1420 - जलालुद्दीन फ़िरोजशाह दिल्ली की गद्दी पर बैठा। 1704 - कोरोंको की लड़ाई:ऑस्ट्रियाई और डेनमार्क, प्रशिया, क्रोएशिया, जर्मनी ने उनके सहयोगी द FCलों और वोज्वोदिना कुरुक्स को हराया। 1707 - फ़ेरेंस रकोक्ज़ी द्वितीय ने हंगरी को स्वतंत्र घोषित किया। 1721 - इंग्लैंड ने मैड्रिंड के साथ संघिपत्र पर हस्ताक्षर किया। 1727 - स्पेन ने पेरिस से आर्थिक संधि पर हस्ताक्षर किये। 1753 - ऑस्ट्रिया, ग्रेट ब्रिटेन और मोडेना ने गुप्त सैन्य संधि पर हस्ताक्षर किये। 1886 - कनाडा के वैंकूवर शहर में आग लगने के कारण लगभग 1,000 इमारत जलकर खाक हुयी। 1888 - अमेरिकी कांग्रेस ने श्रम विभाग का गठन किया। 1920 - संयुक्त राज्य अमेरिका के डाक विभाग के नियम के अनुसार बच्चों का पार्सल पोस्ट के माध्यम से नहीं भेजा जायेगा। 1932 - ब्रिटेन और फ्रांस के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर किये गये। 1943 - स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने पनडुब्बी के द्वारा जर्मनी से टोक्यो की यात्रा शुरू की। 1956 - 72 वर्षों तक अपने नियंत्रण में रखने के बाद ब्रिटेन ने स्वेज नहर का नियंत्रण मिस्र को सौंपा। 1956 - अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (आईसीपीओ) का गठन किया गया। 1963 - न्यूयॉर्क कमोडिटी एक्सचेंज ने चांदी के वायदा अनुबंधों का कारोबार शुरु किया। 1982 - फीफा विश्व कप स्पेन में शुरू किया गया। 1991 - यू.एस. ओपन में एक दर्शक बिजली से मरा। 1993 - किम कैंपबेल कनाडा की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। 1997 - दिल्ली के उपहार सिनेमाघऱ में आग लगने से 59 लोगों की मृत्यु हो गई तथा 100 से अधिक लोग घायल हो गए। 2001 - नेपाल शाही परिवार हत्याकांड में दीपेन्द्र की प्रेमिका देवयानी का जांच आयोग के समक्ष गवाही से इन्कार। 2002 - 1972 के एंटी बैलिस्टिक मिसाइल समझौते की समय सीमा समाप्त। 2003 - डेनियल अखमितोव कजाकिस्तान के नये प्रधानमंत्री नियुक्त। 2004 - लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो में राष्ट्रपति जोसेफ़ कबीला के ख़िलाफ़ तख्ता पलट का प्रयास विफल। 2004 - ईराक के विदेश उपमंत्री बासम सालिह कुन्बा की हत्या। 2005 - ईरान 2009 के अन्त से 25 वर्षों के लिए भारत को तरल प्राकृतिक गैस का निर्यात करने पर सहमत। 2005 - पॉप गायक माइकल जैक्सन को 13 साल के बच्चे के यौन उत्पीड़न मामले में बरी कर दिया गया था। 2006 - नाइजीरिया और कैमरून ने सीमा विवाद पर समझौता किया। 2008 - टेलिकॉम मलेशिया (टीम) ने आइडिया सेलुलर कम्पनी की 15% हिस्सेदारी ख़रीदी। 2008 - चीन और ताइवान ने विमान सेवा शुरू करने के सम्बन्ध में एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किये। 2019 - भारतीय वायुसेना के लापता विमान AN-32 का मलबा अरुणाचल प्रदेश में मिला , विमान में सवार सभी 13 लोग शहीद हुए। 2019 - प्रसिद्ध लेखक अमिताव घोष को अंग्रेजी में भारतीय साहित्य के संवर्धन में उनके योगदान के लिए 54 वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वे इस प्रकार से सम्मानित होने वाले पहले अंग्रेजी लेखक हैं । 2019 - प्रियंका चोपड़ा को यूनिसेफ द्वारा मानवतावादी पुरस्कार से सम्मानित हुई। 2019 - चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग को किर्गिस्तान के सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘मानस ऑर्डर ऑफ द फस्र्ट डिग्री’ से सम्मानित किया गया । 