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Stock Market: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 600 अंक टूटा

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार बुधवार को भारी बिकवाली के दबाव में खुला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 600 अंक तक कमजोर हो गया, जबकि निफ्टी 23,500 के स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 9:27 बजे सेंसेक्स 492.81 अंक यानी 0.65 प्रतिशत गिरकर 74,708.04 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 158.91 अंक टूटकर 23,459.10 पर पहुंच गया।   बाजार में गिरावट की मुख्य वजह भारतीय रुपये का अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 96.88 पर पहुंचना और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी है। ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, जिससे महंगाई और चालू खाता घाटे की चिंता बढ़ गई है।   विशेषज्ञों के अनुसार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-अमेरिका संघर्ष ने वैश्विक बाजारों पर दबाव बढ़ाया है। बैंकिंग और बाजार विशेषज्ञ अजय बग्गा ने कहा कि ऊंची तेल कीमतें, कमजोर रुपया और बढ़ती बॉन्ड यील्ड भारतीय बाजार के लिए नकारात्मक संकेत हैं। उन्होंने मानसून के कमजोर पूर्वानुमान को भी चिंता का विषय बताया, जिससे ग्रामीण मांग और कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकते हैं।सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो लगभग सभी प्रमुख सूचकांक लाल निशान में रहे। निफ्टी ऑटो 1.30 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.96 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी 1.78 प्रतिशत तक गिर गए। पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।   आज कई बड़ी कंपनियां चौथी तिमाही के नतीजे जारी करेंगी, जिनमें Grasim Industries, Apollo Hospitals Enterprise, Bosch और Ola Electric Mobility शामिल हैं। एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
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Stock market: तेजी के साथ शुरू हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान पर खुले। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी और अमेरिकी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार को मजबूती दी।   सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा चढ़ा शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 450 अंकों से अधिक उछलकर 75,850 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी भी बढ़त के साथ 23,750 के पार कारोबार करता नजर आया। निवेशकों की मजबूत खरीदारी से बाजार में उत्साह का माहौल रहा।   आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी सेंसेक्स में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, टाइटन, बजाज फाइनेंस और मारुति सुजुकी के शेयर भी बढ़त में रहे। हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारतीय स्टेट बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में गिरावट देखी गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा, ट्रेंट और एशियन पेंट्स भी नुकसान में कारोबार करते नजर आए।   ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर तीन रुपये की बढ़ोतरी का असर भी बाजार पर दिखाई दिया। चार साल बाद हुई इस बढ़ोतरी के चलते तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार चरणबद्ध तरीके से कीमतें बढ़ाकर मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।   वैश्विक बाजारों से मिला समर्थन अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को करीब एक फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी, जिसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर पड़ा। वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी ने भी बाजार की तेजी को समर्थन दिया।

Anjali Kumari मई 15, 2026 0
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Stock Market: गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार ,सेंसेक्स 583 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के नीचे

मुंबई, एजेंसियां। घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को गिरावट का दौर जारी रहा और बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। BSE Sensex 582.86 अंक गिरकर 76,913.50 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 180.10 अंक टूटकर 23,997.55 के स्तर पर आ गया। दिनभर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।   शुरुआत से ही दबाव में रहा बाजार कारोबार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई। सेंसेक्स 900 अंकों से ज्यादा गिरकर खुला था और बाद में कुछ रिकवरी के बावजूद नुकसान में ही बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 24,000 के अहम स्तर के नीचे फिसल गया, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई।   कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बना मुख्य कारण इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। Brent Crude 121 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो चार साल का उच्चतम स्तर है। हालांकि बाद में इसमें थोड़ी गिरावट आई, लेकिन ऊंचे दामों ने बाजार पर दबाव बनाए रखा। WTI Crude भी 108 डॉलर के करीब पहुंच गया।   भू-राजनीतिक तनाव का असर तेल कीमतों में यह उछाल संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण आया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के चलते तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है।   रुपये में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की निकासी बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारत जैसे तेल आयातक देश पर इसका सीधा असर पड़ता है। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95 के करीब पहुंच गया है। साथ ही विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली और मासिक एक्सपायरी के कारण बाजार पर दोहरा दबाव बना रहा।   वैश्विक बाजारों में भी गिरावट एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी देखी गई। हैंग सेंग, निक्केई और जकार्ता जैसे प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी बाजारों में भी मिला-जुला लेकिन नकारात्मक रुख रहा।

