Movie Release

Akshay Kumar visits Vaishno Devi temple before the release of Welcome To The Jungle.
'वेलकम टू द जंगल' की रिलीज से पहले माता वैष्णो देवी के दरबार पहुंचे अक्षय कुमार, सीढ़ियां चढ़कर किए दर्शन

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार अपनी बहुप्रतीक्षित कॉमेडी फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' की रिलीज से ठीक पहले माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जम्मू पहुंचे। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में अभिनेता हाथ जोड़कर श्रद्धा के साथ मंदिर की ओर जाते नजर आए। उन्होंने पैदल सीढ़ियां चढ़कर माता रानी के दर्शन किए और इस दौरान उनके साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद रही। वायरल हुए दर्शन के वीडियो अक्षय कुमार की इस आध्यात्मिक यात्रा के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पारंपरिक परिधान में नजर आए अभिनेता को देखकर फैंस काफी उत्साहित दिखाई दिए। फिल्म की रिलीज से पहले उनकी यह यात्रा शुभ संकेत के रूप में देखी जा रही है। 26 जून को रिलीज होगी 'वेलकम टू द जंगल' अहमद खान के निर्देशन में बनी 'वेलकम टू द जंगल' 26 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। यह लोकप्रिय 'वेलकम' फ्रेंचाइजी का नया भाग है, जिसमें कॉमेडी, कन्फ्यूजन और मनोरंजन का भरपूर तड़का देखने को मिलेगा। फिल्म में अक्षय कुमार के साथ कई बड़े सितारे नजर आएंगे, जिनमें शामिल हैं: सुनील शेट्टी अरशद वारसी दिशा पाटनी जैकलीन फर्नांडीज रवीना टंडन लारा दत्ता जैकी श्रॉफ उर्वशी रौतेला परेश रावल जॉनी लीवर राजपाल यादव श्रेयस तलपड़े तुषार कपूर कृष्णा अभिषेक कीकू शारदा दलेर मेहंदी ट्रेलर में दिखा कॉमेडी का जबरदस्त तड़का फिल्म का ट्रेलर पहले ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है। इसमें कई किरदारों के बीच हास्यास्पद परिस्थितियां, तेज रफ्तार कॉमेडी और पुराने 'वेलकम' वाले अंदाज की झलक देखने को मिली है। ट्रेलर में ओरिजिनल फिल्म के मशहूर 'मजनू भाई' की याद दिलाने वाले कई पल भी शामिल किए गए हैं, जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया। अक्षय-सुनील की जोड़ी फिर करेगी धमाल फिल्म की सबसे बड़ी खासियत अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी की जोड़ी को माना जा रहा है। 'हेरा फेरी' जैसी फिल्मों में अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का दिल जीतने वाली यह जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर नजर आएगी। दोनों की नोकझोंक और केमिस्ट्री ट्रेलर में भी दर्शकों को खूब पसंद आई है। फैंस को है बड़ी उम्मीदें बड़ी स्टारकास्ट, पुराने 'वेलकम' फ्रेंचाइजी की पहचान और अक्षय कुमार की कॉमिक वापसी को देखते हुए दर्शकों में फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्साह है। अब देखना होगा कि 26 जून को रिलीज के बाद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितना कमाल दिखाती है।  

surbhi जून 19, 2026 0
Prahaar - The Ujjwal Nikam Story
राजकुमार राव की ‘प्रहार- द उज्ज्वल निकम स्टोरी’ 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में देगी दस्तक

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार राव और निर्माता दिनेश विजान एक बार फिर साथ काम करने जा रहे हैं। मैडॉक फिल्म्स ने अपनी नई बायोग्राफिकल फिल्म Prahaar: The Ujjwal Nikam Story की रिलीज डेट का आधिकारिक एलान कर दिया है। फिल्म 7 अगस्त 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस घोषणा के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है।   मशहूर वकील उज्ज्वल निकम के जीवन पर आधारित है फिल्म ‘प्रहार- द उज्ज्वल निकम स्टोरी’ एक बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म है, जो देश के चर्चित सरकारी वकील और विशेष लोक अभियोजक Ujjwal Nikam के जीवन और उनके कानूनी सफर पर आधारित है। फिल्म में राजकुमार राव मुख्य भूमिका निभाते नजर आएंगे। माना जा रहा है कि यह फिल्म न्याय व्यवस्था, कानूनी संघर्ष और देश के चर्चित मामलों को बड़े पर्दे पर पेश करेगी।   वामिका गब्बी, जयदीप अहलावत और सिकंदर खेर भी आएंगे नजर फिल्म में राजकुमार राव के अलावा Wamiqa Gabbi, Jaideep Ahlawat और Sikandar Kher भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। मजबूत स्टारकास्ट के कारण फिल्म को लेकर उम्मीदें और बढ़ गई हैं।   अविनाश अरुण संभालेंगे निर्देशन की कमान फिल्म का निर्देशन अविनाश अरुण  कर रहे हैं, जो अपने संवेदनशील और प्रभावशाली निर्देशन के लिए जाने जाते हैं। वहीं मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले बनने वाली इस फिल्म से एक बार फिर दिनेश विजन और राजकुमार राव की सफल साझेदारी देखने को मिलेगी।   अगस्त में बड़े पर्दे पर होगी कानूनी संघर्ष की कहानी ट्रेड विश्लेषकों के अनुसार, ‘प्रहार’ सिर्फ एक बायोपिक नहीं बल्कि एक प्रेरणादायक कहानी होगी, जिसमें न्याय के लिए लड़े गए संघर्षों को दर्शाया जाएगा। दमदार कलाकारों और मजबूत विषयवस्तु के साथ यह फिल्म अगले साल अगस्त में दर्शकों के बीच पहुंचेगी और बॉक्स ऑफिस पर बड़ी चर्चा बटोर सकती है।

