Team India

Rohit Sharma Hitman
चैंपियंस ट्रॉफी के बाद पावरप्ले में फीके पड़े रोहित शर्मा, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का आक्रामक अंदाज लंबे समय से टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत रहा है, लेकिन 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद वनडे क्रिकेट के पावरप्ले में उनका प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में भी रोहित सस्ती पारी खेलकर आउट हो गए, जिसके बाद उनकी फॉर्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है।   पावरप्ले में कम हुआ असर   आंकड़ों के अनुसार, चैंपियंस ट्रॉफी से पहले रोहित शर्मा शुरुआती 10 ओवरों में तेज रन बनाने और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने के लिए जाने जाते थे। लेकिन उसके बाद से पावरप्ले में उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों में गिरावट देखने को मिली है। साथ ही जल्दी विकेट गंवाने की घटनाएं भी बढ़ी हैं।   आंकड़े दे रहे गवाही आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2023 से लेकर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान रोहित शर्मा 36 पारियों में 935 गेंदों का सामना कर 1146 रन बनाए थे। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 67.41 का था और पावरप्ले में उनका स्ट्राइक रेट 122.57 का आसमान छू रहा था, जहां वे विपक्षी गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते थे। वहीं पिछले कुछ महीनों में खेली गई 13 पारियों में रोहित ने 310 गेंदों का सामना करके केवल 267 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत घटकर 44.50 पर आ गया है। उनके पावरप्ले के स्ट्राइक रेट में भी गिरावट आई है, जो 122.57 से सीधे नीचे गिरकर महज 86.13 रह गया है, जो उनके स्वाभाविक हिटमैन अंदाज के बिल्कुल विपरीत है।   टीम प्रबंधन को होगी चिंता   रोहित शर्मा भारत के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल हैं। ऐसे में आगामी मुकाबलों और बड़े टूर्नामेंटों से पहले उनका फॉर्म में लौटना टीम इंडिया के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रोहित पावरप्ले में फिर से आक्रामक शुरुआत देने लगते हैं तो भारतीय बल्लेबाजी और मजबूत हो जाएगी।   दूसरे वनडे में होगी निगाहें   अब सभी की नजर भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे वनडे पर रहेगी। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि रोहित शर्मा अपनी पुरानी लय हासिल करते हुए टीम इंडिया को मजबूत शुरुआत दिलाएंगे और आलोचकों को बल्ले से जवाब देंगे।

abhishek singh जुलाई 16, 2026 0
Shubman Gill plays a fluent shot during an ODI innings as he continues his remarkable run-scoring form for India.
प्रिंस से किंग बनने की राह पर शुभमन गिल, ODI में लगातार बरस रहे रन; औसत में विराट कोहली को भी छोड़ा पीछे

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में हर दौर में एक ऐसा बल्लेबाज उभरकर सामने आया है जिसने दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनाई। सुनील गावस्कर से शुरू हुई यह विरासत सचिन तेंदुलकर तक पहुंची और फिर विराट कोहली ने अपने शानदार प्रदर्शन से भारतीय बल्लेबाजी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। अब जब विराट कोहली अपने करियर के अंतिम चरण की ओर बढ़ रहे हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारतीय क्रिकेट का अगला 'किंग' कौन होगा? मौजूदा फॉर्म को देखते हुए इस सवाल का सबसे मजबूत जवाब शुभमन गिल के रूप में सामने आ रहा है। भारतीय टीम की कप्तानी संभाल रहे शुभमन गिल इन दिनों अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ लय में नजर आ रहे हैं। खासकर वनडे क्रिकेट में उनका बल्ला पिछले सात महीनों से लगातार रन उगल रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में 80 रनों की जिम्मेदार पारी खेलकर उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान के भी सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल हैं। सात महीने से वनडे में शानदार फॉर्म शुभमन गिल ने साल 2026 की शुरुआत से ही वनडे क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले दो मैचों में उन्होंने लगातार 56-56 रन बनाए। तीसरे मुकाबले में 18 गेंदों पर 23 रन की तेज पारी खेली। इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ पहले वनडे में 84 रन बनाए, जबकि दूसरे मुकाबले में 154 रन की शानदार पारी खेलकर अपने करियर का दूसरा सबसे बड़ा वनडे स्कोर दर्ज किया। इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में भी उन्होंने 75 गेंदों में 80 रन बनाकर भारत की जीत की मजबूत नींव रखी। उनकी पिछली छह वनडे पारियों में पांच अर्धशतक इस बात का प्रमाण हैं कि फिलहाल उन्हें रोकना किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए आसान नहीं है। इंग्लैंड के खिलाफ खेली मैच जिताऊ पारी बर्मिंघम में खेले गए पहले वनडे में भारत को 259 रन का लक्ष्य मिला था। कप्तान रोहित शर्मा सिर्फ 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। श्रेयस अय्यर (35) और केएल राहुल (1) भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। ऐसे मुश्किल समय में शुभमन गिल ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 80 रन बनाए। हालांकि हैमस्ट्रिंग और ग्रॉइन में परेशानी के कारण उन्हें बीच में मैदान छोड़ना पड़ा, लेकिन तब तक वह भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे। बाद में वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल की अहम पारियों ने टीम इंडिया को जीत दिलाई। यदि गिल शुरुआती दबाव को संभालकर यह पारी नहीं खेलते तो मुकाबले का नतीजा भारत के पक्ष में आना मुश्किल हो सकता था। औसत के मामले में विराट कोहली से भी आगे वनडे क्रिकेट में कम से कम 3000 रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शुभमन गिल अब सबसे अधिक बल्लेबाजी औसत वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने 65 वनडे मैचों में 3271 रन 60 से अधिक की औसत से बनाए हैं। वहीं विराट कोहली 58.50 की औसत के साथ 14,802 रन बनाकर दूसरे स्थान पर हैं। हालांकि विराट कोहली के नाम अनुभव, रिकॉर्ड और बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन जैसी कई उपलब्धियां हैं, लेकिन शुरुआती करियर में जिस तरह शुभमन गिल लगातार रन बना रहे हैं, उसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सुपरस्टार के रूप में स्थापित कर दिया है। अगर गिल इसी निरंतरता के साथ प्रदर्शन करते रहे, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक नया 'किंग' मिल सकता है।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
Jasprit Bumrah celebrates after taking his 150th ODI wicket during India's match against England.
5 भारतीय गेंदबाज जिन्होंने सबसे कम गेंदों में पूरे किए वनडे के 150 विकेट, बुमराह ने बनाई खास जगह

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने इंग्लिश कप्तान हैरी ब्रूक का विकेट लेकर वनडे क्रिकेट में अपने 150 विकेट पूरे कर लिए। इस मैच में भले ही बुमराह को सिर्फ एक विकेट मिला, लेकिन उनकी सटीक गेंदबाजी ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखा। उन्होंने अपने 9 ओवर के स्पेल में केवल 31 रन खर्च किए। इस उपलब्धि के साथ बुमराह अब भारत की ओर से सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज बन गए हैं। सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज 1. मोहम्मद शमी – 4070 गेंदें भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी इस सूची में पहले स्थान पर हैं। उन्होंने साल 2022 में अपने करियर के 80वें वनडे मैच के दौरान सिर्फ 4070 गेंदों में 150 विकेट पूरे कर इतिहास रच दिया। उनकी लगातार विकेट लेने की क्षमता उन्हें भारत के सबसे घातक वनडे गेंदबाजों में शामिल करती है। 2. कुलदीप यादव – 4513 गेंदें चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव ने 2023 में 4513 गेंदों में अपने 150 वनडे विकेट पूरे किए। 2017 में डेब्यू करने वाले कुलदीप भारत के लिए वनडे में दो हैट्रिक लेने वाले इकलौते गेंदबाज भी हैं। उनकी विविधता और टर्न ने कई मैचों में भारत को जीत दिलाई है। 3. जसप्रीत बुमराह – 4605 गेंदें जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने 91वें वनडे मुकाबले में यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 4605 गेंदों में 150 विकेट पूरे किए। चोटों के कारण कुछ समय क्रिकेट से दूर रहने के बावजूद बुमराह ने अपनी घातक गेंदबाजी से लगातार शानदार प्रदर्शन किया और अब इस प्रतिष्ठित सूची में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। 4. अजीत अगरकर – 5027 गेंदें पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और मौजूदा टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर लंबे समय तक इस रिकॉर्ड के मालिक रहे। उन्होंने अपने 97वें वनडे मैच में 5027 गेंदों पर 150 विकेट पूरे किए थे। अपनी तेज गेंदबाजी और निचले क्रम की बल्लेबाजी के लिए भी अगरकर जाने जाते थे। 5. इरफान पठान – 5131 गेंदें पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं। उन्होंने 2009 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले गए मुकाबले के दौरान 5131 गेंदों में अपने 150 वनडे विकेट पूरे किए थे। स्विंग गेंदबाजी के दम पर उन्होंने शुरुआती वर्षों में भारत को कई यादगार जीत दिलाईं। सबसे कम गेंदों में 150 वनडे विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज रैंक गेंदबाज गेंदें 1 मोहम्मद शमी 4070 2 कुलदीप यादव 4513 3 जसप्रीत बुमराह 4605 4 अजीत अगरकर 5027 5 इरफान पठान 5131

