बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता Varun Dhawan की अपकमिंग फिल्म Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। फैंस जिस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, उसकी रिलीज डेट में बदलाव किया गया है। पहले यह फिल्म 22 मई 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब मेकर्स ने इसे आगे बढ़ाकर 5 जून 2026 कर दिया है। IPL के बाद रिलीज का फैसला फिल्म की रिलीज डेट बदलने के पीछे एक बड़ा कारण Indian Premier League का सीजन माना जा रहा है। मेकर्स का मानना है कि IPL खत्म होने के बाद दर्शकों का फोकस फिल्मों की ओर ज्यादा रहेगा, जिससे बॉक्स ऑफिस पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। रोमांस और कॉमेडी का फुल डोज यह फिल्म एक फैमिली एंटरटेनर है, जिसमें रोमांस, कॉमेडी और हल्का-फुल्का ड्रामा देखने को मिलेगा। Mrunal Thakur Pooja Hegde दोनों एक्ट्रेसेस फिल्म में Varun Dhawan के साथ लीड रोल में नजर आएंगी। इस तिकड़ी को लेकर पहले से ही दर्शकों के बीच काफी चर्चा है। David Dhawan की वापसी फिल्म का निर्देशन David Dhawan ने किया है, जो अपनी कॉमिक टाइमिंग और एंटरटेनिंग फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। लंबे समय बाद वह एक बार फिर दर्शकों के लिए फुल-ऑन कॉमेडी और फैमिली ड्रामा लेकर आ रहे हैं। क्या है खास प्रोडक्शन: Tips Films Limited को-प्रोडक्शन: Maximillian Films (UK) जॉनर: फैमिली एंटरटेनर फिल्म की रिलीज आगे बढ़ने से फैंस को थोड़ा इंतजार जरूर करना पड़ेगा, लेकिन उम्मीद है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाल मचाएगी।
अभिनेता अदिवि शेष और मृणाल ठाकुर स्टारर फिल्म डकैत के लिए बॉक्स ऑफिस पर दूसरा हफ्ता चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। पहले सप्ताह में मजबूत प्रदर्शन के बाद अब फिल्म की कमाई में अचानक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे इसके आगे के प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं। 11वें दिन 72% की भारी गिरावट ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म ने अपने 11वें दिन महज 0.40 करोड़ रुपये का कारोबार किया। रविवार को जहां फिल्म ने 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी, वहीं सोमवार आते ही कलेक्शन में लगभग 72 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह अब तक की सबसे बड़ी सिंगल-डे गिरावट मानी जा रही है। हालांकि, कुल कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने दुनिया भर में 50 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि भारत में इसका नेट कलेक्शन 32.46 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। दूसरे हफ्ते की असली परीक्षा आमतौर पर किसी भी फिल्म के लिए दूसरा हफ्ता उसकी असली परीक्षा होता है। ‘डकैत’ के साथ भी कुछ ऐसा ही होता दिख रहा है। शुरुआती दिनों की मजबूत ओपनिंग के बाद अब फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में संघर्ष करती नजर आ रही है। फैन की कहानी ने किया भावुक बॉक्स ऑफिस के उतार-चढ़ाव के बीच अदिवि शेष ने एक इवेंट के दौरान एक भावुक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि एक फैन, जो एक हमले के बाद मानसिक रूप से टूट चुका था, उनकी फिल्म मेजर देखने के बाद फिर से हिम्मत जुटा पाया। अस्पताल से ठीक होने के बाद उस फैन ने सबसे पहले ‘डकैत’ देखी और खास तौर पर एक्टर से मिलने पहुंचा। इस मुलाकात ने शेष को गहराई से प्रभावित किया। सिनेमा से बढ़कर इंसानियत इस अनुभव को साझा करते हुए अदिवि शेष ने कहा कि अक्सर हम सिनेमा और बिजनेस की दौड़ में इंसानियत को भूल जाते हैं। लेकिन उस फैन ने उन्हें याद दिलाया कि वह फिल्में क्यों बनाते हैं। यह बयान इस बात को दर्शाता है कि भले ही बॉक्स ऑफिस नंबर महत्वपूर्ण हों, लेकिन सिनेमा का असली असर लोगों की जिंदगी पर पड़ने वाला भावनात्मक प्रभाव ही होता है।
