जकार्ता, एजेंसियां। भारत और इंडोनेशिया ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को इंडोनेशिया की QRIS (Quick Response Code Indonesian Standard) भुगतान प्रणाली से जोड़ने की प्रक्रिया को तेज करने पर सहमति जताई। इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान को सरल, तेज और सुरक्षित बनाना है। पर्यटकों और कारोबारियों को मिलेगा बड़ा फायदा UPI-QRIS एकीकरण के बाद भारतीय पर्यटक और कारोबारी इंडोनेशिया में सीधे UPI के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। वहीं इंडोनेशियाई नागरिक भी भारत में अपनी घरेलू डिजिटल भुगतान प्रणाली का उपयोग कर लेनदेन कर सकेंगे। इससे विदेशी मुद्रा बदलने की आवश्यकता कम होगी और सीमा-पार व्यापार एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 2026 के अंत तक लक्ष्य पूरा करने की योजना दोनों देशों ने वर्ष 2026 के अंत तक UPI और QRIS के पूर्ण एकीकरण का लक्ष्य रखा है। इस परियोजना पर भारत की NPCI International और इंडोनेशिया की भुगतान एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। इसके साथ ही दोनों देशों ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क का बढ़ता वैश्विक विस्तार इंडोनेशिया के साथ यह साझेदारी भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार का मानना है कि UPI की अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ने से भारतीय यात्रियों, छात्रों, कारोबारियों और निवेशकों को विदेशों में तेज़ और सुविधाजनक भुगतान की सुविधा मिलेगी।
जकार्ता: भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटल भुगतान, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति Prabowo Subianto के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2018 में शुरू हुई भारत-इंडोनेशिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी अब नए दौर में प्रवेश कर रही है और दोनों देश रक्षा, अर्थव्यवस्था तथा तकनीक जैसे क्षेत्रों में मिलकर आगे बढ़ेंगे। ब्रह्मोस मिसाइल पर बनी सहमति दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को नई मजबूती देते हुए इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली उपलब्ध कराने पर सहमति बनाई है। हालांकि, मिसाइलों की संख्या और डील से जुड़े अन्य विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इसके अलावा रक्षा उत्पादन, सैन्य आदान-प्रदान, रक्षा उद्योग सहयोग और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनी है। महत्वपूर्ण खनिज और स्टील सेक्टर में निवेश भारत और इंडोनेशिया ने महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के लिए संयुक्त निवेश बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देश इस्पात, बिलेट और दुर्लभ स्थायी चुंबकों (रेयर अर्थ मैग्नेट) के निर्माण में सहयोग करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के लिए यह साझेदारी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। UPI और इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली होगी आपस में जुड़ी बैठक में भारत के डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म UPI को इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली से जोड़ने पर भी सहमति बनी। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा मिलेगा तथा यात्रियों और कारोबारियों के लिए भुगतान प्रक्रिया आसान होगी। सबांग पोर्ट के संयुक्त विकास पर सहमति भारत और इंडोनेशिया ने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सबांग पोर्ट के संयुक्त विकास पर भी सहमति जताई। मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित यह बंदरगाह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के समुद्री सहयोग और रणनीतिक उपस्थिति को और मजबूत करेगा। वैश्विक मुद्दों पर भी हुई चर्चा प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति समेत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में संवाद और कूटनीति सबसे प्रभावी रास्ता है। उन्होंने फलस्तीन मुद्दे पर भारत की दो-राष्ट्र समाधान की नीति और स्थायी शांति के समर्थन को भी दोहराया। साझेदारी का नया अध्याय बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध अब नए और मजबूत दौर में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगा।
