Share Market

Carlsberg IPO
बीयर दिग्गज Carlsberg का बड़ा दांव: भारत में 700 मिलियन डॉलर IPO की तैयारी

नई दिल्ली, एजेंसियां। डेनमार्क की प्रमुख बीयर कंपनी Carlsberg ने भारत में अपने कारोबार को शेयर बाजार में लिस्ट कराने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने भारतीय बाजार नियामक SEBI के पास अपनी यूनिट के लिए गोपनीय रूप से IPO फाइलिंग की है।   IPO का साइज 700 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है   सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित IPO का आकार लगभग 700 मिलियन डॉलर (करीब ₹6,000–6,600 करोड़) तक हो सकता है। यह पूरी तरह से Offer for Sale (OFS) आधारित होगा, जिसमें मौजूदा हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचा जाएगा।   बड़े इन्वेस्टमेंट बैंक को मिली जिम्मेदारी   इस IPO प्रक्रिया के लिए कंपनी ने प्रमुख ग्लोबल और घरेलू निवेश बैंकों को जिम्मेदारी दी है। इसमें Kotak Mahindra Capital, Citigroup और JP Morgan India शामिल हैं, जो इस इश्यू को मैनेज करेंगे।   भारत के IPO बाजार में बढ़ेगी हलचल   विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का तेजी से बढ़ता शेयर बाजार विदेशी कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। Carlsberg का यह कदम इसी ट्रेंड को और मजबूत करेगा।   भारतीय बाजार में मजबूत स्थिति   Carlsberg भारत में लंबे समय से सक्रिय है और देश के तेजी से बढ़ते पेय बाजार में इसकी मजबूत हिस्सेदारी मानी जाती है। IPO के बाद कंपनी की ब्रांड वैल्यू और विस्तार योजनाओं को और गति मिलने की उम्मीद है।

abhishek singh जुलाई 3, 2026 0
Stock Market
Stock Market: शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 500 अंक से अधिक उछला

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। सकारात्मक वैश्विक संकेतों और आईटी शेयरों में खरीदारी के दम पर सेंसेक्स 500 अंक से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 24,300 के ऊपर मजबूती से बना रहा।   आईटी शेयरों ने बाजार को दी मजबूती   बाजार की तेजी में आईटी सेक्टर का सबसे बड़ा योगदान रहा। एचसीएल टेक, इन्फोसिस और टीसीएस के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। इसके अलावा कुछ बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई।   वैश्विक संकेतों से मिला समर्थन   विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय बाजार को मजबूती दी। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी भी बाजार के पक्ष में रही।   इन शेयरों पर रही निवेशकों की नजर   आज के कारोबार में बजाज फाइनेंस, पंजाब नेशनल बैंक (PNB), मारिको, अडानी एंटरप्राइजेज और पीबी फिनटेक जैसे शेयर निवेशकों के फोकस में रहे। कंपनियों के तिमाही कारोबारी अपडेट और बेहतर प्रदर्शन के संकेतों से इन शेयरों में गतिविधि बढ़ी है।   विशेषज्ञों की राय   बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि निफ्टी मौजूदा स्तरों के ऊपर टिके रहने में सफल रहता है, तो आने वाले दिनों में इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

anjali kumari जुलाई 3, 2026 0
Share Market
बढ़त के साथ बंद  हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 579 अंक चढ़ा, जानें निफ्टी का हाल

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को मजबूत बढ़त के साथ कारोबार का समापन किया। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और आईटी सेक्टर में जोरदार खरीदारी के दम पर बाजार में चौतरफा तेजी देखने को मिली। कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 579.48 अंक यानी 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,502.12 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 169.86 अंक यानी 0.71 प्रतिशत चढ़कर 24,175.70 के स्तर पर पहुंच गया।   कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट बनी बड़ी वजह बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 70 डॉलर प्रति बैरल पर आने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में तेल सस्ता होने से कंपनियों की लागत कम होने और अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद से बाजार में खरीदारी तेज हुई।   आईटी शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा मजबूती गुरुवार के कारोबार में आईटी सेक्टर बाजार की तेजी का प्रमुख आधार बना। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। प्रमुख आईटी कंपनी एचसीएल टेक के शेयरों में लगभग 5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि बजाज फिनसर्व के शेयर भी करीब 3 प्रतिशत मजबूत हुए। इसके अलावा मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और केमिकल सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। हालांकि, मीडिया सेक्टर में हल्की कमजोरी दर्ज की गई।   वैश्विक बाजारों से मिला सकारात्मक संकेत एशियाई बाजारों में जापान का टोपिक्स और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि अमेरिकी और यूरोपीय वायदा बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। इन वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।   विश्लेषकों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं और आईटी सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रहती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार में तेजी का रुख जारी रह सकता है। हालांकि, रुपया डॉलर के मुकाबले 24 पैसे कमजोर होकर 95.40 के स्तर पर बंद हुआ।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
Indian stock market opens higher as Sensex surges over 500 points, led by gains in Infosys and Adani Enterprises.
Share Market Opening: लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 500 अंक उछला, Infosys और Adani Enterprises में शानदार बढ़त

