भारतीय क्रिकेट टीम

Rohit Sharma
रोहित शर्मा के भविष्य पर बढ़ीं अटकलें, रिपोर्ट में 'ऑटोमैटिक सिलेक्शन' खत्म होने का दावा

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा के वनडे भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारतीय टीम प्रबंधन और चयन समिति अब 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए नई रणनीति पर काम कर रही है। इसी क्रम में यह भी कहा गया है कि रोहित शर्मा अब टीम में 'ऑटोमैटिक सिलेक्शन' नहीं रहेंगे और उनके चयन का फैसला प्रदर्शन व भविष्य की योजनाओं के आधार पर होगा। हालांकि, BCCI की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।   2027 विश्व कप को ध्यान में रखकर बन रही रणनीति   रिपोर्ट्स के अनुसार, चयनकर्ता आगामी वनडे विश्व कप के लिए युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने की दिशा में विचार कर रहे हैं। इसी वजह से अनुभवी खिलाड़ियों के चयन पर भी प्रदर्शन और फिटनेस के आधार पर फैसला लेने की बात सामने आई है।   लॉर्ड्स वनडे को लेकर भी चर्चा तेज   कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा वनडे रोहित शर्मा के करियर का आखिरी वनडे मुकाबला हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में न तो रोहित शर्मा और न ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि की है।   टीम मैनेजमेंट ने जताया भरोसा   इन अटकलों के बीच भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने रोहित शर्मा का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि दो मैचों में रन नहीं बनने का मतलब यह नहीं कि रोहित जैसे खिलाड़ी पर दबाव है। कोटक ने भरोसा जताया कि रोहित निर्णायक मुकाबले में बड़ी पारी खेल सकते हैं।   आधिकारिक घोषणा का इंतजार   फिलहाल रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर सामने आई सभी बातें मीडिया रिपोर्ट्स और अटकलों पर आधारित हैं। अंतिम फैसला चयन समिति और BCCI की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों की नजर अब इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे और उसके बाद होने वाले आधिकारिक फैसलों पर टिकी हुई है।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Healthy stuffed idli with vegetable and paneer filling served with coconut chutney for breakfast.
सिंपल इडली को दें जापानी सुशी जैसा ट्विस्ट, सब्जियों और पनीर की स्टफिंग से बनाएं हेल्दी Stuffed Idli; बच्चों के टिफिन से लेकर ब्रेकफास्ट तक के लिए परफेक्ट

