Phil Salt जल्द ही आईपीएल में वापसी करने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक Royal Challengers Bengaluru के स्टार ओपनर इस हफ्ते के आखिर तक भारत लौट सकते हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि वह शुक्रवार को Sunrisers Hyderabad के खिलाफ मुकाबले में खेलेंगे या नहीं। उंगली की चोट के कारण थे बाहर फिल सॉल्ट 18 अप्रैल को Delhi Capitals के खिलाफ मैच के दौरान चोटिल हो गए थे। बाउंड्री बचाने की कोशिश में डाइव लगाते समय उनके बाएं हाथ की उंगली में चोट लगी थी। इसके बाद से वह लगातार टीम से बाहर चल रहे थे। चोट के बाद सॉल्ट इंग्लैंड लौट गए थे, जहां उन्होंने परिवार के साथ समय बिताते हुए रिकवरी पर ध्यान दिया। प्लेऑफ में पहुंच चुकी है RCB फिल सॉल्ट की गैरमौजूदगी के बावजूद आरसीबी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई कर लिया है। टीम के क्वालिफायर-1 में पहुंचने की संभावना भी काफी मजबूत मानी जा रही है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट प्लेऑफ से ठीक पहले कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगा। यही वजह है कि अगर सॉल्ट पूरी तरह फिट नहीं होते हैं तो उन्हें सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ आराम दिया जा सकता है। जैकब बेथेल नहीं छोड़ पाए खास असर सॉल्ट की जगह इंग्लैंड के ही Jacob Bethell को मौका मिला था, लेकिन वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। उन्होंने पिछले सात मैचों में सिर्फ 96 रन बनाए और उनका सर्वोच्च स्कोर 27 रन रहा। अब उनकी जगह पर खतरा मंडराता दिख रहा है, खासकर तब जब Venkatesh Iyer ने पंजाब किंग्स के खिलाफ शानदार नाबाद 73 रन की पारी खेलकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। कप्तान रजत पाटीदार की भी वापसी संभव आरसीबी के कप्तान Rajat Patidar भी जल्द वापसी कर सकते हैं। पिछले मैच में Kartik Tyagi की तेज बाउंसर हेलमेट पर लगने के बाद वह धर्मशाला नहीं गए थे। स्टैंड-इन कप्तान Jitesh Sharma ने मैच के बाद बताया कि पाटीदार की हालत अब बेहतर है और वह शुक्रवार के मैच तक टीम से जुड़ सकते हैं। अगर फिल सॉल्ट और रजत पाटीदार दोनों वापसी करते हैं, तो प्लेऑफ से पहले आरसीबी के सामने प्लेइंग इलेवन को लेकर दिलचस्प चयन चुनौती खड़ी हो सकती है।
Sunrisers Hyderabad ने IPL 2026 के 63वें मुकाबले में Chennai Super Kings को 5 विकेट से हराकर प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली। लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जीत से ज्यादा Ishan Kishan के सोशल मीडिया पोस्ट की हो रही है। चेपॉक में मिली इस बड़ी जीत के बाद ईशान किशन ने इंस्टाग्राम पर एक ऐसा कैप्शन पोस्ट किया, जिसे कई फैंस CSK पर सीधा तंज मान रहे हैं। 70 रन की मैच विनिंग पारी चेन्नई के M. A. Chidambaram Stadium में खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने शानदार प्रदर्शन किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए CSK ने 20 ओवर में 180 रन बनाए। टीम के लिए Dewald Brevis ने 44 रन और कार्तिक शर्मा ने 32 रन की उपयोगी पारी खेली। जवाब में SRH ने 19 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। ईशान किशन ने 47 गेंदों पर 70 रन की शानदार पारी खेली, जबकि Heinrich Klaasen ने 47 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इंस्टाग्राम पोस्ट ने खींचा ध्यान मैच खत्म होने के बाद ईशान किशन ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा: “One thing louder than the whistle was the bat. Into the playoffs.” इस 12 शब्दों के कैप्शन को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। कई फैंस इसे CSK के मशहूर नारे “Whistle Podu” पर तंज के तौर पर देख रहे हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के घरेलू मुकाबलों में फैंस बड़ी संख्या में व्हिसल लेकर स्टेडियम पहुंचते हैं और टीम को सपोर्ट करते हैं। ऐसे में ईशान का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गया। मैदान पर भी दिखा अलग अंदाज रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैच खत्म होने के बाद ईशान किशन ने मैदान पर मौजूद दर्शकों की तरफ व्हिसल बजाने का इशारा किया और फिर हाथ के इशारे से “घर जाने” का संकेत भी दिया। यह मुकाबला CSK के घरेलू मैदान चेपॉक में खेला गया था, इसलिए इस प्रतिक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। शुभमन गिल भी कर चुके हैं ऐसा पोस्ट इससे पहले Shubman Gill भी CSK के खिलाफ जीत के बाद व्हिसल बजाते हुए फोटो पोस्ट कर चुके हैं। अब ईशान किशन का पोस्ट भी उसी तरह वायरल हो रहा है। प्लेऑफ में पहुंची SRH इस जीत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद के 13 मैचों में 16 अंक हो गए हैं और टीम पॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। अब SRH की नजरें टॉप-2 फिनिश पर होंगी। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के लिए प्लेऑफ की राह अब बेहद मुश्किल हो गई है।
