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17 जून की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1397 – डेनमार्क, स्वीडन और नार्वे के बीच कल्मार संघ की स्थापना हुई। 1609 – नीदरलैंड, इंग्लैंड और फ्रांस ने 12 वर्षों के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। 1734 - फ्रांसीसी सैनिकों ने राइन में फिलिप्सबर्ग पर कब्जा किया। 1745 - अमेरिकी उपनिवेशों ने लुईबॉर्ग, फ़्रैंक से केप ब्रेटन द्वीप को कैप्चर किया। 1756 – नवाब सिराजउद्दौला ने 50 हजार सैनिकाें के साथ कलकत्ता (अब कोलकाता) पर आक्रमण किया। 1773 - कूकाका, कोलम्बिया की स्थापना जुआना रंगेल डी कुएल्रर द्वारा की गई।  1775 – बंकर हिल के युद्ध में ब्रिटिश सेना ने अमेरिका की महाद्वीपीय सेना को हराया। 1799 – नेपोलियन बोनापार्ट ने इटली को अपने साम्राज्य में शामिल किया। 1856 - रिपब्लिकन पार्टी ने अपना पहला राष्ट्रीय सम्मेलन फिलाडेल्फिया में किया। 1885 – फ्रांस का तोहफा स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी न्यूयॉर्क के बंदरगाह पर पहुंचा। 1898 – अमेरिका में नेवी हॉस्पिटल कॉर्प की स्थापना की गई। 1917 – महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम के हृदय कुंज में अपना निवास बनाया। 1922 - पुर्तगाली नौसेना के एविएटर गैगो कोतििन्हो और सैकदुरा कैब्राल ने दक्षिण अटलांटिक के पहले हवाई क्रॉसिंग को पूरा किया था। 1930 – अमेरिकी राष्ट्रपति हरबर्ट हूवर ने स्मूट-हॉली टैरिफ अधिनियम को कानून में हस्ताक्षर किए थे। 1936 - हेनरिक हिमलर को जर्मन पुलिस का प्रमुख नियुक्त किया गया। 1938 – जापान ने चीन के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। 1940 – द्वितीय विश्व युद्ध: आरएमएस लंकास्ट्रिया पर फ्रांस के सेंट-नज़ीर के पास लूफ़्टवाफ ने हमला किया और डूब गया। ब्रिटेन की सबसे खराब समुद्री आपदा में कम से कम 3,000 मारे गए। 1944 – आइसलैंड को डेनमार्क से स्वतंत्रता मिली 1944 – जर्मनी ने द्वितीय विश्व युद्ध में समर्पण किया। 1950 – मिस्त्र, लेबनान, सीरिया और सऊदी अरब ने सुरक्षा संधि पर हस्ताक्षर किए। 1963 – अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों में बाइबिल के आवश्यक पठन पर पाबंदी लगाई। 1967 – चीन, हाइड्रोजन बम से संपन्न दुनिया का चौथा देश बना। 1970 – शिकागो में पहली बार किडनी प्रत्यारोपण का ऑपरेशन हुआ। 1970 - एडविन लैंड ने पोलरॉइड कैमरा का पेटेंट कराया (कन्फर्म नहीं)। 1974 – ब्रिटेन की संसद में एक बम धमाके में 11 लोग घायल हुए। 1981 – मिस्र के काहिरा में मुस्लिमों और इसाईयों के बीच संघर्ष में 14 लोग मारे गये। 1985 - जॉन हेन्ड्रिक्स ने संयुक्त राज्य अमेरिका में डिस्कवरी चैनल शुरू किया। 1994 – शिकागो में फीफा विश्वकप फुटबाल की शुरुआत हुई। 1994 - उत्तरी कोरिया अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को अपने देश में बने रहने देने को सहमत। 1999 – विश्व कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच मैच टाई रहा। ग्रुप चरण में रन रेट बेहतर होने के कारण ऑस्ट्रेलिया फाइनल में पहुंचा। 1999 - लेकेव जुमा द. अफ़्रीका के उपराष्ट्रपति नियुक्त। 1999 - कारगिल में चल रहे युद्ध के मद्देनजर आई.एस.आई. द्वारा कारगिल जेहाद फ़ंड की स्थापना। 