में सक्षम माना जा रहा है। वहीं बैटरी बैकअप लगभग दो दिन तक चल सकता है, जो हेवी यूजर्स के लिए बड़ा प्लस पॉइंट है। अगर आपकी प्राथमिकता टेलीफोटो कैमरा या ज्यादा फ्लैगशिप कैमरा एक्सपीरियंस है, तो आप दूसरे विकल्प देख सकते हैं। लेकिन यदि आप दमदार परफॉर्मेंस, लंबी बैटरी लाइफ और भरोसेमंद यूजर एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो OnePlus Nord 6 अब भी एक मजबूत विकल्प माना जा सकता है। पूरा अपडेट पढ़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें।
टेक कंपनी Huawei ने अपने आगामी फोल्डेबल स्मार्टफोन Huawei Pura X Max को लेकर बड़ा संकेत दिया है। यह नया “वाइड फोल्डेबल” डिजाइन के साथ आ रहा है, जो मौजूदा स्मार्टफोन्स से बिल्कुल अलग अनुभव देने का दावा करता है। कंपनी ने इसकी लॉन्च डेट 20 अप्रैल तय की है और चीन में इसके लिए प्री-ऑर्डर भी शुरू कर दिए गए हैं। क्या है ‘Wide Foldable’ डिजाइन का खास मकसद? Huawei Pura X Max पारंपरिक फोल्डेबल फोन से अलग है। जहां ज्यादातर फोल्डेबल फोन लंबे और संकरे होते हैं, वहीं यह डिवाइस ज्यादा चौड़े डिजाइन के साथ आएगा। इसका फायदा: वीडियो देखने में बेहतर अनुभव मल्टीटास्किंग आसान गेमिंग ज्यादा इमर्सिव अनफोल्ड करने पर यह एक कॉम्पैक्ट टैबलेट जैसा अनुभव दे सकता है, जो इसे बाजार में अलग पहचान देगा। डिस्प्ले और डिजाइन की झलक लीक्स के मुताबिक: इनर डिस्प्ले: लगभग 7.6–7.69 इंच आउटर डिस्प्ले: करीब 5.5 इंच फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप और इनर-आउटर दोनों स्क्रीन पर पंच-होल कैमरा मिल सकता है। इसके अलावा फ्लैट फ्रेम और बेहतर हिंज डिजाइन इसे ज्यादा टिकाऊ बना सकते हैं। दमदार परफॉर्मेंस की उम्मीद Huawei Pura X Max में Kirin 9030 चिपसेट मिलने की संभावना है, जो इसे फ्लैगशिप परफॉर्मेंस देगा। यह स्मार्टफोन कई स्टोरेज वेरिएंट्स में आ सकता है: 12GB + 256GB 12GB + 512GB 16GB + 512GB (Collector’s Edition) 16GB + 1TB (Collector’s Edition) Apple और Samsung को सीधी चुनौती Huawei का यह नया डिजाइन सीधे तौर पर Samsung और Apple जैसे दिग्गज ब्रांड्स को चुनौती देता नजर आ रहा है, जो खुद भी वाइड फोल्डेबल टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं। अगर Huawei का यह एक्सपेरिमेंट सफल होता है, तो फोल्डेबल स्मार्टफोन इंडस्ट्री में एक नया ट्रेंड शुरू हो सकता है। फोल्डेबल का भविष्य बदल सकता है यह डिजाइन Huawei Pura X Max सिर्फ एक नया स्मार्टफोन नहीं, बल्कि फोल्डेबल टेक्नोलॉजी में एक नई सोच का संकेत है। अब सबकी नजर 20 अप्रैल के लॉन्च इवेंट पर है, जहां इसकी कीमत और पूरी स्पेसिफिकेशन सामने आएंगी।
चीनी स्मार्टफोन बाजार में जल्द दस्तक देने जा रहा Redmi K90 Max लॉन्च से पहले ही सुर्खियों में आ गया है। Xiaomi के सब-ब्रांड Redmi का यह आगामी फ्लैगशिप डिवाइस Geekbench बेंचमार्किंग साइट पर स्पॉट हुआ है, जहां इसकी परफॉर्मेंस और प्रमुख स्पेसिफिकेशंस का खुलासा हुआ है। दमदार प्रोसेसर: Dimensity 9500 का मिलेगा साथ Geekbench लिस्टिंग के अनुसार, Redmi K90 Max में MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट दिया जा सकता है। यह एक ऑक्टा-कोर प्रोसेसर है, जिसमें “All Big Core” आर्किटेक्चर देखने को मिलता है। इसमें: 1 Ultra core (4.21GHz) 3 Premium cores (3.50GHz) 4 Pro cores (2.70GHz) जैसी हाई-एंड कॉन्फ़िगरेशन दी गई है, जो इसे प्रीमियम फ्लैगशिप सेगमेंट में मजबूती से खड़ा करती है। 