Ranchi police

Aditi Pandey Missing News
रांची से गायब बच्ची अदिति का पता बताने वाले को 1 लाख का इनाम

रांची। रांची के कोकर से गायब मासूम बच्ची अदिति पांडे का पता बताने वाले को रांची पुलिस इनाम देगी। इसकी घोषणा रांची पुलिस ने की है। इनाम की राशि एक लाख रूपये रखी गई है। 18 महीने की अदिति पांडेय सदर थाना क्षेत्र के कोकर स्थित खोरहा टोली से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। इस घटना के बाद से बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस की ओर से जारी सूचना के अनुसार जो भी व्यक्ति इस बच्ची के संबंध में सही जानकारी देगा, उसे रांची पुलिस की ओर से एक लाख रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।   गोपनीय रखी जायेगी सूचना पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी भी नागरिक को इस बच्ची के बारे में कोई भी सुराग या जानकारी मिले, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। प्रशासन ने यह भरोसा दिलाया है कि जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी।   किसी को भी बच्ची के बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी थाना क्षेत्र या संबंधित पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर किया जा सकता है। ये नंबर हैं.. 9431706136/9431706137 या सदर डीएसपी 9431102090 और सदर थाना प्रभारी 9431706160 में संपर्क कर सकते है।

abhishek singh जून 17, 2026 0
Gangster Prince Khan
फिर गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम पर रांची के होटल कारोबारी से मांगी 50 लाख की रंगदारी

रांची। राजधानी रांची में एक बार फिर गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम पर रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। शहर के प्रसिद्ध जलजोगा रेस्टोरेंट के मालिक मिहिर घोष से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई है। रंगदारी नहीं देने पर कारोबारी और उनके पूरे परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विदेशी नंबर से आया धमकी भरा संदेश मिहिर घोष के अनुसार, 2 जून की सुबह उन्होंने अपने व्हाट्सएप पर एक विदेशी नंबर से भेजा गया धमकी भरा संदेश देखा। संदेश में खुद को दुबई से बोल रहा गैंगस्टर प्रिंस खान बताते हुए 50 लाख रुपये की "प्रोटेक्शन मनी" की मांग की गई। साथ ही दावा किया गया कि कारोबारी और उनके परिवार की रेकी की जा चुकी है और पैसे नहीं देने पर किसी भी सदस्य को निशाना बनाया जा सकता है। धमकी भरे संदेश में कारोबारी के भाई समीर घोष का भी नाम लिया गया और जल्द समझौता नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। कई बार किए गए कॉल मैसेज भेजने के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए भी कई बार संपर्क करने की कोशिश की। जब कारोबारी ने कॉल रिसीव नहीं किया, तो वॉयस मैसेज भेजकर धमकी दी गई कि यदि पुलिस को सूचना दी गई तो अंजाम और भी गंभीर होगा। इस घटना के बाद से कारोबारी और उनका परिवार भय के माहौल में है। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले रांची में इससे पहले भी प्रिंस खान के नाम पर कई कारोबारियों से रंगदारी मांगने के मामले सामने आ चुके हैं। मार्च 2026 में एक दवा कारोबारी से एक करोड़ रुपये की मांग की गई थी। वहीं जनवरी 2026 में एक रेस्टोरेंट कारोबारी को धमकाने के बाद उसके प्रतिष्ठान पर फायरिंग की घटना भी हुई थी, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई थी। पुलिस ने शुरू की जांच रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि जलजोगा रेस्टोरेंट के मालिक से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने की शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और धमकी देने वालों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।

Unknown जून 4, 2026 0
plfi chief arrested
रांची पुलिस को बड़ी सफलता, PLFI का स्टेट चीफ अमृत होरो गिरफ्तार