चेन्नई, एजेंसियां। चेपॉक में सोमवार को खेले गए IPL 2026 के मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स को 5 विकेट से हरा दिया। चेन्नई ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 180 रन बनाए। जवाब में हैदराबाद ने 19 ओवर में 5 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। इसी जीत के साथ हैदराबाद की टीम प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई कर गई हैं। वहीं, चेन्नई की टीम के लिए टॉप-4 में पहुंचना काफी मुश्किल है। ईशान ने 70 रन की पारी खेली हैदराबाद की जीत के हीरो ईशान किशन रहे, जिन्होंने 47 गेंदों में 70 रन की शानदार पारी खेली। उनके अलावा हेनरिक क्लासन ने 26 गेंदों में 47 रन बनाकर रनचेज को मजबूती दी। अंत में सलील अरोड़ा (10) और आर स्मरण (5) ने तेजी से रन बनाकर मैच खत्म किया। चेन्नई की ओर से मुकेश चौधरी ने 2 विकेट लिए, जबकि अकील हुसैन, नूर अहमद और अंशुल कम्बोज को 1-1 सफलता मिली। ब्रेविस ने 44 रन बनाए चेन्नई की शुरुआत शानदार रही, संजू सैमसन ने सिर्फ 13 गेंदों में 27 रन ठोक दिए। इसके बाद कार्तिक शर्मा ने 19 गेंदों पर 32 रन की तेज पारी खेली, जबकि डेवाल्ड ब्रेविस ने 27 गेंदों में 44 रन बनाकर पारी को संभाला। अंत में शिवम दूबे ने 26 रन का योगदान दिया। ब्रेविस और शिवम के बीच पांचवें विकेट के लिए 59 रन की साझेदारी हुई। गेंदबाजी में पैट कमिंस सबसे सफल रहे। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 28 रन देकर 3 बड़े विकेट झटके। साकिब हुसैन ने 2 विकेट लिए, जबकि ईशान मलिंगा और प्रफुल हिंगे को 1-1 सफलता मिली।
आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है। लीग स्टेज के 63वें मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने Chennai Super Kings को 5 विकेट से हराकर प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली। इस जीत के साथ अब प्लेऑफ की तस्वीर लगभग साफ हो गई है और तीन टीमें आधिकारिक तौर पर क्वालीफाई कर चुकी हैं। Royal Challengers Bengaluru पहले ही अंतिम चार में पहुंच चुकी थी, जबकि अब Gujarat Titans और सनराइजर्स हैदराबाद ने भी प्लेऑफ का टिकट हासिल कर लिया है। हालांकि चौथे स्थान की जंग अभी बेहद दिलचस्प बनी हुई है, जहां पांच टीमें अब भी रेस में बनी हुई हैं। पॉइंट्स टेबल में किस टीम की क्या स्थिति? 13 मैचों में 9 जीत और 18 अंकों के साथ आरसीबी अंक तालिका में शीर्ष पर कायम है। गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद दोनों के 16-16 अंक हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के चलते गुजरात दूसरे स्थान पर है। चौथे स्थान के लिए सबसे मजबूत दावेदारी फिलहाल Punjab Kings की नजर आ रही है, जिनके 13 अंक हैं। वहीं Rajasthan Royals, चेन्नई सुपर किंग्स, Delhi Capitals और Kolkata Knight Riders भी प्लेऑफ की उम्मीदें बनाए हुए हैं। अपडेटेड IPL 2026 पॉइंट्स टेबल स्थान टीम मैच जीत हार अंक नेट रन रेट 1 RCB (Q) 13 9 4 18 +1.065 2 गुजरात टाइटंस (Q) 13 8 5 16 +0.400 3 सनराइजर्स हैदराबाद (Q) 13 8 5 16 +0.350 4 पंजाब किंग्स 13 6 6 13 +0.227 5 राजस्थान रॉयल्स 12 6 6 12 +0.027 6 चेन्नई सुपर किंग्स 13 6 7 12 -0.016 7 दिल्ली कैपिटल्स 13 6 7 12 -0.871 8 कोलकाता नाइट राइडर्स 12 5 6 11 -0.038 9 मुंबई इंडियंस (E) 12 4 8 8 -0.504 10 लखनऊ सुपर जायंट्स (E) 12 4 8 -0.701 मैच का पूरा हाल चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 180 रन बनाए। टीम के लिए Dewald Brevis ने सबसे ज्यादा 44 रन बनाए। इसके अलावा कार्तिक शर्मा ने 32, Sanju Samson ने 27 और Shivam Dube ने 26 रनों का योगदान दिया। हैदराबाद की ओर से Pat Cummins ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके, जबकि साकिब हुसैन ने 2 विकेट हासिल किए। 181 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद ने 19 ओवर में 5 विकेट गंवाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। Ishan Kishan ने 70 रनों की बेहतरीन पारी खेली, जबकि Heinrich Klaasen ने 47 और Abhishek Sharma ने 26 रन बनाए। चेन्नई के लिए मुकेश चौधरी ने 2 विकेट लिए, लेकिन वह टीम को हार से नहीं बचा सके। अब आईपीएल 2026 का अंतिम लीग चरण बेहद रोमांचक हो गया है, जहां चौथे प्लेऑफ स्थान के लिए हर मुकाबला करो या मरो जैसा होने वाला है।