2020 - MP: शहडोल खदान धंसने के बाद छह मजदूरों की मौत व चार की हालत गम्भीर हुई। 2020 - पुरातत्व सर्वेक्षण टीम ने दावा किया कि महानदी के पानी में डूबा एक 500 साल पुराना मंदिर की खोज की। 2020 - चीन के झेजियांग प्रांत में एक तेल के टैंकर में विस्फोट हो गया जिससे 10 लोगों की मौत हो गई (जो बाद में बढकर 20 से अधिक हो गयी थी) और 100 (बाद में और बढ़े) से ज्यादा लोग घायल हो गए। 2021 - अमरीका और दक्षिण कोरिया ने कोरिया प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से रहित करने के लिए जापान के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। 2022 - रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में "रेलवे के लिए स्टार्ट-अप" का शुभारंभ किया। 2022 - 38वीं भारत-इंडोनेशिया समन्वित गश्त अंडमान सागर और मलक्का जलडमरूमध्य में आयोजित। 2023 - Delhi-NCR में 5.4 तीव्रता का भूकंप आया , उत्तर भारत से लेकर पाकिस्तान , चीन तक धरती हिली। 2023 - ओडिशा के टाटा स्टील प्लांट में भांप लीक होने के कारण 19 कर्मचारी झुलसे। 2023 - कट्टुपल्ली में मैसर्स एल एंड टी के सर्वे वैसल्स (लार्ज) परियोजना के चौथे जहाज 'संशोधक' को लॉन्च किया गया। 2023 - जी20 की भारत की अध्यक्षता के तहत एसएआई20 सहभागिता समूह का एसएआई20 शिखर सम्मेलन गोवा में संपन्न हुआ। 13 जून को जन्मे व्यक्ति 1909 - एलमकुलम मनक्कल सनकरन नंबूदरीपाद एक कम्यूनिस्ट नेता और केरल के पहले मुख्यमंत्री (1906 का भी वर्णन इसलिए कन्फर्म कर लें )। 1923 - प्रेम धवन, हिंदी सिनेमा जगत् के मशहूर गीतकार। 1944 - बान की मून - संयुक्त राष्ट्र संघ के आठवें महासचिव थे। 1964 - पीयूष गोयल - भाजपा के राजनेता और भारत के पूर्व रेलमंत्री और कोयला मंत्रालय, भारत सरकार के प्रमुख मंत्री। 1992 - दिशा पटानी - भारतीय अभिनेत्री । 1994 - दीपिका कुमारी भारतीय महिला तीरंदाज। 13 जून को हुए निधन 1719 - रफ़ीउद्दाराजात - दसवाँ मुग़ल बादशाह था। 1922 - नानक भील - अंग्रेज़ों का विरोध करने वाले क्रांतिकारी विचारों के व्यक्ति थे। 1994 - राज कुमार जयचंद्र सिंह - मणिपुर के भूतपूर्व सातवें मुख्यमंत्री थे। 1999 - मेजर मनोज तलवार - भारतीय सेना के जाबांज सैनिकों में से एक थे। 2008 - कीर्ति चौधरी - तीसरे सप्तक की एकमात्र कवयित्री । 2012 - मेहदी हसन - प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक। 2016 - मुद्राराक्षस - भारत के प्रसिद्ध लेखक, उपन्यासकार, नाटककार, आलोचक तथा व्यंग्यकार थे। 2020 - उत्तराखंड के लोकगायक हीरा सिंह राणा का दिल का दौरा पड़ने से निधन। 2020 - विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय (डीएवीपी) की पूर्व महानिदेशक और सेवानिवृत्त आईआईएस अधिकारी सुरिंदर कौर का 77 वर्ष की आयु में निधन हुआ। 2020 - भारत के सबसे पुराने प्रथम श्रेणी क्रिकेटर वसंत रायजी का 100 वर्ष की आयु में निधन। 2021 - भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान एवं मिल्खा सिंह की पत्नी निर्मल कौर का कोविड-19 के कारण निधन हुआ। 2021 - उत्तराखंड की दिग्गज राजनेता डॉ. इंदिरा हृदयेश का निधन हुआ। 2021 - दुनिया में सबसे बड़े परिवार के मुखिया जियोंघा का निधन हुआ। 2023 - राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अमेरिकी नाटककार कॉरमैक मैक्कार्थी (89) का निधन हुआ। 2023 - रग्बी यूनियन खिलाड़ी पॉल एंथोनी जॉर्ज रेंडल (69) का निधन हुआ। 