2001 - नेपाल शाही परिवार हत्या प्रकरण में डॉक्टर ने कहा कि दीपेन्द्र के ख़ून में शराब का अंश नहीं था। 2002 - कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पुन: खोला गया। 2003 - फ़्रांस में 165 ईरानी आतंकवादी गिरफ़्तार। 2004 - मंगल पर पृथ्वी की चट्टानों से मिलते-जुलते पत्थर मिले।   2004 - बगदाद में सेना की भर्ती केन्द्र पर विस्फोट में 42 मरे तथा 127 घायल। 2008 - देश में विकसित हल्के लड़ाकू विमान 'तेज़स' का बंगलौर में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। 2008 - रूस ने 2012 तक अपने विनाशकारी रासायनिक हथियारों का जखीरा नष्ट करने की दिशा में क़दम बढ़ाया।  2008 - कनाडा सरकार ने तमिल वर्ल्ड मूवमेंट संगठन को आतंकवादी समूहों की सूची में डाला। 2012 - मिस्र के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए आम चुनाव हुए। 2012 - चीन का “शनचो-9” अंतरिक्ष यान प्रक्षेपित किए जाने के बाद निश्चित कक्षा में पहुचने में सफल रहा। 2012- साइना नेहवाल तीसरी बार इंडोनेशिया ओपन चैंपियन बनीं। 2015 – अमेरिका के दक्षिण कैरोलिना के एक चर्च में बंदूकधारी ने नौ लोगों की हत्या की। 2017 – केंद्रीय पुर्तगाल के जंगल की आग की एक श्रृंखला में लगभग 64 लोगों की मौत व 204 घायल हुए। 2019 - भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने पहली बार भारतीय स्कूली छात्रों के लिए दो सप्ताह के प्रशिक्षण के लिए अपनी प्रयोगशालाएँ खोली । 2019 - डेनमार्क की इंगेर एंडरसन को संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया। 2020 - अमेरिका ने सीरिया पर अभी तक के सबसे बड़े प्रतिबंध लगाए। 2020 - भारत 8वीं बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations Security Council) का अस्थाई सदस्य  चुन लिया गया। वोटिंग में महासभा के 193 देशों ने हिस्सा लिया, जिसमें 184 देशों ने भारत का समर्थन किया। 2021 -  नेपाल के प्रधानमंत्री ने देश की संसद को भंग करने के अपने फैसले का सुप्रीम कोर्ट में बचाव किया। 2021 - भारतीय तटरक्षक बल ने महाराष्ट्र के रेवदंडा बंदरगाह के पास डूबते जहाज एमवी मंगलम के सभी 16 दल को बचाया। 2022 - RBI ने ‘Payments Vision 2025’ दस्तावेज़ जारी किया। 2022 - सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई भारतीय प्रेस परिषद की पहली महिला अध्यक्ष बनीं। 2022 - प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हुआ। 2023 - राजस्थान के माउंट आबू में रिकॉर्ड 8.4 इंच बारिश हुई। 2023 - तेलंगाना के सिकंदराबाद, बिहार के पटना और जम्मू-कश्मीर में सेना के अग्निवीरों के पहले बैच की पासिंग परेड हुई। 2023 - जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 4.5 तीव्रता का भूकंप आया। 2023 - भारतीय जी-20 अध्यक्षता के तहत कृषि कार्य समूह की तीन दिवसीय बैठक हैदाराबाद में संपन्न हुई। 2024 - फिलीपींस ने विवादित स्प्रैटली द्वीप समूह में टकराव के बाद चीनी तटरक्षक पर “आक्रामकता का एक निर्लज्ज कृत्य” करने का आरोप लगाया, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ा। 2024 - न्यू जलपाईगुड़ी के पास मालगाड़ी ने कंचनजंगा एक्सप्रेस को टक्कर मारी , मरने वालों की संख्या 15 हुई  व 60 से ज्यादा लोग घायल हुए।   17 जून को जन्मे व्यक्ति   1887 - कैलाश नाथ काटजू - प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ तथा मध्य प्रदेश राज्य के भूतपूर्व मुख्यमंत्री। 