T20 World Cup 2026

Sahibzada Farhan celebrating after scoring century in ICC T20 World Cup match for Pakistan
ICC का बड़ा सम्मान: पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान बने ‘प्लेयर ऑफ द मंथ’, टी20 वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पाकिस्तान के उभरते सितारे Sahibzada Farhan को शानदार प्रदर्शन का बड़ा इनाम मिला है। International Cricket Council (ICC) ने उन्हें फरवरी 2026 के लिए ‘मेन्स प्लेयर ऑफ द मंथ’ चुना है। यह सम्मान उन्हें ICC Men's T20 World Cup 2026 में उनके धमाकेदार प्रदर्शन के लिए दिया गया है, जहां उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक में खास जगह बना ली। रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन से जीता दिल साहिबजादा फरहान ने पूरे टूर्नामेंट में कुल 383 रन बनाए, जो इस एडिशन में सबसे ज्यादा रहे। उन्होंने दो शतक लगाए वह टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में एक ही संस्करण में दो शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए उनका पहला शतक नामीबिया के खिलाफ आया, जहां उन्होंने 58 गेंदों में 100 रन ठोके। दूसरा शतक श्रीलंका के खिलाफ पल्लेकेले में आया, जिसमें उन्होंने अपने ओपनिंग पार्टनर Fakhar Zaman के साथ 176 रन की शानदार साझेदारी की। टीम के लिए अकेले संभाला मोर्चा पूरे टूर्नामेंट में फरहान ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी लगभग अकेले ही संभाली। मुश्किल परिस्थितियों में भी उनकी निरंतरता और आक्रामकता ने उन्हें इस अवॉर्ड का सबसे मजबूत दावेदार बनाया। फरहान ने अवॉर्ड मिलने पर कहा कि यह उनके लिए “अविश्वसनीय एहसास” है और दुनियाभर के फैंस का समर्थन इसे और खास बनाता है। PCB विवादों के बीच आई राहत टूर्नामेंट से पाकिस्तान के बाहर होने के बाद Pakistan Cricket Board (PCB) पर खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की खबरें सामने आई थीं। हालांकि बोर्ड ने इन दावों को खारिज कर दिया और कहा कि कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया गया है, लेकिन भविष्य में जवाबदेही सुनिश्चित करने के उपाय किए जाएंगे। ऐसे माहौल में फरहान का यह अवॉर्ड पाकिस्तान क्रिकेट के लिए एक बड़ी सकारात्मक खबर बनकर सामने आया है।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
Gambhir Defends Arshdeep Throw in T20 World Cup Final Row
T20 वर्ल्ड कप फाइनल विवाद: अर्शदीप के थ्रो पर बोले गौतम गंभीर-‘देश के लिए खेलते समय आक्रामकता स्वाभाविक’

  ICC Men's T20 World Cup 2026 के फाइनल में भारत की जीत के बीच घटी एक घटना पर अब भारतीय टीम के हेड कोच Gautam Gambhir का बड़ा बयान सामने आया है। तेज गेंदबाज Arshdeep Singh द्वारा न्यूजीलैंड के बल्लेबाज Daryl Mitchell की ओर गेंद फेंकने की घटना को लेकर उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलते समय खिलाड़ियों में आक्रामकता दिखना स्वाभाविक है।   फाइनल में हुआ था विवाद फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम एकतरफा जीत की ओर बढ़ रही थी, तभी न्यूजीलैंड की पारी के दौरान एक विवाद खड़ा हो गया। 11वें ओवर में अर्शदीप की गेंद पर डेरिल मिचेल ने सामने की ओर शॉट खेला, जो एक टप्पा खाकर सीधे गेंदबाज के हाथ में आ गया। इसके बाद अर्शदीप ने गेंद मिचेल की दिशा में जोर से फेंक दी, जो सीधे उनके हाथ में लगी। इस घटना के बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ देर कहासुनी भी हुई। मामला बढ़ता देख भारतीय कप्तान Suryakumar Yadav और अंपायरों को बीच-बचाव करना पड़ा। बाद में अर्शदीप और कप्तान ने मिचेल से माफी भी मांगी।   