कानपुर, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित पनकी रेलवे स्टेशन का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। यह उद्घाटन देशभर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों के एक साथ लोकार्पण कार्यक्रम का हिस्सा होगा। प्रधानमंत्री पंजाब के जालंधर कैंट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। आधुनिक सुविधाओं से लैस हुआ पनकी स्टेशन करीब ₹24.5 करोड़ की लागत से विकसित पनकी रेलवे स्टेशन को आधुनिक स्वरूप दिया गया है। स्टेशन पर नया भवन, बेहतर प्रतीक्षालय, आधुनिक टिकटिंग व्यवस्था, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, लिफ्ट, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, डिजिटल सूचना प्रणाली, आकर्षक फसाड और यात्री सुविधाओं का विस्तार किया गया है, जिससे यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा। कानपुर क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मिलेगा लाभ रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन के आधुनिकीकरण से पनकी और आसपास के औद्योगिक एवं आवासीय क्षेत्रों के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए स्टेशन पर बेहतर आवागमन और सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। अमृत भारत स्टेशन योजना का हिस्सा पनकी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया गया है। इस योजना का उद्देश्य देशभर के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और उन्हें स्थानीय संस्कृति व विरासत के अनुरूप विकसित करना है। आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री देश के विभिन्न राज्यों के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का भी वर्चुअल उद्घाटन करेंगे।
नई दिल्ली, एजेंसियां। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश में प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। खड़गे ने इस संवेदनशील मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों से व्यापक चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उनका कहना है कि परिसीमन जैसा महत्वपूर्ण विषय राष्ट्रीय सहमति से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। क्या है खड़गे की मांग? अपने पत्र में खड़गे ने कहा कि परिसीमन का असर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व पर पड़ेगा, इसलिए किसी भी निर्णय से पहले सभी राज्यों और राजनीतिक दलों की राय लेना आवश्यक है। उन्होंने केंद्र सरकार से पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने और व्यापक राजनीतिक सहमति बनाने का आग्रह किया है। दक्षिणी राज्यों की चिंताओं का भी किया जिक्र खड़गे ने पत्र में दक्षिण भारत के कई राज्यों द्वारा जताई गई आशंकाओं का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि जिन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन किया है, उनके प्रतिनिधित्व पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया संघीय ढांचे और राज्यों के हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जानी चाहिए। मानसून सत्र से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले आए इस पत्र को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्षी दल पहले से ही इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से स्पष्ट रुख की मांग कर रहे हैं। ऐसे में खड़गे की पहल के बाद परिसीमन का मुद्दा संसद और राजनीतिक गलियारों में प्रमुख चर्चा का विषय बन सकता है। सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार फिलहाल प्रधानमंत्री कार्यालय या केंद्र सरकार की ओर से खड़गे के पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग पर क्या फैसला लेती है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ के दौरे पर रहेंगे, जहां वे ₹24,800 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण भारत की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन होगी, जिसे प्रधानमंत्री सुबह करीब 11 बजे हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाएंगे। इसके अलावा सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी विकास से जुड़ी कई अहम परियोजनाओं की भी शुरुआत होगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को मिलेगी हरी झंडी प्रधानमंत्री मोदी आज जींद-सोनीपत रेलखंड पर भारत की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन का शुभारंभ करेंगे। यह ट्रेन हाइड्रोजन ईंधन से संचालित होगी और इसके संचालन के दौरान कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य रहेगा। इस परियोजना को भारतीय रेलवे की ग्रीन मोबिलिटी और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। 