NEET UG 2026

NEET-UG 2026
NEET-UG 2026: फीस रिफंड के लिए बैंक डिटेल अपडेट करने की अंतिम तिथि 7 जुलाई तक बढ़ी, NTA ने दिया अंतिम मौका

नई दिल्ली, एजेंसियां। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए फीस रिफंड के लिए बैंक खाते की जानकारी अपडेट या सत्यापित करने की अंतिम तिथि 7 जुलाई 2026, रात 11:50 बजे तक बढ़ा दी है। यह उन उम्मीदवारों के लिए अंतिम अवसर है, जिन्होंने पहले गलत बैंक विवरण दर्ज किए थे या समय पर जानकारी अपडेट नहीं कर पाए थे।   किन उम्मीदवारों को मिलेगा लाभ?   यह सुविधा उन अभ्यर्थियों के लिए है जो NEET-UG 2026 परीक्षा शुल्क रिफंड के पात्र हैं। उम्मीदवार आधिकारिक NEET पोर्टल पर लॉगिन कर बैंक खाता संख्या, IFSC कोड, खाताधारक का नाम सहित अन्य विवरण सही कर सकते हैं, ताकि रिफंड बिना किसी परेशानी के सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जा सके।   NTA की अपील   NTA ने उम्मीदवारों से अपील की है कि वे 7 जुलाई की समय-सीमा समाप्त होने से पहले अपने बैंक विवरण की सावधानीपूर्वक जांच कर लें। गलत या अधूरी जानकारी देने पर रिफंड में देरी हो सकती है और इसकी जिम्मेदारी स्वयं उम्मीदवार की होगी।

anjali kumari जुलाई 2, 2026 0
Parliamentary Committee Meeting
NEET-UG सुधारों पर आज संसदीय समिति की अहम बैठक, NTA अधिकारियों से होगी पूछताछ

नई दिल्ली, एजेंसियां। NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े विवाद और सुधारों को लेकर आज 1 जुलाई को संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी स्थायी समिति की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA), उच्च शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया गया है। समिति परीक्षा प्रणाली में सुधार और भविष्य की रणनीति पर विस्तृत चर्चा करेगी।   री-एग्जाम और परीक्षा प्रणाली की होगी समीक्षा   समिति 21 जून को आयोजित NEET-UG री-एग्जाम के संचालन, पेपर लीक की घटनाओं और परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई कमियों की समीक्षा करेगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से सुधार लागू किए जा सकते हैं।   NTA अधिकारियों से मांगा जाएगा जवाब   बैठक में NTA अधिकारियों से परीक्षा की पारदर्शिता, सुरक्षा व्यवस्था, प्रश्नपत्र प्रबंधन और अभ्यर्थियों की शिकायतों पर जवाब मांगा जाएगा। समिति यह जानना चाहती है कि एजेंसी ने पिछले विवादों के बाद क्या सुधारात्मक कदम उठाए हैं।   के. राधाकृष्णन पेश करेंगे सुधार रिपोर्ट   पूर्व ISRO प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन, जो NTA सुधारों के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष हैं, अपनी सिफारिशें भी प्रस्तुत करेंगे। रिपोर्ट में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाने के सुझाव शामिल हैं।   बड़े फैसलों की उम्मीद   शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस बैठक के बाद मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के संचालन, NTA की कार्यप्रणाली और परीक्षा सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। इससे लाखों छात्रों और अभिभावकों को भविष्य में अधिक भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था मिलने की उम्मीद है।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
Neet - ug 2026
NEET-UG परीक्षा सुधारों पर 1 जुलाई को संसदीय समिति की अहम बैठक, NTA अधिकारियों से होगी पूछताछ

नई दिल्ली, एजेंसियां। NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े विवाद और दोबारा आयोजित परीक्षा के बाद अब 1 जुलाई को संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में उच्च शिक्षा विभाग और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया गया है।   परीक्षा सुधारों पर होगा मंथन   बैठक में 21 जून को आयोजित NEET-UG री-एग्जाम से मिले अनुभवों, परीक्षा प्रणाली में सुधार और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर चर्चा होगी। समिति NTA की कार्यप्रणाली और परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों की भी समीक्षा करेगी।   के. राधाकृष्णन भी देंगे प्रस्तुति   पूर्व ISRO अध्यक्ष के. राधाकृष्णन, जो NTA सुधारों की निगरानी के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष हैं, बैठक में अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेंगे। इन सुझावों के आधार पर NTA की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में आगे की रणनीति तय की जाएगी।   CBI जांच और रिजल्ट पर भी रहेगी नजर   समिति को NEET-UG पेपर लीक मामले की CBI जांच की प्रगति से भी अवगत कराया जाएगा। साथ ही री-एग्जाम के बाद उत्तर कुंजी, परिणाम जारी करने की प्रक्रिया और भविष्य के सुधारों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

anjali kumari जून 30, 2026 0
Students discuss the NEET UG 2026 re-exam after facing a challenging Physics section.
NEET UG Re-Exam 2026: फिजिक्स ने बढ़ाई छात्रों की टेंशन, बायोलॉजी से अच्छे स्कोर की उम्मीद; जानिए कैसा रहा पूरा पेपर

नई दिल्ली: NEET UG 2026 री-एग्जाम 21 जून को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। परीक्षा खत्म होने के बाद देशभर के छात्रों और विषय विशेषज्ञों की शुरुआती प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। अधिकांश छात्रों का मानना है कि इस बार का पेपर कुल मिलाकर मॉडरेट से थोड़ा कठिन था, जबकि फिजिक्स सेक्शन ने सबसे ज्यादा चुनौती पेश की। दिल्ली के एक अभ्यर्थी ने बताया कि पूरा पेपर संतुलित था, लेकिन फिजिक्स के प्रश्न लंबे और पिछली परीक्षा की तुलना में अधिक कठिन थे। वहीं बायोलॉजी का स्तर आसान से मध्यम रहा और कैमिस्ट्री को छात्रों ने औसत कठिनाई वाला बताया। एक अन्य छात्र ने कहा कि यह उनका पहला प्रयास था और उन्हें लगभग 500 अंक मिलने की उम्मीद है। उन्होंने परीक्षा केंद्र पर की गई व्यवस्थाओं की भी सराहना की। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से परीक्षा देने वाले एक अभ्यर्थी के अनुसार, पेपर का अनुभव अच्छा रहा, हालांकि फिजिक्स सेक्शन अपेक्षाकृत कठिन था। वहीं चेन्नई के छात्र तरुण ने भी माना कि री-एग्जाम पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण रहा। फिजिक्स बना सबसे कठिन सेक्शन छात्रों के अनुसार फिजिक्स में कॉन्सेप्ट आधारित और न्यूमेरिकल प्रश्नों की संख्या अधिक थी। कई सवालों को हल करने में ज्यादा समय लगा, जिससे टाइम मैनेजमेंट प्रभावित हुआ। इसी वजह से अधिकांश अभ्यर्थियों ने फिजिक्स को सबसे कठिन सेक्शन बताया। बायोलॉजी ने दी राहत बायोलॉजी सेक्शन को छात्रों ने आसान से मध्यम स्तर का बताया। इसमें अधिकतर प्रश्न NCERT आधारित और सीधे पूछे गए थे। जिन छात्रों की बायोलॉजी पर मजबूत पकड़ है, उन्हें अच्छे अंक मिलने की संभावना जताई जा रही है। कैमिस्ट्री रही संतुलित कैमिस्ट्री सेक्शन का स्तर मध्यम रहा। इसमें थ्योरी और एप्लिकेशन आधारित प्रश्नों का संतुलन देखने को मिला। हालांकि कुछ छात्रों ने कहा कि सेक्शन लंबा था, जिसके कारण समय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण रहा। कुल मिलाकर छात्रों की राय के अनुसार NEET UG Re-Exam 2026 में फिजिक्स सबसे मुश्किल, कैमिस्ट्री मध्यम और बायोलॉजी अपेक्षाकृत आसान रही।  