surbhi जुलाई 15, 2026 0
India vs England
इंग्लैंड के खिलाफ विराट की वापसी, रिकॉर्ड्स की बरसात करने को तैयार किंग कोहली

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली करीब छह महीने बाद एक बार फिर वनडे क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं। 14 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज उनके लिए सिर्फ वापसी का मंच नहीं, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम करने का बड़ा अवसर भी होगी। चोट के कारण वह अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज से बाहर रहे थे, जबकि उन्होंने अपना आखिरी वनडे जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था।   15 हजार वनडे रन का ऐतिहासिक मुकाम करीब विराट कोहली ने अब तक 311 वनडे मैचों की 299 पारियों में 14,797 रन बनाए हैं। 15,000 वनडे रन पूरे करने के लिए उन्हें केवल 203 रन की जरूरत है। यदि वह इंग्लैंड के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं, तो वनडे क्रिकेट में 15 हजार रन बनाने वाले दुनिया के दूसरे और भारत के दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे। इस सूची में सबसे ऊपर सचिन तेंदुलकर का नाम है।   सबसे तेज 15 हजार रन बनाने का भी मौका इंग्लैंड के खिलाफ पहला वनडे कोहली के करियर की 300वीं वनडे पारी होगी। यदि वह इस सीरीज में 203 रन बना लेते हैं, तो वह सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं। सचिन ने 15 हजार वनडे रन तक पहुंचने के लिए 359 पारियां खेली थीं, जबकि विराट के पास यह उपलब्धि सिर्फ 300वीं पारी के आसपास हासिल करने का मौका है। ऐसा होने पर वह वनडे इतिहास में सबसे तेज 15 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे।   वनडे में शानदार रिकॉर्ड साल 2008 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले विराट कोहली का वनडे करियर बेहद शानदार रहा है। उनका औसत 58.71 और स्ट्राइक रेट 90 से अधिक है। अब तक वे 54 शतक और 77 अर्धशतक लगा चुके हैं, जबकि उनका सर्वोच्च स्कोर 183 रन है।   टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कोहली अब पूरी तरह वनडे क्रिकेट और अगले साल होने वाले विश्व कप पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ऐसे में इंग्लैंड के खिलाफ यह सीरीज उनके लिए नई शुरुआत के साथ-साथ इतिहास रचने का भी सुनहरा अवसर साबित हो सकती है।

anjali kumari जुलाई 13, 2026 0
US military aircraft and naval assets operating in the Middle East as tensions escalate following reported strikes on Iranian military targets.
खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों के बाद अमेरिका का बड़ा सैन्य अभियान, 140 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक का दावा

US Iran Conflict: पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ईरान की ओर से खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और समुद्री गतिविधियों को निशाना बनाए जाने के बाद अमेरिका ने जवाबी सैन्य अभियान का एक अहम चरण पूरा करने का दावा किया है. अमेरिकी सेना के अनुसार, ताजा कार्रवाई में ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए, जिनमें वायु रक्षा प्रणाली, रडार, मिसाइल और ड्रोन लॉन्चिंग साइट्स समेत कई रणनीतिक ठिकाने शामिल हैं. अमेरिका का दावा- 140 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि इस अभियान में पहली बार लड़ाकू विमान, युद्धपोत, हवाई ड्रोन और नौसैनिक ड्रोन का संयुक्त रूप से इस्तेमाल किया गया. सेना के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, मिसाइल और ड्रोन लॉन्चिंग साइट, गोला-बारूद के भंडार, संचार केंद्र और छोटे सैन्य जहाजों को निशाना बनाया गया. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका का बयान अमेरिका ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट किसी एक देश के नियंत्रण में नहीं है और यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है. अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि वह इस जलमार्ग को अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित और खुला बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. कंटेनर जहाज पर हमले के बाद बढ़ा तनाव रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने रविवार को होर्मुज स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज पर हुए हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए. इसके बाद ईरान ने भी पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की. पांच देशों तक पहुंचा हमलों का असर ईरान के जवाबी हमलों का प्रभाव बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और ओमान तक देखा गया. बहरीन में सोमवार तड़के मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए गए. हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है. ईरान के सरकारी मीडिया ने भी देश के कई हिस्सों में हुए ताजा हमलों की पुष्टि की है. रिपोर्टों के मुताबिक, कई स्थानों पर विस्फोट हुए हैं और कम से कम एक व्यक्ति की मौत होने की जानकारी सामने आई है. ट्रंप बोले- बड़े पैमाने पर की गई बमबारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की है. वहीं ईरान ने दोहराया कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका अधिकार है और वहां से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने का अधिकार भी उसी के पास होना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र ने दी चेतावनी बढ़ते सैन्य तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि यदि संघर्ष बड़े पैमाने पर युद्ध में बदलता है तो इसके गंभीर और विनाशकारी परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने पड़ सकते हैं. उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है. तनाव कम कराने की कोशिशें जारी इस बीच पाकिस्तान, कतर और मिस्र सहित कई देश दोनों पक्षों के बीच तनाव कम कराने और स्थायी समाधान निकालने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हुए हैं. हालांकि फिलहाल क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस संघर्ष पर टिकी हुई है.  

Deepshikha जुलाई 13, 2026 0
Indian women's hockey captain Salima Tete with teammates after the squad announcement for the Asian Games 2026.
Asian Games 2026: सलीमा टेटे बनीं भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान, एशियन गेम्स के लिए 20 सदस्यीय टीम घोषित

