Realme भारत में अपना नया स्मार्टफोन Realme 16T 5G लॉन्च करने जा रहा है। लॉन्च से पहले ही कंपनी ने फोन के कई प्रमुख फीचर्स का खुलासा कर दिया है, जिसके बाद यह डिवाइस टेक मार्केट में चर्चा का विषय बन गया है। Realme 16T 5G को 22 मई को भारतीय बाजार में लॉन्च किया जाएगा। कंपनी इसे खास तौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर ला रही है जो बड़ी बैटरी, दमदार कैमरा और AI फीचर्स वाला 5G स्मार्टफोन चाहते हैं। 50MP Sony कैमरा के साथ मिलेगा AI फोटोग्राफी एक्सपीरियंस फोन में 50MP का Sony IMX852 प्राइमरी कैमरा दिया जाएगा, जो f/1.8 अपर्चर और ऑटोफोकस सपोर्ट के साथ आएगा। कंपनी ने इसमें अपना खास LumaColor IMAGE Engine भी जोड़ा है, जो AI की मदद से स्किन टोन, कलर्स और फोटो डिटेल्स को बेहतर बनाएगा। इसके अलावा फोन में RAW HDR प्रोसेसिंग और Custom White Balance जैसे फीचर्स भी मिलेंगे, जिससे लो-लाइट और प्रोफेशनल फोटोग्राफी का अनुभव और बेहतर हो सकता है। AI Portrait Glow समेत कई स्मार्ट फीचर्स Realme 16T 5G में AI Portrait Glow फीचर मिलेगा, जो कम रोशनी में चेहरे की लाइटिंग को बेहतर बनाने में मदद करेगा। यूजर्स इसमें Flash, Natural Light, Rim Light और Studio Light जैसे पोर्ट्रेट इफेक्ट्स का इस्तेमाल भी कर पाएंगे। फोन में Rear Selfie Mirror फीचर भी दिया जाएगा, जिससे यूजर्स रियर कैमरे से सेल्फी लेते समय खुद को आसानी से देख सकेंगे। इसके अलावा कंपनी कई AI बेस्ड क्रिएटिव फीचर्स भी दे रही है, जिनमें: AI Popout Collage AI StyleMe AI Profile Portrait AI Football Star AI Instant Clip शामिल हैं। AI Instant Clip फीचर कुछ ही सेकेंड में फोटो और वीडियो से शॉर्ट वीडियो तैयार कर सकेगा। डिस्प्ले और ऑडियो पर भी खास ध्यान फोन में 144Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले मिलेगा, जिसकी पीक ब्राइटनेस 2100 निट्स तक होगी। इससे गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग का अनुभव बेहतर होने की उम्मीद है। कंपनी ने इसमें 400% Ultra Volume मोड भी दिया है, जो मूवी और सीरीज देखने के दौरान तेज और क्लियर ऑडियो देने में मदद करेगा। पानी और गिरने से भी रहेगा सुरक्षित Realme 16T 5G को IP69 Pro रेटिंग मिली है, यानी यह पानी और धूल से काफी हद तक सुरक्षित रहेगा। साथ ही इसमें मिलिट्री-ग्रेड शॉक रेजिस्टेंस प्रोटेक्शन भी मिलेगा, जिससे फोन गिरने पर अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी। 8000mAh बैटरी के साथ लंबा बैकअप फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8000mAh बैटरी हो सकती है। कंपनी का दावा है कि यह बैटरी एक बार चार्ज करने पर लगभग तीन दिन तक चल सकती है। इसके साथ 45W फास्ट चार्जिंग, बायपास चार्जिंग और वायर्ड रिवर्स चार्जिंग जैसे फीचर्स भी दिए जाएंगे। तीन रंगों में होगा उपलब्ध यह स्मार्टफोन Starlight Black, Starlight Blue और Starlight Red कलर ऑप्शन में लॉन्च किया जाएगा। अगर Realme इस फोन को आक्रामक कीमत में लॉन्च करता है, तो यह मिड-रेंज 5G स्मार्टफोन मार्केट में मजबूत चुनौती पेश कर सकता है।