surbhi जून 22, 2026 0
Prime Minister Narendra Modi waits at Delhi airport to avoid traffic disruption during NEET-UG 2026 re-examination hours.
दिल्ली लौटने के बाद भी पीएम आवास नहीं गए मोदी, NEET अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर रुके

  नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को NEET-UG 2026 पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले लाखों छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष निर्णय लिया। दिल्ली लौटने के बाद प्रधानमंत्री सीधे अपने आवास नहीं गए, बल्कि कुछ समय तक एयरपोर्ट पर ही रुके रहे ताकि उनके काफिले की आवाजाही से राजधानी की सड़कों पर यातायात प्रभावित न हो। जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी दोपहर करीब 1:15 बजे दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचे। इसी दौरान दोपहर 2 बजे से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) की पुनर्परीक्षा शुरू होने वाली थी। ऐसे में प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट से निकलने में देरी करने का निर्णय लिया, जिससे परीक्षा केंद्रों की ओर जा रहे छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। छात्रों की सुविधा को दी प्राथमिकता सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नहीं चाहते थे कि उनके वीवीआईपी काफिले की वजह से राजधानी में ट्रैफिक जाम की स्थिति बने और परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थी समय पर अपने केंद्रों तक न पहुंच सकें। इसी कारण उन्होंने कुछ समय एयरपोर्ट पर ही रुककर यातायात व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने का प्रयास किया। कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई पुनर्परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को देश और विदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। तीन मई को आयोजित मूल परीक्षा को कथित प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद पुनर्परीक्षा कराई जा रही है। पुनर्परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जा रही है। इस बार अभ्यर्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी प्रदान किया गया है। 551 भारतीय शहरों सहित 14 विदेशी केंद्रों पर परीक्षा एनटीए के अनुसार, परीक्षा का आयोजन भारत के 551 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों तथा विदेश के 14 केंद्रों पर किया जा रहा है। परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 95,000 से अधिक परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों से तनावमुक्त होकर परीक्षा देने की अपील पुनर्परीक्षा से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे किसी भी प्रकार के तनाव या चिंता से दूर रहकर परीक्षा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार और एनटीए परीक्षा के निष्पक्ष एवं सुचारु आयोजन के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं। NEET-UG पुनर्परीक्षा को लेकर देशभर में व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू की गई है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।  

Deepshikha जून 22, 2026 0
NEET-UG 2026 Re-Exam
NEET-UG 2026 री-एग्जाम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न, NTA ने पेपर लीक के वायरल दावों को बताया फर्जी

नई दिल्ली, एजेंसियां। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 री-एग्जाम को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित पेपर लीक के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि परीक्षा पूरी सुरक्षा और निगरानी के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुई तथा पेपर लीक होने की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेक यूनिट ने भी वायरल वीडियो को फर्जी करार देते हुए छात्रों और अभिभावकों से अफवाहों से बचने की अपील की है।   फर्जी वीडियो फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई एनटीए ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो पूरी तरह मनगढ़ंत है और इसका उद्देश्य छात्रों को गुमराह करना है। एजेंसी ने बताया कि I4C और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से इस फर्जी सामग्री को तैयार और प्रसारित करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एनटीए ने अभ्यर्थियों से केवल आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ही जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी है।   20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा एनटीए के अनुसार, देशभर के 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेश के 14 केंद्रों पर 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने री-एग्जाम दिया। परीक्षा 13 भाषाओं में आयोजित की गई और सभी केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।   जल्द जारी होंगे परिणाम एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि अब तक पेपर लीक की कोई शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हुई है और मूल्यांकन कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। एजेंसी का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले परिणाम घोषित करना है, ताकि अभ्यर्थियों को जल्द राहत मिल सके। एनटीए ने दोहराया कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

abhishek singh जून 22, 2026 0
NTA officials oversee security arrangements and mock drill preparations ahead of NEET UG 2026 re-examination across India.
NEET UG Re-Exam 2026: पुनर्परीक्षा से पहले NTA की मॉक ड्रिल, सुरक्षा के लिए दो लाख से अधिक कर्मी तैनात

  राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा के सुरक्षित, पारदर्शी और सुचारू संचालन के लिए तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। परीक्षा से एक दिन पहले, 20 जून को देशभर में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी, ताकि परीक्षा के दिन सुरक्षा, प्रश्नपत्र वितरण और परीक्षा प्रबंधन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा सके। एनटीए अधिकारियों के अनुसार, 21 जून को आयोजित होने वाली पुनर्परीक्षा के लिए देशभर में दो लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों और परीक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थी देंगे परीक्षा नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा रविवार, 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पारंपरिक पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित होगी। परीक्षा के लिए भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में कुल 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। दिव्यांग अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के तहत अतिरिक्त समय की सुविधा दी जाएगी। ऐसे उम्मीदवार शाम 6:20 बजे तक परीक्षा दे सकेंगे। सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम पुनर्परीक्षा को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। गोपनीय प्रश्नपत्रों और परीक्षा सामग्री के परिवहन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, पुलिस बलों और विशेष एस्कॉर्ट टीमों को सौंपी गई है। एनटीए ने परीक्षा प्रबंधन के लिए: 674 सिटी कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं। 6,669 स्वतंत्र पर्यवेक्षकों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर अधीक्षक, निरीक्षक और सुरक्षा कर्मियों की अलग से तैनाती की गई है। मेडिकल कॉलेजों को एनएमसी का निर्देश इस बीच, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) ने सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने में सहयोग करने का निर्देश दिया है। एनएमसी ने डीन और प्राचार्यों को भेजे नोटिस में कहा है कि 20 और 21 जून को विद्यार्थियों को सामान्य अवकाश नहीं दिया जाए। केवल विशेष परिस्थितियों और उचित कारणों में ही छुट्टी प्रदान की जाए। पेपर लीक विवाद के बाद हो रही पुनर्परीक्षा गौरतलब है कि मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट-यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। पूरे मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है। इसी विवाद के बाद एनटीए ने 21 जून को पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। एजेंसी का दावा है कि इस बार परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय निगरानी और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं। अभ्यर्थियों के लिए अहम सलाह एनटीए ने अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने, एडमिट कार्ड और वैध पहचान पत्र साथ रखने तथा परीक्षा से संबंधित दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