नई दिल्ली/विक्टोरिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा के दौरान भारत और सेशेल्स ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, अंतरिक्ष, कृषि और शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 19 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के बीच हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद इन समझौतों की घोषणा की गई। इनका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना और द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि, बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग, यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली, एक्जिम बैंक के माध्यम से व्यापक ऋण सुविधा, और सेशेल्स के नए राष्ट्रीय अस्पताल की प्रारंभिक तैयारियों से जुड़े समझौतों पर सहमति बनी है। सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा को मिलेगा भारत का सहयोग भारत ने सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। भारत सेशेल्स को एक तेज गश्ती पोत (Fast Patrol Vessel) उपहार में देगा। इसके अलावा सेशेल्स रक्षा बल को 10 यूटिलिटी वाहन और पांच लेजर रेडियल श्रेणी की नौकाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। भारत ने यह भी घोषणा की कि सेशेल्स कोस्ट गार्ड के पोत पीएस जोरोस्टर के पुनर्निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही सेशेल्स के लिए उपलब्ध कराए गए डोर्नियर विमान को आधुनिक ग्लास कॉकपिट प्रणाली से अपग्रेड किया जाएगा। विकास परियोजनाओं को भी मिला बढ़ावा भारत ने विकास सहयोग के तहत सेशेल्स को छह एंबुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट भी सौंपा। इसके साथ ही भारत-सेशेल्स राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक स्मारक लोगो जारी किया गया। दोनों देशों ने व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा केंद्र की आधारशिला का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन भी किया। सेशेल्स में लागू होगी UPI आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली डिजिटल सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और सेशेल्स के केंद्रीय बैंक के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत सेशेल्स में भारत की यूपीआई (UPI) आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली को लागू किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई मजबूती मिलेगी। जन औषधि योजना के तहत मिलेंगी सस्ती भारतीय दवाएं स्वास्थ्य क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड और सेशेल्स के स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच हुए समझौते के तहत जन औषधि योजना के माध्यम से सेशेल्स के लोगों को उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती भारतीय दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा नए राष्ट्रीय अस्पताल की प्रारंभिक तैयारियों को लेकर भी समझौता हुआ है। शिक्षा, कृषि और अंतरिक्ष सहयोग का होगा विस्तार भारत और सेशेल्स ने विदेश सेवा प्रशिक्षण, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा, नाविकों के प्रशिक्षण और प्रमाणन की पारस्परिक मान्यता तथा बाह्य अंतरिक्ष की खोज और उसके शांतिपूर्ण उपयोग से जुड़े कई समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन समझौतों से दोनों देशों के बीच संस्थागत सहयोग और क्षमता निर्माण को नई गति मिलेगी। 50 वर्षों की दोस्ती को मिली नई दिशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर सेशेल्स पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इन 19 समझौतों के बाद भारत और सेशेल्स के संबंध केवल विकास सहयोग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समुद्री सहयोग और डिजिटल कनेक्टिविटी के नए दौर की शुरुआत भी करेंगे।