रांची। झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के स्टेट चीफ और 10 लाख रुपये के इनामी नक्सली अमृत होरो उर्फ मेचो उर्फ सूर्या को रांची पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से एक ऑटोमैटिक पिस्टल, चार जिंदा गोलियां, तीन मोबाइल फोन और संगठन से जुड़े नक्सली पर्चे बरामद किए हैं।   रांची एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अमृत होरो लापुंग थाना क्षेत्र के महुगांव जंगल में अपने साथियों के साथ मौजूद है और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा है। इसके बाद रूरल एसपी गौरव गोस्वामी के निर्देशन में और डीएसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।   जंगल में घेराबंदी कर की गई गिरफ्तारी पुलिस टीम ने देर रात जंगल इलाके में सर्च अभियान चलाया और घेराबंदी कर एक हथियारबंद व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान अमृत होरो के रूप में बताई। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह पीएलएफआई का स्टेट चीफ है।   50 से ज्यादा मामलों में था वांटेड पुलिस के अनुसार अमृत होरो पिछले करीब 16 वर्षों से झारखंड के कई जिलों में सक्रिय था। उसके खिलाफ रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम समेत विभिन्न जिलों में 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, रंगदारी, लेवी वसूली, आगजनी और फायरिंग जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि संगठन के नाम पर व्यवसायियों, ठेकेदारों और निर्माण कंपनियों से फोन और सोशल मीडिया के जरिए लेवी मांगी जाती थी। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी।   कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा अमृत होरो का नाम कई चर्चित घटनाओं में सामने आया था। पुलिस का दावा है कि उसकी गिरफ्तारी से पीएलएफआई संगठन को बड़ा झटका लगा है। एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि संगठन के शीर्ष नेतृत्व का लगभग सफाया हो चुका है और इससे उग्रवादी गतिविधियों पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।

Unknown मई 29, 2026 0
PLFI Chief Arrest
रांची पुलिस को बड़ी सफलता, 10 लाख का इनामी पीएलएफआई चीफ अमृत होरो गिरफ्तार

रांची। झारखंड में उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रांची पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) के सुप्रीमो अमृत होरो को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अमृत होरो पर राज्य सरकार ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उसे रांची जिले के लापुंग इलाके से गिरफ्तार किया गया।   एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में कार्रवाई रांची एसएसपी राकेश रंजन  के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को लंबे समय से अमृत होरो की तलाश थी।  स्थानीय इनपुट और लगातार सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने उसे दबोचने में सफलता हासिल की। बताया जा रहा है कि अमृत होरो उर्फ ‘मेचो’ लापुंग क्षेत्र का ही रहने वाला है और हाल के दिनों में संगठन की गतिविधियों को संचालित कर रहा था।   मार्टिन केरकेटा के एनकाउंटर के बाद संभाली थी कमान एनआईए द्वारा दिनेश गोप की गिरफ्तारी और गुमला में मार्टिन केरकेट्टा  के एनकाउंटर के बाद अमृत होरो संगठन का प्रमुख बन गया था। पुलिस के अनुसार, वह रांची, खूंटी और आसपास के जिलों में लेवी वसूली और आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने में सक्रिय था। उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।    संगठन से जुड़े नेटवर्क की तलाश जारी फिलहाल पुलिस अमृत होरो से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां उसके संगठन से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हैं। रांची पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गिरफ्तारी से जुड़ी पूरी जानकारी साझा करेगी।    उग्रवाद के खिलाफ अभियान तेज झारखंड पुलिस ने हाल के वर्षों में नक्सलियों के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाई की हैं।अब पुलिस स्प्लिंटर उग्रवादी संगठनों के खिलाफ भी सख्ती बढ़ा रही है. अमृत होरो की गिरफ्तारी को पीएलएफआई के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

Unknown मई 28, 2026 0
Operation prahar
देर रात रांची पुलिस ने चलाया ‘ऑपरेशन प्रहार’, 30 से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार

रांची। रांची में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक ही रात में 30 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही 135 से ज्यादा लंबित वारंटों का निष्पादन भी किया गया। रांची पुलिस की इस कार्रवाई को हाल के दिनों का सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है।   फरार अपराधियों पर कसा शिकंजा रांची के सीनियर एसपी राकेश रंजन ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार का उद्देश्य अपराध नियंत्रण, संगठित अपराध पर रोक और लंबित वारंटों का निष्पादन करना है। इसके तहत पुलिस समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर फरार अपराधियों और संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई करती है। ऑपरेशन के दूसरे चरण में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में देर रात तक छापेमारी की गई। इस दौरान कई ऐसे आरोपी भी गिरफ्तार किए गए, जो लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे थे।   रातभर चली पुलिस की कार्रवाई अभियान का नेतृत्व सिटी एसपी पारस राणा और ग्रामीण एसपी ने किया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर और ग्रामीण इलाकों में दबिश देकर अपराधियों को पकड़ा। अभियान में जिले के सभी एसपी, डीएसपी, थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पिछले 24 घंटे से लगातार टीमों को सक्रिय रखा गया था। गंभीर मामलों में वांछित अपराधियों की सूची तैयार कर विशेष रणनीति के तहत कार्रवाई की गई।   पहले चरण में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई इससे पहले ऑपरेशन प्रहार के पहले चरण में भी रांची पुलिस ने 100 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया था और 220 से ज्यादा लंबित वारंटों का निष्पादन किया गया था। पुलिस का कहना है कि अपराध और संगठित गिरोहों पर नियंत्रण के लिए आगे भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे।

