Nifty 50

Stock market screen showing Sensex and Nifty surge with green upward trend and investor optimism
शेयर बाजार में जोरदार तेजी: निफ्टी 22,900 के पार, सेंसेक्स 2000 अंक उछला, वैश्विक संकेतों से बढ़ा भरोसा

वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिका-ईरान तनाव में संभावित कमी की उम्मीदों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में ही निफ्टी 50 ने 22,900 का अहम स्तर पार कर लिया, जबकि बीएसई सेंसेक्स करीब 2000 अंकों की मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। सुबह 10:03 बजे के आसपास निफ्टी 50 599 अंकों यानी 2.69% की बढ़त के साथ 22,930.50 पर पहुंच गया। वहीं सेंसेक्स 1,988 अंकों की तेजी के साथ 73,935.73 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक संकेतों का बड़ा असर बाजार में इस उछाल की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत हैं। ईरान के शीर्ष नेतृत्व की ओर से युद्ध समाप्त करने की इच्छा जताने और दोनों देशों के बीच बातचीत के संकेतों ने निवेशकों के मन से अनिश्चितता कम की है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के रूप में भी दिख रहा है। एक्सपर्ट की राय Geojit Investments Limited के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति की ‘युद्ध समाप्त करने की तत्परता’ और विदेश मंत्री द्वारा अमेरिका के साथ संदेशों के आदान-प्रदान की पुष्टि इस ओर इशारा करती है कि तनाव जल्द कम हो सकता है। बाजार इस संभावित राहत को पहले ही आंकने लगा है। उन्होंने यह भी कहा कि मार्च सीरीज में बैंक निफ्टी में करीब 17% की भारी गिरावट आई थी, लेकिन अब इस सेक्टर में तेज रिकवरी की संभावना है। खासकर प्राइवेट बैंकिंग शेयर, जो गैर-आधारभूत कारणों से दबाव में थे, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर बन सकते हैं। टैक्स हार्वेस्टिंग और रिकवरी की उम्मीद 30 मार्च को टैक्स हार्वेस्टिंग के चलते कई सेक्टरों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई थी। अब इन्हीं शेयरों में रिकवरी की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे बाजार को और मजबूती मिल सकती है। ग्लोबल मार्केट्स का सपोर्ट मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में जोरदार तेजी दर्ज की गई, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। वॉल स्ट्रीट की तेजी और मध्य-पूर्व तनाव में कमी की उम्मीदों ने निवेशकों के सेंटीमेंट को मजबूत किया है। सोने की कीमतों में भी उछाल देखने को मिला और यह लगभग दो हफ्तों के उच्च स्तर पर पहुंच गई। डॉलर में कमजोरी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयान, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ तनाव जल्द कम हो सकता है, ने गोल्ड को सपोर्ट दिया। एफपीआई बनाम डीआईआई संस्थागत निवेशकों की बात करें तो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सोमवार को 11,163 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 14,895 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।  

surbhi अप्रैल 1, 2026 0
Sensex and Nifty rising with green indicators
शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 300 अंक उछला, निफ्टी 23,650 के पार

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (18 मार्च 2026) को भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। लगातार तीसरे दिन बाजार हरे निशान में खुला, जिससे निवेशकों में उत्साह देखा गया। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में मजबूत बढ़त सुबह 9:16 बजे के आसपास: Nifty 50 23,683 के स्तर पर पहुंच गया, जो करीब 102 अंकों (0.43%) की बढ़त है BSE Sensex 76,389 के स्तर पर रहा, जिसमें 319 अंकों (0.42%) की तेजी दर्ज की गई इससे पहले मंगलवार को भी बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ था। वैश्विक संकेतों से मिला सहारा बाजार की इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय संकेतों का बड़ा योगदान रहा: अमेरिकी बाजारों में बढ़त, खासकर ट्रैवल सेक्टर में खरीदारी एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुख कच्चे तेल की कीमतों में नरमी विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशक अब वैश्विक तनाव के बावजूद स्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं। क्या कहते हैं एक्सपर्ट? वी के विजयकुमार, चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, Geojit Investments Limited के अनुसार: बाजार में अनिश्चितता के बावजूद रिकवरी देखने को मिल रही है कच्चा तेल $120 के पार नहीं गया, इससे राहत मिली आगे बाजार अच्छे और बुरे खबरों पर सीमित प्रतिक्रिया देगा सेक्टर में बदल रहा निवेश का रुख रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक अब कुछ सेक्टरों में अपनी रणनीति बदल रहे हैं: IT और महंगे FMCG से पैसा निकल रहा है टेलीकॉम, फार्मा, डिफेंस और फाइनेंशियल सेक्टर में निवेश बढ़ रहा है इससे टेलीकॉम जैसे सेक्टर में मजबूती देखी जा रही है। FII-DII का अलग-अलग रुख मंगलवार के आंकड़ों के अनुसार: विदेशी निवेशक (FII) ने ₹4,741 करोड़ की बिकवाली की घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) ने ₹5,225 करोड़ की खरीदारी की यानी घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को सपोर्ट दिया। तेल और सोने का हाल कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट अमेरिका में क्रूड स्टॉक बढ़ने के संकेत सोने की कीमतें स्थिर, निवेशक सतर्क आगे क्या रहेगा ट्रेंड? विशेषज्ञों का मानना है कि: बाजार में फिलहाल हल्की सकारात्मक धारणा बनी रह सकती है वैश्विक घटनाओं और फेडरल रिजर्व के फैसले पर नजर रहेगी निवेशक सतर्क रहकर ही निवेश कर रहे हैं

