नई दिल्ली, एजेंसियां। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के इतिहास के सबसे चर्चित खिलाड़ी ट्रेड में भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में वापसी हो गई है। वहीं, इस डील के तहत भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव अब लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए खेलते नजर आएंगे। इस बड़े ट्रेड ने आईपीएल फैंस के बीच नई चर्चा को जन्म दे दी है। दिल्ली कैपिटल्स के साथ फिर जुड़ेंगे ऋषभ पंत ऋषभ पंत ने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत दिल्ली फ्रेंचाइजी से की थी। उन्होंने 2016 से 2024 तक दिल्ली के लिए खेलते हुए टीम को कई यादगार जीत दिलाईं और कप्तानी भी संभाली। 2025 में वह रिकॉर्ड कीमत पर लखनऊ सुपर जायंट्स से जुड़े थे, लेकिन टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। अब पंत एक बार फिर आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स की जर्सी में नजर आएंगे। अक्षर पटेल ने किया खास अंदाज में स्वागत दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने ऋषभ पंत की वापसी पर सोशल मीडिया पर मजेदार अंदाज में स्वागत किया। उन्होंने प्रसिद्ध कहावत लिखी— "सुबह का भूला अगर शाम को घर लौट आए तो उसे भूला नहीं कहते।" अक्षर का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और क्रिकेट प्रशंसकों ने इसे काफी पसंद किया। कुलदीप यादव अब LSG के साथ इस खिलाड़ी अदला-बदली में भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव दिल्ली कैपिटल्स छोड़कर लखनऊ सुपर जायंट्स में शामिल हो गए हैं। कुलदीप पिछले कई सीजन से दिल्ली के प्रमुख गेंदबाज रहे थे और उन्होंने टीम की कई जीत में अहम भूमिका निभाई थी। अब लखनऊ को उम्मीद होगी कि उनकी मौजूदगी से गेंदबाजी आक्रमण और मजबूत होगा। वेतन में भी बड़ा बदलाव रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली कैपिटल्स में वापसी के साथ ऋषभ पंत ने अपने पिछले अनुबंध की तुलना में कम राशि स्वीकार की है। यह हाल के वर्षों के सबसे चर्चित वेतन परिवर्तनों में से एक माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर छाए पंत दिल्ली कैपिटल्स में वापसी के बाद ऋषभ पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स को धन्यवाद देते हुए सोशल मीडिया पर छोटा लेकिन भावुक संदेश साझा किया—"Thank you team." इसके बाद दिल्ली के प्रशंसकों ने उनकी वापसी का जोरदार स्वागत किया और सोशल मीडिया पर #WelcomeBackPant ट्रेंड करने लगा। दिल्ली कैपिटल्स को क्या होगा फायदा? क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि ऋषभ पंत की वापसी से दिल्ली कैपिटल्स की बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों मजबूत होंगी। पंत टीम के माहौल और फ्रेंचाइजी की संस्कृति से पहले से परिचित हैं, जिससे उनके जल्दी तालमेल बिठाने की उम्मीद है। दूसरी ओर, कुलदीप यादव के आने से लखनऊ सुपर जायंट्स की स्पिन गेंदबाजी को नई धार मिलेगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय बल्लेबाजों ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में अपनी बल्लेबाजी का कौशल दिखाते हुए पहली पारी में रनों का अम्बार लगा दिया। टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी 127 ओवरों में 8 विकेट खोकर 564 रनों के विशाल स्कोर पर घोषित की। भारत की ओर से कप्तान शुभमन गिल और अनुभवी केएल राहुल ने शानदार शतकीय पारियां खेलीं जिससे भारतीय टीम 564 रनों का विशाल स्कोर खड़ी कर सकी। टॉप भारतीय बल्लेबाजों का कमाल अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में भारत की शुरुआत अच्छी रही। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (24 रन) के जल्दी आउट होने के बाद केएल राहुल और साई सुदर्शन ने टीम इंडिया के पारी को संभाला। राहुल ने बेहद सधे हुए अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 165 गेंदों पर 11 चौकों की मदद से शानदार 100 रन बनाए। वहीं, नंबर तीन पर आए साई सुदर्शन ने उनका बखूबी साथ निभाया और 104 गेंदों में 13 चौकों की मदद से 81 रनों की आक्रामक पारी खेली। इन दोनों के बीच हुई बेहतरीन साझेदारी ने टीम इंडिया के बड़े स्कोर की मजबूत नींव रखी। कप्तान शुभमन गिल का एक और शतक इसके बाद कप्तान शुभमन गिल ने 177 गेंदों का सामना करते हुए 15 चौके और 1 छक्के की बदौलत 126 रनों की कप्तानी पारी खेली। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने भी मध्यक्रम में तेजी से रन बटोरे और मात्र 121 गेंदों में 6 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के लगाते हुए 81 रन ठोक दिए। हालांकि, ध्रुव जुरेल (19 रन) बड़ी पारी नहीं खेल पाए लेकिन निचले क्रम में वाशिंगटन सुंदर ने नाबाद 52 रनों का बहुमूल्य योगदान देकर भारत का स्कोर 550 के पार पहुंचाया। अंत में मानव सुथार (28 रन) और मोहम्मद सिराज (22 रन) ने भी छोटे लेकिन उपयोगी कैमियो खेले। मोहम्मद सलीम सैफी बने संकटमोचक दूसरी तरफ,अफगानिस्तान के गेंदबाजी लाइनअप पर एक नजर डालें तो तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम सैफी अफगानिस्तान टीम के इकलौते संकटमोचक बनकर इस मैच में उभरे। सैफी ने 27 ओवरों में 140 रन खर्च कर 6 महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए। इनके अलावा जियाउर रहमान शरिफी और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी को 1-1 विकेट मिली।
भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच का आगाज मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह क्रिकेट स्टेडियम में हो गया है। कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। इस मुकाबले में टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन संतुलित और आक्रामक नजर आ रही है, जिसमें एक नए खिलाड़ी को डेब्यू का मौका मिला है। मानव सुथार ने किया टेस्ट डेब्यू इस मैच का सबसे खास पल तब आया जब राजस्थान के युवा स्पिन ऑलराउंडर मानव सुथार को भारत की टेस्ट कैप सौंपी गई। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम में जगह बनाने वाले मानव को अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव ने डेब्यू कैप देकर सम्मानित किया। रविंद्र जडेजा की अनुपस्थिति में मानव सुथार के पास अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी से प्रभाव छोड़ने का बड़ा अवसर है। यशस्वी और राहुल के जिम्मे ओपनिंग भारतीय पारी की शुरुआत युवा स्टार यशस्वी जायसवाल और अनुभवी केएल राहुल करेंगे। वहीं नंबर-3 पर साई सुदर्शन को मौका दिया गया है, जिन पर मुख्य कोच गौतम गंभीर ने पहले ही भरोसा जताया था। कप्तान शुभमन गिल नंबर-4 पर बल्लेबाजी करते नजर आएंगे। ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल दोनों को मिली जगह टीम इंडिया ने इस मुकाबले में दो विकेटकीपर बल्लेबाजों के साथ उतरने का फैसला किया है। ऋषभ पंत विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि युवा बल्लेबाज ध्रुव जुरेल को भी प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया है। इससे भारत की बल्लेबाजी को अतिरिक्त मजबूती मिली है। गेंदबाजी में अनुभव और युवा जोश का मिश्रण तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा के कंधों पर होगी। वहीं स्पिन विभाग में कुलदीप यादव, वॉशिंगटन सुंदर और डेब्यू कर रहे मानव सुथार अहम भूमिका निभाएंगे। अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की प्लेइंग इलेवन केएल राहुल यशस्वी जायसवाल साई सुदर्शन शुभमन गिल (कप्तान) ऋषभ पंत (विकेटकीपर) ध्रुव जुरेल वॉशिंगटन सुंदर मानव सुथार कुलदीप यादव मोहम्मद सिराज प्रसिद्ध कृष्णा भारत की यह प्लेइंग इलेवन अनुभव और युवा प्रतिभा का शानदार मिश्रण मानी जा रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया अफगानिस्तान के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करती है।
पटना, एजेंसियां। बिहार में दूध और दुग्ध उत्पादों की कीमत बढ़ गए हैं। COMFED ने 25 मई से नई कीमतें लागू करने की फैसला लिया है। दूध के साथ दूध से बने उत्पाद घी, पनीर, बटर, दही, लस्सी और मिठाइयां समेत सभी डेयरी प्रडक्ट्स के दाम बढ़ा दिए गए हैं। बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपेरेटिव फेडरेशन लिमिटेड ने सुधा ब्रांड के दूध और उससे बने दुग्ध उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। 25 मई से पूरे बिहार में नई दरें लागू हो जाएंगे। सुधा दूध के नए रेट सुधा गोल्ड (500 ml): 27 से बढ़कर 28 रुपये, 1 लीटर 55 रुपये • सुधा शक्ति टोंड (500 ml): 25 से बढ़कर 26 रुपये, 1 लीटर 50 रुपये • सुधा स्टैंडर्ड (500 ml): 29 से बढ़कर 31 रुपये, 1 लीटर 60 रुपये • गाय दूध (500 ml): 33 से बढ़कर 35 रुपये, 1 लीटर 68 रुपये • काऊ मिल्क (500 ml): 28 से बढ़कर 29 रुपये, 1 लीटर 57 रुपये • टी स्पेशल (500 ml): 26 से बढ़कर 27 रुपये, 1 लीटर 52 रुपये यानी हर श्रेणी में 1 से 3 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। घी, पनीर और बटर के बढ़े दाम • घी (1 लीटर): 315 से 325 रुपये • पनीर (200 ग्राम): 85 से 95 रुपये • टेबल बटर (500 ग्राम): 205 से 220 रुपये • व्हाइट बटर (100 ग्राम): 55 से 62 रुपये • मिठ्ठी दही (500 ग्राम): 270 से 305 रुपये इन उत्पादों में 7 से 35 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दही, लस्सी और ड्रिंक्स के नए रेटः • दही (1 किलो): 72 से 78 रुपये • लस्सी (140 ml): 10 से 12 रुपये • मस्तानी (140 ml): 12 से 15 रुपये • मिल्क केक/पेडा (250 ग्राम): 108 से 125 रुपये मिठाइयों के दाम बढ़कर इतना हुआः • गुलाब जामुन (1 किलो टिन): 240 से 250 रुपये • रसगुल्ला (1 किलो टिन): 220 से 240 रुपये • मिक्स मिठाई टिन: 230 से 250 रुपये क्यों बढ़े दाम? COMFED का कहना है कि पशुपालकों से खरीदे जाने वाले दूध, पैकेजिंग खर्च, पेट्रोल-डीजल, बिजली और ट्रांसपोर्ट लागत में बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लिया गया है। फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि दूध की खरीद कीमत में 2 रुपये से 3.13 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हुआ है, जिसका असर अब रिटेल कीमतों पर दिखेगा। इससे आमलोगों के मासिक बजट प्रभावित होगा। खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों पर इसका सीधा असर पड़ेगा, जो रोजाना दूध, दही और घी का उपभोग करते हैं।