Chennai Super Kings और Sunrisers Hyderabad के बीच आज आईपीएल 2026 का 63वां मुकाबला चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम यानी चेपॉक में खेला जाएगा। प्लेऑफ की रेस अब बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है और ऐसे में यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए किसी फाइनल से कम नहीं माना जा रहा। ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स के लिए यह मैच “करो या मरो” की स्थिति में है। पिछले मुकाबले में लखनऊ से मिली हार के बाद टीम पर दबाव बढ़ गया है। दूसरी ओर, पैट कमिंस की अगुवाई वाली हैदराबाद इस मैच को जीतकर प्लेऑफ का टिकट लगभग पक्का करना चाहेगी। हेड टू हेड में CSK का दबदबा दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 23 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें चेन्नई ने 15 मैच जीते हैं, जबकि हैदराबाद को 8 मुकाबलों में सफलता मिली है। हालांकि हालिया फॉर्म की बात करें तो सनराइजर्स का पलड़ा थोड़ा भारी नजर आता है। पिछले सीजन में भी हैदराबाद ने चेन्नई को हराया था और इस सीजन के पहले मुकाबले में भी SRH ने जीत दर्ज की थी। चेपॉक की पिच कैसी रहेगी? चेन्नई का चेपॉक स्टेडियम लंबे समय से स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार माना जाता रहा है, लेकिन इस सीजन में तस्वीर कुछ अलग दिखाई दी है। यहां बल्लेबाजों ने खुलकर रन बनाए हैं और कई बार 200 से ज्यादा का स्कोर भी देखने को मिला है। हालांकि पिच कुछ मौकों पर धीमी भी रही है, जिससे स्पिनर्स को टर्न और अतिरिक्त मदद मिली। ऐसे में आज का मुकाबला बैट और बॉल दोनों के बीच शानदार टक्कर वाला हो सकता है। टॉस बन सकता है बड़ा फैक्टर इस सीजन में चेपॉक में खेले गए 6 मुकाबलों में से 4 मैच लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने जीते हैं। यही वजह है कि टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी का फैसला ले सकती है। चेपॉक में अब तक कुल 97 आईपीएल मैच खेले गए हैं: पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती – 51 बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम जीती – 44 बार 2 मुकाबले टाई रहे मौसम बिगाड़ सकता है खेल चेन्नई में आज गर्मी और उमस काफी ज्यादा रहने वाली है। शाम के समय बादल छाए रहने और हल्की बारिश या गरज के आसार भी बताए जा रहे हैं। तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जबकि रात में यह 27 डिग्री के आसपास रह सकता है। ऐसे में खिलाड़ियों की फिटनेस भी अहम भूमिका निभाएगी। किसका पलड़ा भारी? अगर घरेलू परिस्थितियों और रिकॉर्ड की बात करें तो चेन्नई सुपर किंग्स को हल्का फायदा मिल सकता है। लेकिन मौजूदा फॉर्म और आक्रामक बल्लेबाजी को देखें तो सनराइजर्स हैदराबाद भी किसी तरह कमजोर नहीं दिख रही। चेन्नई के लिए ऋतुराज गायकवाड़, शिवम दुबे और स्पिन अटैक अहम होंगे, जबकि हैदराबाद को ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा और पैट कमिंस से बड़ी उम्मीदें होंगी। आज का मुकाबला सिर्फ दो अंकों का नहीं, बल्कि प्लेऑफ की उम्मीदों और दबाव की असली परीक्षा भी होगा।
Gujarat Titans ने आईपीएल 2026 के 56वें मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए Sunrisers Hyderabad को 82 रनों से हराकर अंक तालिका में बड़ा बदलाव कर दिया है। इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस अब 16 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर पहुंच गई है और टीम का प्लेऑफ में पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं इस हार के बाद सनराइजर्स हैदराबाद को बड़ा नुकसान हुआ है। टीम दूसरे स्थान से खिसककर तीसरे नंबर पर पहुंच गई है। अब हैदराबाद के 12 मैचों में 7 जीत और 14 अंक हैं। हालांकि टीम के अभी दो मुकाबले बाकी हैं, जिससे प्लेऑफ की उम्मीद बरकरार है। RCB दूसरे और पंजाब चौथे स्थान पर अंक तालिका में फिलहाल दूसरे स्थान पर Royal Challengers Bengaluru की टीम मौजूद है, जिसके 11 मैचों में 14 अंक हैं। वहीं चौथे नंबर पर Punjab