Unknown जून 9, 2026 0
Varun Dhawan in Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai receiving positive first review from Taran Adarsh
Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai First Review: वरुण धवन की फिल्म को मिले 3.5 स्टार, तरण आदर्श बोले- फुल एंटरटेनमेंट पैकेज

वरुण धवन की बहुप्रतीक्षित रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai आज 5 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। रिलीज के साथ ही फिल्म का पहला रिव्यू भी सामने आ गया है। जाने-माने ट्रेड एनालिस्ट Taran Adarsh ने फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार देते हुए इसे एक मनोरंजन से भरपूर फैमिली एंटरटेनर बताया है। तरण आदर्श ने की डेविड धवन की तारीफ रिव्यू में तरण आदर्श ने कहा कि निर्देशक David Dhawan ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हल्की-फुल्की कॉमेडी और मनोरंजक फिल्मों के मामले में उनकी पकड़ आज भी बरकरार है। उनके मुताबिक, यह फिल्म दर्शकों को रोजमर्रा के तनाव से दूर ले जाकर हंसाने और मनोरंजन करने का काम करती है। अगर दर्शक फिल्म में तर्क और वास्तविकता की बजाय मनोरंजन की तलाश में सिनेमाघर पहुंचते हैं, तो उन्हें निराशा नहीं होगी। तरण आदर्श का कहना है कि डेविड धवन की फिल्मों की पहचान हमेशा से रोमांस, कॉमेडी, गलतफहमियों, रंगीन किरदारों और संगीत के मिश्रण से रही है और इस फिल्म में भी वही सफल फॉर्मूला देखने को मिलता है। कहानी में कॉमेडी और मनोरंजन का तड़का रिव्यू के अनुसार फिल्म की कहानी तेज गति से आगे बढ़ती है और अधिकांश कॉमिक सीक्वेंस दर्शकों को हंसाने में सफल रहते हैं। मजेदार डायलॉग, हास्यपूर्ण स्थितियां और बड़े पर्दे के लिए तैयार किया गया ट्रीटमेंट फिल्म को मनोरंजक बनाता है। कई ऐसे दृश्य हैं जो दर्शकों को खुलकर हंसने का मौका देते हैं। हालांकि तरण आदर्श ने यह भी कहा कि लगभग दो घंटे की अवधि वाली फिल्म के दूसरे भाग में कुछ दृश्य थोड़े लंबे महसूस हो सकते हैं, जिससे गति कुछ समय के लिए धीमी पड़ती है। वरुण धवन की परफॉर्मेंस को मिली सराहना फिल्म में Varun Dhawan के अभिनय की विशेष रूप से तारीफ की गई है। तरण आदर्श के अनुसार, वरुण ने शानदार कॉमिक टाइमिंग, ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ अपने किरदार को जीवंत बनाया है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस किरदार के लिए वरुण धवन की कास्टिंग पर सवाल उठा रहे थे, उन्हें फिल्म देखने के बाद जवाब मिल जाएगा। मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े ने भी जीता दिल फिल्म की दोनों प्रमुख अभिनेत्रियों Mrunal Thakur और Pooja Hegde को भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। दोनों ने अपनी स्क्रीन प्रेजेंस और अभिनय से कहानी को मजबूती दी है। सपोर्टिंग कास्ट ने बढ़ाया फिल्म का मनोरंजन फिल्म में Jimmy Shergill, Mouni Roy, Chunky Pandey, Maniesh Paul और Rajesh Kumar ने भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं। इसके अलावा Johnny Lever, Rajpal Yadav, Ali Asgar, Manoj Pahwa और Kubbra Sait छोटे लेकिन प्रभावशाली किरदारों में नजर आते हैं, जो फिल्म के हास्य तत्व को और मजबूत बनाते हैं। कैसी है फिल्म? पहले रिव्यू के आधार पर कहा जा सकता है कि ‘है जवानी तो इश्क होना है’ एक ऐसी फिल्म है जो दर्शकों को लॉजिक नहीं बल्कि मनोरंजन देने के उद्देश्य से बनाई गई है। अगर आप हल्की-फुल्की कॉमेडी, रोमांस और फैमिली एंटरटेनमेंट पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।  

surbhi जून 5, 2026 0
Ranveer Singh in intense scene from Dhurandhar 2 spy thriller film
बॉक्स ऑफिस अपडेट: ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ 3 घंटे 52 मिनट की लंबाई के साथ रिलीज को तैयार, मिला A सर्टिफिकेट