surbhi मार्च 18, 2026 0
Nifty index chart showing sharp decline amid Iran conflict and market volatility.
ईरान तनाव से बाजार पर दबाव: क्या 21,000 तक फिसल सकता है निफ्टी? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

पश्चिम एशिया में जारी ईरान संघर्ष का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखने लगा है। Nifty 50 अपने हालिया उच्च स्तर से तेजी से फिसल चुका है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है कि गिरावट आखिर कहां जाकर थमेगी।   26,350 से गिरकर 23,000 के करीब पहुंचा निफ्टी निफ्टी हाल ही में 26,350 के उच्च स्तर से गिरकर करीब 23,200 तक आ चुका है। यह गिरावट बाजार की मौजूदा कमजोरी और बदलते ट्रेंड का संकेत दे रही है। विशेषज्ञ इसे एक “मीनिंगफुल करेक्शन” यानी गंभीर गिरावट का दौर मान रहे हैं।   21,000–22,000 बन सकता है निचला स्तर मार्केट एक्सपर्ट अभिषेक पारख के मुताबिक, बाजार में गिरावट अक्सर उम्मीद से ज्यादा लंबी चलती है। टेक्निकल चार्ट के आधार पर निफ्टी फिलहाल एक पैरेलल चैनल में ट्रेड कर रहा है, जहां निचला स्तर 21,700–22,000 के आसपास बनता दिख रहा है। अगर यह पैटर्न जारी रहता है, तो इंडेक्स धीरे-धीरे इसी स्तर तक फिसल सकता है और वहीं स्थिर होने की कोशिश करेगा।   डबल टॉप पैटर्न से बढ़ी कमजोरी चार्ट पर 26,350 के आसपास “डबल टॉप” बनने के बाद आई तेज गिरावट ने बाजार के शॉर्ट टर्म ट्रेंड को कमजोर कर दिया है। इसका मतलब है कि किसी भी तेजी में फिलहाल रुकावट आ सकती है।   वैल्यूएशन अभी सस्ते नहीं निफ्टी का P/E रेशियो फिलहाल करीब 20.2 है, जो न तो बहुत महंगा है और न ही पूरी तरह आकर्षक। इतिहास के अनुसार, बाजार का मजबूत बॉटम आमतौर पर 15–19 P/E के बीच बनता है। ऐसे में 21,000–22,000 का स्तर वैल्यूएशन के लिहाज से ज्यादा बेहतर एंट्री जोन बन सकता है।   Fibonacci संकेत भी इसी स्तर की ओर टेक्निकल एनालिसिस में इस्तेमाल होने वाला Fibonacci रिट्रेसमेंट भी इसी दायरे की ओर इशारा कर रहा है: 22,100 (38.2% रिट्रेसमेंट) 20,800 (50% रिट्रेसमेंट) जब अलग-अलग संकेत एक ही स्तर की ओर इशारा करते हैं, तो वहां मजबूत सपोर्ट बनने की संभावना बढ़ जाती है।   FII बिकवाली और महंगा क्रूड बना दबाव बाजार पर दबाव बढ़ाने वाले प्रमुख कारण: विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली कच्चे तेल की कीमतों में तेजी वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता भारत में ऊंची वैल्यूएशन और मजबूत ग्लोबल थीम की कमी (जैसे US में AI रैली) भी बाजार को कमजोर कर रही है।   शॉर्ट टर्म में उछाल, लेकिन जोखिम बरकरार ब्रोकरेज हाउस Centrum Broking के अनुसार, बाजार ओवरसोल्ड जोन में पहुंच रहा है, जिससे बीच-बीच में उछाल (bounce) आ सकता है। हालांकि, इंडिया VIX 20 से ऊपर रहने के कारण वोलैटिलिटी ज्यादा बनी रह सकती है।   निवेशकों के लिए क्या रणनीति? विशेषज्ञों की सलाह है कि: बाजार के बिल्कुल बॉटम को पकड़ने की कोशिश न करें धीरे-धीरे (phased manner) निवेश करें अच्छे फंडामेंटल वाले स्टॉक्स पर फोकस रखें

surbhi मार्च 17, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty falling sharply amid global tensions and investor selling.
सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से 1,000 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के करीब - गिरावट के ये हैं बड़े कारण