गंभीर का बयान इस पूरे विवाद पर बोलते हुए Gautam Gambhir ने कहा कि खिलाड़ियों का आक्रामक होना गलत नहीं है। उन्होंने कहा, “जब आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं तो आक्रामकता दिखाना स्वाभाविक है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। कोई भी गेंदबाज लगातार छक्के खाना पसंद नहीं करता और मैं अपने खिलाड़ियों से इसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद करता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि अर्शदीप माफी नहीं भी मांगते तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं होती, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि माफी मांगना अच्छी बात है।   ICC ने लगाया जुर्माना इस घटना के बाद International Cricket Council (ICC) ने अर्शदीप सिंह पर आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया। साथ ही उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट प्वाइंट भी जोड़ा गया है। अर्शदीप को ICC के आचार संहिता के अनुच्छेद 2.9 का दोषी पाया गया, जो अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान किसी खिलाड़ी की ओर खतरनाक या अनुचित तरीके से गेंद या अन्य क्रिकेट उपकरण फेंकने से संबंधित है। अर्शदीप सिंह ने अपनी गलती स्वीकार कर ली थी, जिसके कारण मामले की औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। मैदान पर मौजूद अंपायर Richard Illingworth और Alex Wharf सहित मैच अधिकारियों ने इस घटना को लेकर रिपोर्ट दर्ज की थी। ICC के नियमों के अनुसार लेवल-1 के उल्लंघन पर खिलाड़ी को आधिकारिक चेतावनी से लेकर मैच फीस का 50 प्रतिशत तक जुर्माना और एक या दो डिमेरिट प्वाइंट दिए जा सकते हैं।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
ndian cricket team celebrating T20 World Cup victory against New Zealand at Narendra Modi Stadium Ahmedabad
भारत ने रचा इतिहास: न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी बार जीता T20 वर्ल्ड कप

  अहमदाबाद से रिपोर्ट अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार रात भारतीय क्रिकेट के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय लिखा गया। टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी बार T20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत T20 वर्ल्ड कप का सफलतापूर्वक बचाव करने वाली दुनिया की पहली टीम बन गया। करीब एक लाख दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में जब अंतिम विकेट गिरा, तो पूरा मैदान जश्न में डूब गया। लॉन्ग-ऑन पर तिलक वर्मा ने जैकब डफी का कैच पकड़ते ही न्यूजीलैंड की आखिरी उम्मीद खत्म कर दी। कैच लेने के बाद खुशी के जोश में उन्होंने गेंद को हवा में उछालने की कोशिश की और फिसल पड़े। तभी उनके साथी खिलाड़ी दौड़ते हुए उनके पास पहुंचे और मैदान में जश्न का माहौल बन गया। यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि भावनाओं से भरा वह पल था जिसका इंतजार अहमदाबाद के इसी मैदान को 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल की हार के बाद से था। उस मैच में भारत शानदार फॉर्म में होने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया से हार गया था। लगभग दो साल बाद इसी मैदान पर मिली यह जीत उस दर्द को भरने वाली साबित हुई।   खिलाड़ियों में खुशी और भावनाएं खिताब जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ी भावुक नजर आए। कई खिलाड़ियों के लिए यह पल शब्दों से परे था। तिलक वर्मा ने कहा, “अगले कुछ दिन टीम के साथ जश्न मनाने में गुजरेंगे। यह हमारे लिए बेहद खास पल है।” तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने टीम की तारीफ करते हुए कहा, “हमारी टीम में कई मैच विनर खिलाड़ी हैं। यह जीत हमारी मेहनत का परिणाम है और हमारे प्रदर्शन पर लगी चेरी की तरह है।” टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए संजू सैमसन ने कहा, “यह सब किसी सपने जैसा लगता है। इतने बड़े मंच पर टीम के लिए योगदान देना गर्व की बात है।” वहीं फाइनल में शानदार गेंदबाजी करने वाले जसप्रीत बुमराह ने कहा कि यह जीत उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा, “मैंने अपने घरेलू मैदान पर पहले भी एक फाइनल खेला था लेकिन जीत नहीं सका था। आज यहां जीतना मेरे लिए बेहद भावुक क्षण है।”   