1351 – मोहम्मद बिन तुगलक का भतीजा फिरोज शाह तुगलक राजगद्दी पर बैठा। 1357 – लार्ड क्लाइव ने फ्रांसीसियों को हराकर चंद्रनगर पर कब्जा किया। 1630 – फ्रांस की सेना ने पिनेरोलो पिडमाउंट पर कब्जा किया। 1832 – ब्रिटेन की संसद ने सुधार विधेयक पास किया। 1835 – चार्ल्स डारविन लॉस एंजिलिस पहुंचे। 1836 – फ्रेंकलिन बेल ने सिक्के पर छपाई के प्रेस का आविष्कार किया। 1839 – OK शब्द का पहली बार प्रमाणिक उपयोग हुआ। 1918 – लिथुआनिया ने स्वतंत्रता की घोषणा की। 1919 – बेनिटो मुसोलिनी ने इटली के मिलान में फासिस्ट आंदोलन की शुरुआत की। 1920 – परसरिकतन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (पीकेआई) बनायी गई। 1931 – भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान क्रांतिकारी भगत सिंह और उनके साथियों राजगुरु और सुखदेव को आज ही के दिन फांसी दी गई। 1934 – अमेरिकी कांग्रेस ने 1945 में फिलीपींस की स्वतंत्रता को मान्यता दी। 1940 – अॉल इंडिया मुस्लिम लीग ने मुसलमानों के लिए अलग देश की मांग की। 1950 – संयुक्त राष्ट्र ने विश्व मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना की। 1956 – पाकिस्तान दुनिया का पहला इस्लामिक गणतंत्र बना। पाकिस्तान ने पहले संविधान को अपनाया। 1965 – नासा ने पहली बार जैमिनी 3 अंतरिक्ष यान से दो व्यक्तियों को अंतरिक्ष में भेजा। 1983 – अमरीका के राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने स्ट्रैटेजिक डिफ़ेंस इनीशियेटिव यानि रणनीतिक रक्षा प्रबंध की घोषणा की। 1986 – केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल में महिलाओं की पहली कंपनी को प्रशिक्षित किया गया। 1987 – पश्चिमी जर्मनी के एक ब्रितानी सैनिक ठिकाने में हुए कार बम हमले में 31 लोग घायल हो गए हैं। विस्फोट इतना भयानक था कि सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो गई। 1995 – रैनटो रूगीएरो विश्व व्यापार संगठन के पहले महानिदेशक नियुक्त। 1995 - भारत के विश्वनाथन आनंद ने प्रोफ़ेशनल चेस एसोसियेशन कैंडीडेट्स के फ़ाइनल शृंखला को जीता। 1996 – ताइवान में पहली बार राष्ट्रपति के लिए सीधे चुनाव हुए, जिसमें ली टेंग हुई को बतौर राष्ट्रपति चुना गया। 1999 - पराग्वे के उपराष्ट्रपति पुई मारिया अरगाना की हत्या। 2001 - रूसी अंतरिक्ष स्टेशन 'मीर' की जल समाधि। 2003 - दक्षिण अफ़्रीका में वाडरर्स में विश्व कप क्रिकेट के फ़ाइनल में आस्ट्रेलिया ने भारत को 125 रनों से हराकर विश्व कप पर कब्ज़ा बरकरार रखा। 2006 - आस्ट्रेलिया ने तस्करी के आरोप में उत्तरी कोरिया के जहाज़ पोंस गू को डुबोया। 2007 - भारत विश्वकप क्रिकेट में श्रीलंका से हारा। 2008 - भारत ने ज़मीन से ज़मीन पर मार करने वाली मिसाइल 'अग्नि-1' का सफल परीक्षण किया। 2008 - अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों राबर्ट वेनकेन और साइक फ़ोरमैन ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की मरम्मत के लिए अंतिम स्पेसवॉक किया। 2008 - नासा ने पृथ्वी से 7.5 अरब प्रकाश वर्ष की दूरी पर हुए एक अंतरिक्ष विस्फोट को देखा। 2012 – मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतकों का कीर्तिमान बनाने वाले पहले क्रिकेटर बने। 2014 – अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रूस पर प्रतिबंध लगाया। 2019 - अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया पर हाल ही में थोपे गए नए प्रतिबंधों को हटाने का आदेश दिया। 2020 - मध्य प्रदेश में भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। 2021 - मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बस-ऑटो की भिड़ंत में 13 लोगों की मौत हुई। 2021 - भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने एक “स्थायी बाह्य सलाहकार समिति (SEAC)” की स्थापना की। 