मुंबई: घरेलू शेयर बाजार ने लगातार दूसरे कारोबारी दिन मजबूत शुरुआत की। अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत से भू-राजनीतिक तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 500 अंक तक उछल गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 24,150 अंक के करीब पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा खरीदारी आईटी शेयरों में देखने को मिली, जबकि व्यापक बाजार (Broader Market) में भी सकारात्मक माहौल बना रहा। सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत शुरुआत सुबह करीब 9:40 बजे तक— बीएसई सेंसेक्स 493.71 अंक यानी 0.64% की बढ़त के साथ 77,416.35 अंक पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी 50 143.85 अंक यानी 0.60% चढ़कर 24,149.70 अंक पर पहुंच गया। वहीं, शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया भी मजबूती के साथ कारोबार करता दिखा। आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी बाजार की तेजी में सबसे बड़ा योगदान आईटी सेक्टर का रहा। Infosys के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जिससे यह सेंसेक्स के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहा। इसके अलावा— HCL Technologies TCS Tech Mahindra के शेयरों में भी लगभग 2 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली। आईटी शेयरों में आई इस तेजी ने पूरे बाजार की धारणा को मजबूत किया। Adani Enterprises सहित कई दिग्गज शेयरों में बढ़त आईटी कंपनियों के अलावा Adani Enterprises सहित कई अन्य प्रमुख शेयरों में भी निवेशकों की अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली। हालांकि, सभी शेयरों में तेजी नहीं रही। Bajaj Finance के शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और यह सेंसेक्स में सबसे अधिक नुकसान उठाने वाला शेयर रहा। ब्रॉडर मार्केट में भी दिखी मजबूती केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.3% मजबूत रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में भी लगभग 0.3% की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो— निफ्टी आईटी लगभग 3% चढ़ा। निफ्टी रियल्टी में करीब 1% की तेजी रही। निफ्टी मेटल इंडेक्स भी लगभग 1% मजबूत हुआ। एनएसई पर कारोबार के दौरान लगभग— 1,818 शेयरों में तेजी, 586 शेयरों में गिरावट, जबकि 99 शेयर बिना किसी बदलाव के कारोबार करते नजर आए। यह आंकड़े बाजार में व्यापक खरीदारी का संकेत देते हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिला समर्थन विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी है। ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 1.06 प्रतिशत गिरकर 70.81 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच कतर की राजधानी दोहा में जारी वार्ता से निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई है। दोनों देशों के प्रतिनिधि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से सामान्य रूप से संचालित करने और ईरान के फ्रीज किए गए फंड को जारी करने जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की संभावना बढ़ सकती है। निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यही कारक आगे बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
Share Market
जोरदार उछाल  के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। दो दिन की लगातार गिरावट के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत वापसी की। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और निवेशकों की खरीदारी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में जोरदार उछाल देखा गया। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 443.97 अंक या 0.58 फीसदी बढ़कर 76,922.64 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 140.10 अंक या 0.59 फीसदी की तेजी के साथ 24,005.85 के स्तर पर पहुंच गया।   इंट्रा-डे में 631 अंक तक चढ़ा सेंसेक्स, कई बड़े शेयरों में खरीदारी दिन के दौरान सेंसेक्स में मजबूत तेजी देखने को मिली और यह 631.41 अंक तक उछलकर 77,110.08 के उच्च स्तर पर पहुंच गया। बाजार को एटरनल, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अदाणी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एसबीआई जैसे शेयरों में खरीदारी से सपोर्ट मिला। हालांकि, आईटी सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला, जहां एचसीएल टेक, टीसीएस, इंफोसिस और टेक महिंद्रा जैसे स्टॉक्स गिरावट में रहे।   वैश्विक बाजार और कच्चे तेल ने दिया सहारा वैश्विक स्तर पर भी बाजारों में मिलाजुला लेकिन सकारात्मक रुख रहा। अमेरिका और एशियाई बाजारों में मजबूती ने भारतीय बाजार को सपोर्ट किया। वहीं, ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.07 फीसदी गिरकर 72.17 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जिससे महंगाई की आशंका कम हुई और निवेशकों का भरोसा बढ़ा।   विशेषज्ञों की राय और निवेशकों की भावना विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू बाजार में H2CY26 को लेकर सकारात्मक रुख बना हुआ है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के विनोद नायर के मुताबिक, अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की उम्मीद, मध्य पूर्व में तनाव में कमी और कच्चे तेल की नरम कीमतें बाजार के लिए अनुकूल माहौल बना रही हैं।   FIIs की बिकवाली के बावजूद बाजार मजबूत हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने मंगलवार को 2,556 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली की थी, लेकिन इसके बावजूद बुधवार को घरेलू बाजार में तेजी देखने को मिली। मंगलवार को बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे, लेकिन अगले ही सत्र में निवेशकों ने मजबूत खरीदारी दिखाकर बाजार को ऊंचाई पर पहुंचा दिया।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
Advit Jewels IPO shares debut with a strong premium, delivering impressive listing gains to investors on stock exchanges.
Advit Jewels IPO Listing: निवेशकों की पहले ही दिन हुई शानदार कमाई, 36% प्रीमियम पर लिस्ट हुए शेयर

