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U.S. military aircraft and naval forces deployed amid rising tensions between the United States and Iran, with new airstrikes and a renewed naval blockade reported in the region.
ईरान पर अमेरिका का फिर हमला, समुद्री नाकेबंदी बहाल; ट्रंप बोले- अब पावर प्लांट भी होंगे निशाने पर

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर नए हवाई हमले किए हैं, जबकि समुद्री नाकेबंदी (नेवल ब्लॉकेड) भी दोबारा लागू कर दी गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान बातचीत की मेज पर वापस नहीं आया, तो अमेरिका अपने सैन्य अभियान को और तेज करेगा तथा पावर प्लांट और पुल जैसे अहम ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है। ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के साथ पिछले महीने हुए समझौते के तहत हटाई गई समुद्री नाकेबंदी अब फिर से लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्य हासिल करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। ट्रंप ने कहा कि ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर आगे क्या कार्रवाई होगी, इस पर अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा, लेकिन अगर हालात नहीं बदले तो अगले चरण में पावर प्लांट और उसके बाद महत्वपूर्ण पुलों को निशाना बनाया जा सकता है। ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमला अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों पर नया हवाई हमला किया गया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, इस कार्रवाई का उद्देश्य उन सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना था, जिनका इस्तेमाल ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर हमलों के लिए कर सकता है। समुद्री नाकेबंदी फिर लागू अमेरिकी सेना ने बताया कि 14 जुलाई की शाम से ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की ओर आने-जाने वाले जहाजों पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी गई है। इससे पहले दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत यह प्रतिबंध हटा लिया गया था। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी सैन्य गतिविधियां मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी भी मजबूत कर दी है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, क्षेत्र में 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान तैनात हैं, जो किसी भी संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार हैं। समझौते पर मंडराया संकट पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से कुछ कदम उठाए गए थे, लेकिन हालिया सैन्य कार्रवाई और नाकेबंदी की बहाली के बाद दोनों देशों के बीच बना सीमित विश्वास भी कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं हुए तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।  

Deepshikha जुलाई 15, 2026 0
Kriti Sanon and Kabir Bahia spotted together at Edgbaston Stadium during the India vs England cricket match in Birmingham.
Kriti Sanon और Kabir Bahia फिर आए साथ नजर, बर्मिंघम में India vs England मैच देखते हुए सेल्फी वायरल; ब्रेकअप की अफवाहों पर लगा विराम?

