आंधी बारिश

Dark clouds and thunderstorm activity over Jharkhand as rain and lightning alert issued in multiple districts
12-13 मई को झारखंड में मौसम का डबल अटैक, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

Jharkhand में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में 17 मई तक तेज गर्मी के बाद दोपहर और शाम के समय आंधी, वज्रपात और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 12 और 13 मई को राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य प्रदेश और हिमालयी क्षेत्र से पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर झारखंड के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इसके कारण राज्य में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 12 मई को इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक 12 मई को Ranchi, Khunti, Ramgarh, Hazaribagh, Koderma, Giridih, Dhanbad, Deoghar, Jamtara, Dumka, Godda, Sahibganj और Pakur में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। इसके साथ मेघ गर्जन, वज्रपात और बारिश की भी संभावना है। वहीं Palamu और Garhwa को छोड़कर राज्य के बाकी हिस्सों में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 13 मई को भी खराब रहेगा मौसम 13 मई को भी मौसम का असर कम होने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने Ranchi, Khunti, West Singhbhum, East Singhbhum, Seraikela, Ramgarh, Bokaro, Dhanbad, Jamtara, Giridih, Deoghar और Dumka में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की तेज हवाओं के साथ आंधी, वज्रपात और भारी बारिश हो सकती है। 14 और 15 मई को कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार 14 मई को Garhwa, Palamu, Chatra और Latehar को छोड़कर बाकी जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवा चलने और बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 15 मई को पूरे Jharkhand में आंधी, बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने राज्यभर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। किसानों और आम नागरिकों को बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।  

surbhi मई 12, 2026 0
Dark storm clouds over Jharkhand with lightning, heavy rain and strong winds indicating severe weather alert
Jharkhand Weather Alert: आज से बदलेगा मौसम, कई जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का खतरा

भीषण गर्मी से जूझ रहे Jharkhand के लोगों के लिए राहत की खबर है, लेकिन इसके साथ सतर्क रहने की भी जरूरत है। मौसम विभाग ने आज से राज्य के कई हिस्सों में मौसम बदलने के संकेत दिए हैं और तेज आंधी, बारिश, मेघ गर्जन व वज्रपात को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आज से शुरू होगा बदलाव राजधानी Ranchi समेत कई जिलों में शुक्रवार दोपहर के बाद मौसम करवट ले सकता है। आसमान में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। 25 अप्रैल: कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट 25 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में मौसम ज्यादा बिगड़ सकता है। रांची के अलावा गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम समेत कई जिलों में: 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवा गर्जन और वज्रपात ओलावृष्टि की संभावना इन हालात को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 26 अप्रैल: 9 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी 26 अप्रैल को गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो में ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। बाकी जिलों में भी आंधी और गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। 27 अप्रैल: लगातार तीसरे दिन खराब मौसम 27 अप्रैल को भी Ranchi सहित कई जिलों में खराब मौसम जारी रहने के संकेत हैं। ओलावृष्टि तेज हवा वज्रपात हल्की से मध्यम बारिश कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि अन्य में येलो अलर्ट लागू रहेगा। लोगों के लिए जरूरी सलाह आंधी और बिजली के दौरान खुले स्थान पर न रहें पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें मोबाइल पर मौसम अपडेट लगातार चेक करते रहें

surbhi अप्रैल 24, 2026 0
Bihar weather alert showing storm clouds, rainfall and heatwave conditions across different districts
बिहार मौसम अलर्ट: आज-कल आंधी-पानी, 19 अप्रैल से लू का प्रकोप; कई जिलों में रेड अलर्ट

Bihar में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और राज्य इस समय दो अलग-अलग मौसमीय परिस्थितियों का सामना कर रहा है। अगले 48 घंटे लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आएंगे, जबकि 19 अप्रैल से भीषण गर्मी का दौर शुरू होने की चेतावनी दी गई है। सीमांचल में बारिश और आंधी से राहत मौसम विभाग के अनुसार सीमांचल क्षेत्र–अररिया, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया–में शुक्रवार और शनिवार को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन जिलों में बादल और बारिश की वजह से लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। दक्षिण बिहार में बढ़ता तापमान दूसरी ओर दक्षिणी जिलों–रोहतास, भभुआ (कैमूर) और औरंगाबाद–में पछुआ हवाओं के कारण तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। शुष्क हवाओं ने गर्मी को और तीखा बना दिया है, जिससे दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। 19 अप्रैल से लू का कहर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि 18 अप्रैल से ही कई जिलों में लू की शुरुआत हो सकती है, जो 19 अप्रैल से और तेज हो जाएगी। रेड अलर्ट वाले प्रमुख जिले: बक्सर रोहतास कैमूर भोजपुर औरंगाबाद गया पटना इन क्षेत्रों में तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है। पूरवा बनाम पछुआ हवा का असर इस समय बिहार में पूरवा (पूर्वी) और पछुआ (पश्चिमी) हवाओं के बीच खींचतान जारी है। जहां पूरवा हवा चल रही है, वहां तापमान अपेक्षाकृत कम है, जबकि पछुआ हवा वाले इलाकों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है। यही कारण है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मौसम देखने को मिल रहा है। क्या रखें सावधानियां आने वाले दिनों में तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है– दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें धूप में निकलते समय सिर और शरीर को ढककर रखें

surbhi अप्रैल 17, 2026 0
Dark storm clouds, lightning and strong winds over city indicating rain and hailstorm alert in India
आज का मौसम (6 अप्रैल 2026): 12 राज्यों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, अगले 72 घंटे भारी

