मैनचेस्टर, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने रोमांचक अंदाज में 4 विकेट से जीत दर्ज कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 190/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया, लेकिन इंग्लैंड ने 19 ओवर में 191/6 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने संभाली भारतीय पारी टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की शुरुआत तेज रही। अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 43 रन, जबकि ईशान किशन ने 40 गेंदों पर 49 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर 10 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें दो छक्के शामिल रहे। अंत में तिलक वर्मा की उपयोगी पारी की बदौलत भारत ने 190/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड की ओर से सैम करन ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। जैकब बेथेल की विस्फोटक पारी ने पलटा मैच 191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। फिल सॉल्ट और जोस बटलर पहले ही ओवर में बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में नाबाद 76 रन बनाए। उन्हें हैरी ब्रूक (39 रन) और टॉम बैंटन (39 रन) का अच्छा साथ मिला। इंग्लैंड ने 19वें ओवर में लक्ष्य हासिल कर मुकाबला जीत लिया। अर्शदीप की शानदार गेंदबाजी भी नहीं बचा सकी भारत को भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 40 रन देकर 3 विकेट झटके। अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती को एक-एक सफलता मिली, लेकिन डेथ ओवरों में भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके। मैच का निर्णायक मोड़ रवि बिश्नोई का 17वां ओवर रहा, जिसमें इंग्लैंड ने तेजी से 29 रन बटोरे और जीत की नींव रखी।
मैनचेस्टर, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे बेबी बॉस के नाम से मशहूर वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यादगार डेब्यू किया। महज 15 साल की उम्र में भारतीय टीम की जर्सी पहनने वाले वैभव ने अपने पहले ही मैच में बेखौफ बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हालांकि भारत को इस मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन युवा बल्लेबाज की पारी चर्चा का केंद्र रही। डेब्यू मैच में दिखाई आक्रामक बल्लेबाजी भारत की पारी के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने 10 गेंदों में 14 रन बनाए। अपनी छोटी लेकिन प्रभावशाली पारी में उन्होंने 2 शानदार छक्के लगाए और शुरुआत से ही इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। उनके आत्मविश्वास और शॉट चयन की क्रिकेट विशेषज्ञों ने जमकर तारीफ की। सबसे कम उम्र में भारत के लिए T20I खेलने वालों में शामिल वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय टी20 खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। घरेलू क्रिकेट और जूनियर स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका मिला और उन्होंने अपने पहले ही मैच में सकारात्मक संकेत दिए। भविष्य के स्टार के रूप में देख रहे विशेषज्ञ पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी में लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए खेलने की क्षमता है। हालांकि डेब्यू मैच में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उनके आत्मविश्वास, आक्रामक अंदाज और दबाव में खेलने की क्षमता ने यह संकेत दिया कि भारतीय क्रिकेट को एक नया प्रतिभाशाली बल्लेबाज मिल सकता है। अब सभी की नजर सीरीज के अगले मुकाबलों में उनके प्रदर्शन पर रहेगी।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। शास्त्री का मानना है कि इतनी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को लंबे समय तक बेंच पर बैठाकर रखना भारतीय टीम के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि वैभव को आयरलैंड दौरे पर ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलना चाहिए था, क्योंकि वहां की परिस्थितियां उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पूरी तरह अनुकूल थीं। सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान शास्त्री ने कहा कि आयरलैंड की धीमी और स्पंजी पिचों पर वैभव सूर्यवंशी विरोधी गेंदबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकते थे। उनके मुताबिक वहां के छोटे मैदान और बल्लेबाजी के अनुकूल हालात युवा बल्लेबाज को अपनी स्वाभाविक शैली में खेलने का बेहतरीन अवसर देते। 'आयरलैंड में खेलता तो गेंदबाजों पर भारी पड़ता' रवि शास्त्री ने कहा, "उसे आयरलैंड में खेलना चाहिए था। वहां की पिचें धीमी और स्पंजी होती हैं। वह वहां छप्पर फाड़ बल्लेबाजी करता। मैदान भी छोटे हैं। अब इंग्लैंड में उसे मौका मिलेगा या नहीं, यह कहना मुश्किल है।" शास्त्री के इस बयान ने टीम चयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उनका मानना है कि युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए उन्हें सही समय पर अवसर मिलना बेहद जरूरी है। 'बेंच गर्म करने के लिए नहीं है ऐसा खिलाड़ी' पूर्व भारतीय कोच ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी को सिर्फ रिजर्व के तौर पर बैठाकर रखना सही रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा, "उसे जितनी जल्दी हो सके खिलाइए। उसने आईपीएल में लगभग हर गेंदबाज की धुनाई की है। ऐसा कौन-सा तेज गेंदबाज है जिसे उसने नहीं पीटा? आप उसे सिर्फ बेंच गर्म करने के लिए बैठा रहे हैं।" शास्त्री का मानना है कि ऐसे निडर खिलाड़ी मैच का रुख कुछ ही ओवरों में बदलने की क्षमता रखते हैं और टीम को तेज शुरुआत दिलाकर विपक्ष पर दबाव बना सकते हैं। भारत के लिए बन सकते हैं एक्स-फैक्टर रवि शास्त्री के अनुसार वैभव सूर्यवंशी में वह आत्मविश्वास, निडरता और आक्रामक सोच है जो आधुनिक टी20 क्रिकेट की सबसे बड़ी जरूरत है। उनका मानना है कि शुरुआती ओवरों में तेज रन बनाने की क्षमता टीम के मध्यक्रम का दबाव कम कर सकती है और मैच का पूरा समीकरण बदल सकती है। इसी वजह से उन्होंने टीम मैनेजमेंट से जल्द से जल्द वैभव को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने पर विचार करने की अपील की। सहायक कोच ने भी माना- तैयार हैं वैभव भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने भी स्वीकार किया कि वैभव सूर्यवंशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा टीम संयोजन के कारण उन्हें अभी इंतजार करना होगा। उनके अनुसार टीम मैनेजमेंट उन खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर देना चाहता है जिन्होंने हाल के महीनों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। इसलिए फिलहाल किसी खिलाड़ी को बाहर करना आसान फैसला नहीं है। राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं तारीफ वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की सराहना इससे पहले पूर्व भारतीय कप्तान और कोच राहुल द्रविड़ भी कर चुके हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ काम करते हुए द्रविड़ ने उन्हें "अनूठी प्रतिभा" बताया था और उनके उज्ज्वल भविष्य की भविष्यवाणी की थी। अब सबकी नजर टीम मैनेजमेंट के फैसले पर आईपीएल में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से सुर्खियां बटोर चुके वैभव सूर्यवंशी को लेकर उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। रवि शास्त्री के बयान के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को जल्दी मौका देने की रणनीति अपनाएगा। अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर टिकी है कि वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का अवसर आखिर कब मिलता है और वह अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर किस तरह साबित करते हैं।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण अभी भी टल गया है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भी युवा बल्लेबाज को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली। इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैचों में भी वह बेंच पर ही बैठे रहे थे। हालांकि क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर का मानना है कि डेब्यू में देरी से उम्मीदें और दबाव जरूर बढ़ता है, लेकिन इतनी कम उम्र में खिलाड़ी इन बातों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेता। भारत और इंग्लैंड के बीच चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने अपने अनुभवी टॉप ऑर्डर पर भरोसा जताया और वैभव को एक बार फिर अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया। इसके बाद उनके डेब्यू को लेकर चर्चा और तेज हो गई। 'जितना लंबा इंतजार, उतना बड़ा दबाव' सोनी स्पोर्ट्स पर बातचीत के दौरान सुनील गावस्कर ने कहा कि जब किसी खिलाड़ी के डेब्यू में लगातार देरी होती है तो उसके प्रदर्शन को लेकर लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, "जब भी वैभव को मौका मिलेगा, तब तक का यह लंबा इंतजार उनके ऊपर थोड़ा अतिरिक्त दबाव जरूर डालेगा। लेकिन 15 साल की उम्र में खिलाड़ी दबाव के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। उसे सिर्फ अपना खेल खेलने की चिंता होती है।" गावस्कर ने यह भी कहा कि वैभव अच्छी तरह जानते हैं कि जब भी उन्हें मौका मिलेगा, उन्हें अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीतना होगा। सीनियर खिलाड़ियों के बीच सीखने का मिल रहा है मौका पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि फिलहाल वैभव के लिए सबसे बड़ा फायदा भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा होना है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम इस समय अनुभवी और विश्वस्तरीय खिलाड़ियों से भरी हुई है। ऐसे माहौल में रहकर युवा खिलाड़ी बहुत कुछ सीख सकता है। नेट्स में अभ्यास करना, टीम मीटिंग्स का हिस्सा बनना और सीनियर खिलाड़ियों के साथ समय बिताना भी किसी बड़े अनुभव से कम नहीं है। गावस्कर के मुताबिक, वैभव इस समय टीम के साथ रहकर मिलने वाले अनुभव का पूरा आनंद ले रहे होंगे और यही उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। पहला टी20 बारिश की भेंट चढ़ा भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज का पहला टी20 मुकाबला बारिश के कारण बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए। भारतीय पारी में: अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 59 रनों की विस्फोटक पारी खेली। कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार 68 रन बनाए। शिवम दुबे ने अंत में नाबाद 42 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि संजू सैमसन, ईशान किशन और उपकप्तान तिलक वर्मा बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे। इसके बाद लगातार बारिश होने के कारण इंग्लैंड अपनी पारी शुरू ही नहीं कर सका और मुकाबला रद्द घोषित कर दिया गया। अब मैनचेस्टर पर टिकी निगाहें अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा टी20 मुकाबला 4 जुलाई को मैनचेस्टर में खेला जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिलेगा या उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा। अगर उन्हें मौका मिलता है तो यह न सिर्फ उनके करियर का सबसे बड़ा दिन होगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक नया सितारा भी मिल सकता है।
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका विस्फोटक बल्लेबाजी प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनका मासूम अंदाज है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें फैंस का प्यार देखकर 15 वर्षीय बल्लेबाज शर्माते हुए अपना चेहरा हूडी से छिपाते नजर आ रहे हैं। मैदान पर बड़े-बड़े गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी करने वाले वैभव का यह सरल और विनम्र अंदाज क्रिकेट प्रशंसकों को खूब पसंद आ रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस इस वीडियो पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं। फैंस की आवाज सुनकर मुस्कुराए, फिर छिपा लिया चेहरा वायरल वीडियो कथित तौर पर इंग्लैंड का बताया जा रहा है, जहां भारतीय टीम आगामी पांच मैचों की टी20 सीरीज की तैयारी कर रही है। वीडियो में वैभव भारतीय टीम की ट्रेनिंग किट पहनकर वॉर्म-अप के दौरान मैदान का चक्कर लगा रहे हैं। इसी दौरान स्टैंड में मौजूद फैंस उनका नाम जोर-जोर से पुकारने लगते हैं। जैसे ही वैभव फैंस के करीब पहुंचते हैं, वह हल्की मुस्कान के साथ शर्मा जाते हैं और अपनी हूडी से चेहरा छिपा लेते हैं। उनका यह स्वाभाविक और सादगी भरा रिएक्शन अब इंटरनेट पर वायरल हो चुका है। टीम इंडिया में डेब्यू के लिए करना होगा इंतजार हालांकि वैभव सूर्यवंशी इस समय भारतीय टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं, लेकिन उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह मिलने के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है। पहले टी20 मुकाबले से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने संकेत दिए कि