Kings की टीम बनी हुई है। इसके अलावा Chennai Super Kings और Rajasthan Royals भी प्लेऑफ की रेस में मजबूती से बनी हुई हैं। IPL 2026 Updated Points Table स्थान टीम मैच जीत हार बेनतीजा अंक नेट रन रेट 1 गुजरात टाइटंस 12 8 4 0 16 +0.551 2 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 11 7 4 0 14 +1.103 3 सनराइजर्स हैदराबाद 12 7 5 0 14 +0.331 4 पंजाब किंग्स 11 6 4 1 13 +0.428 5 चेन्नई सुपर किंग्स 11 6 5 0 12 +0.185 6 राजस्थान रॉयल्स 11 6 5 0 12 +0.082 7 दिल्ली कैपिटल्स 12 5 7 0 10 -0.993 8 कोलकाता नाइट राइडर्स 10 4 5 1 9 -0.169 9 मुंबई इंडियंस (बाहर) 11 3 8 0 6 -0.585 10 लखनऊ सुपर जायंट्स (बाहर) 11 3 8 0 6 -0.907 ऐसा रहा मुकाबला अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए इस मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात टाइटंस ने 5 विकेट के नुकसान पर 168 रन बनाए। टीम के लिए Sai Sudharsan ने शानदार 61 रन बनाए, जबकि Washington Sundar ने 50 रनों की अहम पारी खेली। 169 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी हैदराबाद की टीम पूरी तरह बिखर गई और सिर्फ 86 रनों पर ऑलआउट हो गई। बल्लेबाज शुरुआत से ही संघर्ष करते नजर आए। टीम के लिए कप्तान Pat Cummins ने सबसे ज्यादा 19 रन बनाए। गुजरात की ओर से Kagiso Rabada और Jason Holder ने 3-3 विकेट झटके। वहीं Prasidh Krishna ने भी 2 विकेट हासिल किए। प्लेऑफ की रेस हुई और रोमांचक आईपीएल 2026 अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। गुजरात की जीत के बाद टॉप-4 की लड़ाई और भी दिलचस्प हो गई है। जहां गुजरात ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, वहीं बाकी टीमों के लिए आने वाले मुकाबले करो या मरो जैसे साबित हो सकते हैं।
लगातार दूसरी हार से बिगड़ा समीकरण Royal Challengers Bengaluru को Lucknow Super Giants के खिलाफ मिली हार ने आईपीएल 2026 प्लेऑफ की रेस को और रोमांचक बना दिया है। रजत पाटीदार की कप्तानी वाली RCB अब अंक तालिका में तीसरे स्थान पर खिसक गई है। सीजन की शुरुआत में टीम ने पहले पांच मैचों में चार जीत दर्ज कर टॉप-2 की मजबूत दावेदार मानी जा रही थी, लेकिन लगातार दो हार के बाद अब स्थिति पहले जैसी आसान नहीं रही। SRH और PBKS बने बड़ी चुनौती इस समय Sunrisers Hyderabad और Punjab Kings अंक तालिका में RCB से ऊपर मौजूद हैं। खास बात यह है कि बेंगलुरु को अभी अपने बचे हुए मुकाबलों में पंजाब और हैदराबाद दोनों से भिड़ना है। ऐसे में टीम की टॉप-2 की उम्मीद अब इन मैचों पर काफी हद तक निर्भर करेगी। RCB को अभी मुंबई इंडियंस, कोलकाता नाइट राइडर्स, पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं। क्या कहते हैं RCB के प्लेऑफ समीकरण? सभी 4 मैच जीते तो पक्का टॉप-2 अगर RCB अपने बाकी चारों मुकाबले जीत लेती है, तो टीम के 20 अंक हो जाएंगे। आईपीएल के 10 टीमों वाले फॉर्मेट में 20 अंक आमतौर पर टॉप-2 में जगह पक्की करने के लिए काफी माने जाते हैं। 3 मैच जीतने पर भी मजबूत दावेदारी अगर बेंगलुरु 4 में से 3 मुकाबले जीतती है, तो टीम 18 अंकों तक पहुंच जाएगी। RCB का नेट रन रेट (+1.234) फिलहाल काफी मजबूत है, जो उसे बड़ा फायदा दे सकता है। ऐसे में अगर दूसरी टीमें भी 18 अंकों पर खत्म करती हैं, तो बेहतर NRR के कारण RCB आगे निकल सकती है। हालांकि इसके लिए पंजाब और हैदराबाद जैसी टीमों को सीधे मुकाबलों में हराना बेहद जरूरी होगा। सिर्फ 2 जीत मिली तो बढ़ जाएगी टेंशन अगर RCB अपने आखिरी चार मैचों में सिर्फ दो जीत दर्ज करती है, तो टीम 16 अंकों तक ही पहुंच पाएगी। ऐसी स्थिति में टॉप-2 में पहुंचने के लिए उसे दूसरी टीमों के परिणामों पर निर्भर रहना पड़ेगा। साथ ही Rajasthan Royals और Gujarat Titans जैसी टीमों की हार भी जरूरी हो जाएगी। अब हर मैच बन गया ‘करो या मरो’ RCB के लिए आने वाले मुकाबले बेहद अहम माने जा रहे हैं। अगर टीम एक और मैच हारती है, तो वह टॉप-2 की रेस से बाहर होकर तीसरे या चौथे स्थान के लिए संघर्ष करती नजर आ सकती है। वहीं लगातार जीत टीम को सीधे क्वालिफायर-1 तक पहुंचा सकती है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का 49वां मुकाबला क्रिकेट फैंस के लिए बेहद खास होने वाला है, जहां Sunrisers Hyderabad और Punjab Kings आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला हैदराबाद के Rajiv Gandhi International Cricket Stadium में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। दोनों