ईशान किशन

IND VS ENG 2nd T20
दूसरे टी20 में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से हराया, 191 रन का लक्ष्य किया हासिल

मैनचेस्टर, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने रोमांचक अंदाज में 4 विकेट से जीत दर्ज कर ली। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 190/7 का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया, लेकिन इंग्लैंड ने 19 ओवर में 191/6 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।   ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने संभाली भारतीय पारी   टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत की शुरुआत तेज रही। अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 43 रन, जबकि ईशान किशन ने 40 गेंदों पर 49 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर 10 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें दो छक्के शामिल रहे। अंत में तिलक वर्मा की उपयोगी पारी की बदौलत भारत ने 190/7 का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड की ओर से सैम करन ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए।   जैकब बेथेल की विस्फोटक पारी ने पलटा मैच   191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। फिल सॉल्ट और जोस बटलर पहले ही ओवर में बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में नाबाद 76 रन बनाए। उन्हें हैरी ब्रूक (39 रन) और टॉम बैंटन (39 रन) का अच्छा साथ मिला। इंग्लैंड ने 19वें ओवर में लक्ष्य हासिल कर मुकाबला जीत लिया।   अर्शदीप की शानदार गेंदबाजी भी नहीं बचा सकी भारत को   भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 40 रन देकर 3 विकेट झटके। अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती को एक-एक सफलता मिली, लेकिन डेथ ओवरों में भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना सके। मैच का निर्णायक मोड़ रवि बिश्नोई का 17वां ओवर रहा, जिसमें इंग्लैंड ने तेजी से 29 रन बटोरे और जीत की नींव रखी।

abhishek singh जुलाई 5, 2026 0
Abhishek Sharma
मैच रद्द, रिकॉर्ड बरकरार! अभिषेक बने सबसे तेज 100 टी-20I छक्के लगाने वाले बल्लेबाज

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और इंग्लैंड के बीच डरहम के चेस्टर-ली-स्ट्रीट में खेला गया पहला टी-20 मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 189 रन बनाए, लेकिन लगातार बारिश के कारण इंग्लैंड अपनी पारी शुरू नहीं कर सका और मैच रद्द घोषित कर दिया गया।   मैच भले ही बेनतीजा रहा, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने कई यादगार रिकॉर्ड अपने नाम किए। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने महज 24 गेंदों में 59 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। इसी दौरान उन्होंने सिर्फ 785 गेंदों में टी-20 इंटरनेशनल में 100 छक्के पूरे कर दुनिया के सबसे तेज बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने वेस्टइंडीज के ईविन लुईस (789 गेंद) का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। साथ ही, अभिषेक इंग्लैंड की धरती पर सबसे तेज टी-20 अर्धशतक लगाने वाले भारतीय भी बन गए। उन्होंने केवल 20 गेंदों में फिफ्टी पूरी कर केएल राहुल का 27 गेंदों का रिकॉर्ड तोड़ दिया।   श्रेयस ने कप्तानी में रचा इतिहास भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने 47 गेंदों में 68 रन की शानदार पारी खेली और इंग्लैंड में टी-20 अंतरराष्ट्रीय में अर्धशतक लगाने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए। उन्होंने विराट कोहली के 47 रन के पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय में बतौर कप्तान उनकी पहली फिफ्टी रही।   मैच के अन्य अहम पलों में ईशान किशन का लगातार दूसरे मैच में रन आउट होना और अभिषेक शर्मा का डीआरएस के बाद एलबीडब्ल्यू आउट होना शामिल रहा। वहीं, चेस्टर-ली-स्ट्रीट में भारत का लगातार तीसरा अंतरराष्ट्रीय मुकाबला भी बारिश के कारण बिना नतीजे के समाप्त हुआ। हालांकि मैच पूरा नहीं हो सका, लेकिन अभिषेक और श्रेयस की पारियों ने भारतीय टीम के लिए सकारात्मक संकेत जरूर दिए।

abhishek singh जुलाई 2, 2026 0
IND VS AFG
भारत Vs अफगानिस्तान तीसरा वनडे, क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