आईपीओ बाजार में एक बार फिर निवेशकों को शानदार लिस्टिंग गेन मिला है। राजस्थान के जयपुर स्थित हैंडक्राफ्टेड ज्वैलरी निर्माता Advit Jewels के शेयरों ने शेयर बाजार में दमदार शुरुआत करते हुए पहले ही दिन निवेशकों को करीब 36 फीसदी का मुनाफा दे दिया। कंपनी के शेयर बुधवार को BSE और NSE पर अपने इश्यू प्राइस से काफी ऊपर सूचीबद्ध हुए, जिससे आईपीओ में निवेश करने वाले शेयरधारकों की अच्छी कमाई हुई। किस भाव पर हुई लिस्टिंग? NSE पर Advit Jewels का शेयर ₹188.90 प्रति शेयर पर सूचीबद्ध हुआ। कंपनी का इश्यू प्राइस ₹138 था, यानी शेयर ने लगभग 36.8% प्रीमियम के साथ बाजार में एंट्री की। वहीं BSE पर शेयर ₹187 प्रति शेयर पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 35.5% की बढ़त दर्शाता है। ग्रे मार्केट के अनुमान पर खरी उतरी लिस्टिंग शेयर की लिस्टिंग ग्रे मार्केट की उम्मीदों के अनुरूप रही। लिस्टिंग से पहले कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब ₹50 चल रहा था, जिससे संकेत मिल रहे थे कि शेयर लगभग 36% प्रीमियम पर सूचीबद्ध हो सकता है। वास्तविक लिस्टिंग भी लगभग इसी स्तर पर रही। आईपीओ को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स Advit Jewels के आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। आंकड़ों के अनुसार, यह इश्यू कुल मिलाकर 212.63 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल निवेशक श्रेणी: 95.30 गुना गैर-संस्थागत निवेशक (NII): 536.38 गुना इतनी मजबूत सब्सक्रिप्शन ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि शेयर की लिस्टिंग दमदार हो सकती है। कंपनी जुटाई गई राशि का क्या करेगी? यह आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू था, जिसमें 1.20 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किए गए। इसमें ऑफर फॉर सेल (OFS) का कोई हिस्सा शामिल नहीं था। कंपनी ने बताया है कि आईपीओ से जुटाई गई पूंजी का उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जाएगा— वर्किंग कैपिटल की जरूरतें पूरी करने के लिए मौजूदा कर्ज का भुगतान सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए निवेशकों के लिए क्या संकेत? Advit Jewels की मजबूत लिस्टिंग एक बार फिर यह दिखाती है कि जिन कंपनियों के बिजनेस मॉडल और आईपीओ को निवेशकों का अच्छा समर्थन मिलता है, वे लिस्टिंग के दिन बेहतर रिटर्न दे सकती हैं। हालांकि, विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह देते हैं कि केवल लिस्टिंग गेन के आधार पर निवेश का निर्णय लेने के बजाय कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य की संभावनाओं का भी मूल्यांकन करें।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Share Market
शेयर बाजार में दो दिनों की गिरावट के बाद शानदार वापसी, सेंसेक्स 150 अंक से अधिक चढ़ा; निफ्टी 23,900 के पार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को लगातार दो दिनों की गिरावट के बाद मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 150 अंकों से अधिक उछलकर 76,600 के ऊपर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 भी 23,900 के स्तर के पार कारोबार करता दिखा। ऑटो, फार्मा और मिडकैप शेयरों में खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला।   ऑटो और फार्मा शेयरों में जोरदार खरीदारी   बाजार में सबसे अधिक तेजी ऑटो और फार्मा सेक्टर में देखने को मिली। जून महीने के वाहन बिक्री आंकड़ों की उम्मीद में ऑटो शेयरों में खरीदारी बढ़ी, जबकि फार्मा कंपनियों के शेयर भी मजबूती के साथ कारोबार करते रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी शुरुआती बढ़त दर्ज की गई।   वैश्विक संकेतों पर निवेशकों की नजर   विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें और जुलाई महीने के मानसून का प्रदर्शन निवेशकों की चिंता का विषय बने हुए हैं। हालांकि बाजार में घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने सकारात्मक माहौल बनाए रखा।   विशेषज्ञों की राय   बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निकट भविष्य में सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को वैश्विक घटनाक्रम, कॉरपोरेट नतीजों और आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

abhishek singh जुलाई 1, 2026 0
Share Market
शेयर बाजार में शानदार तेजी, सेंसेक्स 200 अंक से अधिक उछला, निफ्टी 24,000 के पार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को मजबूती के साथ कारोबार शुरू  किया है । बीएसई सेंसेक्स 200 अंकों से अधिक चढ़कर 77,000 के ऊपर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 ने 24,000 का स्तर पार कर लिया है। पिछले कारोबारी सत्र में हुई गिरावट के बाद आज बाजार में रिकवरी देखने को मिली है।   बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी   आज के कारोबार में HDFC Bank, Maruti Suzuki और अन्य बैंकिंग शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। HDFC Bank में प्रबंधन स्तर पर हुए बदलाव और Maruti Suzuki के शेयरों में करीब 3% की तेजी ने बाजार को मजबूती दी है। बैंकिंग इंडेक्स भी हरे निशान में कारोबार करता रहा।   वैश्विक संकेतों से मिला सहारा   एशियाई बाजारों में मजबूती, अमेरिकी टेक शेयरों में रिकवरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय बाजार का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। ब्रेंट क्रूड 73 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।   इन शेयरों पर रही खास नजर   आज के कारोबार में HDFC Bank, Bajaj Auto, BPCL, Hindustan Unilever, Tata Motors, JSW Energy, Biocon, BHEL और City Union Bank जैसे शेयर निवेशकों के फोकस में रहे। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले सत्रों में इन शेयरों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।   निवेशकों की नजर आगे क्या?   विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों (FII) के निवेश और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर रहेगी। यदि सकारात्मक माहौल बना रहा तो बाजार में तेजी आगे भी जारी रह सकती है।