2021 - रमेश पोखरियाल ने नई दिल्ली में शहीद भगत सिंह स्मारक का उद्घाटन किया। 2022 - हैदराबाद के भोईगुड़ा स्थित कबाड़ गोदाम में लगी भीषण आग से बिहार के 11 मजदूर जिंदा जले। 2022 - पुष्कर सिंह धामी ने लगातार दूसरी बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 2022 - श्री नारायण राणे ने MSME के राष्ट्रीय बोर्ड (NBMSME) की 17वीं बैठक की अध्यक्षता की। 2023 - लोकसभा ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए लगभग ₹45 लाख करोड़ के व्यय को अधिकृत करने वाली अनुदान मांगों को ध्वनि मत से पारित किया। 2023 - पीएम फसल बीमा योजना में नवाचार व पारदर्शिता, ‘डिजीक्लेम’ का कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा शुभारंभ हुआ। 2023 - मणिपुर के मोइरांग में 3.8 तीव्रता का भूकंप आया। 2024 - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और भूटान के प्रधानमंत्री महामहिम त्शेरिंग टोबगे ने भारत सरकार की सहायता से थिम्पू में निर्मित अत्याधुनिक अस्पताल ग्यालत्सुएन जेत्सुन पेमा वांगचुक मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। 23 मार्च को जन्मे व्यक्ति 1614 - जहाँआरा, मुग़ल बादशाह शाहजहाँ और 'मुमताज़ महल' की सबसे बड़ी पुत्री थी। 1880 - बसंती देवी - भारत की स्वतंत्रता सेनानी। 1910 – भारतीय स्वतंत्रता सेनानी डॉ राममनोहर लोहिया का जन्म उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जनपद में हुआ था। 1951 – रेनॉर्ड मोटरस्पोर्ट की स्थापना करने वाले अंग्रेज कारोबारी एड्रियन रेनॉर्ड का जन्म हुआ। 1954 - दिनेश्वर शर्मा - भारत के केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप के नवनियुक्त प्रशासक। 1958 - विनय कुमार सक्सेना 26 मई 2022 से दिल्ली के उपराज्यपाल हैं। 1976 - स्मृति ईरानी - पूर्व टेलीविजन अभिनेत्री, 'भाजपा' की प्रतिष्ठित महिला नेत्री। 1987 - कंगना रानौत - भारतीय फ़िल्म अभिनेत्री। 23 मार्च को हुए निधन 1927 - लाला राम - भारतीय थल सेना के 41वें डोगरा में लांस नाईक थे। 1931- भगत सिंह , सुखदेव व राजगुरु भारत के प्रसिद्ध देशभक्त और शहीद होने वाले प्रसिद्ध क्रांतिकारी । 1965 - सुहासिनी गांगुली - भारतीय स्वतंत्रता सेनानी थीं। 1992 - गुरदयाल सिंह ढिल्लों- भारत के पाँचवें लोकसभा अध्यक्ष। 2017 - रेवाड़ी के कोसली में जन्में ब्रिगेडियर राय सिंह यादव भारतीय सेना में एक अधिकारी थे (महावीर चक्र से सम्मानित)। 2020 - पूर्व भारतीय फुटबॉलर अब्दुल लतीफ का निधन। 2021 - एआईएडीएमके के राज्य सभा सदस्य और पूर्व मंत्री ए. मोहम्मद जॉन (72) का रानीपेट, तमिलनाडु में निधन हुआ। 2022 - भारत के 35वें पूर्व प्रधान न्यायाधीश रमेश चंद्र लाहोती (81) का निधन हुआ। 2022 - इंग्लिश जॉकी और ब्रॉडकास्टर (बीबीसी) जिमी लिंडले (86) का निधन हुआ। 2023 - एक अमेरिकी पेशेवर फुटबॉल लाइनबैकर फ्रैंक प्रेस्टन लेमास्टर (71) का निधन हुआ। 2023 - एक स्विस फुटबॉलर पीटर मार्टी (70) का निधन हुआ। 2024 - इतालवी पियानोवादक मौरिज़िओ पोलिनी (82) का निधन हुआ। 2024 - कनाडाई हॉकी खिलाड़ी पॉल मैसनिक (92) का निधन हुआ। 23 मार्च के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव श्री देवा महाराज पुण्य तिथि - कार्ला (यवतमाल)। भगवान श्री ऋषभदेव जी / आदिनाथ जी जन्म- तप कल्याणक (जैन , चैत्र कृष्ण नवमी)। तिर्थंकर दिवस (जैन)। अमर शहीद भगतसिंह ,राजगुरु एवं सुखदेव शहीदी दिवस। डॉ. राममनोहर लोहिया जयन्ती। विश्व वायुमण्डलीय / जलवायु दिवस। पाकिस्तान राष्ट्रीय दिवस (National Day of Pakistan)। विश्व मौसम विज्ञान दिवस (World Meteorological Day)। विश्व लिफ्ट दिवस (World Elevator Day)। विश्व भालू दिवस (World Bear Day)। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इन्द्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।