टीमें इस सीजन शानदार फॉर्म में रही हैं, लेकिन अपने पिछले मैचों में हार झेलने के बाद अब वापसी के इरादे से मैदान में उतरेंगी। पॉइंट्स टेबल में स्थिति पंजाब किंग्स ने इस सीजन दमदार प्रदर्शन करते हुए 9 में से 6 मैच जीते हैं और फिलहाल अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर काबिज है। हालांकि टीम को अपने पिछले दो मुकाबलों में लगातार हार का सामना करना पड़ा है, जिससे उनकी लय थोड़ी प्रभावित हुई है। वहीं सनराइजर्स हैदराबाद ने 10 मैचों में 6 जीत दर्ज कर तीसरे स्थान पर अपनी जगह बनाई है। टीम ने खराब शुरुआत के बाद लगातार पांच जीत हासिल कर शानदार वापसी की, लेकिन पिछले मैच में हार ने उनकी जीत की लय को तोड़ा है। हेड टू हेड: किसका पलड़ा भारी? दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए 25 मुकाबलों में हैदराबाद का दबदबा साफ नजर आता है। हैदराबाद: 17 जीत पंजाब: 8 जीत हालांकि इस सीजन 11 अप्रैल को खेले गए मुकाबले में पंजाब किंग्स ने हैदराबाद को 6 विकेट से हराकर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल की थी। पिच रिपोर्ट: बल्लेबाजों के लिए मददगार राजीव गांधी स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है। यहां गेंद बल्ले पर आसानी से आती है, जिससे बड़े शॉट खेलना आसान हो जाता है। हालांकि गेंदबाजों को भी कुछ मदद मिल सकती है, खासकर नई गेंद से। रात के मैच में ओस अहम भूमिका निभा सकती है, जिससे दूसरी पारी में बल्लेबाजी और आसान हो जाएगी। मौसम का हाल हैदराबाद में मैच के दौरान मौसम गर्म और उमस भरा रहेगा। तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। ओस का असर दूसरी पारी में देखने को मिल सकता है, लेकिन राहत की बात यह है कि बारिश की कोई संभावना नहीं है और मैच बिना रुकावट के पूरा होने की उम्मीद है। दोनों टीमों की स्क्वाड पंजाब किंग्स: Shreyas Iyer (कप्तान), प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह, नेहल वढेरा, शशांक सिंह, Marcus Stoinis, अजमतुल्लाह उमरजई, विजयकुमार वैशाख, Arshdeep Singh, Yuzvendra Chahal, हरप्रीत बरार समेत अन्य खिलाड़ी। सनराइजर्स हैदराबाद: Pat Cummins (कप्तान), Travis Head, Ishan Kishan, Heinrich Klaasen, अभिषेक शर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, जयदेव उनादकट, Harshal Patel, लियाम लिविंगस्टोन समेत अन्य खिलाड़ी। क्या रहेगा मुकाबले का एक्स-फैक्टर? इस मुकाबले में टॉस बेहद अहम भूमिका निभा सकता है। ओस के चलते दूसरी पारी में बल्लेबाजी आसान हो जाती है, ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है। इसके अलावा दोनों टीमों के टॉप ऑर्डर बल्लेबाज मैच का रुख तय कर सकते हैं। क्या कहता है मुकाबला? दोनों टीमें जीत की भूखी हैं और टॉप पोजिशन पर कब्जा जमाने के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में फैंस को एक हाई-स्कोरिंग और रोमांच से भरपूर मैच देखने को मिल सकता है।
आईपीएल 2026 में एक नया नाम तेजी से सुर्खियों में आया है–सनराइजर्स हैदराबाद के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज सलिल अरोड़ा। मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में उन्होंने जिस अंदाज में जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गज गेंदबाज पर “नो-लुक सिक्स” लगाया, उसने क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। तेज तर्रार बल्लेबाजी और बेखौफ अंदाज के चलते सलिल अरोड़ा अब इस सीजन के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। बुमराह पर लगाया ‘नो-लुक’ सिक्स, मैच का टर्निंग मोमेंट मैच के 19वें ओवर में जब मुकाबला रोमांचक स्थिति में था, तब सलिल अरोड़ा ने Jasprit Bumrah की फुल लेंथ गेंद को बिना देखे ही लॉन्ग-ऑफ के ऊपर से शानदार छक्के के लिए भेज दिया। यह शॉट इतना आत्मविश्वास से भरा था कि उन्होंने गेंद को बाउंड्री पार जाते हुए देखने तक की जहमत नहीं उठाई। इस आक्रामक पारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। कौन हैं सलिल अरोड़ा? सलिल अरोड़ा एक 23 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं, जो घरेलू क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। वह पंजाब के अमृतसर से ताल्लुक रखते हैं और अपनी आक्रामक शैली के कारण तेजी से पहचान बना रहे हैं। आईपीएल 2026 नीलामी में उन्हें Indian Premier League की टीम सनराइजर्स हैदराबाद ने 1.5 करोड़ रुपये में खरीदा था। घरेलू क्रिकेट में भी दिखा चुके हैं दम सलिल अरोड़ा