नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने एआई तकनीक के दुरुपयोग के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए Delhi High Court का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने डिजिटल नकल, एआई-जनित डीपफे और बिना अनुमति उनके नाम, चेहरे और आवाज के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए सिविल मुकदमा दायर किया है। सोशल मीडिया पर बढ़े फर्जी कंटेंट के मामले गंभीर की लीगल टीम के मुताबिक, 2025 के अंत से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके नाम से फर्जी वीडियो और कंटेंट तेजी से बढ़े हैं। Instagram, X, YouTube और Facebook जैसे प्लेटफॉर्म्स पर एआई तकनीक फेस स्वैपिंग और वॉइस क्लोनिंग की मदद से ऐसे वीडियो बनाए गए, जिनमें उन्हें ऐसे बयान देते हुए दिखाया गया जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं। इनमें एक फर्जी इस्तीफे का वीडियो भी शामिल है, जिसे लाखों बार देखा गया और इससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई। कई बड़ी कंपनियां भी केस में शामिल इस मामले में कुल 16 पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। इसमें Amazon और Flipkart जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ-साथ Meta Platforms और Google जैसी बड़ी टेक कंपनियां भी शामिल हैं। इसके अलावा आईटी मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी पक्षकार बनाया गया है ताकि कोर्ट के आदेशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। 2.5 करोड़ हर्जाना और स्थायी रोक की मांग गंभीर ने यह मुकदमा कॉपीराइट एक्ट 1957, ट्रेड मार्क्स एक्ट 1999 और कॉमर्शियल एक्ट 2015 के तहत दायर किया है। उन्होंने कोर्ट से 2.5 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। साथ ही, सभी फर्जी अकाउंट्स और आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत हटाने तथा भविष्य में ऐसे किसी भी दुरुपयोग पर स्थायी रोक लगाने की अपील की है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी छवि और पहचान का गलत इस्तेमाल कर न सिर्फ गलत जानकारी फैलाई जा रही है, बल्कि इससे आर्थिक लाभ भी कमाया जा रहा है। व्यक्तिगत नहीं, व्यापक मुद्दा गंभीर ने इस मामले को केवल व्यक्तिगत नुकसान नहीं, बल्कि सार्वजनिक हस्तियों के अधिकारों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताया। उनका कहना है कि एआई के बढ़ते दौर में किसी की पहचान का दुरुपयोग एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है, जिस पर सख्त कानूनी नियंत्रण जरूरी है।
मुंबई, एजेंसियां। रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ के पहले भाग की अपार सफलता के बाद, अब इसका मच-अवेटेड सीक्वल Dhurandhar 2 (‘धुरंधर 2: द रिवेंज’) सिनेमाघरों में तहलका मचाने के लिए आ गई है। बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह और सारा अर्जुन की मच-अवेटेड फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ (Dhurandhar 2: The Revenge) 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म के पहले भाग की जबरदस्त सफलता के बाद, फैंस Dhurandhar 2 का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फिल्म के प्रीव्यू शोज के बाद सोशल मीडिया पर पहला रिव्यू भी सामने आ गया है। फिल्म समीक्षक रवि चौधरी ने फिल्म को 4.5 स्टार देते हुए इसे एक “कम्प्लीट एंटरटेनमेंट ब्लॉकबस्टर” करार दिया है। आइए जानते हैं फिल्म की एडवांस बुकिंग, रनटाइम और बॉक्स ऑफिस से जुड़ी हर छोटी-बड़ी डिटेल। Dhurandhar 2 फिल्म रिव्यू समीक्षक रवि चौधरी के अनुसार, आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह फिल्म दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है। फिल्म में रणबीर सिंह और सारा अर्जुन की जोड़ी, दोनों की केमिस्ट्री और परफॉरमेंस को जबरदस्त सराहना मिल रही है। इसके साथ ही फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और इंटेंस एक्शन सीन्स इसे एक विजुअल ट्रीट बनाते हैं। यह फिल्म लगभग 4 घंटे लंबी है, लेकिन रवि चौधरी का दावा है कि कहानी इतनी सस्पेंस से भरी है कि दर्शक बोर नहीं होंगे। बॉक्स ऑफिस पर सुनामी! ट्रेड रिपोर्ट्स और Sacnilk के आंकड़ों के मुताबिक, Dhurandhar 2(‘धुरंधर 2’) ने रिलीज से पहले ही इतिहास रचना शुरू कर दिया है, फिल्म ने अपने प्रीव्यू शोज से ही लगभग 44.25 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। बिना ब्लॉक सीटों के 29.11 करोड़ और ब्लॉक सीटों के साथ यह आंकड़ा 38.62 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। विदेशों में प्री-सेल 75 करोड़ को पार कर चुकी है, जिससे कुल एडवांस बुकिंग 153 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। क्या बनेगा रिकॉर्ड? ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि Dhurandhar 2(‘धुरंधर 2’) पहले दिन 100 करोड़ (हिंदी बेल्ट) और 200 करोड़ (वर्ल्डवाइड ग्रॉस) का कलेक्शन कर सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो यह ‘बाहुबली 2’ और ‘RRR’ जैसी फिल्मों के क्लब में शामिल हो जाएगी। रनटाइम विवाद: भारत और विदेशों में क्यों है फर्क? फिल्म के रनटाइम को लेकर एक दिलचस्प जानकारी सामने आई है। भारत और ओवरसीज मार्केट में फिल्म की लंबाई अलग-अलग है। भारत (CBFC) सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट दिया है। फिल्म में 21 कट्स और हिंसक दृश्यों में बदलाव के बाद भारत में इसका रनटाइम 3 घंटे 49 मिनट है। वहीं विदेश (Overseas), विदेशों में दर्शकों की पसंद को देखते हुए फिल्म का अनकट वर्जन रिलीज हो रहा है, जिसकी लंबाई 3 घंटे 55 मिनट है, यानी की 6 मिनट ज्यादा लंबी। Dhurandhar 2, स्टार कास्ट और रिलीज डेट फिल्म के पहले भाग में