टीम प्रबंधन युवा खिलाड़ी को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि टॉप ऑर्डर में पहले से अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, जिन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में वैभव को अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के लिए सही अवसर का इंतजार करना होगा। कम उम्र में बना चुके हैं बड़ी पहचान वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आईपीएल 2026 में उन्होंने 16 पारियों में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसके बाद श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज में उन्होंने मात्र 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर लिस्ट-ए क्रिकेट के इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। उनके लगातार शानदार प्रदर्शन की वजह से क्रिकेट जगत में उन्हें 'वंडर किड' के नाम से भी पहचान मिलने लगी है। फैंस के बीच लगातार बढ़ रही लोकप्रियता वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी जितनी चर्चा में रहती है, उतनी ही उनकी सादगी भी लोगों को आकर्षित करती है। वायरल वीडियो में उनका शर्मीला अंदाज इस बात का संकेत देता है कि मैदान पर आत्मविश्वास से भरे नजर आने वाले इस युवा खिलाड़ी का स्वभाव निजी जीवन में बेहद विनम्र और शांत है। यही कारण है कि उनकी फैन फॉलोइंग लगातार बढ़ती जा रही है और क्रिकेट प्रेमी उनके अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आगाज 1 जुलाई से होगा। पहला मुकाबला चेस्टर-ले-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड में भारतीय समयानुसार रात 10:00 बजे खेला जाएगा। यह सीरीज दोनों टीमों के लिए नए टी20 चक्र की शुरुआत मानी जा रही है और 2028 टी20 विश्व कप की तैयारियों की दिशा में अहम साबित होगी। टीम इंडिया पर वापसी का दबाव आयरलैंड के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में हार के बाद भारतीय टीम बेहतर प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को अवसर देकर टीम के नए संयोजन को परखना चाहते हैं। पूर्व कप्तान Sunil Gavaskar ने भी युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को पहले मैच में मौका देने की वकालत की है। इंग्लैंड को घरेलू मैदान का भरोसा इंग्लैंड की टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर सीरीज जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। मेजबान टीम संतुलित बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी आक्रमण के दम पर भारत को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है। पांच मैचों की होगी सीरीज भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 सीरीज के मुकाबले 1, 4, 7, 9 और 11 जुलाई को खेले जाएंगे। इसके बाद दोनों टीमें तीन मैचों की वनडे सीरीज में आमने-सामने होंगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टी20 टीम में जगह बनाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अभी अपने अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा। आयरलैंड दौरे पर टीम में शामिल होने के बावजूद उन्हें दोनों टी20 मुकाबलों में अंतिम एकादश में मौका नहीं मिला, जबकि भारत को सीरीज में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वैभव के डेब्यू को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेसकाटे ने क्या कहा? टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेसकाटे ने साफ कहा कि वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन मौजूदा टीम संयोजन और अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के कारण उन्हें सही अवसर का इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके देकर उनका आत्मविश्वास बनाए रखना चाहता है। रेयान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा रेयान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी हाल ही में भारत की सफलता में अहम भूमिका निभा चुके हैं और उनका आईपीएल प्रदर्शन भी शानदार रहा है। ऐसे में टीम प्रबंधन किसी खिलाड़ी को जल्दबाजी में बाहर करने के बजाय उसे लगातार अवसर देना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैभव की प्रतिभा और तैयारी पर किसी तरह का संदेह नहीं है। आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने 237.30 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार जीता था। उनके आक्रामक खेल ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैच खेली जाएगी अब भारतीय टीम 1 जुलाई से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी। माना जा रहा है कि यदि शीर्ष क्रम के बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, तो वैभव सूर्यवंशी को बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का मौका मिल सकता है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इंग्लैंड दौरे पर टिकी है, जहां यह युवा बल्लेबाज भारतीय जर्सी में पहली बार मैदान पर उतर सकता है।
बेलफास्ट, एजेंसियां। भारत और आयरलैंड के बीच दूसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। पहले मैच में मिली 34 रन की हार के बाद भारतीय टीम सीरीज बराबर करने के इरादे से मैदान में उतरी है। प्रिंस यादव और सूर्यांश शेडगे का डेब्यू इस मुकाबले में भारत ने प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए हैं। प्रिंस यादव और सूर्यांश शेडगे को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला है। वहीं, युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लगातार दूसरे मैच में भी अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली है, जिससे उनके डेब्यू का इंतजार और बढ़ गया है। पहले टी20 में आयरलैंड ने भारत को हराकर इतिहास रचा था। अब मेजबान टीम पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीतने की कोशिश करेगी, जबकि भारत के सामने सीरीज 1-1 से बराबर करने की चुनौती है।
