Prabhudas Lilladher

Power Grid Corporation transmission lines and infrastructure highlighting growth outlook and brokerage target upgrade
Power Grid पर ब्रोकरेज का भरोसा बरकरार: ‘BUY’ रेटिंग के साथ 348 रुपये का नया टारगेट

पावर सेक्टर की दिग्गज कंपनी Power Grid Corporation of India (PWGR) पर ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने अपनी सकारात्मक राय दोहराई है। कंपनी के मैनेजमेंट के साथ बिजनेस अपडेट के बाद ब्रोकरेज ने स्टॉक पर ‘BUY’ रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट प्राइस बढ़ाकर 348 रुपये कर दिया है, जो पहले 324 रुपये था। कैपेक्स और कैपिटलाइजेशन गाइडेंस में बढ़ोतरी Power Grid Corporation of India ने FY26 के लिए अपने कैपेक्स गाइडेंस को बढ़ाकर 350 अरब रुपये से ज्यादा कर दिया है, जो पहले 320 अरब रुपये था। वहीं, कैपिटलाइजेशन गाइडेंस भी 220 अरब रुपये से बढ़ाकर 250 अरब रुपये से अधिक कर दिया गया है। कंपनी ने FY27 और FY28 के लिए क्रमशः 370 अरब और 450 अरब रुपये से अधिक कैपेक्स का अनुमान बरकरार रखा है। आने वाले दो वर्षों में करीब 650 अरब रुपये तक कैपिटलाइजेशन की संभावना जताई गई है, जो नए प्रोजेक्ट्स मिलने से और बढ़ सकती है। मजबूत ऑर्डर बुक और बड़े अवसर ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी करीब 15 लाख करोड़ रुपये (INR 15 ट्रिलियन) के ट्रांसमिशन सेक्टर के बड़े अवसर का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। इससे हर साल 600-700 अरब रुपये का प्रोजेक्ट पाइपलाइन तैयार हो सकता है। यह मजबूत ऑर्डर बुक कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ को सपोर्ट करती है। जमीन अधिग्रहण और ROW चुनौतियों में राहत कंपनी के लिए एक बड़ा सकारात्मक बदलाव यह है कि राइट ऑफ वे (ROW) से जुड़ी समस्याएं अब काफी हद तक कम हो गई हैं। सरकार द्वारा 30-60% तक मार्केट-लिंक्ड मुआवजा फ्रेमवर्क लागू करने से जमीन अधिग्रहण आसान हुआ है और विवादों में कमी आई है। साथ ही, कंपनी ने डेडिकेटेड ROW टीम्स और स्पेशलाइज्ड एक्सपर्टीज के जरिए प्रोजेक्ट एक्सीक्यूशन को और मजबूत किया है। ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार SPV (Special Purpose Vehicle) स्ट्रक्चर को भी सरल बनाया जा रहा है। 19 SPV को घटाकर 2 में समाहित किया गया है और आगे भी मर्जर की योजना है। इससे गवर्नेंस बेहतर होगी, कैपिटल एलोकेशन अधिक प्रभावी बनेगा और कंपनी की स्केलेबिलिटी बढ़ेगी। फाइनेंशियल आउटलुक और वैल्यूएशन Prabhudas Lilladher ने FY27 और FY28 के लिए EPS अनुमान में करीब 1% की बढ़ोतरी की है। स्टॉक को FY28 बुक वैल्यू के 2.8 गुना पर वैल्यू करते हुए 348 रुपये का टारगेट दिया गया है। साथ ही, FY27-28 के दौरान 3-4% का डिविडेंड यील्ड भी निवेशकों को आकर्षित कर सकता है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? ब्रोकरेज का मानना है कि Power Grid Corporation of India मजबूत ऑर्डर बुक, बढ़ते कैपेक्स और बेहतर एक्सीक्यूशन के दम पर आने वाले वर्षों में स्थिर ग्रोथ दिखा सकती है। ऐसे में यह स्टॉक मिड-टू-लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक बना हुआ है।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
Paradeep Phosphates plant and fertilizer production showcasing growth outlook and brokerage target upgrade
Paradeep Phosphates पर ‘Accumulate’ रेटिंग: 120 रुपये का टारगेट, लंबी अवधि में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद

ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Paradeep Phosphates Limited (PPL) पर कवरेज की शुरुआत करते हुए ‘Accumulate’ रेटिंग दी है और 120 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह वैल्यूएशन FY28 के अनुमानित EPS के 10 गुना पर आधारित है। ग्रोथ की मजबूत रणनीति रिपोर्ट के अनुसार, PPL भारत के केमिकल सेक्टर में इंपोर्ट सब्स्टीट्यूशन के बड़े अवसर का फायदा उठाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी बैकवर्ड इंटीग्रेशन, प्रोडक्ट मिक्स में सुधार और क्षमता विस्तार के जरिए अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। कंपनी फॉस्फोरिक और सल्फ्यूरिक एसिड की क्षमता में क्रमशः 57% और 100% तक विस्तार कर रही है और FY29 तक पूरी तरह बैकवर्ड इंटीग्रेशन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव, DAP पर निर्भरता कम Paradeep Phosphates Limited अब अपने पोर्टफोलियो को हाई-वैल्यू कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइजर्स की ओर शिफ्ट कर रही है। इससे DAP (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) पर निर्भरता कम होगी और मार्जिन में सुधार की संभावना बढ़ेगी। साथ ही, कंपनी अपनी कुल फर्टिलाइजर क्षमता को बढ़ाकर FY29 तक लगभग 5.0 मिलियन टन प्रति वर्ष (mmtpa) करने की योजना पर काम कर रही है। MCFL मर्जर से मिलेगा फायदा रिपोर्ट में कहा गया है कि MCFL (Mangalore Chemicals & Fertilizers Limited) के साथ प्रस्तावित मर्जर से कंपनी की दक्षिण भारत में मौजूदगी और मजबूत होगी। इससे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और बाजार हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है। शॉर्ट टर्म में दबाव, लेकिन लॉन्ग टर्म में तेजी हालांकि कच्चे माल की ऊंची कीमतें निकट भविष्य में मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस, बढ़ती क्षमता और मर्जर से मिलने वाले सिनर्जी लाभ कंपनी की आय को मध्यम अवधि में मजबूत बनाएंगे। वित्तीय अनुमान Prabhudas Lilladher के मुताबिक FY25 से FY28 के बीच: Revenue CAGR: ~10% EBITDA CAGR: ~18% PAT CAGR: ~23% वर्तमान बाजार मूल्य (CMP) पर स्टॉक FY28 के अनुमानित EPS के लगभग 9 गुना और EV/EBITDA के 6 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो इसे आकर्षक वैल्यूएशन पर रखता है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? ब्रोकरेज का मानना है कि Paradeep Phosphates Limited में मौजूदा स्तर पर धीरे-धीरे निवेश (Accumulate) करना समझदारी हो सकती है, खासकर उन निवेशकों के लिए जो मिड-टू-लॉन्ग टर्म ग्रोथ की तलाश में हैं।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
Nazara Technologies stock chart showing buy rating and growth potential after BT Games and BP Systems acquisition
Nazara Technologies पर ‘BUY’ कॉल: ₹336 का टारगेट, नए अधिग्रहण से बढ़ेगी ग्रोथ