अक्षय खन्ना को ‘रहमान डकैत’ के खूंखार अवतार में देखा गया था, वहीं रणबीर सिंह ने ‘हमजा अली’ के दमदार किरदार से पर्दे पर आग लगा दी थी। इन दोनों की टक्कर ने फिल्म को यादगार बना दिया था। जिसके बाद इसके सीक्वल में मेकर्स ने कास्टिंग को अगले स्तर पर पहुँचा दिया है। इस बार एक्शन और ड्रामा का डोज दोगुना होने वाला है, क्योंकि फिल्म में बॉलीवुड के कई दिग्गज एक साथ नजर आएंगे। अब इसके पार्ट 2 में रणवीर सिंह, संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, राकेश बेदी, सारा खान नजर आएंगे। इस बार फिल्म पूरे भारत में अलग-अलग भाषाओं में रिलीज होगी, यह फिल्म हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में दिखाई जाएगी। फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर रास्ता साफ है, क्योंकि अल्लू अर्जुन की ‘टॉक्सिक’ अब जून में रिलीज होगी। Dhurandhar 2(‘धुरंधर 2: द रिवेंज’) न केवल एक सीक्वल है, बल्कि यह भारतीय सिनेमा में कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर है। रणबीर सिंह का ‘हमजा अली’ अवतार देखने के लिए फैंस में जबरदस्त उत्साह है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) समेत तकनीकी पदों पर बड़ी भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत कुल 11,127 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। कब से शुरू होंगे आवेदन? इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 15 मई 2026 से शुरू होगी और इच्छुक उम्मीदवार 14 जून 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाना होगा। पदों का विवरण * पद का नाम: असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) * कुल पद: 11,127 योग्यता क्या होनी चाहिए? * उम्मीदवार का 10वीं पास होना जरूरी है * संबंधित ट्रेड में ITI (NCVT/SCVT) सर्टिफिकेट होना चाहिए * मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स या ऑटोमोबाइल में डिप्लोमा भी मान्य है * संबंधित क्षेत्र में अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग होना आवश्यक आयु सीमा * न्यूनतम आयु: 18 वर्ष * अधिकतम आयु: 30 वर्ष(आयु की गणना 1 अप्रैल 2026 के आधार पर होगी) कैसे करें आवेदन? * सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं * Recruitment सेक्शन में जाकर “Apply Online” पर क्लिक करें * जरूरी दस्तावेज, फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें * आवेदन शुल्क जमा करें * फॉर्म सबमिट कर प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें जरूरी जानकारी यह भर्ती उन युवाओं के लिए बड़ा मौका है जो रेलवे में सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं। 10वीं और ITI पास उम्मीदवारों के लिए यह सुनहरा अवसर माना जा रहा है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। मैहर शारदा देवी मंदिर चैत्र नवरात्रि 2026 के मौके पर मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। त्रिकूट पर्वत पर करीब 600 मीटर की ऊंचाई पर बने इस प्राचीन मंदिर का इतिहास 6वीं शताब्दी से जुड़ा बताया जाता है। 1080 सीढ़ियां चढ़कर होते हैं दर्शन इस मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 1080 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। हालांकि अब रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे भक्त आसानी से माता के दरबार तक पहुंच सकते हैं। हर साल नवरात्र के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। शक्तिपीठ के रूप में मान्यता धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह मंदिर प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। कहा जाता है कि यहां माता सती का हार गिरा था, जिसके कारण इस स्थान का नाम ‘मैहर’ पड़ा, जिसका अर्थ है “मां का हार”। आल्हा-ऊदल से जुड़ी मान्यताएं मंदिर से जुड़ी एक रहस्यमयी मान्यता यह भी है कि वीर योद्धा आल्हा-ऊदल यहां माता के परम भक्त थे। कहा जाता है कि आज भी सबसे पहले मां के दर्शन वही करते हैं और उनके द्वारा चढ़ाए गए ताजे फूल मंदिर में पाए जाते हैं। इतिहास और आस्था का संगम मान्यता है कि Adi Shankaracharya ने भी यहां पूजा-अर्चना की थी। मंदिर में मां शारदा की प्रतिमा की स्थापना विक्रम संवत 559 में की गई थी। इस स्थान पर अन्य देवी-देवताओं जैसे काल भैरवी, हनुमान, काली, दुर्गा और शेषनाग की भी पूजा की जाती है। नवरात्र में विशेष आयोजन चैत्र नवरात्र के दौरान यहां भव्य मेला लगता है। सुबह 4 बजे से आरती शुरू होती है और दिनभर श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े होकर माता के दर्शन करते हैं। शाम को भी भजन-कीर्तन और आरती के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं। धार्मिक आस्था, इतिहास और रहस्यमयी मान्यताओं से जुड़ा यह मंदिर हर साल लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आगाज से पहले Yuzvendra Chahal ने अपनी फिटनेस और करियर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। चहल ने बताया कि वह पिछले 6 महीनों से शराब से दूर हैं, ताकि अपने प्रदर्शन को बेहतर बना सकें। फिटनेस के लिए लिया बड़ा फैसला हाल ही में एबी डिविलियर्स के साथ एक पॉडकास्ट में चहल ने कहा कि 35 साल की उम्र में वह खुद को ज्यादा फिट और एक्टिव रखना चाहते हैं। उनका लक्ष्य है कि वह अपनी टीम के लिए 150% योगदान दें और युवा खिलाड़ियों के लिए उदाहरण बनें। पंजाब किंग्स का अधूरा सपना IPL 2025 में पंजाब किंग्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन खिताब जीतने से चूक गई। फाइनल में टीम को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 6 रन से हार झेलनी पड़ी। हार की वजह और चोट का असर चहल ने फाइनल में हार का एक कारण मार्को यानसन की अनुपस्थिति को बताया। उन्होंने कहा कि जेनसन की मौजूदगी से मैच का नतीजा बदल सकता था। साथ ही चहल ने स्वीकार किया कि वह अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं थे। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मैच के बाद उनकी पसली में फ्रैक्चर हो गया था और उंगली में भी चोट थी, जिससे वह सेमीफाइनल और फाइनल में अपनी पूरी क्षमता से गेंदबाजी नहीं कर पाए। IPL 2026 के लिए तैयार चहल अब पूरी तरह फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं और IPL 2026 में दमदार वापसी के लिए तैयार हैं। उनका लक्ष्य सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करना ही नहीं, बल्कि टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाना भी है।