नई दिल्ली: Vivo ने अपने लेटेस्ट स्मार्टफोन Vivo T5 Pro 5G की भारत में पहली सेल शुरू कर दी है। कंपनी के T-सीरीज के इस नए डिवाइस को बड़ी बैटरी, हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले और पावरफुल परफॉर्मेंस के साथ पेश किया गया है। पहली सेल में ग्राहकों को ₹3000 तक का डिस्काउंट भी मिल रहा है। कीमत और ऑफर्स Vivo T5 Pro 5G तीन वेरिएंट में उपलब्ध है: 8GB + 128GB: ₹29,999 8GB + 256GB: ₹33,999 12GB + 256GB: ₹39,999 HDFC, SBI और Axis बैंक कार्ड्स के साथ: बेस वेरिएंट पर ₹2000 तक की छूट अन्य वेरिएंट्स पर ₹3000 तक का डिस्काउंट फोन की बिक्री Flipkart, Vivo की आधिकारिक वेबसाइट और ऑफलाइन स्टोर्स पर शुरू हो चुकी है। डिस्प्ले और डिजाइन 6.8-इंच 1.5K AMOLED डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट 5000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस स्लिम डिजाइन, वजन 213 ग्राम यह सेटअप गेमिंग और वीडियो देखने के अनुभव को स्मूद बनाता है। कैमरा फीचर्स 50MP प्राइमरी कैमरा (OIS सपोर्ट) 2MP पोर्ट्रेट सेंसर 32MP फ्रंट कैमरा फ्रंट और रियर दोनों से 4K वीडियो रिकॉर्डिंग परफॉर्मेंस Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर 12GB तक RAM और 256GB स्टोरेज वेपर कूलिंग सिस्टम यह फोन मल्टीटास्किंग और हैवी गेमिंग के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। बैटरी और चार्जिंग इस स्मार्टफोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 9020mAh बैटरी है, जो लंबे समय तक बैकअप देने का दावा करती है। 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट बेहतर बैटरी हेल्थ मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर Android 16 पर आधारित सिस्टम लंबे समय तक सिक्योरिटी और सॉफ्टवेयर अपडेट का वादा
टेक जगत में एक बार फिर Xiaomi के आगामी फ्लैगशिप स्मार्टफोन को लेकर हलचल तेज हो गई है। हालिया लीक के मुताबिक, कंपनी अपने नए प्रीमियम डिवाइस Xiaomi 18 Pro पर काम कर रही है, जिसमें एक खास डेडिकेटेड AI बटन और कुछ सूक्ष्म डिजाइन बदलाव देखने को मिल सकते हैं। डिजाइन में क्या नया? ऑनलाइन सामने आए कथित रेंडर्स से संकेत मिलता है कि फोन के साइड में एक नया फिजिकल बटन दिया जा सकता है, जिस पर AI ब्रांडिंग होगी। यह बटन यूजर्स को एक टैप में कई स्मार्ट फीचर्स एक्सेस करने की सुविधा देगा। बताया जा रहा है कि यह बटन: स्मार्ट होम डिवाइसेज को कंट्रोल करने में मदद करेगा कनेक्टेड कार फीचर्स को मैनेज करेगा और AI आधारित टूल्स जैसे “Xiaomi Miclaw” तक तुरंत पहुंच देगा हालांकि कंपनी ने अभी तक इन फीचर्स की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कैमरा और सेकेंडरी डिस्प्ले रेंडर में डिवाइस का कैमरा मॉड्यूल भी दिखा है, जिसमें: दो बड़े कैमरा लेंस और पीछे की तरफ सेकेंडरी डिस्प्ले होने की संभावना यह डिजाइन पिछले मॉडल Xiaomi 17 Pro की तरह ही नजर आता है, जिसमें बैक पैनल पर एक छोटा डिस्प्ले दिया गया था। दमदार बैटरी और चार्जिंग रिपोर्ट्स के अनुसार, Xiaomi 18 Pro में: 7,000mAh या उससे बड़ी बैटरी 100W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट जैसी हाई-एंड सुविधाएं मिल सकती हैं, जो इसे पावर यूजर्स के लिए बेहद आकर्षक बना सकती हैं। कैमरा स्पेसिफिकेशन (संभावित) लीक्स के मुताबिक फोन में: दो 200MP कैमरे टेलीफोटो और मैक्रो कैपेबिलिटी जैसे एडवांस्ड फीचर्स शामिल हो सकते हैं, जो फोटोग्राफी एक्सपीरियंस को नई ऊंचाई दे सकते हैं। पुराने मॉडल से तुलना पिछला मॉडल Xiaomi 17 Pro सितंबर 2025 में लॉन्च हुआ था, जिसकी शुरुआती कीमत लगभग ₹75,000 थी। इसमें: Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट 6,300mAh बैटरी Leica ट्यून कैमरा सिस्टम जैसे फीचर्स दिए गए थे।
