Xiaomi launch

Xiaomi 17 Max smartphone featuring a 200MP Leica camera and massive 8000mAh battery
Xiaomi 17 Max लॉन्च: 8000mAh बैटरी और 200MP Leica कैमरा के साथ फ्लैगशिप सेगमेंट में हलचल

स्मार्टफोन बाजार में एक बार फिर फ्लैगशिप रेस तेज हो गई है। Xiaomi ने अपना नया प्रीमियम स्मार्टफोन Xiaomi 17 Max चीन में लॉन्च कर दिया है। यह फोन अपने दमदार फीचर्स-8000mAh बैटरी, 200MP Leica कैमरा और Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट-की वजह से चर्चा में है। कंपनी ने इसे उन यूजर्स के लिए तैयार किया है जो गेमिंग, फोटोग्राफी और हाई-परफॉर्मेंस मल्टीटास्किंग के लिए एक ऑल-इन-वन फ्लैगशिप फोन चाहते हैं। 8000mAh बैटरी के साथ नया पावर गेम Xiaomi 17 Max की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8000mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी है, जो फ्लैगशिप सेगमेंट में बेहद बड़ी मानी जा रही है। कंपनी का दावा है कि यह फोन लंबे गेमिंग सेशन, वीडियो स्ट्रीमिंग और हेवी यूज के दौरान भी शानदार बैकअप देगा। फोन में 100W फास्ट चार्जिंग, 50W वायरलेस चार्जिंग और रिवर्स वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट भी दिया गया है, जिससे यह डिवाइस दूसरे गैजेट्स को भी चार्ज कर सकता है। 200MP Leica कैमरा सिस्टम बना बड़ा आकर्षण Xiaomi 17 Max में Leica के साथ मिलकर तैयार किया गया 200MP प्राइमरी कैमरा दिया गया है। इसके साथ 50MP अल्ट्रा-वाइड और 50MP टेलीफोटो लेंस मिलता है। कैमरा सिस्टम में AI-बेस्ड सीन ऑप्टिमाइजेशन, नाइट फोटोग्राफी और 8K वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं। यह फोन मोबाइल फोटोग्राफी को प्रोफेशनल लेवल तक ले जाने का दावा करता है। Snapdragon 8 Elite Gen 5 के साथ दमदार परफॉर्मेंस फोन में Qualcomm का लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया गया है, जो 3nm टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसके साथ 16GB तक RAM और 512GB स्टोरेज का विकल्प मिलता है। गेमिंग और हीट मैनेजमेंट के लिए कंपनी ने एडवांस्ड कूलिंग सिस्टम भी शामिल किया है, जिससे लंबे समय तक परफॉर्मेंस स्थिर बनी रहती है। डिस्प्ले और डिजाइन में प्रीमियम टच Xiaomi 17 Max में 6.9 इंच LTPO AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 3500 निट्स तक ब्राइटनेस मिलती है। फोन IP68 रेटिंग के साथ आता है और इसे ब्लैक, व्हाइट, ब्लू और टाइटेनियम सिल्वर जैसे प्रीमियम कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। Xiaomi 17 Max बनाम Xiaomi 17 Ultra जहां Xiaomi 17 Ultra कैमरा-केंद्रित फोन है, वहीं Xiaomi 17 Max बैटरी और ऑलराउंड परफॉर्मेंस पर ज्यादा फोकस करता है। Ultra में 6800mAh बैटरी है, जबकि Max में 8000mAh बैटरी दी गई है। भारत लॉन्च को लेकर स्थिति चीन में इस फोन की शुरुआती कीमत CNY 4,799 रखी गई है और बिक्री 25 मई 2026 से शुरू होगी। हालांकि कंपनी ने भारत लॉन्च को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि आने वाले महीनों में यह ग्लोबल मार्केट में भी आ सकता है।  

surbhi मई 23, 2026 0
Redmi K90 Max smartphone showcasing sleek design and Geekbench performance with Dimensity 9500 chipset.
Redmi K90 Max लॉन्च से पहले बड़ा खुलासा: दमदार Dimensity 9500 चिप और 16GB RAM के साथ दिखा Geekbench पर