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 की तैयारियां तेज कर दी हैं। हॉकी इंडिया ने जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए 20 सदस्यीय भारतीय टीम का ऐलान कर दिया है। टीम की कप्तानी एक बार फिर झारखंड की स्टार मिडफील्डर सलीमा टेटे को सौंपी गई है। इस बार भारतीय टीम का लक्ष्य सिर्फ पदक जीतना नहीं, बल्कि स्वर्ण पदक हासिल कर 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफाई करना है। जापान में होगा एशियन गेम्स 2026 का आयोजन एशियन गेम्स 2026 का आयोजन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होगा। वहीं महिला हॉकी प्रतियोगिता 18 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम, काकामिगाहारा में खेली जाएगी। इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक का सीधा टिकट मिलेगा, जिससे इस टूर्नामेंट का महत्व और बढ़ गया है। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवाओं पर भी भरोसा टीम चयन में अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं का संतुलन देखने को मिला है। हाल ही में FIH Nations Cup में शानदार प्रदर्शन करने वाले अधिकांश खिलाड़ियों को टीम में बरकरार रखा गया है। चयनकर्ताओं का मानना है कि मौजूदा टीम अनुभव, गति और आक्रामक खेल का बेहतरीन मिश्रण है, जो बड़े टूर्नामेंट में भारत को मजबूत दावेदार बना सकता है। गोलकीपिंग की जिम्मेदारी सविता और बिचू देवी पर गोलकीपिंग विभाग में अनुभवी सविता पुनिया और बिचू देवी खारीबाम को जगह मिली है। हाल ही में पद्मश्री से सम्मानित सविता भारतीय महिला हॉकी की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में टीम की कप्तानी करते हुए भारत को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। डिफेंस और मिडफील्ड में मजबूत संयोजन रक्षा पंक्ति में सुषिला चानू पुखरामबाम, ज्योति, लालथांतलुआंगी, शिल्पी डबास और इशिका चौधरी को शामिल किया गया है। मिडफील्ड की कमान कप्तान सलीमा टेटे संभालेंगी। उनके साथ निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनेलिता टोप्पो, नेहा और दीपिका सोरेंग टीम को मजबूती देंगी। सलीमा अपनी तेज रफ्तार, शानदार बॉल कंट्रोल और नेतृत्व क्षमता के लिए जानी जाती हैं। झारखंड की इस खिलाड़ी से टीम को बड़ी उम्मीदें हैं। आक्रामक फॉरवर्ड लाइन पर बड़ी जिम्मेदारी भारतीय टीम की फॉरवर्ड लाइन में लालरेमसियामी, नवनीत कौर, दीपिका, रुतुजा पिसाल, इशिका, बलजीत कौर और ब्यूटी डुंगडुंग शामिल हैं। इन खिलाड़ियों से उम्मीद होगी कि वे विपक्षी टीमों के खिलाफ अधिक से अधिक गोल कर भारत को स्वर्ण पदक की दौड़ में बनाए रखें। मुख्य कोच ने जताया भरोसा मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने टीम चयन के बाद विश्वास जताया कि खिलाड़ी शानदार फिटनेस और अच्छी लय में हैं। उन्होंने कहा कि टीम एशियन गेम्स जैसी बड़ी चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है और स्वर्ण पदक जीतने की क्षमता रखती है। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम गोलकीपर सविता पुनिया बिचू देवी खारीबाम डिफेंडर इशिका चौधरी सुषिला चानू पुखरामबाम लालथांतलुआंगी ज्योति शिल्पी डबास मिडफील्डर सलीमा टेटे (कप्तान) निक्की प्रधान साक्षी राणा सुनेलिता टोप्पो नेहा दीपिका सोरेंग फॉरवर्ड लालरेमसियामी रुतुजा पिसाल नवनीत कौर दीपिका इशिका बलजीत कौर ब्यूटी डुंगडुंग 44 साल बाद स्वर्ण जीतने का लक्ष्य भारतीय महिला हॉकी टीम का एशियन गेम्स में शानदार रिकॉर्ड रहा है। टीम अब तक 1 स्वर्ण, 2 रजत और 4 कांस्य सहित कुल 7 पदक जीत चुकी है। 1982 में भारत ने महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था। वहीं हांगझोऊ एशियन गेम्स 2023 में टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया था। अब सलीमा टेटे की कप्तानी में भारतीय टीम 44 साल बाद फिर से स्वर्ण जीतकर सीधे LA 2028 ओलंपिक का टिकट हासिल करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।  

surbhi जुलाई 11, 2026 0
India head coach Gautam Gambhir watches as Team India struggles during the England T20 tour after a series of defeats.
इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया की करारी हार के बाद सवालों में गौतम गंभीर, रणनीति और टीम चयन पर उठे बड़े सवाल

इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टी20 टीम का निराशाजनक प्रदर्शन अब टीम प्रबंधन और मुख्य कोच गौतम गंभीर को लेकर बहस का विषय बन गया है। लगातार खराब नतीजों के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने टीम की रणनीति, खिलाड़ियों की भूमिका और मैच परिस्थितियों के अनुसार फैसले लेने की क्षमता पर सवाल उठाए हैं। भारत को इस दौरे पर छह मुकाबलों में पांच हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में टीम पूरी तरह संघर्ष करती नजर आई और निर्णायक मुकाबलों में एकतरफा हार झेलनी पड़ी। इंग्लैंड में नहीं चला भारत का खेल दौरे की शुरुआत आयरलैंड के खिलाफ हार से हुई। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ टीम की मुश्किलें और बढ़ गईं। ट्रेंट ब्रिज में भारत मात्र 76 रन पर सिमट गया, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसका दूसरा सबसे कम स्कोर है। इसके बाद ब्रिस्टल में इंग्लैंड ने 159 रनों का लक्ष्य केवल 13.5 ओवर में हासिल कर भारत को एक और करारी शिकस्त दी। रणनीति और तैयारी पर उठे सवाल पूरे दौरे में भारतीय बल्लेबाज लगभग एक जैसी रणनीति अपनाते रहे। स्विंग और सीम गेंदबाजी के सामने बल्लेबाजी क्रम लगातार दबाव में दिखा, लेकिन टीम अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव नहीं कर सकी। क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी परिस्थितियों के अनुसार टीम की तैयारी और योजनाओं में कमी साफ दिखाई दी। टीम चयन भी चर्चा का विषय भारत की प्लेइंग इलेवन और बल्लेबाजी क्रम को लेकर भी कई सवाल उठे। शानदार रिकॉर्ड रखने वाले तिलक वर्मा को उनके पसंदीदा नंबर-3 की बजाय निचले क्रम में बल्लेबाजी कराई गई। शिवम दुबे की भूमिका पूरे दौरे में स्पष्ट नजर नहीं आई। बाएं हाथ के बल्लेबाजों को लगातार प्राथमिकता दिए जाने पर भी सवाल खड़े हुए। गेंदबाजी संयोजन लगभग हर मैच में बदलता रहा, जिससे टीम को स्थिरता नहीं मिल सकी। वॉशिंगटन सुंदर को लगातार मौके दिए जाने के फैसले पर भी चर्चा हुई। पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि किसी नई टीम के लिए स्पष्ट रणनीति और स्थिर संयोजन बेहद जरूरी होता है। श्रेयस अय्यर ने कहा- टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है श्रृंखला के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि टीम अभी संक्रमण (Transition) के दौर में है और खिलाड़ियों को नई भूमिका में ढलने के लिए समय चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी और गलतियों से सीख लेकर मजबूत वापसी करेगी। गौतम गंभीर पर बढ़ा दबाव मुख्य कोच गौतम गंभीर की नियुक्ति के बाद यह पहला बड़ा विदेशी दौरा रहा, जिसमें टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। लगातार हार के बाद अब टीम प्रबंधन की रणनीति और कोचिंग फैसलों पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नए कोच और कप्तान को अपनी योजनाओं को लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। वहीं यह भी माना जा रहा है कि भविष्य में विदेशी परिस्थितियों के अनुसार बेहतर तैयारी और स्पष्ट रणनीति अपनाना टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। आने वाले महीनों में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी कि क्या यह युवा टीम अपनी कमजोरियों को दूर कर मजबूत वापसी कर पाती है या नहीं।  

surbhi जुलाई 10, 2026 0
IND VS ENG 4th T20
करो या मरो की टक्कर! इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 में सीरीज बचाने उतरेगी टीम इंडिया