का घरेलू रिकॉर्ड भी काफी प्रभावशाली रहा है। फर्स्ट क्लास क्रिकेट: मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में डेब्यू पर शतक (101 रन) टी20 क्रिकेट: सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में झारखंड के खिलाफ 39 गेंदों में शतक और 125* रन की धमाकेदार पारी इन प्रदर्शन के चलते उन्होंने कम समय में ही चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। आईपीएल 2026 में बढ़ता प्रदर्शन आईपीएल में सलिल ने अब तक सीमित मौकों में ही प्रभाव छोड़ा है। मुंबई के खिलाफ 10 गेंदों में 30 रनों की तेजतर्रार पारी उनकी अब तक की सबसे बड़ी आईपीएल इनिंग रही है। उनका स्ट्राइक रेट इस सीजन में बेहद आक्रामक रहा है, जो उन्हें फिनिशर की भूमिका में मजबूत दावेदार बनाता है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स की नजर क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सलिल अरोड़ा का सबसे बड़ा हथियार उनका निडर अंदाज और तेज रन बनाने की क्षमता है। हालांकि उन्हें निरंतरता पर काम करना होगा, लेकिन उनका फिनिशिंग टैलेंट टीम के लिए बड़ा फायदा साबित हो सकता है।
आईपीएल 2026 में उभरते युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। महज 15 साल की उम्र में जिस आत्मविश्वास और आक्रामक अंदाज में वह बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसने न सिर्फ भारतीय फैंस को रोमांचित किया है, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी चर्चा का बड़ा विषय बना दिया है। पाकिस्तानी एक्सपर्ट का हैरान करने वाला बयान पाकिस्तान के चर्चित क्रिकेट विश्लेषक Dr. Nauman Niaz ने सूर्यवंशी की बल्लेबाजी को लेकर बेहद चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह यह युवा खिलाड़ी बल्लेबाजी कर रहा है, उसे देखकर ऐसा लगता है जैसे उसके बल्ले में “AI चिप” लगी हो। नियाज ने मजाकिया लेकिन हैरानी भरे अंदाज में यह भी कहा कि जैसे खिलाड़ियों का डोपिंग टेस्ट होता है, वैसे ही सूर्यवंशी के बल्ले का भी परीक्षण होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस बयान के साथ खिलाड़ी की जमकर तारीफ भी की और उनकी प्रतिभा को “अविश्वसनीय” बताया। पहले ओवर में चार छक्कों से मचा तहलका 25 अप्रैल को IPL 2026 के एक मुकाबले में सूर्यवंशी ने Sunrisers Hyderabad के खिलाफ मैच की शुरुआत ही तूफानी अंदाज में की। उन्होंने पहले ही ओवर में लगातार चार छक्के जड़कर दर्शकों को हैरान कर दिया। इस दौरान उन्होंने Prafull Hinge की गेंदों पर आक्रामक प्रहार करते हुए मैच का रुख ही बदल दिया। रिकॉर्डतोड़ शतक से बढ़ी चर्चा सूर्यवंशी ने उसी मुकाबले में मात्र 36 गेंदों में शतक जड़ दिया, जो आईपीएल इतिहास के सबसे तेज शतकों में से एक है। इससे पहले भी वह 35 गेंदों में शतक लगाकर सुर्खियां बटोर चुके हैं। उनकी यह लगातार धमाकेदार पारियां यह संकेत दे रही हैं कि भारतीय क्रिकेट को एक नया सुपरस्टार मिल सकता है। Virat Kohli से जुड़ी दिलचस्प तुलना डॉ. नियाज ने एक दिलचस्प तथ्य साझा करते हुए कहा कि जब सूर्यवंशी का जन्म हुआ था, तब विराट कोहली विश्व चैंपियन बन चुके थे। यह तुलना इस युवा खिलाड़ी की नई पीढ़ी की ताकत और तेजी से उभरती प्रतिभा को दर्शाती है। क्या सच में संभव है ‘AI चिप’ वाला दावा? विशेषज्ञों के अनुसार, क्रिकेट में किसी भी तरह की “AI चिप” का इस्तेमाल नियमों के खिलाफ है और तकनीकी रूप से भी ऐसा दावा वास्तविक नहीं माना जाता। इसे अधिकतर खिलाड़ी की असाधारण प्रतिभा को व्यक्त करने के लिए कही गई अतिशयोक्ति के रूप में देखा जा रहा है।
आईपीएल 2026 के मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने दमदार प्रदर्शन करते हुए Delhi Capitals को 47 रन से हरा दिया। इस मुकाबले के सबसे बड़े हीरो रहे Abhishek Sharma, जिन्होंने नाबाद 135 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 2 विकेट के नुकसान पर 242 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स की टीम 195 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में Eshan Malinga ने 4 विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने अभिषेक शर्मा ने खुलासा किया कि शुरुआत में टीम की योजना पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी करने की थी, लेकिन पिच की धीमी प्रकृति को देखते हुए उन्हें अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि गेंद बल्ले पर आसानी से नहीं आ रही थी, ऐसे में हालात के अनुसार खेलना जरूरी