स्मार्टफोन बाजार में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि Oppo का नया फोन Oppo F33 Pro भारत में लॉन्च से ठीक पहले Google Play Console पर लिस्ट हो गया है। इस लिस्टिंग से फोन के कई अहम फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस सामने आ गए हैं। लॉन्च से पहले सामने आए बड़े खुलासे रिपोर्ट के अनुसार, Oppo F33 Pro (मॉडल नंबर CPH2835) Google Play Console पर दिखाई दिया है, जिससे इसके हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी कन्फर्म हो गई है। प्रोसेसर: MediaTek Dimensity 6100+ RAM: कम से कम 8GB OS: Android 16 आधारित ColorOS 16 डिस्प्ले: Full-HD+ (480ppi पिक्सल डेंसिटी) दमदार बैटरी और फास्ट चार्जिंग Oppo F33 Pro की सबसे बड़ी खासियत इसकी बैटरी मानी जा रही है: 7000mAh बैटरी 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट यह बैटरी सेगमेंट में इसे लंबी बैकअप देने वाला स्मार्टफोन बना सकती है। कैमरा और डिजाइन फोन में ड्यूल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा: 50MP प्राइमरी सेंसर 2MP डेप्थ सेंसर वहीं, सेल्फी के लिए 50MP फ्रंट कैमरा दिया जाएगा फोन को Misty Forest, Starry Blue और Passion Red जैसे आकर्षक कलर ऑप्शंस में लॉन्च किया जाएगा। मजबूती और कूलिंग सिस्टम Oppo F33 Pro में IP69K और IPX9K रेटिंग दी जाएगी, जिससे यह: धूल और पानी से बेहतर सुरक्षा देगा इसके अलावा: 4,289 sq mm का Vapour Chamber कूलिंग सिस्टम लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान फोन को ठंडा रखने में मदद करेगा। लॉन्च और उपलब्धता Oppo F33 Pro भारत में 15 अप्रैल दोपहर 12 बजे लॉन्च होगा। लॉन्च के बाद यह: Amazon Oppo India वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। Oppo F33 Pro अपनी बड़ी बैटरी, मजबूत बिल्ड और दमदार कैमरा फीचर्स के साथ मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में बड़ा मुकाबला देने के लिए तैयार है। लॉन्च के बाद इसकी कीमत और परफॉर्मेंस ही तय करेगी कि यह यूजर्स के बीच कितना लोकप्रिय होता है।
Vivo ने भारतीय बाजार में अपना नया स्मार्टफोन Vivo T5x 5G लॉन्च कर दिया है। यह फोन बड़ी बैटरी, मजबूत परफॉर्मेंस और प्रीमियम फीचर्स के साथ मिड-रेंज सेगमेंट में हलचल मचाने के लिए तैयार है। कीमत और उपलब्धता Vivo T5x 5G को तीन वेरिएंट में पेश किया गया है: 6GB + 128GB: ₹18,999 8GB + 128GB: ₹20,999 8GB + 256GB: ₹22,999 यह स्मार्टफोन 24 मार्च से Flipkart, Vivo के आधिकारिक स्टोर और रिटेल आउटलेट्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। कलर ऑप्शन: Cyber Green और Star Silver दमदार फीचर्स और स्पेसिफिकेशन डिस्प्ले: 6.67 इंच, 120Hz रिफ्रेश रेट प्रोसेसर: MediaTek Dimensity 7400 Turbo रैम और स्टोरेज: 8GB RAM तक, 256GB स्टोरेज तक बैटरी: 7200mAh (44W