ब्रिस्टल, एजेंसियां। इंग्लैंड दौरे पर लगातार खराब प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम गुरुवार को ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले जाने वाले चौथे टी20 मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड से भिड़ेगी। पांच मैचों की सीरीज में भारत अब तक जीत दर्ज नहीं कर सका है। पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था, जबकि दूसरे और तीसरे टी20 में इंग्लैंड ने जीत हासिल कर सीरीज में बढ़त बना ली है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला 'करो या मरो' जैसा माना जा रहा है।   सीरीज बचाने के लिए जीत जरूरी   यदि भारत चौथा टी20 हार जाता है तो इंग्लैंड सीरीज अपने नाम कर लेगा। ऐसे में भारतीय टीम के सामने सीरीज में बने रहने के लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी है। कप्तान और टीम प्रबंधन पर सही प्लेइंग इलेवन चुनने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।   तीसरे टी20 की हार भुलाना होगी चुनौती   नॉटिंघम में खेले गए तीसरे टी20 में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई थी। टीम केवल 76 रन पर सिमट गई और इंग्लैंड ने 125 रन से बड़ी जीत दर्ज की। यह भारत की टी20 क्रिकेट में सबसे बड़ी हारों में से एक रही, जिसके बाद टीम की बल्लेबाजी और रणनीति पर सवाल उठे हैं।   बल्लेबाजों पर होगी सबसे बड़ी जिम्मेदारी   चौथे मुकाबले में भारत को शीर्ष क्रम से मजबूत शुरुआत की उम्मीद होगी। पिछले मैच में बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके थे। वहीं गेंदबाजों को भी पावरप्ले और डेथ ओवरों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा ताकि इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाजों पर अंकुश लगाया जा सके।   ब्रिस्टल की पिच पर हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद   ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। हालांकि शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को कुछ स्विंग मिल सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम परिस्थितियों को देखते हुए पहले गेंदबाजी का फैसला ले सकती है।   भारतीय टीम पर होगी वापसी की नजर   लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया है। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि टीम चौथे टी20 में बेहतर खेल दिखाकर सीरीज में वापसी करेगी और मुकाबले को निर्णायक पांचवें मैच तक ले जाएगी।

abhishek singh जुलाई 9, 2026 0
England players celebrate after bowling out India for 76 in the third T20I at Trent Bridge.
IND vs ENG: 76 रन पर ढेर हुई टीम इंडिया, इंग्लैंड ने 125 रन से रौंदा; सीरीज पर किया कब्जा

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए मैच में 202 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया केवल 76 रन पर सिमट गई। इंग्लैंड ने यह मुकाबला 125 रन से जीतकर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। यह भारत के टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास की सबसे बड़ी हार (रनों के अंतर से) मानी जा रही है। साथ ही 76 रन टीम इंडिया का टी20 इंटरनेशनल में दूसरा सबसे कम स्कोर भी है। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने बनाए 201 रन टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 201/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। ओपनर फिल सॉल्ट ने 44 गेंदों में 70 रन की शानदार पारी खेली, जबकि सैम करन ने नाबाद 41 रन बनाकर टीम को 200 के पार पहुंचाया। भारत की ओर से प्रिंस यादव ने शुरुआती झटके देकर मैच में वापसी की कोशिश की, जबकि हर्षित राणा ने लगातार दो विकेट लेकर इंग्लैंड पर दबाव बनाया। हालांकि अंतिम ओवरों में इंग्लैंड ने तेजी से रन जोड़ते हुए बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। 202 रन के जवाब में 76 पर सिमटी टीम इंडिया लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पावरप्ले में ही टीम ने पांच विकेट गंवा दिए और मैच पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में चला गया। डेब्यू कर रहे वैभव सूर्यवंशी ने दो शानदार छक्कों के साथ कुछ उम्मीद जगाई, लेकिन उनकी पारी 13 रन पर समाप्त हो गई। इसके बाद कोई भी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सका और पूरी टीम सिर्फ 11.4 ओवर में 76 रन पर ऑलआउट हो गई। आर्चर और टंग ने मचाई तबाही इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। जोफ्रा आर्चर – 3 विकेट जॉश टंग – 4 विकेट दोनों गेंदबाजों की तेज और सटीक गेंदबाजी के सामने भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह असहाय नजर आए। सीरीज जीतने के करीब पहुंचा इंग्लैंड पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया था। इसके बाद इंग्लैंड ने लगातार दो मैच जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। अब शेष दो मुकाबलों में जीत मिलने पर भी भारत सीरीज अपने नाम नहीं कर सकता। भारतीय टीम के लिए यह हार बल्लेबाजी और रणनीति दोनों मोर्चों पर कई सवाल खड़े करती है। अब टीम अगले मुकाबलों में सम्मान बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।  

surbhi जुलाई 8, 2026 0
India vs England 3rd T20
भारत-इंग्लैंड तीसरा टी20 आज, सीरीज में वापसी के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

नॉटिंघम ,एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला आज ट्रेंट ब्रिज, नॉटिंघम में खेला जाएगा। पहले मैच के बारिश की भेंट चढ़ने और दूसरे टी20 में चार विकेट की हार के बाद भारतीय टीम इस सीरीज में 0-1 से पीछे है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला जीतना बेहद अहम होगा ताकि सीरीज में बराबरी की उम्मीद कायम रह सके।   गेंदबाजी में सुधार की चुनौती   दूसरे टी20 में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 190/7 का मजबूत स्कोर बनाया था, लेकिन इंग्लैंड ने 191/6 बनाकर मैच जीत लिया। भारतीय गेंदबाजों के लचर प्रदर्शन पर सवाल उठे हैं और तीसरे मुकाबले में प्लेइंग इलेवन में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।   इंग्लैंड ने बरकरार रखी विजयी टीम   मेजबान इंग्लैंड ने तीसरे टी20 के लिए अपनी विजयी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है। कप्तान हैरी ब्रूक की अगुआई में टीम लगातार दूसरी जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त मजबूत करने के इरादे से उतरेगी।   रात 10 बजे से शुरू होगा मुकाबला   भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा टी20 मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 10:00 बजे शुरू होगा। ट्रेंट ब्रिज की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है और यहां हाई-स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिल सकता है।

anjali kumari जुलाई 7, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi during a cricket match as Ravi Shastri backs his early India debut.
'वैभव सूर्यवंशी बेंच गर्म करने के लिए नहीं बना', टीम चयन पर रवि शास्त्री ने उठाए सवाल; बोले- जितनी जल्दी हो सके खिलाइए

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। शास्त्री का मानना है कि इतनी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को लंबे समय तक बेंच पर बैठाकर रखना भारतीय टीम के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि वैभव को आयरलैंड दौरे पर ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलना चाहिए था, क्योंकि वहां की परिस्थितियां उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह अनुकूल थीं। सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान शास्त्री ने कहा कि आयरलैंड की धीमी और स्पंजी पिचों पर वैभव सूर्यवंशी विरोधी गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते थे। उनके मुताबिक वहां के छोटे मैदान और बल्लेबाजी के अनुकूल हालात युवा बल्लेबाज को अपनी स्वाभाविक शैली में खेलने का बेहतरीन अवसर देते। 'आयरलैंड में खेलता तो गेंदबाजों पर भारी पड़ता' रवि शास्त्री ने कहा, "उसे आयरलैंड में खेलना चाहिए था। वहां की पिचें धीमी और स्पंजी होती हैं। वह वहां छप्पर फाड़ बल्लेबाजी करता। मैदान भी छोटे हैं। अब इंग्लैंड में उसे मौका मिलेगा या नहीं, यह कहना मुश्किल है।" शास्त्री के इस बयान ने टीम चयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उनका मानना है कि युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए उन्हें सही समय पर अवसर मिलना बेहद जरूरी है। 'बेंच गर्म करने के लिए नहीं है ऐसा खिलाड़ी' पूर्व भारतीय कोच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी को सिर्फ रिजर्व के तौर पर बैठाकर रखना सही रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा, "उसे जितनी जल्दी हो सके खिलाइए। उसने आईपीएल में लगभग हर गेंदबाज की धुनाई की है। ऐसा कौन-सा तेज गेंदबाज है जिसे उसने नहीं पीटा? आप उसे सिर्फ बेंच गर्म करने के लिए बैठा रहे हैं।" शास्त्री का मानना है कि ऐसे निडर खिलाड़ी मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदलने की क्षमता रखते हैं और टीम को तेज शुरुआत दिलाकर विपक्ष पर दबाव बना सकते हैं। भारत के लिए बन सकते हैं एक्स-फैक्टर रवि शास्त्री के अनुसार वैभव सूर्यवंशी में वह आत्मविश्वास, निडरता और आक्रामक सोच है जो आधुनिक टी20 क्रिकेट की सबसे बड़ी जरूरत है। उनका मानना है कि शुरुआती ओवरों में तेज रन बनाने की क्षमता टीम के मध्यक्रम का दबाव कम कर सकती है और मैच का पूरा समीकरण बदल सकती है। इसी वजह से उन्होंने टीम मैनेजमेंट से जल्द से जल्द वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने पर विचार करने की अपील की। सहायक कोच ने भी माना- तैयार हैं वैभव भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने भी स्वीकार किया कि वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा टीम संयोजन के कारण उन्हें अभी इंतजार करना होगा। उनके अनुसार टीम मैनेजमेंट उन खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर देना चाहता है जिन्होंने हाल के महीनों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। इसलिए फिलहाल किसी खिलाड़ी को बाहर करना आसान फैसला नहीं है। राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं तारीफ वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की सराहना इससे पहले पूर्व भारतीय कप्तान और कोच राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ काम करते हुए द्रविड़ ने उन्हें "अनूठी प्रतिभा" बताया था और उनके उज्ज्वल भविष्य की भविष्यवाणी की थी। अब सबकी नजर टीम मैनेजमेंट के फैसले पर आईपीएल में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर चुके वैभव सूर्यवंशी को लेकर उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। रवि शास्त्री के बयान के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को जल्दी मौका देने की रणनीति अपनाएगा। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर टिकी है कि वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का अवसर आखिर कब मिलता है और वह अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर किस तरह साबित करते हैं।  

