Skin care tips

Woman experiencing skin irritation and burning sensation after applying moisturizer on sensitive facial skin
मॉइश्चराइजर लगाते ही होने लगती है जलन? आपकी त्वचा दे रही है ये अहम संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

ग्लोइंग और हेल्दी स्किन के लिए मॉइश्चराइजर को स्किनकेयर रूटीन का सबसे जरूरी हिस्सा माना जाता है। लेकिन अगर वही मॉइश्चराइजर लगाते ही त्वचा में जलन, चुभन या तीखापन महसूस होने लगे, तो यह सामान्य बात नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में आपकी त्वचा किसी गहरी समस्या का संकेत दे रही होती है। मॉइश्चराइजर से जलन क्यों होती है? त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, जब मॉइश्चराइजर लगाने पर जलन महसूस होती है तो इसका सबसे बड़ा कारण स्किन बैरियर का कमजोर या क्षतिग्रस्त होना हो सकता है। स्किन बैरियर त्वचा की बाहरी सुरक्षा परत होती है, जो नमी को बनाए रखने और बाहरी हानिकारक तत्वों को अंदर जाने से रोकने का काम करती है। जब यह सुरक्षा परत कमजोर हो जाती है, तब सामान्य और हल्के उत्पाद भी त्वचा में चुभन या जलन पैदा कर सकते हैं। पहले ठीक लगने वाले उत्पाद अचानक क्यों करने लगते हैं परेशान? स्किन बैरियर खराब होने पर कई ऐसे तत्व भी त्वचा को परेशान कर सकते हैं जो पहले किसी तरह की समस्या नहीं पैदा करते थे। इनमें रेटिनॉल, विटामिन-सी, नियासिनामाइड, लैक्टिक एसिड, एएचए, सुगंध वाले उत्पाद और कुछ केमिकल सनस्क्रीन शामिल हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये तत्व अपने आप में खराब नहीं होते, लेकिन संवेदनशील या क्षतिग्रस्त त्वचा पर इनका असर अलग हो सकता है। क्या मॉइश्चराइजर लगाने पर हल्की चुभन सामान्य है? विशेषज्ञ बताते हैं कि बहुत ज्यादा रूखी त्वचा, हाल ही में एक्सफोलिएशन कराने, शेविंग के बाद या त्वचा में पहले से मौजूद जलन की स्थिति में कुछ सेकंड की हल्की झनझनाहट महसूस हो सकती है। हालांकि अगर यह जलन बार-बार हो रही है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसे सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। स्किन बैरियर खराब होने के पीछे ये आदतें हैं जिम्मेदार त्वचा की सुरक्षा परत अचानक नहीं टूटती। कई छोटी-छोटी गलतियां धीरे-धीरे इसे नुकसान पहुंचाती हैं। इनमें शामिल हैं: जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन करना एक साथ कई एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल बार-बार चेहरा धोना कठोर फेसवॉश का उपयोग लगातार नए-नए स्किनकेयर उत्पाद बदलना पर्याप्त सनस्क्रीन न लगाना बहुत गर्म पानी से चेहरा धोना विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकतर लोगों के लिए क्लेंजिंग, मॉइश्चराइजिंग और सन प्रोटेक्शन पर आधारित सरल स्किनकेयर रूटीन ही पर्याप्त होता है। स्किन बैरियर को कैसे करें रिपेयर? अगर आपकी त्वचा मॉइश्चराइजर से जलन महसूस करा रही है, तो सबसे पहले स्किनकेयर रूटीन को सरल बनाना जरूरी है। कुछ दिनों के लिए रेटिनॉल, विटामिन-सी, ग्लाइकोलिक एसिड, सैलिसिलिक एसिड, स्क्रब और केमिकल पील जैसे एक्टिव उत्पादों का इस्तेमाल बंद कर दें। इसके बजाय: माइल्ड क्लेंजर का उपयोग करें सेरामाइड्स युक्त बैरियर-रिपेयर मॉइश्चराइजर लगाएं मिनरल सनस्क्रीन चुनें सुगंध वाले उत्पादों से दूरी बनाएं गर्म पानी की जगह गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है? यदि मॉइश्चराइजर लगाने पर लगातार जलन बनी रहती है, तो यह एक्जिमा, रोसैशिया या डर्मेटाइटिस जैसी त्वचा संबंधी बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है। कम उत्पाद, ज्यादा फायदा आजकल लंबी और जटिल स्किनकेयर रूटीन का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि हर त्वचा को दर्जनों उत्पादों की जरूरत नहीं होती। कई बार कम उत्पादों वाला संतुलित रूटीन ही त्वचा को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने का सबसे प्रभावी तरीका साबित होता है। यदि आपका मॉइश्चराइजर अचानक चुभने लगे, तो नया प्रोडक्ट खरीदने से पहले अपनी त्वचा की वास्तविक जरूरतों को समझना ज्यादा जरूरी है।  

surbhi जून 13, 2026 0
Skin Cooling Tips
धूप से लौटते ही अपनाएं ये आसान उपाय, मिनटों में मिलेगी त्वचा को ठंडक

नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों में तेज धूप और बढ़ते तापमान का सबसे अधिक असर त्वचा पर दिखाई देता है। लंबे समय तक धूप में रहने के कारण कई लोगों का चेहरा लाल पड़ जाता है, त्वचा में जलन होने लगती है और खिंचाव महसूस होने लगता है। यह स्थिति आमतौर पर सनबर्न (Sunburn) के कारण होती है, जो सूरज की हानिकारक यूवी किरणों के संपर्क में आने से पैदा होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय रहते सही देखभाल न करने पर त्वचा को और अधिक नुकसान पहुंच सकता है।   ठंडे पानी से करें शुरुआत धूप से घर लौटने के बाद सबसे पहले चेहरे को ठंडे या सामान्य तापमान वाले पानी से धोना चाहिए। इससे त्वचा का तापमान कम होता है और जलन से राहत मिलती है। हालांकि बर्फ को सीधे चेहरे पर लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। चेहरा धोने के बाद मुलायम तौलिए से हल्के हाथों से सुखाना बेहतर माना जाता है।   एलोवेरा जेल देगा तुरंत राहत सनबर्न से प्रभावित त्वचा के लिए एलोवेरा एक प्रभावी घरेलू उपाय माना जाता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और कूलिंग गुण त्वचा की लालिमा और जलन को कम करने में मदद करते हैं। ताजा एलोवेरा जेल को 15 से 20 मिनट तक चेहरे पर लगाकर रखने से त्वचा को ठंडक और नमी मिलती है।   खीरा और गुलाब जल भी हैं फायदेमंद खीरे में भरपूर मात्रा में पानी और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं, जो त्वचा को ठंडक पहुंचाने का काम करते हैं। खीरे के स्लाइस चेहरे पर रखने या उसका रस लगाने से सूजन और जलन कम हो सकती है। वहीं गुलाब जल त्वचा को ताजगी देने और लालिमा कम करने में मदद करता है। फ्रिज में रखा ठंडा गुलाब जल चेहरे पर लगाने से अतिरिक्त राहत मिल सकती है।   शरीर को रखें हाइड्रेट विशेषज्ञों का कहना है कि सनबर्न से उबरने के लिए केवल बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि शरीर को अंदर से हाइड्रेट रखना भी जरूरी है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और नारियल पानी का सेवन करने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बना रहता है, जिससे त्वचा तेजी से रिकवर कर सकती है।   गंभीर लक्षण दिखें तो डॉक्टर से लें सलाह यदि सनबर्न के साथ त्वचा पर छाले, अत्यधिक सूजन, तेज दर्द या एलर्जी जैसी समस्या दिखाई दे, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। सही समय पर उपचार गंभीर त्वचा समस्याओं से बचाने में मदद कर सकता है।

Unknown जून 2, 2026 0
melon seeds benefits
स्किन से लेकर बालों तक, महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद हैं खरबूजे के बीज

नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों के मौसम में खरबूजा लोगों का पसंदीदा फल बना हुआ है। यह शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है। लेकिन ज्यादातर लोग खरबूजे के बीजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, जबकि ये छोटे-छोटे बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। खासकर महिलाओं की सेहत के लिए खरबूजे के बीज बेहद फायदेमंद माने जाते हैं।   त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद खरबूजे के बीजों में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन ई और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं, जो त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं। इनके नियमित सेवन से स्किन हेल्दी और ग्लोइंग बनी रहती है। साथ ही ये गर्मियों में त्वचा को हाइड्रेट रखने में भी मदद करते हैं।   इन बीजों में प्रोटीन, आयरन और जिंक भी अच्छी मात्रा में होता है, जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है। इससे हेयर फॉल की समस्या कम हो सकती है और बाल चमकदार बने रहते हैं। आयरन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत खरबूजे के बीज आयरन से भरपूर होते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इससे कमजोरी, थकान और चक्कर जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। वहीं इनमें मौजूद कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं।   वजन और हार्मोनल हेल्थ में भी मददगार इन बीजों में मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे ओवरईटिंग कम होती है और वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा हेल्दी फैट्स और जरूरी मिनरल्स महिलाओं में हार्मोन बैलेंस बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं। यह पीरियड्स के दौरान कमजोरी और मूड स्विंग्स जैसी समस्याओं को भी कम करने में मददगार माने जाते हैं।   कैसे करें सेवन? खरबूजे के बीजों को धोकर धूप में सुखाया जा सकता है। इन्हें हल्का भूनकर स्नैक की तरह खाया जा सकता है। इसके अलावा स्मूदी, सलाद या ड्राई फ्रूट्स के साथ भी इनका सेवन किया जा सकता है।

Unknown मई 29, 2026 0
Summer body cleansers and shower gels displayed with skincare essentials for fresh and hydrated skin
गर्मियों में त्वचा को रखेंगे फ्रेश और साफ, ये 9 बॉडी क्लींजर बन सकते हैं आपके बेस्ट शॉवर पार्टनर

गर्मियों का मौसम आते ही पसीना, धूल, सनस्क्रीन और उमस त्वचा को चिपचिपा और बेजान महसूस कराने लगते हैं। ऐसे में सिर्फ खुशबूदार बॉडी वॉश काफी नहीं होता, बल्कि ऐसा बॉडी क्लींजर जरूरी होता है जो त्वचा को अच्छी तरह साफ करे, लेकिन उसकी नमी भी बरकरार रखे। स्किन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही बॉडी क्लींजर त्वचा को फ्रेश, हाइड्रेटेड और हेल्दी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इस गर्मी के मौसम के लिए ऐसे बॉडी क्लींजर ट्रेंड में हैं जो अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। कुछ स्किन को कूलिंग फील देते हैं, कुछ बॉडी एक्ने और ऑयलीनेस को कंट्रोल करते हैं, जबकि कुछ स्किन बैरियर को मजबूत रखने में मदद करते हैं। गर्मियों के लिए 9 बेहतरीन बॉडी क्लींजर 1. Lush Dirty Springwash Shower Gel अगर सुबह का शॉवर आपको इंस्टेंट फ्रेशनेस देना चाहिए, तो यह बॉडी वॉश आपके लिए है। Spearmint oil, menthol crystals और thyme oil से बना यह क्लींजर स्किन को ठंडक और एनर्जी देने का काम करता है। वर्कआउट के बाद या बेहद गर्म दिनों के लिए यह बेहतरीन विकल्प माना जा रहा है। 2. L'Occitane en Provence Verveine Agrumes Perfumed Shower Gel Citrus फ्रेगरेंस पसंद करने वालों के लिए यह शानदार विकल्प है। इसमें mandarin, bergamot और orange extracts शामिल हैं जो त्वचा को हल्की खुशबू और ताजगी देते हैं। इसकी खुशबू काफी एलिगेंट और रिफ्रेशिंग मानी जाती है। 3. The Body Shop White Tea & Elderflower Bath & Shower Gel यह बॉडी क्लींजर हल्की फ्लोरल खुशबू के साथ स्किन को क्लीन और सॉफ्ट महसूस कराता है। इसमें aloe vera और white tea जैसे इंग्रेडिएंट्स हैं जो त्वचा को ड्राय होने से बचाते हैं। 4. Justhuman Revitalizing Body Wash अगर गर्मियों में स्किन पर पिंपल्स, क्लॉग्ड पोर्स या डलनेस की समस्या बढ़ जाती है, तो यह बॉडी वॉश मददगार हो सकता है। इसमें salicylic acid, lemon balm और holy basil जैसे तत्व मौजूद हैं जो स्किन को एक्सफोलिएट और शांत करने में मदद करते हैं। 5. Shankara Nourishing Body Wash Oudh & Neem Ayurvedic इंग्रेडिएंट्स से बना यह बॉडी वॉश neem, aloe vera और honey के गुणों से भरपूर है। यह त्वचा को बिना ड्राय किए साफ करता है और लंबे दिन के बाद स्किन को रिलैक्स महसूस कराता है। 6. RAS Luxury Skincare Refresh Detoxifying Body Wash यह बॉडी क्लींजर खासतौर पर sweaty skin और body acne को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें willow bark extract, green tea और calendula जैसे तत्व शामिल हैं जो त्वचा को डीप क्लीन करने में मदद करते हैं। 7. The Bare Bar Micro Algae Body Wash यह हल्का एक्सफोलिएटिंग बॉडी वॉश स्किन का pH बैलेंस बनाए रखने और अतिरिक्त ऑयल हटाने में मदद करता है। Micro algae beads और glycerin त्वचा को साफ और हाइड्रेटेड रखने का काम करते हैं। 8. Kimirica The Souq Body & Hand Wash Saffron और sandalwood की गर्म खुशबू वाला यह बॉडी वॉश त्वचा को मुलायम और स्मूद बनाता है। इसमें vitamin E और patchouli जैसे nourishing ingredients शामिल हैं। 9. Hibiscus Monkey Probiotics Body Wash स्किन बैरियर को मजबूत रखने वाले इस बॉडी वॉश में probiotics, prebiotics और postbiotics का इस्तेमाल किया गया है। यह sulfate-free formula त्वचा को धीरे-धीरे साफ करता है और hydration बनाए रखने में मदद करता है। गर्मियों में बॉडी क्लींजर चुनते समय रखें ध्यान विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में ऐसा बॉडी वॉश चुनना चाहिए जो त्वचा से गंदगी और अतिरिक्त तेल हटाए लेकिन उसकी प्राकृतिक नमी न छीने। Sensitive skin वालों को harsh chemicals और ज्यादा foam वाले प्रोडक्ट्स से बचना चाहिए।  

surbhi मई 22, 2026 0
Person returning home in summer heat avoiding cold water and AC for better health
गर्मियों में घर लौटते ही करते हैं ये 5 गलतियां? सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर

तेज गर्मी के बाद छोटी गलतियां बन सकती हैं बड़ी परेशानी गर्मियों में बाहर से घर लौटने के बाद लोग अक्सर राहत पाने के लिए कुछ ऐसी आदतें अपना लेते हैं जो बाद में सेहत पर भारी पड़ सकती हैं। तेज धूप, पसीना और गर्म हवाओं के बीच शरीर पहले से ही थका और गर्म होता है। ऐसे में अचानक की गई कुछ गलतियां सर्दी-जुकाम, पेट दर्द, कमजोरी और स्किन प्रॉब्लम्स का कारण बन सकती हैं। अगर आप भी गर्मी में खुद को फिट और हेल्दी रखना चाहते हैं, तो इन 5 गलतियों से बचना बेहद जरूरी है। 1. बाहर से आते ही ठंडा पानी पीना धूप से लौटने के बाद शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता है। ऐसे में तुरंत फ्रिज का बर्फीला पानी पीना नुकसान पहुंचा सकता है। इससे गले में खराश, खांसी और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बेहतर होगा कि घर आने के बाद 10-15 मिनट आराम करें और फिर सामान्य तापमान का पानी पिएं। 2. तुरंत AC या कूलर के सामने बैठ जाना गर्मी से राहत पाने के लिए कई लोग घर आते ही सीधे एसी या कूलर के सामने बैठ जाते हैं। लेकिन शरीर के गर्म होने पर अचानक ठंडी हवा लगने से तापमान तेजी से बदलता है। इस वजह से सिरदर्द, बदन दर्द और सर्दी-जुकाम जैसी परेशानी हो सकती है। पहले कुछ देर सामान्य तापमान में रहें, फिर धीरे-धीरे ठंडी जगह पर जाएं। 3. पसीने में तुरंत नहाना बहुत ज्यादा पसीने में भीगने के तुरंत बाद ठंडे पानी से नहाना शरीर के लिए नुकसानदायक माना जाता है। ऐसा करने से नसों पर असर पड़ सकता है और कमजोरी या चक्कर आने जैसी समस्या हो सकती है। पहले शरीर को सामान्य होने दें और पसीना सूखने के बाद ही नहाएं। 4. तुरंत भारी या तला-भुना खाना खाना धूप और गर्मी से लौटने के बाद शरीर पहले से ही थका होता है। ऐसे समय में भारी, मसालेदार या तला-भुना खाना खाने से पाचन खराब हो सकता है। इससे गैस, अपच और आलस महसूस हो सकता है। बेहतर होगा कि पहले नींबू पानी, छाछ या हल्के फल लें और कुछ देर बाद भोजन करें। 5. पसीने वाले कपड़ों में ज्यादा देर रहना गर्मी में भीगे हुए कपड़ों में लंबे समय तक रहने से स्किन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इससे खुजली, लाल दाने और फंगल इंफेक्शन होने का खतरा रहता है। बाहर से घर लौटते ही सूखे और साफ कपड़े पहन लेना चाहिए। गर्मियों में इन बातों का रखें खास ध्यान गर्मी के मौसम में शरीर को अचानक ठंडक देने की बजाय धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लाना ज्यादा जरूरी होता है। सही आदतें अपनाकर आप खुद को बीमारियों से बचा सकते हैं और पूरे मौसम में स्वस्थ रह सकते हैं।  

surbhi मई 14, 2026 0
Priyanka Chopra glowing skin beauty secrets with natural skincare and healthy lifestyle routine.
ग्लोइंग स्किन का राज: Priyanka Chopra के ब्यूटी सीक्रेट्स, जिन्हें आप भी कर सकते हैं फॉलो

बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी पहचान बना चुकीं प्रियंका चोपड़ा सिर्फ अपने अभिनय ही नहीं, बल्कि अपनी दमकती त्वचा के लिए भी जानी जाती हैं। उनकी “ग्लास स्किन” जैसी चमक के पीछे महंगे प्रोडक्ट्स ही नहीं, बल्कि घरेलू नुस्खे और अनुशासित लाइफस्टाइल का बड़ा योगदान है। घरेलू नुस्खों पर भरोसा प्रियंका चोपड़ा अक्सर बताती हैं कि उनकी स्किनकेयर का बड़ा हिस्सा उनकी मां और दादी के बताए पारंपरिक नुस्खों से आता है। राइस वॉटर + नारियल तेल मास्क: यह मिश्रण स्किन को टाइट करने और पोर्स को छोटा करने में मदद करता है इसे सोने से पहले कुछ मिनट के लिए लगाने की सलाह दी जाती है 6-स्टेप नाइट रूटीन प्रियंका अपनी त्वचा की देखभाल के लिए एक सख्त नाइट स्किनकेयर रूटीन फॉलो करती हैं। मेकअप हटाना डीप क्लीनिंग मॉइश्चराइजिंग स्किन को हाइड्रेट रखना साथ ही, वह नियमित रूप से प्रोफेशनल फेशियल भी करवाती हैं। हेल्दी ड्रिंक्स से आती है नेचुरल ग्लो प्रियंका की स्किनकेयर सिर्फ बाहर से नहीं, बल्कि अंदर से भी होती है। सौंफ, जीरा और धनिया का पानी: यह ड्रिंक पाचन सुधारता है और एसिडिटी कम करता है अदरक और शहद का शॉट: इम्यूनिटी बढ़ाने और गले की खराश दूर करने में मददगार अनोखा टिप भी किया शेयर एक बार प्रियंका ने मजाकिया अंदाज में बताया कि पैरों पर कच्चा लहसुन रगड़ने से सूजन कम हो सकती है। हालांकि, ऐसे उपाय अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है। क्यों खास है उनका तरीका? प्रियंका चोपड़ा का मानना है कि असली खूबसूरती अंदर से आती है। संतुलित आहार हेल्दी लाइफस्टाइल नियमित स्किनकेयर इन तीनों का मेल ही उनकी ग्लोइंग स्किन का असली राज है।

surbhi अप्रैल 7, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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