बेलफास्ट, एजेंसियां। भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा और अंतिम मुकाबला आज (28 जून) बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेला जाएगा। पहले टी20 में आयरलैंड ने भारत को 34 रन से हराकर इतिहास रच दिया था, ऐसे में आज का मुकाबला टीम इंडिया के लिए 'करो या मरो' जैसा बन गया है। अगर भारत जीतता है तो सीरीज 1-1 से बराबर होगी, जबकि हार की स्थिति में आयरलैंड पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज अपने नाम कर लेगा। श्रेयस अय्यर की कप्तानी की अग्निपरीक्षा यह सीरीज कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी अहम मानी जा रही है। पहले मैच में भारतीय बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। मैच से पहले अय्यर ने कहा कि भारतीय टीम अपनी गलतियों से सीखते हुए दूसरे मुकाबले में मजबूत वापसी करने के इरादे से उतरेगी। वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर टिकी नजरें दूसरे टी20 में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। पहले मैच में उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली थी, लेकिन दूसरे मुकाबले में टीम प्रबंधन उन्हें मौका दे सकता है। हालांकि अंतिम फैसला टॉस से पहले ही स्पष्ट होगा। पिच और मौसम रिपोर्ट बेलफास्ट की पिच बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों दोनों के लिए मददगार मानी जाती है। मौसम विभाग के अनुसार मैच के दौरान बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है, हालांकि पूरे मुकाबले के धुलने की आशंका कम है। कब और कहां देखें मुकाबला? भारत और आयरलैंड के बीच दूसरा टी20 मुकाबला आज शाम 6:00 बजे (भारतीय समयानुसार) शुरू होगा। मैच का सीधा प्रसारण टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और आयरलैंड के बीच खेले गए पहले टी20 मुकाबले में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में डेब्यू का मौका नहीं मिला। उनके टीम में शामिल होने के बाद से क्रिकेट प्रेमी उनके ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का इंतजार कर रहे थे, लेकिन प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलने से फैंस को निराशा हाथ लगी। कप्तान श्रेयस अय्यर ने बताई वजह मैच से पहले कप्तान श्रेयस अय्यर ने स्पष्ट किया कि टीम प्रबंधन ने बल्लेबाजी क्रम में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। शीर्ष क्रम में पहले से मौजूद खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए वैभव को इस मुकाबले में बेंच पर रखा गया है। उन्होंने संकेत दिया कि युवा खिलाड़ी को आगे के मैचों में मौका मिल सकता है। स्टेडियम में भी दिखा वैभव के प्रति फैंस का उत्साह हालांकि वैभव मैदान पर खेलने नहीं उतरे, लेकिन जब वह ड्रिंक्स लेकर मैदान में आए तो बेलफास्ट के स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया। सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थन में बड़ी संख्या में पोस्ट देखने को मिलीं। चयन को लेकर उठे सवाल वैभव को मौका नहीं मिलने के बाद कई क्रिकेट विशेषज्ञों और पूर्व खिलाड़ियों ने भी हैरानी जताई। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने प्रतिभाशाली खिलाड़ी को मौका मिलना चाहिए था। अगले मैच में डेब्यू की उम्मीद क्रिकेट प्रशंसकों को अब उम्मीद है कि सीरीज के अगले मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाएगा। यदि ऐसा होता है, तो वह कम उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और आयरलैंड के बीच आज खेले जाने वाले पहले टी20 मुकाबले में सभी की नजर 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर टिकी है। यदि उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है, तो वह भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का 36 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच सकते हैं। सचिन का रिकॉर्ड टूटने की दहलीज पर सचिन तेंदुलकर ने 1989 में 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। अब वैभव सूर्यवंशी इससे कम उम्र में डेब्यू कर भारतीय क्रिकेट के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बनने की दहलीज पर हैं। आईपीएल से टीम इंडिया तक का सफर वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में अपने आक्रामक बल्लेबाजी प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें पहली बार भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है। अब क्रिकेट प्रशंसकों को उनके डेब्यू का इंतजार है। नए कप्तान श्रेयस अय्यर की भी होगी परीक्षा आयरलैंड दौरे के साथ भारतीय टी20 टीम नए कप्तान श्रेयस अय्यर के नेतृत्व में नए अभियान की शुरुआत कर रही है। युवा खिलाड़ियों से सजी टीम से सीरीज में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें बेलफास्ट पर भारतीय टीम आयरलैंड के साथ 2 टी20 मैचों की सीरीज खेलेगी जिसका पहला टी20 मुकाबला आज बेलफास्ट में खेला जाएगा। अगर वैभव सूर्यवंशी को इस मैच में अंतिम एकादश में जगह मिलती है, तो यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक यादगार दिन बन सकता है।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शनों के दम पर वैभव ने बेहद कम उम्र में भारतीय सीनियर टीम में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उन्हें आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा या फिर उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना पड़ेगा? भारत और Ireland cricket team के बीच टी20 सीरीज की शुरुआत होने वाली है और टीम चयन को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उत्सुकता चरम पर है। वैभव ने अपने प्रदर्शन से मचाया तहलका वैभव सूर्यवंशी ने पिछले कुछ महीनों में जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। आईपीएल 2026 में उन्होंने 237.30 के शानदार स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। इसके बाद इंडिया ए के लिए त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में केवल 29 गेंदों पर 94 रन की तूफानी पारी खेलकर उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भी बनाया। इन्हीं प्रदर्शनों के दम पर उन्हें सीनियर टीम में जगह मिली और अब फैंस उनकी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एंट्री का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन मुश्किल है प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना वैभव की सबसे बड़ी चुनौती उनकी प्रतिभा नहीं, बल्कि टीम में पहले से मौजूद मजबूत प्रतिस्पर्धा है। भारतीय टीम में पहले से ही तीन स्थापित ओपनर मौजूद हैं: Sanju Samson Abhishek Sharma Ishan Kishan इन तीनों बल्लेबाजों ने हाल के समय में शानदार प्रदर्शन किया है और टीम प्रबंधन भी उन्हें लगातार मौके दे रहा है। ऐसे में चौथे ओपनर के रूप में वैभव की एंट्री चयनकर्ताओं के लिए आसान फैसला नहीं होगी। क्या किसी सीनियर खिलाड़ी की जगह बदलेगी? वैभव मूल रूप से ओपनिंग बल्लेबाज हैं। ऐसे में उन्हें टीम में शामिल करने के लिए किसी स्थापित बल्लेबाज की भूमिका बदलनी पड़ सकती है। हालांकि आयरलैंड