surbhi जुलाई 3, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi waits for his India debut as Sunil Gavaskar discusses rising expectations during the England T20I series.
15 साल के वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू का इंतजार बढ़ा, सुनील गावस्कर बोले- 'जितनी देरी, उतना बढ़ेगा दबाव'

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण अभी भी टल गया है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भी युवा बल्लेबाज को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में भी वह बेंच पर ही बैठे रहे थे। हालांकि क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर का मानना है कि डेब्यू में देरी से उम्मीदें और दबाव जरूर बढ़ता है, लेकिन इतनी कम उम्र में खिलाड़ी इन बातों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेता। भारत और इंग्लैंड के बीच चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने अपने अनुभवी टॉप ऑर्डर पर भरोसा जताया और वैभव को एक बार फिर अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया। इसके बाद उनके डेब्यू को लेकर चर्चा और तेज हो गई। 'जितना लंबा इंतजार, उतना बड़ा दबाव' सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान सुनील गावस्कर ने कहा कि जब किसी खिलाड़ी के डेब्यू में लगातार देरी होती है तो उसके प्रदर्शन को लेकर लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, "जब भी वैभव को मौका मिलेगा, तब तक का यह लंबा इंतजार उनके ऊपर थोड़ा अतिरिक्त दबाव जरूर डालेगा। लेकिन 15 साल की उम्र में खिलाड़ी दबाव के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। उसे सिर्फ अपना खेल खेलने की चिंता होती है।" गावस्कर ने यह भी कहा कि वैभव अच्छी तरह जानते हैं कि जब भी उन्हें मौका मिलेगा, उन्हें अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीतना होगा। सीनियर खिलाड़ियों के बीच सीखने का मिल रहा है मौका पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि फिलहाल वैभव के लिए सबसे बड़ा फायदा भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा होना है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम इस समय अनुभवी और विश्वस्तरीय खिलाड़ियों से भरी हुई है। ऐसे माहौल में रहकर युवा खिलाड़ी बहुत कुछ सीख सकता है। नेट्स में अभ्यास करना, टीम मीटिंग्स का हिस्सा बनना और सीनियर खिलाड़ियों के साथ समय बिताना भी किसी बड़े अनुभव से कम नहीं है। गावस्कर के मुताबिक, वैभव इस समय टीम के साथ रहकर मिलने वाले अनुभव का पूरा आनंद ले रहे होंगे और यही उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। पहला टी20 बारिश की भेंट चढ़ा भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का पहला टी20 मुकाबला बारिश के कारण बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। भारतीय पारी में: अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 59 रनों की विस्फोटक पारी खेली। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार 68 रन बनाए। शिवम दुबे ने अंत में नाबाद 42 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि संजू सैमसन, ईशान किशन और उपकप्तान तिलक वर्मा बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे। इसके बाद लगातार बारिश होने के कारण इंग्लैंड अपनी पारी शुरू ही नहीं कर सका और मुकाबला रद्द घोषित कर दिया गया। अब मैनचेस्टर पर टिकी निगाहें अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा टी20 मुकाबला 4 जुलाई को मैनचेस्टर में खेला जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिलेगा या उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा। अगर उन्हें मौका मिलता है तो यह न सिर्फ उनके करियर का सबसे बड़ा दिन होगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक नया सितारा भी मिल सकता है।  

surbhi जुलाई 2, 2026 0
Young Indian cricketer Vaibhav Suryavanshi shyly hides his face with a hoodie after receiving loud cheers from fans during a training session.
फैंस का प्यार देखकर शर्मा गए वैभव सूर्यवंशी, हूडी से छिपाया चेहरा; वायरल वीडियो ने जीता क्रिकेट प्रेमियों का दिल

भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका विस्फोटक बल्लेबाजी प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनका मासूम अंदाज है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें फैंस का प्यार देखकर 15 वर्षीय बल्लेबाज शर्माते हुए अपना चेहरा हूडी से छिपाते नजर आ रहे हैं। मैदान पर बड़े-बड़े गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी करने वाले वैभव का यह सरल और विनम्र अंदाज क्रिकेट प्रशंसकों को खूब पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस इस वीडियो पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं। फैंस की आवाज सुनकर मुस्कुराए, फिर छिपा लिया चेहरा वायरल वीडियो कथित तौर पर इंग्लैंड का बताया जा रहा है, जहां भारतीय टीम आगामी पांच मैचों की टी20 सीरीज की तैयारी कर रही है। वीडियो में वैभव भारतीय टीम की ट्रेनिंग किट पहनकर वॉर्म-अप के दौरान मैदान का चक्कर लगा रहे हैं। इसी दौरान स्टैंड में मौजूद फैंस उनका नाम जोर-जोर से पुकारने लगते हैं। जैसे ही वैभव फैंस के करीब पहुंचते हैं, वह हल्की मुस्कान के साथ शर्मा जाते हैं और अपनी हूडी से चेहरा छिपा लेते हैं। उनका यह स्वाभाविक और सादगी भरा रिएक्शन अब इंटरनेट पर वायरल हो चुका है। टीम इंडिया में डेब्यू के लिए करना होगा इंतजार हालांकि वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। पहले टी20 मुकाबले से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने संकेत दिए कि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ी को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि टॉप ऑर्डर में पहले से अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में वैभव को अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के लिए सही अवसर का इंतजार करना होगा। कम उम्र में बना चुके हैं बड़ी पहचान वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आईपीएल 2026 में उन्होंने 16 पारियों में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसके बाद श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज में उन्होंने मात्र 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उनके लगातार शानदार प्रदर्शन की वजह से क्रिकेट जगत में उन्हें 'वंडर किड' के नाम से भी पहचान मिलने लगी है। फैंस के बीच लगातार बढ़ रही लोकप्रियता वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी जितनी चर्चा में रहती है, उतनी ही उनकी सादगी भी लोगों को आकर्षित करती है। वायरल वीडियो में उनका शर्मीला अंदाज इस बात का संकेत देता है कि मैदान पर आत्मविश्वास से भरे नजर आने वाले इस युवा खिलाड़ी का स्वभाव निजी जीवन में बेहद विनम्र और शांत है। यही कारण है कि उनकी फैन फॉलोइंग लगातार बढ़ती जा रही है और क्रिकेट प्रेमी उनके अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Tilak Varma batting during a T20 match as former India selector Krishnamachari Srikkanth criticizes his approach after the Ireland series.
तिलक वर्मा पर 'सेल्फिश बल्लेबाजी' का आरोप, पूर्व चीफ सेलेक्टर श्रीकांत बोले- वह सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे

आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम को 2-0 से मिली हार के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस बीच भारत के पूर्व मुख्य चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा की बल्लेबाजी पर कड़ी नाराजगी जताई है। श्रीकांत ने आरोप लगाया कि तिलक वर्मा ने टीम की जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी नहीं की, बल्कि मैच को अंत तक ले जाकर खुद मैच जिताने की कोशिश में धीमी पारी खेली। उनके मुताबिक मिडिल ओवरों में धीमी बल्लेबाजी भारतीय टीम की हार की बड़ी वजह बनी। मिडिल ऑर्डर का प्रदर्शन रहा निराशाजनक पूरी टी20 सीरीज में भारतीय टीम का मिडिल ऑर्डर उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। खासकर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। रिपोर्ट के अनुसार, तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल का स्ट्राइक रेट मिडिल ओवरों में काफी धीमा रहा, जिससे टीम पावरप्ले में मिली अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा सकी। इसके अलावा, कहा गया कि आईपीएल 2024 के बाद से स्पिन के खिलाफ तिलक वर्मा के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली है। इसी वजह से 2026 टी20 विश्व कप के दौरान टीम प्रबंधन ने उन्हें मिडिल ऑर्डर की बजाय फिनिशर की भूमिका में भी आजमाया था। दूसरे टी20 में नहीं दिला सके जीत सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारत को 155 रन का लक्ष्य मिला था। टीम की शुरुआत खराब रही और महज 19 रन पर तीन विकेट गिर गए। इसके बाद तिलक वर्मा ने एक छोर संभालकर बल्लेबाजी की और मुकाबले को आखिरी ओवर तक पहुंचाया। हालांकि अंतिम क्षणों में रन गति बढ़ाने में टीम सफल नहीं हो सकी और भारत को 1 रन से हार का सामना करना पड़ा। श्रीकांत ने क्या कहा? अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान कृष्णमाचारी श्रीकांत ने भारतीय बल्लेबाजी की आलोचना करते हुए कहा कि— "आप मिडिल ओवरों में उस तरह बल्लेबाजी नहीं कर सकते जैसी भारत ने की। खासकर तिलक वर्मा, शिवम दुबे और अक्षर पटेल का स्ट्राइक रेट बेहद खराब था। शुरुआत में पारी संभालना जरूरी होता है, लेकिन उसके बाद तेजी से रन बनाने भी जरूरी हैं।" उन्होंने कहा कि यदि मिडिल ओवरों में रन गति रुक जाती है तो लक्ष्य हासिल करना काफी मुश्किल हो जाता है। 'सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे' श्रीकांत ने तिलक वर्मा के रवैये पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि— "तिलक वर्मा सिर्फ अपने लिए खेल रहे थे। वह सिंगल-डबल लेकर मैच को आखिरी तक ले जाना चाहते थे ताकि अंत में खुद मैच जिताकर हीरो बन सकें। ऐसे लक्ष्य का पीछा आखिरी गेंद तक नहीं, बल्कि एक ओवर पहले पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए।" बहस का विषय बनी बल्लेबाजी हालांकि तिलक वर्मा की पारी को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय सामने आ सकती हैं। कुछ विशेषज्ञ मुश्किल परिस्थितियों में विकेट बचाकर खेलने को सही रणनीति मानते हैं, जबकि अन्य का मानना है कि टी20 क्रिकेट में आवश्यक रन गति बनाए रखना उतना ही महत्वपूर्ण होता है। आयरलैंड के खिलाफ मिली सीरीज हार के बाद भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर की बल्लेबाजी और मैच फिनिश करने की रणनीति पर चर्चा तेज हो गई है।  

surbhi जुलाई 1, 2026 0
Vaibhav Suryavanshi
वैभव इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए तैयार, लेकिन डेब्यू के लिए करना होगा इंतजार

नई दिल्ली, एजेंसियां। आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टी20 टीम में जगह बनाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अभी अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। आयरलैंड दौरे पर टीम में शामिल होने के बावजूद उन्हें दोनों टी20 मुकाबलों में अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला, जबकि भारत को सीरीज में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वैभव के डेब्यू को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।   असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेसकाटे  ने  क्या कहा? टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेसकाटे ने साफ कहा कि वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन मौजूदा टीम संयोजन और अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण उन्हें सही अवसर का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके देकर उनका आत्मविश्वास बनाए रखना चाहता है।   रेयान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा रेयान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी हाल ही में भारत की सफलता में अहम भूमिका निभा चुके हैं और उनका आईपीएल प्रदर्शन भी शानदार रहा है। ऐसे में टीम प्रबंधन किसी खिलाड़ी को जल्दबाजी में बाहर करने के बजाय उसे लगातार अवसर देना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैभव की प्रतिभा और तैयारी पर किसी तरह का संदेह नहीं है।   आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने 237.30 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार जीता था। उनके आक्रामक खेल ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली।    1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैच खेली जाएगी  अब भारतीय टीम 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी। माना जा रहा है कि यदि शीर्ष क्रम के बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, तो वैभव सूर्यवंशी को बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका मिल सकता है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इंग्लैंड दौरे पर टिकी है, जहां यह युवा बल्लेबाज भारतीय जर्सी में पहली बार मैदान पर उतर सकता है।

anjali kumari जून 29, 2026 0
Indian cricket players look disappointed after losing the T20I series against Ireland by 2-0.
IND vs IRE: आयरलैंड दौरे पर टीम इंडिया का 2-0 से सूपड़ा साफ, इन 5 खिलाड़ियों का प्रदर्शन रहा सबसे निराशाजनक

नई दिल्ली: टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद भारतीय टीम से आयरलैंड दौरे पर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। दो मैचों की टी20 सीरीज में भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। पहले मुकाबले में 183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम 34 रन से हार गई, जबकि दूसरे मैच में 155 रन के लक्ष्य को भी हासिल नहीं कर सकी। सीरीज के दौरान कई खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीद से काफी नीचे रहा। आइए जानते हैं उन पांच खिलाड़ियों के बारे में, जिनका प्रदर्शन भारत की हार की बड़ी वजह बना। 1. श्रेयस अय्यर नई टी20 कप्तानी की शुरुआत श्रेयस अय्यर के लिए बेहद निराशाजनक रही। बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तानी में भी वह प्रभाव नहीं छोड़ सके। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 3 रन (7 गेंद) दूसरा मैच: 10 रन कप्तान होने के नाते उनसे बड़ी पारी और बेहतर रणनीति की उम्मीद थी, लेकिन दोनों मोर्चों पर टीम को निराशा मिली। 2. संजू सैमसन विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन भी टीम को अच्छी शुरुआत नहीं दिला सके। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 5 रन दूसरा मैच: पहली ही गेंद पर आउट लगातार दो खराब पारियों ने शीर्ष क्रम पर दबाव बढ़ा दिया। 3. ईशान किशन आईपीएल में शानदार फॉर्म के बावजूद ईशान किशन आयरलैंड के खिलाफ लय में नजर नहीं आए। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 1 रन दूसरा मैच: 12 रन दूसरे मुकाबले में रन आउट होना भी भारत के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। 4. अक्षर पटेल अनुभवी ऑलराउंडर अक्षर पटेल गेंद और बल्ले दोनों से अपेक्षित योगदान नहीं दे सके। प्रदर्शन: गेंदबाजी: पहले मैच में 2 विकेट, दूसरे में कोई विकेट नहीं बल्लेबाजी: 15 और 14 रन टीम को उनसे मैच जिताने वाले प्रदर्शन की उम्मीद थी। 5. तिलक वर्मा तिलक वर्मा ने रन जरूर बनाए, लेकिन उनकी बल्लेबाजी की गति सवालों के घेरे में रही। सीरीज प्रदर्शन: पहला मैच: 19 रन (21 गेंद) दूसरा मैच: 55 रन (46 गेंद) टी20 क्रिकेट की जरूरत के हिसाब से उनकी स्ट्राइक रेट अपेक्षाकृत धीमी रही, जिससे टीम पर दबाव बढ़ता गया। हार से मिले बड़े सबक आयरलैंड के खिलाफ यह सीरीज हार भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी, शीर्ष क्रम की विफलता और दबाव के क्षणों में खराब फैसलों ने टीम को दोनों मुकाबलों में नुकसान पहुंचाया। हालांकि, यह युवा टीम के लिए अपनी कमजोरियों को पहचानने और आने वाली सीरीज से पहले सुधार करने का भी अवसर है।  

surbhi जून 29, 2026 0
Young batter Vaibhav Suryavanshi during practice ahead of India’s T20 series against Ireland
जगह सिर्फ 2, दावेदार 4! वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका या करना होगा इंतजार? आयरलैंड सीरीज से पहले बढ़ी चयनकर्ताओं की चुनौती