चेन्नई में 55% बारिश की आशंका चेन्नई, एजेंसियां। भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की सीरीज का तीसरा वनडे आज 20 जून को चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला जाएगा। मुकाबला दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा। भारत पहले ही सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुका है और अब उसकी नजर क्लीन स्वीप पर होगी। मौसम डाल सकता है बाधा मौसम मैच में बाधा डाल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार चेन्नई में शनिवार को बारिश की 55% संभावना है। अफगानिस्तान को पहली जीत का इंतजार भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक 6 वनडे मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 5 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला टाई रहा है। अफगानिस्तान आज तक भारत के खिलाफ कोई वनडे मैच नहीं जीत सका है। दोनों टीमों के बीच एकमात्र टाई मैच 2018 में खेला गया था। मौजूदा सीरीज दोनों देशों के बीच पहली बाइलेटरल वनडे सीरीज है। बरार सीरीज के टॉप विकेट टेकर वापसी कर रहे ईशान किशन ने दूसरे वनडे में 79 गेंदों पर 125 रन की शानदार पारी खेली। कप्तान शुभमन गिल भी बेहतरीन फॉर्म में हैं। उन्होंने पहले मैच में नाबाद 84 रन बनाए, जबकि दूसरे वनडे में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 154 रन जड़े। पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने दूसरे मैच में 48 रन की तेज पारी खेली। गेंदबाजी में इस सीरीज से इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले गुरनूर बरार सबसे सफल रहे हैं और अब तक सबसे ज्यादा विकेट ले चुके हैं। गुरबाज अफगानिस्तान के टॉप स्कोरर अफगानिस्तान के लिए इस सीरीज में सबसे ज्यादा रन रहमानुल्लाह गुरबाज ने बनाए हैं। उन्होंने दो मैचों में 143 रन बनाए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 170.23 का रहा है। गुरबाज ने सीरीज में एक शतक भी लगाया है। गेंदबाजी में नांगेलिया खरोटे ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने अपने एकमात्र मैच में 4 विकेट लिए है। हर्षित राणा स्क्वॉड में शामिल जांघ की चोट के कारण लखनऊ वनडे से बाहर रहने वाले सीम बॉलिंग ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी ने शुक्रवार को चेपॉक के नेट्स में बिना किसी परेशानी के गेंदबाजी की और वे आज वापसी कर सकते हैं। घुटने की सर्जरी से रिकवर होने के बाद हर्षित राणा को तीसरे वनडे के लिए टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उन्हें जल्दबाजी में मैदान पर उतारने की संभावना कम है, उन्होंने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच इस साल फरवरी में खेला था। चेन्नई में 29वां वनडे खेला जाएगा चेन्नई की पिच आमतौर पर स्पिनरों के लिए मददगार मानी जाती है, हालांकि शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को भी कुछ मदद मिल सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुकाबला चेपॉक की पिच नंबर 4 पर खेला जाएगा, जो कि लाल मिट्टी की है और यहां अच्छा बाउंस (उछाल) मिलने की उम्मीद है। मैच से दो दिन पहले चेन्नई में कुछ बारिश हुई थी, लेकिन मैच से एक दिन पहले मौसम साफ रहा। इस मैदान पर अब तक 28 वनडे खेले गए हैं, जिनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 15 और चेज करने वाली टीम ने 12 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा।   दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-11   भारत: रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर/केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश रेड्डी, कुलदीप यादव/हर्ष दुबे, गुरनूर बरार, प्रिंस यादव, प्रसिद्ध कृष्णा/अर्शदीप सिंह।   अफगानिस्तान: रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, सेदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हश्मतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), दरविश रसूली, राशिद खान, नांगेलिया खरोटे, मोहम्मद सलीम, अल्लाह गजनफर, बिलाल सामी।

abhishek singh जून 20, 2026 0
Ishan Kishan Shubhman Gill
पहली बार कोई टीम 400 रन बनाकर ऑलआउट