नई दिल्ली: भारत का डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) अब अफ्रीकी द्वीपीय देश सेशेल्स तक पहुंचने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सेशेल्स यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच UPI को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के बाद सेशेल्स भी उन देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जहां भारतीय यात्री UPI आधारित डिजिटल भुगतान का लाभ उठा सकेंगे। किन देशों में पहले से उपलब्ध है UPI? सेशेल्स के शामिल होने के बाद भारतीय UPI नेटवर्क का दायरा और बढ़ गया है। इससे पहले भारतीय पर्यटक निम्न देशों में UPI के जरिए मर्चेंट पेमेंट कर सकते हैं— सिंगापुर नेपाल भूटान श्रीलंका मॉरीशस संयुक्त अरब अमीरात कतर फ्रांस कंबोडिया अब इस सूची में सेशेल्स भी शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि सेशेल्स यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। इनमें UPI लागू करने, जन औषधि सहयोग, जलवायु परिवर्तन, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी शामिल है। भारतीय यात्रियों को क्या होगा फायदा? इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय पर्यटकों और व्यवसायियों को मिलेगा। मुख्य फायदे: नकद रखने की जरूरत कम होगी। डिजिटल भुगतान पहले से अधिक आसान होगा। भुगतान प्रक्रिया तेज और सुविधाजनक बनेगी। भारत और सेशेल्स के बीच फिनटेक सहयोग मजबूत होगा। सेशेल्स हिंद महासागर का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां हर वर्ष हजारों भारतीय पर्यटक छुट्टियां मनाने पहुंचते हैं। भारतीयों के लिए वीजा-फ्री डेस्टिनेशन भारतीय नागरिकों को सेशेल्स यात्रा के लिए पहले से वीजा लेने की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, पर्यटन उद्देश्य से पहुंचने वाले यात्रियों को आगमन पर Visitor Permit लेना होता है। सेशेल्स में भारतीय मूल के लोगों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति है। भारत से वहां चावल, दवाइयां, वस्त्र, वाहन, मशीनरी, स्पेयर पार्ट्स और प्लास्टिक उत्पादों का निर्यात किया जाता है। भारत की डिजिटल ताकत को मिल रही वैश्विक पहचान पिछले कुछ वर्षों में UPI दुनिया के सबसे सफल डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म में से एक बनकर उभरा है। अब इसका विस्तार लगातार नए देशों तक हो रहा है, जिससे सीमा पार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलने के साथ भारत की फिनटेक क्षमता को भी वैश्विक पहचान मिल रही है।
नई दिल्ली,एजेंसियां। आज के समय में UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के जरिए लाखों लोग रोजाना ऑनलाइन भुगतान करते हैं। लेकिन कई बार यूजर्स अपना UPI PIN भूल जाते हैं, जिससे भुगतान करना मुश्किल हो जाता है। पहले नया UPI PIN बनाने के लिए डेबिट (ATM) कार्ड की जरूरत पड़ती थी, लेकिन अब कई बैंक और UPI ऐप्स में आधार आधारित सत्यापन (Aadhaar Authentication) या बैंक की उपलब्ध सुविधा के जरिए बिना ATM कार्ड के भी नया UPI PIN सेट करने की सुविधा दी जा रही है। आइए जानते हैं पूरा प्रोसेस। UPI PIN क्या होता है? UPI PIN 4 या 6 अंकों का एक गोपनीय पासकोड होता है, जिसकी मदद से UPI के माध्यम से होने वाले हर भुगतान को सुरक्षित किया जाता है। सही PIN के बिना कोई भी लेनदेन पूरा नहीं किया जा सकता। किन UPI ऐप्स में यह सुविधा उपलब्ध है? कई प्रमुख UPI ऐप्स और बैंक समय-समय पर बिना ATM कार्ड के PIN रीसेट करने की सुविधा उपलब्ध कराते हैं, जैसे— BHIM UPI Google Pay PhonePe Paytm विभिन्न बैंकों के आधिकारिक UPI ऐप हालांकि यह सुविधा सभी बैंकों में उपलब्ध नहीं है। यह आपके बैंक की नीतियों और ऐप के नवीनतम फीचर्स पर निर्भर करती है। बिना ATM कार्ड के नया UPI PIN कैसे बनाएं? Step 1 अपना UPI ऐप खोलें और बैंक अकाउंट वाले सेक्शन में जाएं। Step 2 जिस बैंक खाते का PIN बदलना है, उसे चुनें। Step 3 Forgot UPI PIN या Reset UPI PIN विकल्प पर क्लिक करें। Step 4 यदि आपका बैंक यह सुविधा देता है, तो Aadhaar Verification या उपलब्ध वैकल्पिक सत्यापन विकल्प चुनें। Step 5 आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करें। Step 6 अब नया 4 या 6 अंकों का UPI PIN बनाएं और दोबारा दर्ज करके पुष्टि करें। इसके बाद आपका नया UPI PIN सक्रिय हो जाएगा। अगर बिना ATM कार्ड का विकल्प नहीं दिख