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शनों के दम पर वैभव ने बेहद कम उम्र में भारतीय सीनियर टीम में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उन्हें आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा या फिर उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना पड़ेगा? भारत और Ireland cricket team के बीच टी20 सीरीज की शुरुआत होने वाली है और टीम चयन को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उत्सुकता चरम पर है। वैभव ने अपने प्रदर्शन से मचाया तहलका वैभव सूर्यवंशी ने पिछले कुछ महीनों में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। आईपीएल 2026 में उन्होंने 237.30 के शानदार स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। इसके बाद इंडिया ए के लिए त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में केवल 29 गेंदों पर 94 रन की तूफानी पारी खेलकर उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भी बनाया। इन्हीं प्रदर्शनों के दम पर उन्हें सीनियर टीम में जगह मिली और अब फैंस उनकी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एंट्री का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन मुश्किल है प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना वैभव की सबसे बड़ी चुनौती उनकी प्रतिभा नहीं, बल्कि टीम में पहले से मौजूद मजबूत प्रतिस्पर्धा है। भारतीय टीम में पहले से ही तीन स्थापित ओपनर मौजूद हैं: Sanju Samson Abhishek Sharma Ishan Kishan इन तीनों बल्लेबाजों ने हाल के समय में शानदार प्रदर्शन किया है और टीम प्रबंधन भी उन्हें लगातार मौके दे रहा है। ऐसे में चौथे ओपनर के रूप में वैभव की एंट्री चयनकर्ताओं के लिए आसान फैसला नहीं होगी। क्या किसी सीनियर खिलाड़ी की जगह बदलेगी? वैभव मूल रूप से ओपनिंग बल्लेबाज हैं। ऐसे में उन्हें टीम में शामिल करने के लिए किसी स्थापित बल्लेबाज की भूमिका बदलनी पड़ सकती है। हालांकि आयरलैंड सीरीज के बाद भारत को इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबले खेलने हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन अपने प्रमुख बल्लेबाजों की लय और आत्मविश्वास के साथ कोई बड़ा प्रयोग करने से बच सकता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि केवल डेब्यू कराने के लिए किसी इन-फॉर्म खिलाड़ी को बाहर बैठाना टीम संतुलन के लिहाज से सही फैसला नहीं होगा। क्या बेंच पर बैठना पड़ेगा? मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए संभावना यही नजर आती है कि वैभव सूर्यवंशी को शुरुआती मैचों में प्लेइंग इलेवन से बाहर रहना पड़ सकता है। हालांकि इसे नकारात्मक रूप में नहीं देखा जा सकता। सीनियर टीम के साथ समय बिताना, अंतरराष्ट्रीय माहौल को समझना और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना उनके विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। कई महान खिलाड़ियों ने भी अपने करियर की शुरुआत में कुछ समय बेंच पर बैठकर ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का माहौल सीखा था। बीसीसीआई ने किया खास इंतजाम इस दौरे की एक खास बात यह भी है कि महज 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के साथ उनके माता-पिता भी आयरलैंड और इंग्लैंड जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Board of Control for Cricket in India ने उनके माता-पिता के यात्रा और ठहरने का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया है, ताकि युवा खिलाड़ी पर अतिरिक्त मानसिक दबाव न पड़े और वह अपने खेल पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सके। भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले के लिए भारत की संभावित टीम: अभिषेक शर्मा संजू सैमसन (विकेटकीपर) ईशान किशन Shreyas Iyer (कप्तान) Tilak Varma Shivam Dube Axar Patel Washington Sundar Arshdeep Singh Harshit Rana Ravi Bishnoi क्या होगा सही फैसला? वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य माने जा रहे हैं, लेकिन टीम प्रबंधन उनके करियर को जल्दबाजी में आगे बढ़ाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से तैयार करना चाहता है। यदि उन्हें तुरंत मौका नहीं भी मिलता है, तो यह उनके लिए सीखने और खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए और बेहतर बनाने का अवसर होगा। अब सभी की नजरें टीम मैनेजमेंट के फैसले पर टिकी हैं कि क्या युवा सनसनी को डेब्यू कैप मिलेगी या फिर उन्हें अपनी बारी के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा।  

surbhi जून 25, 2026 0
Australian women's team celebrates a big win as India's semifinal hopes face pressure in the T20 World Cup 2026.
Women T20 World Cup 2026: ऑस्ट्रेलिया की बड़ी जीत से बढ़ी भारत की मुश्किलें, सेमीफाइनल के लिए अब हर मैच बना करो या मरो

नई दिल्ली: महिला टी20 विश्व कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 113 रन से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम ने सेमीफाइनल की ओर लगभग अपना स्थान पक्का कर लिया है, लेकिन इस नतीजे ने भारतीय महिला टीम की चिंता बढ़ा दी है। अब टीम इंडिया के लिए आगे के दोनों मुकाबले बेहद अहम हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया ने बढ़ाई भारत की टेंशन ग्रुप-ए में ऑस्ट्रेलिया लगातार चार मैच जीतकर 8 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच चुकी है। दूसरी ओर भारत ने तीन मैचों में दो जीत और एक हार के साथ 4 अंक हासिल किए हैं और फिलहाल दूसरे स्थान पर है। हालांकि अंक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत दिखाई देती है, लेकिन असल चुनौती अब सामने है। भारत के बचे हुए दो मुकाबलों में एक मैच बांग्लादेश और दूसरा मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ है। यदि भारतीय टीम इन दोनों में से किसी एक मैच में भी हार जाती है, तो सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो सकती है। दक्षिण अफ्रीका भी बना हुआ है बड़ा खतरा दक्षिण अफ्रीका के भी तीन मैचों में 4 अंक हैं। प्रोटियाज टीम के सामने अभी नीदरलैंड्स और बांग्लादेश जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीमें हैं। ऐसे में उनके दोनों मैच जीतने की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है। अगर दक्षिण अफ्रीका अपने दोनों मुकाबले जीत लेता है और भारत को एक भी हार मिलती है, तो नेट रन रेट की लड़ाई शुरू हो सकती है। यही वजह है कि भारत के लिए अब दोनों मैच जीतना लगभग अनिवार्य हो गया है। ग्रुप-ए की अंक तालिका टीम मैच जीत हार अंक नेट रन रेट ऑस्ट्रेलिया 4 4 0 8 +4.724 भारत 3 2 1 4 +2.511 दक्षिण अफ्रीका 3 2 1 4 -0.546 बांग्लादेश 3 2 1 4 -0.641 पाकिस्तान 4 0 4 0 -2.831 नीदरलैंड्स 3 0 3 0 -3.384 कब हैं भारत के अगले मुकाबले? भारतीय महिला टीम 25 जून को मैनचेस्टर में बांग्लादेश के खिलाफ मैदान में उतरेगी। इसके बाद 30 जून को लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया से उसका मुकाबला होगा। दोनों मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे से शुरू होंगे। पाकिस्तान पर ऑस्ट्रेलिया की एकतरफा जीत ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान के सामने 200 रन का विशाल लक्ष्य रखा। जवाब में पाकिस्तान की पूरी टीम केवल 86 रन पर सिमट गई। पाकिस्तानी बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आए और टीम 13.4 ओवर में ऑलआउट हो गई। इस हार के साथ पाकिस्तान चारों मैच गंवाकर टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर पहुंच गया है।  

surbhi जून 24, 2026 0
Nitish Kumar Reddy during an India match before being ruled out of the Ireland T20 series due to injury.
आयरलैंड टी20 सीरीज से बाहर हुए नीतीश कुमार रेड्डी, पंजाब किंग्स के इस ऑलराउंडर को मिल सकता है मौका