मुंबई, एजेंसियां। साउथ सुपरस्टार और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की फिल्म उस्ताद भगत सिंह 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। लेकिन रिलीज से पहले ही फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर कड़ी टक्कर मिलती दिख रही है। दरअसल, रणवीर सिंह स्टारर धुरंधर 2 एडवांस बुकिंग में काफी आगे निकल गई है। एडवांस बुकिंग के आंकड़े ‘उस्ताद भगत सिंह’ ने अब तक करीब 12.4 करोड़ रुपये की एडवांस बुकिंग की है। वहीं ‘धुरंधर 2’ ने 40 करोड़ रुपये से ज्यादा की एडवांस कमाई कर ली है। वर्ल्डवाइड एडवांस बुकिंग में ‘धुरंधर 2’ का आंकड़ा 60 करोड़ रुपये पार बताया जा रहा है। कहां से मिल रहा रिस्पॉन्स? ‘उस्ताद भगत सिंह’ को सबसे ज्यादा रिस्पॉन्स आंध्र प्रदेश से मिला है, जहां करीब 22% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई और लगभग 3.93 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ। वहीं ‘धुरंधर 2’ को पूरे देशभर से मजबूत रिस्पॉन्स मिल रहा है, जिससे उसका कुल कलेक्शन तेजी से बढ़ा है। क्लैश का असर दोनों फिल्मों की एक ही दिन रिलीज होने से सीधा मुकाबला बन गया है। ऐसे में ट्रेड एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि ‘धुरंधर 2’ की मजबूत एडवांस बुकिंग का असर ‘उस्ताद भगत सिंह’ के ओपनिंग कलेक्शन पर पड़ सकता है। रिलीज से पहले के आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि इस बॉक्स ऑफिस क्लैश में फिलहाल ‘धुरंधर 2’ का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। अब देखना होगा कि रिलीज के बाद दर्शकों का रुख किस फिल्म को ज्यादा फायदा पहुंचाता है।
इंदौर, एजेंसियां। इंदौर के बंगाली चौराहे के पास बुधवार भोर में एक घर में आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई। हादसा तब हुआ जब घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर थी और शॉर्ट सर्किट के कारण आग फैल गई। कैसे हुआ हादसा आग तेजी से फैलते हुए घर में रखे गैस सिलिंडरों तक पहुंच गई। सिलिंडर एक-एक कर फटे, जिससे मकान का हिस्सा ढह गया और अंदर सो रहे लोग बच नहीं पाए। घटना के समय पुगलिया परिवार के घर पर पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, इसलिए जनहानि अधिक हुई। राहत और बचाव: पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के अनुसार, सुबह 4 बजे आग लगने की सूचना मिली। फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग के दौरान घर के इलेक्ट्रॉनिक लॉक खुल नहीं पाए, जिससे अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में मुश्किल हुई। जांच और नुकसान: हादसे की प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि आग ने घर में रखे गैस सिलिंडरों में विस्फोट कर दिया। तीन गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज अस्पताल में जारी है। पुलिस और फायर सर्विस घटना की विस्तृत जांच कर रही हैं और आसपास के इलाके में सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं
लेह, एजेंसियां। लद्दाख में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई के बावजूद विरोध-प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। 14 मार्च 2026 को उनकी रिहाई के बाद जहां लोगों ने खुशी जताई, वहीं 16 मार्च को एक बार फिर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने लद्दाख बंद का आह्वान किया। लेह में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ, जबकि कारगिल में पूरी तरह शटडाउन देखा गया। संगठनों का कहना है कि उनकी मूल मांगों पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा। चार मुख्य मांगों को लेकर आंदोलन तेज लद्दाख में विरोध-प्रदर्शन ‘चार-सूत्रीय एजेंडा’ को लेकर हो रहा है। * पहली मांग है पूर्ण राज्य का दर्जा। लोग चाहते हैं कि लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश से राज्य बनाया जाए, ताकि वहां अपनी चुनी हुई सरकार और विधानसभा हो। * दूसरी बड़ी मांग है छठी अनुसूची में शामिल करना। इससे जनजातीय समाज को अपनी जमीन, जंगल और संस्कृति की कानूनी सुरक्षा मिल सकेगी। * तीसरी मांग है अलग पब्लिक सर्विस कमीशन की स्थापना, जिससे सरकारी नौकरियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिल सके। * चौथी मांग के तहत लेह और कारगिल के लिए अलग-अलग लोकसभा सीटें बनाने की मांग उठाई जा रही है, ताकि संसद में क्षेत्र की आवाज और मजबूत हो सके। 2019 के बाद बदली स्थिति 31 अक्टूबर 2019 को लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था। इससे पहले यह जम्मू-कश्मीर का हिस्सा था। केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यहां की प्रशासनिक व्यवस्था सीधे केंद्र सरकार के अधीन आ गई और यहां कोई विधानसभा नहीं है।यही कारण है कि अब स्थानीय लोग अपने राजनीतिक अधिकारों को मजबूत करने के लिए राज्य का दर्जा मांग रहे हैं। उनका मानना है कि चुनी हुई सरकार के बिना उनके मुद्दों को सही तरीके से नहीं उठाया जा सकता। रिहाई से खुशी, लेकिन मांगों पर चुप्पी से नाराजगी सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर लोगों में खुशी जरूर है, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलने से नाराजगी बनी हुई है। LAB और KDA ने साफ कर दिया है कि जब तक चारों मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आगे क्या? लद्दाख में जारी यह आंदोलन आने वाले समय में और तेज हो सकता है। यह सिर्फ एक व्यक्ति की रिहाई का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों से जुड़ा मामला बन चुका है।
