वरुण धवन की बहुप्रतीक्षित रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai आज 5 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। रिलीज के साथ ही फिल्म का पहला रिव्यू भी सामने आ गया है। जाने-माने ट्रेड एनालिस्ट Taran Adarsh ने फिल्म को 5 में से 3.5 स्टार देते हुए इसे एक मनोरंजन से भरपूर फैमिली एंटरटेनर बताया है। तरण आदर्श ने की डेविड धवन की तारीफ रिव्यू में तरण आदर्श ने कहा कि निर्देशक David Dhawan ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि हल्की-फुल्की कॉमेडी और मनोरंजक फिल्मों के मामले में उनकी पकड़ आज भी बरकरार है। उनके मुताबिक, यह फिल्म दर्शकों को रोजमर्रा के तनाव से दूर ले जाकर हंसाने और मनोरंजन करने का काम करती है। अगर दर्शक फिल्म में तर्क और वास्तविकता की बजाय मनोरंजन की तलाश में सिनेमाघर पहुंचते हैं, तो उन्हें निराशा नहीं होगी। तरण आदर्श का कहना है कि डेविड धवन की फिल्मों की पहचान हमेशा से रोमांस, कॉमेडी, गलतफहमियों, रंगीन किरदारों और संगीत के मिश्रण से रही है और इस फिल्म में भी वही सफल फॉर्मूला देखने को मिलता है। कहानी में कॉमेडी और मनोरंजन का तड़का रिव्यू के अनुसार फिल्म की कहानी तेज गति से आगे बढ़ती है और अधिकांश कॉमिक सीक्वेंस दर्शकों को हंसाने में सफल रहते हैं। मजेदार डायलॉग, हास्यपूर्ण स्थितियां और बड़े पर्दे के लिए तैयार किया गया ट्रीटमेंट फिल्म को मनोरंजक बनाता है। कई ऐसे दृश्य हैं जो दर्शकों को खुलकर हंसने का मौका देते हैं। हालांकि तरण आदर्श ने यह भी कहा कि लगभग दो घंटे की अवधि वाली फिल्म के दूसरे भाग में कुछ दृश्य थोड़े लंबे महसूस हो सकते हैं, जिससे गति कुछ समय के लिए धीमी पड़ती है। वरुण धवन की परफॉर्मेंस को मिली सराहना फिल्म में Varun Dhawan के अभिनय की विशेष रूप से तारीफ की गई है। तरण आदर्श के अनुसार, वरुण ने शानदार कॉमिक टाइमिंग, ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ अपने किरदार को जीवंत बनाया है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस किरदार के लिए वरुण धवन की कास्टिंग पर सवाल उठा रहे थे, उन्हें फिल्म देखने के बाद जवाब मिल जाएगा। मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े ने भी जीता दिल फिल्म की दोनों प्रमुख अभिनेत्रियों Mrunal Thakur और Pooja Hegde को भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। दोनों ने अपनी स्क्रीन प्रेजेंस और अभिनय से कहानी को मजबूती दी है। सपोर्टिंग कास्ट ने बढ़ाया फिल्म का मनोरंजन फिल्म में Jimmy Shergill, Mouni Roy, Chunky Pandey, Maniesh Paul और Rajesh Kumar ने भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं। इसके अलावा Johnny Lever, Rajpal Yadav, Ali Asgar, Manoj Pahwa और Kubbra Sait छोटे लेकिन प्रभावशाली किरदारों में नजर आते हैं, जो फिल्म के हास्य तत्व को और मजबूत बनाते हैं। कैसी है फिल्म? पहले रिव्यू के आधार पर कहा जा सकता है कि ‘है जवानी तो इश्क होना है’ एक ऐसी फिल्म है जो दर्शकों को लॉजिक नहीं बल्कि मनोरंजन देने के उद्देश्य से बनाई गई है। अगर आप हल्की-फुल्की कॉमेडी, रोमांस और फैमिली एंटरटेनमेंट पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।
Pati Patni Aur Woh 2 बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। Ayushmann Khurrana, Sara Ali Khan, Rakul Preet Singh और Wamiqa Gabbi जैसे बड़े सितारों से सजी यह फिल्म पहले वीकेंड में दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में संघर्ष करती नजर आई। फिल्म के शुरुआती तीन दिनों के आंकड़े सामने आने के बाद साफ हो गया है कि इसे वैसा रिस्पॉन्स नहीं मिला, जैसी मेकर्स को उम्मीद थी। पहले वीकेंड में कितनी हुई कमाई? फिल्म 15 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। शुक्रवार: ₹4 करोड़ शनिवार: ₹5.75 करोड़ रविवार: ₹7.75 करोड़ रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने पहले वीकेंड में कुल ₹17.50 करोड़ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया है। हालांकि रविवार को कमाई में थोड़ा उछाल जरूर देखने को मिला, लेकिन यह आंकड़ा उम्मीद से काफी कम माना जा रहा है। पहली फिल्म से काफी पीछे रहा सीक्वल साल 2019 में रिलीज हुई Pati Patni Aur Woh ने पहले ही वीकेंड में ₹42 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी। उस फिल्म में Kartik Aaryan, Ananya Panday और Bhumi Pednekar मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म बाद में दुनियाभर में लगभग ₹110 करोड़ का कारोबार करने में सफल रही थी। इसके मुकाबले ‘पति पत्नी और वो 2’ की शुरुआत काफी धीमी मानी जा रही है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म का लाइफटाइम कलेक्शन पहली फिल्म से काफी कम रह सकता है। क्या है फिल्म की कहानी? फिल्म का निर्देशन Mudassar Aziz ने किया है, जिन्होंने पहली फिल्म भी डायरेक्ट की थी। यह एक कॉमेडी ऑफ एरर्स फिल्म है, जिसमें आयुष्मान खुराना ‘प्रजापति’ नाम के किरदार में नजर आ रहे हैं। कहानी एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है जो तीन महिलाओं के बीच उलझ जाता है। वामिका गब्बी फिल्म में पत्रकार और पत्नी के रोल में हैं सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह उनके दोस्तों के किरदार में दिखाई दी हैं ओटीटी पर कब रिलीज होगी? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Netflix ने फिल्म के डिजिटल स्ट्रीमिंग राइट्स हासिल किए हैं। बताया जा रहा है कि थिएटर रिलीज के लगभग 8 हफ्ते बाद फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो सकती है। कितना है फिल्म का बजट? रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘पति पत्नी और वो 2’ का बजट लगभग ₹60 करोड़ बताया जा रहा है। ऐसे में फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए आने वाले दिनों में अच्छी कमाई करनी होगी।
कॉमेडी, कन्फ्यूजन और फुल ऑन एंटरटेनमेंट से भरपूर दिखा टीजर Welcome To The Jungle का बहुप्रतीक्षित टीजर आखिरकार रिलीज हो गया है। लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहे दर्शकों को अब हंसी और मस्ती से भरपूर दुनिया की पहली झलक देखने को मिल गई है। टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। करीब 1 मिनट 30 सेकंड के इस टीजर में पुराने ‘वेलकम’ फ्रेंचाइज़ी वाला वही पागलपन, कॉमिक कन्फ्यूजन और मजेदार माहौल देखने को मिलता है, जिसने पहले भी दर्शकों को खूब एंटरटेन किया था। अक्षय कुमार के डायलॉग ने लूटी महफिल टीजर की शुरुआत Akshay Kumar के मजेदार डायलॉग से होती है। वह कहते हैं: “सूचना, इस फिल्म के निर्माण में किसी भी जानवर का इस्तेमाल नहीं किया गया है… सिवाय कुछ घोड़ों के और हम गधों के।” यह डायलॉग सुनते ही दर्शकों की हंसी छूट जाती है और यहीं से फिल्म का कॉमिक अंदाज शुरू हो जाता है। सुनील शेट्टी और अक्षय की कॉमिक टाइमिंग ने जीता दिल टीजर में Suniel Shetty और अक्षय कुमार की जुगलबंदी सबसे ज्यादा पसंद की जा रही है। एक सीन में सुनील शेट्टी, अक्षय कुमार पर गन तानकर पूछते हैं: “तू मरता क्यों नहीं?” इस पर अक्षय जवाब देते हैं: “मैं मरने में जान डाल रहा हूं।” फिर सुनील कहते हैं: “अरे मरने में कोई जान डालता है क्या?” यह सीन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कॉमेडी और अफरा-तफरी से भरपूर होगी फिल्म टीजर देखकर साफ हो जाता है कि फिल्म में: जबरदस्त कॉमेडी लगातार कन्फ्यूजन पागलपन भरे ट्विस्ट और फैमिली एंटरटेनमेंट भरपूर देखने को मिलेगा। फिल्म को एक बड़े एंटरटेनमेंट पैकेज के रूप में तैयार किया गया है, जहां हर किरदार किसी न किसी मजेदार गड़बड़झाले में फंसा नजर आएगा। कब रिलीज होगी फिल्म? फिल्म का निर्देशन Ahmed Khan ने किया है और निर्माता Firoz A. Nadiadwala हैं। ‘Welcome To The Jungle’ 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। क्यों खास है यह फिल्म? हाल के समय में गंभीर फिल्मों के बीच यह फिल्म दर्शकों को हल्की-फुल्की कॉमेडी और फैमिली एंटरटेनमेंट देने का वादा करती है। यही वजह है कि फैंस इसे लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