सीरीज के बाद भारत को इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबले खेलने हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन अपने प्रमुख बल्लेबाजों की लय और आत्मविश्वास के साथ कोई बड़ा प्रयोग करने से बच सकता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि केवल डेब्यू कराने के लिए किसी इन-फॉर्म खिलाड़ी को बाहर बैठाना टीम संतुलन के लिहाज से सही फैसला नहीं होगा। क्या बेंच पर बैठना पड़ेगा? मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए संभावना यही नजर आती है कि वैभव सूर्यवंशी को शुरुआती मैचों में प्लेइंग इलेवन से बाहर रहना पड़ सकता है। हालांकि इसे नकारात्मक रूप में नहीं देखा जा सकता। सीनियर टीम के साथ समय बिताना, अंतरराष्ट्रीय माहौल को समझना और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना उनके विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। कई महान खिलाड़ियों ने भी अपने करियर की शुरुआत में कुछ समय बेंच पर बैठकर ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का माहौल सीखा था। बीसीसीआई ने किया खास इंतजाम इस दौरे की एक खास बात यह भी है कि महज 15 साल के वैभव सूर्यवंशी के साथ उनके माता-पिता भी आयरलैंड और इंग्लैंड जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Board of Control for Cricket in India ने उनके माता-पिता के यात्रा और ठहरने का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया है, ताकि युवा खिलाड़ी पर अतिरिक्त मानसिक दबाव न पड़े और वह अपने खेल पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सके। भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले के लिए भारत की संभावित टीम: अभिषेक शर्मा संजू सैमसन (विकेटकीपर) ईशान किशन Shreyas Iyer (कप्तान) Tilak Varma Shivam Dube Axar Patel Washington Sundar Arshdeep Singh Harshit Rana Ravi Bishnoi क्या होगा सही फैसला? वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य माने जा रहे हैं, लेकिन टीम प्रबंधन उनके करियर को जल्दबाजी में आगे बढ़ाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से तैयार करना चाहता है। यदि उन्हें तुरंत मौका नहीं भी मिलता है, तो यह उनके लिए सीखने और खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए और बेहतर बनाने का अवसर होगा। अब सभी की नजरें टीम मैनेजमेंट के फैसले पर टिकी हैं कि क्या युवा सनसनी को डेब्यू कैप मिलेगी या फिर उन्हें अपनी बारी के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट का उभरता हुआ सितारा बेबी बॉस Vaibhav Suryavanshi इन दिनों क्रिकेट जगत में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। महज 15 साल की उम्र में अपने दमदार प्रदर्शन से उन्होंने चयनकर्ताओं, पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के साथ जुड़े वैभव को लेकर अब अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी चर्चा तेज हो गई है। कम उम्र में हासिल की बड़ी पहचान वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू क्रिकेट और आयु वर्ग के टूर्नामेंटों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और दबाव में रन बनाने की क्षमता ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में वह इंडियन क्रिकेट टीम के एक अहम खिलाड़ी बन सकते हैं। इंग्लैंड दौरे पर मिलेगी बड़ी चुनौती इंग्लैंड की परिस्थितियां हमेशा से बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण रही हैं। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी के लिए यह दौरा सीखने और खुद को साबित करने का बड़ा अवसर माना जा रहा है। टीम प्रबंधन भी युवा खिलाड़ी के प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए है। दिग्गजों ने की तारीफ भारत के कई पूर्व क्रिकेटरों ने वैभव की प्रतिभा की सराहना की है। उनका मानना है कि इतनी कम उम्र में जिस तरह का आत्मविश्वास और तकनीक वैभव ने दिखाई है, वह उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि युवा खिलाड़ी पर अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए। सोशल मीडिया पर छाए वैभव वैभव सूर्यवंशी को लेकर सोशल media पर भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। क्रिकेट प्रेमी उनके अगले मैच और संभावित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू का इंतजार कर रहे हैं। कई प्रशंसकों का मानना है कि वह भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सुपरस्टार बन सकते हैं। भविष्य के सितारे के रूप में देखी जा रही प्रतिभा भारतीय क्रिकेट में समय-समय पर कई युवा खिलाड़ियों ने अपनी छाप छोड़ी है। अब वैभव सूर्यवंशी को भी उसी कड़ी का अगला नाम माना जा रहा है। यदि वह अपनी मौजूदा फॉर्म को बरकरार रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक नया सितारा मिल सकता है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे बेबी बॉस के नाम से मशहूर वैभव सूर्यवंशी के लिए 23 जून का दिन बेहद खास रहा। महज 15 साल की उम्र में उन्हें पहली बार टीम इंडिया की आधिकारिक जर्सी मिली। जर्सी मिलने के बाद वैभव सूर्यवंशी भावुक हो गए और कहा कि यह उनके क्रिकेट करियर का सबसे बड़ा पल है। अब माना जा रहा है कि आयरलैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज में उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल सकता है। IPL 2026 के शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में शानदार बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने कई विस्फोटक पारियां खेलीं और पूरे सीजन में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया। उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के बाद ही चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह दी। जर्सी पहनकर हुए भावुक BCCI द्वारा साझा किए गए वीडियो में वैभव पहली बार टीम इंडिया की जर्सी हाथ में लेते और पहनते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने कहा, "यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सपना था। इस एहसास को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।" उनकी भावुक प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और क्रिकेट प्रशंसक उन्हें बधाई दे रहे हैं। आयरलैंड दौरे पर हो सकता है डेब्यू रिपोर्ट्स के मुताबिक, वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने का मौका मिल सकता है। अगर ऐसा होता है तो वह भारतीय क्रिकेट के सबसे युवा टी20 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगे। रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन से बनाई पहचान हाल ही में भारत-ए की ओर से खेलते हुए वैभव ने श्रीलंका-ए के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। उनकी इस पारी ने क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया और चयनकर्ताओं का भरोसा और मजबूत किया। भारतीय क्रिकेट का नया सितारा क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं। उनकी निडर बल्लेबाजी, तेज रन बनाने की क्षमता और बड़े मैचों में प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग बनाता है। टीम इंडिया के प्रशंसकों की नजर अब उनके संभावित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर टिकी हुई है।