Unknown मई 27, 2026 0
SSP Rakesh Ranjan
आधी रात रांची के एसएसपी ने थानों का किया औचक निरीक्षण

रांची। राजधानी रांची में कानून-व्यवस्था का हाल जानने बीती देर रात एसएसपी राकेश रंजन खुद सड़कों पर निकले। उन्होंने शहर के कई प्रमुख थानों का औचक निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों और जवानों की मुस्तैदी का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ सिटी एसपी पारस राणा भी मौजूद रहे। पुलिस महकमे में हलचल आधी रात हुए इस निरीक्षण से पुलिस महकमे में हलचल मच गई। एसएसपी ने विभिन्न थानों में पहुंचकर वहां की सुरक्षा व्यवस्था, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की उपस्थिति, रिकॉर्ड संधारण और रात्रि गश्ती व्यवस्था की जांच की। उन्होंने थानेदारों और पुलिस पदाधिकारियों से क्षेत्र में अपराध नियंत्रण को लेकर जानकारी भी ली। लंबित मामलों की जानकारी ली इस दौरान एसएसपी ने थानों में लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया। साथ ही रात में गश्ती दल को और सक्रिय रहने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने को कहा। आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण और आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि रात्रि गश्ती में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वाहनों की जांच भी की निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर वाहनों की जांच और देर रात घूम रहे संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की गई। पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।

Unknown मई 18, 2026 0
Shooter encounter in Ranchi
जमीन कारोबारी की हत्या के बाद रांची पुलिस रेस, कुख्यात शूटर का किया एनकाउंटर

रांची। राजधानी में पूर्व पार्षद और जमीन कारोबारी की हत्या के मामले में रांची पुलिस रेस है। बुधवार सुबह पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। रांची पुलिस ने कुख्यात शूटर सत्यम पाठक को मुठभेड़ में घायल कर दिया। बुधवार सुबह पंडरा ओपी क्षेत्र स्थित कांके डैम के पास पुलिस और सत्यम पाठक के बीच आमना-सामना हुआ, जो जल्द ही मुठभेड़ में बदल गया। सत्यम के दोनों पैर में गोली लगी पुलिस के अनुसार, आत्मरक्षा में की गई फायरिंग में सत्यम पाठक के दोनों पैरों में गोली लगी है। घायल हालत में उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस की टीम पहले से उसकी तलाश में जुटी थी और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। मास्टर माइंड हो चुका है गिरफ्तार बता दें कि मंगलवार को पंडरा के ओटीसी मैदान के पास जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि इस वारदात को अंजाम देने वाला शूटर सत्यम पाठक था, जबकि पूरे मामले का मास्टरमाइंड विजय टेटे को बताया जा रहा है। विजय टेटे को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।  पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

Unknown अप्रैल 22, 2026 0
Firing in Ramchi
रांची में जमीन कारोबारी को मारी गोली, मास्टर माइंड गिरफ्तार

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में जमीन को लेकर एक बार फिर गोली चली है। अपराधियों ने पंडरा थाना क्षेत्र में जमीन कारोबारी भार्गव सिंह को गोली मार दी है। उसे अस्तपताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। इधर पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों के अंदर इस गोलीबारी के मास्टर माइंड विजय टेटे को गिरफ्तार कर लिया है। मामला हुरहुरी जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।  बाइक पर आये अपराधियों ने चलाई गोली मंगलवार की सुबह पंडरा ओपी क्षेत्र के ओटीसी (OTC) मैदान के पास बाइक सवार अपराधियों ने जमीन कारोबारी भार्गव सिंह को गोली मार दी। घटना सुबह करीब 8:00 बजे की है, जब भार्गव सिंह मंदिर में पूजा करने पहुंचे थे।  रेकी कर अपराधियों ने बनाया निशाना जानकारी के अनुसार, बैंक कॉलोनी निवासी भार्गव सिंह ‘गोल्डन सिटी इंडिया’ नाम से एक कंस्ट्रक्शन कंपनी चलाते हैं। वह हर मंगलवार को बजरंगबली के मंदिर में पूजा करने जाते थे। अपराधियों ने पहले उनकी रेकी की और मंगलवार सुबह जैसे ही वह मंदिर के पास पहुंचे, एक बाइक पर सवार तीन अपराधियों ने उन पर फायरिंग कर दी। अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर गोलीबारी के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। भार्गव सिंह के दाएं तरफ सीने में गोली लगी है। उन्हें तुरंत पास के सिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पारस हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया है। फिलहाल उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हुरहुरि में जमीन विवाद की बात आई सामने जानकारी के मुताबिक भार्गव सिंह हुरहुरि में नये प्रोजेक्ट की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान जमीन को लेकर उसका विवाद विजय हेंड्रिक टेटे से हुआ था। विजय और भार्गव में जमीन को लेकर कहासुनी भी हुई थी। हालांकि, भार्गव सिंह को यह अनुमान नहीं था कि विजय हेंड्रिक टेटे उस पर हमला करवा सकता है। लेकिन, मंगलवार की सुबह सुबह बाइक सवार अपराधी ने उस पर फायरिंग कर दी। फिलहाल उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