2023 - रूसी जिमनास्ट विक्टर निकितोविच लिसित्स्की (83) का निधन हुआ। 13 जून के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव श्री कोलबास्वामी जयंती एवं पुण्य तिथि - धापेवाड़ा (नागपुर)। श्री ई० एम० एस० नंबूदरीपाद जयन्ती (कन्फर्म नहीं )। मेजर मनोज तलवार शहीदी दिवस। श्री राज कुमार जयचंद्र सिंह स्मृति दिवस। अंतर्राष्ट्रीय अल्बिनिज्म ( रंगहीनता ) जागरूकता दिवस। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इंद्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
1568 – इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ प्रथम ने स्कॉट रानी मैरी को गिरफ्तार किया। 1571 – मिग्यूल लोपेज डी जगाज्पी ने फिलीपींस की राजधानी मनीला की स्थापना की। 1714 - ग्रेट ब्रिटेन की रानी ने अपने जीवनकाल में हनोवर के सदन के सदस्यों को ब्रिटेन में रहने की इजाजत देने से इनकार किया। 1769 - पोप क्लेमेंट XIV पोप क्लेमेंट XIII के स्थान पर 249वें पोप के रूप में चुने गए। 1792 – रूसी सेना पोलैंड में दाखिल हुई। 1802 - नेपोलियन बोनापार्ट ने साहब फ्रेंच लेजन (साहब की सेना) स्थापना की। 1848 – दुनिया का पहला डिपार्टमेंटल स्टोर खुला। 1885 – जर्मन चांसलर बिस्फार्क ने अफ्रीकी देश कैमरून और टोंगोलैंड पर कब्जा किया। 1892 – बहुचर्चित नाटककार और कवि आॅस्कर वाइल्ड जेल से रिहा किए गए थे। 1900 – दुनिया के तब के सबसे बड़े रेल सुरंग सिंपलन यात्रियों के लिए खुला, इटली-स्विट्जरलैंड मार्ग से जुड़े। 1926 – बेनितो मुसोलिनी ने इटली को फांसीवादी राष्ट्र घोषित किया। 1930 – श्वेत महिलाओं को साउथ अफ्रीका में वोट देने का अधिकार प्राप्त हुआ। 1939 – रूस और ब्रिटेन ने नाजी विरोधी समझौते पर हस्ताक्षर किए। 1961 – असम के सिलचर रेलवे स्टेशन पर बंगाली भाषा को मान्यता दिए जाने की मांग को लेकर पुलिस के साथ भिड़ंत में 11 लोगों की मौत हुई। 1971 – भारतीय नौसेना का पहला पनडुब्बी अड्डा वीर बाहू विशाखापत्तनम में शुरू हुआ। 1971 – रूस ने मार्स-2 प्रोग्राम लांच किया। 1976 – ऑस्ट्रेलिया ने सोने के स्वामित्व को कानूनी मान्यता दी। 1991 – क्रोएशियाई नागरिकों ने आजादी के लिए जनमत संग्रह में हिस्सा लिया। 1999 - भारतीय मूल के महेन्द्र चौधरी फिजी के प्रधानमंत्री नियुक्त। 1999 - मैक्सिको में 'बाल्कान डिफ़्यूजो' नामक ज्वालामुखी सक्रिय। 2000 – डिज्नी ने ‘डायनासोर’ फिल्म रिलीज की। 2000 - फिजी में भारतीय मूल के प्रधानमंत्री महेन्द्र चौधरी की सरकार को ठीक एक साल बाद सात नाकाबपोश सशस्त्र व्यक्तियों द्वारा तख्तापलट। 2001 - इस्रायल का फ़िलिस्तीनी मुख्यालयों पर हवाई हमला, 15 घायल। 2002 - पूर्वी तिमोर चार सदियों की दासता के बाद नयी सहस्त्राब्दी के पहले नये राष्ट्र के रूप में विश्व मानचित्र पर उभरा। 2003 - जिबुती के राष्ट्रपति इस्माइल उमर गुलेह भारत की यात्रा पर नई दिल्ली पहुँचे। 2006 - भारतीय मूल के मलेशियाई उद्योगपति टी. रविचन्द्रन ने माउंट एवरेस्ट को फ़तह किया। 2007 - अमेरिकी सीनेट में समग्र आव्रजन सुधार विधेयक पर सहमति। 2008 - भारत व चीन के बीच नाथुला से व्यापार पुनः शुरू हुआ। 2008 - विश्व श्रम संगठन के कार्यकारी अक्ष्यक्ष असाने ने नई दिल्ली में सामाजिक सुरक्षा पर सम्मेलन का उदघाटन किया। 2008 - बैंक आफ़ बड़ौंदा ने वर्ष 2007-08 में अपने शुद्ध लाभ में 39.9% की वृद्धि दर्ज की। 2008 - मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महाथिर मुहम्मद ने सत्तायुढ़ दल से अलग होने की घोषणा की। 