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (11 मार्च) को तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। BSE Sensex दिन के उच्च स्तर से करीब 1,000 अंक टूट गया, जबकि Nifty 50 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। करीब 11:38 बजे Sensex 878.12 अंक यानी 1.12% गिरकर 77,327.86 पर था, जबकि Nifty 242.40 अंक यानी लगभग 1% गिरकर 24,019.20 पर ट्रेड कर रहा था। इस दौरान 2,149 शेयरों में तेजी, 1,469 में गिरावट और 179 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया।   बाजार गिरने के प्रमुख कारण 1️. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। 10 मार्च को FIIs ने करीब ₹4,673 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹6,333 करोड़ की खरीदारी की। VK Vijayakumar के अनुसार, पिछले एक साल का पैटर्न फिर दिखाई दे रहा है-FIIs की बिक्री को DIIs की खरीद संतुलित कर रही है।   2️. मुनाफावसूली (Profit Booking) पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में अच्छी तेजी आई थी। Nifty करीब 24,261 पर बंद हुआ था Sensex करीब 78,206 पर इस तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार दबाव में आ गया।   3️. मिडिल ईस्ट तनाव का असर मध्य-पूर्व में तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। खबरों के मुताबिक United States और Israel ने Iran पर बड़े हमले किए हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। साथ ही Donald Trump ने कहा कि यह संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। इससे निवेशक सतर्क बने हुए हैं।   4️. बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में गिरावट बाजार की गिरावट में बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों का बड़ा योगदान रहा। सबसे ज्यादा दबाव इन शेयरों पर रहा: Kotak Mahindra Bank Bajaj Finserv Bajaj Finance SBI Life Insurance Bharti Airtel Tata Consumer Products इसके अलावा HDFC Bank और ICICI Bank भी करीब 1.4% तक गिर गए।   5️. सेक्टोरल दबाव ऑटो, आईटी, एफएमसीजी और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में 0.6% से 1.3% तक गिरावट दर्ज की गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि: स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 0.5% ऊपर रहा मिडकैप इंडेक्स लगभग सपाट रहा   टेक्निकल संकेत Aakash Shah के अनुसार: निफ्टी के लिए 24,100 और 24,000 अहम सपोर्ट लेवल हैं ऊपर की ओर 24,400–24,500 बड़ा रेजिस्टेंस है अगर निफ्टी 24,500 के ऊपर निकलता है तो 24,600–24,700 तक तेजी आ सकती है, जबकि 24,000 के नीचे जाने पर बाजार में अल्पकालिक अस्थिरता बढ़ सकती है।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
Indian stock market crash display showing Sensex and Nifty falling sharply amid Iran war tensions
ईरान युद्ध का असर: शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 2400 से ज्यादा अंक लुढ़का, निफ्टी 24,000 के नीचे

  हफ्ते की शुरुआत भारी गिरावट के साथ सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया। सोमवार सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिससे प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बुरी तरह टूट गए। सुबह करीब 9:27 बजे NIFTY50 746.85 अंक यानी 3.05% गिरकर 23,703.60 पर कारोबार करता दिखा। वहीं BSE सेंसेक्स 2,415.69 अंक यानी 3.06% की बड़ी गिरावट के साथ 76,503.21 के स्तर पर पहुंच गया।   कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बढ़ी चिंता विशेषज्ञों के मुताबिक मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो साल 2022 के बाद पहली बार हुआ है। शुक्रवार को 92.69 डॉलर पर बंद होने के बाद कच्चे तेल में करीब 23% की तेज बढ़त दर्ज की गई। ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालात के कारण आपूर्ति बाधित होने और समुद्री व्यापार मार्गों पर खतरे की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।   विशेषज्ञों ने जताई आगे और उतार-चढ़ाव की आशंका Religare Broking Ltd के रिसर्च प्रमुख अजीत मिश्रा का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक बाहरी कारकों पर निर्भर करेगी। उनके अनुसार: कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति प्रमुख वैश्विक आर्थिक आंकड़े ये सभी कारक बाजार की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। वहीं Enrich Money के CEO पोनमुदी आर का कहना है कि निवेशकों को फिलहाल बाजार में तेज उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। उनके मुताबिक विदेशी निवेशकों के निवेश रुझान और रुपये की चाल भी बाजार के मूड को प्रभावित करेगी।   पिछले हफ्ते भी बाजार रहा दबाव में पिछले सप्ताह भी भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहा था। उस दौरान सेंसेक्स 2,368.29 अंक यानी 2.91% गिरा निफ्टी 728.2 अंक यानी 2.89% टूट गया इसके अलावा विदेशी निवेशकों ने भी भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाला। बीते चार कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने करीब 21,000 करोड़ रुपये की बिकवाली की।   एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट मध्य पूर्व संकट का असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा। एशिया के कई प्रमुख शेयर बाजारों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स करीब 700 अंक यानी 2.7% टूट गया जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 3,880 अंक गिरकर 51,740 के आसपास पहुंच गया दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स भी करीब 7% लुढ़क गया   निवेशकों की नजरें अब इन कारकों पर आने वाले दिनों में निवेशकों की नजरें मुख्य रूप से इन बातों पर रहेंगी: मध्य पूर्व में जारी संघर्ष की स्थिति कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री वैश्विक बाजारों का रुख विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।  