बेंगलुरु, एजेंसियां। कर्नाटक में त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान डीजे संगीत पर संभावित प्रतिबंध को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कर्नाटक विधानसभा में इस मुद्दे पर जोरदार बहस हुई, जहां सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने डीजे बैन के प्रस्ताव पर विपक्षी भाजपा से समर्थन मांगा। क्या है पूरा मामला? श्रम मंत्री संतोष लाड ने विधानसभा में प्रस्ताव रखते हुए कहा कि जयंती और धार्मिक शोभायात्राओं में तेज आवाज में डीजे बजाने का चलन तेजी से बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार देवी-देवताओं की यात्राओं में अशिष्ट गाने बजाए जाते हैं, जो सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ हैं। लाड ने सुझाव दिया कि डीजे की जगह पारंपरिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाए, जिनके लिए सरकार 5 लाख से 25 लाख रुपये तक की फंडिंग दे सकती है। सरकार का रुख कन्नड़ और संस्कृति मंत्री शिवराज तंगडगी ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि डीजे संगीत कई समस्याएं पैदा कर रहा है, खासकर ध्वनि प्रदूषण। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर भाजपा सहयोग करती है, तो सरकार डीजे पर बैन लागू करने का आदेश ला सकती है। भाजपा की आपत्ति वहीं भाजपा विधायक एस.एन. चन्नबसप्पा ने इस मुद्दे पर आपत्ति जताते हुए कहा कि विधानसभा को मंत्रियों की निजी पसंद-नापसंद पर चर्चा नहीं करनी चाहिए। इसी दौरान चन्नबसप्पा ने अजान पर भी बैन लगाने की मांग उठाई, जिस पर आईटी और बीटी मंत्री प्रियांक खड़गे ने जवाब दिया कि सुप्रीम कोर्ट ने केवल ध्वनि की सीमा तय की है, किसी विशेष धार्मिक ध्वनि पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया है। अन्य नेताओं की राय भाजपा के वरिष्ठ विधायक एस. सुरेश कुमार ने भी माना कि डीजे और आइटम गाने राज्य की पारंपरिक संस्कृति का हिस्सा नहीं हैं और तेज संगीत बच्चों और आम लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। क्यों अहम है यह मुद्दा? * ध्वनि प्रदूषण बनाम सांस्कृतिक स्वतंत्रता * धार्मिक आयोजनों में बदलती परंपराएं * राजनीतिक सहमति की जरूरत कुल मिलाकर, कर्नाटक में डीजे बैन का मुद्दा अब सिर्फ सांस्कृतिक नहीं बल्कि राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस पर क्या अंतिम फैसला लेती है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। चना को अक्सर “शाकाहारियों का मीट” कहा जाता है क्योंकि इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ पाचन और मांसपेशियों के विकास में भी मदद करता है। लोग इसे अलग-अलग तरीकों से खाते हैं—भीगा हुआ, उबला हुआ या भुना हुआ। लेकिन सवाल यह है कि इनमें से सबसे ज्यादा फायदेमंद कौन सा है? भीगा हुआ चना: एनर्जी और पाचन के लिए बेहतर भीगा हुआ चना सुबह खाली पेट खाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। रातभर पानी में भिगोने से इसमें पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ जाती है। यह पाचन को सुधारता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है। इसमें मौजूद फाइबर और विटामिन शरीर को दिनभर ऊर्जा देते हैं। हालांकि, इसे अच्छी तरह चबाकर खाना जरूरी है, वरना गैस या भारीपन हो सकता है। उबला हुआ चना: आसान पाचन और मसल्स के लिए फायदेमंद उबला हुआ चना उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है जिनका पाचन तंत्र कमजोर है। उबालने से चना नरम हो जाता है, जिससे इसे पचाना आसान हो जाता है। जिम जाने वाले या मांसपेशियां बनाने वाले लोगों के लिए यह अच्छा स्रोत है। इसे उबालते समय थोड़ा नमक या अदरक डालने से इसका स्वाद और पाचन दोनों बेहतर हो जाते हैं। भुना हुआ चना: वजन घटाने वालों के लिए सुपरफूड भुना हुआ चना कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर वाला होता है, इसलिए यह वजन घटाने में मददगार माना जाता है। यह भूख को नियंत्रित करता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी अच्छा विकल्प बनता है। छिलके के साथ खाने पर यह दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद है। आखिर कौन सा है सबसे बेहतर? दरअसल, सबसे फायदेमंद विकल्प आपकी जरूरत पर निर्भर करता है। अगर आप एनर्जी और बेहतर पाचन चाहते हैं, तो भीगा हुआ चना बेहतर है। कमजोर पाचन या मसल्स बिल्डिंग के लिए उबला चना सही रहेगा। वहीं, वजन कम करने या ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए भुना चना सबसे अच्छा विकल्प है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत में अमीरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, और फोर्ब्स 2026 की इंडिया बिलियनेयर्स लिस्ट ने इस प्रभावशाली वृद्धि को उजागर किया है। इस साल भारत में 24 नए अरबपति शामिल हुए हैं, जिससे कुल संख्या 229 हो गई है। इस लिस्ट में नए और पुराने दोनों चेहरे अपनी जगह बना रहे हैं। अलख पांडे और प्रतीक बूंब की सफलता इस साल की सबसे चर्चित एंट्री एडटेक प्लेटफॉर्म 'फिजिक्सवाला' के फाउंडर्स अलख पांडे और प्रतीक बूंब की रही। नवंबर में कंपनी के सफल आईपीओ के बाद, ये युवा उद्यमी अरबपतियों के क्लब में शामिल हो