petrol diesel news

petrol price hike
देश में पेट्रोल-डीजल 90 पैसे और हुए महंगे, 5 दिन में दूसरी बार बढ़ोतरी

नई दिल्ली, एजेंसियां। देश में पेट्रोल और डीजल आज 19 मई मंगलवार से 90 पैसे प्रति लीटर और महंगे हो गये हैं। एक हफ्ते से भी कम समय में ईंधन के दामों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 15 मई, शुक्रवार को ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं… मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे। खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी। बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। बेस प्राइस से चार गुना तक बढ़ जाती है कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की स्थिति के आधार पर देश में ईंधन के दाम तय किए जाते हैं। सरकारी तेल कंपनियां 'डेली प्राइस रिवीजन' यानी डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत हर दिन सुबह 6 बजे नए रेट अपडेट करती हैं। उपभोक्ता तक पहुंचने से पहले तेल की कीमतों में कई तरह के टैक्स और खर्च जुड़ते हैं।

Anjali Kumari मई 19, 2026 0
Fuel station worker refilling petrol as fuel prices rise again across major Indian cities.
फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, 5 दिनों में दूसरी बढ़ोतरी; जानें आपके शहर में नई कीमतें

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। पिछले पांच दिनों में यह दूसरी बार है जब तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। ताजा बढ़ोतरी के बाद आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। महानगरों में पेट्रोल-डीजल के नए दाम मुंबई देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 91 पैसे महंगा होकर 107.59 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। कोलकाता कोलकाता में पेट्रोल की कीमत में सबसे अधिक 96 पैसे की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां पेट्रोल अब 109.70 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं डीजल 94 पैसे महंगा होकर 96.07 रुपये प्रति लीटर हो गया है। चेन्नई चेन्नई में पेट्रोल 82 पैसे बढ़कर 104.49 रुपये प्रति लीटर हो गया, जबकि डीजल की कीमत 86 पैसे बढ़ने के बाद 96.11 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। 15 मई को भी बढ़े थे दाम इससे पहले 15 मई को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की थी। उस समय दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया था। उसी दिन अन्य महानगरों में भी ईंधन की कीमतों में तेज उछाल देखा गया था। कोलकाता में पेट्रोल 108.74 रुपये, मुंबई में 106.68 रुपये और चेन्नई में 103.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था। वहीं डीजल की कीमत कोलकाता में 95.13 रुपये, मुंबई में 93.14 रुपये और चेन्नई में 95.25 रुपये प्रति लीटर हो गई थी। आम लोगों पर बढ़ेगा असर लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का सीधा असर आम जनता की दैनिक जिंदगी पर पड़ सकता है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है, जिसका असर खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।  

surbhi मई 19, 2026 0
Petrol and diesel prices updated at fuel station boards across Indian cities on 7 May 2026
तेल का खेल: कहीं महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, तो कहीं मिली राहत, जानें 7 मई 2026 के नए रेट