श्रेयस ने कोहली को पीछे छोड़ा, ईशान-गिल ने एक ही ओवर में शतक लगाए   लखनऊ, एजेंसियां। भारत ने दूसरे वनडे में अफगानिस्तान को 170 रन से हरा दिया। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में भारतीय टीम 402 रन पर ऑलआउट हो गई। वनडे क्रिकेट के इतिहास में पहली बार किसी टीम ने 400 से ज्यादा रन बनाने के बाद अपने सभी विकेट गंवाए। बुधवार को शुभमन गिल (154 रन) और ईशान किशन (125 रन) ने एक ही ओवर में अपने-अपने शतक पूरे किए। श्रेयस अय्यर ने विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया। वे सबसे तेज 3000 वनडे रन बनाने वाले दूसरे भारतीय बने। मैच के दौरान दरविश रसूली को चोटिल होने पर स्ट्रेचर से मैदान से बाहर ले जाया गया।   पहली बार 2 भारतीयों ने 80 से कम गेंद में शतक लगाया गिल ने 77 और किशन ने 71 गेंद में शतक पूरा किया। इसके साथ ही दोनों ने भारतीय क्रिकेट में एक नया रिकॉर्ड बनाया। वनडे क्रिकेट में पहली बार दो भारतीय बल्लेबाजों ने एक ही पारी में 80 या उससे कम गेंद में शतक लगाया।

abhishek singh जून 18, 2026 0
Ishan Kishan celebrates SRH playoff qualification after match-winning knock against Chennai Super Kings at Chepauk.
SRH के प्लेऑफ में पहुंचते ही ईशान किशन का पोस्ट वायरल, CSK पर तंज से मचा बवाल

Sunrisers Hyderabad ने IPL 2026 के 63वें मुकाबले में Chennai Super Kings को 5 विकेट से हराकर प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली। लेकिन मैच के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जीत से ज्यादा Ishan Kishan के सोशल मीडिया पोस्ट की हो रही है। चेपॉक में मिली इस बड़ी जीत के बाद ईशान किशन ने इंस्टाग्राम पर एक ऐसा कैप्शन पोस्ट किया, जिसे कई फैंस CSK पर सीधा तंज मान रहे हैं। 70 रन की मैच विनिंग पारी चेन्नई के M. A. Chidambaram Stadium में खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने शानदार प्रदर्शन किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए CSK ने 20 ओवर में 180 रन बनाए। टीम के लिए Dewald Brevis ने 44 रन और कार्तिक शर्मा ने 32 रन की उपयोगी पारी खेली। जवाब में SRH ने 19 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। ईशान किशन ने 47 गेंदों पर 70 रन की शानदार पारी खेली, जबकि Heinrich Klaasen ने 47 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इंस्टाग्राम पोस्ट ने खींचा ध्यान मैच खत्म होने के बाद ईशान किशन ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा: “One thing louder than the whistle was the bat. Into the playoffs.” इस 12 शब्दों के कैप्शन को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। कई फैंस इसे CSK के मशहूर नारे “Whistle Podu” पर तंज के तौर पर देख रहे हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के घरेलू मुकाबलों में फैंस बड़ी संख्या में व्हिसल लेकर स्टेडियम पहुंचते हैं और टीम को सपोर्ट करते हैं। ऐसे में ईशान का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गया। मैदान पर भी दिखा अलग अंदाज रिपोर्ट्स के मुताबिक, मैच खत्म होने के बाद ईशान किशन ने मैदान पर मौजूद दर्शकों की तरफ व्हिसल बजाने का इशारा किया और फिर हाथ के इशारे से “घर जाने” का संकेत भी दिया। यह मुकाबला CSK के घरेलू मैदान चेपॉक में खेला गया था, इसलिए इस प्रतिक्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है। शुभमन गिल भी कर चुके हैं ऐसा पोस्ट इससे पहले Shubman Gill भी CSK के खिलाफ जीत के बाद व्हिसल बजाते हुए फोटो पोस्ट कर चुके हैं। अब ईशान किशन का पोस्ट भी उसी तरह वायरल हो रहा है। प्लेऑफ में पहुंची SRH इस जीत के साथ सनराइजर्स हैदराबाद के 13 मैचों में 16 अंक हो गए हैं और टीम पॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। अब SRH की नजरें टॉप-2 फिनिश पर होंगी। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के लिए प्लेऑफ की राह अब बेहद मुश्किल हो गई है।  

surbhi मई 19, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0