देशभर में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। India Meteorological Department (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण उत्तर और पूर्व भारत के कई राज्यों में अगले 72 घंटों तक आंधी-बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि का दौर जारी रहेगा। इस चेतावनी के बाद Uttar Pradesh, Bihar, Rajasthan, Jharkhand, Punjab समेत 12 राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर: तीन दिन तक बदलता रहेगा मौसम Delhi-एनसीआर में 6 से 8 अप्रैल के बीच बादल छाए रहेंगे। 7 अप्रैल: हल्की से मध्यम बारिश, 30–50 किमी/घंटा की तेज हवाएं 8 अप्रैल: गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना उत्तर प्रदेश: ओलावृष्टि से बढ़ी चिंता Uttar Pradesh में पहले ही फसलों को नुकसान हो चुका है। अब IMD ने अगले तीन दिनों तक आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। 7-8 अप्रैल: पश्चिमी यूपी में तेज बारिश 8-9 अप्रैल: पूर्वी यूपी में बारिश हवा की रफ्तार: 60 किमी/घंटा तक लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, सहारनपुर समेत कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। बिहार: 70 किमी/घंटा तक चल सकती है आंधी Bihar में भी मौसम का असर तेज रहेगा। पटना, बक्सर, सुपौल, औरंगाबाद समेत कई जिलों में 6 से 8 अप्रैल के बीच ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी जारी है। हवा की रफ्तार: 50–70 किमी/घंटा उत्तराखंड: बारिश के साथ बर्फबारी के आसार Uttarakhand के पहाड़ी इलाकों में मौसम ज्यादा खराब रहने वाला है। उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश 40–50 किमी/घंटा की तेज हवाएं 3300 मीटर से ऊपर हल्की बर्फबारी की संभावना मध्य प्रदेश और राजस्थान: ओलावृष्टि का खतरा Madhya Pradesh और Rajasthan में भी आंधी-तूफान और ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। 8 अप्रैल: पश्चिमी मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि राजस्थान: 6-7 अप्रैल को तेज हवाएं और बारिश झारखंड और ओडिशा: तेज हवाओं के साथ बारिश Jharkhand के रांची, गोड्डा, गिरिडीह में आंधी-बारिश का अलर्ट है। Odisha के मयूरभंज और कटक में 70 किमी/घंटा तक तेज हवाएं चल सकती हैं। प्रमुख शहरों का तापमान (6 अप्रैल) दिल्ली: 31°C / 21°C मुंबई: 29°C / 26°C चेन्नई: 33°C / 28°C कोलकाता: 35°C / 23°C लखनऊ: 33°C / 21°C पटना: 34°C / 22°C

surbhi अप्रैल 6, 2026 0
Rooftop shed collapsed on vehicles after strong storm winds in Ranchi skyline building area
रांची में तेज आंधी से रूफटॉप शेड गिरा, बड़ा हादसा टला; कई वाहन क्षतिग्रस्त, आज भी बारिश के आसार

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार को अचानक बदले मौसम ने अफरा-तफरी मचा दी। तेज आंधी और बिजली की गर्जना के बीच कडरू मेन रोड स्थित स्काईलाइन बिल्डिंग में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक रेस्तरां के रूफटॉप पर लगा शेड टूटकर नीचे गिर गया।   शेड गिरा, बाल-बाल बचे लोग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तेज हवा के झोंकों के कारण रूफटॉप शेड अचानक टूटकर नीचे आ गिरा। राहत की बात यह रही कि उस समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई। हालांकि, नीचे खड़ी चार कारें और छह दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।   अचानक बदले मौसम से मची अफरा-तफरी सोमवार दोपहर बाद रांची के कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवा, बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने से वातावरण पूरी तरह बदल गया। इस दौरान कई जगहों पर कमजोर और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रही।   आज भी बारिश और तेज हवा की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को रांची में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।   अगले कुछ दिनों तक मौसम रहेगा खराब मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि झारखंड समेत पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक, तेज हवा और बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।   सतर्कता ही सुरक्षा इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बेहद जरूरी है। समय रहते सतर्कता बरतने से बड़े हादसों को टाला जा सकता है।  

surbhi मार्च 17, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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surbhi मई 15, 2026 0