Kriti Sanon Kabir Bahia News: बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में वह इंग्लैंड के एजबेस्टन क्रिकेट स्टेडियम, बर्मिंघम में भारत बनाम इंग्लैंड मैच का आनंद लेते हुए नजर आईं। खास बात यह रही कि उनके साथ कथित बॉयफ्रेंड कबीर बाहिया भी मौजूद थे। दोनों की साथ में ली गई एक सेल्फी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। हालांकि दोनों ने अब तक अपने रिश्ते को आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया है, लेकिन उनकी हालिया तस्वीरों ने एक बार फिर डेटिंग की चर्चाओं को हवा दे दी है। बर्मिंघम में साथ दिखे कृति और कबीर कबीर बाहिया ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एजबेस्टन क्रिकेट स्टेडियम से एक ग्रुप सेल्फी साझा की, जिसमें कृति सेनन और उनके कुछ दोस्त भी नजर आए। तस्वीर में दोनों मुस्कुराते हुए कैमरे के लिए पोज देते दिखाई दिए। इस मौके पर कृति ने ग्रीन टॉप और व्हाइट पैंट पहनी थी, जबकि कबीर व्हाइट टी-शर्ट और ब्राउन लेदर जैकेट में नजर आए। दोनों का कैजुअल लुक सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। ब्रेकअप की अफवाहों के बीच आई नई तस्वीर पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि कृति सेनन और कबीर बाहिया का रिश्ता खत्म हो गया है। इन चर्चाओं को तब और बल मिला जब कबीर की एक अन्य महिला के साथ तस्वीर वायरल हुई थी। हालांकि, हालिया तस्वीरों और सार्वजनिक मौजूदगी ने इन अफवाहों को फिर से चर्चा का विषय बना दिया है। इससे पहले भी कृति ने अपने जून फोटो डंप में कबीर के साथ एक तस्वीर साझा की थी, जिसे कई लोगों ने रिश्ते का संकेत माना था। लंबे समय से जुड़ रहा है दोनों का नाम कृति सेनन और कबीर बाहिया के रिश्ते की चर्चा तब तेज हुई थी जब दोनों को कृति की बहन नूपुर सेनन और गायक स्टेबिन बेन की शादी के समारोहों में साथ देखा गया। इसके बाद दोनों की कई तस्वीरें और छुट्टियों की झलकियां भी सोशल मीडिया पर सामने आईं। हालांकि, दोनों ने अपने रिश्ते पर अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और निजी जिंदगी को लेकर हमेशा चुप्पी बनाए रखी है। वर्क फ्रंट पर चमक रहीं कृति सेनन पेशेवर मोर्चे पर कृति सेनन अपनी हालिया फिल्म 'Cocktail 2' की सफलता का आनंद ले रही हैं। फिल्म को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और बॉक्स ऑफिस पर भी इसका प्रदर्शन सकारात्मक बताया जा रहा है।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
Mouni Roy reacts to paparazzi while sitting in a car after a restaurant outing with Anusha Dandekar in Mumbai.
Mouni Roy Viral Video: पपाराजी पर भड़कीं मौनी रॉय, कार के अंदर तक रिकॉर्डिंग से बढ़ा विवाद; अनुषा दांडेकर ने संभाला मामला

Mouni Roy Viral Video: अभिनेत्री मौनी रॉय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह पपाराजी पर नाराज़ होती दिखाई दे रही हैं। घटना उस समय हुई जब मौनी रॉय अभिनेत्री अनुषा दांडेकर के साथ मुंबई के एक रेस्टोरेंट से बाहर निकलकर अपनी कार में बैठ रही थीं। इसी दौरान पपाराजी लगातार उनकी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करते रहे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कार के अंदर तक पहुंची रिकॉर्डिंग, नाराज़ हुईं मौनी वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पहले अनुषा दांडेकर कार में बैठती हैं और उसके बाद मौनी रॉय वहां पहुंचती हैं। चारों ओर मौजूद फोटोग्राफर लगातार कैमरे उनकी ओर किए हुए थे। वीडियो के अनुसार, रिकॉर्डिंग कार के काफी करीब तक जारी रही, जिससे मौनी स्पष्ट रूप से असहज नजर आईं। शुरुआत में उन्होंने खुद को शांत रखने की कोशिश की, लेकिन जब रिकॉर्डिंग नहीं रुकी तो उन्होंने नाराज़गी जताते हुए कहा, "बंद करो... बंद करो इसे।" उनके चेहरे पर गुस्सा और असहजता साफ दिखाई दे रही थी। अनुषा दांडेकर ने शांत कराया माहौल स्थिति बिगड़ती देख अनुषा दांडेकर ने बीच-बचाव किया। उन्होंने पपाराजी से रिकॉर्डिंग रोकने का इशारा किया और साथ ही मौनी रॉय को भी शांत करने की कोशिश की। इसके बाद मामला धीरे-धीरे सामान्य हुआ और दोनों वहां से रवाना हो गईं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स का मानना है कि निजी स्पेस का सम्मान किया जाना चाहिए, जबकि कुछ लोगों ने मौनी के गुस्से पर अलग-अलग राय व्यक्त की है। हालांकि, वीडियो के आधार पर उनकी नाराज़गी के पीछे किसी व्यक्तिगत कारण की पुष्टि नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती। हाल ही में निजी जिंदगी भी रही चर्चा में हाल के दिनों में मौनी रॉय अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी सुर्खियों में रही हैं। उनके और पति सूरज नांबियार के अलग होने की खबरों ने काफी चर्चा बटोरी थी। इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में अपने बारे में फैली कुछ अफवाहों पर भी खुलकर प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि उनके बारे में कई गलत बातें कही गईं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। प्राइवेसी बनाम पपाराजी कल्चर पर फिर छिड़ी बहस इस घटना के बाद एक बार फिर सेलिब्रिटीज़ की निजता और पपाराजी कल्चर को लेकर बहस तेज हो गई है। सवाल यह उठ रहा है कि सार्वजनिक स्थानों पर कवरेज की सीमा क्या होनी चाहिए और क्या कलाकारों की निजी जगह का सम्मान किया जाना चाहिए। यह चर्चा सोशल मीडिया पर लगातार जारी है।  

