Tamilaga Vettri Kazhagam

Tamil Nadu CM Vijay receiving congratulations after TVK’s historic election victory and swearing-in ceremony in Chennai.
तमिलनाडु में विजय की ऐतिहासिक जीत पर मलेशियाई पीएम का खास संदेश, बोले- ‘एक उंगली क्रांति इतिहास रचने जा रही’

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अभिनेता से राजनेता बने C. Joseph Vijay ने अपनी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) के साथ विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की राजनीति में नया अध्याय लिख दिया है। उनकी जीत की चर्चा अब भारत ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। इसी बीच Anwar Ibrahim ने विजय को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने पर खास अंदाज में बधाई दी है। मलेशियाई प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में विजय को अपना “मित्र” बताते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की और तमिलनाडु-मलेशिया के ऐतिहासिक रिश्तों का जिक्र किया। “फिल्मों से बड़ी जिम्मेदारी अब जनता ने दी” अनवर इब्राहिम ने अपने संदेश में लिखा कि वर्षों तक लोगों ने विजय को फिल्मों में भ्रष्ट नेताओं और खलनायकों को हराते देखा, लेकिन अब तमिलनाडु की जनता ने उन्हें असल राजनीति में उससे भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने विजय के लोकप्रिय चुनावी नारे “ओरु विरल पुराची” यानी “एक उंगली क्रांति” का भी उल्लेख किया। इब्राहिम ने कहा कि यह आंदोलन अब इतिहास रचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। तमिलनाडु और मलेशिया के रिश्तों का किया जिक्र मलेशियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु और मलेशिया के बीच पीढ़ियों पुराने सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में दोनों पक्षों के बीच सहयोग और मजबूत होगा। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वह मुख्यमंत्री विजय के साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्साहित हैं। यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मलेशिया में बड़ी संख्या में तमिल मूल के लोग रहते हैं और तमिल संस्कृति का वहां गहरा प्रभाव है। दुनिया भर से मिल रहीं बधाइयां विजय की जीत के बाद केवल मलेशिया ही नहीं बल्कि Sri Lanka और Pakistan समेत कई देशों के नेताओं और कलाकारों ने भी उन्हें बधाई दी है। श्रीलंका के कई नेताओं ने इसे दक्षिण भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव बताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की लोकप्रियता ने पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। TVK ने तोड़ा दशकों पुराना राजनीतिक दबदबा तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सबको चौंका दिया। सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत थी और कांग्रेस व वाम दलों ने विजय को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। इस जीत को इसलिए ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि TVK ने राज्य में वर्षों से मजबूत पकड़ रखने वाली Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) के प्रभाव को चुनौती दी है। चेन्नई में ली मुख्यमंत्री पद की शपथ विजय ने चेन्नई के Jawaharlal Nehru Indoor Stadium में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस मौके पर बड़ी संख्या में समर्थक और कई राजनीतिक हस्तियां मौजूद रहीं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह जीत केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में नई पीढ़ी और नए नेतृत्व के उभार का संकेत है।  

surbhi मई 12, 2026 0
Actor Vijay enters Tamil Nadu politics, creating triangular contest with DMK and AIADMK leaders
तमिलनाडु चुनाव में नया मोड़: DMK-AIADMK की जंग बनी त्रिकोणीय, विजय ने बदली सियासी तस्वीर