रहा है तो क्या करें? यदि आपके बैंक में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो: डेबिट (ATM) कार्ड की मदद से नया UPI PIN सेट करें। या अपने बैंक की शाखा अथवा ग्राहक सेवा से संपर्क करें। सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नंबर बैंक खाते से लिंक हो। नया UPI PIN बनाते समय रखें इन बातों का ध्यान जन्मतिथि, मोबाइल नंबर या 1234 जैसे आसान PIN न रखें। PIN किसी के साथ साझा न करें। OTP किसी को न बताएं। समय-समय पर UPI PIN बदलते रहें। केवल आधिकारिक UPI ऐप का ही उपयोग करें। UPI PIN बार-बार गलत डालने पर क्या होता है? यदि आप लगातार कई बार गलत PIN दर्ज करते हैं, तो सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए UPI सेवा अस्थायी रूप से ब्लॉक हो सकती है। ऐसे में थोड़ी देर बाद दोबारा प्रयास करें या बैंक से संपर्क करें।
रांची। झारखंड के साहिबगंज जिले में साइबर अपराधियों ने एक युवक को निशाना बनाते हुए उसके बैंक खाते से 96,666 रुपये की अवैध निकासी कर ली। नगर थाना क्षेत्र के कृष्णानगर स्थित एन क्लब के सामने रहने वाले शंकर मंडल ने इस संबंध में थाना में लिखित शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल फोन को हैक कर यूपीआई के माध्यम से रकम निकाल ली। चार्जिंग पर लगाया फोन, लौटे तो स्क्रीन हो चुकी थी ब्लैक शंकर मंडल के अनुसार, 6 जून 2026 को उन्होंने अपना मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाया और कुछ देर के लिए बाहर चले गए। वापस लौटने पर उन्होंने देखा कि मोबाइल की स्क्रीन पूरी तरह ब्लैक हो चुकी थी। फोन के भीतर से ऑडियो जैसी आवाजें आ रही थीं, लेकिन स्क्रीन पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। काफी प्रयास के बावजूद फोन सामान्य नहीं हुआ। लगभग 15 से 20 मिनट बाद मोबाइल स्वतः चालू हो गया। बिना ओटीपी और कॉल के खाते से निकली रकम मोबाइल चालू होने के बाद उन्हें बैंक खाते से राशि निकासी का संदेश प्राप्त हुआ। संदेश की जांच करने पर पता चला कि उनके खाते से यूपीआई के जरिए 96,666 रुपये ट्रांसफर कर लिए गए हैं। पीड़ित का कहना है कि इस दौरान उन्हें कोई ओटीपी, बैंक कॉल या अन्य सत्यापन संदेश प्राप्त नहीं हुआ। इससे उन्हें आशंका है कि साइबर अपराधियों ने मोबाइल डिवाइस को हैक कर बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बनाई। राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर भी दर्ज कराई शिकायत घटना के बाद शंकर मंडल ने राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही नगर थाना में आवेदन देकर राशि वापस दिलाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने जांच शुरू की नगर थाना प्रभारी अमित गुप्ता ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस साइबर ठगी से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नई दिल्ली: भारत की वित्तीय व्यवस्था को अगले स्तर पर ले जाने के लिए Reserve Bank of India (RBI) ने अपनी मीडियम-टर्म रणनीति ‘उत्कर्ष 2029’ पेश की है। गवर्नर Sanjay Malhotra के नेतृत्व में तैयार इस फ्रेमवर्क का लक्ष्य है - लोन को सस्ता और आसान बनाना, UPI को वैश्विक स्तर पर विस्तार देना और eRupee को आम लेनदेन का हिस्सा बनाना। यह रणनीति 2026 से 2029 के बीच लागू होगी, जिसमें कुल 49 लक्ष्यों को छह बड़े स्तंभों में बांटा गया है। इसका उद्देश्य भारत के वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को अधिक आधुनिक, सरल और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना है। क्या बदलने वाला है? RBI की बड़ी तैयारी RBI का फोकस सिर्फ नीतियां बनाने पर नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर प्रभावी बनाने पर है। इसके तहत: पुराने नियमों और सर्कुलर को सरल और आधुनिक बनाया जाएगा बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए प्रक्रियाएं आसान होंगी शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत किया जाएगा जोखिम प्रबंधन (Risk Assessment) को और बेहतर किया जाएगा मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर में ऑटोमेशन और सेंट्रल क्लियरिंग को बढ़ावा मिलेगा डिजिटल और टेक्नोलॉजी क्षमताओं का विस्तार किया जाएगा अब लोन