लंदन,एजेंसियां। आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ अब इंग्लैंड का सामना खिताबी मुकाबले में मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा। दोनों टीमों के बीच होने वाला फाइनल क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बेहद रोमांचक माना जा रहा है। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने बनाए 169 रन टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और टीम ने 23 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद कप्तान नैट स्किवर-ब्रंट ने 47 गेंदों पर 75 रन और हीदर नाइट ने 47 गेंदों पर 58 रन की शानदार पारी खेली। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 133 रन की रिकॉर्ड साझेदारी हुई, जिसकी बदौलत इंग्लैंड ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 169 रन बना लिए। दक्षिण अफ्रीका 129 रन पर ही सिमटी 170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट पर 129 रन ही बना सकी। ताज़मिन ब्रिट्स ने सर्वाधिक 51 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे बल्लेबाजों का पर्याप्त साथ नहीं मिला। इंग्लैंड की अनुशासित गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग के सामने दक्षिण अफ्रीका की टीम बेबस नजर आयी। नैट स्किवर-ब्रंट बनीं प्लेयर ऑफ द मैच चोट से वापसी कर रही कप्तान नैट स्किवर-ब्रंट ने मैच जिताऊ 75 रन की पारी खेली और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इंग्लैंड की ओर से लॉरेन बेल और चार्ली डीन ने दो-दो विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदों को झटका दिया। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से होगी टक्कर इस जीत के साथ इंग्लैंड ने आठ वर्षों बाद महिला टी20 विश्व कप के फाइनल में जगह बनाई है। अब उसका मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा, जिसने पहले सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। क्रिकेट प्रशंसकों को दोनों मजबूत टीमों के बीच रोमांचक खिताबी मुकाबले का इंतजार है। रोमांचक फाइनल का इंतजार क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच फाइनल मुकाबला बेहद कांटे का हो सकता है। दोनों टीमों के पास अनुभवी खिलाड़ी और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है। अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों की नजरें रविवार को होने वाले महिला टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल पर टिकी हैं।
नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जून 2026 में इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की बिक्री रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई। इस दौरान 1,93,495 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 75 प्रतिशत अधिक हैं। बिक्री के मामले में TVS Motor ने लगातार अपनी बादशाहत कायम रखी, जबकि Bajaj Auto ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए कंपनी को कड़ी चुनौती दी। वहीं, कभी बाजार में नंबर-1 रही Ola Electric अभी भी अपनी खोई हुई बढ़त वापस पाने की कोशिश कर रही है। छह महीने में 9.7 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री जनवरी से जून 2026 के बीच देशभर में 9,70,611 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिके। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 53 प्रतिशत की वृद्धि है। विशेषज्ञों का मानना है कि मई में पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद बड़ी संख्या में ग्राहकों ने इलेक्ट्रिक स्कूटर की ओर रुख किया, जिसका सीधा असर जून की बिक्री पर दिखाई दिया। TVS ने लगातार तीसरे महीने बनाए रखा दबदबा जून 2026 में TVS Motor ने 46,999 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बेचकर सबसे अधिक बिक्री दर्ज की। इसके साथ कंपनी की बाजार हिस्सेदारी लगभग 24 प्रतिशत रही। TVS लगातार तीसरे महीने 40 हजार से अधिक यूनिट बेचने में सफल रही है। इसी अवधि में कंपनी ने भारत में 10 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बिक्री का महत्वपूर्ण आंकड़ा भी पार कर लिया। Bajaj Chetak ने बढ़ाई प्रतिस्पर्धा Bajaj Auto ने जून में 43,234 यूनिट की बिक्री दर्ज की। कंपनी का लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर Chetak लगातार ग्राहकों की पसंद बना हुआ है। बाजार में Bajaj की हिस्सेदारी अब करीब 22 प्रतिशत तक पहुंच गई है और बिक्री के मामले में TVS और Bajaj के बीच का अंतर लगातार कम होता जा रहा है। Ather और Hero Vida की शानदार रफ्तार Ather Energy ने जून में 31,188 इलेक्ट्रिक स्कूटर बेचे, जो पिछले साल की तुलना में 95 प्रतिशत अधिक हैं। कंपनी का फैमिली स्कूटर Rizta बिक्री बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। वहीं Hero Vida ने सबसे तेज बढ़त दर्ज करते हुए जून में 21,792 यूनिट की बिक्री की। कंपनी की सालाना वृद्धि 175 प्रतिशत रही, जो इस सूची में सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन में से एक है। Ola Electric अभी भी वापसी की कोशिश में एक समय भारतीय इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार की सबसे बड़ी कंपनी रही Ola Electric जून में 16,144 यूनिट बेचकर पांचवें स्थान पर रही। हालांकि कंपनी की सालाना बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन पिछले पांच महीनों से उसकी मासिक बिक्री में लगातार सुधार देखने को मिला है। इससे संकेत मिलता है कि Ola Electric धीरे-धीरे अपनी बाजार हिस्सेदारी मजबूत करने की कोशिश कर रही है। Ampere और River Mobility ने भी दिखाया दम Ampere ने जून में 10,928 यूनिट की बिक्री दर्ज की और अपनी स्थिति मजबूत की। वहीं River Mobility ने 4,391 यूनिट बेचते हुए 214 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हासिल की, जो सभी प्रमुख कंपनियों में सबसे अधिक रही। इसके अलावा BGauss, E-Sprinto और Simple Energy भी जून 2026 में टॉप-10 इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों की सूची में शामिल रहीं। इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती मांग और नए मॉडल्स के लॉन्च के चलते भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार पहले से अधिक प्रतिस्पर्धी होता जा रहा है। TVS और Bajaj के बीच नंबर-1 की दौड़ तेज हो गई है, जबकि Ather, Hero Vida और Ola Electric भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही हैं। आने वाले महीनों में यह मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है।
भारत का इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और इसी बढ़ते बाजार पर अब वैश्विक कंपनियों की भी नजर है। वियतनाम की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी VinFast ने भारत में अपने नए इलेक्ट्रिक स्कूटर का डिजाइन पेटेंट कराया है। इस कदम को कंपनी की भारतीय ईवी टू-व्हीलर बाजार में एंट्री की मजबूत तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। अगर VinFast भारतीय बाजार में इस स्कूटर को लॉन्च करती है, तो इसका सीधा मुकाबला OLA Electric, TVS Motor, Bajaj Auto, Ather Energy और अन्य स्थापित कंपनियों के इलेक्ट्रिक स्कूटरों से होगा। कंपनी ने फिलहाल लॉन्च डेट और कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन पेटेंट दाखिल होने के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही इससे जुड़े और बड़े अपडेट सामने आ सकते हैं। भारत बना VinFast की रणनीति का अहम हिस्सा VinFast की पैरेंट कंपनी Vingroup भारत को अपने सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में शामिल कर रही है। कंपनी पहले ही भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों को लेकर अपनी योजनाओं का ऐलान कर चुकी है और हाल ही में अपनी Green SM इलेक्ट्रिक कैब सेवा के जरिए भी भारतीय बाजार में मौजूदगी दर्ज करा चुकी है। अब इलेक्ट्रिक स्कूटर का डिजाइन पेटेंट यह संकेत देता है कि कंपनी सिर्फ चार पहिया वाहनों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में भी अपनी मजबूत हिस्सेदारी बनाना चाहती है। प्रीमियम डिजाइन के साथ मिलेगा नया लुक पेटेंट इमेज के अनुसार नया इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी के मौजूदा VinFast Viper मॉडल से काफी मिलता-जुलता दिखाई देता है, लेकिन इसमें कई नए डिजाइन अपडेट किए गए हैं। संभावित डिजाइन फीचर्स में शामिल हैं— नया एलईडी हेडलाइट सेटअप इंटीग्रेटेड एलईडी डीआरएल नया फ्रंट फेंडर नीचे की ओर शिफ्ट किया गया VinFast लोगो बैट-विंग स्टाइल एलईडी टेललाइट 14 इंच के अलॉय व्हील स्टेप-अप सीट फ्लैट फ्लोरबोर्ड फुट पेग इन बदलावों के चलते स्कूटर का लुक पहले से अधिक मॉडर्न और प्रीमियम नजर आता है। फीचर्स में मिलेगी एडवांस टेक्नोलॉजी रिपोर्ट्स के अनुसार नए इलेक्ट्रिक स्कूटर में कई आधुनिक फीचर्स देखने को मिल सकते हैं। इनमें शामिल हैं— TFT डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर स्मार्ट-की सिस्टम कीलेस-गो फीचर स्मार्टफोन कनेक्टिविटी डिजिटल डिस्प्ले टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क गैस-चार्ज्ड ट्विन रियर शॉक एब्जॉर्बर फ्रंट डिस्क ब्रेक इन फीचर्स के साथ VinFast का यह स्कूटर प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर सेगमेंट में मजबूत दावेदारी पेश कर सकता है। 150 किलोमीटर तक की रेंज का दावा कंपनी के मौजूदा VinFast Viper मॉडल में 1.5kWh की फिक्स्ड बैटरी मिलती है, जिससे लगभग 82 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज प्राप्त होती है। इसके अलावा इसमें 1.15kWh की अतिरिक्त बैटरी लगाने का विकल्प भी दिया जाता है। दोनों बैटरियों के साथ कुल संभावित रेंज लगभग 150 किलोमीटर तक पहुंच जाती है, जो रोजाना शहर में आने-जाने वाले ग्राहकों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि भारत में आने वाले मॉडल में यही बैटरी सेटअप मिलेगा या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मोटर और परफॉर्मेंस मौजूदा VinFast Viper में 3000W पीक पावर वाला रियर हब मोटर मिलता है, जो लगभग 4bhp की पावर जनरेट करता है। इसकी टॉप स्पीड करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जाती है। यदि भारतीय मॉडल इसी पावरट्रेन के साथ लॉन्च होता है, तो यह शहरों में रोजमर्रा की यात्रा के लिए एक संतुलित और किफायती विकल्प बन सकता है। कब होगा लॉन्च? फिलहाल VinFast ने भारत में इस इलेक्ट्रिक स्कूटर की लॉन्च डेट, कीमत और आधिकारिक स्पेसिफिकेशन का खुलासा नहीं किया है। हालांकि डिजाइन पेटेंट दाखिल होने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि कंपनी जल्द ही भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में अपनी नई पेशकश के साथ दस्तक दे सकती है। यदि ऐसा होता है तो आने वाले समय में भारतीय ईवी बाजार में प्रतिस्पर्धा और भी तेज होने की संभावना है।
भारतीय टू-व्हीलर बाजार में 125cc सेगमेंट की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और इसी दौड़ में TVS Motor Company की स्पोर्टी बाइक TVS Raider 125 ने एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। दमदार डिजाइन, शानदार परफॉर्मेंस और बजट फ्रेंडली कीमत की वजह से यह बाइक युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुई है। अब लॉन्च के करीब पांच साल के भीतर इसकी कुल बिक्री 19 लाख यूनिट्स के आंकड़े को पार कर चुकी है। सितंबर 2021 में लॉन्च हुई TVS Raider 125 को शुरुआत से ही एक स्पोर्टी और फीचर-लोडेड कम्यूटर बाइक के रूप में पेश किया गया था। कम कीमत में