surbhi जुलाई 15, 2026 0
U.S. President Donald Trump speaks on trade policy as the U.S. Supreme Court's ruling leads to the refund of billions of dollars in tariff collections to companies.
ट्रंप की टैरिफ नीति पर कोर्ट की रोक, अमेरिका को लौटाने पड़े 81 अरब डॉलर

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार को कंपनियों से वसूले गए करीब 81 अरब डॉलर (लगभग 6.7 लाख करोड़ रुपये) वापस करने पड़े हैं। अदालत ने ट्रंप प्रशासन की विवादित टैरिफ व्यवस्था को कानून के अनुरूप नहीं माना था। मई-जून में लौटाए गए 71 अरब डॉलर मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अमेरिकी सरकार ने मई और जून के दौरान लगभग 71 अरब डॉलर कंपनियों को वापस कर दिए हैं। शेष राशि का भुगतान भी चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। क्यों लगा था टैरिफ? राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप प्रशासन ने भारत, चीन, यूरोप सहित कई देशों से आयात होने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया था। सरकार का तर्क था कि इससे विदेशी सामान महंगे होंगे, अमेरिकी उत्पादों की मांग बढ़ेगी और घरेलू उद्योग को लाभ मिलेगा। हालांकि, कई बड़ी कंपनियों ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? सुप्रीम कोर्ट ने इस वर्ष फरवरी में सुनाए गए फैसले में कहा कि संबंधित टैरिफ नियम कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं थे। इसके बाद सरकार को कंपनियों से वसूली गई राशि ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिया गया। नए टैरिफ की तैयारी में ट्रंप अदालती फैसले के बावजूद ट्रंप प्रशासन नए आयात शुल्क लागू करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, मौजूदा टैरिफ व्यवस्था समाप्त होने के बाद कई देशों के आयात पर 10% से 12.5% तक नया शुल्क लगाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसका असर भारत, चीन, जापान, ब्रिटेन और ताइवान जैसे देशों के निर्यात पर पड़ सकता है। ब्राजील और यूरोप को भी चेतावनी रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने ब्राजील पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। साथ ही उन्होंने कहा है कि यदि यूरोपीय देश अमेरिकी टेक कंपनियों पर नए कर लागू करते हैं, तो अमेरिका उनके उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाने पर विचार कर सकता है। वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका नई टैरिफ नीति लागू करता है, तो वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर इसका असर पड़ सकता है। साथ ही अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों के साथ व्यापारिक तनाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।  

Deepshikha जुलाई 15, 2026 0
Raghav Juyal Ashish Chanchlani viral photos
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के बाद फैंस के बीच शुरू हुई चर्चा, आशीष चंचलानी के कमेंट ने बढ़ाया सस्पेंस