2008 - कैलाश मानसरोवर के लिए चीन ने भारतीय यात्रियों का दौरा स्थगित किया। 2010 - भारत सरकार को 34 दिनों से चले आ रहे 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से 67718.95 करोड़ रुपए का शुल्क मिलना तय हो गया। 2010 - बिहार के मुजफ्फरपुर-रक्सौल रेलखंड पर मोतीहारी ज़िला के जीवधारा और पीपरा रेलवे स्टेशन के बीच बंगारी हॉल्ट के समीप नक्सलियों ने रेल पटरी उड़ा दी, जिससे एक टैंकर मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई तथा इसकी 13 बोगियों में आग लग गई। 2011- 58वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों की घोषणा हुई। फ़िल्म 'मोनेर मानुस' को राष्ट्रीय एकता के लिए , फिल्म 'दबंग' को सर्वाधिक मनोरंजक फ़िल्म के लिए पुरस्कृत किया। मलयालम फ़िल्म ‘एदेमाइन्ते माकान अबू’ को सर्वश्रेठ फ़िल्म , अरुणिमा शार्मा को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक चुना गया। 2016 - पेरिस से काहिरा जाने वाली इजिप्टएयर उड़ान MS804 भूमध्य पर गायब हो गयी। 2019 - इराक: शिया अर्द्धसैनिक जवानों पर बम हमले में सात की मौत, 26 घायल हो गए। 2019 - ऑस्ट्रेलियाई चुनाव में बड़ा उलटफेर: सत्तारूढ़ लिबरल गठबंधन की जीत, लेबर पार्टी नेता बिल शॉर्टन का इस्तीफा। 2020 - भारत - केंद्र ने अम्बिकापुर, राजघाट, सूरत, मैसूर, इंदौर और नवी मुंबई को कचरा मुक्त फाइव स्टार शहर घोषित किया। 2021 - झारखंड में ट्रेन का इंजन पटरी से उतरकर नदी में लुढ़का , 84 यात्री बाल-बाल बचे। 2021 - राजस्थान ने म्यूकोर-मिकोसिस यानी ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया। 2021 - नेपाल में 5.8 तीव्रता के भूकंप से लगभग दो दर्जन घर ध्वस्त हुए व लगभग छह लोग घायल हो गए। भारत के जम्मू-कश्मीर व असम में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। 2022 - ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की चीन में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक हुई। 2022 - देश में पहली बार 5G कॉल का IIT मद्रास में सफल परीक्षण किया गया , नेटवर्क का सारा डिजाइन भारत में ही डेवलप किया गया। 2022 - अफ्रीका के लिये संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष राजनीतिक अधिकारी ने माली के ‘साहेल क्षेत्रीय आतंकवाद रोधी बल’ (G5-Sahel या G5S) से हटने की जानकारी दी। 2023 - भारत की पहली वाणिज्यिक यात्री उड़ान स्वदेशी रूप से उत्पादित टिकाऊ विमानन ईंधन (एसएएफ) के मिश्रण का उपयोग करके उड़ाई गई। 2023 - केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने एशिया पेट्रोकेमिकल उद्योग सम्मेलन 2023 की अध्यक्षता की। 2023 - केंद्रीय मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का कार्यभार संभाला। 2023 - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जापान के हिरोशिमा पहुंचे। 2023 - भारतीय रिज़र्व बैंक ने ₹ 2000 मूल्यवर्ग के बैंक नोटों को प्रचलन से वापस लेने का निर्णय लिया। 2023 - भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 100 घंटे में बनाई 100 किमी की सड़क बनाकर एक और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। 2024 - ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन हुआ। इसमें ईरान के विदेश मंत्री होसैन अमीराब्दुल्लाहियन समेत नौ लोग सवार थे। सभी की मृत्यु हो गई। 