चीनी स्मार्टफोन बाजार में जल्द दस्तक देने जा रहा Redmi K90 Max लॉन्च से पहले ही सुर्खियों में आ गया है। Xiaomi के सब-ब्रांड Redmi का यह आगामी फ्लैगशिप डिवाइस Geekbench बेंचमार्किंग साइट पर स्पॉट हुआ है, जहां इसकी परफॉर्मेंस और प्रमुख स्पेसिफिकेशंस का खुलासा हुआ है। दमदार प्रोसेसर: Dimensity 9500 का मिलेगा साथ Geekbench लिस्टिंग के अनुसार, Redmi K90 Max में MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट दिया जा सकता है। यह एक ऑक्टा-कोर प्रोसेसर है, जिसमें “All Big Core” आर्किटेक्चर देखने को मिलता है। इसमें: 1 Ultra core (4.21GHz) 3 Premium cores (3.50GHz) 4 Pro cores (2.70GHz) जैसी हाई-एंड कॉन्फ़िगरेशन दी गई है, जो इसे प्रीमियम फ्लैगशिप सेगमेंट में मजबूती से खड़ा करती है। 16GB RAM और Android 16 का सपोर्ट लिस्टिंग से यह भी सामने आया है कि यह फोन करीब 14.88GB RAM के साथ आएगा, जिसे मार्केट में 16GB RAM के रूप में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही यह डिवाइस लेटेस्ट Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा, जिसके ऊपर Xiaomi का नया HyperOS 3 इंटरफेस मिलने की संभावना है। Geekbench स्कोर ने बढ़ाई उम्मीदें परफॉर्मेंस के मामले में Redmi K90 Max ने शानदार स्कोर दर्ज किए हैं: सिंगल-कोर: 3,513 मल्टी-कोर: 10,711 ये आंकड़े बताते हैं कि यह फोन फ्लैगशिप डिवाइसेज के बराबर परफॉर्मेंस देने में सक्षम होगा। अन्य फ्लैगशिप से सीधी टक्कर Redmi K90 Max का मुकाबला सीधे Vivo X300 Pro और Oppo Find X9 Pro जैसे हाई-एंड स्मार्टफोन्स से माना जा रहा है, जो इसी चिपसेट के साथ आते हैं। परफॉर्मेंस आंकड़ों के आधार पर यह साफ है कि Redmi का यह फोन फ्लैगशिप सेगमेंट में मजबूत प्रतिस्पर्धा पेश करेगा। जल्द हो सकता है लॉन्च कंपनी ने पहले ही संकेत दे दिया है कि Redmi K90 Max को चीन में जल्द लॉन्च किया जाएगा। इसके बाद इसे ग्लोबल मार्केट में भी पेश किया जा सकता है।  

surbhi अप्रैल 14, 2026 0
Xiaomi TV S Mini LED Series 4K smart TV with premium display and sleek design
15 अप्रैल को भारत में लॉन्च होगी Xiaomi TV S Mini LED सीरीज, जानिए क्या होगा खास

चीनी टेक कंपनी Xiaomi भारत में अपने इकोसिस्टम को तेजी से विस्तार दे रही है। स्मार्टफोन के बाद अब कंपनी प्रीमियम स्मार्ट टीवी सेगमेंट में बड़ा दांव खेलने जा रही है। Xiaomi ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि उसकी नई Xiaomi TV S Mini LED Series 15 अप्रैल 2026 को भारतीय बाजार में लॉन्च होगी। भारत में किन मॉडल्स के साथ एंट्री? कंपनी शुरुआत में इस सीरीज के 55 इंच और 65 इंच मॉडल लॉन्च कर सकती है। हालांकि ग्लोबल मार्केट में यह सीरीज 55, 65, 75, 85 और 98 इंच जैसे बड़े स्क्रीन ऑप्शन के साथ पहले ही पेश की जा चुकी है। भारत में आगे चलकर अन्य साइज भी लाए जा सकते हैं। डिस्प्ले में मिलेगा प्रीमियम अनुभव Xiaomi की इस नई टीवी सीरीज में Quantum MagiQ Mini LED डिस्प्ले टेक्नोलॉजी दी जाएगी, जो बेहतर ब्राइटनेस और कलर एक्युरेसी के लिए जानी जाती है। टीवी में मिलेगा: 4K रेजोल्यूशन (3840×2160 पिक्सल) 120Hz रिफ्रेश रेट 1200 निट्स तक पीक ब्राइटनेस 94% DCI-P3 कलर गामट HDR10+ और HLG सपोर्ट ये फीचर्स मिलकर यूजर्स को शानदार विजुअल एक्सपीरियंस देने का वादा करते हैं। दमदार ऑडियो और स्मार्ट फीचर्स ऑडियो के मामले में भी यह टीवी पीछे नहीं है। इसमें 15W के ड्यूल स्पीकर्स दिए जा सकते हैं, जो Dolby Atmos सपोर्ट के साथ इमर्सिव साउंड देंगे। यह टीवी Google TV पर चलेगा, जिससे यूजर्स को Netflix, Prime Video, Disney+ Hotstar जैसी सभी प्रमुख OTT ऐप्स का एक्सेस मिलेगा। साथ ही Chromecast और AirPlay सपोर्ट भी मिलेगा। कनेक्टिविटी और पोर्ट्स कनेक्टिविटी के लिए टीवी में Wi-Fi 5 और Bluetooth 5.0 का सपोर्ट मिल सकता है। इसके अलावा: HDMI 2.1 और HDMI 2.0 पोर्ट्स USB पोर्ट्स Ethernet पोर्ट जैसे जरूरी विकल्प भी शामिल होंगे। कीमत और उपलब्धता फिलहाल Xiaomi ने कीमत का खुलासा नहीं किया है। उम्मीद है कि लॉन्च के करीब कंपनी इसकी कीमत और सेल डेट की पूरी जानकारी साझा करेगी। यह लॉन्च भारत के स्मार्ट टीवी मार्केट में Xiaomi की पकड़ को और मजबूत कर सकता है, खासकर उन ग्राहकों के बीच जो प्रीमियम फीचर्स किफायती कीमत में चाहते हैं।  

surbhi अप्रैल 1, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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रिम्स हॉस्टल में एमबीबीएस छात्र की मौत, फंदे से लटका शव बरामद

Anjali Kumari मई 16, 2026 0