Japanese Sushi जैसी लेयर्ड स्टफिंग वाली यह Stuffed Idli स्वाद, पोषण और प्रेजेंटेशन का शानदार कॉम्बिनेशन है। कम तेल में स्टीम होकर तैयार होने वाली यह रेसिपी हेल्दी ब्रेकफास्ट, टिफिन और हल्के डिनर के लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है। अगर आप रोज एक जैसी इडली खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार उसे नया और आकर्षक ट्विस्ट दें। Stuffed Idli की यह रेसिपी अपनी लेयर्ड स्टफिंग और खूबसूरत प्रेजेंटेशन की वजह से जापानी सुशी जैसी दिखती है। हालांकि यह सुशी नहीं है, लेकिन इसकी स्टफिंग और सर्विंग स्टाइल इसे बेहद खास बनाती है। इस रेसिपी में गाजर, शिमला मिर्च, मटर, स्वीट कॉर्न और पनीर जैसी पौष्टिक सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर बन जाती है। स्टीम होने के कारण इसमें तेल भी बहुत कम लगता है, इसलिए यह हेल्दी डाइट फॉलो करने वालों के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है। बनने में कितना समय लगता है? तैयारी का समय: 15 मिनट स्टीम करने का समय: 12–15 मिनट कुल समय: लगभग 30 मिनट प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण (2 Stuffed Idli) कैलोरी: 220–250 kcal प्रोटीन: 10–12 ग्राम फाइबर: 4–5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 30–32 ग्राम फैट: 6–8 ग्राम आवश्यक सामग्री 2 कप इडली बैटर 1 गाजर (कद्दूकस) ½ कप शिमला मिर्च ¼ कप स्वीट कॉर्न 2 बड़े चम्मच उबले मटर 2 बड़े चम्मच कद्दूकस किया पनीर अदरक-हरी मिर्च पेस्ट नमक और काली मिर्च हरा धनिया 1 छोटा चम्मच तेल बनाने की आसान विधि सबसे पहले हल्के तेल में अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट और सभी सब्जियां 2–3 मिनट तक भून लें। इसमें पनीर, नमक, काली मिर्च और हरा धनिया मिलाकर स्टफिंग तैयार करें। अब इडली मोल्ड में पहले थोड़ा बैटर डालें, फिर स्टफिंग रखें और ऊपर से दोबारा बैटर डाल दें। 12–15 मिनट तक स्टीम करें और गरमागरम परोसें। किसके साथ करें सर्व? नारियल की चटनी मूंगफली की चटनी टमाटर की चटनी सांभर घी और मिलगई पोड़ी कब खाएं? सुबह का नाश्ता बच्चों का टिफिन ऑफिस लंच शाम का हेल्दी स्नैक हल्का डिनर क्यों करें ट्राई? सिंपल इडली का नया और आकर्षक ट्विस्ट जापानी सुशी जैसी लेयर्ड प्रेजेंटेशन कम तेल और स्टीम में तैयार प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर बच्चों और बड़ों दोनों के लिए हेल्दी विकल्प ध्यान दें: यह रेसिपी सुशी नहीं है। "सुशी जैसा" शब्द केवल इसकी लेयर्ड स्टफिंग और आकर्षक प्रेजेंटेशन की तुलना के लिए इस्तेमाल किया गया है।  

anmol जुलाई 17, 2026 0
Sitanshu Kotak Statement
रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलों पर कोच का बड़ा बयान, कहा- कोई दबाव नहीं है

नई दिल्ली,एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने कप्तान रोहित शर्मा के वनडे भविष्य और संन्यास को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि टीम प्रबंधन को उनके अनुभव और क्षमता पर पूरा भरोसा है। इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में लगातार दो कम स्कोर के बाद रोहित के भविष्य को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया था, लेकिन कोटक ने कहा कि फिलहाल ऐसे किसी फैसले का सवाल ही नहीं उठता।   'रोहित जैसे खिलाड़ी पर दबाव नहीं' युवा खिलाड़ियों यशस्वी जायसवाल और ईशान किशन को ओपनिंग में मौका दिए जाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कोटक ने कहा कि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी बल्लेबाज पर किसी तरह का दबाव नहीं है। उन्होंने कहा, “रोहित इतने बड़े खिलाड़ी हैं कि कुछ खराब पारियों से उनकी क्षमता पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। भले ही हाल के मैचों में वे बड़ी पारी नहीं खेल पाए हों, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में लय दिखाई दे रही थी।”   लॉर्ड्स में वापसी की उम्मीद दूसरे वनडे में रोहित शर्मा ने 47 गेंदों पर 27 रन बनाए। उनकी धीमी पारी को लेकर उठ रहे सवालों पर कोटक ने कहा कि कार्डिफ की पिच पर गेंद का असमान उछाल बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण था। उनके अनुसार, कई बार परिस्थितियां बल्लेबाज की लय को प्रभावित करती हैं और यही क्रिकेट का हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि लॉर्ड्स में रोहित पूरी तरह अलग अंदाज में बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं।   2027 विश्व कप पर नजर रोहित शर्मा पहले ही टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, जिससे उनके वनडे भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, कोटक के बयान से साफ हो गया है कि भारतीय टीम प्रबंधन फिलहाल 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों में रोहित को महत्वपूर्ण खिलाड़ी मान रहा है। टीम को उम्मीद है कि अनुभवी बल्लेबाज जल्द ही अपनी पुरानी लय हासिल कर आलोचकों को करारा जवाब देंगे।

abhishek singh जुलाई 17, 2026 0
Ryan ten Doeschate
टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में बड़ा बदलाव संभव, रयान टेन डोशेट के भविष्य पर सस्पेंस