मुंबई, एजेंसियां। डांसर और अभिनेता राघव जुयाल तथा लोकप्रिय इन्फ्लुएंसर-अभिनेत्री निहारिका एनएम की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है। दोनों ने अपने-अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साथ में कुछ कॉजी तस्वीरें साझा की हैं, जिनके सामने आते ही फैंस उनके रिश्ते को लेकर तरह-तरह के कयास लगाने लगे हैं। हालांकि दोनों में से किसी ने भी इन तस्वीरों के पीछे की वजह का खुलासा नहीं किया है।   तस्वीरों में निहारिका लाल रंग की स्वेटशर्ट पहने नजर आ रही हैं, जबकि दोनों बेहद सहज और खुश दिखाई दे रहे हैं। पोस्ट के साथ लाल दिल, स्टार और बुरी नजर वाले इमोजी का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन कोई कैप्शन नहीं दिया गया। इसी वजह से फैंस यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या दोनों वास्तव में एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं या फिर किसी नए प्रोजेक्ट का प्रमोशन करने की तैयारी है।   आशीष चंचलानी के कमेंट ने बढ़ाई चर्चा इस पोस्ट पर मशहूर यूट्यूबर और इन्फ्लुएंसर आशीष चंचलानी ने चार बुरी नजर वाले इमोजी के साथ दोनों को टैग करते हुए कमेंट किया। निहारिका ने भी इमोजी के जरिए जवाब दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर और तेज हो गया।   फैंस ने दिए दिलचस्प रिएक्शन पोस्ट पर हजारों यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। किसी ने लिखा, "आप दोनों साथ में बहुत प्यारे लग रहे हैं", तो किसी ने इसे "सबसे बड़ा सरप्राइज" बताया। कई फैंस ने दोनों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि अगर यह रिश्ता है तो दोनों हमेशा साथ रहें। वहीं कुछ यूजर्स का मानना है कि यह किसी म्यूजिक वीडियो, फिल्म या अन्य प्रोजेक्ट का प्रमोशनल स्टंट भी हो सकता है।   फिलहाल राघव जुयाल और निहारिका एनएम की ओर से डेटिंग या किसी नए प्रोजेक्ट को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह साफ नहीं है कि वायरल तस्वीरें उनकी निजी जिंदगी की झलक हैं या फिर किसी नई घोषणा का संकेत।

anjali kumari जून 30, 2026 0
Stand-up comedian Samay Raina during a live show as an old comedy clip sparks fresh online controversy.
'हार्ट अटैक' पर टिप्पणी को लेकर फिर विवादों में समय रैना, पुराने शो की क्लिप वायरल; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

मुंबई: स्टैंड-अप कॉमेडियन और कंटेंट क्रिएटर समय रैना एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनके शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के पहले सीजन की एक पुरानी क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने एक प्रतिभागी की निजी परिस्थिति पर टिप्पणी की थी। इस क्लिप के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कॉमेडी की सीमाओं, संवेदनशीलता और महिलाओं को लेकर इस्तेमाल होने वाली भाषा पर बहस तेज हो गई है। वायरल क्लिप में क्या है? वायरल वीडियो में शो के दौरान एक प्रतिभागी की गर्लफ्रेंड बीच में उठकर चली जाती है। उसके साथी द्वारा बताया जाता है कि लड़की के पिता को मामूली हार्ट अटैक (माइनर हार्ट अटैक) आया है। इसके बाद समय रैना उस युवक से मजाकिया अंदाज में टिप्पणी करते हैं। यह टिप्पणी अब सोशल मीडिया पर व्यापक आलोचना का कारण बन गई है। कई यूजर्स का कहना है कि इस तरह की टिप्पणी एक संवेदनशील परिस्थिति का मजाक उड़ाती है। सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया वायरल क्लिप के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने समय रैना की आलोचना की। कुछ लोगों ने इसे महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक सोच को सामान्य बनाने वाला बताया, जबकि कुछ ने कहा कि हास्य के नाम पर इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। दूसरी ओर, कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि यह एक कॉमेडी शो का हिस्सा था और क्लिप को पूरे संदर्भ के बजाय अलग से साझा किया जा रहा है। उनका मानना है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे एपिसोड का संदर्भ भी देखा जाना चाहिए। '₹370 बिरयानी' विवाद के बाद फिर चर्चा यह क्लिप ऐसे समय सामने आई है, जब हाल ही में एक अन्य स्टैंड-अप शो में '₹370 बिरयानी' वाली टिप्पणी को लेकर भी विवाद हुआ था। उस मामले में एक दर्शक की टिप्पणी वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर सहमति (Consent) और महिलाओं के सम्मान को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। बाद में संबंधित व्यक्ति और शो के आयोजक दोनों ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। कॉमेडी की सीमा पर फिर उठे सवाल इस नए विवाद ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि हास्य और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा क्या होनी चाहिए। आलोचकों का कहना है कि निजी त्रासदी, स्वास्थ्य संबंधी घटनाओं या लैंगिक रूढ़ियों पर आधारित मजाक संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए, जबकि समर्थकों का तर्क है कि स्टैंड-अप कॉमेडी में अतिशयोक्ति और व्यंग्य सामान्य शैली का हिस्सा होते हैं। फिलहाल, इस वायरल क्लिप को लेकर समय रैना की ओर से कोई नई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  