लेना होगा आसान और सस्ता RBI का सबसे बड़ा फोकस आम लोगों और छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज को आसान बनाना है। इसके लिए Unified Lending Interface (ULI) का विस्तार किया जाएगा। कम कागजी प्रक्रिया तेज अप्रूवल कम लागत पर लोन किसानों और छोटे व्यापारियों तक आसान पहुंच इससे फाइनेंसिंग का लोकतंत्रीकरण होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। UPI और रुपया बनेगा ग्लोबल UPI को दुनिया भर में फैलाने की योजना इस विजन का अहम हिस्सा है। अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में UPI का उपयोग व्यापार में भारतीय रुपये की हिस्सेदारी बढ़ाना डॉलर पर निर्भरता कम करना इससे विदेशी लेनदेन की लागत घटेगी और भारत की आर्थिक ताकत वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी। eRupee: डिजिटल करेंसी का अगला चरण eRupee (CBDC) को लेकर RBI की योजना काफी महत्वाकांक्षी है: दो देशों के केंद्रीय बैंकों के बीच सीधे ट्रांजैक्शन रियल-टाइम और सस्ता अंतरराष्ट्रीय भुगतान बिना इंटरनेट के भी भुगतान की सुविधा सरकारी सब्सिडी और योजनाओं में लक्षित उपयोग eRupee डिजिटल कैश की तरह काम करेगा - सुरक्षित, तेज और ट्रैक करने में आसान। आम आदमी और अर्थव्यवस्था पर असर लोन सस्ता और जल्दी मिलेगा छोटे व्यापारियों और किसानों को बड़ा फायदा विदेशी व्यापार में लागत घटेगी रुपये की वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ेगी डिजिटल पेमेंट सिस्टम और मजबूत होगा
ICICI बैंक के CEO संदीप बख्शी ने कहा है कि भारत इस समय एक “गोल्डीलॉक्स मोमेंट” में है—यानी ऐसा दौर जहां आर्थिक विकास, स्थिरता और वैश्विक भरोसा संतुलित रूप से एक साथ नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह बात IIM जम्मू के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कही। क्या है ‘गोल्डीलॉक्स मोमेंट’? ऐसा आर्थिक माहौल जो न ज्यादा गर्म (ओवरहीटेड) हो और न ठंडा (सुस्त) संतुलित ग्रोथ, नियंत्रित महंगाई और स्थिर अर्थव्यवस्था निवेश और विकास के लिए आदर्श स्थिति डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बना गेमचेंजर बख्शी ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना की, जिसमें शामिल हैं: आधार (Aadhaar) UPI (Unified Payments Interface) इनके जरिए वित्तीय समावेशन बढ़ा कार्यकुशलता में सुधार हुआ इनोवेशन को बढ़ावा मिला IIM जम्मू में 520 छात्रों को डिग्री दीक्षांत समारोह में कुल 520 छात्रों को डिग्रियां दी गईं: MBA: 289 छात्र MBA (Healthcare): 77 Executive MBA: 31 IPM: 123 यह संस्थान और छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। युवाओं के लिए संदेश संदीप बख्शी ने कहा: भारत में अवसरों की कमी नहीं है लेकिन सफलता के लिए जरूरी है: दृढ़ता (Resilience) अनुकूलनशीलता (Adaptability) सही नजरिया (Right Mindset) AI और इंडस्ट्री पर जोर IIM जम्मू के चेयरमैन मिलिंद पी. कांबले ने कहा: भारत सिर्फ बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं बनना चाहता बल्कि मजबूत उद्योग AI साक्षरता शिक्षा और राष्ट्रीय जरूरतों के बीच तालमेल पर भी फोकस कर रहा है
1 अप्रैल 2026 से भारत में नया वित्तीय वर्ष FY 2026-27 शुरू हो चुका है। इस दिन को लेकर हर साल की तरह इस बार भी ग्राहकों के मन में सवाल है कि बैंक खुले हैं या बंद। Reserve Bank of India (RBI) की गाइडलाइन के अनुसार, 1 अप्रैल को देश के अधिकांश राज्यों में बैंक बंद रहते हैं, क्योंकि यह दिन “Annual Closing of Accounts” के लिए निर्धारित होता है। किन राज्यों में बैंक बंद और कहां खुले? इस बार भी अधिकतर राज्यों में बैंक शाखाएं बंद हैं। हालांकि, कुछ राज्यों में बैंक सामान्य रूप से खुले हैं: मिजोरम सिक्किम नागालैंड झारखंड मेघालय हिमाचल प्रदेश इन राज्यों में ग्राहक बैंक जाकर सामान्य लेन-देन कर सकते हैं, जबकि बाकी राज्यों में शाखा सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी। क्या डिजिटल बैंकिंग सेवाएं चलेंगी? भले ही बैंक शाखाएं बंद हों, लेकिन ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है। ATM UPI मोबाइल बैंकिंग इंटरनेट बैंकिंग सभी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी। हालांकि, चेक