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट के इंग्लैंड दौरे के बाद अपने पद से अलग होने की खबरें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका दो साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है और वह इसे आगे बढ़ाने के इच्छुक नहीं हैं।   पारिवारिक कारणों से छोड़ सकते हैं जिम्मेदारी   रिपोर्ट्स के मुताबिक, रयान टेन डोशेट लगातार अंतरराष्ट्रीय दौरों और व्यस्त कार्यक्रम के कारण अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। उनकी पत्नी और तीन बच्चे लंदन में रहते हैं, इसलिए वह ऐसा पद चाहते हैं जिसमें यात्रा कम करनी पड़े। इसी वजह से उन्होंने टीम इंडिया के साथ अपना कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है।   गौतम गंभीर की टीम को लग सकता है झटका   रयान टेन डोशेट को मुख्य कोच गौतम गंभीर की पसंद पर जुलाई 2024 में भारतीय टीम के सहायक कोच के रूप में नियुक्त किया गया था। यदि वह पद छोड़ते हैं, तो यह गंभीर के कोचिंग स्टाफ के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि गेंदबाजी कोच मॉर्ने मोर्कल के भविष्य को लेकर भी चर्चा चल रही है।   BCCI जल्द ले सकता है अंतिम फैसला   बीसीसीआई फिलहाल सपोर्ट स्टाफ में संभावित बदलावों पर विचार कर रहा है। इंग्लैंड वनडे सीरीज समाप्त होने के बाद बोर्ड नए कोचिंग संयोजन पर फैसला ले सकता है। हालांकि, अभी तक बीसीसीआई या रयान टेन डोशेट की ओर से आधिकारिक इस्तीफे की घोषणा नहीं की गई है।

abhishek singh जुलाई 15, 2026 0
IND VS ENG 1st ODI
भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया, शुभमन गिल की कप्तानी में वनडे सीरीज का विजयी आगाज़

बर्मिंघम, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का शानदार आगाज़ करते हुए पहले मुकाबले में 6 विकेट से जीत दर्ज की। एजबेस्टन में खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया और सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।   शुभमन गिल ने खेली कप्तानी पारी   कप्तान शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 80 रन बनाए और भारत की जीत की मजबूत नींव रखी। हालांकि पारी के दौरान उन्हें ऐंठन (क्रैम्प) की शिकायत हुई, जिसके चलते उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने पारी को संभालते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया।   अक्षर पटेल बने जीत के हीरो   ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले गेंदबाजी में 4 विकेट झटके और फिर नाबाद 57 रन की पारी खेली। उनके साथ वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन बनाए। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए अक्षर पटेल को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।   इंग्लैंड की पारी लड़खड़ाई   टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन 61 रन तक बिना विकेट गंवाने के बाद उसने तेजी से विकेट खो दिए। जो रूट (76)* और लियाम डॉसन (68) ने पारी संभालते हुए टीम को 258 रन तक पहुंचाया, लेकिन यह स्कोर भारत के सामने कम साबित हुआ। भारत ने लक्ष्य आसानी से हासिल कर इंग्लैंड के एजबेस्टन में लंबे समय से चले आ रहे वनडे दबदबे को भी खत्म कर दिया।

abhishek singh जुलाई 15, 2026 0
Team India Coaching
टीम इंडिया के कोचिंग स्टाफ में हो सकता है बड़ा बदलाव, इंग्लैंड दौरे के बाद BCCI करेगी समीक्षा