surbhi जून 29, 2026 0
Shubhendu meeting
TMC में बगावत तेज: शुभेंदु की बैठक में पहुंचे देव-जून मालिया, ममता खेमे में बढ़ी बेचैनी

कोलकाता, एजेंसियां। पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर बढ़ते असंतोष ने बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है। पार्टी के कई सांसदों और नेताओं के बागी तेवरों ने सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। मंगलवार को कथित बागी सांसद दीपक अधिकारी (देव) और जून मालिया मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक बैठक में शामिल हुए, जिसके बाद राजनीतिक अटकलें और तेज हो गईं। माना जा रहा है कि असंतुष्ट नेताओं का एक वर्ग भाजपा के संपर्क में है, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।   कल्याण बनर्जी का बागियों पर तीखा हमला टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने बागी नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि किसी नेता को पार्टी से शिकायत है तो उसे नैतिकता दिखाते हुए पहले इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कुछ सांसद अब ममता बनर्जी की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना नेता मान चुके हैं। कल्याण बनर्जी ने यहां तक कहा कि यदि 20 से अधिक सांसद भी पार्टी छोड़ दें तो टीएमसी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्योंकि पार्टी को नए नेतृत्व और नए चेहरों की जरूरत है।   सुखेंदु शेखर रॉय के आरोपों से बढ़ा विवाद पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने टीएमसी छोड़ने के बाद पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पार्टी को भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से घिरा संगठन बताते हुए कहा कि आरजी कर अस्पताल प्रकरण के बाद उनका मोहभंग हो गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले इस्तीफा देने पर उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता था। हालांकि, उन्होंने बाद में नई सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए भविष्य की राजनीतिक भूमिका पर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया।   विधायकों के समर्थन का दावा टीएमसी से निष्कासित नेता संदीपान साहा ने दावा किया कि उनके पास 58 विधायकों का समर्थन है, जो विधानसभा में दो-तिहाई बहुमत के बराबर है। उन्होंने कहा कि यदि यह संख्या बरकरार रहती है तो उनका गुट विधानसभा में मुख्य विपक्ष की भूमिका निभाने का दावा करेगा।   राजनीतिक भविष्य पर नजर टीएमसी नेतृत्व ने फिलहाल पार्टी को एकजुट बताने की कोशिश की है, लेकिन लगातार सामने आ रहे बयान और आरोप-प्रत्यारोप संकेत दे रहे हैं कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ा घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। पूरे देश की नजर अब इस बात पर है कि बागी खेमे की अगली रणनीति क्या होगी और ममता बनर्जी इसका जवाब किस तरह देती हैं।

Unknown जून 9, 2026 0
Lalit Modi speaks about Sushmita Sen and defends her against gold digger allegations years after their relationship
ललित मोदी ने सुष्मिता सेन का किया बचाव, बोले- "वह गोल्ड डिगर नहीं, मैं था डायमंड डिगर"