23 अप्रैल 2026 | एंटरटेनमेंट डेस्क हॉरर-कॉमेडी फिल्मों के ट्रेंड के बीच भूत बंगला लगातार चर्चा में बनी हुई है। अक्षय कुमार की इस फिल्म ने भले ही वीकडेज में कमाई की रफ्तार थोड़ी धीमी की हो, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसकी पकड़ अभी भी मजबूत बनी हुई है। छठे दिन की कमाई में गिरावट, लेकिन कुल कलेक्शन दमदार 17 अप्रैल को रिलीज हुई इस फिल्म को दर्शकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला। इसके बावजूद फिल्म लगातार कमाई कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिलीज के छठे दिन फिल्म ने लगभग 6.15 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। हालांकि यह आंकड़ा शुरुआती दिनों के मुकाबले कम है, लेकिन कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अब 78.90 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। फिल्म इंडस्ट्री में यह माना जाता है कि वीकडेज में कलेक्शन का गिरना सामान्य है, लेकिन इसके बावजूद फिल्म का इस स्तर पर टिके रहना इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है। 2026 की टॉप फिल्मों में बनाई जगह गिरावट के बावजूद ‘भूत बंगला’ ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। यह फिल्म अब साल 2026 की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। इससे आगे केवल धुरंधर 2 और बॉर्डर 2 जैसी बड़ी फिल्में हैं। यह उपलब्धि बताती है कि फिल्म ने अपने कंटेंट और स्टार पावर के दम पर दर्शकों के बीच मजबूत पहचान बनाई है। तुलना और विवाद भी चर्चा में फिल्म की तुलना अन्य हॉरर-कॉमेडी फिल्मों से की जा रही है, खासकर भूल भुलैया 3 से। इस मुकाबले में ‘भूत बंगला’ थोड़ी पीछे नजर आती है। इसी बीच, फिल्म की एक्ट्रेस वामिका गब्बी की तुलना ऐश्वर्या राय बच्चन से किए जाने पर अक्षय कुमार ने खुलकर उनका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वामिका की अपनी अलग पहचान है और उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी जगह खुद बनाई है। आगे क्या रहेगा ट्रेंड? फिल्म के कलेक्शन में गिरावट जरूर आई है, लेकिन ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि वीकेंड पर इसमें फिर उछाल देखने को मिल सकता है। अगर ऐसा होता है, तो ‘भूत बंगला’ जल्द ही 100 करोड़ क्लब की ओर बढ़ सकती है।
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री को लेकर अभिनेत्री एली अवराम ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने दोनों इंडस्ट्री के कामकाज के तरीके पर खुलकर बात की और बताया कि उनके अनुभव काफी अलग रहे हैं। साउथ इंडस्ट्री में मिला शांत और व्यवस्थित माहौल एली अवराम ने कहा कि उन्होंने तमिल, कन्नड़ और हिंदी फिल्मों में काम किया है और दोनों ही इंडस्ट्री से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला। हालांकि, उनके अनुसार साउथ फिल्म इंडस्ट्री का सेट ज्यादा शांत, व्यवस्थित और सम्मानजनक होता है। वहां लोग संवाद के लिए वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते हैं और काम का माहौल अपेक्षाकृत अनुशासित रहता है। बॉलीवुड सेट पर जल्दी-जल्दी काम का दबाव एली ने बताया कि बॉलीवुड में काम करने का तरीका काफी तेज और दबाव भरा होता है। उन्होंने कहा कि कई बार शूटिंग के दौरान कलाकारों की सुविधा पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। उनके अनुसार, यहां तक कि अगर कोई कलाकार खाना भी खा रहा हो, तब भी उसे तुरंत शॉट के लिए बुला लिया जाता है। एली ने यह भी कहा, “यहां तक कि अगर आप बेहोश भी