  50 साल पुरानी राजनीति में बड़ा बदलाव तमिलनाडु की राजनीति में इस बार ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। दशकों से चली आ रही दो दलों की सीधी टक्कर अब त्रिकोणीय मुकाबले में बदल गई है। M. K. Stalin की Dravida Munnetra Kazhagam और Edappadi K. Palaniswami की All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam के बीच अब अभिनेता से नेता बने Vijay की एंट्री ने समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। विजय की पार्टी TVK बनी ‘गेम चेंजर’ Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam ने पहली बार चुनावी मैदान में उतरते ही बड़ा प्रभाव डाला है। युवाओं और शहरी वोटर्स के बीच पार्टी को तेजी से समर्थन मिल रहा है। अनुमान है कि TVK 15-20% तक वोट शेयर हासिल कर सकती है, जो किसी नई पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। युवा और महिला वोटर्स पर खास फोकस TVK ने अपने चुनावी अभियान में युवाओं और महिलाओं को केंद्र में रखा है। पार्टी ने रोजगार, इंटर्नशिप और वित्तीय सहायता जैसे वादे किए हैं। साथ ही महिलाओं के लिए हर महीने ₹2500 की सहायता, मुफ्त गैस सिलेंडर और शादी से जुड़े लाभ देने का ऐलान किया है। DMK और AIADMK के सामने नई चुनौती Dravida Munnetra Kazhagam अपनी सरकार के काम और कल्याण योजनाओं के दम पर मैदान में है, जबकि All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठा रही है। लेकिन TVK की एंट्री ने दोनों दलों के वोट बैंक में सेंध लगा दी है, जिससे मुकाबला और ज्यादा रोमांचक हो गया है। कई सीटों पर ‘किंगमेकर’ बन सकती है TVK विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही Tamilaga Vettri Kazhagam सीधे तौर पर सरकार न बना पाए, लेकिन कई सीटों पर उसका प्रदर्शन नतीजों को प्रभावित कर सकता है। दक्षिणी जिलों और चेन्नई जैसे शहरी इलाकों में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। क्या खत्म होगी द्विदलीय राजनीति? कुछ सर्वे बताते हैं कि अभी भी बड़ी संख्या में मतदाता इसे DMK बनाम AIADMK की लड़ाई मानते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में यह चुनाव पूरी तरह बदल चुका है। तमिलनाडु की राजनीति अब एक नए दौर में प्रवेश करती दिख रही है, जहां तीसरी ताकत निर्णायक भूमिका निभा सकती है।  

surbhi अप्रैल 23, 2026 0
Thalapathy Vijay in an intense action scene from Jana Nayagan leaked before the film’s release.
‘जन नायकन’ पर नया संकट: रिलीज से पहले लीक हुआ 5 मिनट का फुटेज, भड़के फैंस, कानूनी कार्रवाई की मांग तेज

साउथ सुपरस्टार Thalapathy Vijay की बहुप्रतीक्षित फिल्म Jana Nayagan एक बार फिर मुश्किलों में घिर गई है। लंबे समय से रिलीज में देरी का सामना कर रही इस फिल्म को अब एक नए विवाद ने घेर लिया है - रिलीज से पहले ही इसके शुरुआती पांच मिनट से ज्यादा का फुटेज ऑनलाइन लीक हो गया है। इस घटना ने न केवल मेकर्स बल्कि फैंस को भी झकझोर दिया है। टेस्ट स्क्रीनिंग से लीक हुआ वीडियो जानकारी के मुताबिक, करीब 5 मिनट 31 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुआ, जो कथित तौर पर फिल्म की टेस्ट स्क्रीनिंग के दौरान थिएटर में रिकॉर्ड किया गया था। इस क्लिप में विजय का इंट्रोडक्शन सीन, एक्शन सीक्वेंस और टाइटल कार्ड तक शामिल हैं। कुछ यूजर्स ने दावा किया कि उन्हें फिल्म के और भी कई सीन ऑनलाइन मिल गए हैं। इतना ही नहीं, कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि फिल्म के गाने ‘थलपति कचेरी’ और सरप्राइज कैमियो वाले क्लिप्स भी लीक हुए हैं। ये वीडियो X (formerly Twitter), यूट्यूब, रेडिट और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किए गए, हालांकि बाद में कई क्लिप्स को हटा दिया गया। फैंस का गुस्सा, सख्त कार्रवाई की मांग फिल्म के लीक होने के बाद फैंस का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर कई फैन पेजों ने चेतावनी दी है कि फिल्म से जुड़ा कोई भी कंटेंट शेयर करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कुछ यूजर्स ने दावा किया है कि इस मामले में साइबर क्राइम शिकायत भी दर्ज कराई गई है और संबंधित अकाउंट्स की पहचान की जा रही है। प्रोडक्शन हाउस की चुप्पी फिल्म के प्रोडक्शन हाउस KVN Productions ने अभी तक इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि इंडस्ट्री में इसे लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि इस तरह की घटनाएं फिल्म की रिलीज और बॉक्स ऑफिस पर असर डाल सकती हैं। बार-बार टल रही रिलीज Jana Nayagan का निर्देशन H. Vinoth ने किया है और इसे विजय के करियर की आखिरी फिल्म माना जा रहा है, क्योंकि वह अपनी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam के जरिए सक्रिय राजनीति में कदम रख रहे हैं। फिल्म में Pooja Hegde, Mamitha Baiju और Bobby Deol जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। इसे पहले पोंगल के मौके पर रिलीज किया जाना था, लेकिन Central Board of Film Certification से सर्टिफिकेशन में देरी के चलते इसकी रिलीज टाल दी गई। राजनीति और विवाद का एंगल इस बीच विजय ने फिल्म की रिलीज में हो रही देरी को लेकर सत्ताधारी दलों पर ‘षड्यंत्र’ का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि चुनाव से ठीक पहले उनके निजी जीवन से जुड़ी खबरों को भी जानबूझकर लीक किया गया, जिससे उनकी छवि प्रभावित हो। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मेकर्स लीक करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाएंगे और क्या यह विवाद फिल्म की रिलीज को और प्रभावित करेगा।  