था और यही बदलाव टीम की जीत की बड़ी वजह बना। अभिषेक ने अपनी 68 गेंदों की पारी में 10 चौके और 10 छक्के लगाए, जिससे हैदराबाद को बड़ा स्कोर बनाने में मदद मिली। टीम मैनेजमेंट को दिया श्रेय अभिषेक शर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय टीम मैनेजमेंट को दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने अंदाज में खेलने की पूरी आजादी मिलती है, जो उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाती है। उन्होंने कोचिंग स्टाफ और कप्तान का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि टीम का सकारात्मक माहौल खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का आत्मविश्वास देता है। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 से टीम के भीतर बना यह माहौल ‘गेमचेंजर’ साबित हुआ है और इसी वजह से खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ दे पा रहे हैं। फैंस के लिए खास ‘एल सेलिब्रेशन’ अपने शतक के बाद किए गए ‘एल सेलिब्रेशन’ पर अभिषेक ने बताया कि यह जश्न वह काफी समय से करते आ रहे हैं और यह खास तौर पर फैंस के लिए है, जो उन्हें हर मैच में जबरदस्त समर्थन देते हैं।
आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सुर्खियों में छाए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए सोमवार की शाम बेहद निराशाजनक रही। 300 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से गेंदबाजों पर कहर बरपाने वाले इस उभरते सितारे को सनराइजर्स हैदराबाद के तेज गेंदबाज प्रफुल हिंगे ने ‘गोल्डन डक’ पर आउट कर सबको चौंका दिया। यह सिर्फ एक विकेट नहीं था, बल्कि उस आक्रामक अंदाज पर सवाल भी था जिसने वैभव को टूर्नामेंट की सबसे बड़ी सनसनी बना दिया है। आंकड़े बताते हैं–कमजोरी नहीं, ताकत है पुल शॉट वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी का विश्लेषण करें तो साफ होता है कि पुल और हुक शॉट उनकी कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत हैं। कुल रन: 67 शॉट्स: 22 आउट: 2 स्ट्राइक रेट: 304.54 चौके/छक्के: 5/7 इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि तेज गेंदबाजों के खिलाफ पुल शॉट खेलते हुए उनका प्रदर्शन बेहद आक्रामक और प्रभावी रहा है। ऐसे में इस विकेट को तकनीकी खामी कहना जल्दबाजी होगी। कैसे प्रफुल हिंगे ने रचा ‘जाल’? प्रफुल हिंगे ने किसी असाधारण गेंद का सहारा नहीं लिया, बल्कि वैभव की आक्रामक मानसिकता को ही उनके खिलाफ इस्तेमाल किया। उन्होंने ‘हार्ड लेंथ’ पर गेंद डालते हुए ऐसी गति और उछाल पैदा की, जिससे बल्लेबाज को प्रतिक्रिया का समय कम मिला। वैभव ने अपने पसंदीदा पुल शॉट का प्रयास किया, लेकिन गेंद अपेक्षा से ज्यादा उछली और बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर हवा में चली गई। विकेटकीपर ने आसान कैच लेकर पारी का अंत कर दिया। यह एक योजनाबद्ध रणनीति थी–जहां गेंदबाज ने बल्लेबाज की ताकत को ही कमजोरी में बदल दिया। ‘हाई रिस्क-हाई रिवॉर्ड’ का खेल वैभव सूर्यवंशी का खेल पूरी तरह ‘हाई रिस्क-हाई रिवॉर्ड’ पर आधारित है। यही आक्रामकता उन्हें तेजी से रन दिलाती है, लेकिन कभी-कभी यही शैली जोखिम भी बन जाती है। इस मैच में भी वही हुआ–जिस पुल शॉट ने उन्हें पहचान दिलाई, उसी शॉट ने उन्हें पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। तकनीक नहीं, टाइमिंग और परिस्थिति का खेल इस घटना को तकनीकी कमजोरी से जोड़ना सही नहीं होगा। यह एक खराब टाइमिंग, जल्दबाजी में लिया गया फैसला और गेंदबाज की सटीक रणनीति का मिश्रण था। युवा खिलाड़ी के तौर पर वैभव के लिए यह सीखने का मौका जरूर है, लेकिन उनके आंकड़े यह साबित करते हैं कि उनका आक्रामक खेल आगे भी गेंदबाजों के लिए चुनौती बना रहेगा।
IPL2026 में सनराइजर्स हैदराबाद की शानदार जीत के बाद टीम के युवा ऑलराउंडर अभिषेक शर्मा मुश्किलों में घिर गए हैं। BCCI ने उन पर IPL आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की है। क्या है पूरा मामला? कोलकाता के ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने आचार संहिता का उल्लंघन किया। इस पर कार्रवाई करते हुए BCCI ने उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना काट लिया और साथ ही एक डिमेरिट पॉइंट भी दे दिया। यह उल्लंघन IPL कोड ऑफ कंडक्ट के अनुच्छेद 2.3 (लेवल-1 अपराध) के तहत माना गया। खिलाड़ी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है, जिसके बाद मैच रेफरी का फैसला अंतिम और बाध्यकारी होता