नई दिल्ली, एजेंसियां। इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कोचिंग स्टाफ में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, BCCI इंग्लैंड दौरा खत्म होने के बाद सपोर्ट स्टाफ की व्यापक समीक्षा करेगी और कुछ अहम पदों पर नए चेहरे देखने को मिल सकते हैं।   सपोर्ट स्टाफ के कई सदस्यों का भविष्य अधर में   रिपोर्ट्स के अनुसार, असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशेट और फील्डिंग कोच टी. दिलीप के भविष्य पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। टी. दिलीप का कार्यकाल इंग्लैंड दौरे के साथ समाप्त हो रहा है और उन्हें विस्तार मिलने की संभावना कम बताई जा रही है। वहीं गेंदबाजी कोच मॉर्ने मॉर्केल को बनाए रखने के पक्ष में बोर्ड दिखाई दे रहा है।   गौतम गंभीर पर फिलहाल पूरा भरोसा   हालांकि टीम के हालिया प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे हैं, लेकिन मुख्य कोच गौतम गंभीर की भूमिका को लेकर फिलहाल कोई बदलाव नहीं माना जा रहा। BCCI का फोकस सपोर्ट स्टाफ में सुधार कर टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर है। बोर्ड का मानना है कि मुख्य कोच को अपनी योजनाओं को लागू करने के लिए और समय दिया जाना चाहिए।   नई जिम्मेदारियों पर भी हो रहा विचार   सूत्रों के मुताबिक, BCCI टीम के सपोर्ट स्टाफ को और मजबूत बनाने के लिए कुछ नई नियुक्तियों पर भी विचार कर रही है। हाल ही में सैराज बहुतुले को भारतीय टीम का स्पिन बॉलिंग कोच नियुक्त किया गया था और अब अन्य विभागों में भी बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। बोर्ड इंग्लैंड दौरे के बाद प्रदर्शन रिपोर्ट के आधार पर अंतिम फैसला लेगा।

abhishek singh जुलाई 14, 2026 0
Rohit Sharma Padma Shri Award
रोहित शर्मा को मिला पद्मश्री सम्मान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित; भारतीय क्रिकेट के लिए गौरव का पल

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित दूसरे नागरिक अलंकरण समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान भारतीय क्रिकेट में उनके असाधारण योगदान और शानदार उपलब्धियों के लिए दिया गया।   राष्ट्रपति भवन में हुआ सम्मान समारोह   नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न क्षेत्रों की कई हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए। खेल जगत से रोहित शर्मा को भारतीय क्रिकेट में उनके उत्कृष्ट योगदान और देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन करने के लिए पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया।   भारतीय क्रिकेट में रोहित शर्मा का योगदान   रोहित शर्मा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए हैं। वह एकदिवसीय क्रिकेट में 264 रन की विश्व रिकॉर्ड व्यक्तिगत पारी खेलने वाले दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने टी-20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब भी अपने नाम किया, जिससे भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।   बीसीसीआई ने दी बधाई   भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोशल मीडिया पर रोहित शर्मा को पद्मश्री मिलने पर बधाई दी। बोर्ड ने इसे भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण बताया। समारोह की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।   क्रिकेट जगत ने जताई खुशी   रोहित शर्मा को पद्मश्री मिलने के बाद कई पूर्व और वर्तमान क्रिकेटरों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। प्रशंसकों ने भी सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देते हुए इसे भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।   करियर में जुड़ा एक और बड़ा सम्मान   पद्मश्री सम्मान मिलने के साथ ही रोहित शर्मा के शानदार क्रिकेट करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। मैदान पर अपने रिकॉर्ड, शानदार बल्लेबाजी और सफल कप्तानी से करोड़ों प्रशंसकों का दिल जीतने वाले रोहित शर्मा अब देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक के प्राप्तकर्ता भी बन गए हैं।

abhishek singh जून 25, 2026 0
Akashdeep
दूल्हा बनने जा रहे स्टार क्रिकेटर आकाशदीप, 24 जून को बंधेंगे शादी के बंधन में

