Stock Market News

Lupin pharma logo with stock chart showing share decline after Philippines acquisition announcement.
Lupin के शेयर में 2% की गिरावट, फिलीपींस की कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान

फार्मा सेक्टर की प्रमुख कंपनी Lupin Limited के शेयरों में 2 अप्रैल को शुरुआती कारोबार में करीब 2–2.5% की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट ऐसे समय आई जब कंपनी ने अपनी सहायक इकाई के जरिए फिलीपींस की कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है। Multicare Pharma में 43.38% हिस्सेदारी खरीदेगी कंपनी कंपनी की नीदरलैंड्स स्थित पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Nanomi B.V. ने Multicare Pharmaceuticals Philippines Inc. (MPPI) में 43.38% हिस्सेदारी खरीदने के लिए समझौता किया है। कुल 1,17,94,497 शेयर खरीदे जाएंगे डील की वैल्यू लगभग 39.6 मिलियन डॉलर तक हो सकती है यह अधिग्रहण मई 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है यह कदम Lupin के इंटरनेशनल बिजनेस विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। VISUfarma का अधिग्रहण पूरा एक अन्य अपडेट में कंपनी ने बताया कि Nanomi B.V. ने VISUfarma B.V. का पूर्ण अधिग्रहण पूरा कर लिया है। 1 अप्रैल 2026 से VISUfarma और उसकी सभी सब्सिडियरी Nanomi की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाइयां बन गई हैं USFDA से मिली मंजूरी, पाइपलाइन मजबूत हाल ही में कंपनी को US Food and Drug Administration (USFDA) से दो दवाओं के लिए अस्थायी मंजूरी मिली- Sugammadex Injection Pitolisant Tablets Pitolisant टैबलेट्स का उत्पादन नागपुर स्थित प्लांट में किया जाएगा, जिससे कंपनी की प्रोडक्ट पाइपलाइन और मजबूत होगी। शेयर प्रदर्शन और बाजार स्थिति पिछले कारोबारी सत्र में Lupin का शेयर ₹2,273.60 पर बंद हुआ, जो ₹39.10 (1.69%) की गिरावट दर्शाता है। 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर: ₹2,376 52 हफ्ते का निचला स्तर: ₹1,774 वर्तमान स्तर: हाई से 4.31% नीचे, लो से 28.16% ऊपर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹1.04 लाख करोड़ है। गिरावट के पीछे क्या कारण? विशेषज्ञों का मानना है कि- विदेशी अधिग्रहण पर शुरुआती लागत और अनिश्चितता निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली शॉर्ट टर्म में जोखिम की आशंका इन वजहों से शेयर में दबाव देखने को मिला है, हालांकि लॉन्ग टर्म में यह डील फायदेमंद साबित हो सकती है।  

surbhi अप्रैल 2, 2026 0
Waaree Energies stock rises after ₹3900 crore capex plan for solar glass manufacturing expansion
Waaree Energies में तेजी: ₹3,900 करोड़ के कैपेक्स प्लान और सब्सिडियरी में हिस्सेदारी बढ़ाने का असर

सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Waaree Energies के शेयरों में बुधवार को शुरुआती कारोबार में मजबूती देखने को मिली। कंपनी के बोर्ड द्वारा ₹3,900 करोड़ के बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को मंजूरी देने और सब्सिडियरी में हिस्सेदारी बढ़ाने के फैसले के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। BSE पर सुबह 09:18 बजे कंपनी का शेयर ₹3,140.25 पर ट्रेड कर रहा था, जो ₹54.40 या 1.76% की बढ़त को दर्शाता है। इससे पहले यह ₹3,085.85 पर बंद हुआ था। ग्लास मैन्युफैक्चरिंग में बड़ा निवेश कंपनी के बोर्ड ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Waaree Green Glass के जरिए 2,500 टन प्रतिदिन (TPD) क्षमता वाले ग्लास मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए ₹3,900 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। यह निवेश कर्ज (debt) और आंतरिक संसाधनों (internal accruals) के मिश्रण से किया जाएगा। यह कदम कंपनी की वैल्यू चेन को मजबूत करने और सोलर सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। सब्सिडियरी में हिस्सेदारी बढ़ी इसके साथ ही कंपनी ने अपनी एक अन्य सहायक इकाई Waaree Transpower में हिस्सेदारी 64.04% से बढ़ाकर 75.10% करने का फैसला किया है। इस कदम से कंपनी को संचालन पर अधिक नियंत्रण मिलेगा और भविष्य की रणनीतिक योजनाओं को गति मिलेगी। शेयर का प्रदर्शन कंपनी का शेयर 12 सितंबर 2025 को ₹3,864.40 के 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा था, जबकि 7 अप्रैल 2025 को ₹1,808.65 के निचले स्तर को छुआ था। वर्तमान में यह अपने हाई से 20.15% नीचे, लेकिन लो से 70.62% ऊपर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप ₹88,761.67 करोड़ है, जो इसे रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की मजबूत कंपनियों में शामिल करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े निवेश और विस्तार योजनाएं कंपनी के दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं को और मजबूत कर सकती हैं।  

surbhi मार्च 25, 2026 0
Ceigall India stock chart rising after ₹297 crore order boost in infrastructure and power projects
Ceigall India के शेयरों में 3% की तेजी, ₹297 करोड़ के नए ऑर्डर से निवेशकों में उत्साह

इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी Ceigall India के शेयरों में बुधवार को मजबूती देखने को मिली। कंपनी को ₹297 करोड़ के नए ऑर्डर मिलने की खबर के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे शेयर करीब 3% तक उछल गया। BSE पर कंपनी का शेयर ₹273.95 पर ट्रेड करता नजर आया, जो ₹8.95 यानी 3.38% की बढ़त को दर्शाता है। इससे पहले के सत्र में यह ₹265.00 पर बंद हुआ था। दो बड़े प्रोजेक्ट्स से मिला बूस्ट कंपनी को Purvah Green Power से दो अहम ऑर्डर मिले हैं। पहला ऑर्डर ₹119.96 करोड़ का है, जिसमें 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन के सप्लाई, ट्रांसपोर्टेशन और सिविल वर्क समेत टर्नकी प्रोजेक्ट शामिल है। दूसरा और बड़ा ऑर्डर ₹177.93 करोड़ का है, जो आंध्र प्रदेश के रल्ला में 300.3 मेगावाट के हाइब्रिड (विंड) पावर प्रोजेक्ट से जुड़ा है। इस प्रोजेक्ट में 91 विंड टर्बाइन जनरेटर (WTGs) के फाउंडेशन, एक्सेस रोड और अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं। दोनों प्रोजेक्ट्स को कंपनी 10 महीने के भीतर पूरा करेगी, जिससे भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद बढ़ गई है। सब्सिडियरी को मिला झटका हालांकि, कंपनी की सहायक इकाई Ceigall Infra Projects को एक झटका भी लगा है। पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड का ₹207 करोड़ का टेंडर प्रशासनिक कारणों से रद्द कर दिया गया। फिर भी ऑर्डर बुक मजबूत इसके बावजूद कंपनी की ऑर्डर बुक मजबूत बनी हुई है। हाल ही में National Highways Authority of India ने कंपनी की सब्सिडियरी को ₹603 करोड़ का प्रोजेक्ट दिया है। साथ ही, कंपनी की जॉइंट वेंचर ने Ministry of Road Transport and Highways से ₹274.08 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। शेयर का प्रदर्शन कंपनी का शेयर 10 फरवरी 2026 को ₹308.30 के 52-सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा था, जबकि 9 दिसंबर 2025 को ₹223.00 के निचले स्तर को छुआ था। वर्तमान में यह अपने हाई से 14.04% नीचे और लो से 18.83% ऊपर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप ₹4,616.43 करोड़ है, जो निवेशकों के बीच इसकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है।  

surbhi मार्च 25, 2026 0
Power Grid Corporation transmission lines and infrastructure highlighting growth outlook and brokerage target upgrade
Power Grid पर ब्रोकरेज का भरोसा बरकरार: ‘BUY’ रेटिंग के साथ 348 रुपये का नया टारगेट

पावर सेक्टर की दिग्गज कंपनी Power Grid Corporation of India (PWGR) पर ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने अपनी सकारात्मक राय दोहराई है। कंपनी के मैनेजमेंट के साथ बिजनेस अपडेट के बाद ब्रोकरेज ने स्टॉक पर ‘BUY’ रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट प्राइस बढ़ाकर 348 रुपये कर दिया है, जो पहले 324 रुपये था। कैपेक्स और कैपिटलाइजेशन गाइडेंस में बढ़ोतरी Power Grid Corporation of India ने FY26 के लिए अपने कैपेक्स गाइडेंस को बढ़ाकर 350 अरब रुपये से ज्यादा कर दिया है, जो पहले 320 अरब रुपये था। वहीं, कैपिटलाइजेशन गाइडेंस भी 220 अरब रुपये से बढ़ाकर 250 अरब रुपये से अधिक कर दिया गया है। कंपनी ने FY27 और FY28 के लिए क्रमशः 370 अरब और 450 अरब रुपये से अधिक कैपेक्स का अनुमान बरकरार रखा है। आने वाले दो वर्षों में करीब 650 अरब रुपये तक कैपिटलाइजेशन की संभावना जताई गई है, जो नए प्रोजेक्ट्स मिलने से और बढ़ सकती है। मजबूत ऑर्डर बुक और बड़े अवसर ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी करीब 15 लाख करोड़ रुपये (INR 15 ट्रिलियन) के ट्रांसमिशन सेक्टर के बड़े अवसर का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। इससे हर साल 600-700 अरब रुपये का प्रोजेक्ट पाइपलाइन तैयार हो सकता है। यह मजबूत ऑर्डर बुक कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ को सपोर्ट करती है। जमीन अधिग्रहण और ROW चुनौतियों में राहत कंपनी के लिए एक बड़ा सकारात्मक बदलाव यह है कि राइट ऑफ वे (ROW) से जुड़ी समस्याएं अब काफी हद तक कम हो गई हैं। सरकार द्वारा 30-60% तक मार्केट-लिंक्ड मुआवजा फ्रेमवर्क लागू करने से जमीन अधिग्रहण आसान हुआ है और विवादों में कमी आई है। साथ ही, कंपनी ने डेडिकेटेड ROW टीम्स और स्पेशलाइज्ड एक्सपर्टीज के जरिए प्रोजेक्ट एक्सीक्यूशन को और मजबूत किया है। ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार SPV (Special Purpose Vehicle) स्ट्रक्चर को भी सरल बनाया जा रहा है। 19 SPV को घटाकर 2 में समाहित किया गया है और आगे भी मर्जर की योजना है। इससे गवर्नेंस बेहतर होगी, कैपिटल एलोकेशन अधिक प्रभावी बनेगा और कंपनी की स्केलेबिलिटी बढ़ेगी। फाइनेंशियल आउटलुक और वैल्यूएशन Prabhudas Lilladher ने FY27 और FY28 के लिए EPS अनुमान में करीब 1% की बढ़ोतरी की है। स्टॉक को FY28 बुक वैल्यू के 2.8 गुना पर वैल्यू करते हुए 348 रुपये का टारगेट दिया गया है। साथ ही, FY27-28 के दौरान 3-4% का डिविडेंड यील्ड भी निवेशकों को आकर्षित कर सकता है। निवेशकों के लिए क्या है संकेत? ब्रोकरेज का मानना है कि Power Grid Corporation of India मजबूत ऑर्डर बुक, बढ़ते कैपेक्स और बेहतर एक्सीक्यूशन के दम पर आने वाले वर्षों में स्थिर ग्रोथ दिखा सकती है। ऐसे में यह स्टॉक मिड-टू-लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक बना हुआ है।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
Paradeep Phosphates plant and fertilizer production showcasing growth outlook and brokerage target upgrade
Paradeep Phosphates पर ‘Accumulate’ रेटिंग: 120 रुपये का टारगेट, लंबी अवधि में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद

ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Paradeep Phosphates Limited (PPL) पर कवरेज की शुरुआत करते हुए ‘Accumulate’ रेटिंग दी है और 120 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह वैल्यूएशन FY28 के अनुमानित EPS के 10 गुना पर आधारित है। ग्रोथ की मजबूत रणनीति रिपोर्ट के अनुसार, PPL भारत के केमिकल सेक्टर में इंपोर्ट सब्स्टीट्यूशन के बड़े अवसर का फायदा उठाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी बैकवर्ड इंटीग्रेशन, प्रोडक्ट मिक्स में सुधार और क्षमता विस्तार के जरिए अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। कंपनी फॉस्फोरिक और सल्फ्यूरिक एसिड की क्षमता में क्रमशः 57% और 100% तक विस्तार कर रही है और FY29 तक पूरी तरह बैकवर्ड इंटीग्रेशन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव, DAP पर निर्भरता कम Paradeep Phosphates Limited अब अपने पोर्टफोलियो को हाई-वैल्यू कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइजर्स की ओर शिफ्ट कर रही है। इससे DAP (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) पर निर्भरता कम होगी और मार्जिन में सुधार की संभावना बढ़ेगी। साथ ही, कंपनी अपनी कुल फर्टिलाइजर क्षमता को बढ़ाकर FY29 तक लगभग 5.0 मिलियन टन प्रति वर्ष (mmtpa) करने की योजना पर काम कर रही है। MCFL मर्जर से मिलेगा फायदा रिपोर्ट में कहा गया है कि MCFL (Mangalore Chemicals & Fertilizers Limited) के साथ प्रस्तावित मर्जर से कंपनी की दक्षिण भारत में मौजूदगी और मजबूत होगी। इससे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और बाजार हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है। शॉर्ट टर्म में दबाव, लेकिन लॉन्ग टर्म में तेजी हालांकि कच्चे माल की ऊंची कीमतें निकट भविष्य में मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस, बढ़ती क्षमता और मर्जर से मिलने वाले सिनर्जी लाभ कंपनी की आय को मध्यम अवधि में मजबूत बनाएंगे। वित्तीय अनुमान Prabhudas Lilladher के मुताबिक FY25 से FY28 के बीच: Revenue CAGR: ~10% EBITDA CAGR: ~18% PAT CAGR: ~23% वर्तमान बाजार मूल्य (CMP) पर स्टॉक FY28 के अनुमानित EPS के लगभग 9 गुना और EV/EBITDA के 6 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो इसे आकर्षक वैल्यूएशन पर रखता है। निवेशकों के लिए क्या संकेत? ब्रोकरेज का मानना है कि Paradeep Phosphates Limited में मौजूदा स्तर पर धीरे-धीरे निवेश (Accumulate) करना समझदारी हो सकती है, खासकर उन निवेशकों के लिए जो मिड-टू-लॉन्ग टर्म ग्रोथ की तलाश में हैं।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
Nazara Technologies stock chart showing buy rating and growth potential after BT Games and BP Systems acquisition
Nazara Technologies पर ‘BUY’ कॉल: ₹336 का टारगेट, नए अधिग्रहण से बढ़ेगी ग्रोथ

BT Games और BP Systems डील से मजबूत होगा गेमिंग बिजनेस, ब्रोकरेज ने रेटिंग अपग्रेड की घरेलू गेमिंग कंपनी Nazara Technologies को लेकर ब्रोकरेज हाउस Prabhudas Lilladher ने सकारात्मक रुख अपनाया है। फर्म ने स्टॉक को ‘HOLD’ से अपग्रेड कर ‘BUY’ कर दिया है और इसका टारगेट प्राइस ₹336 तय किया है, जो पहले ₹276 था। अधिग्रहण से मिलेगा बड़ा फायदा ब्रोकरेज के मुताबिक, BT Games (गेम डेवलपमेंट) और BP Systems (यूजर एक्विजिशन प्लेटफॉर्म) का संयोजन कंपनी के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है। BT Games के पास 17 कैजुअल गेम्स का पोर्टफोलियो है BP Systems यूजर्स को जोड़ने और बढ़ाने में मदद करता है इन दोनों के साथ आने से कंपनी को बेहतर यूजर एंगेजमेंट और कमाई (मॉनिटाइजेशन) के नए अवसर मिलेंगे। चरणबद्ध निवेश से कम होगा जोखिम रिपोर्ट में बताया गया है कि कंपनी पूरी हिस्सेदारी एक साथ नहीं ले रही है। 50% हिस्सेदारी 2028 तक चरणबद्ध तरीके से खरीदी जाएगी लगभग 98 मिलियन डॉलर का ‘अर्न-आउट’ इंसेंटिव रखा गया है इससे कंपनी पर एक बार में ज्यादा वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा और जोखिम भी नियंत्रित रहेगा। अगले 2 साल में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद ब्रोकरेज का अनुमान है कि BT Games और BP Systems मिलकर अगले दो वर्षों में- रेवेन्यू में 15% CAGR EBITDA में 20% CAGR की ग्रोथ दर्ज कर सकते हैं। वैल्यूएशन और टारगेट ब्रोकरेज ने कंपनी के कैजुअल गेमिंग बिजनेस का वैल्यूएशन FY28 के अनुमान के आधार पर किया है। EV(Sales): 1.5 गुना EV(EBITDA): 7.6 गुना इन्हीं आधारों पर ₹336 का नया टारगेट प्राइस तय किया गया है।  