11:30 बजे विकास परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद प्रधानमंत्री सुबह करीब 11:30 बजे जींद के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में लगभग ₹14,700 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इनमें रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, पेयजल, शहरी विकास और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं। चंडीगढ़ में भी कई योजनाओं की देंगे सौगात हरियाणा के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री चंडीगढ़ पहुंचेंगे, जहां वे ₹6,600 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं, शिक्षा और शहरी अवसंरचना से जुड़े कई विकास कार्य शामिल हैं। रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से उत्तर भारत में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, उद्योगों को नई गति मिलेगी और हजारों प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वहीं, हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत से भारत स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन की दिशा में एक नया अध्याय शुरू करेगा और भविष्य में ऐसी तकनीक को अन्य रेल मार्गों पर भी विस्तार देने की योजना है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में संभावित बदलावों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच बुधवार को अहम बैठक हुई। बैठक में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने संगठन के पुनर्गठन, नए पदाधिकारियों की नियुक्ति और आगामी राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। संगठन विस्तार पर हुआ मंथन सूत्रों के अनुसार, बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय संगठन को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया गया। इसमें नए पदाधिकारियों की नियुक्ति और विभिन्न राज्यों में संगठन को सशक्त बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। चुनावी राज्यों पर विशेष फोकस बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों वाले राज्यों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। पार्टी नेतृत्व ने चुनावी रणनीति, संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान बताया जा रहा है कि बैठक में हुई चर्चाओं के आधार पर भाजपा संगठन में जल्द ही नए पदाधिकारियों और जिम्मेदारियों को लेकर आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की इस बैठक के बाद राजनीतिक गलियारों में संगठनात्मक फेरबदल को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि पार्टी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को नई दिशा देने की तैयारी में है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की अपनी छह दिवसीय तीन देशों की यात्रा पूरी कर भारत लौट आए हैं। इस दौरे के दौरान भारत ने रक्षा, व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौते किए। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की लगभग 40 वर्षों बाद न्यूजीलैंड की पहली द्विपक्षीय यात्रा भी रही। तीनों देशों के साथ रणनीतिक रिश्ते हुए मजबूत इंडोनेशिया में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों पर अहम सहमति बनी। दोनों देशों ने भारत में विकसित ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल की खरीद से जुड़े रक्षा सहयोग को भी आगे बढ़ाया। ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री ने अपने समकक्ष एंथनी अल्बनीज़ के साथ वार्ता कर रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा, निवेश और व्यापारिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। वहीं न्यूजीलैंड में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ बैठक में मुक्त व्यापार, कृषि, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित कई विषयों पर चर्चा हुई। इंडो-पैसिफिक पर रहा खास फोकस पूरे दौरे के दौरान भारत ने एक्ट ईस्ट नीति, महासागर (MAHASAGAR) विज़न और मुक्त एवं सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्रालय के अनुसार इस यात्रा से भारत के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई गति मिलेगी और क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूती मिलेगी।
हनोई, एजेंसियां। वियतनाम के लोकप्रिय पर्यटन स्थल फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक स्पीडबोट समुद्र में पलट गई, जिसमें 15 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। मृतकों में कई लोग भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी लावा इंटरनेशनल के कर्मचारी या उनसे जुड़े लोग बताए जा रहे हैं। तेज लहरों के बीच पलटी नाव स्थानीय प्रशासन के अनुसार, स्पीडबोट में 32 भारतीय पर्यटक और 4 चालक दल के सदस्य सवार थे। नाव होन मे रुट द्वीप से लौट रही थी और तट से लगभग 400 मीटर की दूरी पर अचानक तेज लहरों के कारण पलट गई। आसपास मौजूद नौकाओं और बचाव दल ने तत्काल राहत अभियान शुरू किया, लेकिन कई लोग नाव के अंदर ही फंस गए। भारतीय दूतावास ने शुरू की मदद घटना के बाद वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने हनोई और हो ची मिन्ह सिटी में आपातकालीन सहायता केंद्र स्थापित किए हैं। दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर मृतकों की पहचान, घायलों के इलाज और परिजनों तक सूचना पहुंचाने का काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है। हादसे की जांच के आदेश वियतनाम के प्रधानमंत्री ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती जांच में खराब मौसम और ऊंची समुद्री लहरों को दुर्घटना की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि नाव की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