Unknown अप्रैल 21, 2026 0
Ranchi police patrolling vehicles driven by private drivers, raising security concerns
रांची पुलिस की गश्ती व्यवस्था पर सवाल: प्राइवेट ड्राइवर चला रहे सरकारी वाहन, गोपनीयता पर मंडरा रहा खतरा

नए वाहन मिले, लेकिन चालक की कमी बनी बड़ी चुनौती रांची: झारखंड पुलिस को आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने हाल ही में बड़ी संख्या में गश्ती वाहन उपलब्ध कराए हैं, लेकिन रांची में इन वाहनों के संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले के कई थानों में अब भी सरकारी ड्राइवरों की जगह प्राइवेट चालक गश्ती गाड़ियां चला रहे हैं, जिससे सुरक्षा और गोपनीयता पर खतरा बढ़ गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 13 मार्च को राज्य पुलिस को पहले चरण में 1475 गश्ती वाहन सौंपे थे। इनमें सैकड़ों चारपहिया और दोपहिया वाहन शामिल हैं। रांची जिले को भी बड़ी संख्या में नए वाहन मिले, लेकिन चालक की कमी के कारण व्यवस्था अधूरी नजर आ रही है। अधिकतर थाने निजी चालकों पर निर्भर रांची के कई प्रमुख थानों की स्थिति यह है कि वहां गश्ती वाहन तो उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए सरकारी चालक नहीं हैं। धुर्वा, जगन्नाथपुर, एयरपोर्ट, डोरंडा, अरगोड़ा, सुखदेवनगर, कोतवाली, लोअर बाजार, सदर और बरियातू जैसे थानों में एक या उससे अधिक प्राइवेट चालक गश्ती वाहनों को चला रहे हैं। कुछ थानों में तो नए वाहन भी निजी चालकों के भरोसे ही सड़कों पर उतर रहे हैं। यह स्थिति तब है, जब कई पुराने वाहन जर्जर हो चुके हैं और नए वाहनों से ही गश्ती की जा रही है। सरकारी चालक हैं, फिर भी गश्ती में कमी जिले में कुल 238 सरकारी चालक (आरक्षी और हवलदार) तैनात हैं। इसके अलावा अन्य यूनिट्स में भी चालक मौजूद हैं। बावजूद इसके, गश्ती वाहनों के लिए पर्याप्त ड्राइवर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों जैसे एसएसपी, एसपी और डीएसपी के वाहनों में सरकारी चालक ही तैनात हैं, लेकिन थानों की गश्ती व्यवस्था अब भी निजी ड्राइवरों के भरोसे चल रही है। पीसीआर और हाईवे पेट्रोलिंग में बेहतर व्यवस्था रांची में 30 पीसीआर और 15 हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों की व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर है। इन 45 वाहनों में दो शिफ्ट में 90 सरकारी चालक तैनात किए गए हैं, जिससे ये वाहन 24 घंटे सक्रिय रहते हैं। ये टीमें मुख्य रूप से नेशनल हाईवे और रिंग रोड पर सुरक्षा व्यवस्था संभालती हैं। डीजीपी के निर्देश के बावजूद नहीं हुआ पालन सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगस्त 2025 में डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि थानों और ओपी में प्राइवेट चालक और मुंशी की नियुक्ति नहीं की जाए। डीजीपी ने चेतावनी दी थी कि निजी कर्मियों की मौजूदगी से गोपनीय सूचनाएं लीक होने का खतरा रहता है, क्योंकि थानों में कई संवेदनशील दस्तावेज होते हैं। इसके बावजूद रांची के कई थानों में इस निर्देश का पालन नहीं हो रहा है। सुरक्षा और गोपनीयता पर बढ़ता खतरा विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस गश्ती जैसे संवेदनशील काम में प्राइवेट ड्राइवरों की तैनाती गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती है। इससे न सिर्फ गोपनीय जानकारी लीक होने का खतरा है, बल्कि अपराधियों तक पुलिस की रणनीति पहुंचने की आशंका भी बनी रहती है। अब सवाल यह है कि जब सरकार संसाधन उपलब्ध करा रही है, तो क्या पुलिस विभाग इस व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी बना पाएगा या नहीं।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
Masked robbers looting cash at Ranchi petrol pump with weapons and fleeing on scooters
रांची में दिनदहाड़े लूट: पुंदाग पेट्रोल पंप से ₹59 हजार उड़ाए, CCTV में कैद हुई वारदात