Deepshikha जून 20, 2026 0
Medical students preparing for NEET UG 2026 re-exam after NMC issued new advisory guidelines.
NEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले NMC की बड़ी एडवाइजरी, 20-21 जून को मेडिकल छात्रों की छुट्टी पर रोक

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कॉलेज प्रशासन को सलाह दी है कि 20 और 21 जून को छात्रों को सामान्य छुट्टी न दी जाए। केवल आपातकालीन परिस्थितियों और वैध कारणों के आधार पर ही अवकाश की अनुमति दी जाएगी। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम NMC के अनुसार, यह फैसला NEET UG 2026 री-एग्जाम की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। आयोग ने मेडिकल कॉलेजों से कहा है कि वे छात्रों की उपस्थिति पर विशेष नजर रखें और बिना उचित कारण के किसी भी प्रकार की छुट्टी मंजूर न करें। इसके साथ ही मेडिकल छात्रों को परीक्षा से जुड़ी किसी भी संदिग्ध या अनुचित गतिविधि से दूर रहने की सलाह भी दी गई है। 21 जून को आयोजित होगा NEET UG री-एग्जाम राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) 21 जून 2026 को NEET UG री-एग्जाम आयोजित करेगी। परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। अभ्यर्थियों के लिए NTA की सलाह NTA ने उम्मीदवारों से अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से दूर रहने की अपील की है। एजेंसी ने कहा है कि छात्र केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अपनी परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें। साथ ही, परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए कई छात्र-अनुकूल व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं। लाखों छात्रों ने डाउनलोड किया एडमिट कार्ड NTA द्वारा NEET UG री-एग्जाम के एडमिट कार्ड पहले ही जारी किए जा चुके हैं। 16 जून को जारी अपडेट के अनुसार, लगभग 10 लाख उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके थे। हालांकि शुरुआत में वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक की वजह से कई छात्रों को स्लो सर्वर और तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, लेकिन बाद में NTA ने इन समस्याओं का समाधान कर दिया। छात्रों के लिए महत्वपूर्ण सलाह एडमिट कार्ड और जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखें। परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचें। सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचें। केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस पर भरोसा करें।

surbhi जून 19, 2026 0
NEET UG 2026 Dress Code
NEET UG 2026 री-एग्जाम: ड्रेस कोड को लेकर NTA सख्त, नियम तोड़े तो परीक्षा केंद्र पर रुक सकती है एंट्री

नई दिल्ली, एजेंसियां। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 21 जून को आयोजित होने वाली NEET UG 2026 री-एग्जाम के लिए ड्रेस कोड और परीक्षा केंद्र से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। ड्रेस कोड का उल्लंघन करने या प्रतिबंधित वस्तुएं साथ लाने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश रोका जा सकता है।   हल्के कपड़े पहनने की सलाह, धार्मिक वस्त्रों को अनुमति NTA के अनुसार, अभ्यर्थियों को हल्के और साधारण कपड़े पहनकर परीक्षा केंद्र पहुंचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर पूरी आस्तीन या ऊनी कपड़े पहनने की अनुमति रहेगी। धार्मिक आस्था से जुड़े वस्त्र और प्रतीक, जैसे हिजाब, पगड़ी या कलावा पहनने वाले उम्मीदवारों को भी प्रवेश मिलेगा, लेकिन उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा जांच के लिए निर्धारित समय से पहले केंद्र पर पहुंचना होगा।   ये सामान ले जाने की है अनुमति परीक्षार्थी अपने साथ पारदर्शी पानी की बोतल और एडमिट कार्ड को सुरक्षित रखने के लिए पारदर्शी प्लास्टिक पाउच ले जा सकते हैं। एजेंसी ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें ताकि जांच प्रक्रिया आसानी से पूरी हो सके।   इन वस्तुओं पर रहेगा पूरी तरह प्रतिबंध परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा भारी आभूषण, धातु की वस्तुएं, बड़े बेल्ट बकल और ऊंची हील वाले जूते भी सुरक्षा जांच के दायरे में होंगे। उम्मीदवारों को चप्पल या कम हील वाले जूते पहनने की सलाह दी गई है।   सहायता के लिए हेल्पडेस्क उपलब्ध यदि किसी अभ्यर्थी को री-एग्जाम से संबंधित कोई जानकारी या समस्या हो, तो वह NTA हेल्पडेस्क के नंबर 011-40759000 या 011-69227700 पर संपर्क कर सकता है। इसके अलावा neetug2026@nta.ac.in पर ईमेल भेजकर भी सहायता प्राप्त की जा सकती है। NTA ने सभी उम्मीदवारों से परीक्षा से पहले दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ने और उनका पालन करने की अपील की है।

abhishek singh जून 19, 2026 0
Telegram app logo displayed on a smartphone as Delhi High Court hears challenge to temporary ban ahead of NEET-UG 2026 re-exam.
टेलीग्राम प्रतिबंध मामले में केंद्र सरकार से दिल्ली हाई कोर्ट ने मांगा जवाब, नीट-यूजी 2026 को लेकर विवाद तेज

  नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार से मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है। यह प्रतिबंध नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा से पहले लागू किया गया है। हाई कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने मामले की सुनवाई को गुरुवार तक के लिए स्थगित करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। सुनवाई के दौरान टेलीग्राम की ओर से दलील दी गई कि यह प्रतिबंध अवैध है और इससे भारत के करीब 15 करोड़ उपयोगकर्ता प्रभावित हुए हैं। सरकार ने टेलीग्राम के दुरुपयोग का दिया तर्क सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि टेलीग्राम प्लेटफॉर्म का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने अदालत में कहा कि एक चैनल बंद होने पर दूसरा तुरंत शुरू हो जाता है और QR कोड के जरिए अवैध भुगतान किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस समस्या से मई महीने से निपटने का प्रयास कर रही है और यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है। टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी रोक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के तहत आदेश जारी कर टेलीग्राम की सेवाओं पर 22 जून 2026 तक अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। इसमें नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा की तारीख और उसके आसपास की अवधि शामिल है। एडिट फीचर पर भी रोक सरकारी आदेश के तहत टेलीग्राम को 30 जून 2026 तक भारत में पहले से पोस्ट किए गए संदेशों के एडिट फीचर को निष्क्रिय करने का निर्देश भी दिया गया है। एनटीए का कहना है कि इस फीचर का इस्तेमाल कथित तौर पर परीक्षा के बाद फर्जी पेपर लीक के सबूत गढ़ने में किया जा रहा था। नीट-यूजी परीक्षा को लेकर सुरक्षा कड़ी एनटीए के अनुसार, ये कदम सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा को सुरक्षित एवं निष्पक्ष तरीके से कराने के उद्देश्य से उठाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को ठगने वाले संगठित गिरोहों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। मामले पर अगली सुनवाई गुरुवार को होगी दिल्ली हाई कोर्ट ने फिलहाल केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को तय की है।  

Deepshikha जून 18, 2026 0
NEET paper leak accused Yash Yadav arrives at court after getting permission to appear for the re-exam.
NEET पेपर लीक केस: आरोपी यश यादव को 21 जून की परीक्षा में शामिल होने की कोर्ट से अनुमति

  नीट पेपर लीक मामले के आरोपी यश यादव को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उसे 21 जून को होने वाली दोबारा आयोजित NEET-UG परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही अदालत ने यश यादव को अपनी बहन की शादी में शामिल होने की भी इजाजत प्रदान की है। कोर्ट ने शिक्षा को बताया मौलिक अधिकार मामले की सुनवाई के दौरान राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है और किसी भी व्यक्ति को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने यश यादव को परीक्षा देने की अनुमति प्रदान की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यश यादव को पुलिस हिरासत और सुरक्षा निगरानी में परीक्षा केंद्र ले जाया जाएगा। पढ़ाई के लिए किताबें रखने की भी मिली थी अनुमति यश यादव ने इससे पहले अदालत से पढ़ाई के लिए किताबें अपने पास रखने की अनुमति मांगी थी। 2 जून को कोर्ट ने उसकी इस मांग को स्वीकार कर लिया था, ताकि वह आगामी परीक्षा की तैयारी कर सके। यश यादव की वकील अंबिका यादव ने अदालत में कहा था कि वह एक मेधावी छात्र है और उसने 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा दी थी। परीक्षा स्थगित होने के बाद अब 21 जून को दोबारा आयोजित की जा रही है, इसलिए उसे परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाना चाहिए। नीट पेपर लीक मामले में आरोपी है यश यादव यश यादव नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में से एक है। मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया भी चल रही है। अदालत ने माना कि आपराधिक मामले में आरोपी होने मात्र से किसी छात्र के शिक्षा के अधिकार को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता।  

Deepshikha जून 17, 2026 0
NEET UG Paper Re-Exam
NEET UG री-एग्जाम: बोकारो के 8 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

बोकारो। बोकारो जिले में होने वाली NEET-UG 2026 री-एग्जाम को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जिले के सभी आठ परीक्षा केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट), पुलिस पदाधिकारी और वरीय प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता को रोका जा सके।   हर परीक्षा केंद्र पर रहेगी प्रशासन की निगरानी जिला प्रशासन के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से पहले सभी केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा संचालन में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। वरीय अधिकारियों को अलग-अलग परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि परीक्षा केंद्रों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा, जिससे अनधिकृत लोगों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।   समय से पहुंचने की अपील प्रशासन ने अभ्यर्थियों से परीक्षा शुरू होने से काफी पहले केंद्र पर पहुंचने की अपील की है। प्रवेश के समय एडमिट कार्ड और वैध पहचान पत्र की गहन जांच की जाएगी। निर्धारित समय के बाद पहुंचने वाले उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।   नकल और गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान नकल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग या किसी भी प्रकार की अनियमित गतिविधि पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।   प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही परीक्षार्थियों से भी नियमों का पालन करने और परीक्षा प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की गई है, ताकि री-एग्जाम पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

abhishek singh जून 16, 2026 0
NEET-UG 2026
NEET-UG 2026: जमशेदपुर में कड़ी निगरानी के साथ होगी नीट परीक्षा

जमशेदपुर। जमशेदपुर में 21 जून को आयोजित होने वाली NEET-UG 2026 परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में परीक्षा संचालन से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर केवल सरकारी कर्मियों को ही इनविजिलेटर (वीक्षक) के रूप में नियुक्त किया जाएगा।   पूरी परीक्षा प्रक्रिया की होगी वीडियोग्राफी परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। अभ्यर्थियों की प्रवेश से पहले सघन फ्रिस्किंग की जाएगी और पूरी परीक्षा प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके अलावा परीक्षा से एक दिन पहले सभी परीक्षा केंद्रों को सैनिटाइज कर सील कर दिया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना समाप्त हो सके।   भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि परीक्षा के दिन शहर में सुचारु यातायात और भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। प्रमुख चौक-चौराहों तथा परीक्षा केंद्रों के बाहर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।   8 केंद्रों पर होगी परीक्षा, 4 हजार से अधिक परीक्षार्थी होंगे शामिल जिले के छह शिक्षण संस्थानों में कुल आठ परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 4,000 से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षार्थियों को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही प्रवेश मिलेगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।   इन केंद्रों पर आयोजित होगी परीक्षा परीक्षा एलबीएसएम कॉलेज करनडीह, जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज, जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी, द ग्रेजुएट स्कूल कॉलेज फॉर वीमेंस, राजकीय आदिवासी हाई स्कूल सीतारामडेरा और एलबीएसएम कॉलेज गोलमुरी सहित कुल आठ केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।   अधिकारियों ने की तैयारियों की समीक्षा बैठक में सिटी एसपी ललित मीणा, एसडीएम धालभूम अर्णव मिश्रा, एएसपी ऋषभ त्रिवेदी, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राहुलजी आनंदजी समेत विभिन्न कॉलेजों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन का लक्ष्य परीक्षा को सुरक्षित, पारदर्शी और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराना है।

anjali kumari जून 11, 2026 0
Students entering NEET UG examination center as NTA finalizes re-exam arrangements nationwide
NEET UG 2026 री-एग्जाम: कब मिलेगा एडमिट कार्ड, कहां होगा सेंटर? NTA ने तैयारियों को दी अंतिम रूपरेखा

NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी और इसके लिए शिक्षा मंत्रालय तथा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके। इस बार सबसे बड़ा फोकस छात्रों को उनके गृह क्षेत्र या पसंदीदा शहर के नजदीक परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने पर है। इसी उद्देश्य से देशभर में नए परीक्षा केंद्रों की पहचान की जा रही है। 3.5 लाख छात्रों ने बदला परीक्षा शहर NEET UG 2026 री-एग्जाम के लिए करीब साढ़े तीन लाख छात्रों ने अपने परीक्षा शहर में बदलाव के लिए आवेदन किया है। छात्रों को दो शहरों का विकल्प देने का मौका मिला था। NTA सूत्रों के अनुसार, कोशिश की जा रही है कि अधिकतम छात्रों को उनकी पहली पसंद वाले शहर में परीक्षा देने का अवसर मिले। हालांकि, यदि किसी शहर में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक हो जाती है तो उसी क्षेत्र के नजदीकी शहर में सेंटर आवंटित किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी छात्र ने देहरादून को परीक्षा शहर चुना है और वहां सीटों की उपलब्धता कम है, तो उसे नजदीकी शहर जैसे रुड़की में केंद्र दिया जा सकता है। कब जारी होगी एग्जाम सिटी स्लिप? NTA की योजना के अनुसार 14 जून से पहले सभी उम्मीदवारों को उनकी परीक्षा सिटी की जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे छात्रों को यह पता चल जाएगा कि उन्हें किस शहर में परीक्षा देनी है। एग्जाम सिटी इंटिमेशन स्लिप जारी होने के बाद छात्र अपनी यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारी समय रहते कर सकेंगे। एडमिट कार्ड कब मिलेगा? री-एग्जाम के लिए एडमिट कार्ड 16 जून तक जारी किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। एडमिट कार्ड में छात्रों को परीक्षा केंद्र का पूरा पता, रिपोर्टिंग समय और परीक्षा संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश दिए जाएंगे। छात्रों को सलाह दी गई है कि एडमिट कार्ड जारी होते ही उसमें दर्ज सभी जानकारियों की सावधानीपूर्वक जांच कर लें। किन राज्यों में सबसे ज्यादा सेंटर? सूत्रों के मुताबिक इस बार उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, क्योंकि यहां से सबसे ज्यादा उम्मीदवार आवेदन करते हैं। इसके बाद महाराष्ट्र और राजस्थान उन राज्यों में शामिल हैं जहां बड़ी संख्या में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं ताकि छात्रों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े। अफवाहों और फर्जी दावों पर NTA की सख्ती NEET UG 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और दावों की भी जांच की जा रही है। NTA के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा से जुड़ी हर सूचना पर नजर रखी जा रही है और छात्रों, अभिभावकों व शिक्षकों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। एजेंसी ने अभ्यर्थियों से केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। CUET-UG 2026 पर भी बड़ा अपडेट इस बीच CUET-UG 2026 परीक्षा कार्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। लगभग 60 हजार छात्रों की परीक्षा अब 6 और 7 जून को आयोजित होगी। 6 जून: सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक 7 जून: दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक NTA ने इन परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड भी जारी कर दिए हैं। कई छात्रों के अन्य परीक्षाओं के साथ टकराव को देखते हुए शेड्यूल में यह बदलाव किया गया है। NEET UG 2026 री-एग्जाम में इस बार लगभग 22.79 लाख अभ्यर्थी शामिल होने वाले हैं। ऐसे में NTA की सबसे बड़ी चुनौती परीक्षा को सुचारु, निष्पक्ष और विवाद-मुक्त तरीके से आयोजित करना होगी।  

surbhi जून 3, 2026 0
Security tightened for NEET re-test as Indian Army and Air Force oversee question paper transport
NEET री-टेस्ट के लिए बदली सुरक्षा व्यवस्था, अब सेना और वायुसेना की निगरानी में पहुंचेगा प्रश्नपत्र

NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच 21 जून को होने वाले री-टेस्ट को लेकर केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रक्रिया में बड़े बदलाव करने का फैसला लिया है। गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई हाईलेवल बैठक में तय किया गया कि अब परीक्षा के प्रश्नपत्रों के परिवहन और सुरक्षा में सेना और भारतीय वायुसेना की मदद ली जाएगी। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का उद्देश्य इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। यूपीएससी जैसी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की तैयारी बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तर्ज पर मजबूत बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके तहत प्रश्नपत्र तैयार करने, प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्टेशन और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को मल्टी-लेयर निगरानी में रखा जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए सेना और वायुसेना की सहायता देने पर सहमति जताई है। अब एयरफोर्स की मदद से प्रश्नपत्रों को संवेदनशील और दूरस्थ परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। शिक्षा मंत्री बोले- छात्रों का भरोसा बहाल करना सबसे बड़ी प्राथमिकता बैठक के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछली परीक्षाओं में डाक विभाग और गृह मंत्रालय की भूमिका प्रमुख थी, लेकिन इस बार सुरक्षा व्यवस्था में कई अहम बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों और अभिभावकों का भरोसा वापस जीतना है। इसके लिए परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी निगरानी में रखा जाएगा। फीस रिफंड के लिए बैंक डिटेल जमा करने की तारीख बढ़ी NEET री-टेस्ट को लेकर NTA ने छात्रों को राहत देते हुए फीस रिफंड प्रक्रिया की डेडलाइन भी बढ़ा दी है। अब उम्मीदवार 22 जून रात तक अपने बैंक खाते की जानकारी जमा कर सकेंगे। पहले यह अंतिम तिथि 27 मई निर्धारित की गई थी। बड़ी संख्या में छात्रों और अभिभावकों की मांग के बाद एजेंसी ने समय सीमा बढ़ाने का फैसला लिया। प्रधानमंत्री खुद रख रहे तैयारियों पर नजर सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद NEET री-टेस्ट की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई जा रही है। सरकार इस बार किसी भी तरह की लापरवाही से बचना चाहती है, क्योंकि पेपर लीक विवाद ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा खड़ा कर दिया है। कोएम्प्ट एजूटेक कंपनी पर भी उठे सवाल विवाद के बीच सीबीएसई की ओर से OSM कॉन्ट्रैक्ट पाने वाली कंपनी Coempt Edutech भी जांच के घेरे में आ गई है। यह कंपनी पहले Globarena नाम से जानी जाती थी और तेलंगाना बोर्ड परीक्षा से जुड़े विवादों में उसका नाम सामने आया था। बताया जा रहा है कि 2019 और 2023 में परीक्षा प्रबंधन से जुड़े विवादों के दौरान कई छात्रों ने आत्महत्या की थी। अब विपक्ष इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। राहुल गांधी ने छात्र के परिवार से मुलाकात कर सरकार पर साधा निशाना कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को NEET की तैयारी कर रहे छात्र प्रदीप मेघवाल के परिवार से मुलाकात की। प्रदीप ने कथित तौर पर परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं और ‘क्वेश्चन बैंक’ लीक की खबरों के बाद आत्महत्या कर ली थी। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि एक भ्रष्ट और टूट चुकी परीक्षा व्यवस्था का परिणाम है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि “मोदी-प्रधान की जोड़ी इस परिवार के सामने जवाबदेह है।” CBI की जांच तेज, अब तक 13 गिरफ्तार NEET पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI ने कार्रवाई तेज कर दी है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी डॉ. मनोज शिरुरे और तेजस हर्षद कुमार शाह को 1 जून तक CBI हिरासत में भेज दिया है। वहीं प्रह्लाद कुलकर्णी और शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को 10 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। CBI ने देशभर में अब तक 49 स्थानों पर छापेमारी की है और कई अहम दस्तावेज, लैपटॉप तथा मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 3 मई को हुई थी परीक्षा, 12 मई को रद्द करना पड़ा NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। NTA के अनुसार, 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया और 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। अब 21 जून को री-टेस्ट आयोजित किया जाएगा।  