7 मई 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अलग-अलग राज्यों के टैक्स ढांचे की वजह से कई शहरों में फ्यूल के दाम बदल गए हैं। Uttar Pradesh, Bihar और Jharkhand के कई शहरों में आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी और गिरावट दोनों देखने को मिली। जहां Patna और Ranchi में तेल महंगा हुआ है, वहीं Lucknow और Dhanbad के लोगों को थोड़ी राहत मिली है। पेट्रोल के नए रेट्स आज पेट्रोल की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी पटना में दर्ज की गई, जहां दाम 51 पैसे बढ़ गए। दूसरी ओर लखनऊ में पेट्रोल 12 पैसे सस्ता हुआ है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े महानगरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। 7 मई 2026 पेट्रोल रेट्स शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव Lucknow ₹94.57 ₹94.69 ₹0.12 सस्ता Noida ₹94.90 ₹94.88 ₹0.02 महंगा Patna ₹105.74 ₹105.23 ₹0.51 महंगा Gaya ₹106.31 ₹106.28 ₹0.03 महंगा Muzaffarpur ₹106.19 ₹106.19 कोई बदलाव नहीं Bhagalpur ₹106.02 ₹106.21 ₹0.19 सस्ता Ranchi ₹98.20 ₹97.86 ₹0.34 महंगा Deoghar ₹97.60 ₹97.64 ₹0.04 सस्ता Dhanbad ₹97.82 ₹97.93 ₹0.11 सस्ता Jamshedpur ₹97.80 ₹97.80 स्थिर Delhi ₹94.77 ₹94.77 स्थिर Mumbai ₹103.50 ₹103.50 स्थिर Bhopal ₹106.35 ₹106.63 ₹0.28 सस्ता Kolkata ₹105.45 ₹105.41 ₹0.04 महंगा Bengaluru ₹102.96 ₹102.92 ₹0.04 महंगा Gurugram ₹95.51 ₹95.65 ₹0.14 सस्ता Chennai ₹100.90 ₹100.90 स्थिर डीजल की कीमतों में भी बदलाव डीजल के दामों में भी बिहार और झारखंड के कई शहरों में तेजी देखी गई है। पटना में डीजल 48 पैसे महंगा हो गया, जबकि धनबाद में 12 पैसे की गिरावट दर्ज हुई। दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। 7 मई 2026 डीजल रेट्स शहर आज का रेट कल का रेट बदलाव Lucknow ₹87.67 ₹87.81 ₹0.14 सस्ता Noida ₹88.01 ₹87.98 ₹0.03 महंगा Patna ₹91.97 ₹91.49 ₹0.48 महंगा Gaya ₹92.50 ₹92.48 ₹0.02 महंगा Muzaffarpur ₹92.37 ₹92.37 स्थिर Bhagalpur ₹92.21 ₹92.39 ₹0.18 सस्ता Ranchi ₹92.97 ₹92.62 ₹0.35 महंगा Deoghar ₹92.29 ₹92.34 ₹0.05 सस्ता Dhanbad ₹92.57 ₹92.69 ₹0.12 सस्ता Jamshedpur ₹92.55 ₹92.55 स्थिर Delhi ₹87.67 ₹87.67 स्थिर Mumbai ₹90.03 ₹90.03 स्थिर Bhopal ₹91.74 ₹91.99 ₹0.25 सस्ता Kolkata ₹92.02 ₹92.02 स्थिर Bengaluru ₹90.99 ₹90.99 स्थिर Gurugram ₹87.97 ₹88.10 ₹0.13 सस्ता Chennai ₹92.48 ₹92.48 स्थिर विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की चाल और सरकार की टैक्स नीति के आधार पर फ्यूल की कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।  

surbhi मई 7, 2026 0
Fuel station display showing updated petrol and diesel prices with vehicles waiting at pump
कहीं राहत तो कहीं आफत: 4 मई 2026 को पेट्रोल-डीजल के दामों में मिला-जुला असर, जानिए आपके शहर का ताजा रेट

देशभर में 4 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी हो गई हैं। तेल कंपनियों द्वारा जारी इन दरों में बड़े महानगरों में स्थिरता देखने को मिली है, जबकि राज्य स्तर पर टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन लागत के कारण कई शहरों में कीमतों में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। खासतौर पर बिहार और झारखंड के शहरों में आज अलग-अलग ट्रेंड देखने को मिला–कहीं राहत, तो कहीं महंगाई ने जेब पर बोझ बढ़ाया है। बिहार में राहत, झारखंड में बढ़े दाम पटना और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमतों में करीब 37–38 पैसे की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली है। वहीं रांची और जमशेदपुर में पेट्रोल के दाम बढ़े हैं, जिससे वहां के वाहन चालकों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। दूसरी ओर नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे महानगरों में आज भी कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। पेट्रोल के ताजा रेट (4 मई 2026) पटना – ₹105.23 (↓ 0.37) मुजफ्फरपुर – ₹105.98 (↓ 0.38) भागलपुर – ₹106.40 (कोई बदलाव नहीं) गया – ₹106.61 (कोई बदलाव नहीं) लखनऊ – ₹94.73 (↑ 0.04) नोएडा – ₹94.77 (↓ 0.13) रांची – ₹98.17 (↑ 0.31) जमशेदपुर – ₹98.31 (↑ 0.51) नई दिल्ली – ₹94.72 (स्थिर) मुंबई – ₹103.44 (स्थिर) डीजल में भी मिला-जुला असर डीजल की कीमतों में भी आज अलग-अलग शहरों में अलग रुझान देखने को मिला। पटना में डीजल 35 पैसे सस्ता होकर ₹91.49 प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं झारखंड के शहरों में इसकी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डीजल के ताजा रेट (4 मई 2026) पटना – ₹91.49 (↓ 0.35) मुजफ्फरपुर – ₹92.17 (↓ 0.36) भागलपुर – ₹92.57 (स्थिर) गया – ₹92.78 (स्थिर) लखनऊ – ₹87.86 (↑ 0.05) नोएडा – ₹87.89 (↓ 0.12) रांची – ₹92.93 (↑ 0.31) जमशेदपुर – ₹93.05 (↑ 0.50) नई दिल्ली – ₹87.62 (स्थिर) मुंबई – ₹89.97 (स्थिर) क्यों बदलते हैं रोज दाम? पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, रुपये-डॉलर विनिमय दर, राज्य सरकारों के टैक्स और माल ढुलाई लागत के आधार पर तय होती हैं। यही वजह है कि हर शहर में रेट अलग-अलग होते हैं।  