surbhi मार्च 23, 2026 0
HDFC Bank building with falling stock chart after chairman Atanu Chakraborty resignation news
HDFC बैंक में बड़ा झटका: चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे से बाजार में हलचल, शेयरों में तेज गिरावट

देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC Bank में अचानक हुए शीर्ष स्तर के बदलाव ने निवेशकों और बाजार को चौंका दिया है। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन Atanu Chakraborty ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद बैंक के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई और निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया। बाजार में तुरंत असर, 5% से ज्यादा टूटा शेयर इस्तीफे की खबर सामने आते ही शेयर बाजार में नकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। सुबह कारोबार के दौरान HDFC Bank के शेयरों में भारी बिकवाली हुई और यह 5% से ज्यादा गिरकर करीब ₹800.90 तक पहुंच गया। यह गिरावट दर्शाती है कि निवेशक इस घटनाक्रम को लेकर असहज हैं और बैंक की आंतरिक स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। इस्तीफे की वजह ने बढ़ाई चिंता Atanu Chakraborty ने अपने इस्तीफे में जो कारण बताया, उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में बैंक के कामकाज और उनकी व्यक्तिगत “values और ethics” के बीच सामंजस्य नहीं बन पा रहा था। हालांकि उन्होंने किसी विशेष घटना या प्रक्रिया का उल्लेख नहीं किया, लेकिन इस तरह का बयान कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर गंभीर संकेत देता है और यही वजह है कि बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। तय कार्यकाल से पहले छोड़ा पद गौरतलब है कि Atanu Chakraborty को मई 2021 में पहली बार तीन साल के लिए नियुक्त किया गया था। इसके बाद 2024 में उन्हें दूसरा कार्यकाल दिया गया, जो 2027 तक चलना था। लेकिन बीच कार्यकाल में इस्तीफा देना इस फैसले को और असामान्य बनाता है। केकी मिस्त्री को मिली अंतरिम जिम्मेदारी इस्तीफे के तुरंत बाद बैंक ने नेतृत्व में स्थिरता बनाए रखने के लिए कदम उठाया है। Reserve Bank of India ने Keki Mistry को तीन महीने के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। 19 मार्च से प्रभावी इस नियुक्ति के साथ अब मिस्त्री बैंक की कमान संभालेंगे और इस संक्रमण काल में स्थिरता बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाएंगे। बैंक की साख पर क्या असर? HDFC Bank देश का सबसे बड़ा निजी बैंक है और मार्केट कैप के हिसाब से भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी भी है। ऐसे में चेयरमैन का “एथिक्स” का हवाला देकर इस्तीफा देना केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि बैंक की छवि और भरोसे पर भी असर डाल सकता है। फिलहाल निवेशक और बाजार दोनों इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि बैंक की ओर से इस मुद्दे पर और क्या जानकारी सामने आती है। आने वाले समय में यह घटनाक्रम बैंकिंग सेक्टर के लिए भी अहम संकेत साबित हो सकता है।  

surbhi मार्च 19, 2026 0
Adani Power stock chart showing sharp weekly rise with strong technical indicators and power project growth
Adani Power में तेजी बरकरार: एक हफ्ते में 13% उछाल, क्या आगे भी रहेगा दम?

Adani Power के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। मंगलवार को स्टॉक 2% से ज्यादा चढ़कर करीब ₹157 के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले चार महीनों का उच्चतम स्तर है। बीते एक सप्ताह में यह शेयर लगभग 13% तक उछल चुका है। बड़ी डील से मिला बूस्ट इस तेजी की सबसे बड़ी वजह Maharashtra State Electricity Distribution Company (MSEDCL) से मिला 1600 मेगावाट बिजली आपूर्ति का बड़ा ऑर्डर है। कंपनी को यह ज़िम्मा सबसे कम टैरिफ (₹5.30 प्रति यूनिट) की बोली लगाकर मिला है। यह बिजली कंपनी के आगामी अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट से सप्लाई की जाएगी। 25 साल का पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) FY31 से शुरू होने की संभावना है।   बढ़ती बिजली की मांग से भी सपोर्ट गर्मी के मौसम में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना के चलते देश में बिजली की मांग बढ़ने का अनुमान है। इसका सीधा फायदा पावर कंपनियों को मिल सकता है, जिससे निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है।   टेक्निकल संकेत दे रहे मजबूती मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्टॉक का टेक्निकल सेटअप भी मजबूत नजर आ रहा है। शेयर ₹136 के आसपास मजबूत सपोर्ट से उछला है शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है RSI 60 के ऊपर पहुंच चुका है, जो तेजी का संकेत देता है विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक ₹155 के आसपास खरीदारी कर सकते हैं, जबकि ₹145 का स्टॉप लॉस रखना बेहतर रहेगा।   लंबी अवधि के लिए मजबूत ऑर्डर बुक कंपनी ने हाल के समय में 10,400 मेगावाट की कुल क्षमता के पांच बड़े लॉन्ग-टर्म पावर सप्लाई एग्रीमेंट (PSA) हासिल किए हैं। कुल 23.8 GW की पाइपलाइन में से 13.3 GW पहले ही लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट में जुड़ चुका है मौजूदा 18.15 GW ऑपरेटिंग कैपेसिटी का 95% हिस्सा पहले से ही PSA के तहत सुरक्षित है यह कंपनी के लिए स्थिर आय और भविष्य की ग्रोथ का मजबूत आधार बनाता है।   कंपनी का क्या कहना है? कंपनी के CEO एसबी ख्यालिया के अनुसार, यह डील कंपनी की प्रतिस्पर्धी लागत और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति क्षमता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि Adani Power देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।   आगे क्या करें निवेशक? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मजबूत ऑर्डर बुक, बढ़ती मांग और बेहतर टेक्निकल संकेतों के चलते स्टॉक में आगे भी तेजी बनी रह सकती है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली (profit booking) के चलते उतार-चढ़ाव भी संभव है।  