मुंबई: बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री Mrunal Thakur ने आखिरकार अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है। पिछले कुछ समय से उनका नाम साउथ सुपरस्टार Dhanush के साथ जोड़ा जा रहा था, यहां तक कि सोशल मीडिया पर दोनों की शादी की खबरें भी तेजी से वायरल हो रही थीं। अब खुद एक्ट्रेस ने इन अफवाहों पर खुलकर जवाब दिया है। डेटिंग के लिए नहीं है समय हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान मृणाल ने साफ कहा कि फिलहाल उनकी जिंदगी में डेटिंग के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने बताया कि आज के समय में नकारात्मकता काफी बढ़ गई है और लोग अक्सर बिना सोचे-समझे किसी के कैरेक्टर पर सवाल उठा देते हैं। मृणाल ने कहा कि वह चाहती हैं कि लोग उन्हें उनके काम से पहचानें, न कि इस बात से कि वह किसे डेट कर रही हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि वह इन दिनों अपने काम और सेहत पर ध्यान दे रही हैं। चोट और व्यस्तता ने बढ़ाई मुश्किलें एक्ट्रेस ने बताया कि उनके पैर में चोट लगी थी और एक्स-रे कराने के बाद भी वह ठीक से इलाज नहीं करा पाईं। ऐसे में उन्होंने साफ कहा कि जब खुद के लिए समय नहीं मिल रहा, तो पर्सनल लाइफ के लिए वक्त निकालना मुश्किल है। अफवाहों से हुईं परेशान मृणाल ने माना कि आमतौर पर वह अफवाहों को नजरअंदाज करती हैं, लेकिन हाल की कुछ खबरों ने उन्हें परेशान किया। हालांकि बाद में उन्होंने खुद को समझाया और इन बातों को नजरअंदाज करने का फैसला किया। उनका मानना है कि कर्मा हर चीज का जवाब देता है। धनुष के साथ रिश्ते पर दिया साफ जवाब Mrunal Thakur और Dhanush को कई बार साथ देखा गया था, जिसके बाद उनके रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। लेकिन अब मृणाल ने साफ कर दिया है कि यह सब महज अफवाहें हैं और इनका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है।
मुंबई: साउथ अभिनेता Adivi Sesh और अभिनेत्री Mrunal Thakur की बहुप्रतीक्षित फिल्म Dacoit: A Love Story बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। रिलीज के महज एक हफ्ते के भीतर ही फिल्म की कमाई में लगातार गिरावट देखी जा रही है और अब यह फ्लॉप होने की कगार पर पहुंचती नजर आ रही है। 7वें दिन भी नहीं संभली रफ्तार Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के सातवें दिन यानी गुरुवार को सिर्फ 1.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही एक हफ्ते में फिल्म का कुल इंडिया नेट कलेक्शन 28.30 करोड़ रुपये तक ही पहुंच पाया है। बुधवार के मुकाबले गुरुवार को कमाई में करीब 19.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो फिल्म के कमजोर ट्रेंड की ओर इशारा करता है। ‘धुरंधर 2’ के आगे फीकी पड़ी ‘डकैत’ बॉक्स ऑफिस पर Dhurandhar 2 का दबदबा ‘डकैत’ के लिए भारी पड़ रहा है। Ranveer Singh की इस फिल्म के क्रेज के चलते दर्शकों का रुझान ‘डकैत’ की ओर कम देखने को मिला है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन भी उम्मीद से कम फिल्म ने अब तक वैश्विक स्तर पर करीब 45.33 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है, जिसमें 12.40 करोड़ रुपये विदेशों से आए हैं। हालांकि, यह आंकड़े भी फिल्म के बजट के मुकाबले काफी कम हैं। 