सालों बाद रिश्ते पर बोले ललित मोदी पूर्व आईपीएल चेयरमैन Lalit Modi ने अभिनेत्री Sushmita Sen के साथ अपने रिश्ते को लेकर पहली बार खुलकर बात की है। उन्होंने उन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें सुष्मिता को "गोल्ड डिगर" कहा गया था। ललित मोदी ने कहा कि सुष्मिता आर्थिक रूप से बेहद मजबूत और आत्मनिर्भर महिला हैं, और उनके रिश्ते का पैसों से कोई लेना-देना नहीं था। "मैं था Kept Boyfriend, सुष्मिता करती थीं खर्च" एक हालिया इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा कि सुष्मिता सेन बेहद सफल और समृद्ध महिला हैं। उन्होंने बताया कि कई मौकों पर सुष्मिता खुद खर्च उठाती थीं और उन्हें कभी किसी चीज़ की अपेक्षा नहीं रही। ललित मोदी ने कहा, "सुष्मिता के पास जितने हीरे हैं, उतने मैंने शायद किसी और के पास नहीं देखे। वह खुद के दम पर सफल बनी हैं। एक समय ऐसा भी था जब मैं उनके साथ बाहर जाता था और मुझे कुछ भी भुगतान नहीं करना पड़ता था। वह हर चीज़ का खर्च खुद उठाती थीं।" उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, "अगर किसी को गोल्ड डिगर कहना है, तो सुष्मिता नहीं बल्कि मैं डायमंड डिगर था, और वह खुद एक हीरा हैं।" सोशल मीडिया पोस्ट ने मचा दिया था हंगामा ललित मोदी ने उस वायरल सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने पहली बार सुष्मिता सेन के साथ अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया था। उन्होंने बताया कि यह पोस्ट उन्होंने सुष्मिता के सामने ही साझा की थी। उनके मुताबिक, दोनों एक फ्लाइट में यात्रा कर रहे थे और किसी बात पर बहस चल रही थी। सुष्मिता को यकीन नहीं था कि वह तस्वीरें पोस्ट करेंगे, लेकिन ललित मोदी ने अचानक पोस्ट शेयर कर दी। उन्होंने कहा, "जब हम लंदन पहुंचे तो हर तरफ उसी की चर्चा थी। इंटरनेट पर जैसे भूचाल आ गया था, लेकिन मुझे इसका कोई पछतावा नहीं है।" दूरी बनी रिश्ते की सबसे बड़ी वजह ललित मोदी ने बताया कि उनका और सुष्मिता का रिश्ता बेहद खास था, लेकिन अलग-अलग देशों में रहने और व्यस्त पेशेवर जीवन के कारण यह रिश्ता आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने कहा कि सुष्मिता ने उनके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाला और वह आज भी उनकी अच्छी दोस्त हैं। साथ ही उन्होंने सुष्मिता की एकल माता के रूप में उनकी भूमिका की भी जमकर सराहना की। 2022 में सुष्मिता ने भी दिया था करारा जवाब जब 2022 में उनके रिश्ते की खबर सामने आई थी, तब सोशल मीडिया पर सुष्मिता सेन को "गोल्ड डिगर" कहकर ट्रोल किया गया था। इस पर अभिनेत्री ने एक लंबी पोस्ट लिखते हुए आलोचकों को जवाब दिया था। उन्होंने लिखा था कि उन्हें सोने से ज्यादा हीरे पसंद हैं और वे उन्हें खुद खरीदने में सक्षम हैं। सुष्मिता ने स्पष्ट किया था कि दूसरों की राय उनके आत्मसम्मान या जीवन को प्रभावित नहीं करती। आज भी कायम है सम्मान हालांकि दोनों अब साथ नहीं हैं, लेकिन ललित मोदी के हालिया बयान से साफ है कि उनके मन में सुष्मिता सेन के लिए आज भी सम्मान और प्रशंसा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वह सुष्मिता के लिए हमेशा शुभकामनाएं रखते हैं और उनकी उपलब्धियों का सम्मान करते हैं।  

surbhi जून 2, 2026 0
Actor Prakash Raj speaking in a viral video that sparked debate over remarks aimed at Prime Minister Narendra Modi
प्रकाश राज का पीएम मोदी पर तंज: ‘कॉकरोच ऐसे आम खाते हैं’ वाला वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