surbhi मार्च 17, 2026 0
Apar Industries brokerage rating update highlighting target price ₹9629
Apar Industries पर Prabhudas Lilladher की नई राय: ₹9629 टारगेट, ‘BUY’ से घटाकर ‘Accumulate’ रेटिंग

ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Apar Industries को लेकर अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है। कंपनी के मैनेजमेंट से बातचीत के बाद ब्रोकरेज ने शेयर पर ₹9,629 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है, लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए रेटिंग को ‘BUY’ से घटाकर ‘Accumulate’ कर दिया है।   US-Iran तनाव का सीमित असर, लेकिन जोखिम बरकरार रिपोर्ट के मुताबिक, US-Iran तनाव का कंपनी पर सीधा असर फिलहाल सीमित है, क्योंकि मिडिल ईस्ट से कंपनी की कमाई का हिस्सा केवल 6–7% के आसपास है। हालांकि, स्थिति बिगड़ने पर शिपिंग लागत, बीमा खर्च और कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।   मजबूत डिमांड और 10% वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान कंपनी का अनुमान है कि करीब 10% तक बिक्री (वॉल्यूम) बढ़ सकती है, खासकर कंडक्टर सेगमेंट में। यह बढ़त बेहतर और महंगे प्रोडक्ट, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और अमेरिका में बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने व रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ती मांग की वजह से होगी।   केबल बिजनेस बना ग्रोथ का बड़ा इंजन Apar Industries का केबल बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है। करीब 20% से ज्यादा सालाना ग्रोथ (YoY) का अनुमान मीडियम टर्म में ~11% EBITDA मार्जिन लगभग ₹8000 करोड़ के कैपेक्स से विस्तार बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और ऑपरेटिंग लीवरेज से इस सेगमेंट में और तेजी की उम्मीद है।   डेटा सेंटर सेक्टर से नई संभावनाएं रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि डेटा सेंटर सेक्टर कंपनी के लिए नया ग्रोथ ड्राइवर बन सकता है। किसी भी डेटा सेंटर प्रोजेक्ट में केबल्स का हिस्सा 4–5% तक होता है, जिससे आने वाले समय में मांग और बढ़ सकती है।   P/E वैल्यूएशन और टारगेट स्टॉक फिलहाल FY27 और FY28 के अनुमानित मुनाफे पर क्रमशः 31 गुना  और 26 गुना  के P/E पर ट्रेड कर रहा है। ब्रोकरेज ने अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट के लिए वैल्यूएशन इस तरह रखा है: कंडक्टर: 34 गुना  केबल्स: 34 गुना  स्पेशलिटी ऑयल्स: 12 गुना  इन सबके आधार पर SoTP (Sum of the Parts) मॉडल से ₹9,629 का टारगेट प्राइस तय किया गया है।   निवेशकों के लिए क्या संकेत? ब्रोकरेज के अनुसार, लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ कहानी मजबूत बनी हुई है, लेकिन मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। ‘Accumulate’ रेटिंग का मतलब है कि निवेशक गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी कर सकते हैं।  

surbhi मार्च 17, 2026 0
Brokerage firms issue buy and hold recommendations for major Indian stocks
ब्रोकरेज रिपोर्ट: कोल इंडिया समेत कई कंपनियों के शेयरों पर खरीद-बिक्री की सलाह, देखें पूरी सूची