70 करोड़ बजट, आधी कमाई भी नहीं करीब 70 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘डकैत’ एक हफ्ते में अपनी लागत का आधा हिस्सा भी नहीं निकाल पाई है। ऐसे में फिल्म के लिए आगे का रास्ता और मुश्किल होता जा रहा है। ‘भूत बंगला’ से बढ़ी चुनौती 17 अप्रैल को Bhoot Bungla रिलीज हो चुकी है, जिसमें Akshay Kumar नजर आ रहे हैं। इस नई रिलीज के बाद ‘डकैत’ के लिए बॉक्स ऑफिस पर टिके रहना और भी कठिन हो सकता है। फिल्म की कहानी क्या है? इस फिल्म का निर्देशन Shaneil Deo ने किया है। कहानी एक ऐसे कैदी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी पूर्व प्रेमिका से बदला लेने के लिए जेल से भाग जाता है और कई डकैतियों को अंजाम देता है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है, जब उसका सामना दोबारा अपनी पुरानी मोहब्बत से होता है। फिल्म में Anurag Kashyap, Prakash Raj और Atul Kulkarni भी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं।
बॉलीवुड अभिनेता Varun Dhawan और अभिनेत्री Mrunal Thakur की बहुप्रतीक्षित फिल्म Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। लंबे समय से चर्चा में बनी इस रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म का फर्स्ट लुक 13 अप्रैल को आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही मेकर्स ने फिल्म की रिलीज डेट में भी अहम बदलाव किया है, जिससे दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है। फिल्म के फर्स्ट लुक में Varun Dhawan का एनर्जेटिक अंदाज और Mrunal Thakur की फ्रेश स्क्रीन प्रेजेंस देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया पर इस झलक को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। फिल्म का टोन हल्का-फुल्का, मनोरंजक और पूरी तरह फैमिली एंटरटेनमेंट वाला नजर आ रहा है। इस फिल्म की एक और बड़ी खासियत है कि इसका निर्देशन दिग्गज फिल्ममेकर David Dhawan ने किया है। इससे पहले Varun Dhawan और David Dhawan की जोड़ी ‘मैं तेरा हीरो’ और ‘जुड़वा 2’ जैसी सफल फिल्मों में साथ काम कर चुकी है। यह उनकी तीसरी फिल्म है, जिससे दर्शकों को एक बार फिर हिट कॉमेडी की उम्मीद है। फिल्म में Pooja Hegde और Mouni Roy भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगी, जिससे फिल्म का स्टार पावर और बढ़ गया है। रिलीज डेट में बदलाव पहले यह फिल्म 12 जून 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब मेकर्स ने इसे प्रीपोन कर दिया है। नई घोषणा के अनुसार, Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai अब 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यानी दर्शकों को अब इस फिल्म के लिए कम इंतजार करना पड़ेगा। फर्स्ट लुक और रिलीज डेट में बदलाव के साथ ही फिल्म ने रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच मजबूत चर्चा बना ली है। अब देखना होगा कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर क्या कमाल दिखाती है।
मुंबई: अदिवी शेष और मृणाल ठाकुर की एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘डकैत’ ने सिनेमाघरों में अपने पहले तीन दिन पूरे कर लिए हैं, लेकिन तीसरे दिन इसकी कमाई में बढ़त नहीं दिखी। फिल्म को दर्शकों से ठीक-ठाक रिस्पॉन्स मिल रहा है, बावजूद इसके बॉक्स ऑफिस पर इसकी रफ्तार अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी है। Sacnilk के आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने रविवार को भारत में 6.40 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, जो