झारखंड में मानसूनी गतिविधियां तेज होने लगी हैं। शुक्रवार, 19 जून को राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से ही आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी और मध्य झारखंड के आसपास बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। इसे देखते हुए रांची सहित 14 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन 14 जिलों में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, उनमें शामिल हैं: रांची हजारीबाग खूंटी रामगढ़ गिरिडीह कोडरमा बोकारो धनबाद देवघर दुमका जामताड़ा गोड्डा साहिबगंज पाकुड़ इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर वज्रपात की आशंका जताई गई है। रांची का तापमान 19 जून को रांची का अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह हुई बारिश के बाद मौसम काफी सुहावना हो गया। 24 जून तक सभी जिलों में येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 24 जून तक पूरे झारखंड में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। इसी को देखते हुए राज्य के सभी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार को कहां कितनी बारिश हुई? गुरुवार को सबसे अधिक 14 मिमी बारिश देवघर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मेदिनीनगर और बोकारो में भी हल्की बारिश हुई। वहीं अधिकतम तापमान की बात करें तो: मेदिनीनगर – 42°C बोकारो – 38.1°C जमशेदपुर – 36.6°C चाईबासा – 36.8°C रांची – 35.1°C वज्रपात और आंधी के दौरान बरतें ये सावधानियां मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान: किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर शरण लें। खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े न हों। बिजली के खंभों, मोबाइल टावर और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। मोबाइल फोन का अनावश्यक इस्तेमाल करने से बचें। समूह में होने पर एक जगह भीड़ लगाने के बजाय थोड़ी दूरी बनाकर खड़े रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी बरतकर वज्रपात से होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
रांची। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार दस्तक दे दी है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पूर्वी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं और अगले दो से तीन दिनों में इसका प्रभाव पूरे राज्य में देखने को मिलेगा। इस बीच विभाग ने नौ जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि राजधानी रांची समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र में आयोजित प्रेस वार्ता में मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि संथाल परगना और कोल्हान क्षेत्र में मानसून सक्रिय हो चुका है। गोड्डा, देवघर, पूर्वी सिंहभूम और गिरिडीह के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जल्द ही मानसून राज्य के शेष जिलों तक भी पहुंच जाएगा। मौसम विभाग के मुताबिक मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के ऊपर बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र का असर झारखंड में साफ दिखाई दे रहा है। इसी वजह से कोल्हान और संथाल परगना क्षेत्र में भारी वर्षा की संभावना बढ़ गई है। रांची सहित कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका भी जताई गई है। हालांकि इस वर्ष मानसून सामान्य से कुछ देर से पहुंचा है, लेकिन इसकी प्रगति सामान्य समय-सारणी के अनुरूप मानी जा रही है। मौसम विभाग ने यह भी अनुमान जताया है कि जून में सामान्य से कम बारिश हो सकती है, जबकि जुलाई और अगस्त में होने वाली वर्षा मानसून की वास्तविक स्थिति तय करेगी। मानसून की शुरुआत मानसून की शुरुआत किसानों के लिए राहत लेकर आई है। विभाग ने किसानों को धान की नर्सरी तैयार करने और निचले खेतों में रोपाई शुरू करने की सलाह दी है। साथ ही लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा वज्रपात और तेज हवाओं के समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में खतरे की आशंका झारखंड में मौसम का मिजाज लगातार अस्थिर बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों के लिए 17 और 18 मई को तेज आंधी, गरज-चमक और भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बदलते मौसम पैटर्न और स्थानीय वायुमंडलीय दबाव के कारण राज्य में आंधी-पानी की स्थिति बनी हुई है। 17 मई का मौसम: किन जिलों में ज्यादा असर 17 मई को झारखंड के उत्तर-पूर्वी और मध्य हिस्सों में मौसम सबसे ज्यादा खराब रहने की संभावना है। इसमें शामिल जिले हैं: धनबाद कोडरमा हजारीबाग बोकारो रामगढ़ रांची इन क्षेत्रों में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश की संभावना है। वहीं गुमला और खूंटी जैसे दक्षिणी जिलों में भी 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। 18 मई का मौसम: कई जिलों में फिर बिगड़ेगा हाल 18 मई को भी मौसम में खास सुधार की उम्मीद नहीं है। इस दिन: कोडरमा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, रांची और धनबाद चतरा सहित उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र इन सभी इलाकों में आंधी-तूफान और तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी। कई स्थानों पर हवाओं की रफ्तार 50-60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। 15 और 16 मई का हाल: पहले से जारी है येलो अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मई को भी झारखंड के अधिकांश हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन दिनों हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। तापमान में उतार-चढ़ाव जारी लगातार बदलते मौसम का असर तापमान पर भी साफ दिख रहा है। मेदिनीनगर: 44°C रांची: 34.5°C (न्यूनतम 19.2°C) जमशेदपुर: 36°C बोकारो: 36.5°C चाईबासा: 36.5°C दिन में तेज गर्मी और शाम को आंधी-बारिश के कारण तापमान में तेजी से उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों और बाहरी काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