नई दिल्ली, एजेंसियां। भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज आकाशदीप जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, वह 24 जून को वाराणसी में अपनी मंगेतर अक्षिता के साथ सात फेरे लेंगे। दोनों परिवारों में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और गांव से लेकर शहर तक उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। शादी की रस्में 21 जून से शुरू होंगी, जिसमें तिलक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 22 जून को मेहंदी और 23 जून को हल्दी की रस्म पूरी की जाएगी। सभी पारंपरिक आयोजन उनके पैतृक क्षेत्र में पारिवारिक और करीबी लोगों की मौजूदगी में संपन्न होंगे।   सूत्रों के मुताबिक सूत्रों के मुताबिक, आकाशदीप की शादी वाराणसी में इसलिए रखी गई है क्योंकि वह भगवान शिव के भक्त हैं और काशी विश्वनाथ मंदिर में उनकी विशेष आस्था है। परिवार और रिश्तेदारों के साथ-साथ क्रिकेट जगत से जुड़े कई लोगों के भी समारोह में शामिल होने की संभावना है। आकाशदीप बिहार के रोहतास जिले के डेहरी-ऑन-सोन के मानिकपुर गांव से आते हैं। संघर्षों से भरा उनका जीवन सफर रहा है, जिसमें कम उम्र में पिता और भाई को खोने का दर्द भी शामिल है। इसके बावजूद उन्होंने क्रिकेट में अपने करियर को आगे बढ़ाया और बंगाल की घरेलू टीम से लेकर IPL तक अपनी पहचान बनाई।   घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन रहा  घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई और अपनी तेज गेंदबाजी से खास पहचान स्थापित की। इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में 10 विकेट लेने के साथ-साथ महत्वपूर्ण बल्लेबाजी योगदान देकर उन्होंने इतिहास रच दिया था। अब क्रिकेट मैदान के बाद निजी जीवन में भी यह नई शुरुआत उनके लिए खास मानी जा रही है। परिवार, रिश्तेदार और प्रशंसक इस शादी को लेकर उत्साहित हैं और पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल है।

abhishek singh जून 12, 2026 0
ndian cricket team celebrating T20 World Cup victory against New Zealand at Narendra Modi Stadium Ahmedabad
भारत ने रचा इतिहास: न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी बार जीता T20 वर्ल्ड कप