भारत और न्यूजीलैंड ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देते हुए 2030 तक 6 अरब न्यूजीलैंड डॉलर (करीब ₹35,000 करोड़) के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य तय किया है। दोनों देशों ने यह फैसला एक नए रणनीतिक साझेदारी रोडमैप के तहत लिया, जिसका उद्देश्य व्यापार, निवेश, रक्षा, शिक्षा, कृषि और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह करीब 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली न्यूजीलैंड यात्रा है और इसे दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। 2030 तक व्यापार बढ़ाने पर सहमति दोनों देशों ने 2030 तक करीब ₹35,000 करोड़ (6 अरब न्यूजीलैंड डॉलर) के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करने और नए आर्थिक अवसरों पर मिलकर काम करने पर सहमति बनी। सरकारों का मानना है कि यह लक्ष्य दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को नई गति देगा। कई क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग रणनीतिक साझेदारी रोडमैप के तहत भारत और न्यूजीलैंड ने कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है, जिनमें शामिल हैं— व्यापार और निवेश कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण डिजिटल तकनीक और नवाचार शिक्षा और कौशल विकास रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु सहयोग दोनों देशों ने लोगों के बीच संपर्क (People-to-People Ties) को मजबूत करने और शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख भारत और न्यूजीलैंड ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए हर प्रकार के आतंकवाद की कड़ी निंदा की। संयुक्त बयान में दोनों देशों ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता है तथा इस चुनौती से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित प्रयास जरूरी हैं। प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। लगभग चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड का आधिकारिक दौरा किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी। द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगा नया आयाम भारत और न्यूजीलैंड लंबे समय से लोकतांत्रिक मूल्यों और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग के साझेदार रहे हैं। नया रणनीतिक रोडमैप व्यापारिक संबंधों के साथ-साथ रक्षा, तकनीक और वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग को भी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पटना, एजेंसियां। बिहार की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के सुप्रीमो तेज प्रताप यादव ने मौजूदा राज्य सरकार के जल्द गिरने की भविष्यवाणी कर दी। वृंदावन प्रवास के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि बिहार में बहुत जल्द सरकार बदलने वाली है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। तेज प्रताप यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा, "बिहार में बहुत जल्दी सरकार गिरने वाली है। यह मैंने पहले भी कहा था। मैं वृंदावन में हूं और भविष्यवाणी कर रहा हूं कि बहुत जल्द बिहार की सरकार बदल जाएगी।" उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और एनडीए नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक भी हाल ही में संपन्न हुई है। एनडीए में मतभेद का किया दावा तेज प्रताप यादव ने अपने बयान के जरिए यह संकेत देने की कोशिश की कि एनडीए के घटक दलों के बीच सबकुछ सामान्य नहीं है और गठबंधन के भीतर मतभेद बढ़ रहे हैं। हालांकि, उनके इस दावे पर एनडीए के किसी भी प्रमुख नेता की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में इसे राजनीतिक बयानबाजी के तौर पर भी देखा जा रहा है। एनडीए ने विकास और समन्वय पर दिया जोर उधर, पटना में आयोजित एनडीए की बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के लिए संगठन और सरकार के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियमित संवाद और बैठकों की परंपरा स्थापित कर गठबंधन को मजबूती दी है। सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के लक्ष्य को पूरा करने के लिए एनडीए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। तेज प्रताप के बयान के बीच अब राज्य की राजनीति में सियासी अटकलें और तेज हो गई हैं।