है। मैच में कैसी रही अभिषेक की पारी? हालांकि विवाद के बावजूद अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने ट्रेविस हेड के साथ मिलकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। दोनों ने 5.4 ओवर में 82 रन जोड़े अभिषेक शर्मा – 21 गेंदों में 48 रन (4 छक्के, 4 चौके) ट्रेविस हेड – 21 गेंदों में 46 रन इस मजबूत शुरुआत ने सनराइजर्स हैदराबाद को बड़े स्कोर तक पहुंचने की नींव दी। मैच का पूरा हाल सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 226/8 का बड़ा स्कोर बनाया। हेनरिक क्लासेन – 52 रन नितीश रेड्डी – 39 रन जवाब में कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम 16 ओवर में 161 रन पर सिमट गई। अंगकृष रघुवंशी – 52 रन रिंकू सिंह – 35 रन फिन एलन – 28 रन गेंदबाजी में जयदेव उनादकट ने 3 विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। जीत के बीच लगा झटका जहां एक तरफ सनराइजर्स हैदराबाद ने सीजन की पहली जीत दर्ज की, वहीं दूसरी ओर अभिषेक शर्मा पर लगा जुर्माना टीम के लिए एक झटका माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे के मैचों में वह अपने प्रदर्शन के साथ अनुशासन पर भी कितना ध्यान देते हैं।
क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर है। Indian Premier League (IPL) 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। टूर्नामेंट का आगाज 28 मार्च 2026 से होगा, जहां डिफेंडिंग चैंपियन Royal Challengers Bengaluru का सामना Sunrisers Hyderabad से बेंगलुरु के M. Chinnaswamy Stadium में होगा। शेड्यूल जारी होने के बाद अब फैंस के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि टिकटों की बिक्री कब शुरू होगी और उन्हें कैसे बुक किया जा सकेगा। आइए जानते हैं इससे जुड़ी अहम जानकारी। कब शुरू हो सकती है टिकटों की बिक्री? फिलहाल Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने टिकट बिक्री की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। हालांकि संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही टिकटों की सेल शुरू हो सकती है। District by Zomato ऐप पर IPL टिकट के लिए एक खास सेक्शन बनाया गया है, जिस पर “Coming Soon” लिखा हुआ है। वहीं BookMyShow ने कुछ मैचों के लिए प्री-सेल रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। प्री-रजिस्ट्रेशन करने से टिकट की गारंटी नहीं मिलती, लेकिन इससे फैंस को दूसरों से पहले टिकट खरीदने का मौका मिल सकता है। इन टीमों के मैच के लिए शुरू हुआ प्री-रजिस्ट्रेशन फिलहाल कुछ टीमों के मैचों के लिए फैंस रजिस्टर कर सकते हैं, जिनमें शामिल हैं: Gujarat Titans – Narendra Modi Stadium Mumbai Indians – Wankhede Stadium मुंबई इंडियंस के मैच के लिए रजिस्टर करने वाले फैंस को टीम के Blue Members कार्यक्रम से जुड़ने का मौका भी मिल सकता है। कितनी हो सकती है IPL टिकट की कीमत? स्टेडियम, टीम और सीटिंग कैटेगरी के अनुसार टिकट की कीमत अलग-अलग होती है। अनुमान के मुताबिक कीमत कुछ इस तरह हो सकती है: बेसिक सीट: लगभग ₹500 – ₹800 स्टैंडर्ड सीट: लगभग ₹2300 – ₹2800 मिड-रेंज सीट: लगभग ₹3500 – ₹7500 प्रीमियम सीट (पैवेलियन/टेरेस): लगभग ₹8000 – ₹15000 कॉर्पोरेट हॉस्पिटैलिटी बॉक्स: ₹30000+ तक IPL टिकट कैसे करें बुक? (आसान स्टेप्स) फैंस ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं: 1)आधिकारिक प्लेटफॉर्म जैसे BookMyShow या District by Zomato ऐप पर जाएं। 2) सर्च बार में मैच या टीम का नाम खोजें। 3) सीट कैटेगरी और टिकटों की संख्या चुनें। 4) UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से भुगतान करें। इन टीमों के बीच होंगे बड़े मुकाबले 29 मार्च: Mumbai Indians vs Kolkata Knight Riders 30 मार्च: Chennai Super Kings vs Rajasthan Royals 5 अप्रैल: Royal Challengers Bengaluru vs Chennai Super Kings 12 अप्रैल: Mumbai Indians vs Royal Challengers Bengaluru पहले चरण में कुल 20 मुकाबले 10 अलग-अलग शहरों में खेले जाएंगे। पिछले साल कौन बना था चैंपियन? पिछले सीजन में Royal Challengers Bengaluru ने 17 साल का इंतजार खत्म करते हुए पहली बार IPL खिताब जीता था। कप्तान Rajat Patidar की अगुवाई में टीम ने फाइनल में Punjab Kings को 6 रन से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत के बाद स्टार बल्लेबाज Virat Kohli भी भावुक नजर आए थे।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।