साल 2026 की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल Dhurandhar 2: The Revenge अब रिलीज से पहले ही सुर्खियों में छाई हुई है। निर्देशक Aditya Dhar ने फिल्म का अंतिम रनटाइम 3 घंटे 52 मिनट (232 मिनट) तय कर दिया है, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में शामिल कर देता है। Ranveer Singh स्टारर यह स्पाई-एक्शन ड्रामा अब तक की सातवीं सबसे लंबी भारतीय फीचर फिल्म बन गई है।   A सर्टिफिकेट के साथ सेंसर पास, लंबाई बनी चर्चा का विषय फिल्म को Central Board of Film Certification (CBFC) ने A सर्टिफिकेट के साथ पास किया है। इसका मतलब है कि फिल्म में कुछ ऐसे सीन या कंटेंट हैं, जो केवल वयस्क दर्शकों के लिए उपयुक्त हैं। करीब 4 घंटे की लंबाई के चलते यह फिल्म सिनेमाघरों के लिए भी एक चुनौती बन सकती है, क्योंकि एक दिन में सीमित शोज ही चल पाएंगे।   भारतीय सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में शामिल ‘धुरंधर 2’ ने लंबाई के मामले में कई बड़ी फिल्मों की सूची में अपनी जगह बना ली है। इससे लंबी फिल्मों में शामिल हैं: Tamas (298 मिनट)   Thavamai Thavamirundhu (275 मिनट)   LOC: Kargil (255 मिनट)   Mera Naam Joker (248 मिनट)   Sangam (238 मिनट)   Lagaan (233 मिनट)   रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर धमाका फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि एक दिन पहले प्रीव्यू शो भी शुरू हो जाएंगे। रिलीज से पहले ही फिल्म ने एडवांस बुकिंग में दुनियाभर में 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतिम प्री-सेल्स 150 से 200 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती हैं, जो इसे साल की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्मों में शामिल कर सकती है।   मल्टी-लैंग्वेज रिलीज, लेकिन स्क्रीनिंग में चुनौती Jio Studios और B62 Studios के बैनर तले बनी यह फिल्म हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में भी रिलीज होगी। हालांकि, लंबे रनटाइम के कारण कई सिनेमाघरों में स्क्रीनिंग स्लॉट सीमित रहने की संभावना है, जिससे शुरुआती दिनों में टिकट की डिमांड और बढ़ सकती है।  

surbhi मार्च 17, 2026 0
Ranveer Singh performing in Dhurandhar: The Revenge trailer
‘धुरंधर: द रिवेंज’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, रणवीर सिंह का एक्शन अवतार देख फैंस हुए हैरान

  फिल्म का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर आया सामने एक्शन और थ्रिल से भरपूर फिल्म Dhurandhar The Revenge का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर आखिरकार रिलीज हो गया है। फिल्म के पहले भाग की जबरदस्त सफलता के बाद दर्शक इसके दूसरे पार्ट का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। शनिवार सुबह ठीक 11:01 बजे जारी किए गए इस ट्रेलर ने रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। निर्देशक Aditya Dhar की इस फिल्म में Ranveer Singh एक बार फिर खतरनाक अंदाज में नजर आ रहे हैं। फिल्म में वह जसकीरत सिंह रंगी के किरदार में दिखाई देंगे, जो बदले की आग में जलता हुआ दुश्मनों पर कहर बरपाता है।   ट्रेलर में दिखा दमदार एक्शन और सस्पेंस करीब 3 मिनट 25 सेकंड लंबे इस ट्रेलर की शुरुआत R. Madhavan द्वारा निभाए गए किरदार अजय सान्याल से होती है, जिसे आतंकवादी धमकाते नजर आते हैं। लेकिन जैसे ही वह देश का अपमान करने की कोशिश करता है, रणवीर सिंह का किरदार अचानक सामने आता है और दुश्मनों को करारा जवाब देता है। ट्रेलर में जबरदस्त एक्शन सीक्वेंस, हाई-ऑक्टेन ड्रामा और रहस्यमय घटनाओं की झलक देखने को मिलती है, जिससे साफ है कि फिल्म दर्शकों को रोमांच से भरपूर अनुभव देने वाली है।   लियारी की सत्ता को लेकर बढ़ा संघर्ष कहानी में रहमान डकैत की हत्या के बाद लियारी की सड़कों पर अफरा-तफरी मच जाती है। रणवीर सिंह का किरदार हमजा अली माजरी के अंदाज में पूरे इलाके में दहशत फैलाता नजर आता है। अब फिल्म की कहानी का सबसे बड़ा सवाल यही है कि लियारी का अगला सरगना कौन बनेगा? इसी रहस्य और बदले की कहानी के इर्द-गिर्द फिल्म की पूरी पटकथा बुनी गई है।   कब रिलीज होगी फिल्म फिल्म Dhurandhar The Revenge को 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। ट्रेलर के बाद से ही फैंस के बीच फिल्म को लेकर उत्साह और भी बढ़ गया है, और माना जा रहा है कि यह एक्शन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका कर सकती है।   

surbhi मार्च 7, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0