नई दिल्ली/मेलबर्न, एजेंसियां। भारत और ऑस्ट्रेलिया के खेल संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) से संबोधित करते हुए उन्होंने ऐलान किया कि ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित टी-20 प्रतियोगिता बिग बैश लीग (BBL) के शुरुआती मुकाबले पहली बार भारत में आयोजित किए जाएंगे। यह क्रिकेट इतिहास का एक अनूठा अवसर होगा, जब किसी प्रमुख विदेशी फ्रेंचाइजी लीग के आधिकारिक मैच भारतीय मैदानों पर खेले जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दिसंबर में चेन्नई में आयोजित होने वाले 'जी-डे नमस्ते' समारोह के दौरान बिग बैश लीग के शुरुआती मुकाबलों का आयोजन किया जाएगा। इस फैसले से भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को अपने देश में बिग बैश का रोमांच देखने का अवसर मिलेगा, जबकि ऑस्ट्रेलियाई लीग को दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने इस अवसर पर इंडिया-ऑस्ट्रेलिया स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप का भी शुभारंभ किया। इस रोडमैप का उद्देश्य दोनों देशों के बीच खेलों में दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करना है। नई साझेदारी के तहत नई साझेदारी के तहत खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, स्पोर्ट्स साइंस, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी, कोचिंग, खेल अनुसंधान और आधुनिक खेल अवसंरचना के विकास में सहयोग बढ़ाया जाएगा। दोनों देशों के खिलाड़ी और विशेषज्ञ अनुभव साझा करेंगे, जिससे खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर मिल सकेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में बिग बैश लीग के मुकाबलों का आयोजन क्रिकेट के वैश्विक विस्तार की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। इससे न केवल भारत-ऑस्ट्रेलिया खेल संबंध और मजबूत होंगे, बल्कि भारतीय दर्शकों को विश्वस्तरीय फ्रेंचाइजी क्रिकेट का नया अनुभव भी मिलेगा। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह घोषणा किसी बड़े उत्सव से कम नहीं मानी जा रही है।
फिरोजाबाद, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में डेढ़ साल के मासूम आरव की नृशंस हत्या के मामले में अदालत ने महज 41 दिनों के भीतर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई है। जनपद न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने इस जघन्य अपराध को "दुर्लभ से दुर्लभतम" श्रेणी का मानते हुए मृत्युदंड का आदेश दिया। क्या है मामला? यह घटना 30 मई को शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में हुई थी। आरोप के अनुसार, रिश्ते का चाचा विराज एकतरफा प्रेम के कारण बच्चे की मां पर शादी का दबाव बना रहा था। महिला द्वारा इंकार किए जाने और बच्चे का हवाला देने से नाराज होकर उसने डेढ़ वर्षीय आरव को जमीन पर कई बार पटककर उसकी हत्या कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। पुलिस ने घटना के छह घंटे के भीतर आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। जांच एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मात्र छह दिनों में 13 गवाहों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। अदालत ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित सुनवाई की और गुरुवार को आरोपी को दोषी करार देने के बाद शुक्रवार को सजा सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने 13 गवाहों के बयान पेश किए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से एक गवाह पेश किया गया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अपराध की क्रूरता को देखते हुए माना कि इस मामले में मृत्युदंड से कम कोई अन्य सजा न्यायोचित नहीं होगी। फैसला आने के बाद आरव की मां ने क्या कहा? फैसला आने के बाद आरव की मां रति ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि बेटे के हत्यारे को कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने अदालत के फैसले को न्याय की जीत बताते हुए कहा कि अब उनके बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी। वहीं प्रशासन ने भी इस मामले में त्वरित जांच और सुनवाई को न्याय व्यवस्था की प्रभावी कार्यप्रणाली का उदाहरण बताया।
जकार्ता, एजेंसियां। भारत और इंडोनेशिया ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को इंडोनेशिया की QRIS (Quick Response Code Indonesian Standard) भुगतान प्रणाली से जोड़ने की प्रक्रिया को तेज करने पर सहमति जताई। इस पहल का उद्देश्य दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान को सरल, तेज और सुरक्षित बनाना है। पर्यटकों और कारोबारियों को मिलेगा बड़ा फायदा UPI-QRIS एकीकरण के बाद भारतीय पर्यटक और कारोबारी इंडोनेशिया में सीधे UPI के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। वहीं इंडोनेशियाई नागरिक भी भारत में अपनी घरेलू डिजिटल भुगतान प्रणाली का उपयोग कर लेनदेन कर सकेंगे। इससे विदेशी मुद्रा बदलने की आवश्यकता कम होगी और सीमा-पार व्यापार एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 2026 के अंत तक लक्ष्य पूरा करने की योजना दोनों देशों ने वर्ष 2026 के अंत तक UPI और QRIS के पूर्ण एकीकरण का लक्ष्य रखा है। इस परियोजना पर भारत की NPCI International और इंडोनेशिया की भुगतान एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। इसके साथ ही दोनों देशों ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई है। भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क का बढ़ता वैश्विक विस्तार इंडोनेशिया के साथ यह साझेदारी भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार का मानना है कि UPI की अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ने से भारतीय यात्रियों, छात्रों, कारोबारियों और निवेशकों को विदेशों में तेज़ और सुविधाजनक भुगतान की सुविधा मिलेगी।