  वैश्विक बाजार में नकारात्मक माहौल के बीच कई अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज संस्थाओं ने भारतीय कंपनियों के शेयरों पर नई राय जारी की है। कुछ कंपनियों के लक्ष्य मूल्य बढ़ाए गए हैं, जबकि कुछ के लक्ष्य में कटौती की गई है। बढ़ते वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।   रिलायंस इंडस्ट्रीज पर खरीद की सलाह अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज संस्था Reliance Industries पर खरीद की सलाह बरकरार रखी गई है, हालांकि लक्ष्य मूल्य पहले के 1820 रुपये से घटाकर 1740 रुपये कर दिया गया है। इसके बावजूद कंपनी को लेकर नजरिया सकारात्मक बताया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में आपूर्ति बाधित होने के कारण रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार में मुनाफा बढ़ सकता है। इससे कंपनी के तेल से जुड़े कारोबार को लाभ मिलने की संभावना है।   कोल इंडिया पर होल्ड की सलाह ब्रोकरेज संस्था ने Coal India पर अपनी पहले की राय बरकरार रखते हुए लक्ष्य मूल्य 380 रुपये से बढ़ाकर 420 रुपये कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार ई-नीलामी में प्रीमियम बढ़ने से निकट भविष्य में कंपनी को फायदा मिल सकता है, लेकिन घरेलू बाजार में कोयले की अधिक आपूर्ति और ताप विद्युत संयंत्रों की मांग में कमजोरी भविष्य में दबाव बना सकती है।   यूरेका फोर्ब्स पर नई कवरेज एक अन्य वैश्विक ब्रोकरेज ने जल शुद्धिकरण उपकरण बनाने वाली कंपनी Eureka Forbes पर पहली बार कवरेज शुरू करते हुए 640 रुपये का लक्ष्य तय किया है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी की आय का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा जल शुद्धिकरण उपकरणों से आता है और इस क्षेत्र में अभी बाजार की संभावनाएं काफी अधिक हैं। आने वाले समय में आय और लाभ में तेज वृद्धि की उम्मीद जताई गई है।   फूड डिलीवरी कंपनियों पर सकारात्मक राय ब्रोकरेज संस्था ने खाद्य वितरण क्षेत्र की कंपनियों पर भी सकारात्मक नजरिया जताया है। Eternal पर खरीद की सलाह देते हुए 375 रुपये का लक्ष्य रखा गया है।   Swiggy पर भी खरीद की राय बरकरार रखते हुए 510 रुपये का लक्ष्य तय किया गया है।   रिपोर्ट के अनुसार खाद्य वितरण उद्योग की मांग मजबूत बनी हुई है और फरवरी 2026 में इस क्षेत्र की मांग सालाना आधार पर लगभग 20 से 21 प्रतिशत बढ़ी है।   प्रमुख निवेश विचारों की सूची ब्रोकरेज संस्था की रणनीति रिपोर्ट में कई कंपनियों को खरीद के लिए बेहतर विकल्प बताया गया है। इनमें State Bank of India, Star Health and Allied Insurance, Bharat Forge, JSW Steel, Eternal और Max Healthcare Institute जैसे नाम शामिल हैं। वहीं कुछ कंपनियों जैसे Hyundai Motor Company, Cipla और Wipro को कमजोर प्रदर्शन की श्रेणी में रखा गया है।   वाहन क्षेत्र को लेकर सतर्कता एक अन्य रिपोर्ट में वाहन क्षेत्र को लेकर कहा गया है कि आर्थिक अनिश्चितता के कारण वृद्धि दर पर जोखिम बढ़ रहा है। हालांकि मांग अभी भी स्थिर है, लेकिन भविष्य में मुनाफे और मांग से जुड़े जोखिमों पर नजर रखनी होगी।  

surbhi मार्च 13, 2026 0
PG Electroplast shares fall as gas supply shortage affects production
गैस सप्लाई में कमी से पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट के शेयर गिरे, उत्पादन प्रभावित

  इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज देने वाली कंपनी PG Electroplast के शेयरों में शुक्रवार को तेज गिरावट देखने को मिली। Bombay Stock Exchange पर कंपनी का शेयर करीब 8 प्रतिशत तक टूटकर 491 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया। कंपनी प्रबंधन के अनुसार गैस सप्लाई में कमी के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिससे वित्त वर्ष 2026 के राजस्व अनुमान पर भी असर पड़ सकता है।   एक हफ्ते तक रुका उत्पादन कंपनी में संचालन के प्रबंध निदेशक Vikas Gupta ने बताया कि गैस की कमी के कारण एसी बनाने वाले संयंत्रों में करीब एक सप्ताह तक उत्पादन बंद रहा। उन्होंने कहा कि इससे कंपनी के उत्पादन और बिक्री पर असर पड़ने की आशंका है।   राजस्व अनुमान पर भी असर संभव कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 5700 करोड़ से 5800 करोड़ रुपये के राजस्व का अनुमान लगाया है। हालांकि गैस की कमी के चलते इस अनुमान पर कितना असर पड़ेगा, इसका स्पष्ट आकलन अभी नहीं किया गया है।   एसी निर्माण में गैस का अहम उपयोग पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट एसी, वॉशिंग मशीन और ऑटोमोबाइल पार्ट्स के लिए प्लास्टिक कंपोनेंट बनाती है। एसी निर्माण में कूलिंग के लिए R-32 और R-410A जैसी गैसों का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा उत्पादन प्रक्रिया में LPG का इस्तेमाल कॉपर ट्यूब की ब्रेजिंग और वेल्डिंग में होता है।   पश्चिम एशिया संकट का असर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और US–Iran tensions के कारण दुनिया के बड़े LNG उत्पादकों में शामिल Qatar में गैस उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे वैश्विक गैस सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है और कई कंपनियों को आपूर्ति में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।   पहले भी गिरा था शेयर इससे पहले 9 मार्च को भी कंपनी के शेयर में करीब 14 प्रतिशत की गिरावट आई थी। कंपनी ने तब बताया था कि गैस सप्लायर से मिले संदेश के अनुसार मध्य-पूर्व में युद्ध और समुद्री मार्गों में बाधा के कारण गैस की उपलब्धता कम हो गई है। फिलहाल कंपनी वैकल्पिक गैस स्रोतों की तलाश कर रही है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। लगातार गिरावट के बाद कंपनी का बाजार पूंजीकरण घटकर करीब 14,500 करोड़ रुपये रह गया है। एक सप्ताह में शेयर लगभग 16 प्रतिशत और एक वर्ष में करीब 38 प्रतिशत गिर चुका है।  

surbhi मार्च 13, 2026 0
Indian stock market falls amid global tensions and rising inflation
युद्ध और महंगाई का दोहरा असर, लाल निशान में डूबा भारतीय शेयर बाजार