शनिवार के मुकाबले थोड़ा कम है। इसके साथ ही फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन 19.80 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ‘धुरंधर 2’ से मिली कड़ी टक्कर फिल्म ‘डकैत’ की कमाई पर Dhurandhar 2 का सीधा असर देखने को मिल रहा है। Ranbir Singh स्टारर इस फिल्म की मजबूत पकड़ के कारण दर्शकों की संख्या बंट गई है, जिससे ‘डकैत’ की कमाई प्रभावित हुई है। वर्ल्डवाइड कलेक्शन में दिखी मजबूती हालांकि घरेलू बॉक्स ऑफिस पर दबाव के बावजूद फिल्म का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेहतर नजर आ रहा है। तीसरे दिन विदेशों में फिल्म ने 2.25 करोड़ रुपये का कारोबार किया। ओवरसीज ग्रॉस: 11.65 करोड़ रुपये वर्ल्डवाइड कलेक्शन: 34.77 करोड़ रुपये यह आंकड़े बताते हैं कि फिल्म को विदेशों में भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, जो इसके कुल कलेक्शन को सहारा दे रहा है। कहानी और स्टारकास्ट ने खींचा ध्यान ‘डकैत’ एक ऐसी कहानी पेश करती है, जिसमें एक्शन के साथ इमोशन का भी गहरा तड़का है। फिल्म में Adivi Sesh एक अपराधी की भूमिका में नजर आते हैं, जो अपने साथ हुए धोखे का बदला लेना चाहता है। वहीं Mrunal Thakur उनकी पुरानी साथी के किरदार में हैं। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब हालात दोनों को दोबारा साथ आने पर मजबूर कर देते हैं और वे मिलकर कई बड़ी चोरियों को अंजाम देते हैं। फिल्म में Prakash Raj, Anurag Kashyap और Atul Kulkarni जैसे दमदार कलाकार भी नजर आ रहे हैं, जिन्होंने अपने अभिनय से फिल्म को मजबूती दी है। आगे क्या? ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में वीकडे कलेक्शन फिल्म की असली परीक्षा होगी। अगर फिल्म वर्ड-ऑफ-माउथ से मजबूत पकड़ बना पाती है, तो यह बॉक्स ऑफिस पर लंबी रेस में टिक सकती है।
अप्रैल 2026 का दूसरा हफ्ता सिनेमाप्रेमियों के लिए खास साबित होने जा रहा है। इस सप्ताह बॉक्स ऑफिस पर दो बड़ी हिंदी फिल्में रिलीज होने जा रही हैं-भूत बंगला और डकैत। दोनों ही फिल्मों की स्टारकास्ट और कहानी दर्शकों में उत्सुकता पैदा कर रही है। 1. ‘भूत बंगला’: हॉरर और कॉमेडी का तड़का भूत बंगला इस साल की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक मानी जा रही है। इस फिल्म के जरिए अक्षय कुमार और निर्देशक प्रियदर्शन की हिट जोड़ी एक बार फिर साथ आ रही है। रिलीज डेट: 10 अप्रैल 2026 जॉनर: हॉरर-कॉमेडी मुख्य कलाकार: परेश रावल, राजपाल यादव, तब्बू, वामिका गब्बी फिल्म का ट्रेलर पहले ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है, जिसमें अक्षय कुमार एक घोस्टबस्टर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म 2007 की सुपरहिट भूल भुलैया के बाद प्रियदर्शन की दूसरी हिंदी हॉरर-कॉमेडी है। 2. ‘डाकूइट’: एक्शन और थ्रिल से भरपूर कहानी दूसरी बड़ी रिलीज डाकूइट है, जो एक्शन और थ्रिल पसंद करने वाले दर्शकों के लिए खास होने वाली है। मुख्य कलाकार: अदिवि शेष, मृणाल ठाकुर, अनुराग कश्यप जॉनर: एक्शन-थ्रिलर फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट इसे एक इंटेंस और अलग तरह का सिनेमाई अनुभव बनाने का संकेत दे रही है। खासतौर पर अनुराग कश्यप की मौजूदगी फिल्म में गहराई और रियलिस्टिक टच जोड़ती है। बॉक्स ऑफिस पर किसका पलड़ा भारी? जहां ‘भूत बंगला’ फैमिली एंटरटेनर और कॉमेडी का पैकेज है, वहीं ‘डाकूइट’ एक्शन और थ्रिल के साथ अलग ऑडियंस को टारगेट कर रही है। ऐसे में इस हफ्ते बॉक्स ऑफिस पर दोनों फिल्मों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।