क्लियरेंस और कुछ बैंकिंग प्रोसेस में देरी हो सकती है। हर महीने कब-कब बंद रहते हैं बैंक? RBI के नियमों के मुताबिक: दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहते हैं पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को बैंक खुले रहते हैं (यदि कोई विशेष अवकाश न हो) अप्रैल 2026 में अन्य प्रमुख बैंक छुट्टियां अप्रैल महीने में अलग-अलग राज्यों में कई त्योहारों और अवसरों पर बैंक बंद रहेंगे, जैसे: मौंडी थर्सडे गुड फ्राइडे डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती बैसाखी / बोहाग बिहू / तमिल न्यू ईयर अक्षय तृतीया
सिडनी सेमिनार में बोले – ‘पीएम मोदी बेहद समर्पित और अलग सोच वाले नेता’ कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi की कार्यशैली और समर्पण की खुलकर प्रशंसा की है। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में आयोजित एक सेमिनार के दौरान कार्नी ने कहा कि मोदी एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने पिछले 25 वर्षों में एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली। सिडनी में Lowy Institute द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए कार्नी ने हाल ही में भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी से हुई अपनी मुलाकात के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि मोदी का काम के प्रति समर्पण और ऊर्जा उन्हें दुनिया के अन्य नेताओं से अलग बनाती है। ‘मोदी बेहद मेहनती और लक्ष्य पर केंद्रित नेता’ कार्नी ने कहा कि चाहे वह गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल रहा हो या फिर भारत के प्रधानमंत्री के रूप में, मोदी लगातार सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा, “वह बेहद अलग तरह के नेता हैं। पिछले 25 वर्षों में उन्होंने एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली। सप्ताहांत पर भी वह अक्सर जनसभाओं में शामिल होते हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग उनकी रैलियों में पहुंचते हैं।” UPI और वित्तीय सुधारों की भी सराहना कनाडाई प्रधानमंत्री ने भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था में हुए बदलावों की भी तारीफ की। उन्होंने विशेष रूप से Unified Payments Interface (UPI) का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे करोड़ों लोगों तक सीधे और पारदर्शी तरीके से आर्थिक सहायता पहुंचाने में मदद मिली है। कार्नी के अनुसार, मोदी की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीण परिवारों तक पहुंचे और बीच में किसी तरह की गड़बड़ी या रिसाव न हो। इस दिशा में डिजिटल भुगतान प्रणाली और वित्तीय सुधारों ने बड़ी भूमिका निभाई है। भारत-कनाडा संबंधों में ‘नई शुरुआत’ कार्नी की हालिया भारत यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा देना था। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में आई ठंडक के बाद अब सहयोग के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं। इस दौरान दोनों नेताओं की मौजूदगी में तकनीक, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए कई समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान हुआ। ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर कार्नी ने कहा कि कनाडा भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बताया कि कनाडा की कंपनी Cameco ने भारत को दीर्घकालिक आधार पर यूरेनियम आपूर्ति करने के लिए समझौता किया है। इसके साथ ही दोनों देश रक्षा सहयोग समझौते को भी फिर से सक्रिय करने की दिशा में काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच मजबूत सामाजिक संबंध कनाडाई प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर मजबूत रिश्ते हैं। उनके अनुसार, कनाडा में लगभग 20 लाख लोग भारतीय मूल के हैं और हर साल हजारों लोग दोनों देशों के बीच यात्रा करते हैं। इन गहरे सामाजिक और आर्थिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए भारत और कनाडा के बीच साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में प्रयास जारी हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।