मैदान में जश्न का माहौल मैच खत्म होते ही स्टेडियम में जश्न का माहौल बन गया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कोच गौतम गंभीर को गले लगाया और भावुक नजर आए। इसके बाद उन्होंने टीम के हर खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ को गले लगाया। स्टेडियम में रंग-बिरंगी आतिशबाजी हुई और आसमान से नीले रंग की कंफेटी बरसने लगी। खिलाड़ी अपने परिवार के साथ भी इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाते दिखाई दिए। वरुण चक्रवर्ती का बेटा उनके गले से लिपटा हुआ था, जबकि सूर्यकुमार यादव अक्षर पटेल के छोटे बच्चे के साथ खेलते नजर आए। न्यूजीलैंड के खिलाड़ी भी हार के बावजूद मुस्कुराते हुए भारतीय टीम को बधाई देते दिखे। हालांकि उनके चेहरों पर यह साफ झलक रहा था कि भारत की टीम उस दिन उनसे कहीं ज्यादा मजबूत साबित हुई।   मैच का पूरा हाल फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना किसी भी टीम के लिए मुश्किल था और न्यूजीलैंड भी इस दबाव को झेल नहीं सका। न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई और नियमित अंतराल पर विकेट खोती रही। भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया। अंततः पूरी टीम 159 रन पर सिमट गई और भारत ने 96 रन के बड़े अंतर से मुकाबला जीत लिया। इस दौरान जसप्रीत बुमराह ने अहम मौके पर दो विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।   भारतीय बल्लेबाजों का आक्रामक प्रदर्शन भारत की पारी की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। अभिषेक शर्मा ने तेज शुरुआत दी और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। उनके आउट होने के बाद भी भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता कम नहीं हुई। ईशान किशन ने सिर्फ 24 गेंदों में 54 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच की दिशा लगभग तय कर दी। उन्होंने कई शानदार चौके और छक्के लगाए और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। भारत के शीर्ष तीन बल्लेबाजों ने मिलकर सिर्फ 92 गेंदों में 195 रन जोड़ दिए, जिसने न्यूजीलैंड की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया। पूरी पारी के दौरान भारतीय बल्लेबाजों ने 17 छक्के और 19 चौके लगाए।   भारत का नया क्रिकेट युग यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय T20 क्रिकेट के नए युग की शुरुआत भी मानी जा रही है। भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग है, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भरमार है और अब लगातार दो विश्व खिताब भी हैं। 2024 में T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद 2026 में उसे बरकरार रखकर भारत ने साबित कर दिया कि वह इस फॉर्मेट में दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। करीब 17 साल तक T20 विश्व कप का ताज भारत से दूर रहा, लेकिन अब लगातार दो खिताब जीतकर टीम इंडिया ने यह साबित कर दिया है कि वह इस फॉर्मेट में लंबे समय तक अपना दबदबा कायम रख सकती है।   एक नई विरासत की शुरुआत अहमदाबाद की यह रात भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक बन गई। यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि उस लंबी यात्रा का परिणाम थी जो वर्षों की मेहनत, रणनीति और नए खिलाड़ियों पर भरोसे से बनी है। इस जीत के साथ भारत ने यह संदेश दे दिया है कि वह T20 क्रिकेट में एक नई विरासत बनाने की राह पर है। यह वह रात थी जब टीम इंडिया ने इतिहास के बोझ और करोड़ों प्रशंसकों की उम्मीदों को अपने कंधों पर उठाकर जीत में बदल दिया।  