Indian Premier League 2026 का रोमांच अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है और आज का मुकाबला प्लेऑफ की तस्वीर बदल सकता है। शनिवार को Punjab Kings और Lucknow Super Giants के बीच सीजन का 68वां मैच खेला जाएगा। यह मुकाबला लखनऊ के इकाना स्टेडियम में होगा, जहां पंजाब के लिए जीत बेहद जरूरी मानी जा रही है। पंजाब के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति पंजाब किंग्स ने इस सीजन की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी। टीम ने शुरुआती 7 मुकाबलों में से 6 मैच जीतकर पॉइंट्स टेबल में मजबूत पकड़ बना ली थी। लेकिन इसके बाद टीम लगातार 6 मुकाबले हार गई और अब प्लेऑफ की उम्मीदें मुश्किल में फंस गई हैं। आज अगर पंजाब हारता है तो उसकी प्लेऑफ की राह लगभग बंद हो सकती है। वहीं जीत मिलने पर टीम की उम्मीदें जिंदा रहेंगी, हालांकि उसे बाकी मैचों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। दूसरी ओर Lucknow Super Giants पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। ऐसे में लखनऊ बिना किसी दबाव के मैदान पर उतरेगी और पंजाब के लिए चुनौती और भी कठिन हो सकती है। हेड टू हेड में पंजाब का पलड़ा भारी आईपीएल इतिहास में दोनों टीमें अब तक 7 बार आमने-सामने आ चुकी हैं। इनमें पंजाब ने 4 मुकाबले जीते हैं, जबकि लखनऊ को 3 मैचों में जीत मिली है। एक मुकाबला टाई भी रहा है। इस सीजन की पहली भिड़ंत में पंजाब ने अपने घरेलू मैदान पर लखनऊ को हराया था। ऐसे में टीम एक बार फिर उसी प्रदर्शन को दोहराना चाहेगी। इकाना स्टेडियम की पिच रिपोर्ट लखनऊ के इकाना स्टेडियम की पिच बाकी मैदानों से अलग मानी जाती है। यहां बड़े स्कोर बनाना आसान नहीं होता और बल्लेबाजों को रन बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। स्पिन गेंदबाजों को पिच से अच्छी मदद मिलती है शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग मिल सकती है बड़े शॉट लगाना आसान नहीं रहता टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है मौसम का हाल लखनऊ में मौसम गर्म और सूखा रहने की संभावना है। दिनभर तेज धूप और लू का असर रहेगा। शाम को मैच शुरू होने के बाद भी उमस और गर्मी बनी रह सकती है। हालांकि अच्छी बात यह है कि बारिश की कोई संभावना नहीं है और मैच बिना रुकावट पूरा होने की उम्मीद है। संभावित प्लेइंग 12 Lucknow Super Giants मिचेल मार्श, जोश इंग्लिस, निकोलस पूरन, आयुष बडोनी, Rishabh Pant (कप्तान और विकेटकीपर), अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, मोहसिन खान, मयंक यादव, आकाश सिंह, प्रिंस यादव, दिग्वेश सिंह राठी Punjab Kings प्रियांश आर्या, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, Shreyas Iyer (कप्तान), शशांक सिंह, सूर्यांश शेडगे, अजमतुल्लाह ओमरजई, हरप्रीत बरार, जेवियर बार्टलेट, लॉकी फर्ग्यूसन, Arshdeep Singh, Yuzvendra Chahal
आईपीएल 2026 के मुकाबले में Lucknow Super Giants को Rajasthan Royals के खिलाफ 40 रनों की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज Jofra Archer की घातक गेंदबाजी ने लखनऊ की बल्लेबाजी को पूरी तरह से झकझोर दिया। 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम मात्र 119 रनों पर सिमट गई। हार के बाद कप्तान Rishabh Pant काफी निराश नजर आए और उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनके पास इस हार का कोई ठोस जवाब नहीं है। “जवाब बाहर नहीं, अंदर ढूंढने होंगे” – पंत मैच के बाद पंत ने स्वीकार किया कि टीम पिच को सही तरीके से समझने में असफल रही। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी यूनिट ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया, जिससे टीम को भारी नुकसान हुआ। पंत ने कहा, “मेरे पास इस हार का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। हमें अपने अंदर झांककर सुधार करना होगा। बल्लेबाजों को थोड़ा समय लेकर खेलना चाहिए था।” उन्होंने यह भी माना कि वह खुद अपनी पारी को लंबा नहीं खींच पाए, जो टीम के लिए नुकसानदायक साबित हुआ। पंत के मुताबिक, पूरी बल्लेबाजी इकाई को जिम्मेदारी लेनी होगी और गलतियों से सीखना होगा। गेंदबाजों की तारीफ, उम्मीदें बरकरार पंत ने टीम के गेंदबाजों के प्रदर्शन, खासकर Mohammed Shami की सराहना की। उन्होंने कहा कि कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं, जिन पर टीम आगे काम कर सकती है। उन्होंने भरोसा जताया कि अभी टूर्नामेंट में काफी मैच बाकी हैं और टीम वापसी कर सकती है। “पहले से अंदाजा था कि गेंद स्विंग करेगी” – रियान पराग वहीं राजस्थान के कप्तान Riyan Parag ने जीत के बाद कहा कि पिच गेंदबाजों के अनुकूल थी और उन्हें पहले से अंदाजा था कि गेंद स्विंग करेगी। उन्होंने Nandre Burger और जोफ्रा आर्चर की शानदार लाइन-लेंथ की जमकर तारीफ की और टीम के सकारात्मक माहौल को जीत का अहम कारण बताया। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ जडेजा का खास बयान मैच में अहम भूमिका निभाने वाले Ravindra Jadeja ने नाबाद 43 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब जीता। उन्होंने यह अवॉर्ड अपनी पत्नी रिवाबा जडेजा को समर्पित किया। जडेजा ने कहा कि पिच बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं थी और गेंद लगातार सीम और स्विंग कर रही थी। उन्होंने हालात के अनुसार धैर्य से खेलते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में Lucknow Super Giants ने Kolkata Knight Riders को आखिरी गेंद तक चले मैच में 3 विकेट से हरा दिया। इस जीत के हीरो बने युवा बल्लेबाज Mukul Chaudhary, जिनकी नाबाद अर्धशतकीय पारी ने मैच का पूरा रुख बदल दिया। दबाव में खेली मैच जिताऊ पारी मुकुल चौधरी ने अपनी पारी की शुरुआत बेहद धीमी की, पहली 8 गेंदों में केवल 2 रन। लेकिन इसके बाद उन्होंने आक्रामक अंदाज अपनाते हुए 7 छक्कों की मदद से नाबाद 54 रन ठोक दिए। खास बात यह रही कि उन्होंने Vaibhav Arora की गेंद पर Mahendra Singh Dhoni के स्टाइल में शानदार हेलीकॉप्टर शॉट खेलकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। आखिरी ओवर का रोमांच एलएसजी को अंतिम ओवर में 14 रन की जरूरत थी। चौधरी ने दबाव झेलते हुए पांचवीं गेंद पर छक्का लगाकर स्कोर बराबर किया और आखिरी गेंद पर एक रन लेकर टीम को यादगार जीत दिलाई। संजीव गोयनका का वायरल रिएक्शन जैसे ही जीत मिली, टीम के मालिक Sanjiv Goenka अपनी खुशी को रोक नहीं पाए। वह मैदान पर दौड़ते हुए पहुंचे और मुकुल चौधरी को गले लगा लिया। यह भावुक पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। टीम का योगदान एलएसजी के लिए Ayush Badoni ने भी 54 रनों की अहम पारी खेली, जिससे टीम मुकाबले में बनी रही। वहीं कप्तान Rishabh Pant और अन्य बल्लेबाज सस्ते में आउट हो गए थे, लेकिन चौधरी और बडोनी की साझेदारी ने मैच पलट दिया। KKR की पारी पहले बल्लेबाजी करते हुए केकेआर ने 4 विकेट पर 181 रन बनाए। Ajinkya Rahane और Angkrish Raghuvanshi ने शानदार साझेदारी की, जबकि अंत में Rovman Powell और Cameron Green ने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि, एलएसजी के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी करते हुए केकेआर को 200 के पार जाने से रोक दिया।