हो जाएं, तब भी आपको शॉट देना पड़ सकता है।” हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यह अनुभव हर प्रोडक्शन या टीम के साथ अलग हो सकता है। हालिया प्रोजेक्ट में बदला अनुभव एली अवराम ने बताया कि हाल ही में उन्होंने एक नेटफ्लिक्स प्रोजेक्ट पर काम किया, जहां का अनुभव काफी बेहतर रहा। वहां पूरी टीम ने कलाकारों की सुविधा, आराम और खाने-पीने का पूरा ध्यान रखा, जिसे उन्होंने बेहद सकारात्मक और सुखद अनुभव बताया। फिल्मी करियर एली अवराम ने 2013 में फिल्म ‘मिक्की वायरस’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। वह रियलिटी शो ‘बिग बॉस 7’ में भी नजर आईं और बाद में ‘किस किसको प्यार करूं’ जैसी फिल्मों से उन्हें पहचान मिली।
मुंबई: बॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय कॉमेडी फ्रेंचाइजी में से एक ‘हेरा फेरी’ के तीसरे पार्ट का इंतजार कर रहे फैंस के लिए बड़ा झटका सामने आया है। अभिनेता Akshay Kumar ने साफ कर दिया है कि ‘Hera Pheri 3’ फिलहाल नहीं बन रही है। यह बयान ऐसे समय आया है जब उनकी फिल्म Bhoot Bangla रिलीज हो चुकी है और फैंस उनसे लगातार इस बहुप्रतीक्षित फिल्म को लेकर सवाल कर रहे थे। क्या बोले अक्षय कुमार? एक इंटरव्यू के दौरान अक्षय कुमार ने कहा कि “दुर्भाग्यवश, ‘हेरा फेरी 3’ अभी नहीं बन रही है।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस खबर से उन्हें खुद भी झटका लगा था। अक्षय ने संकेत दिया कि फिल्म कई तरह की जटिलताओं में उलझी हुई है–हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ बातें वह सार्वजनिक तौर पर नहीं बता सकते। उनके मुताबिक, “ऐसा नहीं है कि हम तीनों साथ नहीं हैं। हम साथ हैं, लेकिन कई समझौते और मुद्दे हैं जो प्रोजेक्ट को आगे बढ़ने से रोक रहे हैं।” विवादों में फंसी रही फिल्म ‘हेरा फेरी 3’ लंबे समय से विवादों में घिरी हुई है। खासकर Paresh Rawal के अचानक प्रोजेक्ट से अलग होने की खबर ने सभी को चौंका दिया था। इसके अलावा, फिल्म के कॉपीराइट को लेकर निर्माता Firoz Nadiadwala और एक साउथ फिल्म प्रोड्यूसर के बीच कानूनी विवाद भी सामने आया, जिससे प्रोजेक्ट और अटक गया। फेमस तिकड़ी का क्या होगा? फैंस लंबे समय से Suniel Shetty, अक्षय कुमार और परेश रावल की आइकॉनिक तिकड़ी को फिर से पर्दे पर देखने का इंतजार कर रहे हैं। 2000 में रिलीज हुई Hera Pheri और 2006 की Phir Hera Pheri ने बाबूराव, राजू और श्याम के किरदारों को अमर बना दिया था। “बुढ़ापा न आ जाए…” अक्षय कुमार ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि उम्मीद है फिल्म बनने में इतनी देरी न हो जाए कि “बुढ़ापा आ जाए।” उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सही समय आने पर फिल्म जरूर बनेगी, लेकिन फिलहाल इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा। फैंस को बड़ा झटका इस अपडेट के बाद सोशल मीडिया पर फैंस की निराशा साफ दिखाई दे रही है। लंबे समय से इस फिल्म को लेकर जो उम्मीदें थीं, वे फिलहाल टूटती नजर आ रही हैं।
नई दिल्ली: पैन-इंडिया स्टार Yash ने अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म Toxic: A Fairy Tale for Grownups को लेकर पहली बार खुलकर बात की है। CinemaCon 2026, लॉस एंजेलिस में दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने इस फिल्म को “महत्वाकांक्षी” और “गैंगस्टर जॉनर की नई परिभाषा” बताया। फैंडैंगो को दिए इंटरव्यू में यश ने कहा कि पहली नजर में यह फिल्म एक सामान्य गैंगस्टर ड्रामा लग सकती है, लेकिन इसकी कहानी कहीं ज्यादा गहरी और परतदार है। उनके मुताबिक, यह फिल्म केवल एक्शन या अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि इसमें मानव मनोविज्ञान और जीवन के जटिल पहलुओं को अनोखे तरीके से दिखाया गया है। यश ने कहा, “यह फिल्म एक डार्क किरदार को बिल्कुल अलग नजरिए से पेश करती है। इसमें गहरी साइकोलॉजी है और यह दर्शकों