surbhi मार्च 9, 2026 0
India cricket team in T20 World Cup 2026 final against New Zealand
T20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत, इतिहास रचने से बस एक कदम दूर; न्यूजीलैंड से होगा खिताबी मुकाबला

  T20 क्रिकेट में भारत एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के बेहद करीब पहुंच गया है। मौजूदा चैंपियन भारतीय टीम अब ICC Men's T20 World Cup 2026 के फाइनल में पहुंच चुकी है और खिताब बचाने के साथ नया रिकॉर्ड बनाने से सिर्फ एक जीत दूर है। रविवार, 8 मार्च को India national cricket team का सामना New Zealand national cricket team से Narendra Modi Stadium, Ahmedabad में होगा। अगर भारत यह मैच जीत जाता है तो वह T20 वर्ल्ड कप का खिताब लगातार दूसरी बार जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन जाएगी।   तीसरा खिताब जीतकर बना सकता है नया रिकॉर्ड भारतीय टीम के पास एक और बड़ा मौका है। अगर टीम फाइनल जीतती है तो वह T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में तीन बार ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। भारत ने इससे पहले ICC Men's T20 World Cup 2007 और ICC Men's T20 World Cup 2024 में खिताब जीता था। फिलहाल भारत दो-दो खिताब के साथ West Indies men's cricket team और England men's cricket team के बराबर है। टीम की कप्तानी इस बार स्टार बल्लेबाज Suryakumar Yadav कर रहे हैं और उनके नेतृत्व में भारत पूरे टूर्नामेंट में मजबूत दावेदार के रूप में सामने आया है।   टूर्नामेंट की शुरुआत में कड़ी चुनौती भारत का पहला मुकाबला United States men's national cricket team से Mumbai में हुआ। इस मैच में टीम को कड़ी टक्कर मिली, लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव की 49 गेंदों में नाबाद 84 रन की पारी ने भारत को 29 रन से जीत दिला दी। इसके बाद Namibia national cricket team के खिलाफ Delhi में खेले गए मैच में Ishan Kishan (61 रन) और Hardik Pandya (52 रन) की शानदार बल्लेबाजी से भारत ने 209 रन बनाए और मुकाबला आसानी से जीत लिया।   पाकिस्तान पर बड़ी जीत ग्रुप चरण के सबसे चर्चित मुकाबले में भारत ने Pakistan national cricket team को Colombo में करारी शिकस्त दी। ईशान किशन की 77 रन की पारी और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से पाकिस्तान की टीम सिर्फ 114 रन पर सिमट गई। इसके बाद Netherlands national cricket team के खिलाफ Shivam Dube के 66 रन और Varun Chakaravarthy की शानदार गेंदबाजी से भारत ने एक और जीत दर्ज की।   सुपर-8 में लगा झटका सुपर-8 चरण में भारत को एकमात्र हार South Africa national cricket team के खिलाफ मिली। हालांकि Jasprit Bumrah ने 3 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन भारत की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और टीम 111 रन पर ऑलआउट हो गई।   दमदार वापसी से सेमीफाइनल में जगह हार के बाद भारत ने शानदार वापसी की। Zimbabwe national cricket team के खिलाफ Abhishek Sharma की तेज 55 रन की पारी और हार्दिक पंड्या के अर्धशतक से भारत ने 256 रन का बड़ा स्कोर बनाया। इसके बाद West Indies men's cricket team के खिलाफ Sanju Samson की 50 गेंदों में नाबाद 97 रन की पारी ने टीम को जीत दिलाई।   इंग्लैंड के खिलाफ यादगार सेमीफाइनल सेमीफाइनल में भारत ने England men's cricket team को रोमांचक मुकाबले में हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया। इस मैच में Sanju Samson ने 89 रन की अहम पारी खेली, जबकि Jasprit Bumrah ने डेथ ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी कर इंग्लैंड की टीम को रोक दिया। अब पूरा देश फाइनल मुकाबले का इंतजार कर रहा है, जहां भारतीय टीम के पास इतिहास रचने और T20 क्रिकेट में अपनी बादशाहत साबित करने का सुनहरा मौका है।  