1903 - ज्योति प्रसाद अग्रवाल - असम के प्रसिद्ध साहित्यकार, स्वतंत्रता सेनानी तथा फ़िल्म निर्माता। 1942 - भगत सिंह कोश्यारी - भारतीय राजनीतिज्ञ व  वे उत्तराखण्ड राज्य के द्वितीय सफल मुख्यमन्त्री रहे। 1945 - पी. डी. थनकप्पन आचार्य भारत के भूतपूर्व लोक सभा महासचिव रहे। 1957 - फ़िलिप चेवरोन - संगीतज्ञ , आयरिश गायक - गीतकार , गिटारवादक और रिकॉर्ड निर्माता थे। 1970 - निशिकांत कामत एक भारतीय फिल्म निर्देशक थे (17 जुलाई 1970 का भी वर्णन)। 1973 - लिएंडर पेस - भारत के सर्वश्रेष्ठ टेनिस खिलाड़ी। 1980 – सर्वश्रेष्ठ अमेरिकी महिला टेनिस खिलाड़ी वीनस विलियम्स । 1981 - अमृता राव - हिन्दी चलचित्र अभिनेत्री।   17 जून को हुए निधन   1631 - मुमताज़ महल - आसफ़ ख़ाँ की पुत्री, जिसका निकाह मुग़ल सम्राट 'ख़ुर्रम' (शाहजहाँ) से हुआ। 1674 - जीजाबाई - शाहजी भोंसले की पत्नी तथा छत्रपति शिवाजी की माता। 1862 - लॉर्ड कैनिंग - भारत के पहले वाइसराय और कुशल राजनीतिज्ञ। 1895 - गोपाल गणेश आगरकर - प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता। 1928 – तत्कालीन उड़ीसा (अब ओडिशा) के रत्न कहे जाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता, राजनैतिक चिंतक और कवि पंडित गोपा बंधु दास का निधन। 2015 - एम एम पुंछी भारत के सर्वोच्च न्यायालय के भूतपूर्व न्यायाधीश रहे। 2019 - मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी सुनवाई के दौरान अदालत में गिर पड़े और उनका निधन हो गया। 2020 - पाकिस्तान के पहले पुरुष टीवी एंकर तारिक अजीज का निधन हुआ।  2021 - जांबिया के पहले राष्ट्रपति केनेथ कौंडा का 97 वर्ष की उम्र में निधन हुआ। 2021 - चीन के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक और हार्बिन इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष झांग झिजियान की रहस्यमय हालात में एक इमारत से गिरने से मौत हुई। 2022 - अमेरिकी फ़ुटबॉल खिलाड़ी ह्यूग मैकलहेनी (93) का निधन हुआ।   17 जून के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   श्री वासुपूज्य जी गर्भ कल्याणक (जैन , आषाढ़ कृष्ण षष्ठी)। चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज 153वां जन्म दिवस (आषाढ़ कृष्ण षष्ठी)। राजमाता जिजाऊसाहेब भोसले पुण्यतिथि (तारखेप्रमाणे)। श्री गोपाल गणेश अगरकर पुण्य तिथि। श्री लिएंडर पेस जन्म दिवस। श्री भगत सिंह कोश्यारी जन्म दिवस। डॉ. कैलाश नाथ काटजू जयन्ती। स्वतंत्रता दिवस (आइसलैंड)। विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस। विश्व मगरमच्छ दिवस। कृपया ध्यान दें   यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की  कोई जिम्मेदारी नहीं है।

abhishek singh जून 17, 2026 0
Important Events
Important Events: 30 मई की महत्त्वपूर्ण घटनाएं