दांबुला, एजेंसियां। महज 15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका-ए के खिलाफ ट्राई नेशन सीरीज के फाइनल में ऐसी विस्फोटक पारी खेली, जिसने भारतीय क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। दांबुला में खेले गए खिताबी मुकाबले में वैभव ने केवल 29 गेंदों पर 94 रन ठोककर भारत-ए की 66 रन की शानदार जीत की नींव रखी। उनकी इस यादगार पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। 11 गेंदों में फिफ्टी, टूटा युवराज सिंह का रिकॉर्ड इतना ही नहीं वैभव ने अपनी पारी के दौरान सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो लिस्ट-ए क्रिकेट ही नहीं, बल्कि किसी भी प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में किसी भारतीय द्वारा लगाया गया सबसे तेज अर्धशतक बन गया। बता दे इससे पहले यह रिकॉर्ड युवराज सिंह के नाम था, जिन्होंने 2007 टी20 विश्व कप में 12 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी। वैभव की फास्टेस्ट फिफ्टी में 5 चौके और 5 छक्के शामिल रहे और उन्होंने इस दौरान सिर्फ एक डॉट बॉल खेली। वैभव ने अपने पुरे पारी में 10 चौके और 8 छक्के लगाई। हालांकि वह शतक से महज छह रन दूर रह गए, लेकिन उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने श्रीलंका-ए की वापसी की उम्मीदें खत्म कर दीं। 'मुझ पर कोई दबाव नहीं था' मैच के बाद पुरस्कार समारोह में वैभव ने कहा कि फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में भी उन्होंने किसी तरह का दबाव महसूस नहीं किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती 10 ओवर के लिए बनाई गई रणनीति पर अमल किया और वही उनकी सफलता की कुंजी बनी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके थे, लेकिन कोचों से बातचीत के बाद उनका आत्मविश्वास लौटा। हर बड़े मैच में चमक रहे वैभव 2026 में वैभव सूर्यवंशी लगातार बड़े मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। अंडर-19 विश्व कप फाइनल में 175 रन, आईपीएल प्लेऑफ में विस्फोटक पारियां और अब ट्राई सीरीज फाइनल में 94 रन की धमाकेदार पारी ने साबित कर दिया है कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। इस प्रदर्शन के बाद जल्द ही भारतीय सीनियर टी20 टीम में उनके डेब्यू की संभावनाएं भी मजबूत हो गई हैं।
नई दिल्ली: ट्राई नेशन सीरीज के फाइनल में 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। महज 29 गेंदों में 94 रन की तूफानी पारी खेलकर उन्होंने भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी इस पारी का असर सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हो रही है। वायरल हुआ श्रीलंकाई फैन का मजेदार वीडियो मैच के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक श्रीलंकाई प्रशंसक कैमरे के सामने मजाकिया अंदाज में अपनी निराशा जाहिर करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह हिंदी में कहता है, "आ गया, झगड़ा किया, मार दिया, जला दिया।" उसके चेहरे के हाव-भाव देखकर साफ समझा जा सकता है कि वह वैभव की बल्लेबाजी से कितना प्रभावित और निराश है। दिलचस्प बात यह रही कि उस समय वैभव सूर्यवंशी डगआउट में अपने साथियों के साथ बातचीत में व्यस्त थे और उन्हें इस पूरे घटनाक्रम की कोई जानकारी नहीं थी। सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट फैंस इस वीडियो को काफी पसंद कर रहे हैं। वैभव की पारी ने भारत को बनाया चैंपियन फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी की 94 रन की तूफानी पारी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। उनके अलावा तिलक वर्मा ने 67 रन, रुतुराज गायकवाड़ ने 40 रन और अनुकूल रॉय ने 39 रन का योगदान दिया, जिसकी बदौलत भारतीय टीम ने 377 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में श्रीलंका की टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल सकी और 311 रन पर सिमट गई। भारत ने यह मुकाबला 66 रन से जीतकर ट्राई नेशन सीरीज अपने नाम कर ली। अब आयरलैंड सीरीज पर नजर वैभव सूर्यवंशी अब आगामी भारत-आयरलैंड टी20 सीरीज में नजर आ सकते हैं। 26 जून से शुरू होने वाली दो मैचों की इस सीरीज में यदि उन्हें डेब्यू का मौका मिलता है, तो वह भारत के लिए सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं।
कोलंबो, एजेंसियां। Vaibhav Suryavanshi: भारतीय क्रिकेट के बेबी बॉस वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंका-ए के खिलाफ खेले जा रहे ट्राई सीरीज के हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वैभव ने 11 गेंदो में 50 ओवर के क्रिकेट इतिहास की सबसे तेज फिफ्टी जमाई है। उन्होंने 20 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। इसके साथ ही भारत ने ट्राई सीरीज के फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 66 रनों से हरा दिया। Vaibhav Suryavanshi ने 29 गेंदों में 94 रन ठोंके फाइनल मैच में ओपनिंग करने उतरे वैभव सूर्यवंशी ने मैदान के चारों तरफ चौकों और छक्कों की बरसात कर दी। उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों का सामना करते हुए 94 रनों की आतिशी पारी खेली। वैभव की इस तूफानी पारी की बदौलत इंडिया-ए ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 377 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। वैभव के अलावा कप्तान तिलक वर्मा ने 67, अनुकूल रॉय ने 15 गेंदों पर 39, प्रियांश आर्या ने 39 और कुमार कुशाग्र ने 36 रनों का अहम योगदान दिया। बिखर गई श्रीलंका की टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका-ए की टीम दबाव में बिखर गई और 41 ओवरों के बाद 7 विकेट खोकर 281 रन ही बना सकी। कौशल्य वीरात्ने का 20 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा वैभव सूर्यवंशी से पहले 50 ओवर के क्रिकेट (लिस्ट-ए) में सबसे तेज अर्धशतक लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड श्रीलंका के कौशल्य वीरात्ने के नाम था। वीरात्ने ने साल 2006 में रागामा क्रिकेट क्लब के लिए खेलते हुए 12 गेंदों पर फिफ्टी जड़ी थी। वैभव ने अब महज 11 गेंदों में यह कारनामा कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों से लिखवा लिया है। Vaibhav Suryavanshi ने एबी डिविलियर्स को पीछे छोड़ा अगर वनडे इंटरनेशनल (ODI) की बात करें, तो सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड संयुक्त रूप से एबी डिविलियर्स (2015) और वेस्टइंडीज के मैथ्यू फोर्ड (2025) के नाम है, जिन्होंने 16-16 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। लेकिन, वैभव ने सीनियर लेवल के 50 ओवर फॉर्मेट (List-A) में इन दिग्गजों को भी पीछे छोड़ते हुए 11 गेंदों में तबाही मचा दी है।