स्पोर्ट्स बाइक जैसा लुक और आधुनिक फीचर्स मिलने के कारण कॉलेज स्टूडेंट्स और युवा राइडर्स ने इसे हाथोंहाथ लिया। यही वजह है कि यह बाइक लगातार 125cc सेगमेंट की टॉप सेलिंग मोटरसाइकिल्स में शामिल बनी हुई है। भारत के साथ विदेशों में भी बढ़ी मांग SIAM के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 तक TVS Raider 125 की कुल बिक्री 19 लाख यूनिट्स से अधिक हो चुकी है। इनमें घरेलू बाजार और एक्सपोर्ट दोनों के आंकड़े शामिल हैं। भारत में इसकी 16 लाख से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं, जबकि लगभग 2.86 लाख यूनिट्स विदेशी बाजारों में एक्सपोर्ट की गई हैं। बाइक की बढ़ती लोकप्रियता यह साबित करती है कि अब ग्राहक सिर्फ माइलेज नहीं, बल्कि डिजाइन, टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। Raider 125 ने इन सभी जरूरतों को संतुलित तरीके से पूरा किया है। हर साल बढ़ती गई Raider 125 की बिक्री पिछले कुछ वर्षों में Raider 125 की बिक्री लगातार मजबूत रही है। वित्त वर्ष 2024 कंपनी के लिए सबसे सफल वर्षों में से एक साबित हुआ, जब इसकी 4.78 लाख से अधिक यूनिट्स बिकीं। इसके बाद भी इसकी डिमांड कम नहीं हुई और FY2026 में बाइक की बिक्री 4.26 लाख यूनिट्स के पार पहुंच गई। स्पोर्टी स्टाइल, बेहतर फीचर्स और आकर्षक कीमत ने इसे युवाओं की पसंदीदा बाइक बना दिया है। यही कारण है कि 125cc सेगमेंट में इसकी पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है। कीमत और फीचर्स ने बनाया खास TVS Raider 125 की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत करीब 82,860 रुपये है, जबकि इसका टॉप वेरिएंट लगभग 98,550 रुपये तक जाता है। कंपनी इसे कई आकर्षक कलर ऑप्शंस में बेचती है, जिनमें रेड और येलो जैसे स्पोर्टी रंग खासतौर पर युवाओं को पसंद आ रहे हैं। फीचर्स की बात करें तो बाइक में डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, स्मार्ट कनेक्टिविटी, LED लाइटिंग और आरामदायक सीट जैसे आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं। इसका डिजाइन पारंपरिक कम्यूटर बाइक्स से काफी अलग और अधिक प्रीमियम नजर आता है। 5.8 सेकेंड में 60 की स्पीड TVS Raider 125 में 125cc का इंजन दिया गया है, जो 11.75Nm का टॉर्क जेनरेट करता है। कंपनी का दावा है कि यह बाइक 0 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड सिर्फ 5.8 सेकेंड में पकड़ सकती है। तेज एक्सीलरेशन, स्मूद राइडिंग और बेहतर कंट्रोल की वजह से यह बाइक शहर की सड़कों के साथ हाईवे पर भी अच्छा अनुभव देती है। यही परफॉर्मेंस इसे इस सेगमेंट की दूसरी बाइक्स से अलग पहचान दिलाती है। 125cc सेगमेंट में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा भारतीय बाजार में 125cc सेगमेंट तेजी से विस्तार कर रहा है। ग्राहक अब माइलेज के साथ स्पोर्टी डिजाइन और एडवांस फीचर्स भी चाहते हैं। ऐसे में TVS Raider 125 ने अपने टेक्नोलॉजी पैकेज और स्टाइलिश अपील के दम पर मजबूत ग्राहक आधार तैयार कर लिया है। आने वाले समय में इस सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है, लेकिन फिलहाल Raider 125 की रिकॉर्ड बिक्री TVS Motor Company के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
TVS Motor Company ने भारतीय इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए नया TVS iQube S 4.7 kWh वेरिएंट लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक स्कूटर को 1,37,142 रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर पेश किया है। नया मॉडल पुराने 3.5 kWh बैटरी वेरिएंट की जगह लेगा और इसमें ज्यादा रेंज के साथ कई एडवांस फीचर्स दिए गए हैं। बड़ी बैटरी, ज्यादा रेंज नए TVS iQube S में 4.7 kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया गया है। कंपनी के मुताबिक यह स्कूटर सिंगल चार्ज पर 175 किलोमीटर