surbhi मई 29, 2026 0
CBI investigates NEET-UG 2026 paper leak case after fresh arrests and nationwide raids
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला: CBI ने दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार, अब तक 13 अरेस्ट

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक डॉक्टर और एक कोचिंग संस्थान का शिक्षक शामिल है। पहले आरोपी की पहचान लातूर निवासी डॉक्टर मनोज शिरूरे के रूप में हुई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने एक कोचिंग सेंटर संचालक के बेटे समेत तीन छात्रों को आरोपी पीवी कुलकर्णी के जरिए केमिस्ट्री का लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। दूसरा आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह है, जो पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी (APMA) में फिजिक्स फैकल्टी के तौर पर कार्यरत था। CBI के अनुसार, उसे फिजिक्स का लीक प्रश्नपत्र पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवलदार से मिला था। अब तक 13 गिरफ्तारियां, 49 जगहों पर छापेमारी CBI ने बताया कि मामले की जांच लगातार जारी है और पेपर लीक की पूरी साजिश का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जांच एजेंसी अब तक देशभर में 49 स्थानों पर तलाशी अभियान चला चुकी है। छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इस मामले में अब तक कुल 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में बड़ा खुलासा, 5 राज्यों में बिका पेपर CBI जांच में सामने आया है कि NEET-UG 2026 का प्रश्नपत्र कम से कम पांच राज्यों में बेचा गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, सबसे ज्यादा पेपर महाराष्ट्र में बेचे गए, जबकि राजस्थान दूसरे स्थान पर रहा। अधिकारियों का कहना है कि पेपर लीक का नेटवर्क पहले की आशंका से कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है। फिलहाल एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कितने छात्रों ने पैसे देकर प्रश्नपत्र खरीदे थे। महाराष्ट्र बना पेपर लीक का बड़ा केंद्र जांच में यह भी सामने आया है कि महाराष्ट्र इस पूरे नेटवर्क का मुख्य केंद्र था। यहीं से प्रश्नपत्रों की कॉपी निकालकर राजस्थान और अन्य राज्यों के छात्रों तक पहुंचाई गई। CBI को महाराष्ट्र और राजस्थान में प्रिंटेड प्रश्नपत्र बेचने के सबूत मिले हैं। एजेंसी का मानना है कि इस रैकेट में कई राज्यों के कोचिंग नेटवर्क और बिचौलिए शामिल हो सकते हैं। पैसों के लेनदेन की जांच तेज CBI अब उन अभिभावकों और छात्रों की सूची तैयार कर रही है, जिनके बैंक खातों से आरोपी शिवराज मोटेगांवकर, पीवी कुलकर्णी और उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को अभी भी कुछ बाहरी किरदारों पर शक है और जल्द ही दूसरे राज्यों में भी छापेमारी की जा सकती है। फीस रिफंड के लिए NTA ने खोला पोर्टल इस बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों के लिए फीस रिफंड पोर्टल शुरू किया है। उम्मीदवार 22 मई से 27 मई रात 11:50 बजे तक अपने बैंक खाते की जानकारी जमा कर सकते हैं। NTA ने कहा है कि रिफंड प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। 3 मई को हुई थी परीक्षा, 12 मई को रद्द NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इसमें करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। NTA के मुताबिक, 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया और 12 मई को परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।  

surbhi मई 27, 2026 0
CBI officials investigating NEET-UG 2026 paper leak case after key arrest in Pune
NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा एक्शन, फिजिक्स प्रश्नपत्र लीक करने की आरोपी महिला गिरफ्तार

Central Bureau of Investigation (CBI) ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुणे की एक महिला एक्सपर्ट को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के मुताबिक आरोपी महिला Manisha Sanjay Havaldar ने फिजिक्स के प्रश्नपत्र लीक कर चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाए थे। CBI का दावा है कि आरोपी महिला National Testing Agency (NTA) की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त थीं और उन्हें भौतिकी प्रश्नपत्र तक पूरी पहुंच हासिल थी। अप्रैल में शेयर किए गए थे प्रश्न CBI के अनुसार, मनीषा हवलदार पुणे के Seth Hiralal Sarraf Prashala में कार्यरत हैं। जांच में सामने आया है कि उन्होंने अप्रैल महीने में कुछ प्रश्न सह-आरोपी Manisha Mandhare के साथ साझा किए थे। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान यह पाया गया कि शेयर किए गए सवाल वास्तविक NEET-UG 2026 फिजिक्स प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। इससे पहले CBI ने 16 मई को मनीषा मंधारे को भी इसी मामले में गिरफ्तार किया था। कई शहरों में छापेमारी पेपर लीक नेटवर्क की जांच के तहत CBI ने New Delhi, Jaipur, Gurugram, Nashik, Pune, Latur और अहिल्यानगर समेत कई जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान एजेंसी ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक स्टेटमेंट और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार CBI प्रवक्ता के मुताबिक इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में पेपर लीक के मूल स्रोत का भी पता चल गया है। एजेंसी का आरोप है कि कुछ बिचौलिये छात्रों से लाखों रुपये लेकर उन्हें विशेष कोचिंग क्लासों में भेजते थे, जहां कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र साझा किए जाते थे। 21 जून को होगी दोबारा परीक्षा NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी। हालांकि पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। अब NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।  

surbhi मई 23, 2026 0
CBI investigates NEET paper leak scam linked to multiple states including Maharashtra and Rajasthan
NEET पेपर लीक जांच में बड़ा खुलासा, 5 राज्यों में बिका था पेपर; महाराष्ट्र सबसे बड़ा केंद्र