surbhi मई 4, 2026 0
Fuel station display showing updated petrol and diesel prices across Indian cities on May 2, 2026
Petrol Diesel Price Today 2 May 2026: पटना में बढ़े दाम, गया में मिली राहत – जानिए आपके शहर का रेट

देशभर में 2 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी कर दी गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और स्थानीय टैक्स के असर से अलग-अलग शहरों में दामों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। जहां कुछ शहरों में राहत मिली है, वहीं कई जगह कीमतों में बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। बड़े शहरों में क्या है हाल? राजधानी New Delhi और Mumbai जैसे महानगरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल: 94.77 रुपये/लीटर मुंबई में पेट्रोल: 103.54 रुपये/लीटर बिहार में मिला-जुला असर Patna में पेट्रोल 19 पैसे बढ़कर 105.42 रुपये/लीटर हो गया है, जबकि डीजल 18 पैसे बढ़कर 91.67 रुपये/लीटर पहुंच गया है। वहीं Gaya में लोगों को राहत मिली है– पेट्रोल 50 पैसे घटकर 106.11 रुपये/लीटर डीजल 47 पैसे घटकर 92.31 रुपये/लीटर इसके अलावा भागलपुर में भी गिरावट दर्ज की गई, जबकि मुजफ्फरपुर में कीमतें बढ़ी हैं। झारखंड और यूपी में भी बदलाव Dhanbad में पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम बढ़े हैं, जबकि Ranchi में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। Lucknow में पेट्रोल और डीजल दोनों में हल्की राहत मिली है, जबकि Noida में मामूली बढ़ोतरी हुई है। अन्य शहरों का हाल Bhopal में पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि Kolkata में कीमतें स्थिर हैं। क्यों बदलते हैं दाम? पेट्रोल-डीजल की कीमतें रोजाना अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों, रुपये-डॉलर विनिमय दर और राज्य सरकारों के टैक्स के आधार पर तय होती हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।  

surbhi मई 2, 2026 0
Petrol and diesel prices remain unchanged in India despite post-election hike rumours and crude oil volatility
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बड़ा अपडेट: चुनाव के बाद भी नहीं बढ़ेंगे दाम, सरकार ने किया साफ इनकारपे

ट्रोल-डीजल रेट में बदलाव नहीं देश में विधानसभा चुनावों की वोटिंग समाप्त होने से ठीक पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर फैली अटकलों पर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल ईंधन की कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है। चुनाव के बाद भी दाम बढ़ने की अटकलों पर विराम सरकारी बयान के अनुसार, 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में मतदान समाप्त होने के बाद भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार अस्थिर बनी हुई हैं, जिसके कारण पहले से ही बाजार में चिंता का माहौल है। अफवाहों पर सरकार की चेतावनी पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, कुछ राज्यों में कीमत बढ़ने की अफवाहों के चलते लोगों ने पैनिक बाइंग शुरू कर दी थी। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार– कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं कुछ जगहों पर मांग 30% से ज्यादा बढ़ गई सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की तेल कंपनियों पर बढ़ता आर्थिक दबाव सरकारी तेल कंपनियां मौजूदा दरों पर भारी नुकसान झेल रही हैं। अनुमानित दैनिक घाटा करीब ₹2,400 करोड़ पेट्रोल पर लगभग ₹20 प्रति लीटर का नुकसान डीजल पर करीब ₹100 प्रति लीटर तक का घाटा इसके बावजूद सरकार ने कीमतें स्थिर रखी हैं। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल पिछले दो महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 50% से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में तनाव और सप्लाई बाधाओं के कारण तेल बाजार प्रभावित हुआ है, जिससे कीमतें 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। 2022 से स्थिर हैं खुदरा ईंधन के दाम भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें अप्रैल 2022 से लगभग स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल: ₹94.77 प्रति लीटर डीजल: ₹87.67 प्रति लीटर हालांकि अंतरराष्ट्रीय कीमतों और घरेलू रेट के बीच अंतर लगातार बढ़ रहा है। सरकार ने क्या कहा? पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में फिलहाल पर्याप्त ईंधन स्टॉक मौजूद है। पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त भंडार आपूर्ति व्यवस्था सामान्य किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं सरकार ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से इनकार कर दिया है, लेकिन वैश्विक बाजार और तेल कंपनियों के घाटे को देखते हुए आगे स्थिति पर नजर बनी रहेगी। फिलहाल आम जनता को राहत जरूर मिली है, लेकिन तेल बाजार की अस्थिरता चिंता का कारण बनी हुई है।  