साउथ और बॉलीवुड फिल्मों के चर्चित अभिनेता Prakash Raj एक बार फिर अपने राजनीतिक तंज को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने एक वीडियो शेयर कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आम खाने की उनकी पसंद को लेकर व्यंग्य किया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है। प्रकाश राज ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह आम को काटकर उसमें आइसक्रीम मिलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि “कॉकरोच ऐसे आम खाते हैं” और प्रधानमंत्री की ओर इशारा करते हुए टिप्पणी की। वीडियो में क्या दिखा? वीडियो में प्रकाश राज आम को एक अनोखे तरीके से तैयार करते नजर आते हैं और इसे “कॉकरोच स्टाइल” खाने का उदाहरण बताते हैं। उन्होंने पोस्ट के साथ हैशटैग #CockroachJantaParty भी इस्तेमाल किया, जो पहले से ही सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। इस बयान के बाद यूजर्स दो हिस्सों में बंट गए हैं-कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी और राजनीतिक व्यंग्य बता रहे हैं, जबकि कई इसे प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी करार दे रहे हैं। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ विवाद की पृष्ठभूमि यह पूरा विवाद उस समय और तेज हुआ जब सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान “कॉकरोच” शब्द का इस्तेमाल बेरोजगार युवाओं के संदर्भ में किया गया। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर #CockroachJantaParty नाम से एक व्यंग्यात्मक अभियान शुरू हुआ, जिसने तेजी से लोकप्रियता हासिल की। इस ऑनलाइन आंदोलन से कई फिल्मी हस्तियों और सोशल मीडिया यूज़र्स के जुड़ने की भी खबरें सामने आईं। इसी डिजिटल ट्रेंड को आधार बनाकर अब यह मुद्दा राजनीतिक और सोशल मीडिया बहस का केंद्र बन गया है। पीएम मोदी की आम पसंद का संदर्भ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर आम को अपनी पसंदीदा फलों में शामिल बता चुके हैं। पुराने इंटरव्यू में भी उन्होंने आम के प्रति अपने लगाव का जिक्र किया था, जिसका हवाला देकर प्रकाश राज ने यह तंज कसा। सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया प्रकाश राज के इस वीडियो के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। समर्थक इसे व्यंग्य और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति बता रहे हैं, जबकि आलोचक इसे राजनीतिक मर्यादा से बाहर का बयान मान रहे हैं।  

surbhi मई 23, 2026 0
Rare albino buffalo nicknamed Donald Trump at a Bangladesh farm before Eid-ul-Adha sale
बांग्लादेश में बिक गया ‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम का भैंसा, बकरीद पर होगी कुर्बानी