BT Games और BP Systems डील से मजबूत होगा गेमिंग बिजनेस, ब्रोकरेज ने रेटिंग अपग्रेड की घरेलू गेमिंग कंपनी Nazara Technologies को लेकर ब्रोकरेज हाउस Prabhudas Lilladher ने सकारात्मक रुख अपनाया है। फर्म ने स्टॉक को ‘HOLD’ से अपग्रेड कर ‘BUY’ कर दिया है और इसका टारगेट प्राइस ₹336 तय किया है, जो पहले ₹276 था। अधिग्रहण से मिलेगा बड़ा फायदा ब्रोकरेज के मुताबिक, BT Games (गेम डेवलपमेंट) और BP Systems (यूजर एक्विजिशन प्लेटफॉर्म) का संयोजन कंपनी के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है। BT Games के पास 17 कैजुअल गेम्स का पोर्टफोलियो है BP Systems यूजर्स को जोड़ने और बढ़ाने में मदद करता है इन दोनों के साथ आने से कंपनी को बेहतर यूजर एंगेजमेंट और कमाई (मॉनिटाइजेशन) के नए अवसर मिलेंगे। चरणबद्ध निवेश से कम होगा जोखिम रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी पूरी हिस्सेदारी एक साथ नहीं ले रही है। 50% हिस्सेदारी 2028 तक चरणबद्ध तरीके से खरीदी जाएगी लगभग 98 मिलियन डॉलर का ‘अर्न-आउट’ इंसेंटिव रखा गया है इससे कंपनी पर एक बार में ज्यादा वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा और जोखिम भी नियंत्रित रहेगा। अगले 2 साल में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद ब्रोकरेज का अनुमान है कि BT Games और BP Systems मिलकर अगले दो वर्षों में- रेवेन्यू में 15% CAGR EBITDA में 20% CAGR की ग्रोथ दर्ज कर सकते हैं। वैल्यूएशन और टारगेट ब्रोकरेज ने कंपनी के कैजुअल गेमिंग बिजनेस का वैल्यूएशन FY28 के अनुमान के आधार पर किया है। EV(Sales): 1.5 गुना EV(EBITDA): 7.6 गुना इन्हीं आधारों पर ₹336 का नया टारगेट प्राइस तय किया गया है।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
Apar Industries brokerage rating update highlighting target price ₹9629
Apar Industries पर Prabhudas Lilladher की नई राय: ₹9629 टारगेट, ‘BUY’ से घटाकर ‘Accumulate’ रेटिंग

ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Apar Industries को लेकर अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है। कंपनी के मैनेजमेंट से बातचीत के बाद ब्रोकरेज ने शेयर पर ₹9,629 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है, लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए रेटिंग को ‘BUY’ से घटाकर ‘Accumulate’ कर दिया है।   US-Iran तनाव का सीमित असर, लेकिन जोखिम बरकरार रिपोर्ट के मुताबिक, US-Iran तनाव का कंपनी पर सीधा असर फिलहाल सीमित है, क्योंकि मिडिल ईस्ट से कंपनी की कमाई का हिस्सा केवल 6–7% के आसपास है। हालांकि, स्थिति बिगड़ने पर शिपिंग लागत, बीमा खर्च और कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।   मजबूत डिमांड और 10% वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान कंपनी का अनुमान है कि करीब 10% तक बिक्री (वॉल्यूम) बढ़ सकती है, खासकर कंडक्टर सेगमेंट में। यह बढ़त बेहतर और महंगे प्रोडक्ट, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और अमेरिका में बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने व रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ती मांग की वजह से होगी।   केबल बिजनेस बना ग्रोथ का बड़ा इंजन Apar Industries का केबल बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है। करीब 20% से ज्यादा सालाना ग्रोथ (YoY) का अनुमान मीडियम टर्म में ~11% EBITDA मार्जिन लगभग ₹8000 करोड़ के कैपेक्स से विस्तार बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और ऑपरेटिंग लीवरेज से इस सेगमेंट में और तेजी की उम्मीद है।   डेटा सेंटर सेक्टर से नई संभावनाएं रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि डेटा सेंटर सेक्टर कंपनी के लिए नया ग्रोथ ड्राइवर बन सकता है। किसी भी डेटा सेंटर प्रोजेक्ट में केबल्स का हिस्सा 4–5% तक होता है, जिससे आने वाले समय में मांग और बढ़ सकती है।   P/E वैल्यूएशन और टारगेट स्टॉक फिलहाल FY27 और FY28 के अनुमानित मुनाफे पर क्रमशः 31 गुना  और 26 गुना  के P/E पर ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज ने अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट के लिए वैल्यूएशन इस तरह रखा है: कंडक्टर: 34 गुना  केबल्स: 34 गुना  स्पेशलिटी ऑयल्स: 12 गुना  इन सबके आधार पर SoTP (Sum of the Parts) मॉडल से ₹9,629 का टारगेट प्राइस तय किया गया है।   निवेशकों के लिए क्या संकेत? ब्रोकरेज के अनुसार, लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ कहानी मजबूत बनी हुई है, लेकिन मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ‘Accumulate’ रेटिंग का मतलब है कि निवेशक गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी कर सकते हैं।  

surbhi मार्च 17, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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surbhi मार्च 31, 2026 0