16GB RAM और Android 16 का सपोर्ट लिस्टिंग से यह भी सामने आया है कि यह फोन करीब 14.88GB RAM के साथ आएगा, जिसे मार्केट में 16GB RAM के रूप में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही यह डिवाइस लेटेस्ट Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा, जिसके ऊपर Xiaomi का नया HyperOS 3 इंटरफेस मिलने की संभावना है। Geekbench स्कोर ने बढ़ाई उम्मीदें परफॉर्मेंस के मामले में Redmi K90 Max ने शानदार स्कोर दर्ज किए हैं: सिंगल-कोर: 3,513 मल्टी-कोर: 10,711 ये आंकड़े बताते हैं कि यह फोन फ्लैगशिप डिवाइसेज के बराबर परफॉर्मेंस देने में सक्षम होगा। अन्य फ्लैगशिप से सीधी टक्कर Redmi K90 Max का मुकाबला सीधे Vivo X300 Pro और Oppo Find X9 Pro जैसे हाई-एंड स्मार्टफोन्स से माना जा रहा है, जो इसी चिपसेट के साथ आते हैं। परफॉर्मेंस आंकड़ों के आधार पर यह साफ है कि Redmi का यह फोन फ्लैगशिप सेगमेंट में मजबूत प्रतिस्पर्धा पेश करेगा। जल्द हो सकता है लॉन्च कंपनी ने पहले ही संकेत दे दिया है कि Redmi K90 Max को चीन में जल्द लॉन्च किया जाएगा। इसके बाद इसे ग्लोबल मार्केट में भी पेश किया जा सकता है।
बार्सिलोना में Vivo के नए फ्लैगशिप की झलक स्पेन के बार्सिलोना में आयोजित टेक इवेंट Mobile World Congress 2026 के दौरान Vivo का एक नया स्मार्टफोन चर्चा में आ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी ने अपनी X300 सीरीज का एक और मॉडल चुपचाप शोकेस किया, जिसे संभावित तौर पर Vivo X300 Max माना जा रहा है। हालांकि Vivo ने आधिकारिक तौर पर इस फोन के नाम की पुष्टि नहीं की है, लेकिन टेक पत्रकार Roland Quandt ने दावा किया है कि यह डिवाइस X300 सीरीज का ही हिस्सा हो सकता है। MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट के साथ दिखा फोन रिपोर्ट्स के मुताबिक यह स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट से जुड़े एक प्रेजेंटेशन के दौरान दिखाई दिया। तस्वीरों में फोन का मॉडल नंबर V2548A भी देखा गया, जिससे संकेत मिलता है कि यह आने वाला फ्लैगशिप मॉडल हो सकता है। Zeiss ब्रांडिंग के साथ दमदार कैमरा सेटअप लीक हुई तस्वीरों में फोन के पीछे Zeiss ब्रांडिंग दिखाई देती है। कैमरा मॉड्यूल में तीन लेंस नजर आए हैं- दो कैमरे Zeiss लोगो के दोनों तरफ एक कैमरा उनके ऊपर फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि फोन में चौथा कैमरा सेंसर भी मौजूद होगा या नहीं। 3C सर्टिफिकेशन में 90W फास्ट चार्जिंग का संकेत यह मॉडल नंबर हाल ही में चीन के China Compulsory Certification (3C) डेटाबेस में भी सामने आया है। लिस्टिंग के अनुसार फोन 90W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट कर सकता है, जो इसे हाई-एंड फ्लैगशिप श्रेणी में रखता है। संभावित स्पेसिफिकेशन लीक्स और रिपोर्ट्स के मुताबिक Vivo X300 Max में कई दमदार फीचर्स मिल सकते हैं: 6.78-इंच LTPO OLED डिस्प्ले 1440p (2K) रिज़ॉल्यूशन MediaTek Dimensity 9500 प्रोसेसर Android 16 आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम करीब 7000mAh की बड़ी बैटरी 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट कब हो सकता है लॉन्च रिपोर्ट्स के अनुसार Vivo अपनी X300 सीरीज का टॉप मॉडल Vivo X300 Ultra सबसे पहले चीन में लॉन्च कर सकता है। इसके बाद X300 Max को भी मार्च 2026 के आसपास पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो यह फोन बड़ी बैटरी, प्रीमियम कैमरा और लेटेस्ट प्रोसेसर के साथ 2026 के सबसे पावरफुल एंड्रॉयड फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स में शामिल हो सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।