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर चर्चाओं का दौर लगातार तेज हो रहा है। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद युवा बल्लेबाज को पहली बार भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है। अब पूर्व भारतीय कप्तान और चयनकर्ता कृष्णमाचारी श्रीकांत ने उनके भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है और कहा है कि अगर वैभव अपनी क्षमता के अनुसार खेलते रहे, तो वह टेस्ट क्रिकेट में भी नई ऊर्जा ला सकते हैं। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है। इस दौरे में भारत आयरलैंड के खिलाफ दो और इंग्लैंड के खिलाफ पांच टी20 मुकाबले खेलेगा, जिसकी शुरुआत 26 जून से बेलफास्ट में होगी। "लोग सिर्फ वैभव को देखने के लिए टीवी चालू करते हैं" कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कहा कि वैभव में रन बनाने की भूख और विपक्ष पर दबाव बनाने की क्षमता साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज सिर्फ आक्रामक नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर क्रीज पर टिककर लंबी पारी खेलने की क्षमता भी रखता है। श्रीकांत ने कहा, "वैभव सूर्यवंशी में दबदबा बनाने की जबरदस्त इच्छा है। अगर वह टी20 से आगे बढ़ते हुए वनडे और फिर टेस्ट क्रिकेट में सफल होते हैं, तो मुझे विश्वास है कि टेस्ट क्रिकेट में नई जान देखने को मिलेगी।" उन्होंने आगे कहा कि आज के दौर में ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत है जो दर्शकों को आकर्षित कर सकें। "लोग सिर्फ सूर्यवंशी को देखने के लिए टीवी चालू करते हैं। मैं भी उन्हें देखने के लिए टीवी चालू करता हूं। उन्होंने अपने खेल से एक अलग माहौल बनाया है और वह वाकई कमाल के खिलाड़ी हैं।" एक सीरीज से किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन नहीं होना चाहिए हाल ही में भारत ए के श्रीलंका दौरे पर वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। इस पर श्रीकांत ने कहा कि किसी एक सीरीज के आधार पर किसी खिलाड़ी का आकलन करना गलत है। उन्होंने युवा बल्लेबाज को संदेश देते हुए कहा, "वैभव, लोग तुम्हारे बारे में क्या कहते हैं इसकी चिंता मत करो। अपना स्वाभाविक खेल खेलते रहो। जल्दबाजी मत करो और खुद को समय दो।" श्रीकांत का मानना है कि वैभव में बेहतरीन शॉट खेलने की क्षमता, तेज रिफ्लेक्स और बड़ा खिलाड़ी बनने की सभी खूबियां मौजूद हैं। सचिन तेंदुलकर से तुलना करने से किया इनकार जब पूर्व कप्तान से पूछा गया कि क्या उन्हें वैभव सूर्यवंशी और सचिन तेंदुलकर के बीच कोई समानता दिखाई देती है, तो उन्होंने साफ तौर पर तुलना से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "सचिन तेंदुलकर क्रिकेट के भगवान हैं। उनकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती। वैभव सूर्यवंशी को वैभव सूर्यवंशी ही रहने दीजिए। कोई भी सचिन के आसपास नहीं पहुंच सकता।" हालांकि श्रीकांत ने यह जरूर माना कि वैभव भारतीय क्रिकेट का भविष्य बन सकते हैं और आने वाले वर्षों में टीम इंडिया के लिए बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
डंबुला: भारत ए के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ट्राई-नेशन सीरीज के दौरान हुई एक विवादित घटना के कारण मुश्किलों में घिर गए हैं। श्रीलंका ए के खिलाफ रोमांचक मुकाबले के बाद मैदान पर हुई तीखी बहस अब उनके लिए महंगी साबित हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन पर मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई है। मैच रेफरी ने की कार्रवाई की सिफारिश 'स्पोर्टस्टार' की रिपोर्ट के मुताबिक, मुकाबले के बाद मैच रेफरी प्रदीप जयप्रकाश ने भारत ए के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका ए के खिलाड़ी विशन हलंबागे पर 50-50 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाने की सिफारिश की है। इसके अलावा भारत ए के कप्तान तिलक वर्मा पर 30 प्रतिशत और श्रीलंका ए के अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज निरोशन डिकवेला पर 20 प्रतिशत जुर्माना लगाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। मैच खत्म होने के बाद बढ़ा विवाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि मुकाबला समाप्त होने के बाद वैभव सूर्यवंशी और विशन हलंबागे के बीच तीखी बहस हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, बहस इतनी बढ़ गई कि वैभव ने हलंबागे को धक्का भी दिया। मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच पूरे मैच के दौरान तनाव का माहौल बना हुआ था, जो मुकाबला खत्म होने के बाद खुलकर सामने आया। आईपीएल प्रदर्शन को लेकर हुई कथित स्लेजिंग रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि टूर्नामेंट की शुरुआत से ही श्रीलंका ए के कुछ खिलाड़ी भारतीय खिलाड़ियों को लगातार स्लेज कर रहे थे। वैभव सूर्यवंशी के आईपीएल प्रदर्शन को लेकर भी कथित तौर पर टिप्पणियां की गईं, जिससे दोनों टीमों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया। अब BCCI और श्रीलंका क्रिकेट के फैसले का इंतजार ए-टीम स्तर के मुकाबलों में अनुशासनात्मक मामलों में ICC सीधे हस्तक्षेप नहीं करता। मैच रेफरी अपनी रिपोर्ट संबंधित क्रिकेट बोर्डों को भेजते हैं। इस मामले में भी सिफारिशें BCCI और श्रीलंका क्रिकेट को भेज दी गई हैं। अब अंतिम फैसला दोनों बोर्डों को लेना है कि प्रस्तावित जुर्माने को मंजूरी दी जाए या नहीं। सुपर ओवर में भारत ए को मिली हार भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और इसका फैसला सुपर ओवर में हुआ। भारत को जीत के लिए 17 रन की जरूरत थी, लेकिन टीम केवल 9 रन ही बना सकी और मुकाबला हार गई। सुपर ओवर में वैभव सूर्यवंशी आखिरी तीन गेंदों पर केवल छह रन ही बना पाए। मैच के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ी जीत का जश्न मना रहे थे, जबकि भारतीय खिलाड़ी पवेलियन लौट रहे थे। इसी दौरान विवाद ने तूल पकड़ लिया। अब सभी की निगाहें BCCI और श्रीलंका क्रिकेट के फैसले पर टिकी हुई हैं। यदि सिफारिशों को मंजूरी मिलती है तो युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अपने करियर की शुरुआत में ही अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