1381 – इंग्लैंड के एसेक्स में किसानों का विद्रोह शुरू हुआ। 1498 – कोलंबस तीसरी बार छह जहाज के साथ अमेरिका की यात्रा पर निकला। 1539 – स्पेन के खोजी हर्नान्डो डी सोटो ने फ्लोरिडा की खोज की। 1646 – स्पेन और नीदरलैंड ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किये। 1783 - फिलाडेल्फिया के बेंजामिन टॉवर से अमेरिका में पहला दैनिक समाचार पत्र प्रकाशित किया गया। 1797 - विलियम विलबरफोर्ड ने बारबरा एन स्पूनर से शादी की। 1826 – पहले हिंदी अखबार उदन्त मार्तण्ड का प्रकाशन शुरू हुआ। 1859 - फ़ेत्तो का युद्ध: सार्डिनियन सेना ने ऑस्ट्रियाई सेना को पराजित किया। 1867 – उत्तर प्रदेश के देवबंद में दार-उल-उलूम की स्थापना हुई। 1896 – अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में पहली आॅटोमोबाइल दुर्घटना हुई। 1910 - जनरल लुइस बोथा दक्षिण अफ्रीका संघ के पहले प्रधानमंत्री बने। 1919 – रवीन्द्रनाथ टैगोर ने जालियांवाला बाग नरसंहार के विरोध में ‘सर’ की उपाधि वापस की। 1949 – पूर्वी जर्मन में संविधान को अंगीकार किया गया। 1962 - चिली में 1962 फीफा विश्व कप की शुरुआत हुई। 1966 – अमेरिकी विमानों ने उत्तरी वियतनाम पर बमबारी की। 1975 – यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का गठन हुआ। 1981 - बांग्लादेश के राष्ट्रपति जिया-उर-रहमान की उनके 8 सहयोगियों के साथ हत्या, देश में आपातकाल लागू। 1987 - गोवा को भारत के राज्य का दर्जा मिला। 1990 - पेरू में भूकंप से 135 लोगों की मौत हुई। 1996 - 6 वर्षीय बालक गेधुन चोकी नाइया को नया पंचेन लामा चुना गया। 1998 - पाकिस्तान द्वारा एक और (छठा) परमाणु परीक्षण। 1998 -  अफ़ग़ानिस्तान में भीषण भूकम्प से 5000 लोगों के मरने की आशंका। 2003 - नेपाल के कार्यवाहक प्रधानमंत्री लोकेन्द्र बहादुर चंद ने इस्तीफ़ा दिया। 2004 - सऊदी अरब में बंधक संकट समाप्त, परन्तु दो भारतीयों सहित 22 की हत्या। 2007 - अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस पर 107 शांति रक्षक पुरस्कृत। 2008 - सुजाना मेटल प्रोडक्ट लिमिटेड ने विशाखापट्टनम में 180 करोड़ रुपये की लागत से तीन स्टील इकाईयों का अधिग्रहण किया। 2008 - अफ़ग़ानिस्तान में एक ज़िले पर तालिबान ने क़ब्ज़ा किया। 2012- विश्वनाथन आनंद पाँचवीं बार विश्व शतरंज चैंपियन बने। 2015 – स्टार बल्लेबाज एलिस्टेयर कुक इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। 2019 - प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सहित 24 कैबिनेट और 33 राज्यमंत्रियों ने शपथ ग्रहण की। 2019 -  आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने शपथ ली । 2019 - अमेरिका ने विदेशी आतंकी संगठनों पर नकेल कसने की कोशिश के तहत उनकी 4.6 करोड़ डॉलर से अधिक राशि रोक दी । 2020 - अमरीका की निजी वाणिज्यिक कंपनी स्‍पेस-एक्‍स के अंतरिक्ष यान ने देर रात केनेडी अंतरिक्ष केन्‍द्र से अंतर्राष्‍ट्रीय अंतरिक्ष केन्‍द्र के लिए उड़ान भरी। इसमें नासा के दो अंतरिक्ष यात्री रॉबर्ट बेनकेन और डगलस हर्ली सवार हुए। 2020 - अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से अपना नाता तोड़ा , अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि यह संगठन अब पूरी तरह से चीन के नियंत्रण में हैं। 2020 - कोरोना संकट के चलते नासा ने सस्ता वेंटिलेटर विकसित किया , तीन भारतीय कंपनियों को निर्माण का ठेका मिला। 2021 - दक्षिण कोरिया में वर्चुअल माध्‍यम से आयोजित दो दिवसीय जलवायु शिखर सम्मेलन सम्‍पन्‍न हुआ। 2022 - उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू नौ दिन की विदेश यात्रा पर गैबॉन, सेनेगल और कतर के लिए रवाना हुए। 2022 - आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की खास और ताजा जानकारी के लिए एक सार्वजनिक डैशबोर्ड की शुरूआत की। 