abhishek singh जून 30, 2026 0
Share Market
हरे निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार 25 जून 2026 को निवेशकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। मजबूत कारोबारी रुझान और प्रमुख सेक्टर्स में व्यापक खरीदारी के दम पर बाजार हरे निशान में बंद हुआ।   सेंसेक्स और निफ्टी के क्लोजिंग आंकड़े बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 109.25 अंक यानी 0.14% की तेजी के साथ 77,100.47 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 34.35 अंक की बढ़त लेकर 24,056 के स्तर पर पहुंच गया।   इन सेक्टर्स ने दिखाया दमदार प्रदर्शन बाजार की इस तेजी में रियल्टी, ऑटो, वित्तीय सेवाओं और सीमेंट शेयरों का दबदबा रहा। बैंकिंग शेयरों ने भी सकारात्मक योगदान दिया। दिग्गज ऑटो कंपनियों महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति के शेयरों में 4-4 प्रतिशत का शानदार उछाल दर्ज किया गया जो कारोबारी सत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।   मेटल और मीडिया में मुनाफावसूली हालांकि बाजार का समग्र माहौल सकारात्मक रहा लेकिन मेटल और मीडिया सेक्टर में निवेशकों ने चुनिंदा मुनाफावसूली की जिससे ये सेक्टर बाजार की रफ्तार में पीछे रह गए।   ग्लोबल मार्केट से मिले सकारात्मक संकेत अंतरराष्ट्रीय बाजारों में S&P 500 फ्यूचर्स में 0.6% और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 2% की मजबूत बढ़त दर्ज हुई। जापान के टोपिक्स में 1.6% की तेजी आई। कुल मिलाकर ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग जैसे कोर सेक्टर्स में निवेशकों का भरोसा बाजार की मजबूती का स्पष्ट संकेत दे रहा है।

abhishek singh जून 25, 2026 0
Share Market
हफ्ते के पहले दिन बाजार में बहार, सेंसेक्स-निफ्टी ने दिखाई जोरदार तेजी

मुंबई, एजेंसियां। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। पिछले सत्र की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए सेंसेक्स 423.30 अंक (0.55%) की बढ़त के साथ 77,226.20 पर खुला, जबकि निफ्टी 119.11 अंक (0.50%) चढ़कर 24,132.20 के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में आई इस तेजी से निवेशकों का भरोसा फिर मजबूत होता नजर आया। आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिसमें एचसीएल टेक और मारुति शुरुआती कारोबार के प्रमुख गेनर्स रहे।   मॉनसून की धीमी रफ्तार बनी चिंता की वजह बाजार में तेजी के बावजूद निवेशकों की नजर मॉनसून की प्रगति पर बनी हुई है। इस वर्ष जून में अब तक सामान्य से करीब 38 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मॉनसून में और देरी होती है तो खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है। इससे खाद्य महंगाई बढ़ने और ग्रामीण मांग कमजोर पड़ने का खतरा रहेगा, जिसका असर देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों की आय पर भी पड़ सकता है।   ग्लोबल बाजारों से मिले-जुले संकेत अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख मिला-जुला रहा। जापान का टॉपिक्स इंडेक्स 1.3 फीसदी और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.1 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। वहीं अमेरिकी S&P 500 फ्यूचर्स में 0.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। एशिया में हैंग सेंग 1.3 फीसदी और शंघाई कंपोजिट 0.2 फीसदी कमजोर रहे। इसके अलावा यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स भी 0.3 फीसदी फिसले।   आगे इन संकेतों पर रहेगी बाजार की नजर विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल घरेलू बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में बाजार की दिशा मॉनसून की प्रगति, महंगाई के आंकड़ों और वैश्विक बाजारों के रुख पर निर्भर करेगी। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए बाजार की चाल पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

abhishek singh जून 22, 2026 0
Mid Cap Small Cap Share
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार खरीदारी, निवेशकों का बढ़ा भरोसा

मुंबई, एजेंसियां। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में  मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। प्रमुख सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी खरीदारी का माहौल बना रहा, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा है।   मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दिखी मजबूती   बाजार विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों की उम्मीद के चलते मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। कई कंपनियों के शेयरों में 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।   निवेशकों का मध्यम और छोटी कंपनियों के तरफ बढ़ा रुझान   विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक अब केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बेहतर ग्रोथ की संभावना वाले मध्यम और छोटी कंपनियों में भी निवेश कर रहे हैं। इससे बाजार के व्यापक हिस्से में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है।   विशेषज्ञों ने दी सतर्कता बरतने की सलाह   हालांकि बाजार में तेजी का माहौल है, लेकिन विशेषज्ञों ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, बिजनेस मॉडल और बाजार जोखिमों का मूल्यांकन अवश्य करना चाहिए।   आगे भी बनी रह सकती है तेजी   कारोबार के अंत में बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा और निवेशकों को अच्छे रिटर्न की उम्मीद के साथ नई खरीदारी देखने को मिली। बाजार जानकारों का मानना है कि यदि घरेलू और वैश्विक संकेत अनुकूल रहे तो आने वाले दिनों में भी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में तेजी जारी रह सकती है।

abhishek singh जून 17, 2026 0
Share Market
शेयर मार्केट में चौथे दिन भी तेजी बरकरार, सेंसेक्स-निफ्टी ने बढ़ाया निवेशकों का उत्साह