दो स्कूटी पर आए छह बदमाश, कर्मचारियों से मारपीट कर हथियार के बल पर की लूट; पुलिस जांच में जुटी रांची: झारखंड की राजधानी रांची में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए। शहर के पुंदाग इलाके में स्थित दीना पेट्रोल पंप पर रविवार शाम हथियारबंद बदमाशों ने लूट की बड़ी घटना को अंजाम दिया। करीब साढ़े सात बजे हुई इस वारदात में छह अपराधी दो स्कूटी पर सवार होकर पहुंचे और पेट्रोल पंप कर्मियों को डराकर करीब 59 हजार रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। हथियार के बल पर लूट, कर्मचारियों से मारपीट प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बदमाशों ने पहले पेट्रोल पंप पर काम कर रहे कर्मचारियों के साथ मारपीट की और फिर हथियार दिखाकर उन्हें धमकाया। पेट्रोल पंप की कर्मी सुजाता कुमारी ने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचीं तो देखा कि अपराधी कर्मचारियों को हथियार दिखाकर डरा रहे थे। इस दौरान एक अन्य कर्मचारी ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने चाकू और हथियार दिखाकर उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। CCTV में कैद हुई पूरी घटना पूरी वारदात पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बदमाश किस तरह से आए और घटना को अंजाम देकर फरार हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस पेट्रोल पंप पर पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे इलाके में डर का माहौल है। पुलिस ने शुरू की जांच, जल्द गिरफ्तारी का दावा घटना की सूचना मिलते ही पुंदाग ओपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कर्मचारियों से पूछताछ की। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
Ranchi SSP Rakesh Ranjan inspecting night police patrolling during surprise check in city.
रांची में आधी रात सड़कों पर उतरे SSP राकेश रंजन, औचक निरीक्षण में लापरवाही पकड़ी गई तो अधिकारी सस्पेंड

  अपराध नियंत्रण को लेकर एक्शन मोड में पुलिस झारखंड की राजधानी Ranchi में अपराध पर नियंत्रण और पुलिस की सक्रियता जांचने के लिए SSP Rakesh Ranjan ने आधी रात औचक निरीक्षण किया। 13 मार्च की देर रात वे बिना किसी पूर्व सूचना के शहर की सड़कों पर निकल पड़े और सुरक्षा व्यवस्था व पुलिस पेट्रोलिंग की स्थिति का जायजा लिया।   रात एक बजे शुरू हुआ सरप्राइज निरीक्षण जानकारी के मुताबिक SSP राकेश रंजन करीब रात एक बजे अचानक शहर के अलग-अलग इलाकों में पहुंच गए। उनके इस निरीक्षण की सूचना पहले से किसी भी थाना प्रभारी या पुलिस कर्मियों को नहीं थी। निरीक्षण के दौरान SSP ने कई पेट्रोलिंग प्वाइंट्स पर रुककर वहां तैनात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी और उनकी सतर्कता की जांच की। उन्होंने मौके पर पुलिसकर्मियों से ड्यूटी और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी भी ली।   कई संवेदनशील इलाकों का किया दौरा इस दौरान SSP ने शहर के प्रमुख और संवेदनशील इलाकों का दौरा किया। इनमें Birsa Chowk, Ekra Masjid के आसपास का मेन रोड क्षेत्र, Harmu Bypass Road और Argora Chowk शामिल हैं। इन स्थानों पर पुलिस गश्त, बैरिकेडिंग और रात के समय सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति की जांच की गई।   ड्यूटी में लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई निरीक्षण के दौरान एक पुलिस पदाधिकारी ड्यूटी में लापरवाही करते हुए पाया गया। इस पर SSP ने तुरंत सख्त कदम उठाते हुए संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। इस अचानक कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई और सभी थाना क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मी सतर्क हो गए।   आगे भी जारी रहेगा औचक निरीक्षण SSP राकेश रंजन ने साफ कहा कि शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी किए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि ऐसे निरीक्षण से न केवल पुलिसकर्मियों की जवाबदेही बढ़ती है, बल्कि शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होती है।  

surbhi मार्च 14, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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