रायपुर, एजेंसियां। पद्म विभूषण से सम्मानित और पंडवानी लोकगायन की विश्वप्रसिद्ध कलाकार तीजन बाई का रविवार तड़के रायपुर स्थित एम्स में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 70 वर्ष की थीं और पिछले कई सप्ताह से उपचाराधीन थीं। उनके निधन से देशभर के कला एवं संस्कृति जगत में शोक की लहर दौड़ गई। पंडवानी को दिलाई वैश्विक पहचान तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककला पंडवानी को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। महाभारत की कथाओं को अपनी दमदार शैली, अभिनय और गायन के माध्यम से प्रस्तुत कर उन्होंने इस लोककला को नई पहचान दिलाई। उन्होंने भारत के साथ-साथ यूरोप, एशिया और कई अन्य देशों में भी अपनी प्रस्तुतियां देकर भारतीय लोक संस्कृति का गौरव बढ़ाया। पद्म विभूषण सहित कई बड़े सम्मान अपने लंबे कलात्मक जीवन में तीजन बाई को पद्म श्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया गया। कम उम्र में सामाजिक विरोध का सामना करने के बावजूद उन्होंने पंडवानी की परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और महिला कलाकारों के लिए नई राह बनाई। प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीजन बाई के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे "कला और संस्कृति जगत की अपूरणीय क्षति" बताया। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थानों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और भारतीय लोककला में उनके योगदान को हमेशा याद रखने की बात कही।
बालोतरा, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के बालोतरा में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स के उद्घाटन के दौरान कहा कि दुनिया के कई देश अपनी रिफाइनिंग क्षमता घटा रहे हैं, लेकिन भारत इसके विपरीत लगातार नई रिफाइनरियां स्थापित कर रहा है और मौजूदा क्षमता का विस्तार कर रहा है। उन्होंने कहा कि यही रणनीति हाल के वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान भारत की सबसे बड़ी ताकत साबित हुई। ऊर्जा संकट के बीच भारत ने दिखाई मजबूती प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण दुनिया के कई देशों को ईंधन आपूर्ति और कीमतों की गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन भारत ने समय रहते रणनीतिक फैसले लिए। सरकार ने कच्चे तेल के आयात के स्रोतों में विविधता लाई, घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाया और ऊर्जा आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखा, जिससे देश में बड़े ईंधन संकट की स्थिति नहीं बनने दी। नई रिफाइनरी से बढ़ेगी ऊर्जा सुरक्षा प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान में शुरू हुई एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। करीब 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष क्षमता वाली यह देश की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल परियोजना है, जिससे पेट्रोलियम उत्पादों के उत्पादन के साथ-साथ हजारों लोगों को रोजगार और क्षेत्र में औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। 300 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष से अधिक क्षमता का लक्ष्य प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आने वाले वर्षों में अपनी कुल रिफाइनिंग क्षमता को 300 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष से अधिक तक ले जाने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती रिफाइनिंग क्षमता न केवल देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों के प्रमुख निर्यातक के रूप में भी स्थापित करेगी।