तक की IDC रेंज देने में सक्षम है, जो इसे लंबी दूरी के लिए और ज्यादा उपयोगी बनाता है। स्कूटर की इलेक्ट्रिक मोटर 5.9 hp की पीक पावर और 33 Nm का अधिकतम टॉर्क जनरेट करती है। वहीं इसकी टॉप स्पीड 82 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। शानदार परफॉर्मेंस परफॉर्मेंस के मामले में भी नया iQube S काफी दमदार नजर आता है। कंपनी का दावा है कि यह स्कूटर 0 से 40 kmph की रफ्तार सिर्फ 4.3 सेकंड में पकड़ सकता है। चार्जिंग की बात करें तो पोर्टेबल चार्जर की मदद से इसकी बैटरी को 0 से 80 प्रतिशत तक चार्ज होने में करीब 4 घंटे का समय लगता है। मिलेंगे कई स्मार्ट फीचर्स नया TVS iQube S कई प्रीमियम स्मार्ट फीचर्स के साथ आता है। इसमें– TFT डिस्प्ले स्मार्टफोन कनेक्टिविटी नेविगेशन सपोर्ट राइड स्टैटिस्टिक्स कॉल और नोटिफिकेशन अलर्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा स्कूटर में रिवर्स मोड, क्रैश अलर्ट, फॉल अलर्ट और एंटी-थेफ्ट अलर्ट जैसे सेफ्टी फीचर्स भी शामिल किए गए हैं। डस्ट और वाटर रेसिस्टेंट डिजाइन कंपनी ने इसके इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट्स को IP67 डस्ट और वाटर रेसिस्टेंस रेटिंग दी है, जिससे स्कूटर खराब मौसम और पानी से बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है। हार्डवेयर और ब्रेकिंग सिस्टम स्कूटर का कर्ब वेट 128.8 किलोग्राम है। इसकी सीट हाइट 770mm और ग्राउंड क्लीयरेंस 157mm रखा गया है। इसमें 12-इंच अलॉय व्हील्स के साथ दोनों तरफ 90/90-12 ट्यूबलेस टायर्स दिए गए हैं। ब्रेकिंग के लिए– फ्रंट में 220mm डिस्क ब्रेक रियर में 130mm ड्रम ब्रेक का सेटअप मिलता है। नए कलर ऑप्शन्स भी शामिल TVS ने नए बैटरी वेरिएंट के साथ दो नए कलर ऑप्शन्स भी पेश किए हैं– Magnificence Purple Beige Harlequin Blue Beige इसके अलावा स्कूटर Titanium Grey Matte रंग में भी उपलब्ध रहेगा।
भारतीय टू-व्हीलर बाजार में TVS Apache RTR 160 4V का 2026 मॉडल लॉन्च हो गया है। TVS Motor Company ने इस अपडेटेड वर्जन में डिजाइन और फीचर्स को बड़ा अपग्रेड दिया है, जिससे यह 160cc सेगमेंट में और भी मजबूत दावेदार बनकर उभरी है। फीचर्स में बड़ा अपग्रेड नई Apache RTR 160 4V के कई वेरिएंट्स में अब प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं, जो पहले केवल टॉप मॉडल तक सीमित थे। क्लास-D प्रोजेक्टर हेडलैंप के साथ LED DRLs फुल LED लाइटिंग सेटअप असिस्ट और स्लिपर क्लच (स्मूद डाउनशिफ्टिंग के लिए) ये अपडेट्स राइडिंग एक्सपीरियंस को ज्यादा आरामदायक और सेफ बनाते हैं। टॉप वेरिएंट में एडवांस टेक्नोलॉजी टॉप वेरिएंट में पहले की तरह हाई-एंड फीचर्स मौजूद हैं: USD फ्रंट फोर्क्स TFT डिजिटल डिस्प्ले ट्रैक्शन कंट्रोल अब इनमें से कुछ फीचर्स को निचले वेरिएंट्स में भी शामिल किया गया है, जिससे यह बाइक ज्यादा वैल्यू-फॉर-मनी बनती है। इंजन और परफॉर्मेंस नई Apache RTR 160 4V में 160cc का इंजन दिया गया है, जो 17.55 bhp की पावर जनरेट करता है। इसमें तीन राइडिंग मोड्स-Sport, Urban और Rain-दिए गए हैं, जिससे अलग-अलग रोड कंडीशन्स में बेहतर कंट्रोल मिलता है। स्मार्ट और प्रैक्टिकल फीचर्स TVS SmartXonnect (नेविगेशन और कॉल अलर्ट) रेडियल टायर्स (बेहतर ग्रिप के लिए) हाइड्रोफॉर्म्ड हैंडलबार (बेहतर हैंडलिंग) कीमत और उपलब्धता 2026 Apache RTR 160 4V की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹1,25,440 रखी गई है। यह बाइक देशभर में डीलरशिप्स पर उपलब्ध है। क्यों है यह अपडेट खास? इस अपडेट के साथ Apache RTR 160 4V अब न केवल ज्यादा फीचर-लोडेड हो गई है, बल्कि अपने सेगमेंट में बेहतर टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस का संतुलन भी पेश करती है। यह युवाओं और डेली राइडर्स दोनों के लिए आकर्षक विकल्प बन सकती है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।