2022 - परम अनन्त , एक अत्याधुनिक सुपर कंप्यूटर को गांधीनगर IIT संस्थान में कमीशन किया गया। 2023 - जम्मू में पुल से 75 यात्रियों से भरी बस गिरने से 10 की मौत व 57 घायल हुए। 2023 - नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन के तहत स्टार्टअप 20 एंगेजमेंट ग्रुप द्वारा आयोजित नीति चर्चा पर स्टार्टअप 20 दूतावास की बैठक आयोजित हुई। 2024 - वर्मोंट अमेरिका का पहला राज्य बना जिसने कानून पारित कर जीवाश्म ईंधन कंपनियों को जलवायु परिवर्तन से होने वाले नुकसान की भरपाई करने को कहा। 2024 - जम्मू-कश्मीर के अखनूर में 150 फीट गहरी खाई में एक बस गिरने से 22 लोगों की मौत हो गई और 57 घायल हुए।   30 मई को जन्मे व्यक्ति   1909 - पण्डित मुखराम शर्मा - भारतीय हिन्दी फ़िल्मों के सुप्रसिद्ध कथा, पटकथा और कहानी लेखक। 1935 - पंडित देवब्रता चौधरी - भारतीय सितारवाद और शिक्षक थे। 1940 - जगमोहन डालमिया - भारतीय उद्योगपति। 1947 - वी. नारायणसामी, पुदुचेरी के 10वें मुख्यमंत्री। 1950 - परेश रावल - भारतीय अभिनेता । 1985 - जेनिफर विंगेट - भारतीय फिल्म और टेलीविजन अभिनेत्री ।   30 मई को हुए निधन   1606 - गुरु अर्जुन देव - सिक्खों के पाँचवें गुरु। 1778 - वोल्टेयर - फ्रांस के बौद्धिक जागरण के युग के महान लेखक, नाटककार एवं दार्शनिक थे। 1955 - एन. एम. जोशी - भारत में 'ट्रेड यूनियन आंदोलन' के जन्मदाता थे। 1989 - वीर बहादुर सिंह- एक भारतीय राजनेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके। 1991 - उमाशंकर दीक्षित - 'भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन' के पुरोधा एवं मानवता के पुजारी और राष्ट्रवाद के अग्रदूत। 2000 - रामविलास शर्मा - आधुनिक हिन्दी साहित्य में सुप्रसिद्ध आलोचक, निबंधकार, विचारक एवं कवि। 2013 - ऋतुपर्णो घोष - बंगाली फ़िल्मों के प्रसिद्ध निर्देशक, लेखक और अभिनेता। 2016 - देवेगौड़ा जवारेगौड़ा ( डी जा गो या केवल जवारेगौड़ा )- एक भारतीय कन्नड़ लेखक, लोक कथाकार, शोधकर्ता, विद्वान और अकादमिक थे। 2020 - पूर्व स्प्रिंट ओलंपिक चैंपियन बॉबी मोरो का निधन। 2022 - वयोवृद्ध पत्रकार पद्मानंद झा (66) , द पायनियर के संस्थापक सदस्यों में से एक थे का दिल का दौरा पड़ने से गोवा में निधन हो गया। 2023 - चंद्रपुर से लोकसभा सांसद श्री बालूभाऊ नारायणराव धानोरकर के निधन (48) का निधन हुआ। 2023 - अमेरिकी अभिनेता जॉन बियस्ली (79) का निधन हुआ।   30 मई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव   गुरु श्री अर्जुनदेव बलिदान दिवस (प्राचीनमतानुसार , तारीखानुसार)। श्री धर्मनाथ जी मोक्षकल्याणक (जैन , ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्थी)। श्री वी. नारायणसामी जन्म दिवस। श्री उमाशंकर दीक्षित स्मृति दिवस। श्री वीर बहादुर सिंह स्मृति दिवस। गोवा राज्य का दर्जा / स्थापना दिवस (38वाँ)। हिन्दी पत्रकारिता दिवस (हिन्दी के पहले साप्ताहिक 'उदन्त मार्तण्ड' के प्रथम प्रकाशन के अवसर पर)। विश्व वेप दिवस (World Vape Day)।   कृपया ध्यान दें  यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इन्द्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।

Unknown मई 30, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Deepshikha जून 15, 2026 0