गए हैं। उनकी यह कामयाबी शिक्षा क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही है। लक्ष्मी मित्तल की धुआंधार कमाई स्टील उद्योग के दिग्गज लक्ष्मी मित्तल ने अपनी संपत्ति में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की है। उनकी कंपनी 'आर्सेलरमित्तल' के शेयरों में 80% की तेजी के चलते उनकी दौलत अब 31 अरब डॉलर तक पहुँच गई है। इस साल उन्होंने हर दिन ₹274 करोड़ की रिकॉर्ड कमाई की है, जो उन्हें देश के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में स्थापित करती है। सावित्री जिंदल की महिला नेतृत्व ओपी जिंदल ग्रुप की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल ने भारत की सबसे अमीर महिला के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत किया है। इस साल की लिस्ट में 20 भारतीय महिला अरबपति शामिल हैं, जो महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का संकेत है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (एनएचएआई) ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए FASTag वार्षिक पास के शुल्क में संशोधन की घोषणा की है। वर्तमान में लागू ₹3,000 की राशि को संशोधित कर दिया गया है, जो 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगी। यह संशोधन नेशनल हाईवे फीस (Determination of Rates and Collection) Rules, 2008 के प्रावधानों के अनुरूप किया गया है। वर्तमान में 56 लाख से अधिक उपयोगकर्ता FASTag वार्षिक पास का उपयोग कर रहे हैं, जो निजी वाहन मालिकों के बीच इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। संशोधित शुल्क वैध FASTag वाले पात्र गैर-व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगा, जो राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर स्थित लगभग 1,150 टोल प्लाजा पर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। FASTag वार्षिक पास उपयोगकर्ताओं को बार-बार FASTag रिचार्ज करने की आवश्यकता से राहत देता है और एक वर्ष की वैधता या 200 टोल प्लाजा पार करने तक (जो पहले हो) मान्य रहता है। वार्षिक पास की एकमुश्त राशि का भुगतान करने के बाद यह लगभग दो घंटे के भीतर वाहन से जुड़े मौजूदा FASTag पर सक्रिय हो जाता है। भुगतान Rajmarg Yatra ऐप या National Highways Authority of India की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है।
मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार सोमवार को सपाट खुला। वहीं पिछले दिन शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1470.50 अंक गिरकर 74,563.92 अंक पर बंद हुआ था, जबकि एनएसई निफ्टी 488.05 अंक गिरकर 23,151.10 अंक पर बंद हुआ था।आज हफ्ते के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ खुला। बाजार में उठापटक की स्थिति देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 24.79 अंक चढ़कर 74,588.71 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 29.20 अंक या 23,180.30 अंक पर आ गया।
नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों के मौसम में सेहतमंद रहने के लिए विशेषज्ञ अक्सर Yogurt यानी दही को डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं। दही शरीर को ठंडक देता है, पाचन को बेहतर बनाता है और इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद करता है। हालांकि कई लोग दही को सीधे खाने के बजाय उसमें नमक या चीनी मिलाकर खाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इन दोनों में से कौन सा तरीका सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद है। दही में नमक मिलाकर खाने के फायदे कुछ लोग दही में नमक मिलाकर खाना पसंद करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज की समस्या है, तो उसके लिए दही में चीनी की जगह हल्का नमक मिलाकर खाना बेहतर माना जाता है। इससे ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा नहीं रहता।हालांकि जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, उन्हें दही में नमक मिलाने से बचना चाहिए। ज्यादा नमक का सेवन ब्लड प्रेशर को और बढ़ा सकता है। इसलिए ऐसे लोगों के लिए यह विकल्प सही नहीं माना जाता। दही में चीनी मिलाकर खाने के फायदे दही में चीनी मिलाकर खाने का चलन भी काफी आम है। कई हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि दही और चीनी का कॉम्बिनेशन पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद हो सकता है। यह पेट की समस्याओं को कम करने और शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करता है।लेकिन जो लोग वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं या जिन्हें डायबिटीज है, उन्हें दही में चीनी मिलाकर खाने से बचना चाहिए। ज्यादा चीनी का सेवन शरीर में अतिरिक्त कैलोरी बढ़ा सकता है। आखिर कौन सा विकल्प चुनें? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक दही में नमक या चीनी मिलाने से पहले अपनी सेहत और जरूरतों को ध्यान में रखना चाहिए। डायबिटीज के मरीजों के लिए नमक वाला दही बेहतर हो सकता है, जबकि जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर है उन्हें नमक से बचना चाहिए। हालांकि सबसे अच्छा तरीका यह माना जाता है कि दही को बिना नमक या चीनी मिलाए ही खाया जाए। सादा दही खाने से इसके पोषक तत्व शरीर को पूरी तरह मिलते हैं और यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में भी मदद करता है। इसलिए अगर आप दही के पूरे स्वास्थ्य लाभ लेना चाहते हैं, तो इसे संतुलित मात्रा में और सही समय पर अपनी डाइट में शामिल करना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन इन दिनों अपने कई बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में हैं। वह फिलहाल Shah Rukh