Rohit Sharma

Ajinkya Rahane leaving field due to cramps during IPL 2026 match
IPL 2026: अजिंक्य रहाणे ने खेली शानदार पारी, लेकिन फील्डिंग के दौरान क्यों छोड़ा मैदान? कप्तान ने खुद बताया कारण

IPL 2026 के रोमांचक मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को मुंबई इंडियंस के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा कप्तान Ajinkya Rahane के मैदान छोड़ने को लेकर रही। शानदार बल्लेबाजी के बावजूद वह फील्डिंग के दौरान अचानक बाहर चले गए, जिससे फैंस हैरान रह गए। रहाणे ने खुद बताई वजह मैच के बाद रहाणे ने साफ किया कि उन्हें गंभीर क्रैंप्स (मांसपेशियों में ऐंठन) की समस्या हो गई थी। उन्होंने कहा, “मुझे काफी ज्यादा क्रैंप्स आ गए थे, जिसकी वजह से मैदान छोड़ना पड़ा। उम्मीद है कि मैं जल्द फिट होकर वापसी करूंगा।” कप्तानी पारी, लेकिन टीम को नहीं मिली जीत वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में KKR ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 220 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसमें रहाणे ने 40 गेंदों में 67 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि अंगकृष रघुवंशी ने भी 51 रन का अहम योगदान दिया। मुंबई इंडियंस ने आसान बनाया लक्ष्य 221 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। टीम के लिए Ryan Rickelton ने 81 रन और Rohit Sharma ने 78 रन बनाकर मैच को 19.1 ओवर में ही खत्म कर दिया। गेंदबाजी में KKR की कमजोरी आई सामने KKR के गेंदबाज इस बड़े स्कोर का बचाव करने में नाकाम रहे। टीम की ओर से वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी और सुनील नारायण को एक-एक विकेट मिला, लेकिन मुंबई के बल्लेबाजों के सामने यह नाकाफी साबित हुआ। रहाणे ने हार से क्या सीखा? मैच के बाद रहाणे ने कहा कि यह हार टीम के लिए सीखने का मौका है। उन्होंने माना कि 220-225 का स्कोर अच्छा था, लेकिन मुंबई के मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप के सामने यह भी कम पड़ गया।  

surbhi मार्च 30, 2026 0
मेंस क्रिकेटर ऑफ द ईयर अवॉर्ड जीतने वाला खिलाड़ी, विराट कोहली और रोहित शर्मा नहीं
विराट-रोहित नहीं! यह क्रिकेटर बने मेंस क्रिकेटर ऑफ द ईयर

नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने नमन अवॉर्ड्स 2026 के विजेताओं की घोषणा कर दी है। इस बार भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज Shubman Gill को साल 2025 के शानदार प्रदर्शन के लिए मेंस इंटरनेशनल क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया है। वहीं महिला क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए Smriti Mandhana को बेस्ट वीमेंस इंटरनेशनल क्रिकेटर ऑफ द ईयर का पुरस्कार दिया जाएगा।यह सम्मान समारोह 15 मार्च को आयोजित किया जाएगा, जहां खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। पॉली उमरीगर अवॉर्ड से सम्मानित होंगे गिल मेंस इंटरनेशनल क्रिकेटर ऑफ द ईयर का अवॉर्ड पॉली उमरीगर अवॉर्ड के नाम से भी जाना जाता है। यह पुरस्कार हर साल उस खिलाड़ी को दिया जाता है जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया हो।शुभमन गिल के लिए यह उपलब्धि खास है क्योंकि यह दूसरी बार है जब उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है। पिछले साल उन्होंने टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों में शानदार प्रदर्शन किया और टीम इंडिया के लिए अहम भूमिका निभाई। 2025 में रहा गिल का शानदार प्रदर्शन साल 2025 में शुभमन गिल का बल्ला खूब चला। उन्होंने 9 टेस्ट मैचों में कुल 983 रन बनाए और साल के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। खासतौर पर इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में उन्होंने 754 रन बनाकर सभी को प्रभावित किया।वनडे क्रिकेट में भी गिल का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 11 वनडे मैचों में 490 रन बनाए और कई अहम पारियां खेलीं। इसी शानदार प्रदर्शन की बदौलत उन्हें इस साल का सबसे बड़ा व्यक्तिगत पुरस्कार दिया जा रहा है। स्मृति मंधाना ने भी दोहराई सफलता महिला क्रिकेट में स्मृति मंधाना का प्रदर्शन भी लगातार शानदार रहा है। उन्हें लगातार दूसरे साल बेस्ट वीमेंस इंटरनेशनल क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया है। यह कुल पांचवीं बार है जब मंधाना को यह सम्मान मिलने जा रहा है। उन्होंने पिछले साल कई अहम मुकाबलों में भारतीय महिला टीम के लिए महत्वपूर्ण पारियां खेलीं और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। टी20 टीम से बाहर होने के बाद भी बड़ी उपलब्धि हालांकि हाल ही में हुए ICC Men's T20 World Cup 2026 से पहले शुभमन गिल को टी20 टीम से बाहर कर दिया गया था, क्योंकि उस समय उनका टी20 फॉर्म कुछ खास नहीं था। बावजूद इसके टेस्ट और वनडे में उनका प्रदर्शन इतना शानदार रहा कि उन्हें साल का सबसे बड़ा अवॉर्ड मिल गया।गौरतलब है कि भारतीय टीम ने उस टूर्नामेंट के फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।