surbhi मार्च 9, 2026 0
Indian stock market screen showing Sensex and Nifty falling with red indicators during trading session.
शेयर बाजार में फिर गिरावट: सेंसेक्स 400 अंक टूटा, निफ्टी 24,600 के नीचे; रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव

बाजार में लाल निशान, सेंसेक्स-निफ्टी में तेज गिरावट शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में फिर से गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 400 से ज्यादा अंक गिरकर 80,000 के स्तर से और दूर चला गया, जबकि निफ्टी करीब 100 अंक टूटकर 24,650 के आसपास पहुंच गया। बाजार की इस कमजोरी की बड़ी वजह वैश्विक संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी मानी जा रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 86 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जबकि यूएस क्रूड 81 डॉलर प्रति बैरल के पार बंद हुआ।   निफ्टी के लिए 24,500 का स्तर अहम विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,500 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट बना हुआ है। अगर यह स्तर टूटता है तो बाजार में और गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं बैंकिंग इंडेक्स निफ्टी बैंक अभी 60,000 के लक्ष्य से दूर दिखाई दे रहा है। फिलहाल इसे 59,000 और फिर 58,500 के स्तर को बचाने की चुनौती है।   रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट शुक्रवार को निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में लगभग 2% की गिरावट दर्ज की गई। इस सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव Godrej Properties के शेयरों पर दिखा, जो करीब 3% तक गिरकर निफ्टी-50 के टॉप लूजर बन गए।   इन तीन शेयरों में दिख रहा निवेश का मौका ब्रोकरेज फर्म JM Financial के विश्लेषक राहुल शर्मा के अनुसार बाजार की मौजूदा कमजोरी के बीच कुछ मजबूत कंपनियों के शेयर अच्छे स्तरों पर आ गए हैं। उन्होंने तीन कंपनियों को वैल्यू पिक बताया है: Larsen & Toubro State Bank of India Titan Company उनका मानना है कि हाल की गिरावट के कारण इन कंपनियों के शेयर महत्वपूर्ण टेक्निकल सपोर्ट के करीब पहुंच गए हैं।   इन शेयरों में तेज हलचल आज बाजार में कुछ शेयरों में खास हलचल देखने को मिली: DCX Systems के शेयर 10% से ज्यादा उछले, क्योंकि कंपनी को Hindustan Aeronautics Limited से ₹68.05 करोड़ का ऑर्डर मिला है। Cochin Shipyard और अन्य शिपिंग कंपनियों के शेयरों में भी तेजी देखी गई। Solar Industries India के शेयर इस हफ्ते लगभग 17% तक चढ़ गए। रक्षा क्षेत्र की मजबूती के कारण Garden Reach Shipbuilders & Engineers और Bharat Dynamics Limited के शेयरों में भी तेजी बनी रही।   ED की कार्रवाई से रिलायंस पावर चर्चा में इस बीच Reliance Power से जुड़ी कंपनियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि Anil Ambani से जुड़ी कंपनियों पर 10–12 स्थानों पर कार्रवाई की गई, जिसके कारण यह शेयर भी फोकस में रहा।   रुपये में मामूली मजबूती डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा में हल्की मजबूती दर्ज की गई। रुपया 2 पैसे मजबूत होकर 91.62 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। यह मजबूती उस खबर के बाद आई जब अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट दी, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में दबाव कुछ कम हुआ।   आईटी सेक्टर में जल्द आ सकता है उछाल विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में आईटी शेयरों में आई भारी गिरावट के बाद अब रिकवरी की संभावना बन सकती है।  

surbhi मार्च 6, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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surbhi मार्च 31, 2026 0