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में एक बेहद रोमांचक मुकाबले में Lucknow Super Giants ने शानदार वापसी करते हुए Sunrisers Hyderabad को हराकर सीजन की पहली जीत दर्ज की। इस जीत के हीरो रहे कप्तान Rishabh Pant, जिन्होंने आखिरी ओवर में शानदार बल्लेबाजी कर टीम को जीत तक पहुंचाया। आखिरी ओवर का रोमांच और पंत का धमाका 157 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए LSG की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए, लेकिन कप्तान पंत एक छोर पर डटे रहे। आखिरी ओवर में जब जीत के लिए रन चाहिए थे, तब पंत ने गेंदबाज जयदेव उनादकट पर लगातार तीन चौके जड़कर मैच खत्म कर दिया। उन्होंने 52 गेंदों में नाबाद 68 रन की पारी खेली, जो दबाव में खेली गई एक कप्तानी पारी थी। भावुक हो गए संजीव गोयनका जैसे ही पंत ने विनिंग शॉट लगाया, कैमरे Sanjiv Goenka की ओर मुड़ गए। टीम के मालिक गोयनका इस जीत से इतने भावुक हो गए कि उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने अपने सीने पर हाथ रखा और भावनाओं को छिपा नहीं सके। मैच खत्म होने के बाद वह मैदान पर पहुंचे और पंत को गले लगाकर उनकी शानदार पारी के लिए बधाई दी। आलोचनाओं के बीच जवाब इस मैच से पहले दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार के बाद गोयनका और पंत के बीच बातचीत को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं हुई थीं। हालांकि, टीम ने बाद में साफ किया कि वह सिर्फ एक सामान्य बातचीत थी और सब कुछ ठीक है। इस शानदार जीत के साथ LSG ने यह साबित कर दिया कि टीम दबाव में भी वापसी करना जानती है और कप्तान पंत एक बार फिर मैच विनर बनकर उभरे हैं।
IPL 2026 के एक मुकाबले के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स के खेमे में तनाव खुलकर सामने आ गया। लखनऊ सुपर जायंट्स को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के बाद जो दृश्य देखने को मिला, उसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। मैदान पर ही टीम के मालिक संजिव गोयनका और कप्तान ऋषभ पंत के बीच तीखी बहस होती नजर आई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में गोयनका काफी नाराज दिखाई दे रहे हैं और उनका बातचीत का अंदाज भी बेहद सख्त नजर आया। मैच का हाल: लखनऊ की कमजोर बल्लेबाजी पड़ी भारी इस मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम केवल 141 रन ही बना सकी। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने यह लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। लखनऊ के गेंदबाजों ने भी 20 अतिरिक्त रन (16 वाइड और 4 लेग बाई) देकर टीम की मुश्किलें और बढ़ा दीं। मैच के बाद कप्तान ऋषभ पंत ने हार की वजह बताते हुए कहा कि कम स्कोर के कारण दबाव बढ़ गया और अतिरिक्त रन टीम पर भारी पड़े। फैंस का गुस्सा: ‘मैदान पर नहीं, ड्रेसिंग रूम में होनी चाहिए थी बात’ इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कई क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि इस तरह सार्वजनिक रूप से कप्तान से बहस करना खेल भावना के खिलाफ है। उनका कहना है कि टीम से जुड़ी बातों को ड्रेसिंग रूम तक सीमित रखना चाहिए। यह पहली बार नहीं है जब संजिव गोयनका का ऐसा रवैया चर्चा में आया हो। इससे पहले भी वह एक अन्य कप्तान के साथ इसी तरह के व्यवहार को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। टीम बॉन्डिंग पर असर या वापसी का मौका? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस विवाद का असर लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम बॉन्डिंग पर पड़ेगा, या फिर ऋषभ पंत आने वाले मैचों में अपने प्रदर्शन से जवाब देंगे। IPL जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम के अंदर का माहौल जीत-हार पर गहरा असर डालता है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।