Jharkhand में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने 9 मई को राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना जताई है। राजधानी Ranchi समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार Ranchi, Hazaribagh, Ramgarh, Khunti और Bokaro में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर वज्रपात भी हो सकता है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट राज्य के अन्य जिलों में बादल छाए रहने, हल्की बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। 14 मई तक जारी रह सकता है मौसम का असर मौसम विभाग के मुताबिक 10 से 14 मई तक Jharkhand के अधिकांश जिलों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। इस दौरान आकाश में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। कई जिलों में हुई बारिश साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। Ranchi में करीब 2 मिमी और Jamshedpur में लगभग 5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे ज्यादा 25 मिमी बारिश Chaibasa में हुई। इसके अलावा Koderma, Giridih, Deoghar, Jamtara, Godda, Dumka, Pakur और Sahibganj के कई इलाकों में देर रात तेज हवा और बारिश देखने को मिली। रांची के तापमान में गिरावट बारिश और बादलों की वजह से Ranchi के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं Medininagar राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
भीषण गर्मी से जूझ रहे Jharkhand के लोगों के लिए राहत की खबर है, लेकिन इसके साथ सतर्क रहने की भी जरूरत है। मौसम विभाग ने आज से राज्य के कई हिस्सों में मौसम बदलने के संकेत दिए हैं और तेज आंधी, बारिश, मेघ गर्जन व वज्रपात को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आज से शुरू होगा बदलाव राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में शुक्रवार दोपहर के बाद मौसम करवट ले सकता है। आसमान में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। 25 अप्रैल: कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट 25 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में मौसम ज्यादा बिगड़ सकता है। रांची के अलावा गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम समेत कई जिलों में: 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा गर्जन और वज्रपात ओलावृष्टि की संभावना इन हालात को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 26 अप्रैल: 9 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी 26 अप्रैल को गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो में ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। बाकी जिलों में भी आंधी और गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। 27 अप्रैल: लगातार तीसरे दिन खराब मौसम 27 अप्रैल को भी Ranchi सहित कई जिलों में खराब मौसम जारी रहने के संकेत हैं। ओलावृष्टि तेज हवा वज्रपात हल्की से मध्यम बारिश कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि अन्य में येलो अलर्ट लागू रहेगा। लोगों के लिए जरूरी सलाह आंधी और बिजली के दौरान खुले स्थान पर न रहें पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें मोबाइल पर मौसम अपडेट लगातार चेक करते रहें
झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। India Meteorological Department (IMD) ने राज्य में अगले तीन दिनों तक तेज आंधी, भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती सर्कुलेशन के कारण पूरे प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है। किन जिलों में ज्यादा खतरा? राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं: बोकारो रामगढ़ हजारीबाग खूंटी गुमला पूर्वी सिंहभूम सरायकेला-खरसावां पश्चिमी सिंहभूम इन इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। कितनी तेज चलेंगी हवाएं? मौसम विभाग के अनुसार: हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है कई जगहों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना वज्रपात (ठनका) का खतरा काफी ज्यादा 9 अप्रैल तक रहेगा असर IMD के मुताबिक 7 अप्रैल से लेकर 9 अप्रैल तक पूरे झारखंड में मौसम खराब रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है, जिससे साफ है कि राज्यभर में बारिश का असर देखने को मिलेगा। लोगों के लिए जरूरी सावधानियां मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है: खराब मौसम में घर के अंदर ही रहें वज्रपात के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें ओलावृष्टि के समय सुरक्षित छायादार स्थान पर शरण लें पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखें किसानों की बढ़ी चिंता बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज हवाओं और बारिश के कारण: खड़ी फसलें खराब हो सकती हैं बागवानी और वृक्षारोपण को नुकसान खेतों में जलभराव की स्थिति इस मौसम का सीधा असर कृषि पर पड़ सकता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।