Central Bureau of Investigation की जांच में NEET पेपर लीक मामले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी के अनुसार, मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG का प्रश्नपत्र पांच राज्यों में बेचा गया था। इनमें सबसे ज्यादा मामले Maharashtra से सामने आए हैं, जबकि Rajasthan दूसरे स्थान पर है। सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और जब्त किए गए डिजिटल गैजेट्स की जांच के बाद यह जानकारी सामने आई है। एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले का दायरा और बड़ा हो सकता है। महाराष्ट्र बना पेपर लीक का सबसे बड़ा केंद्र जांच में पता चला है कि पेपर लीक नेटवर्क का सबसे बड़ा संचालन महाराष्ट्र से हो रहा था। यहीं से कथित “क्वेश्चन बैंक” राजस्थान समेत अन्य राज्यों के छात्रों तक पहुंचाया गया। सीबीआई को महाराष्ट्र और राजस्थान में पेपर के प्रिंट निकालकर बेचने के सबूत मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई लोगों ने प्रश्नपत्र आगे दूसरे छात्रों और अभिभावकों तक भी पहुंचाया, जिससे इसका दायरा काफी बढ़ गया। इसी कारण एजेंसी अभी यह तय नहीं कर पा रही है कि आखिर कितने छात्रों तक पेपर पहुंचा था। पेरेंट्स भी जांच एजेंसी के निशाने पर अब जांच केवल पेपर लीक करने वाले बिचौलियों और मास्टरमाइंड तक सीमित नहीं है। सीबीआई अब उन अभिभावकों की भी पहचान कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर भारी रकम देकर पेपर खरीदा था। एजेंसी उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनसे आरोपी शिवराज मोटेगांवकर, पी.वी. कुलकर्णी और उनकी सहयोगी मनीषा वाघमारे के खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए थे। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ऐसे सभी पेरेंट्स की सूची तैयार कर रही है, जिनके खिलाफ वित्तीय लेन-देन के सबूत मिले हैं। कई टीमें जांच में जुटीं सीबीआई की कई टीमें अलग-अलग स्तर पर जांच में लगी हुई हैं। दो टीमें उन संदिग्ध किरदारों के खिलाफ सबूत जुटा रही हैं, जिनकी भूमिका National Testing Agency (NTA) के बाहर मानी जा रही है। वहीं, तीन अन्य टीमें पेपर खरीदने वाले छात्रों और उनके परिजनों तक पहुंचने की तैयारी कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, 20 मई की रात महाराष्ट्र से कार्रवाई की शुरुआत भी हो चुकी है और जल्द ही दूसरे राज्यों में भी छापेमारी हो सकती है। अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार जांच एजेंसी अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें सबसे ज्यादा सात आरोपी महाराष्ट्र से हैं। सीबीआई का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और डिजिटल डेटा, बैंक ट्रांजैक्शन व कॉल रिकॉर्ड्स की भी जांच की जा रही है। 3 मई को हुई थी परीक्षा, 12 मई को रद्द NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में करीब 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। NTA के अनुसार, 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें मिलने लगी थीं। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। जांच में शुरुआती स्तर पर गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई और री-एग्जाम कराने का फैसला लिया गया। जांच का दायरा बढ़ने की संभावना सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि यह मामला शुरुआती अनुमान से कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है। एजेंसी को शक है कि पेपर लीक नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था और इसमें शिक्षा माफिया, बिचौलियों और प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।  

surbhi मई 22, 2026 0
CBI investigating NEET-UG paper leak case involving huge cash deals, blank cheques and coaching mafia network.
₹5 लाख से ₹50 लाख तक में बेचा गया पेपर, ब्लैंक चेक लेकर करते थे डील

NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच में बड़े खुलासे सामने आए हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के मुताबिक, पेपर लीक गिरोह छात्रों के परिवार की आर्थिक स्थिति देखकर 5 लाख से 50 लाख रुपये तक वसूलता था। बाकी रकम की गारंटी के लिए ब्लैंक चेक और छात्रों के दस्तावेज अपने पास रखे जाते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि मामले में गिरफ्तार महाराष्ट्र के एक कोचिंग संचालक की 8 एकड़ जमीन पर स्कूल और कॉलेज खोलने की योजना थी। आर्थिक स्थिति देखकर तय होती थी कीमत CBI जांच के अनुसार, पेपर की कोई तय कीमत नहीं थी। गिरोह हर परिवार की आर्थिक क्षमता के हिसाब से रकम तय करता था। शुरुआत में केवल टोकन मनी ली जाती थी और पूरी रकम बाद में वसूली जाती थी। डील का तरीका यह था कि परीक्षा के बाद जब आंसर-की जारी हो जाए और यह साबित हो जाए कि दिया गया “क्वेश्चन बैंक” असली पेपर से मेल खाता है, तब बाकी रकम ली जाती थी। हालांकि परीक्षा के बाद कई अभिभावकों ने पैसे देने से इनकार भी किया। उनका कहना था कि फिजिक्स के कुछ सवाल मेल नहीं खा रहे थे। कुछ लोगों ने आधी रकम दी और बाकी रिजल्ट आने के बाद देने की बात कही। खुलासे के वक्त भी जारी थी वसूली जांच एजेंसियों के अनुसार, 8 मई की रात राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कार्रवाई शुरू की थी। उस दौरान भी गिरोह खरीदारों से पैसे वसूलने में लगा हुआ था। सीकर में एक छात्र से पूछताछ के दौरान उसके मोबाइल पर दलाल का फोन आया, जिसमें बाकी पैसे मांगे जा रहे थे। बाद में CBI ने कई छात्रों और आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की, जहां इसी तरह के लेनदेन के सबूत मिले। 8 एकड़ जमीन पर बन रहा था स्कूल-कॉलेज मामले में गिरफ्तार महाराष्ट्र के लातूर स्थित RCC कोचिंग के संचालक शिवराज मोटेगांवकर उर्फ ‘एम सर’ के बारे में जांच में पता चला है कि वह लातूर के खोपेगांव इलाके में 8 एकड़ जमीन पर बड़ा स्कूल और कॉलेज खोलने की तैयारी कर रहा था। वहां बहुमंजिला इमारत का निर्माण तेजी से चल रहा था। CBI अब उसकी फंडिंग, जमीन खरीद और आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर रही है। एजेंसी ने उसकी पत्नी और बेटे से भी पूछताछ की है। 5 आरोपी न्यायिक हिरासत में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी मांगीलाल खटीक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे को 2 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं आरोपी शुभम खैरनार की CBI रिमांड पांच दिन बढ़ा दी गई है। कोर्ट ने मनीषा मांढरे और मोटेगांवकर के हस्ताक्षर के नमूने लेने की भी अनुमति दी है। 21 जून को होगा री-एग्जाम धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को NEET री-एग्जाम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने फर्जी टेलीग्राम चैनलों और सोशल मीडिया पर पेपर लीक को लेकर गलत जानकारी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 23 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। 7 मई को गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया और 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।  

surbhi मई 21, 2026 0
CBI officials escort NEET-UG paper leak accused Manisha Mandhare after court hearing in Delhi.
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI का बड़ा एक्शन, ‘मास्टरमाइंड’ मनीषा मंधारे 14 दिन की हिरासत में