बांग्लादेश में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के नाम पर रखा गया एक दुर्लभ एल्बिनो भैंसा इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। ढाका के पास नारायणगंज जिले के एक एग्रो फार्म में पाले गए इस भैंसे को उसकी अनोखी हेयरस्टाइल और हल्के गुलाबी रंग की वजह से सोशल मीडिया पर खूब लोकप्रियता मिली। अब यह भैंसा ईद-उल-अजहा (बकरीद) से पहले बिक चुका है और इसकी कुर्बानी दी जाएगी। हेयरस्टाइल की वजह से पड़ा ‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम भैंसे के मालिक जियाउद्दीन मैरदा ने बताया कि उन्होंने यह दुर्लभ एल्बिनो भैंसा करीब 10 महीने पहले राजशाही सिटी हाट से खरीदा था। इसके सिर पर मौजूद सफेद और घुंघराले बाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हेयरस्टाइल जैसे लगते थे। इसी वजह से उनके छोटे भाई ने मजाक में इसका नाम “डोनाल्ड ट्रंप” रख दिया। नाम सामने आने के बाद भैंसे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। बड़ी संख्या में लोग फार्म पर सिर्फ इस भैंसे को देखने पहुंचने लगे। फार्म मालिक का कहना है कि नाम केवल मजाक और पहचान के लिए रखा गया था। 700 किलो वजन, लाखों में हुआ सौदा चार साल के इस भैंसे का वजन करीब 700 किलोग्राम बताया गया है। इसे “लाइव वेट” यानी वजन के हिसाब से बेचा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी कीमत 550 टका प्रति किलो तय हुई। भैंसे को ओल्ड ढाका के व्यापारी मोहम्मद शोरोन ने खरीदा है। उन्होंने इसे ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी के लिए खरीदा है। हालांकि, मीडिया के पहुंचने पर खरीदार ने भैंसे को सार्वजनिक रूप से दिखाने से इनकार कर दिया। सोशल मीडिया वायरल होने के बाद बढ़ी चर्चा स्थानीय लोगों का मानना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस भैंसे को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता बढ़ गई थी। फार्म पर भीड़ जुटने लगी थी, इसलिए अब खरीदार इसे सार्वजनिक तौर पर दिखाने से बच रहे हैं। बांग्लादेश में बकरीद से पहले बड़े और दुर्लभ जानवरों की खरीद-फरोख्त हमेशा चर्चा में रहती है, लेकिन “डोनाल्ड ट्रंप” नाम के इस एल्बिनो भैंसे ने इस बार सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं।  

surbhi मई 23, 2026 0
Comedian Sunil Pal on stage during event where mic was taken away viral video incident
सम्मान समारोह में कॉमेडियन Sunil Pal के साथ बदसलूकी? माइक छीनकर स्टेज से हटाया, वीडियो वायरल

मनोरंजन जगत के जाने-माने कॉमेडियन Sunil Pal एक सम्मान समारोह के दौरान कथित तौर पर अपमानजनक स्थिति का सामना करते नजर आए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने दर्शकों और फैंस के बीच बहस छेड़ दी है। मंच पर बुलाया, लेकिन बोलने नहीं दिया कार्यक्रम में Sunil Pal को सम्मानित करने के लिए मंच पर आमंत्रित किया गया। उन्हें गुलदस्ता देकर सम्मान जताया गया, लेकिन जैसे ही उन्होंने कुछ शब्द कहने के लिए माइक लेने की कोशिश की, आयोजकों ने उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि कॉमेडियन विनम्रता से बार-बार अनुरोध करते हैं कि उन्हें कम से कम धन्यवाद देने दिया जाए। हालांकि, मंच पर मौजूद लोग उन्हें लगातार अपनी सीट पर लौटने का इशारा करते रहे। सोशल मीडिया पर गुस्सा घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कई लोगों ने इसे कलाकार का अपमान बताते हुए आयोजकों के व्यवहार की आलोचना की। कुछ प्रतिक्रियाएं इस तरह रहीं: “अगर बुलाया है तो सम्मान भी दीजिए” “यह बहुत असभ्य व्यवहार है” “किसी कलाकार को बोलने का मौका न देना गलत है” फैंस ने Sunil Pal के संयम और विनम्रता की भी सराहना की। वजह अब भी साफ नहीं इस पूरे घटनाक्रम के पीछे क्या कारण था, इसे लेकर अब तक आयोजकों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि यह विवाद कॉमेडियन के पहले दिए गए कुछ बयानों से जुड़ा हो सकता है। कौन हैं सुनील पाल? Sunil Pal ने साल 2005 में The Great Indian Laughter Challenge जीतकर पहचान बनाई थी। इसके बाद उन्होंने टीवी और लाइव शो के जरिए अपनी खास कॉमिक स्टाइल से दर्शकों के बीच जगह बनाई।  

surbhi अप्रैल 1, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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इंग्लैंड से सीरीज हार के बाद टीम इंडिया का होगा प्रदर्शन रिव्यू, BCCI करेगा खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ का मूल्यांकन

anjali kumari जुलाई 11, 2026 0