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठन में चल रहे बदलावों के बीच अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम के गठन के बाद केंद्र सरकार में भी बदलाव की संभावना पर मंथन चल रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से अब तक किसी भी फेरबदल की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर रहेगा जोर सूत्रों के अनुसार, संभावित फेरबदल में क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी जा सकती है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कुछ राज्यों से नए चेहरों को मंत्रिपरिषद में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। वहीं, कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव संभव माना जा रहा है। पहले भाजपा संगठन, फिर कैबिनेट विस्तार की संभावना पार्टी के भीतर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, भाजपा पहले अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर सकती है। इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल या विस्तार का रास्ता साफ हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम 2027 के विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय या भाजपा की ओर से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल यह चर्चा राजनीतिक और मीडिया सूत्रों पर आधारित है और अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्तर पर ही लिया जाएगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर जारी असंतोष के बीच कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हालांकि रंधावा ने इस मुलाकात को पूरी तरह गैर-राजनीतिक बताते हुए स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य केवल पंजाब की सुरक्षा और सीमावर्ती जिलों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था। उन्होंने कहा कि इस बैठक को किसी भी तरह से राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा को लेकर उठाए गंभीर मुद्दे रंधावा ने बताया कि उन्होंने 4 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था, जिसकी प्रति गृह मंत्री अमित शाह को भी भेजी गई थी। पत्र में गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और पठानकोट जैसे सीमावर्ती जिलों में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद, नार्को-टेररिज्म, गैंगस्टरों की गतिविधियों और पंजाब पुलिस के कथित राजनीतिक इस्तेमाल जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए थे। इसके बाद 23 जून को भेजे गए दूसरे पत्र में उन्होंने गैंगस्टरों की बढ़ती गतिविधियों पर चिंता जताई थी। इन्हीं पत्रों के आधार पर उन्हें गृह मंत्री से मिलने का समय दिया गया। जबरन वसूली और जेलों से चल रहे नेटवर्क पर जताई चिंता बैठक के दौरान रंधावा ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI), रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब में जबरन वसूली, धमकियां और जेलों के भीतर से मोबाइल फोन के जरिए अपराध संचालित होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार मानती है कि पाकिस्तान इन गतिविधियों में प्रत्यक्ष रूप से शामिल है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है, तो आवश्यक कदम उठाना उसकी जिम्मेदारी है। कांग्रेस के प्रति निष्ठा दोहराई, विवादों पर चुप्पी रंधावा ने कांग्रेस के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह पार्टी द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन कर रहे हैं। वहीं, पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की नाराजगी से जुड़े सवालों पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। ऐसे में उनकी अमित शाह से मुलाकात ने भले ही राजनीतिक अटकलों को हवा दी हो, लेकिन रंधावा ने इसे पूरी तरह सुरक्षा और जनहित से जुड़ा मुद्दा बताया है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती देते हुए राजधानी दिल्ली के हैदराबाद हाउस में कई महत्वपूर्ण सहयोग समझौतों (MoC) पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत दौरे पर आईं जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री सनाए तकाइची की मौजूदगी में आयोजित वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन में रक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हेल्थकेयर और फार्मास्यूटिकल्स सहित कई रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। भरोसा ही सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत: पीएम मोदी संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सनाए तकाइची का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और जापान के बीच दोस्ती और भरोसे का रिश्ता समय के साथ और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास सबसे बड़ी रणनीतिक पूंजी है। पीएम मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि तकाइची जापान के नारा प्रांत से आती हैं, जो भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इंडो-पैसिफिक में शांति और विकास पर साझा जोर दोनों नेताओं ने स्वतंत्र, समृद्ध और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के निर्माण को साझा प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों और मुक्त बाजार व्यवस्था में विश्वास रखने वाले भारत और जापान क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे। AI, रक्षा और हेल्थ सेक्टर में बढ़ेगा सहयोग शिखर सम्मेलन के दौरान AI क्षेत्र में संयुक्त बयान जारी किया गया, जिसके तहत भारतीय और जापानी संस्थान अत्याधुनिक तकनीक के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे। रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों ने पहले को-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर सहमति जताई, जिसके तहत नेवल रेडियो एंटीना ‘यूनिकॉर्न’ विकसित किया जाएगा। इसके अलावा फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस और बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी कई समझौते हुए। भारत की उत्पादन क्षमता और जापान की गुणवत्ता विशेषज्ञता को मिलाकर किफायती और उन्नत स्वास्थ्य समाधान विकसित करने पर दोनों देशों ने सहमति जताई।