के सोचने के तरीके पर असर डालेगी। यह कमर्शियल सिनेमा के साथ एक फ्रेश स्टोरीटेलिंग का उदाहरण है, जो भारतीय दर्शकों के लिए नया अनुभव साबित होगा।” भव्य स्तर पर बनी है ‘Toxic’ Toxic: A Fairy Tale for Grownups एक पीरियड गैंगस्टर फिल्म है, जिसका निर्देशन Geetu Mohandas ने किया है। फिल्म में यश डबल रोल में नजर आएंगे। इस मल्टी-स्टारर फिल्म में Kiara Advani, Nayanthara, Huma Qureshi, Tara Sutaria और Rukmini Vasanth भी अहम भूमिकाओं में हैं। खास बात यह है कि फिल्म को कन्नड़ और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में एक साथ शूट किया गया है। करीब 700–800 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में से एक मानी जा रही है। ‘रामायण’ को भी मिला इंटरनेशनल मंच CinemaCon 2026 के दौरान यश, प्रोड्यूसर Namit Malhotra के साथ अपनी दूसरी महत्वाकांक्षी फिल्म Ramayana को भी इंटरनेशनल ऑडियंस के सामने पेश करते नजर आए। इस फिल्म में यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि Ranbir Kapoor भगवान राम के किरदार में दिखेंगे। इसके अलावा Sai Pallavi सीता और Ravie Dubey लक्ष्मण के रोल में नजर आएंगे। कब रिलीज होगी फिल्म? Toxic: A Fairy Tale for Grownups 4 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म को लेकर पहले से ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री Neha Dhupia एक बार फिर अपने अभिनय से दर्शकों को चौंकाने के लिए तैयार हैं। उनकी पहली इंटरनेशनल फिल्म 52 Blue का फर्स्ट लुक और ट्रेलर रिलीज हो चुका है, जिसमें नेहा बिल्कुल अलग, सादगी भरे और डी-ग्लैम अवतार में नजर आ रही हैं। यह उनके करियर का अब तक का सबसे अलग और भावनात्मक किरदार माना जा रहा है। फिल्म में नेहा एक मां की भूमिका निभा रही हैं, जो अपने बेटे की जिंदगी को अपनी खामोश ताकत से आकार देती है। यह किरदार न सिर्फ उनके अभिनय की गहराई को दर्शाता है, बल्कि उनके करियर में एक नया मोड़ भी लाता है। किरदार को लेकर क्या बोलीं नेहा धूपिया? नेहा ने अपने रोल के बारे में बात करते हुए कहा कि 52 Blue उनके लिए बेहद खास और भावनात्मक अनुभव रहा है। उन्होंने बताया कि यह किरदार एक ऐसी मां का है, जो कम बोलती है लेकिन उसकी मौजूदगी ही उसके बेटे की पूरी दुनिया को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि पहली बार एक युवा बेटे की मां का किरदार निभाना चुनौतीपूर्ण जरूर था, लेकिन उतना ही संतोषजनक भी। इस रोल के लिए उन्हें बेहद वास्तविक और गहरे मानवीय भावों को महसूस करना पड़ा। ‘डी-ग्लैम’ लुक पर क्या कहा? नेहा ने साफ कहा कि डी-ग्लैम लुक उनके लिए कोई चिंता का विषय नहीं था, बल्कि यह उनके लिए एक आजादी जैसा अनुभव था। इससे उन्हें अपने किरदार में पूरी तरह डूबने का मौका मिला और उन्होंने बिना किसी बनावटीपन के उस महिला की जिंदगी को जिया। निर्देशक के साथ काम करने का अनुभव फिल्म का निर्देशन मिस्र के मशहूर फिल्ममेकर Ali El Arabi ने किया है। नेहा ने उनके साथ काम करने को “रिवेलेशन” बताया। उन्होंने कहा कि अली की कहानी कहने की शैली बेहद ईमानदार और जमीन से जुड़ी हुई है, जो कलाकारों को खुलकर अपने किरदार को एक्सप्लोर करने का मौका देती है। फिल्म की शूटिंग केरल के Kochi में हुई है, जिसने कहानी को और अधिक वास्तविकता और गहराई दी। फिल्म की कहानी क्या है? 52 Blue एक इमोशनल ‘कमिंग-ऑफ-एज’ कहानी है, जो एक युवा भारतीय फुटबॉल प्रेमी की जिंदगी पर आधारित है। वह एक प्रवासी मजदूर के रूप में 2022 FIFA World Cup के दौरान कतर जाता है। फिल्म में पहचान, सपनों और संघर्ष जैसे विषयों को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाया गया है। फिल्म में Adil Hussain भी अहम भूमिका में नजर आएंगे, जो नेहा के पति का किरदार निभा रहे हैं। यह दोनों कलाकारों की पहली ऑन-स्क्रीन जोड़ी है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।