मुंबई,एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। बाजार में खरीदारी का माहौल बने रहने से निवेशकों की संपत्ति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 347 अंकों की बढ़त के साथ 77,155.62 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 96 अंकों की मजबूती के साथ 24,085.70 के स्तर पर बंद हुआ।   बैंकिंग और आईटी शेयरों में दिखी मजबूती   बाजार की तेजी में बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों का अहम योगदान रहा। निवेशकों ने चुनिंदा ब्लू-चिप कंपनियों के शेयरों में जमकर खरीदारी की, जिससे प्रमुख सूचकांकों को मजबूती मिली।   कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिला समर्थन   विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसी आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए राहत की खबर मानी जा रही है।   निवेशकों में बढ़ा उत्साह   लगातार चार दिनों से जारी तेजी के कारण निवेशकों का बाजार के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार का व्यापक दायरा मजबूत रहा है।   आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल   बाजार जानकारों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और विदेशी निवेशकों का समर्थन मिलता है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार में सकारात्मक रुख बना रह सकता है। हालांकि निवेशकों को उतार-चढ़ाव को देखते हुए सावधानी के साथ निवेश करने की सलाह दी गई है।

abhishek singh जून 17, 2026 0
Share Market
हरे निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार , सेंसेक्स 1,695 अंक उछला; निफ्टी 23,600 के पार

मुंबई, एजेंसियां। कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सकारात्मक वैश्विक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। इसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखा। बीएसई सेंसेक्स 1,695.40 अंकों की छलांग लगाकर 75,527.95 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 461.31 अंक चढ़कर 23,622.90 के स्तर पर पहुंच गया।   चार प्रमुख कारणों से बाजार में आई तेजी विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की इस मजबूत बढ़त के पीछे चार अहम वजहें रहीं। पहली, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीद से वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा। दूसरी, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत का माहौल बनाया। तीसरी, एशियाई और यूरोपीय बाजारों में मजबूत रैली का सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। चौथी, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया।   रियल्टी, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी शुक्रवार के कारोबार में लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। रियल्टी सेक्टर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि ऑटो, मीडिया, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। श्रीराम फाइनेंस के शेयर करीब 8 प्रतिशत तक उछले, वहीं लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) में लगभग 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। एफएमसीजी, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में भी मजबूती रही, जबकि आईटी सेक्टर में अपेक्षाकृत सीमित बढ़त देखने को मिली।   रुपया मजबूत, वैश्विक बाजारों में भी तेजी डॉलर के मुकाबले रुपया 72 पैसे मजबूत होकर 95.13 के स्तर पर पहुंच गया। एशिया और यूरोप के प्रमुख शेयर बाजारों में भी मजबूती का रुख देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होता है और आर्थिक संकेतक सकारात्मक बने रहते हैं, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी भारतीय शेयर बाजार में तेजी का माहौल बरकरार रह सकता है।

abhishek singh जून 12, 2026 0
Share Market
शेयर बाजार गुलजार, सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को शानदार शुरुआत करते हुए निवेशकों को राहत दी। वैश्विक स्तर पर सकारात्मक माहौल, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीद तथा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। कारोबार के शुरुआती घंटों में बीएसई सेंसेक्स 850 अंकों से अधिक उछलकर करीब 74,700 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी लगभग 23,400 के स्तर के करीब कारोबार करता दिखाई दिया। दोनों प्रमुख सूचकांकों में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी ने निवेशकों के मजबूत भरोसे का संकेत दिया।   किन सेक्टर्स ने सबसे ज्यादा दम दिखाया? बाजार की इस रैली में लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों ने सकारात्मक प्रदर्शन किया। रियल्टी सेक्टर सबसे बड़ा गेनर रहा, जबकि ऑटो, मीडिया और फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई। बैंकिंग शेयरों ने बाजार को मजबूत सहारा दिया, वहीं एफएमसीजी, फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टरों में भी लगातार बढ़त बनी रही। हालांकि, आईटी सेक्टर का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा और इसमें केवल मामूली तेजी देखने को मिली।   दुनियाभर के बाजारों का क्या है हाल ? वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने भी भारतीय बाजार की तेजी को बल दिया। एशियाई बाजारों में जापान का टोपिक्स इंडेक्स और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 उल्लेखनीय बढ़त के साथ कारोबार करते रहे। वहीं, हैंग सेंग फ्यूचर्स, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स और यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स भी हरे निशान में रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है। यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं और विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है।

abhishek singh जून 12, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty decline amid geopolitical tensions and oil price surge.
Share Market Update: पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक टूटा