Central Bureau of Investigation ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए NTA पैनलिस्ट और वनस्पति विज्ञान विशेषज्ञ Manisha Mandhare को गिरफ्तार किया है। दिल्ली की Rouse Avenue Court ने रविवार को उन्हें 14 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया। अदालत ने आरोपी को 30 मई 2026 को दोबारा पेश करने का निर्देश दिया है। पेपर लीक साजिश में शामिल होने का आरोप सीबीआई के अनुसार, मनीषा मंधारे ने आरोपी मनीषा वाघमारे और प्रह्लाद विट्ठल राव कुलकर्णी समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर NEET-UG 2026 का प्रश्नपत्र और परीक्षा सामग्री छात्रों तक पहुंचाने की साजिश रची। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क में भारी रकम का लेन-देन हुआ। मंधारे NTA के विशेषज्ञ पैनल का हिस्सा थीं और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल थीं। इसी दौरान उन्हें अंतिम प्रश्न सेट तक पहुंच मिली, जिसे कथित तौर पर बाद में लीक किया गया। मथुरा के होटल से हुई गिरफ्तारी सीबीआई ने आरोपी को उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद डिप्टी एसपी पवन कुमार कौशिक ने उन्हें अदालत में पेश किया। सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक वीके पाठक और लोक अभियोजक दर्शन लाल ने अदालत में दलील दी कि यह मामला एक बड़े संगठित गिरोह से जुड़ा है और कई आरोपी अभी भी फरार हैं। एजेंसी ने कहा कि नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचने के लिए 14 दिनों की हिरासत जरूरी है। अदालत ने माना गंभीर साजिश का मामला विशेष न्यायाधीश कोलेट रश्मी कुजूर ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि जांच से यह एक बड़े संगठित रैकेट का हिस्सा प्रतीत होता है। अदालत ने माना कि कई अन्य सदस्य अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं और उनकी पहचान के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। अदालत ने आदेश में कहा कि “तथ्यों, परिस्थितियों और अपराध की प्रकृति को देखते हुए आरोपी को चिकित्सा परीक्षण के अधीन 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा जाता है।” डिजिटल सबूत और पैसों के लेन-देन की जांच सीबीआई ने अदालत को बताया कि अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी डिजिटल उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और आर्थिक लेन-देन की गहन जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि आरोपी को देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाकर पूछताछ करनी होगी ताकि पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। बचाव पक्ष ने हिरासत का किया विरोध मनीषा मंधारे की ओर से अधिवक्ता करण मान, आकाश चौहान और निखिल सरोहा अदालत में पेश हुए। बचाव पक्ष ने 14 दिन की हिरासत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी 57 वर्ष की हैं, पेशे से लेक्चरर हैं और जांच में सहयोग कर रही हैं। वकीलों ने कहा कि आरोपी पहले ही दो बार जांच में शामिल हो चुकी हैं और उनके घर से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि केवल पुणे ले जाकर पूछताछ करनी है तो इतनी लंबी हिरासत की जरूरत नहीं है। CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग बचाव पक्ष ने अदालत में मामले से संबंधित CCTV फुटेज सुरक्षित रखने की मांग भी उठाई है। अदालत ने इस पर सीबीआई से जवाब मांगा है। देशभर में जारी है जांच NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहल्यानगर से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई इस पूरे संगठित नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।  

surbhi मई 18, 2026 0
Rahul Gandhi and BJP leaders clash over NEET-UG paper leak controversy and student future concerns.
NEET-UG पेपर लीक पर सियासी घमासान तेज, बीजेपी का राहुल गांधी पर पलटवार

Bharatiya Janata Party और Indian National Congress के बीच NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। भाजपा ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर आरोप लगाया है कि उन्होंने लाखों छात्रों के भविष्य से ऊपर “तुच्छ राजनीति” को तरजीह दी है। दरअसल, राहुल गांधी ने NEET-UG पेपर लीक विवाद, CBSE मूल्यांकन प्रक्रिया और तीन-भाषा नीति को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan पर छात्रों को “विफल” करने का आरोप लगाया और प्रधानमंत्री Narendra Modi से लाखों छात्रों का भविष्य “बर्बाद” करने के लिए माफी मांगने की मांग की थी। बीजेपी का जवाब- “छात्रों के भविष्य पर राजनीति” भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता Gaurav Bhatia ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष छात्रों की चिंता करने के बजाय राजनीतिक अवसरवाद में लगा हुआ है। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर छात्रों के भविष्य के बजाय तुच्छ राजनीति को चुना है।” भाटिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस रचनात्मक सुझाव देने की बजाय केवल राजनीतिक नैरेटिव मजबूत करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि दूसरों को जवाबदेही का पाठ पढ़ाने से पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल में हुए पेपर लीक, परीक्षा घोटालों और संस्थागत विफलताओं का जवाब देना चाहिए। “मोदी सरकार ने की त्वरित कार्रवाई” भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि मोदी सरकार ने NEET पेपर लीक मामले में तेजी से कार्रवाई की है और जांच एजेंसियों ने कथित मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में चल रही कार्रवाई यह साबित करती है कि सरकार अपराधियों को संरक्षण नहीं देती। गौरव भाटिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “कांग्रेस की रणनीति छात्रों का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना है।” उन्होंने आगे कहा, “यह कोई लीपापोती नहीं है, न ही चुप्पी। यह निर्णायक और संस्थागत कार्रवाई है।” शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ा राजनीतिक दबाव NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बनी हुई है। विपक्ष लगातार परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है, जबकि केंद्र सरकार और भाजपा दावा कर रही है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति और शिक्षा व्यवस्था दोनों में बड़ा बहस का विषय बना रह सकता है।  

surbhi मई 18, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के नियम बदले, जानिए कब जरूरी होगा NET ?

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0