India Meteorological Department के रांची केंद्र ने झारखंड के मौसम को लेकर अहम अपडेट जारी किया है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव के कारण राज्य में 31 मार्च तक मौसम अस्थिर बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। 27 और 28 मार्च के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश और गरज-चमक का दौर रहेगा जारी मौसम विभाग के अनुसार, 28, 30 और 31 मार्च को झारखंड के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि उत्तर-पश्चिमी जिलों में इसका असर अपेक्षाकृत कम रहेगा। लगातार बदलते मौसम के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 26 और 29 मार्च को मिलेगी राहत मौसम विभाग के मुताबिक 26 और 29 मार्च को राज्य में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहेगा। इन दिनों आंशिक बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना नहीं है। इससे लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, हालांकि गर्मी का असर बना रहेगा। रामनवमी पर भी बदल सकता है मौसम 27 मार्च यानी रामनवमी के दिन भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। कई स्थानों पर हल्की बारिश और मेघ गर्जन की संभावना है। ऐसे में त्योहार के दौरान प्रशासन और आम लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। तापमान में उतार-चढ़ाव, कई जिलों में बढ़ेगी गर्मी झारखंड में तापमान में भी लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। सरायकेला में अधिकतम तापमान 36.7°C दर्ज किया गया गुमला में न्यूनतम तापमान 14.9°C रहा रांची का अधिकतम तापमान 32.4°C तक पहुंच गया देवघर, धनबाद, दुमका और गोड्डा जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 33–37°C के बीच रहने की संभावना है। वहीं पलामू, गढ़वा और चतरा में यह 35–37°C तक जा सकता है। वज्रपात और तेज हवा से सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि इस दौरान वज्रपात और तेज हवा का खतरा बना रहेगा। लोगों को सलाह दी गई है कि: खुले स्थानों पर जाने से बचें पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर शरण लें किसानों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि मौसम में यह बदलाव जनजीवन को प्रभावित कर सकता है।
झारखंड में आने वाले दिनों में मौसम तेजी से बदलने वाला है। एक ओर जहां तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, वहीं दूसरी ओर 27 और 28 मार्च को बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग ने इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। तापमान में तेज बढ़ोतरी के संकेत मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। 24 से 26 मार्च तक मौसम शुष्क रहेगा, जिससे गर्मी का असर और बढ़ेगा। 27-28 मार्च को बारिश और गरज के आसार 27 और 28 मार्च को झारखंड के कई हिस्सों में अचानक मौसम बदल सकता है। इस दौरान मेघ गर्जन, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम सामान्य जीवन को प्रभावित कर सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज धूप से बढ़ेगा UV किरणों का खतरा भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि साफ आसमान और तेज धूप के कारण अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों का प्रभाव बढ़ सकता है। खासतौर पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। इन जिलों में बढ़ी गर्मी राज्य के कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है: सरायकेला: 34.4°C (सबसे अधिक) मेदिनीनगर: 33.6°C जमशेदपुर: 33.5°C बोकारो: 33.1°C रांची: 27.9°C (4.2 डिग्री की बढ़ोतरी) चाईबासा में 35°C तक पहुंच सकता है पारा कोल्हान क्षेत्र के चाईबासा में अगले 24 घंटों में तापमान 34 से 35 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। रात की ठंडक अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है और गर्मी का असर बढ़ने लगा है। कई जिलों में 36-37°C तक जाएगा तापमान देवघर, धनबाद, जामताड़ा और गोड्डा में तापमान 35-36 डिग्री तक पहुंच सकता है। वहीं चतरा, गढ़वा और पलामू में पारा 36 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। दक्षिणी झारखंड के सिंहभूम इलाके में तापमान 37 डिग्री तक जा सकता है। 29 मार्च से फिर साफ होगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 29 मार्च के बाद फिर से मौसम साफ हो जाएगा और शुष्क स्थिति लौट आएगी। लोगों के लिए जरूरी सलाह दोपहर में तेज धूप से बचें अधिक मात्रा में पानी पिएं हल्के और ढीले कपड़े पहनें बाहर निकलते समय सिर ढकें बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें
21 मार्च तक सतर्क रहने की चेतावनी, कई जिलों में वज्रपात और तेज हवा का खतरा झारखंड में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। दोपहर तक तेज धूप के बाद शाम होते-होते राज्य के कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात देखने को मिला। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले चार दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में बारिश, ओले और वज्रपात राज्य के रांची, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, गुमला, लोहरदगा समेत कई जिलों में देर शाम तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। कुछ स्थानों पर आसमानी बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल रहा। 21 मार्च तक जारी रहेगा ऐसा ही मौसम मौसम विभाग के अनुसार, 21 मार्च तक राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना बनी रहेगी। विभाग ने रांची, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज, गोड्डा और पाकुड़ जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। तेज हवाओं ने बढ़ाई परेशानी रांची में दोपहर बाद मौसम अचानक बदला और करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। शाम होते-होते बारिश शुरू हो गई और कई इलाकों में ओले भी गिरे। मोरहाबादी, कांके रोड, नामकुम और इटकी जैसे क्षेत्रों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। तापमान में गिरावट, गर्मी से राहत मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। जहां पहले अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा था, वहीं अब यह घटकर 34-36 डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। खूंटी में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री और रांची में 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई जिलों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट आई है। किसानों को भारी नुकसान बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर गुमला, धनबाद और लोहरदगा में गेहूं और सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। अचानक हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। अलग-अलग जिलों में दर्ज हुई बारिश मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी सिंहभूम में 37.2 मिमी, पश्चिमी सिंहभूम में 9.6 मिमी, रांची में 4.8 मिमी और धनबाद में 4.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। 22 मार्च से फिर बदल सकता है मौसम मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 मार्च के बाद मौसम में फिर बदलाव आएगा और तापमान दोबारा बढ़ने लगेगा। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सतर्कता जरूरी अचानक बदलते मौसम और वज्रपात की घटनाओं को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव झारखंड में इन दिनों मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ रहा है। कभी पारा 36 डिग्री तक चढ़ जा रहा है तो कभी 30 डिग्री के आसपास सिमट जाता है। यही स्थिति न्यूनतम तापमान के साथ भी देखने को मिल रही है। पिछले 24 घंटों में जहां न्यूनतम तापमान 17–18 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा था, वहीं अब कई जिलों में यह गिरकर 11 से 14 डिग्री तक पहुंच गया है। इस तरह न्यूनतम तापमान में करीब 3 से 5 डिग्री की गिरावट देखी गई है। मौसम विभाग ने बताई वजह रांची मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार फिलहाल राज्य में मौसम ट्रांजिशन फेज में है, यानी मौसम धीरे-धीरे ठंड से गर्मी की ओर बढ़ रहा है। इसी कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि दक्षिणी जिलों जैसे पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में न्यूनतम तापमान करीब 17 डिग्री तक रह सकता है, जबकि अन्य जिलों में यह 14 से 15 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। मुख्य शहरों का तापमान और AQI शहर अधिकतम/न्यूनतम तापमान AQI रांची 31°C / 15°C 140 जमशेदपुर 36°C / 17°C 171 धनबाद 33°C / 15°C 156 बोकारो 34°C / 15°C 155 पलामू 36°C / 15°C 160 पूर्वी जिलों में गर्मी से राहत राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों जैसे देवघर, गोड्डा, साहिबगंज और दुमका में लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। पहले जहां अधिकतम तापमान 35 डिग्री के आसपास पहुंच रहा था, वहीं अब यह घटकर करीब 32 डिग्री तक आ गया है। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान भी 17 डिग्री से गिरकर लगभग 14 डिग्री तक दर्ज किया गया है। तापमान में आई इस गिरावट के कारण शाम के समय हल्की ठंड का एहसास हो रहा है। मध्य और पश्चिमी जिलों का हाल पलामू, रांची, खूंटी, लोहरदगा, कोडरमा, चतरा, लातेहार, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद जैसे जिलों में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री तक दर्ज किया जा रहा है। वहीं न्यूनतम तापमान 14 से 15 डिग्री के बीच बना हुआ है। कुछ स्थानों पर तापमान इससे भी नीचे चला गया है। बोकारो में न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री, गुमला में 11.4 डिग्री और खूंटी में सबसे कम 10.4 डिग्री दर्ज किया गया। इस वजह से लोगों को दिन में हल्की गर्मी तो सुबह और शाम के समय ठंडी हवा का एहसास हो रहा है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।