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। अमेरिका द्वारा ईरान के कई ठिकानों पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई और बाजार दबाव में आ गया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 भी 23,100 के स्तर के नीचे फिसल गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 73,983.18 अंक पर बंद हुआ था। गुरुवार को यह 73,615.99 अंक पर खुला। सुबह करीब 9:21 बजे सेंसेक्स 289.38 अंक यानी 0.39 फीसदी की गिरावट के साथ 73,693.80 अंक पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 50 भी 75.30 अंक यानी 0.32 फीसदी टूटकर 23,139.65 के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान रुपया भी दबाव में दिखा और डॉलर के मुकाबले 35 पैसे कमजोर होकर 95.60 पर खुला। आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 26 गिरावट के साथ खुले। सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर पर देखने को मिला। गिरावट वाले प्रमुख शेयर: एचसीएल टेक इन्फोसिस टेक महिंद्रा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) महिंद्रा एंड महिंद्रा टाइटन टाटा स्टील एशियन पेंट्स ट्रेंट एचसीएल टेक का शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 2.96 फीसदी तक टूट गया। इन शेयरों में रही तेजी बाजार की कमजोरी के बीच कुछ शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली। तेजी वाले प्रमुख शेयर: पावरग्रिड आईसीआईसीआई बैंक सन फार्मा भारती एयरटेल ब्रॉडर मार्केट भी दबाव में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.61 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.62 फीसदी फिसला। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2 फीसदी से अधिक की कमजोरी रही। ऑटो, केमिकल और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टरों में भी गिरावट देखी गई। हालांकि, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में मजबूती बनी रही। क्यों टूटा शेयर बाजार? अमेरिका के ईरान पर हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड लगभग 1.72 फीसदी बढ़कर 94.72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 2 फीसदी की तेजी के साथ 91.82 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया और बाजार में बिकवाली बढ़ गई।  

surbhi जून 11, 2026 0
Sensex Nifty Update
शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 400 अंक गिरा, निफ्टी 23150 से नीचे

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण निवेशकों में चिंता बढ़ गई। बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 73,983.18 अंक के मुकाबले गिरकर 73,615.99 अंक पर खुला। वहीं, निफ्टी 50 भी 23,214.95 अंक से फिसलकर 23,104.40 अंक पर खुला और बाद में 23,100 के स्तर से नीचे पहुंच गया।   मिडिल ईस्ट संकट बना बड़ी वजह विश्लेषकों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। निवेशकों को आशंका है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसी डर के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी देखी गई, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।   तेल की बढ़ती कीमतों से बढ़ी चिंता भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से आयात बिल बढ़ सकता है और महंगाई पर दबाव बन सकता है। यही वजह है कि निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाते हुए बिकवाली को प्राथमिकता दी।   इन सेक्टरों में सबसे ज्यादा कमजोरी बैंकिंग, ऑटो, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखने को मिला। निफ्टी आईटी इंडेक्स भी गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। दूसरी ओर, ऑयल एंड गैस सेक्टर की कुछ कंपनियों में खरीदारी देखी गई, क्योंकि तेल कीमतों में वृद्धि से इन कंपनियों को फायदा मिलने की संभावना है।   निवेशकों के लिए क्या है सलाह? विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव के बीच घबराकर निवेश संबंधी फैसले लेने से बचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत कंपनियों पर भरोसा बनाए रखना चाहिए। बाजार की आगे की दिशा मिडिल ईस्ट के घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। यदि तनाव कम होता है तो बाजार में रिकवरी देखने को मिल सकती है।

abhishek singh जून 11, 2026 0
Share Market News
मामूली बढ़त के साथ बंद  हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां।  घरेलू शेयर बाजार में बुधवार का कारोबार सुस्त और मिला-जुला रुख लेकर बंद हुआ। कारोबार के अंत में प्रमुख सूचकांक अलग-अलग दिशा में बंद हुए, जहां सेंसेक्स ने मामूली बढ़त दर्ज की, वहीं निफ्टी दबाव में लाल निशान पर बंद हुआ।   सेंसेक्स में 64 अंकों की बढ़त बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 64.42 अंकों की हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ। यह 0.08 प्रतिशत की तेजी के साथ 73,983.18 के स्तर पर स्थिर रहा। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स ने मामूली बढ़त के साथ निवेशकों को सीमित राहत दी।   निफ्टी में गिरावट, लाल निशान में बंद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स कमजोर रुख के साथ बंद हुआ। यह 27.15 अंकों की गिरावट यानी 0.12 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,214.95 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी में दिनभर बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे यह लाल निशान में फिसल गया।   प्रमुख शेयरों में मिला-जुला प्रदर्शन बाजार में सेक्टोरल और स्टॉक आधारित मूवमेंट देखने को मिला। एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचयूएल के शेयरों में लगभग 2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जिसने बाजार को कुछ सहारा दिया। वहीं, मेटल सेक्टर की प्रमुख कंपनी हिंडाल्को के शेयरों में 3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों को नुकसान हुआ।   रुपये में मजबूती विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया भी मजबूत हुआ। रुपया 14 पैसे की बढ़त के साथ डॉलर के मुकाबले 95.27 पर बंद हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, रिजर्व बैंक की संभावित हस्तक्षेप नीति ने रुपये को सपोर्ट दिया।   बाजार में सतर्कता का माहौल कुल मिलाकर, बाजार में निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना रहा। सेंसेक्स की मामूली बढ़त और निफ्टी की गिरावट यह संकेत देती है कि बाजार में चुनिंदा खरीदारी और बिकवाली का दबाव समान रूप से बना रहा।

abhishek singh जून 10, 2026 0
Share Market Update
शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स 418 अंक उछला; निफ्टी 23,200 के पार

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को मजबूत शुरुआत देखने को मिली। सोमवार की गिरावट के बाद निवेशकों की वापसी से प्रमुख सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 418.98 अंक यानी 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,943.24 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 123.85 अंक यानी 0.54 प्रतिशत चढ़कर 23,246.85 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। बाजार में आई इस तेजी ने निवेशकों को राहत दी है। इंडिगो और ट्रेंट समेत कई शेयरों में खरीदारी शुरुआती कारोबार में एविएशन और रिटेल सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई। इंडिगो और ट्रेंट के शेयर करीब दो प्रतिशत तक चढ़े। वहीं रुपये में भी मजबूती दर्ज की गई और भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 20 पैसे मजबूत होकर 95.41 पर पहुंच गई। वैश्विक बाजारों से मिला सकारात्मक संकेत विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में करीब एक प्रतिशत की गिरावट और पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। एशियाई शेयर बाजारों में भी जोरदार रिकवरी देखने को मिली। एमएससीआई एशिया पैसिफिक इंडेक्स 1.3 प्रतिशत चढ़कर तीन दिनों की गिरावट को समाप्त करने में सफल रहा। अमेरिकी बाजार और एआई शेयरों से मिला समर्थन बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी तकनीकी और चिप कंपनियों के शेयरों में सुधार से वैश्विक निवेश भावना मजबूत हुई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े शेयरों में तेजी ने भी बाजार को सहारा दिया। अमेरिकी सूचकांकों डॉव जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक में भी मजबूती दर्ज की गई, जिसका असर एशियाई बाजारों पर पड़ा। आरबीआई की नीतियों और भू-राजनीतिक राहत का असर विशेषज्ञ अजय बग्गा के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक की एफसीएनआर(बी) संबंधी नीतिगत पहल से विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा ईरान और इजराइल के बीच तनाव कम होने से भी निवेशकों की चिंता घटी है। हालांकि विदेशी निवेशकों की हालिया बिकवाली के बावजूद बाजार में सुधार की संभावना बनी हुई है। एशियाई बाजारों में भी दिखी तेजी जापान का निक्केई 225 सूचकांक 1.73 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक करीब 5 प्रतिशत तक उछल गया। वहीं शंघाई बाजार में भी बढ़त दर्ज की गई। वैश्विक संकेतों और घरेलू कारकों के समर्थन से भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

Unknown जून 9, 2026 0
Share Market
शेयर बाजार में हरियाली,  सेंसेक्स 74,500 के पार, निफ्टी 23,400 से ऊपर

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार आज शुक्रवार को मजबूत शुरुआत की। निवेशकों की खरीदारी और सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच बीएसई सेंसेक्स तथा एनएसई निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले। हालांकि बाजार की दिशा अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले पर टिकी हुई है, जिसकी घोषणा सुबह 10 बजे होनी है। सेंसेक्स और निफ्टी की मजबूत शुरुआत सुबह 9:32 बजे तक सेंसेक्स 197.90 अंक यानी 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,557.91 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 51.41 अंक या 0.22 प्रतिशत चढ़कर 23,467.95 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी का 23,400 के ऊपर बने रहना बाजार की मजबूती का संकेत माना जा रहा है। इन्फोसिस और अदाणी पोर्ट्स बने बाजार के हीरो शुरुआती कारोबार में आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। विशेष रूप से इन्फोसिस और अदाणी पोर्ट्स के शेयर लगभग 2-2 प्रतिशत तक उछले। इन बड़े शेयरों की तेजी ने बाजार को ऊपर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और निवेशकों का भरोसा मजबूत किया। निवेशकों की नजर RBI के फैसले पर विश्लेषकों का मानना है कि बाजार फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है क्योंकि निवेशक RBI के नीति निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। ब्याज दरों, महंगाई, आर्थिक वृद्धि और तरलता से जुड़े संकेत बाजार की आगे की दिशा तय करेंगे। यदि RBI की नीति बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहती है तो शेयर बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है। आगे क्या? आज का सबसे बड़ा ट्रिगर RBI की मौद्रिक नीति घोषणा है। निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों को उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक की टिप्पणी से आने वाले महीनों में अर्थव्यवस्था और ब्याज दरों की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिलेंगे। ऐसे में दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

Unknown जून 5, 2026 0
Rajesh Exports shares hit lower circuit after SEBI action over alleged financial irregularities
राजेश एक्सपोर्ट्स पर सेबी की बड़ी कार्रवाई, रेवेन्यू बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के आरोप के बाद शेयर में लगा लोअर सर्किट