Khan की फिल्म King में खलनायक की भूमिका निभाने वाले हैं। इसी बीच खबर सामने आई है कि अभिनेता जल्द ही एक हॉरर थ्रिलर फिल्म में भी नजर आ सकते हैं। इस प्रोजेक्ट को फिल्ममेकर Siddharth Anand से जोड़ा जा रहा है, जो इस फिल्म को अपने बैनर के तहत प्रोड्यूस करने की योजना बना रहे हैं। ‘किंग’ की शूटिंग में व्यस्त अभिषेक रिपोर्ट के मुताबिक, इन दिनों फिल्म King की शूटिंग चल रही है। इस फिल्म में Abhishek Bachchan एक खतरनाक विलेन के रूप में नजर आएंगे। हाल ही में मुंबई में फिल्म का एक फ्लैशबैक सीन शूट किया गया, जिसमें Rani Mukerji, Shah Rukh Khan, Suhana Khan और अभिषेक बच्चन एक साथ दिखाई दिए। फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। पहली बार हॉरर जॉनर में कदम नई रिपोर्ट के अनुसार,सिद्धार्थ आनंद और अभिषेक बच्चन एक नई हॉरर फिल्म के लिए साथ काम कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि यह फिल्म फोकलोर पर आधारित हॉरर थ्रिलर होगी, जिसकी कहानी पिता और बेटी के भावनात्मक रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमेगी। फिल्म को बड़े स्तर पर बनाने की योजना है, जिसमें भारी मात्रा में विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि दर्शकों को बेहतरीन सिनेमाई अनुभव मिल सके। Marflix Pictures के तहत बनेगी फिल्म रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म को Marflix Pictures के बैनर तले बनाया जाएगा। हालांकि फिल्म का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद खुद करेंगे या उनके करीबी किसी निर्देशक को यह जिम्मेदारी देंगे, इस पर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अन्य फिल्मों में भी व्यस्त हैं अभिषेक इसके अलावा अभिषेक बच्चन जल्द ही फिल्म ‘राजा शिवाजी’ में भी अहम भूमिका निभाते नजर आएंगे। इस फिल्म में Riteish Deshmukh मुख्य भूमिका में होंगे, जबकि सलमान खान के कैमियो की भी चर्चा है।फिल्मी जानकारों का मानना है कि अगर यह हॉरर प्रोजेक्ट बनता है तो यह अभिषेक बच्चन के करियर का नया और अलग प्रयोग साबित हो सकता है, क्योंकि उन्होंने इससे पहले किसी हॉरर फिल्म में काम नहीं किया है।
मुंबई, एजेंसियां। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर दुनिया भर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला है। 27 फरवरी से ही वैश्विक बाजारों का सेंटीमेंट कमजोर होना शुरू हो गया था और इसके बाद निवेशकों में भारी घबराहट देखने को मिली। इसका सबसे ज्यादा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा, जहां प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। भारतीय बाजार में 9% से ज्यादा की गिरावट BSE Sensex और Nifty 50 में 26 फरवरी के बाद से 9 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। सेंसेक्स 82,248 अंकों से गिरकर करीब 74,563 अंक पर आ गया, जबकि निफ्टी 25,496 अंकों से घटकर लगभग 23,151 अंक पर पहुंच गया। शुक्रवार को भी बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स करीब 1,470 अंक टूट गया। अमेरिकी बाजार भी दबाव में वैश्विक असर से अमेरिकी शेयर बाजार भी अछूते नहीं रहे ।नैस्डेक में लगभग 3.38%, S&P 500 में करीब 4% और Dow Jones Industrial Average में लगभग 6% तक गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार युद्ध और आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी है। भारतीय निवेशकों को भारी नुकसान भारतीय बाजार में गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा है। आंकड़ों के मुताबिक 26 फरवरी के बाद से बीएसई का मार्केट कैप करीब 39 लाख करोड़ रुपये घट गया है। यानी इतने बड़े पैमाने पर निवेशकों की संपत्ति कम हो गई है। कच्चे तेल और विदेशी बिकवाली का असर विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जो भारत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि देश अपनी जरूरत का लगभग 88% तेल आयात करता है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, रुपये में कमजोरी और महंगाई बढ़ने की आशंका भी बाजार में गिरावट की बड़ी वजह बन रही है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत में इस साल लैपटॉप और डेस्कटॉप खरीदना महंगा हो सकता है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार प्रोसेसर, रैम और ग्राफिक्स कार्ड जैसे प्रमुख हार्डवेयर पार्ट्स की कीमत बढ़ने के कारण कंप्यूटर की कीमतों में करब 35% तक बढ़ोतरी संभव है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक कंप्यूटर डिवाइस की कीमतों में लगभग 10–12% वृद्धि हो चुकी है और आगे भी इसमें तेजी आने की संभावना है। मार्च में 8–10% और बढ़ सकती हैं कीमतें मार्केट विश्लेषकों का कहना है कि मार्च के दौरान लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतों में 8–10% तक और वृद्धि हो सकती है। इसका मुख्य कारण रैम की कीमतों में तेज उछाल है। पिछले कुछ समय में रैम की कीमतें 2.5 से 3 गुना तक बढ़ चुकी हैं। इसके कारण एंट्री-लेवल लैपटॉप की कीमतों पर सीधा असर पड़ रहा है। जो लैपटॉप पहले 30,000–35,000 रुपये में मिलते थे, वे अब करीब 45,000 रुपये तक पहुंच सकते हैं। AI की बढ़ती मांग से महंगे हुए मेमोरी चिप्स विशेषज्ञों का मानना है कि मेमोरी चिप्स जैसे DRAM और NAND फ्लैश की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर की तेजी से बढ़ती मांग एक बड़ी वजह है। कई टेक कंपनियां अब हाई-मार्जिन सर्वर और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी के उत्पादन पर अधिक ध्यान दे रही हैं, जिससे सामान्य लैपटॉप में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स की सप्लाई प्रभावित हो रही है। वैश्विक तनाव से सप्लाई चेन पर असर इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर स्ट्रेट ऑफ हरमूज क्षेत्र में संभावित बाधाओं से भी सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है। यह मार्ग ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां किसी भी तरह की रुकावट से सेमीकंडक्टर उत्पादन की लागत बढ़ सकती है। पीसी बाजार की मांग पर पड़ सकता है असर भारत का पीसी बाजार पिछले साल रिकॉर्ड स्तर पर था, लेकिन इस साल बढ़ती कीमतों के कारण मांग में 7–8% तक गिरावट की आशंका जताई जा रही है। हालांकि कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ईएमआई, फाइनेंस स्कीम और प्रमोशनल ऑफर्स का सहारा ले सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कोई नया लैपटॉप खरीदने की योजना बना रहा है तो कीमतें और बढ़ने से पहले खरीदना फायदेमंद हो सकता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां । गर्मियों के मौसम में तेज धूप और पसीने के कारण शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। ऐसे में लोग शरीर को ठंडक और ऊर्जा देने वाले पेय पदार्थों की तलाश करते हैं। भारतीय घरों में इस जरूरत को पूरा करने के लिए अक्सर दो पारंपरिक ड्रिंक सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं Jaljeera और Shikanji। दोनों ही पेय शरीर को हाइड्रेट रखने और गर्मी से राहत देने के लिए जाने जाते हैं। हालांकि अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि गर्मियों में इन दोनों में से कौन सा ड्रिंक ज्यादा फायदेमंद है। शिकंजी के फायदे शिकंजी मुख्य रूप से नींबू, पानी, काला नमक और मसालों से तैयार की जाती है। इसमें मौजूद लेमन शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करता है। शिकंजी का सेवन करने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बना रहता है, जिससे थकान जल्दी दूर होती है। नींबू में भरपूर मात्रा में विटामिन C होता है, जो इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और एसिडिटी या सीने में जलन को कम करने में भी सहायक होता है।अगर इसमें चीनी की जगह शहद मिलाया जाए तो यह मेटाबॉलिज्म को तेज कर वजन कम करने में भी मदद कर सकती है। साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ रखने में भी सहायक होते हैं। जलजीरा के फायदे दूसरी ओर जलजीरा एक मसालेदार और खट्टा पेय है, जिसमें जीरा, काला नमक, पुदीना और हींग जैसे मसाले मिलाए जाते हैं। इसमें मौजूद Cumin और Mint पाचन तंत्र के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। जलजीरा गैस, अपच और पेट भारी होने जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। यह एक लो-कैलोरी ड्रिंक भी माना जाता है, इसलिए वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए यह अच्छा विकल्प हो सकता है।इसके अलावा गर्मियों में लू से बचाव और शरीर को ठंडक देने में भी जलजीरा काफी असरदार माना जाता है। कौन सा है बेहतर समर ड्रिंक? अगर पेट से जुड़ी समस्या, गैस या भारीपन महसूस हो रहा है, तो जलजीरा ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। वहीं तेज धूप से आने के बाद तुरंत ऊर्जा और ताजगी चाहिए तो शिकंजी एक बेहतर विकल्प हो सकती है।
मुंबई, एजेंसियां। मशहूर रैपर बादशाह इन दिनों अपने नए हरियाणवी गाने Titli (Titri/Titri song controversy) को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं। गाने के बोल और वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों और संगठनों ने गाने के कुछ शब्दों को महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए इसकी आलोचना की है।1 मार्च को रिलीज हुए इस गाने के बाद से ही कई जगह विरोध शुरू हो गया। कुछ संगठनों ने आरोप लगाया कि गाने में डबल मीनिंग शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जो महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। मामला इतना बढ़ गया कि हरियाणा में इसको लेकर शिकायतें दर्ज कराई गईं और पुलिस ने भी इसकी जांच शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर माफी मांग चुके हैं बादशाह बढ़ते विवाद को देखते हुए बादशाह ने सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांगी। विवाद के बाद गाने को कई प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर बहस जारी है और लोग इस मुद्दे पर अलग-अलग राय दे रहे हैं।कुछ यूजर्स का कहना है कि गाने के बोल आपत्तिजनक हैं और ऐसे कंटेंट पर रोक लगनी चाहिए, जबकि कई लोग इसे सिर्फ एक कमर्शियल रैप ट्रैक बताते हुए कलाकार की रचनात्मक स्वतंत्रता का समर्थन कर रहे हैं। सैंटी शर्मा आए बादशाह के समर्थन में इसी बीच रैपर Santy Sharma ने इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए बादशाह का समर्थन किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि लोगों ने पूरे संदर्भ को समझे बिना ही बादशाह को जज करना शुरू कर दिया है।सैंटी शर्मा का कहना है कि भारत में अभी भी हिप-हॉप और रैप म्यूजिक की संस्कृति को पूरी तरह समझा नहीं गया है। उन्होंने कहा कि रैप म्यूजिक में कई बार कलाकार क्रिएटिव एक्सप्रेशन और कॉम्पिटिशन के लिए अलग तरह के शब्दों और संदर्भों का इस्तेमाल करते हैं, जिसे लोग अक्सर गलत तरीके से ले लेते हैं। ‘बादशाह को गलत समझा जा रहा है’ सैंटी शर्मा ने अपने बयान में यह भी कहा कि कई बार गाने का ऑडियो पहले तैयार हो जाता है और वीडियो बाद में किसी दूसरी टीम द्वारा बनाया जाता है। ऐसे में अगर किसी को गाने के बोल या वीडियो में कोई आपत्ति है, तो उसे समझदारी से सुलझाया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि अगर किसी लिरिक्स में गलती है तो उसे बदला या अपडेट किया जा सकता है, लेकिन बिना पूरे मामले को समझे किसी कलाकार को निशाना बनाना सही नहीं है। सोशल मीडिया पर जारी है बहस ‘टिटरी’ विवाद के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की राय सामने आई है। एक पक्ष इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष इसे संगीत की रचनात्मक स्वतंत्रता का हिस्सा मान रहा है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। टेक कंपनी गूगल ने अपने लोकप्रिय नेविगेशन प्लेटफॉर्म Google Maps में बड़ा अपडेट जारी किया है। कंपनी के अनुसार यह पिछले दस वर्षों में मैप्स का सबसे बड़ा बदलाव है। इस अपडेट के तहत दो नए एआई आधारित फीचर पेश किए गए हैं Ask Maps और Immersive Navigation। ये दोनों फीचर Gemini AI मॉडल पर आधारित हैं और यूजर्स के लिए लोकेशन खोजने और नेविगेशन को पहले से ज्यादा आसान बनाने के लिए तैयार किए गए हैं।