  अहमदाबाद से रिपोर्ट अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार रात भारतीय क्रिकेट के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय लिखा गया। टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी बार T20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत T20 वर्ल्ड कप का सफलतापूर्वक बचाव करने वाली दुनिया की पहली टीम बन गया। करीब एक लाख दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में जब अंतिम विकेट गिरा, तो पूरा मैदान जश्न में डूब गया। लॉन्ग-ऑन पर तिलक वर्मा ने जैकब डफी का कैच पकड़ते ही न्यूजीलैंड की आखिरी उम्मीद खत्म कर दी। कैच लेने के बाद खुशी के जोश में उन्होंने गेंद को हवा में उछालने की कोशिश की और फिसल पड़े। तभी उनके साथी खिलाड़ी दौड़ते हुए उनके पास पहुंचे और मैदान में जश्न का माहौल बन गया। यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि भावनाओं से भरा वह पल था जिसका इंतजार अहमदाबाद के इसी मैदान को 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल की हार के बाद से था। उस मैच में भारत शानदार फॉर्म में होने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया से हार गया था। लगभग दो साल बाद इसी मैदान पर मिली यह जीत उस दर्द को भरने वाली साबित हुई।   खिलाड़ियों में खुशी और भावनाएं खिताब जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ी भावुक नजर आए। कई खिलाड़ियों के लिए यह पल शब्दों से परे था। तिलक वर्मा ने कहा, “अगले कुछ दिन टीम के साथ जश्न मनाने में गुजरेंगे। यह हमारे लिए बेहद खास पल है।” तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने टीम की तारीफ करते हुए कहा, “हमारी टीम में कई मैच विनर खिलाड़ी हैं। यह जीत हमारी मेहनत का परिणाम है और हमारे प्रदर्शन पर लगी चेरी की तरह है।” टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए संजू सैमसन ने कहा, “यह सब किसी सपने जैसा लगता है। इतने बड़े मंच पर टीम के लिए योगदान देना गर्व की बात है।” वहीं फाइनल में शानदार गेंदबाजी करने वाले जसप्रीत बुमराह ने कहा कि यह जीत उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा, “मैंने अपने घरेलू मैदान पर पहले भी एक फाइनल खेला था लेकिन जीत नहीं सका था। आज यहां जीतना मेरे लिए बेहद भावुक क्षण है।”   मैदान में जश्न का माहौल मैच खत्म होते ही स्टेडियम में जश्न का माहौल बन गया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कोच गौतम गंभीर को गले लगाया और भावुक नजर आए। इसके बाद उन्होंने टीम के हर खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ को गले लगाया। स्टेडियम में रंग-बिरंगी आतिशबाजी हुई और आसमान से नीले रंग की कंफेटी बरसने लगी। खिलाड़ी अपने परिवार के साथ भी इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाते दिखाई दिए। वरुण चक्रवर्ती का बेटा उनके गले से लिपटा हुआ था, जबकि सूर्यकुमार यादव अक्षर पटेल के छोटे बच्चे के साथ खेलते नजर आए। न्यूजीलैंड के खिलाड़ी भी हार के बावजूद मुस्कुराते हुए भारतीय टीम को बधाई देते दिखे। हालांकि उनके चेहरों पर यह साफ झलक रहा था कि भारत की टीम उस दिन उनसे कहीं ज्यादा मजबूत साबित हुई।   मैच का पूरा हाल फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना किसी भी टीम के लिए मुश्किल था और न्यूजीलैंड भी इस दबाव को झेल नहीं सका। न्यूजीलैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई और नियमित अंतराल पर विकेट खोती रही। भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया। अंततः पूरी टीम 159 रन पर सिमट गई और भारत ने 96 रन के बड़े अंतर से मुकाबला जीत लिया। इस दौरान जसप्रीत बुमराह ने अहम मौके पर दो विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में कर दिया।   भारतीय बल्लेबाजों का आक्रामक प्रदर्शन भारत की पारी की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। अभिषेक शर्मा ने तेज शुरुआत दी और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। उनके आउट होने के बाद भी भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता कम नहीं हुई। ईशान किशन ने सिर्फ 24 गेंदों में 54 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच की दिशा लगभग तय कर दी। उन्होंने कई शानदार चौके और छक्के लगाए और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। भारत के शीर्ष तीन बल्लेबाजों ने मिलकर सिर्फ 92 गेंदों में 195 रन जोड़ दिए, जिसने न्यूजीलैंड की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया। पूरी पारी के दौरान भारतीय बल्लेबाजों ने 17 छक्के और 19 चौके लगाए।   भारत का नया क्रिकेट युग यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय T20 क्रिकेट के नए युग की शुरुआत भी मानी जा रही है। भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग है, प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की भरमार है और अब लगातार दो विश्व खिताब भी हैं। 2024 में T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद 2026 में उसे बरकरार रखकर भारत ने साबित कर दिया कि वह इस फॉर्मेट में दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। करीब 17 साल तक T20 विश्व कप का ताज भारत से दूर रहा, लेकिन अब लगातार दो खिताब जीतकर टीम इंडिया ने यह साबित कर दिया है कि वह इस फॉर्मेट में लंबे समय तक अपना दबदबा कायम रख सकती है।   एक नई विरासत की शुरुआत अहमदाबाद की यह रात भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक बन गई। यह सिर्फ एक जीत नहीं थी, बल्कि उस लंबी यात्रा का परिणाम थी जो वर्षों की मेहनत, रणनीति और नए खिलाड़ियों पर भरोसे से बनी है। इस जीत के साथ भारत ने यह संदेश दे दिया है कि वह T20 क्रिकेट में एक नई विरासत बनाने की राह पर है। यह वह रात थी जब टीम इंडिया ने इतिहास के बोझ और करोड़ों प्रशंसकों की उम्मीदों को अपने कंधों पर उठाकर जीत में बदल दिया।  

surbhi मार्च 9, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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