surbhi अप्रैल 10, 2026 0
Thalapathy Vijay addressing women’s conference amid divorce and Trisha affair rumors
तलाक और अफेयर की चर्चाओं पर बोले थलापति विजय, कहा- ‘समय बर्बाद न करें, मैं खुद सुलझाऊंगा’

  साउथ सुपरस्टार और नेता Vijay इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। उनकी पत्नी Sangeeta Sornalingam से तलाक और अभिनेत्री Trisha Krishnan के साथ रिश्ते की चर्चाएं लगातार हो रही हैं। हालांकि इन अफवाहों के बीच विजय ने पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है और अपने समर्थकों से अपील की है कि वे इन विवादों पर ध्यान न दें। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आयोजित एक महिला सम्मेलन में विजय ने कहा कि उनके आसपास चल रही निजी समस्याओं को लेकर लोग चिंता न करें। उन्होंने कहा कि यह मुद्दे लोगों के समय के लायक नहीं हैं और वह खुद इनका समाधान कर लेंगे। विजय ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा दुख तब होता है जब उनके कारण उनके प्रशंसक या समर्थक परेशान होते हैं। विजय ने कहा कि उनका ध्यान निजी विवादों पर नहीं बल्कि जनता के कल्याण और राजनीति में अपने लक्ष्यों पर है। वह अपनी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) के जरिए आगामी Tamil Nadu विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं और जनता से जुड़े मुद्दों पर काम करना चाहते हैं। सम्मेलन में विजय ने महिलाओं और परिवारों के लिए कई बड़े वादे भी किए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा युवतियों की शादी पर सोने की अंगूठी और सिल्क साड़ी देने का भी वादा किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी परिवारों को साल में छह एलपीजी सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे, जबकि स्कूलों में ड्रॉपआउट रोकने के लिए हर मां या अभिभावक को सालाना 15,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। विजय ने यह भी कहा कि तमिलनाडु में जन्म लेने वाले हर नवजात बच्चे को सरकार की ओर से ‘आशीर्वाद’ के रूप में सोने की अंगूठी और बेबी वेलकम किट दी जाएगी। महिला स्वयं सहायता समूहों को बिना ब्याज के 5 लाख रुपये तक का ऋण देने की योजना भी उन्होंने बताई। साथ ही राशन दुकानों, स्कूलों और कॉलेजों के जरिए महिलाओं को मुफ्त सैनिटरी पैड देने की बात कही। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विजय ने ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ लागू करने की घोषणा की। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन में ‘स्मार्ट पैनिक बटन’ की सुविधा, पुलिस में महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘रानी वेलु नचियार’ नाम से विशेष यूनिट बनाने और राज्य की सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की व्यवस्था करने का भी वादा किया। गौरतलब है कि विजय की पत्नी संगीता ने दिसंबर 2025 में तलाक के लिए याचिका दायर की थी। दोनों की शादी 1999 में हुई थी और उनके दो बच्चे हैं-एक बेटा और एक बेटी। निजी जीवन को लेकर उठे विवादों के बीच विजय अब अपने राजनीतिक एजेंडे और जनकल्याण योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की बात कर रहे हैं।  

surbhi मार्च 9, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Top week

Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
राष्ट्रीय

भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0