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और जापान के बीच आज होने वाली शिखर वार्ता में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी प्रमुख एजेंडा रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री सानाए तकाईची के बीच होने वाली इस बैठक को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। रक्षा सहयोग को नई गति देने पर जोर सूत्रों के अनुसार, दोनों देश रक्षा उपकरणों के सह-विकास, सैन्य तकनीक के आदान-प्रदान और संयुक्त अभ्यासों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए समुद्री निगरानी और लॉजिस्टिक सहयोग पर भी बातचीत होने की संभावना है। इंडो-पैसिफिक में चीन की गतिविधियों पर नजर विशेषज्ञों का मानना है कि बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों और समुद्री मार्गों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठ सकता है। भारत और जापान लंबे समय से मुक्त, खुला और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का समर्थन करते रहे हैं। आर्थिक और प्रौद्योगिकी सहयोग पर भी चर्चा रक्षा मामलों के अलावा दोनों नेता सेमीकंडक्टर, हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने के विकल्पों पर विचार करेंगे। जापानी निवेश को भारत में बढ़ावा देने और सप्लाई चेन साझेदारी को मजबूत करने पर भी जोर रहने की उम्मीद है। क्वाड सहयोग को मिलेगा बल यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब क्वाड समूह—भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया—क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा पर अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं। माना जा रहा है कि आज की बैठक से भारत-जापान रणनीतिक संबंधों को नई दिशा मिल सकती है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से जारी तनावपूर्ण संबंधों के बीच दोनों देशों की 117 प्रमुख हस्तियों ने शांति और संवाद की नई पहल की है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif को लिखे संयुक्त पत्र में दोनों देशों से टकराव की बजाय बातचीत का रास्ता अपनाने और द्विपक्षीय रिश्तों को सामान्य बनाने की अपील की गई है। पत्र पर भारत की 61 और पाकिस्तान की 56 हस्तियों के हस्ताक्षर हैं। पूर्व नेताओं और सामाजिक हस्तियों ने की पहल पत्र पर भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah, Mehbooba Mufti, राज्यसभा सांसद Manoj Jha सहित कई पूर्व अधिकारी, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर किए हैं। पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री Khurshid Mahmud Kasuri समेत कई प्रमुख हस्तियां इस पहल का हिस्सा बनी हैं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती शत्रुता से दोनों देशों के विकास, क्षेत्रीय स्थिरता और आम नागरिकों के हित प्रभावित हो रहे हैं। 11 प्रमुख मांगें रखीं संयुक्त पत्र में दोनों सरकारों के सामने 11 प्रमुख सुझाव रखे गए हैं। इनमें द्विपक्षीय वार्ता दोबारा शुरू करना, जम्मू-कश्मीर सहित सभी विवादित मुद्दों पर बातचीत, सीमा पर सैन्य तनाव कम करना, लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना, सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान बहाल करना, क्रिकेट और अन्य खेलों की द्विपक्षीय श्रृंखला शुरू करना, सीधी हवाई सेवाएं बहाल करना, वीजा प्रक्रिया सरल बनाना, दोनों देशों में हाई कमिश्नर की नियुक्ति, बस सेवाओं और सीमा पार आवाजाही को फिर से शुरू करना तथा व्यापारिक संबंधों को बहाल करने जैसी मांगें शामिल हैं। तनाव के बीच शांति की अपील यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब हाल के वर्षों में आतंकवादी घटनाओं, सीमावर्ती तनाव और कूटनीतिक मतभेदों के कारण दोनों देशों के संबंध लगातार प्रभावित रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि संवाद ही सभी समस्याओं का स्थायी समाधान है और दोनों देशों को शांति, सहयोग तथा विकास के साझा लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि, इस पहल पर दोनों सरकारों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केंद्र सरकार के वरिष्ठ सचिवों और शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य, प्रशासनिक सुधार, निवेश, रोजगार सृजन, डिजिटल गवर्नेंस और प्रमुख सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रालयों को समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा करने और बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। सुशासन और तेज़ क्रियान्वयन पर जोर बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों तक योजनाओं का लाभ तेज़ी और पारदर्शिता के साथ पहुंचाना है। उन्होंने मंत्रालयों से नवाचार अपनाने, तकनीक के बेहतर उपयोग और जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। रोजगार और निवेश पर भी हुई चर्चा बैठक में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, विनिर्माण, निर्यात बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों को आपसी समन्वय बढ़ाकर विकास परियोजनाओं की गति तेज करने के निर्देश दिए।