    वैश्विक तनाव और बढ़ती महंगाई के बीच शुक्रवार 13 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। कारोबार शुरू होते ही बाजार लाल निशान में चला गया, जिससे निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया।   सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट आज बाजार खुलते ही BSE Sensex में करीब 590 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 75,444.22 के स्तर पर आ गया। वहीं Nifty 50 भी करीब 177 अंकों की गिरावट के साथ 23,462.50 पर खुला। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि लगातार हो रही बिकवाली और वैश्विक तनाव के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है।   बाजार गिरने की बड़ी वजहें विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं- विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता युद्ध और तनाव मार्केट विशेषज्ञ अजय बग्गा के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, तो विदेशी निवेशक अपने नुकसान की भरपाई के लिए उभरते बाजारों से पूंजी निकाल लेते हैं, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ जाता है।   कच्चे तेल और महंगाई का असर वैश्विक तनाव के कारण Brent Crude की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। वहीं Strait of Hormuz में आपूर्ति प्रभावित होने से तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि भारत ने Russia से करीब 3 करोड़ बैरल तेल सुरक्षित कर लिया है, लेकिन महंगाई का खतरा अभी भी बना हुआ है। देश में खुदरा महंगाई दर 3.21% तक पहुंच गई है और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में यह और बढ़ सकती है।   इन सेक्टरों पर सबसे ज्यादा असर आज के कारोबार में लगभग सभी सेक्टरों में कमजोरी देखने को मिली। सबसे ज्यादा गिरावट ऑटो सेक्टर में रही, जो एक प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। इसके अलावा प्राइवेट बैंक, आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी गई।   वैश्विक बाजारों का भी असर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजारों में भी दबाव देखा गया। अमेरिका का Dow Jones Industrial Average और जापान का Nikkei 225 भी गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है और निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।  

surbhi मार्च 13, 2026 0
Stock market screen showing Sensex and Nifty falling sharply amid global tensions and investor selling.
सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से 1,000 अंक टूटा, निफ्टी 24,000 के करीब - गिरावट के ये हैं बड़े कारण

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार (11 मार्च) को तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। BSE Sensex दिन के उच्च स्तर से करीब 1,000 अंक टूट गया, जबकि Nifty 50 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा। करीब 11:38 बजे Sensex 878.12 अंक यानी 1.12% गिरकर 77,327.86 पर था, जबकि Nifty 242.40 अंक यानी लगभग 1% गिरकर 24,019.20 पर ट्रेड कर रहा था। इस दौरान 2,149 शेयरों में तेजी, 1,469 में गिरावट और 179 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया।   बाजार गिरने के प्रमुख कारण 1️. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। 10 मार्च को FIIs ने करीब ₹4,673 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹6,333 करोड़ की खरीदारी की। VK Vijayakumar के अनुसार, पिछले एक साल का पैटर्न फिर दिखाई दे रहा है-FIIs की बिक्री को DIIs की खरीद संतुलित कर रही है।   2️. मुनाफावसूली (Profit Booking) पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में अच्छी तेजी आई थी। Nifty करीब 24,261 पर बंद हुआ था Sensex करीब 78,206 पर इस तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार दबाव में आ गया।   3️. मिडिल ईस्ट तनाव का असर मध्य-पूर्व में तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। खबरों के मुताबिक United States और Israel ने Iran पर बड़े हमले किए हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है। साथ ही Donald Trump ने कहा कि यह संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। इससे निवेशक सतर्क बने हुए हैं।   4️. बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में गिरावट बाजार की गिरावट में बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों का बड़ा योगदान रहा। सबसे ज्यादा दबाव इन शेयरों पर रहा: Kotak Mahindra Bank Bajaj Finserv Bajaj Finance SBI Life Insurance Bharti Airtel Tata Consumer Products इसके अलावा HDFC Bank और ICICI Bank भी करीब 1.4% तक गिर गए।   5️. सेक्टोरल दबाव ऑटो, आईटी, एफएमसीजी और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में 0.6% से 1.3% तक गिरावट दर्ज की गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि: स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 0.5% ऊपर रहा मिडकैप इंडेक्स लगभग सपाट रहा   टेक्निकल संकेत Aakash Shah के अनुसार: निफ्टी के लिए 24,100 और 24,000 अहम सपोर्ट लेवल हैं ऊपर की ओर 24,400–24,500 बड़ा रेजिस्टेंस है अगर निफ्टी 24,500 के ऊपर निकलता है तो 24,600–24,700 तक तेजी आ सकती है, जबकि 24,000 के नीचे जाने पर बाजार में अल्पकालिक अस्थिरता बढ़ सकती है।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
Indian stock market screen showing Sensex and Nifty opening higher after previous session fall
Market Opening Bell: गिरावट के बाद संभला बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त के साथ खुले