surbhi मार्च 7, 2026 0
Narendra Modi Stadium Ahmedabad pitch for T20 World Cup 2026
अहमदाबाद की पिच पर चेज़ करना क्यों बन जाता है मुश्किल? T20 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले जानिए टीम इंडिया का रिकॉर्ड

ICC Men's T20 World Cup 2026 का फाइनल मुकाबला 8 मार्च को India national cricket team और New Zealand national cricket team के बीच Narendra Modi Stadium, Ahmedabad में खेला जाएगा। खिताबी मुकाबले से पहले इस मैदान की पिच और यहां के आंकड़े चर्चा का बड़ा विषय बने हुए हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्टेडियम में लक्ष्य का पीछा करना अक्सर आसान नहीं होता, क्योंकि मैच के आगे बढ़ने के साथ पिच की प्रकृति बदलने लगती है।   नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत का प्रदर्शन अहमदाबाद के इस ऐतिहासिक मैदान पर भारतीय टीम का रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। टीम इंडिया ने यहां अब तक कुल 47 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं, जिनमें से 26 में जीत हासिल की है, जबकि 14 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। अगर T20 इंटरनेशनल मुकाबलों की बात करें तो भारत ने यहां 10 मैच खेले हैं। इनमें से 7 मैचों में जीत और 3 में हार मिली है। इस हिसाब से इस मैदान पर भारत का जीत प्रतिशत लगभग 70 प्रतिशत है, जो टीम की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।   इन टीमों के खिलाफ मिली हार अहमदाबाद में भारत को T20 इंटरनेशनल में अब तक तीन बार हार का सामना करना पड़ा है। इनमें दो मुकाबले England men's cricket team के खिलाफ 2021 में खेले गए थे, जहां इंग्लैंड ने भारत को मात दी थी। वहीं तीसरी हार हाल ही में खेले गए मैच में South Africa national cricket team के खिलाफ मिली। उस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 187 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर सिमट गई और 76 रन से मैच हार गई। यह इस टूर्नामेंट में भारत की एकमात्र हार रही है।   पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को फायदा नरेंद्र मोदी स्टेडियम के आंकड़े बताते हैं कि यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को ज्यादा सफलता मिलती है। अब तक खेले गए 13 T20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 8 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को केवल 5 बार ही जीत मिली है।   काली मिट्टी की पिच बनती है चुनौती अहमदाबाद की पिच काली मिट्टी से तैयार की जाती है, जिसकी वजह से मैच के दौरान इसकी गति और व्यवहार बदल जाता है। जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है, पिच धीमी हो जाती है और गेंदबाजों को मदद मिलने लगती है। ऐसे में दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना कठिन हो जाता है। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर करीब 174 रन है, जबकि दूसरी पारी में औसत स्कोर लगभग 150 रन के आसपास रहता है। यही वजह है कि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को यहां अक्सर संघर्ष करना पड़ता है।   वर्ल्ड कप में भी दिखा यही रुझान T20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान अब तक इस मैदान पर छह मैच खेले जा चुके हैं। इनमें से तीन मुकाबले पहले बल्लेबाजी करने वाली टीमों ने जीते हैं, जबकि दो मैचों में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम सफल रही है। एक मैच बेनतीजा भी रहा। ऐसे में फाइनल मुकाबले में टॉस बेहद अहम साबित हो सकता है। जो टीम पहले बल्लेबाजी करेगी, उसके पास मैच में शुरुआती बढ़त बनाने का बेहतर मौका हो सकता है।  

surbhi मार्च 7, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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surbhi मार्च 31, 2026 0