19 मई को जन्मे व्यक्ति 1824 - नाना साहेब सन 1857 के भारतीय स्वतन्त्रता के प्रथम संग्राम के शिल्पकार थे। उनका मूल नाम 'धोंडूपन्त' था। 1881 - कमाल अतातुर्क - आधुनिक तुर्की के निर्माता थे। 1910 - नाथुराम विनायक गोडसे। 1913 - नीलम संजीव रेड्डी - भारत के पूर्व राष्ट्रपति। 1934 - रस्किन बॉण्ड - अंग्रेज़ी भाषा के प्रसिद्ध भारतीय लेखकों में से एक हैं। 1938 - गिरीश कर्नाड, कवि, रंगमंच कर्मी, कहानी लेखक, नाटककार, फ़िल्म निर्देशक और फ़िल्म अभिनेता। 1947 - टी.सी. योहानन - लम्बी कूद के भारतीय खिलाड़ी । 1974 - नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी एक भारतीय फ़िल्म अभिनेता। 1999 - नायब सूबेदार दीपक पुनिया, एक भारतीय फ्रीस्टाइल पहलवान व भारतीय सेना में जूनियर कमीशंड अधिकारी। 19 मई को हुए निधन 1904 - जमशेद जी टाटा - टाटा समूह के संस्थापक। 1979 - हज़ारी प्रसाद द्विवेदी - हिन्दी के शीर्ष साहित्यकार। 1996 - जानकी रामचन्द्रन - प्रसिद्ध तमिल अभिनेत्री तथा तमिलनाडु की भूतपूर्व मुख्यमंत्री। 1997 - सोंभु मित्रा - फ़िल्म और रंगमंच अभिनेता, निर्देशक और नाटककार थे। 2004 - एरम्पाला कृष्णन नायनार - केरल के पूर्व मुख्यमंत्री। 2008 - परम्परावादी मराठी थियेटर के पुरोधा, भारतीय नाटककार और रंगमंचकर्मी विजय तेंदुलकर का निधन। 2010 - स्काटिश जॉन शेफर्ड बैरोन, दुनिया की पहली एटीएम :ऑटोमैटिक टेलर मशीन के आविष्कारक। 2021 - राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री श्री जगन्नाथ पहाड़िया (93) का निधन हुआ। 2021 - मुंबई आतंकवादी हमलों के दौरान कमांडो बल का नेतृत्व करने वाले NSG के पूर्व महानिदेशक जेके दत्त (72) की मौत हुई। 2023 - अंग्रेजी संगीतकार एंड्रयू माइकल राउरके (59) का निधन हुआ। 2023 - ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट खिलाड़ी ब्रायन बूथ (89) का निधन हुआ। 2023 - अंग्रेजी उपन्यासकार, निबंधकार, संस्मरणकार, पटकथा लेखक और आलोचक मार्टिन एमिस (73) का निधन हुआ। 2023 - अंग्रेजी प्रदर्शन कवि, गीतकार और गायक पीट ब्राउन (82) का निधन हुआ। 2024 - ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी (63) का हेलीकॉप्टर क्रैश में निधन हुआ। 2024 - अमेरिकी पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी जिम ओटो (86) का निधन हुआ। 19 मई के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव श्री श्रेयांसनाथ जी गर्भ कल्याणक (जैन , ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी अनुसार)। श्री नीलम संजीव रेड्डी जयन्ती। श्रीमती जानकी रामचन्द्रन स्मृति दिवस। श्री जगन्नाथ पहाड़िया स्मृति दिवस। श्री एरम्पाला कृष्णन नायनार स्मृति दिवस। कृपया ध्यान दें यद्यपि इसे तैयार करने में पूरी सावधानी रखने की कोशिश रही है। फिर भी किसी घटना , तिथि या अन्य त्रुटि के लिए IDTV इन्द्रधनुष की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
मेकअप खरीदना अक्सर उत्साह से ज्यादा कन्फ्यूजन से भरा अनुभव बन जाता है, खासकर जब बात फाउंडेशन की हो। स्टोर में जो शेड परफेक्ट लगता है, वही कुछ घंटों बाद ऑरेंज, ग्रे या जरूरत से ज्यादा डार्क नजर आने लगता है। कई बार गलत शेड की बोतलें ड्रेसिंग टेबल के कोने में पड़ी रह जाती हैं और लोग मजबूरी में वही फाउंडेशन इस्तेमाल करते रहते हैं जो उनकी स्किन टोन से मेल ही नहीं खाता। ऐसे में मेकअप एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही फाउंडेशन चुनना मुश्किल