  राजेश एक्सपोर्ट्स पर सेबी की बड़ी कार्रवाई, रेवेन्यू बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के आरोप के बाद शेयर में लगा लोअर सर्किट सोने की रिफाइनिंग और आभूषण निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Rajesh Exports को बड़ा झटका लगा है। बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India (सेबी) ने कंपनी और इसके प्रमोटर Rajesh Mehta के खिलाफ अंतरिम आदेश जारी करते हुए गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर संकेत किया है। सेबी की कार्रवाई के बाद गुरुवार को कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली और बाजार खुलते ही शेयर लोअर सर्किट पर पहुंच गया। शेयर में 5 प्रतिशत की गिरावट बीएसई पर राजेश एक्सपोर्ट्स का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 110.15 रुपये पर बंद हुआ था। सेबी के आदेश के बाद शेयर करीब 5 प्रतिशत गिरकर 104.65 रुपये पर खुला और लोअर सर्किट में फंस गया। कंपनी के शेयर का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 239 रुपये और न्यूनतम स्तर 80.11 रुपये रहा है। सेबी की जांच में क्या सामने आया? सेबी द्वारा 3 जून को जारी अंतरिम आदेश के अनुसार, जांच और फोरेंसिक ऑडिट के दौरान कई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। नियामक का आरोप है कि कंपनी ने अपने राजस्व (रेवेन्यू) को लगभग 97 से 99 प्रतिशत तक बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया। सेबी ने इस मामले को अत्यंत गंभीर और असाधारण प्रकृति का बताया है। जांच एजेंसी का कहना है कि कंपनी ने जांच के दौरान अपेक्षित सहयोग भी नहीं किया और कई महत्वपूर्ण जानकारियां समय पर उपलब्ध नहीं कराईं। शिकायत के बाद शुरू हुई जांच मार्च 2024 में सेबी को कंपनी के खातों में दिखाए गए बड़े पैमाने के ट्रेड रिसीवेबल्स को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके बाद नियामक ने अप्रैल 2020 से मार्च 2024 तक की अवधि की विस्तृत जांच शुरू की। मामले की गहराई से जांच के लिए फोरेंसिक ऑडिट भी कराया गया, जिसमें वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के साथ हुए लेन-देन की समीक्षा की गई। प्रमोटर पर लगा बाजार में कारोबार करने पर प्रतिबंध सेबी ने अपने अंतरिम आदेश में राजेश मेहता को अगले आदेश तक कंपनी के शेयरों में किसी भी प्रकार का लेन-देन करने से रोक दिया है। इसका मतलब है कि वे फिलहाल कंपनी के शेयर खरीद, बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा कंपनी को 30 दिनों के भीतर जांच से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। विदेशी सहायक कंपनियों की भी हुई जांच सेबी ने केवल भारत में कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच नहीं की, बल्कि सिंगापुर और स्विट्जरलैंड स्थित राजेश एक्सपोर्ट्स की सहायक कंपनियों की वित्तीय रिपोर्टिंग की भी समीक्षा की है। कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने के उत्पादों की बिक्री करती है और "शुभ जूलर्स" ब्रांड के तहत आभूषण स्टोर भी संचालित करती है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? विशेषज्ञों का मानना है कि नियामकीय जांच और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप किसी भी सूचीबद्ध कंपनी के लिए गंभीर मामला होते हैं। ऐसे मामलों में निवेशकों को आधिकारिक सूचनाओं और नियामक संस्थाओं के अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।  

surbhi जून 4, 2026 0
Stock Market
Stock Market: भारी गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, 700 अंकों से ज्यादा टूटा सेंसेक्स; निफ्टी 23,300 के नीचे फिसला

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों की बढ़ती चिंता के बीच बाजार में जोरदार बिकवाली हावी रही। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी भी 23,300 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में आई इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।   लाल निशान में खुला बाजार घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत ही कमजोर रही। सेंसेक्स 142 अंकों की गिरावट के साथ 74,507 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 67 अंकों की कमजोरी के साथ 23,415 पर कारोबार शुरू हुआ। हालांकि दिन चढ़ने के साथ बिकवाली और तेज हो गई। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 726.56 अंक गिरकर 73,923.28 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 190 अंक से अधिक टूटकर 23,285 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।   मिडिल ईस्ट तनाव का असर विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता सैन्य तनाव है। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया घटनाक्रम ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क कर दिया है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और उसके जवाब में ईरान की प्रतिक्रिया ने क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने की आशंका को जन्म दिया है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाकर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।   एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख एशियाई बाजारों में मिश्रित तस्वीर देखने को मिली। जापान का Nikkei 225 रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया और 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की। वहीं Hang Seng Index में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। दक्षिण कोरिया के बाजार सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद रहे।   अमेरिकी बाजारों में रही मजबूती इसके विपरीत मंगलवार को अमेरिकी बाजार मजबूत बंद हुए थे। Dow Jones Industrial Average नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, जबकि S&P 500 ने पहली बार 7,600 का स्तर पार किया। Nasdaq Composite में भी मामूली बढ़त दर्ज की गई।   कच्चे तेल और डॉलर में बढ़त वैश्विक तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी 94 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता नजर आया। दूसरी ओर अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में भी हल्की मजबूती दर्ज की गई। रुपये पर दबाव बना रहा और हालिया कारोबारी सत्र में भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले कमजोर हुई।   निवेशकों के लिए सतर्क रहने का समय विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने और दीर्घकालिक निवेश रणनीति पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है।

Unknown जून 3, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0