ट्राई नेशन ए सीरीज के 'करो या मरो' मुकाबले में आईसीसी के 'क्लीन कैच' नियम ने वैभव सूर्यवंशी को पवेलियन लौटने से बचाया, लेकिन युवा बल्लेबाज के लिए खराब फॉर्म और विवादों का दबाव अब भी बरकरार है। क्रिकेट के मैदान पर कई बार एक फैसला मैच के साथ-साथ खिलाड़ियों की मनोदशा भी बदल देता है। बुधवार, 17 जून 2026 को भारत ए और अफगानिस्तान ए के बीच खेले गए अहम मुकाबले में कुछ ऐसा ही नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला। ट्राई नेशन ए सीरीज के फाइनल की रेस में बने रहने के लिए भारत ए के लिए यह मुकाबला 'करो या मरो' का था। इस अत्यधिक दबाव वाले मैच की शुरुआत ही एक बड़े विवाद और भारी ड्रामे के साथ हुई, जिसके केंद्र में थे भारत के युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी। पारी की 9वीं गेंद (दूसरे ओवर की तीसरी गेंद) पर वैभव ने पॉइंट की दिशा में एक तेज शॉट खेला। अफगान फील्डर ने फुर्ती दिखाते हुए डाइव लगाई और कैच पकड़ने का जबरदस्त दावा पेश किया। मैदान पर अफगानिस्तान ए के खिलाड़ियों का जश्न शुरू हो चुका था और प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा था कि भारतीय टीम ने अपना एक अहम विकेट सस्ते में गंवा दिया है। लेकिन आधुनिक क्रिकेट में तकनीक ही असली निर्णायक होती है। जब यह मामला फाइनल चेक के लिए थर्ड अंपायर के पास पहुंचा, तो रिप्ले ने कहानी का दूसरा ही पहलू उजागर कर दिया। आईसीसी के नियमों के अनुसार, कैच तभी वैध माना जाता है जब गेंद पर फील्डर का पूर्ण नियंत्रण हो और वह किसी भी स्थिति में जमीन को न छुए। टीवी रिप्ले के अलग-अलग एंगल में स्पष्ट हुआ कि डाइव लगाते समय गेंद फील्डर के बाएं हाथ से फिसल रही थी। इसके बाद थर्ड अंपायर ने अपना अंतिम निर्णय सुनाते हुए कहा, "गेंद का कुछ हिस्सा जमीन को छू रहा है, मैंने अपना फैसला ले लिया है।" 'बेनिफिट ऑफ डाउट' बल्लेबाज के पक्ष में गया और वैभव को एक बड़ा जीवनदान मिला, जिससे अफगान खिलाड़ी पूरी तरह अवाक और निराश रह गए। हालांकि, शून्य के करीब मिले इस बड़े मौके का वैभव सूर्यवंशी कोई खास फायदा नहीं उठा सके। वह अपनी पारी को ज्यादा लंबा नहीं खींच पाए और 4 चौकों व 2 छक्कों की मदद से 38 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। यह घटनाक्रम सिर्फ एक कैच छूटने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैभव सूर्यवंशी के मौजूदा करियर ग्राफ की भी गवाही दे रहा है। आईपीएल 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाकर सुर्खियों में आए इस युवा बल्लेबाज का बल्ला इस ट्राई सीरीज में पूरी तरह खामोश रहा है। पिछले तीन मुकाबलों में उनके खाते में महज 79 रन आए हैं। श्रीलंका ए के खिलाफ दो मैचों में उन्होंने केवल 35 रन बनाए और एक सुपर ओवर में भी वह 27 रनों के लक्ष्य को हासिल करने में नाकाम रहे थे। महज 15 साल के वैभव के लिए यह समय दोहरी चुनौती का है। एक तरफ रनों का सूखा है, तो दूसरी तरफ हाल ही में श्रीलंकाई खिलाड़ियों के साथ हुई तीखी नोकझोंक के बाद उन पर सोशल मीडिया की पैनी नजरें हैं। अत्यधिक उम्मीदों और आलोचनाओं के बीच, अफगानिस्तान के खिलाफ मिला यह जीवनदान उनके लिए फॉर्म में लौटने का एक मौका था, जिसे वह भुना नहीं सके। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम इस करो या मरो के दबाव से कैसे उबरती है और आने वाले मैचों में यह युवा प्रतिभा खुद को कैसे साबित करती है।
दांबुला में खेले जा रहे ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में इंडिया ए और श्रीलंका ए आमने-सामने हैं। इस मैच में भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को पहली बार टीम इंडिया की जर्सी में खेलने का मौका मिला। हालांकि, अपने डेब्यू मुकाबले में वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। कप्तान तिलक वर्मा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और सभी की निगाहें युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी पर टिकी थीं। आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद उनसे बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन उनकी पारी जल्द ही समाप्त हो गई। 12 गेंदों में बनाए 14 रन पारी की शुरुआत करने उतरे वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और शुरुआती गेंदों से ही सकारात्मक इरादे दिखाए। उन्होंने 12 गेंदों का सामना करते हुए 3 चौकों की मदद से 14 रन बनाए। हालांकि, वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए। श्रीलंका ए के तेज गेंदबाज मोहम्मद शिराज की फुल-लेंथ गेंद पर वैभव ने मिड-ऑफ के ऊपर से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन बल्ला सही तरीके से नहीं लगा और गेंद हवा में चली गई। कप्तान सहान अराचचिगे ने लपका शानदार कैच मिड-ऑफ पर मौजूद श्रीलंका ए के कप्तान सहान अराचचिगे ने अपनी बाईं ओर शानदार डाइव लगाते हुए बेहतरीन कैच पकड़ा। इस विकेट के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने जोरदार जश्न मनाया, क्योंकि वैभव को शुरुआती चरण में आउट करना टीम के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही थी। आउट होने के बाद युवा बल्लेबाज निराश नजर आए और चेहरे पर मायूसी के साथ पवेलियन लौटे। आईपीएल 2026 में मचाया था धमाल वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने पूरे सीजन में आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए कई यादगार पारियां खेलीं। मैच: 16 रन: 776 स्ट्राइक रेट: लगभग 237 ऑरेंज कैप विजेता अपने दमदार प्रदर्शन के कारण वैभव ने कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए और भारतीय क्रिकेट के भविष्य के सितारे के रूप में पहचान बनाई। हालांकि, इंडिया ए के लिए अपने पहले मैच में वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन फैंस को उम्मीद है कि आने वाले मुकाबलों में यह युवा बल्लेबाज अपनी प्रतिभा का पूरा प्रदर्शन करेगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।