गूगल का कहना है कि इन नए फीचर्स से लोग मैप्स का इस्तेमाल बिल्कुल नए तरीके से कर पाएंगे और उन्हें ज्यादा पर्सनलाइज्ड और स्मार्ट अनुभव मिलेगा। Ask Maps: सवाल पूछकर ढूंढें लोकेशन नए अपडेट में शामिल Ask Maps फीचर एक स्मार्ट सर्च टूल की तरह काम करता है। इसमें यूजर सीधे मैप्स ऐप के अंदर सवाल पूछकर अपनी जरूरत के हिसाब से जगह ढूंढ सकते हैं।उदाहरण के तौर पर अगर कोई यूजर पूछे कि “आज रात खेलने के लिए लाइट वाला पब्लिक टेनिस कोर्ट कहां मिलेगा?” या “ऐसी कॉफी शॉप बताओ जहां फोन चार्ज करने की सुविधा हो और ज्यादा भीड़ भी न हो”, तो यह फीचर तुरंत आसपास की संबंधित लोकेशन दिखा देगा।यूजर को सिर्फ Ask Maps बटन पर टैप करना होगा और इसके बाद मैप पर ही उन्हें पर्सनलाइज्ड जवाब और सुझाव मिल जाएंगे। यह फीचर यूजर के पिछले सर्च, सेव किए गए लोकेशन और उनकी पसंद को ध्यान में रखकर भी परिणाम दिखाता है। गूगल के अनुसार Ask Maps फीचर 30 करोड़ से अधिक स्थानों के डेटा और लगभग 50 करोड़ यूजर रिव्यू का विश्लेषण करता है। इसके साथ ही यूजर उसी इंटरफेस से रेस्टोरेंट बुकिंग, लोकेशन सेव करना, दोस्तों के साथ शेयर करना और सीधे नेविगेशन शुरू करना जैसे काम भी कर सकेंगे।यह फीचर भारत और अमेरिका में धीरे-धीरे रोलआउट किया जा रहा है। Immersive Navigation से मिलेगा 3D नेविगेशन दूसरा नया फीचर Immersive Navigation है, जो मैप्स के नेविगेशन अनुभव को पूरी तरह बदलने वाला माना जा रहा है। इसमें यूजर को रास्तों का 3D व्यू दिखाई देगा, जिसमें आसपास की इमारतें, सड़कें, फ्लाईओवर और अन्य संरचनाएं वास्तविक जैसी दिखाई देंगी। इस फीचर में ट्रैफिक लाइट, क्रॉसवॉक, स्टॉप साइन और रोड लेन जैसी महत्वपूर्ण चीजें भी साफ दिखाई देंगी। इससे ड्राइविंग के दौरान सही लेन चुनना और मोड़ लेना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा। गूगल के अनुसार यह फीचर स्ट्रीट व्यू और एरियल इमेज की मदद से अधिक सटीक विजुअल तैयार करता है। साथ ही इसमें स्मार्ट ज़ूम, ट्रांसपेरेंट बिल्डिंग ओवरले और ज्यादा प्राकृतिक आवाज में नेविगेशन निर्देश भी मिलेंगे।फिलहाल Immersive Navigation फीचर को शुरुआती चरण में अमेरिका में लॉन्च किया गया है और आने वाले महीनों में इसे अन्य देशों में भी उपलब्ध कराया जाएगा।
मुंबई ,एजेंसियां। कॉमेडी और एंटरटेनमेंट से भरपूर The Great Indian Kapil Show का सीजन 4 एक बार फिर चर्चा में है। हाल ही में इसके ग्रैंड फिनाले का प्रोमो रिलीज हुआ, जिसने सोशल मीडिया पर जबरदस्त हलचल मचा दी है। इस खास एपिसोड में बॉलीवुड की मशहूर पिता-पुत्र जोड़ी वरुण धवन और डेविड धवन मेहमान बनकर पहुंचे हैं। प्रोमो में शो के होस्ट कपिल शर्मा के साथ दोनों की मजेदार बातचीत और नोकझोंक देखने को मिलती है। वरुण और उनके पिता डेविड धवन एक-दूसरे की खिंचाई करते नजर आते हैं और अपने करियर से जुड़े कई दिलचस्प किस्से भी साझा करते हैं। यह हल्की-फुल्की बातचीत दर्शकों को खूब हंसाने वाली है। सुनील ग्रोवर की एंट्री ने लूट ली महफिल हालांकि प्रोमो में असली सरप्राइज तब आता है जब कॉमेडियन सुनील ग्रोवर मंच पर दिग्गज अभिनेता कदर खान के गेटअप में एंट्री लेते हैं। उनका लुक, आवाज और संवाद बोलने का अंदाज इतना सटीक होता है कि वहां मौजूद सभी लोग कुछ पल के लिए चौंक जाते हैं। सुनील ग्रोवर ने कादर खान की खास कॉमिक शैली और डायलॉग डिलीवरी को शानदार तरीके से मंच पर उतारा। उनकी मिमिक्री देखकर दर्शक ही नहीं बल्कि शो में मौजूद मेहमान भी हैरान रह गए। खास बात यह रही कि डेविड धवन, जिन्होंने कादर खान के साथ कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है, वह भी इस परफॉर्मेंस से बेहद प्रभावित नजर आए। डेविड धवन बोले - याद आ गए कादर खान प्रोमो में देखा जा सकता है कि सुनील ग्रोवर की परफॉर्मेंस देखकर डेविड धवन मुस्कुराते हुए कहते हैं कि उन्हें कादर खान की याद आ गई। यह पल शो के सबसे खास और भावुक क्षणों में से एक बन जाता है।शो की जज Archana Puran Singh भी सुनील ग्रोवर की एक्टिंग से प्रभावित नजर आती हैं और उनकी जमकर तारीफ करती हैं। सोशल मीडिया पर मिल रही जबरदस्त प्रतिक्रिया ग्रैंड फिनाले का यह प्रोमो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फैंस सुनील ग्रोवर की मिमिक्री और उनकी कॉमिक टाइमिंग की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे दिवंगत अभिनेता कादर खान को एक खूबसूरत श्रद्धांजलि बताया है। कुल मिलाकर, “द ग्रेट इंडियन कपिल शो” के इस खास एपिसोड ने दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है और फैंस अब ग्रैंड फिनाले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) भारतीय पुलिस सेवा (IPS) भारतीय विदेश सेवा (IFS) भारतीय राजस्व सेवा (IRS) भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं 979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें 15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98 EWS: 85.92 OBC: 87.28 SC: 79.03 ST: 74.23 आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज