नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय महिला और पुरुष क्रिकेट टीमों की घोषणा कर दी है। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले इस बहु-खेल आयोजन में भारतीय महिला टीम अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरेगी, जबकि पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर संभालेंगे। हरमनप्रीत कौर पर फिर जताया भरोसा महिला टीम की कमान एक बार फिर हरमनप्रीत कौर को सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना उप-कप्तान होंगी। चयनकर्ताओं ने लगभग उसी टीम पर भरोसा जताया है, जिसने हाल ही में महिला टी20 विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। टीम में सिर्फ एक बदलाव किया गया है। विकेटकीपर बल्लेबाज यास्तिका भाटिया की जगह युवा खिलाड़ी जी. कामलिनी को मौका मिला है। संतुलित नजर आ रही महिला टीम बल्लेबाजी में स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। मध्यक्रम में ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा टीम को मजबूती देंगी, जबकि ऋचा घोष मुख्य विकेटकीपर की भूमिका निभाएंगी। तेज गेंदबाजी का जिम्मा रेणुका सिंह ठाकुर और अरुंधति रेड्डी के कंधों पर रहेगा। स्पिन विभाग में राधा यादव और श्रेयंका पाटिल शामिल हैं। हालांकि, श्रेयंका का अंतिम चयन उनकी फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर करेगा। श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में उतरेगी पुरुष टीम पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है। टीम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई और वरुण चक्रवर्ती जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को जगह मिली है। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी टीम का हिस्सा होंगे। भारत की महिला टीम 2023 के हांगझोऊ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी है। ऐसे में इस बार भी उससे स्वर्ण पदक बरकरार रखने की उम्मीद होगी। वहीं, पुरुष टीम भी मजबूत संयोजन के साथ मैदान में उतरकर भारत को एक और स्वर्ण पदक दिलाने का लक्ष्य लेकर खेलेगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की महिला चयन समिति ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम की घोषणा कर दी है। अनुभवी ऑलराउंडर Harmanpreet Kaur को एक बार फिर टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि Smriti Mandhana को उपकप्तान बनाया गया है। यह प्रतियोगिता सितंबर 2026 में जापान के आइची-नागोया में आयोजित होगी। विश्व कप से बाहर होने के बाद अब एशियन गेम्स पर फोकस हाल ही में महिला टी20 विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम अब एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक बचाने के इरादे से उतरेगी। भारत ने पिछले एशियन गेम्स (हांगझोउ 2022) में महिला क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता था और इस बार भी टीम को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलन चयनकर्ताओं ने टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को भी मौका दिया है। टीम में Shafali Verma, Jemimah Rodrigues, Deepti Sharma, Richa Ghosh, Renuka Singh और Shreyanka Patil जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। हालांकि श्रीयंका पाटिल की उपलब्धता उनकी फिटनेस पर निर्भर रहेगी। स्वर्ण पदक बचाने की चुनौती एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट टी20 प्रारूप में खेला जाएगा। मेजबान जापान के अलावा भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, चीन, मलेशिया और थाईलैंड टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे। भारतीय टीम लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा कायम रखने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।
लीड्स, एजेंसियां। भारत ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में नीदरलैंड को 95 रन से हरा दिया। लीड्स में स्मृति मंधाना ने 74 रन की पारी में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। वे मेंस और विमेंस टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 600 चौके पूरे करने वाली पहली बल्लेबाज बनीं। बुधवार को मंधाना ने मिताली राज और हरमनप्रीत कौर को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने टूर्नामेंट में भारत के लिए सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। दूसरी ओर दीप्ति शर्मा ने इंटरनेशनल क्रिकेट में झूलन गोस्वामी के सबसे ज्यादा विकेट के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए महिला टी20 विश्व कप के हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 64 रन से हराकर टूर्नामेंट में दमदार जीत दर्ज की। इस मुकाबले की सबसे बड़ी नायिका स्टार ओपनर स्मृति मंधाना रहीं, जिन्होंने दबाव भरी परिस्थितियों में शानदार अर्धशतक जड़कर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। एक छक्के से बदला मुकाबले का पूरा रंग भारतीय पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शुरुआती नौ ओवरों में पाकिस्तान के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स के विकेट जल्दी निकाल लिए। रन बनाने में संघर्ष कर रही भारतीय टीम पर दबाव बढ़ता जा रहा था। इसी दौरान 10वें ओवर में स्मृति मंधाना ने क्रीज से बाहर निकलकर लंबा छक्का जड़ा, जिसने मैच की दिशा बदल दी। इसके बाद उन्होंने स्पिन गेंदबाजों पर लगातार आक्रामक शॉट खेलते हुए चौके-छक्कों की बरसात की और शानदार अर्धशतक पूरा किया। उनकी तेजतर्रार बल्लेबाजी से पाकिस्तान की गेंदबाजी रणनीति पूरी तरह बिखर गई। ऋचा घोष ने दिलाई मजबूत फिनिश मंधाना के आउट होने के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने अंतिम ओवरों में तेज रन बटोरते हुए भारत का स्कोर 170 रन तक पहुंचा दिया। चुनौतीपूर्ण लक्ष्य ने पाकिस्तान पर अतिरिक्त दबाव बना दिया। दीप्ति और श्री चरनी ने तोड़ी पाकिस्तान की कमर 171 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने पावरप्ले में 52 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की। हालांकि इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी की। दीप्ति शर्मा और श्री चरनी ने मध्यक्रम को लगातार झटके देकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी को संभलने का मौका नहीं दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से पाकिस्तान की पूरी टीम दबाव में आ गई और लक्ष्य से काफी दूर रह गई। मैच के बाद पाकिस्तान के मुख्य कोच वहाब रियाज ने स्वीकार किया कि स्मृति मंधाना की आक्रामक बल्लेबाजी ने उनकी पूरी रणनीति को विफल कर दिया। भारत ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी पर यादगार जीत दर्ज की।
नई दिल्ली: महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पाकिस्तान को 64 रन से हराया। इस मुकाबले में भारत ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में दमदार प्रदर्शन किया। हालांकि मैच के बाद एक और वजह चर्चा का विषय बन गई। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि पाकिस्तान की हार तय होते ही वहां के सरकारी प्रसारक पीटीवी ने लाइव क्रिकेट मैच की जगह फीफा मुकाबले का प्रसारण शुरू कर दिया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और वायरल वीडियो तथा सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर ही यह चर्चा सामने आई है। भारत ने दर्ज की बड़ी जीत पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 170 रन बनाए। टीम के लिए Smriti Mandhana ने 44 गेंदों पर 68 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान Harmanpreet Kaur ने 36 रन का योगदान दिया, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज Richa Ghosh ने डेथ ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 17 गेंदों में 34 रन बनाए। आखिरी दो ओवर में भारतीय टीम ने 38 रन जोड़कर स्कोर को 170 तक पहुंचाया। दीप्ति शर्मा ने गेंद से मचाया कहर 171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की पूरी टीम 17 ओवर में 106 रन पर सिमट गई। भारतीय स्पिनर Deepti Sharma ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में सिर्फ 10 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। यह महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी भारतीय गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बन गया। वहीं विश्व कप में पदार्पण कर रहीं Shree Charani ने भी दो विकेट अपने नाम किए। रनों के लिहाज से यह महिला टी20 विश्व कप में भारत की पांचवीं सबसे बड़ी जीत रही। पीटीवी को लेकर वायरल हुआ दावा सोशल मीडिया पर वायरल कुछ पोस्ट और वीडियो में दावा किया गया कि पाकिस्तान में महिला टी20 विश्व कप के प्रसारण अधिकार रखने वाले पीटीवी ने मैच के अंतिम चरण में क्रिकेट प्रसारण हटाकर फीफा मुकाबला दिखाना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में जर्मनी और कुराकाओ के बीच फुटबॉल मैच दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले के दौरान भारतीय कप्तान Harmanpreet Kaur ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। हरमनप्रीत ने अपनी पारी का पहला रन बनाते ही पूर्व कप्तान Mithali Raj का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया और महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं। एक रन ने बदल दिया इतिहास मैच शुरू होने से पहले हरमनप्रीत कौर और मिताली राज दोनों के नाम महिला टी20 वर्ल्ड कप में 726-726 रन दर्ज थे। पाकिस्तान के खिलाफ पहला रन बनाते ही हरमनप्रीत 727 रन तक पहुंच गईं और उन्होंने इस प्रतिष्ठित रिकॉर्ड पर अकेले कब्जा कर लिया। अब महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड हरमनप्रीत कौर के नाम दर्ज हो गया है। महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन खिलाड़ी मैच रन सर्वश्रेष्ठ स्कोर शतक/अर्धशतक हरमनप्रीत कौर 39 757* 103 1/4 मिताली राज 24 726 57 0/5 स्मृति मंधाना 26 550 87 0/4 जेमिमा रोड्रिग्स 20 408 59 0/2 पूनम राउत 15 375 56 0/3 शेफाली वर्मा 15 368 47 0/0 दीप्ति शर्मा 19 218 49* 0/0 ऋचा घोष 11 187 47* 0/0 सुलक्षणा नाइक 12 170 59 0/1 वेदा कृष्णमूर्ति 14 158 36* 0/0 कप्तान ने संभाली पारी, मंधाना का भी शानदार प्रदर्शन हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 28 गेंदों में 31 रन बनाए, जिसमें चार चौके शामिल रहे। दूसरी ओर Smriti Mandhana ने शानदार अर्धशतक जड़कर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। खबर लिखे जाने तक मंधाना 64 रन बनाकर नाबाद थीं। उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके और दो छक्के लगाए, जबकि भारतीय टीम का स्कोर 100 रन के पार पहुंच चुका था। ओवरऑल रिकॉर्ड अभी भी सूजी बेट्स के नाम अगर महिला टी20 वर्ल्ड कप के समग्र रिकॉर्ड की बात करें, तो सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड की दिग्गज बल्लेबाज Suzie Bates के नाम है। उन्होंने 42 मुकाबलों में 1,216 रन बनाए हैं और वह इस सूची में शीर्ष स्थान पर कायम हैं। हरमनप्रीत कौर की यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक और यादगार अध्याय साबित हुई है और उन्होंने एक बार फिर बड़े मंच पर अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी का दम दिखाया है।
शाहरुख दूसरे, प्रियंका तीसरे और अमिताभ 7वें नंबर पर मुंबई, एजेंसियां। दिग्गज क्रिकेटर विराट कोहली भारत की सबसे वैल्युएबल पर्सनैलिटी की लिस्ट में पहले स्थान पर हैं। उनकी ब्रांड वैल्यू 3,542 करोड़ रुपए है। शाहरुख खान दूसरे और प्रियंका चोपड़ा जोनस तीसरे पायदान पर हैं। फॉर्च्यून इंडिया और इंटरब्रांड ने देश की 25 सबसे वैल्युएबल सेलिब्रिटी पर रिसर्च की। इसमें टॉप 10 में 3 क्रिकेटर और 7 फिल्मी सेलिब्रटी हैं। टॉप-25 सेलिब्रिटीज में दीपिका, रश्मिका महिला सेलिब्रिटीज में प्रियंका चोपड़ा सबसे ऊपर रहीं। इसके अलावा दीपिका पादुकोण (11वां स्थान), रश्मिका मंदाना (17वां स्थान), कृति सेनन, भारतीय महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना और साउथ की एक्ट्रेस नयनतारा को जगह मिली है। वैल्युएबल पर्सन की सूची में दिलजीत दोसांझ, करन जौहर, सौरव गांगुली और विकी कौशल के भी नाम हैं। कैसे तय की गई ब्रांड वैल्यू इस अध्ययन में ब्रांड वैल्यू तय करने के लिए सेलिब्रिटीज की कमाई, फॉलोअर्स या बॉक्स ऑफिस पर सफलता से इतर कई अन्य बातों पर भी ध्यान दिया गया है। इनमें ब्रांड की ताकत को तय करने वाले पहलुओं जैसे- विशिष्टता, सामंजस्य, जुड़ाव, विश्वास, आत्मीयता और जिम्मेदारी पर भी गौर किया गया है, जो मिलकर उनकी फाइनल ब्रांड वैल्यू तय करते हैं।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में मिली 2-1 की हार के बाद स्वीकार किया है कि आगामी टी20 वर्ल्ड कप में टीम की सफलता काफी हद तक उनकी और ओपनिंग पार्टनर शेफाली वर्मा की शुरुआत पर निर्भर करेगी। मंधाना ने माना कि इंग्लैंड सीरीज में दोनों बल्लेबाज टीम को मजबूत शुरुआत देने में नाकाम रहीं, लेकिन वर्ल्ड कप से पहले इस कमी को दूर करने के लिए वे कड़ी मेहनत करेंगी। इंग्लैंड सीरीज में नहीं चला ओपनिंग जोड़ी का बल्ला तीन मैचों की टी20 सीरीज में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की ओपनिंग साझेदारियां क्रमशः 19, 27 और 0 रन की रहीं। दोनों बल्लेबाज अच्छी लय में नजर आईं, लेकिन बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं हो सकीं। सीरीज के बाद मंधाना ने कहा कि वह और शेफाली टीम को तेज और मजबूत शुरुआत देने की जिम्मेदारी समझती हैं। "मैं और शेफाली गेंद को अच्छी तरह टाइम कर रहे हैं, लेकिन दुर्भाग्य से टीम के लिए बड़ी पारियां नहीं खेल पाए। हम नेट्स में वापस जाएंगे, और ज्यादा मेहनत करेंगे तथा एक मजबूत ओपनिंग जोड़ी के रूप में वापसी करेंगे।" उन्होंने कहा कि इंग्लैंड जैसी परिस्थितियों में वर्ल्ड कप से पहले खेलने का अनुभव टीम की तैयारियों के लिए काफी अहम साबित होगा। वर्ल्ड कप से पहले भारत को मिले सकारात्मक संकेत हालांकि भारत सीरीज हार गया, लेकिन टीम को कई सकारात्मक संकेत भी मिले। चोट से वापसी करने वाली यस्तिका भाटिया शानदार फॉर्म में दिखीं और 119 रन बनाकर सीरीज की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। वहीं निर्णायक मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 40 गेंदों में नाबाद 56 रन की शानदार पारी खेली। जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा ने भी बल्लेबाजी में अच्छा योगदान दिया। मंधाना ने हरमनप्रीत की तारीफ करते हुए कहा कि जब कप्तान अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में होती हैं तो उन्हें बल्लेबाजी करते देखना किसी आनंद से कम नहीं होता। गेंदबाजी पर करना होगा काम निर्णायक मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 180 रन का मजबूत स्कोर बनाया था। जवाब में इंग्लैंड एक समय 38 रन पर 3 विकेट गंवाकर मुश्किल में था, लेकिन एलिस कैप्सी और हीथर नाइट की 137 रनों की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। मंधाना ने माना कि भारतीय गेंदबाज दबाव बनाने में नाकाम रहे और भविष्य में इस क्षेत्र में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि टीम अब गेंदबाजी योजनाओं और परिस्थितियों के अनुसार रणनीति पर दोबारा काम करेगी ताकि वर्ल्ड कप में ऐसी गलतियां दोहराई न जाएं। भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर क्या बोलीं मंधाना? टी20 वर्ल्ड कप में भारत अपना पहला मैच 14 जून को बर्मिंघम में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर मंधाना ने कहा कि भारत-पाकिस्तान मैच को अलग से प्रचारित करने की जरूरत नहीं होती। उनके अनुसार, यह मुकाबला अपने आप में इतना बड़ा है कि स्टेडियम हमेशा दर्शकों से भर जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बड़ी संख्या में भारतीय प्रशंसक टीम का समर्थन करने पहुंचेंगे। वर्ल्ड कप में भारत की चुनौती भारत को ग्रुप-1 में ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नीदरलैंड्स के साथ रखा गया है। टीम टूर्नामेंट शुरू होने से पहले वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ अभ्यास मैच भी खेलेगी। भारतीय टीम का लक्ष्य पिछले साल वनडे विश्व कप जीतने के बाद अब पहली बार महिला टी20 विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करना होगा।
टॉनटन में होगा सीरीज का निर्णायक मुकाबला India Women's National Cricket Team और England Women's Cricket Team के बीच खेली जा रही तीन मैचों की टी20 सीरीज अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। सीरीज 1-1 की बराबरी पर है और आज खेला जाने वाला तीसरा मुकाबला ट्रॉफी का फैसला करेगा। भारतीय कप्तान Harmanpreet Kaur की अगुवाई वाली टीम सीरीज जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, जबकि मेजबान इंग्लैंड भी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर खिताब अपने नाम करना चाहेगा। दूसरे मैच की हार भुलाकर उतरेगा भारत सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की थी। हालांकि दूसरे टी20 में टीम को निराशा हाथ लगी। 169 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम एक समय 70/1 की मजबूत स्थिति में थी, लेकिन मध्यक्रम के लड़खड़ाने के कारण जीत हाथ से निकल गई। अब निर्णायक मुकाबले में टीम उस हार को पीछे छोड़कर नई शुरुआत करना चाहेगी। इन खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें भारतीय टीम को सलामी बल्लेबाज Smriti Mandhana और Shafali Verma से अच्छी शुरुआत की उम्मीद होगी। इसके अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर और मध्यक्रम की बल्लेबाजों की भूमिका भी बेहद अहम रहने वाली है। महिला टी20 विश्व कप से पहले यह सीरीज टीम संयोजन को परखने का महत्वपूर्ण अवसर भी मानी जा रही है। कब और कहां खेला जाएगा मैच? मैच: भारत महिला बनाम इंग्लैंड महिला, तीसरा टी20 तारीख: 2 जून 2026 समय: रात 11:00 बजे (भारतीय समयानुसार) टॉस: रात 10:30 बजे स्थान: Cooper Associates County Ground कहां देखें लाइव मैच? क्रिकेट प्रशंसक इस मुकाबले का सीधा प्रसारण Sony Sports Network पर देख सकते हैं। वहीं ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग SonyLIV ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से अहम मुकाबला महिला टी20 विश्व कप से पहले दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत जहां विदेशी परिस्थितियों में अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम तलाश रहा है, वहीं इंग्लैंड घरेलू मैदान पर अपनी मजबूत दावेदारी साबित करना चाहेगा। ऐसे में टॉनटन में होने वाला यह मुकाबला सिर्फ सीरीज जीतने का नहीं, बल्कि आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए आत्मविश्वास हासिल करने का भी अवसर होगा।
भारतीय क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित BCCI Naman Awards 2026 में इस बार Shubman Gill और Smriti Mandhana ने सबसे बड़ा सम्मान हासिल किया। वर्ष 2024-25 में शानदार प्रदर्शन के लिए गिल को पुरुष वर्ग में और मंधाना को महिला वर्ग में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर चुना गया। गिल को मिला ‘पॉली उमरीगर अवॉर्ड’ भारतीय टेस्ट कप्तान Shubman Gill को प्रतिष्ठित Polly Umrigar Award से सम्मानित किया गया। यह उनके करियर का दूसरा ‘क्रिकेटर ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड है। इससे पहले भी वह 2023 में यह सम्मान जीत चुके हैं। साल 2025 गिल के लिए बेहद शानदार रहा। England दौरे पर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में उन्होंने कप्तानी करते हुए 10 पारियों में 75.40 की औसत से 754 रन बनाए। इस दौरान चार शतक और 269 रन की बेहतरीन पारी भी उनके खाते में दर्ज हुई। इसके अलावा ICC Champions Trophy में भारत की जीत में भी उनका अहम योगदान रहा। टूर्नामेंट में उन्होंने 188 रन बनाए, जिसमें Bangladesh national cricket team के खिलाफ नाबाद 101 रन की पारी शामिल रही। मंधाना ने पांचवीं बार जीता अवॉर्ड भारतीय महिला टीम की स्टार बल्लेबाज Smriti Mandhana को यह सम्मान पांचवीं बार मिला है। उन्होंने 2025 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 1703 रन बनाए, जिसमें वनडे में 1362 रन शामिल हैं। मंधाना महिला वनडे इतिहास में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से ज्यादा रन बनाने वाली पहली बल्लेबाज बनीं। इसके साथ ही उन्होंने महिला विश्व कप में भारत को पहला खिताब दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई, जहां उन्होंने नौ मैचों में 434 रन बनाए। दिग्गजों को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान समारोह में भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों Roger Binny, Rahul Dravid और Mithali Raj को Col. C. K. Nayudu Lifetime Achievement Award से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारतीय क्रिकेट में उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।