  पिछले कारोबारी दिन की तेज गिरावट के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले अच्छे संकेतों और मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसी कारण शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।   सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत शुरुआत बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 809.57 अंकों की तेजी के साथ 78,375.73 पर खुला। वहीं एनएसई का निफ्टी 252.75 अंक बढ़कर 24,280.80 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले पिछले सत्र में सेंसेक्स 77,566.16 और निफ्टी 24,028.05 पर बंद हुए थे।   मिडकैप में तेजी, स्मॉलकैप में दबाव शुरुआती कारोबार में व्यापक बाजार का रुख मिश्रित रहा। बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में करीब 1.29 प्रतिशत की तेजी देखी गई, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई। इसी बीच बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया वीआईएक्स लगभग 12 प्रतिशत तक नीचे आया।   इन शेयरों में दिखी तेजी सेंसेक्स की कंपनियों में इंडिगो, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और लार्सन एंड टुब्रो जैसे शेयर बढ़त में कारोबार करते नजर आए। इंडिगो शुरुआती कारोबार में लगभग 3.84 प्रतिशत चढ़कर सबसे ज्यादा लाभ में रहा। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज में हल्की गिरावट देखी गई।   बाजार की चौड़ाई कमजोर एनएसई में बाजार की चौड़ाई फिलहाल नकारात्मक रही। शुरुआती ट्रेडिंग के दौरान करीब 870 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 1,601 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं 28 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया।   निवेशकों के लिए अहम स्तर बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,000 से 23,900 के बीच का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि बाजार इन स्तरों के ऊपर बना रहता है तो आगे 24,200 से 24,300 तक की तेजी संभव है। वहीं इन स्तरों के नीचे फिसलने पर बिकवाली बढ़ सकती है।   गिफ्ट निफ्टी से मिले सकारात्मक संकेत गिफ्ट निफ्टी ने भी बाजार को मजबूत शुरुआत का संकेत दिया। यह लगभग 319 अंकों की बढ़त के साथ 24,335 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।   विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार सातवें सत्र में बिकवाली करते दिखे। 9 मार्च को उन्होंने करीब 6,030 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग 9,013 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।   एशियाई बाजारों में भी तेजी मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद निवेशकों की धारणा मजबूत हुई। जापान का निक्केई सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि हांगकांग, दक्षिण कोरिया और चीन के बाजारों में भी बढ़त दर्ज की गई।  

surbhi मार्च 10, 2026 0
Vishal Mega Mart logo with stock market graph representing ESOP share allotment to employees.
कर्मचारियों को बड़ा फायदा: विशाल मेगा मार्ट ने ESOP के तहत 1.15 लाख शेयर किए आवंटित

कर्मचारियों के लिए शेयर आवंटन को बोर्ड की मंजूरी रिटेल सेक्टर की प्रमुख कंपनी Vishal Mega Mart Limited ने अपने कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से Employee Stock Options Plan (ESOP) 2019 के तहत 1,15,000 इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं। कंपनी के बोर्ड की सिक्योरिटीज़ अलॉटमेंट कमेटी ने 6 मार्च 2026 को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह शेयर कंपनी और उसकी सहायक इकाई के पात्र कर्मचारियों द्वारा स्टॉक ऑप्शन एक्सरसाइज करने के बाद जारी किए गए। दो अलग-अलग कीमतों पर जारी हुए शेयर कंपनी ने कर्मचारियों द्वारा एक्सरसाइज किए गए स्टॉक ऑप्शंस के आधार पर दो अलग-अलग कीमतों पर शेयर जारी किए हैं। यह कीमतें उस समय के अनुसार तय की गई थीं जब कर्मचारियों को ऑप्शन दिए गए थे। पहला ट्रांच: 16,500 शेयर – ₹18.07 प्रति शेयर दूसरा ट्रांच: 98,500 शेयर – ₹65 प्रति शेयर कुल आवंटन: 1,15,000 इक्विटी शेयर इन स्टॉक ऑप्शंस के माध्यम से कंपनी को कुल ₹67,00,655 की राशि प्राप्त हुई है। प्रत्येक स्टॉक ऑप्शन को ₹10 फेस वैल्यू वाले एक पूर्ण रूप से चुकता इक्विटी शेयर में बदला गया। कंपनी की पूंजी संरचना में बदलाव नए शेयर जारी होने के बाद कंपनी की पेड-अप शेयर कैपिटल और कुल शेयरों की संख्या में मामूली वृद्धि हुई है। आवंटन से पहले: पेड-अप कैपिटल – ₹46,73,00,28,060 कुल इक्विटी शेयर – 4,67,30,02,806 आवंटन के बाद: पेड-अप कैपिटल – ₹46,73,11,78,060 कुल इक्विटी शेयर – 4,67,31,17,806 SEBI नियमों के तहत पूरी प्रक्रिया कंपनी ने यह पूरा आवंटन SEBI (Share Based Employee Benefits and Sweat Equity) Regulations, 2021 के नियमों के अनुसार किया है। इसके लिए कंपनी ने आवश्यक जानकारी NSE और BSE में पहले ही दाखिल कर दी थी। नए शेयरों को मिलेंगे सभी अधिकार कंपनी द्वारा जारी किए गए नए इक्विटी शेयरों को पुराने शेयरों के समान सभी अधिकार मिलेंगे। इनमें डिविडेंड का अधिकार भी शामिल है और ये शेयर बाजार में स्वतंत्र रूप से ट्रेड किए जा सकेंगे। इन शेयरों पर किसी तरह का लॉक-इन पीरियड लागू नहीं है। कर्मचारियों को प्रेरित करने का अहम साधन Vishal Mega Mart Employees Stock Options Plan 2019 के तहत कर्मचारियों को दिए गए ऑप्शंस को जारी होने की तारीख से 10 वर्षों के भीतर एक्सरसाइज किया जा सकता है। कंपनी का मानना है कि ESOP योजना कर्मचारियों को कंपनी के विकास से सीधे जोड़ने और उन्हें लंबे समय तक संगठन से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम है। शेयर प्रदर्शन पर एक नजर हाल के समय में कंपनी के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 1 दिन: -1.75% 5 दिन: -11.63% 1 महीना: -8.41% 6 महीने: -26.09% 1 साल: +7.20% 5 साल: +0.69%

surbhi मार्च 6, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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surbhi मार्च 31, 2026 0