surbhi अप्रैल 29, 2026 0
Long queues at petrol pumps in Prayagraj and Hyderabad due to fuel shortage rumors
पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों के बीच हकीकत: प्रयागराज से हैदराबाद तक पंपों पर भीड़, सरकार ने कहा—सप्लाई पूरी तरह सामान्य

देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। प्रयागराज से लेकर हैदराबाद तक लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है, जिससे पेट्रोल-डीजल की कमी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन आशंकाओं को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन और रसोई गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। अफवाहों से बढ़ी भीड़, सरकार ने की अपील सरकार के अनुसार, सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के कारण लोग घबराहट में पेट्रोल-डीजल भरवा रहे हैं और एलपीजी की पैनिक बुकिंग कर रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक भीड़ न लगाएं। अधिकारियों का कहना है कि देश की सभी रिफाइनरी पर्याप्त कच्चे तेल के भंडार के साथ पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और सप्लाई चेन पूरी तरह सुचारू है।   PNG कनेक्शन पर सरकार का बड़ा फैसला सरकार ने एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। जिन क्षेत्रों में PNG उपलब्ध है, वहां एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई सीमित की जा सकती है ग्राहकों को नोटिस देकर 3 महीने में PNG कनेक्शन लेना अनिवार्य किया जा सकता है आवासीय क्षेत्रों में 3 दिन के भीतर PNG कनेक्शन देने का निर्देश गैस एजेंसियों को 48 घंटे में कनेक्शन देने की बाध्यता इस कदम का उद्देश्य गैस वितरण प्रणाली को अधिक सुचारू और सुरक्षित बनाना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी राहत होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े हालात में भी सुधार हुआ है। ईरान ने भारत सहित कई देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दे दी है। इससे खाड़ी देशों से भारत को तेल और गैस की सप्लाई में किसी बड़े संकट की आशंका फिलहाल टल गई है।   कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई बढ़ी, कार्रवाई भी तेज होटल और रेस्टोरेंट के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई 50% तक बढ़ाई गई पैनिक बुकिंग 85 लाख से घटकर 50-55 लाख पर आई जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ 2700 से अधिक छापे 2000 सिलेंडर जब्त, 155 गिरफ्तारियां सरकार का कहना है कि हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।  

kalpana मार्च 26, 2026 0
Petrol pumps in India with normal fuel supply as companies deny shortage rumors amid global tensions
पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों पर तेल कंपनियों का बयान, कहा- देश में पर्याप्त स्टॉक

अमेरिका-ईरान युद्ध और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में रुकावटों के बीच देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर भारतीय तेल कंपनियों ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। भारत पेट्रोलियम (BPCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और इंडियन ऑयल (IOC) ने इन खबरों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। कंपनियों ने क्या कहा? तेल कंपनियों ने संयुक्त रूप से कहा: देश में पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है सप्लाई चेन सामान्य रूप से काम कर रही है लोगों को घबराकर खरीदारी करने की कोई जरूरत नहीं BPCL का बयान भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने कहा कि: पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरें पूरी तरह गलत हैं कंपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही है ईंधन की निर्बाध आपूर्ति जारी है HPCL ने भी किया साफ हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने ग्राहकों से अपील की: “देश में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य खपत जारी रखें।” क्यों फैली अफवाह? 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद: खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बने हॉर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई तेल और गैस टैंकरों में देरी की खबरें आईं इसी के चलते लोगों में ईंधन संकट की आशंका बढ़ने लगी। सरकार और पीएम का संकेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संसद में कहा था कि: खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है इसके “गंभीर परिणाम” हो सकते हैं हालांकि, फिलहाल देश में सप्लाई सामान्य बनी हुई है। क्या करें उपभोक्ता? अफवाहों पर भरोसा न करें घबराकर ज्यादा ईंधन खरीदने से बचें सामान्य तरीके से ही उपयोग जारी रखें

surbhi मार्च 25, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0