Ranjan Kumar Tiwari मार्च 14, 2026 0
Indian cricket team celebrating ICC trophy victories in recent years
दो साल में 6 ICC ट्रॉफियां: दुनिया के क्रिकेट मंच पर भारत का दबदबा, नई ताकत बनकर उभरा भारतीय क्रिकेट

  विश्व क्रिकेट में इस समय अगर किसी टीम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, तो वह है India national cricket team। हाल ही में 8 मार्च को भारत ने ICC Men's UP World Cup 2026 जीतकर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। यह जीत सिर्फ एक और ट्रॉफी हासिल करने की कहानी नहीं है, बल्कि उस दौर की पहचान है जिसमें भारतीय क्रिकेट लगातार दुनिया के सबसे बड़े मंचों पर अपना दबदबा कायम कर रहा है। खास बात यह है कि पिछले लगभग दो वर्षों में भारत की सीनियर पुरुष टीम, महिला टीम और जूनियर टीमों ने मिलकर कुल छह ICC ट्रॉफियां जीत ली हैं। इस उपलब्धि ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट अब सिर्फ प्रतिभा का बड़ा केंद्र नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है।   दो साल में 6 ICC खिताब बीते दो वर्षों में भारतीय क्रिकेट ने जो सफलता हासिल की है, वह अभूतपूर्व है। Rohit Sharma की कप्तानी में भारत ने 2024 में ICC Men's UP World Cup 2024 जीता।   इसके बाद 2025 में भी रोहित की अगुवाई में भारत ने ICC Champions Trophy 2025 अपने नाम की।   फिर Suryakumar Yadav की कप्तानी में भारत ने ICC Men's UP World Cup 2026 जीतकर इतिहास रच दिया।   सिर्फ पुरुष क्रिकेट ही नहीं, महिला क्रिकेट में भी भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की। Harmanpreet Kaur की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने 2025 में ICC Women's Cricket World Cup 2025 जीतकर पहली बार वनडे विश्व कप अपने नाम किया।   जूनियर स्तर पर भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। भारतीय महिला अंडर-19 टीम ने 2025 में ICC Women's Under-19 UP World Cup जीता।   वहीं 2026 में पुरुष अंडर-19 टीम ने ICC Under-19 Cricket World Cup की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।   जब किसी देश की सीनियर पुरुष टीम, महिला टीम और जूनियर टीमें एक ही दौर में लगातार वैश्विक खिताब जीतती हैं, तो यह सिर्फ अच्छी फॉर्म नहीं बल्कि पूरे क्रिकेट सिस्टम की मजबूती को दर्शाता है।   विश्व क्रिकेट में भारत का बढ़ता प्रभाव सीनियर पुरुष टीम को सबसे ज्यादा सुर्खियां मिलती हैं क्योंकि उनके टूर्नामेंट सबसे बड़े मंच पर खेले जाते हैं। 2024 में टी20 विश्व कप जीतकर भारत ने लंबे इंतजार के बाद खिताब हासिल किया था। इसके बाद 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर टीम ने यह साबित कर दिया कि यह सफलता महज संयोग नहीं है। 2026 का टी20 विश्व कप जीतकर भारत ने एक और रिकॉर्ड बना दिया। भारत इस टूर्नामेंट को तीन बार जीतने वाली पहली टीम बन गया और साथ ही खिताब को सफलतापूर्वक डिफेंड करने वाली भी पहली टीम बन गया।   महिला और युवा क्रिकेट में भी नई ऊंचाई भारतीय महिला क्रिकेट ने भी हाल के वर्षों में जबरदस्त प्रगति की है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में महिला टीम ने 2025 में वनडे विश्व कप जीतकर नया इतिहास रचा। यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए मील का पत्थर साबित हुई। वहीं अंडर-19 स्तर पर मिली लगातार सफलताएं इस बात का संकेत हैं कि भारत के पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की अगली पीढ़ी भी तैयार है। युवा खिलाड़ियों की जीत बताती है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य मजबूत और स्थिर है।   विश्व क्रिकेट का नया बेंचमार्क आज भारतीय क्रिकेट सिर्फ एक मजबूत टीम नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट के लिए एक नया बेंचमार्क बन चुका है। हालांकि Australia national cricket team, England cricket team, New Zealand national cricket team और South Africa national cricket team जैसी टीमें अभी भी बेहद मजबूत हैं और आगे भी कड़ी चुनौती पेश करती रहेंगी। लेकिन पिछले दो वर्षों के नतीजों पर नजर डालें तो यह साफ दिखाई देता है कि जब भी बड़ी ट्रॉफी दांव पर होती है, तो अंत में जीत का ताज अक्सर भारतीय टीम के सिर पर ही सजता है। लगातार मिल रही इन सफलताओं ने यह संकेत दे दिया है कि भारतीय क्रिकेट का यह विजयी सफर फिलहाल थमने वाला नहीं है, और आने वाले वर्षों में भी भारत विश्व क्रिकेट में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए रखने के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतरता रहेगा।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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नालंदा मंदिर हादसा: भीड़ ने ली 8 महिलाओं की जान, धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ जैसी स्थिति

surbhi मार्च 31, 2026 0