जरूर है, लेकिन अगर कुछ बेसिक बातों का ध्यान रखा जाए तो यह प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है। मेकअप आर्टिस्ट Leiya Phinao Ningshen और Rose Siard ने फाउंडेशन चुनने के तीन सबसे जरूरी स्टेप्स बताए हैं—शेड, अंडरटोन और स्किन टाइप। Step 1: सही शेड कैसे चुनें? अधिकतर लोग फाउंडेशन को हाथ के पीछे लगाकर टेस्ट करते हैं, जबकि एक्सपर्ट्स इसे सबसे बड़ी गलती मानते हैं। हाथ का रंग अक्सर चेहरे से अलग होता है क्योंकि वह ज्यादा धूप में रहता है। मेकअप आर्टिस्ट्स के मुताबिक, फाउंडेशन हमेशा जॉलाइन यानी चेहरे और गर्दन के बीच वाले हिस्से पर टेस्ट करना चाहिए। इससे पता चलता है कि शेड चेहरे और गर्दन दोनों में नेचुरली ब्लेंड हो रहा है या नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि फाउंडेशन को खरीदने से पहले उसे कम से कम 5 से 10 मिनट तक स्किन पर रहने दें। ऐसा इसलिए क्योंकि कई फाउंडेशन स्किन के ऑयल के साथ मिलकर ऑक्सीडाइज हो जाते हैं और कुछ देर बाद डार्क या ऑरेंज दिखने लगते हैं। ऑक्सीडेशन क्या होता है? ऑक्सीडेशन वह प्रक्रिया है जिसमें फाउंडेशन स्किन के नैचुरल ऑयल के संपर्क में आकर अपना रंग बदल देता है। यही वजह है कि शुरुआत में सही दिखने वाला फाउंडेशन बाद में अलग नजर आने लगता है। Step 2: अपना Undertone पहचानें कई बार समस्या शेड की नहीं बल्कि अंडरटोन की होती है। अगर फाउंडेशन चेहरे पर ज्यादा पीला, गुलाबी या ग्रे दिख रहा है, तो संभव है कि उसका अंडरटोन आपकी स्किन से मैच नहीं कर रहा हो। अंडरटोन पहचानने का आसान तरीका: Cool Undertone: नसें नीली या बैंगनी दिखती हैं Warm Undertone: नसें हरी या ऑलिव टोन में नजर आती हैं Neutral Undertone: Warm और Cool का संतुलन Olive Undertone: स्किन में हल्का हरा-ग्रे टोन दिखाई देता है एक्सपर्ट्स का कहना है कि कलर करेक्टर का सही इस्तेमाल भी मेकअप को बेहतर बना सकता है। उदाहरण के लिए: Green corrector रेडनेस कम करता है Peach corrector डार्कनेस छुपाता है Yellow corrector पिंक या ब्लू टोन को बैलेंस करता है Step 3: स्किन टाइप के हिसाब से चुनें Formula सिर्फ सही शेड चुनना काफी नहीं है। अगर फाउंडेशन का फॉर्मूला आपकी स्किन टाइप के मुताबिक नहीं होगा, तो मेकअप खराब दिख सकता है। Oily या Acne-Prone Skin ऑयल-फ्री, मैट और लॉन्ग-वियर फाउंडेशन बेहतर रहते हैं। Dry Skin Hydrating या Serum-infused फाउंडेशन स्किन को फ्लॉलेस लुक देते हैं। Combination Skin Natural या Satin finish फाउंडेशन सबसे अच्छा विकल्प माने जाते हैं। मेकअप एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि फाउंडेशन हमेशा पतली लेयर में लगाएं और उसे स्किन पर प्रेस करें, रगड़ें नहीं। साथ ही जरूरत से ज्यादा पाउडर लगाने से बचें, वरना मेकअप केकी दिख सकता है। गलत फाउंडेशन को कैसे ठीक करें? अगर गलती से गलत शेड खरीद लिया है, तो उसे फेंकने की जरूरत नहीं। ज्यादा Orange लगे तो Blue corrector मिलाएं ज्यादा Yellow लगे तो Purple tone add करें Grey दिखे तो Bronzer से Warmth दें ज्यादा Dark हो तो White mixer से हल्का करें मेकअप एक्सपर्ट्स का मानना है कि परफेक्ट फाउंडेशन वही होता है जो स्किन में पूरी तरह घुल जाए और अलग से नजर न आए। सही शेड ढूंढने में थोड़ा समय जरूर लगता है, लेकिन बेसिक जानकारी होने पर यह प्रक्रिया आसान और कम खर्चीली बन सकती है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।