विक्टोरिया, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स ने अपने सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मानों में शामिल 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, ब्लू इकोनॉमी और समुद्री शासन के क्षेत्र में उनके योगदान और नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया है। यह सम्मान सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके तीन दिवसीय राजकीय दौरे के दौरान प्रदान किया। पर्यावरण संरक्षण के लिए मिला सर्वोच्च सम्मान सेशेल्स सरकार ने कहा कि 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' देश का सर्वोच्च सम्मान है, जो उन वैश्विक नेताओं को दिया जाता है जिन्होंने समुद्री संसाधनों के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबले और सतत विकास को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान भारत की ग्रीन ग्रोथ, ब्लू इकोनॉमी और जलवायु कार्रवाई से जुड़ी पहलों के लिए दिया गया है। पीएम मोदी ने दुनिया को किया सम्मान समर्पित सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह इसे उन सभी देशों को समर्पित करते हैं जो जलवायु परिवर्तन की चुनौती से लड़ रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स मिलकर हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सतत विकास के लिए काम करते रहेंगे। कई अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर दौरे के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, ब्लू इकोनॉमी, क्षमता निर्माण और विकास साझेदारी से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स को भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल 'PS LESPWAR' भी सौंपा, जिससे हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा सहयोग और मजबूत होगा। भारत-सेशेल्स संबंधों को मिली नई मजबूती प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे पर सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका को और मजबूत करेगा।
नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, साइबर सुरक्षा और क्षमता निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। यह दौरा दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रहा है और इसका मुख्य उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती देना है। समुद्री सुरक्षा रहेगा सबसे बड़ा एजेंडा भारत और सेशेल्स के बीच वार्ता में हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा, समुद्री निगरानी, समुद्री डकैती (Piracy) रोकने, अवैध मछली पकड़ने पर नियंत्रण और आपदा प्रबंधन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। दोनों देश क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमत हो सकते हैं। रक्षा सहयोग को मिलेगा नया विस्तार सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच रक्षा प्रशिक्षण, संयुक्त सैन्य अभ्यास, तटरक्षक बलों के सहयोग और रक्षा उपकरणों की आपूर्ति को लेकर भी समझौते हो सकते हैं। भारत पहले भी सेशेल्स को डोर्नियर विमान, हेलीकॉप्टर और गश्ती पोत उपलब्ध कराता रहा है। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स को भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल (PS LESPWAR) भी सौंपा, जिससे समुद्री निगरानी क्षमता और मजबूत होगी। व्यापार और ब्लू इकोनॉमी पर भी जोर रक्षा सहयोग के अलावा व्यापार, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी, ब्लू इकोनॉमी, नवीकरणीय ऊर्जा और अंतरिक्ष सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा होगी। दोनों देश समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम करेंगे। हिंद महासागर में भारत की रणनीति को मिलेगा बल विशेषज्ञों का मानना है कि सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। ऐसे में यह दौरा भारत की SAGAR (Security and Growth for All in the Region) और MAHASAGAR नीति को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह साझेदारी क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 50 साल के रिश्तों को मिलेगी नई दिशा प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे के दौरान सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दोनों देशों के बीच कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने और द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।