Anjali Kumari अप्रैल 30, 2026 0
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Stock Market: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 200 अंक टूटा, निफ्टी में भी बिकवाली

मुंबई, एजेंसियां। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। BSE Sensex 200 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 50 24,050 के नीचे फिसल गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 208 अंक गिरकर 77,094 के आसपास पहुंचा, वहीं निफ्टी भी गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। हालांकि बाद में बाजार ने कुछ हद तक रिकवरी दिखाई और दोनों सूचकांक हल्की बढ़त के साथ ट्रेड करने लगे।   बड़े शेयरों में कमजोरी, मिडकैप-स्मॉलकैप में मजबूती बड़े शेयरों में दबाव के बावजूद व्यापक बाजार में थोड़ी मजबूती देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में हल्की बढ़त दर्ज की गई। इस दौरान State Bank of India, Axis Bank, Sun Pharmaceutical और IndiGo के शेयरों में गिरावट रही। वहीं Adani Ports, TCS, Larsen & Toubro और Mahindra & Mahindra के शेयरों में बढ़त देखी गई।   कच्चे तेल और वैश्विक तनाव का असर बाजार की गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण प्रमुख रहे। Brent Crude की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता कमजोर पड़ने से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक बाजारों पर दबाव बना है।   एफआईआई बिकवाली और रुपये में कमजोरी विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी बाजार पर भारी पड़ रही है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने बड़े पैमाने पर शेयरों की बिक्री की है। इसके साथ ही भारतीय रुपया भी कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले गिरावट में रहा, जिससे बाजार की धारणा और कमजोर हुई।   आगे का आउटलुक विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार “कंसोलिडेशन” के दौर में है। आगे की दिशा वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों पर निर्भर करेगी।

Anjali Kumari अप्रैल 28, 2026 0
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Stock Market: शेयर बाजार में शानदार उछाल, सेंसेक्स 400 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,450 के पार

मुंबई, एजेंसियां। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। BSE Sensex में शुरुआती कारोबार के दौरान 400 अंकों से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि Nifty 50 24,450 के अहम स्तर को पार कर गया। सेंसेक्स 445.82 अंक चढ़कर 78,966.12 पर पहुंचा, वहीं निफ्टी 121.15 अंक बढ़कर 24,486 पर कारोबार करता नजर आया।   बैंकिंग और इंफ्रा शेयरों में खरीदारी बाजार की इस तेजी में बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों का अहम योगदान रहा। Adani Ports और ICICI Bank के शेयरों में करीब 2% तक की बढ़त देखी गई। इसके अलावा एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंटरग्लोब एविएशन और एनटीपीसी भी लाभ में रहे। हालांकि, आईटी और सीमेंट सेक्टर में दबाव बना रहा, जहां Infosys और Tata Consultancy Services जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।   वैश्विक संकेतों से मिला सहारा बाजार में इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारकों की बड़ी भूमिका रही। अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की खबरों से निवेशकों में सकारात्मक भावना बनी है। साथ ही Brent Crude Oil की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने से भी बाजार को मजबूती मिली है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।   रुपये में कमजोरी, लेकिन बाजार मजबूत इस बीच भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 16 पैसे कमजोर होकर 93.32 पर आ गया। हालांकि विदेशी निवेश और घरेलू बाजार की मजबूती ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार फिलहाल वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर है और आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

Anjali Kumari अप्रैल 21, 2026 0
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Stock Market: लाल निशान पर बंद हुआ बाजार शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह के कारोबार में मजबूत शुरुआत के बाद अंत तक बाजार अपनी बढ़त कायम नहीं रख सका और गिरावट के साथ बंद हुआ। BSE Sensex 122.56 अंकों की गिरावट के साथ 77,988.68 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 34.55 अंक फिसलकर 24,196.75 के स्तर पर आ गया।   दिनभर 1000 अंकों से ज्यादा का उतार-चढ़ाव कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 78,730.32 का उच्चतम स्तर छुआ, लेकिन बाद में मुनाफावसूली के चलते 77,674.93 तक गिर गया। इस तरह पूरे दिन में बाजार में 1,000 अंकों से अधिक की अस्थिरता देखी गई। यह दर्शाता है कि निवेशकों के बीच अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।   बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर दबाव शुरुआती तेजी के बाद बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर के शेयरों में बिकवाली हावी हो गई। HDFC Bank, Kotak Mahindra Bank और Bajaj Finance जैसे प्रमुख शेयरों में गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा ONGC और Titan Company भी नुकसान में रहे।   कुछ शेयरों में रही मजबूती हालांकि, गिरावट के बीच कुछ कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। Infosys, Adani Ports, Bharat Electronics और ट्रेंट जैसे शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जिससे बाजार को आंशिक सहारा मिला।   मुनाफावसूली और वैश्विक संकेत बने कारण विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के दिनों में आई तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बना। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कुछ कमी आई है, लेकिन अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रहा है।   विदेशी निवेशकों का रुख और आगे का संकेत विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले सत्र में खरीदारी की थी, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला था। हालांकि, गुरुवार को निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। जानकारों का मानना है कि बाजार फिलहाल स्थिरता की तलाश में है और आगे की दिशा वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करेगी।

Anjali Kumari अप्रैल 16, 2026 0
Trent retail store with Zudio and Westside brands showing strong growth and rising stock market performance
Trent के शेयरों में जबरदस्त उछाल: 20% रेवेन्यू ग्रोथ से निवेशकों में उत्साह

Trent Ltd के शेयरों में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बाद शेयर करीब 7 प्रतिशत तक उछल गया, जिससे निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत हुआ है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ट्रेडिंग के दौरान Trent का शेयर 6.8 प्रतिशत बढ़कर इंट्राडे हाई 3,791.90 रुपये तक पहुंच गया। दिन की शुरुआत भी पॉजिटिव रही, जहां स्टॉक 2.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ ओपन हुआ। खास बात यह है कि पिछले तीन ट्रेडिंग सेशंस में यह स्टॉक लगभग 14 प्रतिशत तक चढ़ चुका है। मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ बना तेजी का कारण कंपनी के मार्च तिमाही (Q4FY26) के नतीजों ने बाजार को चौंकाया। स्टैंडअलोन रेवेन्यू 20% बढ़कर 4,937 करोड़ रुपये पहुंचा पिछले साल इसी अवधि में यह 4,106 करोड़ रुपये था पूरे वित्त वर्ष में कंपनी की आय 18% बढ़ी सिर्फ इतना ही नहीं, मर्चेंडाइज सेल्स (अन्य ऑपरेटिंग इनकम को छोड़कर) भी तिमाही में 21% और पूरे साल में 19% बढ़ी है। टैक्स कट और कंज्यूमर डिमांड का असर सितंबर में हुए टैक्स कट्स का सीधा असर कंज्यूमर स्पेंडिंग पर देखने को मिला है। लोगों के पास अधिक डिस्पोजेबल इनकम होने से रिटेल सेक्टर को फायदा मिला, जिसका असर Trent के प्रदर्शन में साफ दिखा। तेजी से बढ़ रहा स्टोर नेटवर्क Trent लगातार अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। मार्च 2026 तक कुल स्टोर: 1,286 एक साल पहले: 1,043 स्टोर कंपनी अब छोटे शहरों और कस्बों में विस्तार पर फोकस कर रही है, जहां तेजी से बढ़ती मांग को कैश करने की योजना है। Zudio और Westside की बढ़ती लोकप्रियता Trent के लोकप्रिय ब्रांड Zudio और Westside खासकर युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। यही वजह है कि कंपनी का फोकस अब मेट्रो शहरों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों पर भी है।  

surbhi अप्रैल 6, 2026 0
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उतार-चढ़ाव के साथ बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई, एजेंसियां। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ी राहत मिली। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। BSE Sensex 568 अंकों (0.75%) की बढ़त के साथ 76,070.84 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 172.35 अंक (0.74%) चढ़कर 23,581.15 पर पहुंच गया।   ऑटो और मेटल शेयरों ने दिखाई ताकत आज की तेजी में सबसे अहम योगदान ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों का रहा। Tata Steel, Mahindra & Mahindra जैसे दिग्गज शेयरों में अच्छी खरीदारी देखी गई। इनकी मजबूती से बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना रहा। साथ ही मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बढ़त दर्ज की गई, जिससे छोटे निवेशकों को भी फायदा हुआ।   आईटी और एफएमसीजी सेक्टर में रही कमजोरी जहां एक ओर कुछ सेक्टरों में तेजी रही, वहीं आईटी और एफएमसीजी सेक्टर ने आज निराश किया। इन क्षेत्रों में बिकवाली हावी रही, जिससे बाजार की तेजी कुछ हद तक सीमित रही। हालांकि, कुल मिलाकर बाजार पर सकारात्मक रुझान का प्रभाव बना रहा।   उतार-चढ़ाव के बीच आखिर में आई मजबूती कारोबार की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ हुई थी, लेकिन दिन के मध्य में बिकवाली का दबाव बढ़ने से बाजार नीचे भी आया। हालांकि, आखिरी घंटों में आई जोरदार खरीदारी ने बाजार को संभाल लिया और ऊंचे स्तर पर बंद कराया। यह संकेत देता है कि निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे वापस लौट रहा है।   घबराहट कम, VIX में गिरावट बाजार की अस्थिरता को दर्शाने वाला India VIX 8.39% गिरकर 19.79 के स्तर पर आ गया। यह इस बात का संकेत है कि निवेशकों के बीच घबराहट कम हो रही है और वे बाजार को लेकर अधिक आश्वस्त हो रहे हैं।   आगे की राह पर क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी फिलहाल एक तकनीकी सुधार हो सकता है। उनके अनुसार, Nifty 50 के लिए 23,600 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण है। यदि यह स्तर पार कर टिकता है, तो बाजार 23,800 से 24,000 तक जा सकता है। वहीं नीचे की ओर 23,300 के आसपास मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।

Juli Gupta मार्च 17, 2026 0
PG Electroplast shares fall as gas supply shortage affects production
गैस सप्लाई में कमी से पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट के शेयर गिरे, उत्पादन प्रभावित

  इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज देने वाली कंपनी PG Electroplast के शेयरों में शुक्रवार को तेज गिरावट देखने को मिली। Bombay Stock Exchange पर कंपनी का शेयर करीब 8 प्रतिशत तक टूटकर 491 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया। कंपनी प्रबंधन के अनुसार गैस सप्लाई में कमी के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे वित्त वर्ष 2026 के राजस्व अनुमान पर भी असर पड़ सकता है।   एक हफ्ते तक रुका उत्पादन कंपनी में संचालन के प्रबंध निदेशक Vikas Gupta ने बताया कि गैस की कमी के कारण एसी बनाने वाले संयंत्रों में करीब एक सप्ताह तक उत्पादन बंद रहा। उन्होंने कहा कि इससे कंपनी के उत्पादन और बिक्री पर असर पड़ने की आशंका है।   राजस्व अनुमान पर भी असर संभव कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 5700 करोड़ से 5800 करोड़ रुपये के राजस्व का अनुमान लगाया है। हालांकि गैस की कमी के चलते इस अनुमान पर कितना असर पड़ेगा, इसका स्पष्ट आकलन अभी नहीं किया गया है।   एसी निर्माण में गैस का अहम उपयोग पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट एसी, वॉशिंग मशीन और ऑटोमोबाइल पार्ट्स के लिए प्लास्टिक कंपोनेंट बनाती है। एसी निर्माण में कूलिंग के लिए R-32 और R-410A जैसी गैसों का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा उत्पादन प्रक्रिया में LPG का इस्तेमाल कॉपर ट्यूब की ब्रेजिंग और वेल्डिंग में होता है।   पश्चिम एशिया संकट का असर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और US–Iran tensions के कारण दुनिया के बड़े LNG उत्पादकों में शामिल Qatar में गैस उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे वैश्विक गैस सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है और कई कंपनियों को आपूर्ति में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।   पहले भी गिरा था शेयर इससे पहले 9 मार्च को भी कंपनी के शेयर में करीब 14 प्रतिशत की गिरावट आई थी। कंपनी ने तब बताया था कि गैस सप्लायर से मिले संदेश के अनुसार मध्य-पूर्व में युद्ध और समुद्री मार्गों में बाधा के कारण गैस की उपलब्धता कम हो गई है। फिलहाल कंपनी वैकल्पिक गैस स्रोतों की तलाश कर रही है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लगातार गिरावट के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण घटकर करीब 14,500 करोड़ रुपये रह गया है। एक सप्ताह में शेयर लगभग 16 प्रतिशत और एक वर्ष में करीब 38 प्रतिशत गिर चुका है।  

surbhi मार्च 13, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0