India vs Ireland T20 Series 2026: भारतीय क्रिकेट टीम को 26 जून से आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज खेलनी है, लेकिन सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी चोट के कारण इस दौरे से बाहर हो गए हैं। अब उनकी जगह पंजाब किंग्स के युवा ऑलराउंडर सूर्यांश शेड्गे को टीम में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। क्वाड्रिसेप्स इंजरी के कारण बाहर हुए नीतीश रिपोर्ट्स के अनुसार, नीतीश कुमार रेड्डी क्वाड्रिसेप्स (जांघ की मांसपेशी) की चोट से जूझ रहे हैं। इसी वजह से वह हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में भी नहीं खेल पाए थे। नीतीश को आगामी इंग्लैंड दौरे के लिए वनडे और टी20 टीम में भी चुना गया है, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर अब संशय पैदा हो गया है। टीम इंडिया के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें हार्दिक पांड्या के बैकअप ऑलराउंडर के रूप में देखा जा रहा था। सूर्यांश शेड्गे बन सकते हैं रिप्लेसमेंट नीतीश की अनुपस्थिति में सूर्यांश शेड्गे का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए खेलते हुए उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। IPL 2026 में सूर्यांश शेड्गे का प्रदर्शन 8 मैचों में 158 रन स्ट्राइक रेट 175 निचले क्रम में तेज बल्लेबाजी मध्यम गति की गेंदबाजी की क्षमता हाल ही में समाप्त हुई ट्राई नेशन वनडे सीरीज में भी उन्होंने 26, 40 और 72 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा था। आज रवाना होगी टीम इंडिया भारतीय टीम 23 जून को आयरलैंड के लिए रवाना होने वाली है। खिलाड़ियों को दो अलग-अलग बैचों में भेजा जा रहा है। पहले बैच में शामिल खिलाड़ी अक्षर पटेल संजू सैमसन वैभव सूर्यवंशी अभिषेक शर्मा वहीं दूसरा बैच बुधवार को मुंबई से आयरलैंड के लिए रवाना होगा। आयरलैंड दौरे पर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सूर्यांश शेड्गे को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलता है या नहीं।  

surbhi जून 23, 2026 0
Iranian and American delegations at the Bürgenstock resort in Switzerland amid tense nuclear and regional security talks.
कैमरे चलते रहे, ईरानी प्रतिनिधिमंडल उठकर चला गया; जेडी वेंस देखते रह गए, स्विट्जरलैंड वार्ता की शुरुआत में बढ़ा तनाव

  बर्गेनस्टॉक (स्विट्जरलैंड): अमेरिका और ईरान के बीच रविवार (21 जून) को स्विट्जरलैंड में शुरू हुई बहुप्रतीक्षित वार्ता की शुरुआत ही तनावपूर्ण माहौल में हुई। बातचीत शुरू होने से पहले ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ प्रस्तावित संयुक्त फोटो सेशन और हाथ मिलाने के कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया। इसके कुछ देर बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सैन्य कार्रवाई की नई चेतावनी पर नाराजगी जताते हुए ईरानी प्रतिनिधिमंडल बैठक स्थल से बाहर निकल गया। इस घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी चर्चा तेज हो गई है। बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में हुई पहली बैठक अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का पहला दौर स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में आयोजित किया गया। बैठक में अमेरिका, ईरान, पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। पाकिस्तान और कतर इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। यह वार्ता हाल ही में हुए 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' (MoU) के तहत शुरू हुई है, जिसके अनुसार अगले 60 दिनों तक दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत होगी। इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की जानी है। हाथ मिलाने और फोटो सेशन से ईरान का इनकार ईरानी समाचार एजेंसी के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और आयोजकों ने बातचीत शुरू होने से पहले दोनों पक्षों के नेताओं के बीच हाथ मिलाने और संयुक्त फोटो सेशन की व्यवस्था की थी। ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ तथा विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। दोनों नेता निर्धारित फोटो सेशन से पहले ही बैठक कक्ष से बाहर निकल गए। कैमरे में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कमरे से बाहर निकलने से ठीक पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से संक्षिप्त बातचीत की। इसके बाद वह अचानक मुड़े और पूरे ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कक्ष से बाहर चले गए। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जिससे वार्ता की शुरुआत में ही दोनों पक्षों के बीच मौजूद अविश्वास और तनाव उजागर हो गया। ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी नाराजगी सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से सैन्य कार्रवाई संबंधी हालिया बयान ने ईरानी पक्ष की नाराजगी बढ़ा दी। ईरान का मानना है कि कूटनीतिक बातचीत के दौरान इस तरह की सार्वजनिक चेतावनियां वार्ता के माहौल को प्रभावित करती हैं और आपसी भरोसे को कमजोर करती हैं। आगे की बातचीत पर दुनिया की नजर शुरुआती तनाव के बावजूद दोनों पक्षों के बीच वार्ता प्रक्रिया पूरी तरह बंद नहीं हुई है। मध्यस्थ देशों पाकिस्तान और कतर की कोशिश है कि बातचीत का अगला दौर सकारात्मक माहौल में आगे बढ़े। विशेषज्ञों का मानना है कि स्विट्जरलैंड में शुरू हुई यह वार्ता पश्चिम एशिया की राजनीति, ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजारों के भविष्य पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।  

Deepshikha जून 22, 2026 0
Indian women's cricket team reacts after losing to South Africa in the Women's T20 World Cup 2026.
महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026: टीम इंडिया पर मंडराया बाहर होने का खतरा, दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद बिगड़े समीकरण

नई दिल्ली: महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार ने भारतीय टीम की सेमीफाइनल की राह मुश्किल कर दी है। पाकिस्तान और नीदरलैंड्स को हराकर शानदार शुरुआत करने वाली टीम इंडिया तीसरे मुकाबले में प्रोटियाज टीम के सामने टिक नहीं सकी। अब सिर्फ एक हार ने ग्रुप-1 के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं। ग्रुप-1 में कैसी है स्थिति? ग्रुप-1 में ऑस्ट्रेलिया लगातार तीन जीत के साथ शीर्ष पर है। भारत ने तीन मैचों में दो जीत हासिल की हैं और फिलहाल दूसरे स्थान पर मौजूद है। दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश के अंक समान हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के कारण अफ्रीकी टीम को बढ़त हासिल है। वहीं पाकिस्तान और नीदरलैंड्स की लगातार तीन हार के बाद उनकी नॉकआउट की उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी हैं। भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता? आईसीसी के नियमों के अनुसार प्रत्येक ग्रुप से सिर्फ दो टीमें ही नॉकआउट चरण में पहुंचेंगी। भारत को अब अपने बचे हुए मुकाबले बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने हैं। अगर भारतीय टीम बांग्लादेश को हराने में सफल रहती है लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार जाती है, तो उसके कुल 6 अंक होंगे। दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के सामने बांग्लादेश और नीदरलैंड्स जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीमें हैं। यदि प्रोटियाज टीम दोनों मुकाबले जीत लेती है, तो वह 8 अंकों के साथ सेमीफाइनल में जगह बना सकती है और भारत बाहर हो सकता है। हालांकि अगर ऑस्ट्रेलिया अपने आगामी मैचों में हारती है या अन्य परिणाम भारत के पक्ष में जाते हैं, तो टीम इंडिया के लिए उम्मीदें बनी रह सकती हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच का हाल भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 159 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने अनुभवी बल्लेबाज मारिजाम काप की शानदार 81 रन की पारी की बदौलत लक्ष्य को 5 गेंद शेष रहते और 6 विकेट से हासिल कर लिया। मैच के दौरान राधा यादव ने मारिजाम काप के दो अहम कैच छोड़े, जब वह 27 और 66 रन के निजी स्कोर पर थीं। यही चूक अंत में भारतीय टीम पर भारी पड़ गई। अब टीम इंडिया के लिए हर मुकाबला करो या मरो जैसा बन गया है और सेमीफाइनल की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए अगले मैचों में जीत बेहद जरूरी होगी।  

surbhi जून 22, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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