फास्ट चार्जिंग) बिल्ड: IP68 और IP69 रेटिंग (डस्ट और वॉटर रेसिस्टेंट) क्यों है खास? Vivo T5x 5G की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7200mAh की बड़ी बैटरी है, जो इस सेगमेंट में काफी कम देखने को मिलती है। साथ ही 120Hz डिस्प्ले और नया Dimensity 7400 Turbo प्रोसेसर इसे गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए मजबूत विकल्प बनाते हैं। मिड-रेंज बजट में Vivo का यह नया स्मार्टफोन लंबी बैटरी लाइफ और पावरफुल परफॉर्मेंस चाहने वाले यूजर्स को ध्यान में रखकर लॉन्च किया गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह डिवाइस बाजार में कितना असर डालता है।
चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनी Poco ने भारतीय बाजार में अपना नया बजट 5G स्मार्टफोन Poco C85x 5G लॉन्च कर दिया है। कंपनी की C-सीरीज़ में शामिल यह नया फोन बड़ी बैटरी, बड़े डिस्प्ले और 5G कनेक्टिविटी के साथ किफायती सेगमेंट में उतारा गया है। यह स्मार्टफोन जल्द ही देश में एक प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी ने इसे तीन अलग-अलग रंग विकल्पों और दो स्टोरेज वेरिएंट में पेश किया है। भारत में कीमत और वेरिएंट Poco C85x 5G की शुरुआती कीमत 10,999 रुपये रखी गई है, जिसमें 4GB RAM और 64GB स्टोरेज मिलता है। वहीं 4GB RAM + 128GB स्टोरेज वाले टॉप वेरिएंट की कीमत 11,999 रुपये है। डिस्प्ले और डिजाइन फोन में 6.9-इंच का HD+ (720×1600 पिक्सल) AdaptiveSync डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 240Hz टच सैंपलिंग रेट को सपोर्ट करता है। स्क्रीन की पीक ब्राइटनेस 800 निट्स तक जाती है। इसके अलावा डिस्प्ले को TUV Rheinland की Low Blue Light, Flicker Free और Circadian Friendly सर्टिफिकेशन भी मिला है, जो लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान आंखों पर पड़ने वाले असर को कम करने में मदद करता है। प्रोसेसर और परफॉर्मेंस स्मार्टफोन में ऑक्टा-कोर Unisoc T8300 प्रोसेसर दिया गया है, जिसकी अधिकतम क्लॉक स्पीड 2.2GHz है। इसके साथ Mali-G57 GPU, 4GB LPDDR4x RAM और 128GB तक इंटरनल स्टोरेज मिलता है। जरूरत पड़ने पर स्टोरेज को microSD कार्ड के जरिए 2TB तक बढ़ाया भी जा सकता है। कैमरा सेटअप फोटोग्राफी के लिए फोन में ड्यूल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें 32-मेगापिक्सल का मुख्य कैमरा (10x डिजिटल जूम सपोर्ट) एक सेकेंडरी कैमरा शामिल है। वहीं सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में 8-मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है। बैटरी और चार्जिंग Poco C85x 5G में 6300mAh की बड़ी बैटरी दी गई है। कंपनी का दावा है कि यह फोन दो दिन तक बैटरी बैकअप दे सकता है। फोन में 15W वायर्ड चार्जिंग के साथ-साथ 7.5W रिवर्स चार्जिंग का भी सपोर्ट मिलता है, जिससे दूसरे डिवाइस भी चार्ज किए जा सकते हैं। अन्य फीचर्स यह स्मार्टफोन Android 16 आधारित HyperOS 3 पर चलता है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें 5G, 4G LTE, Wi-Fi 5, Bluetooth 5.4, GPS, USB Type-C पोर्ट और 3.5mm ऑडियो जैक जैसे फीचर्स दिए गए हैं। फोन को IP57 रेटिंग भी मिली है, जो इसे धूल और पानी से कुछ हद तक सुरक्षित बनाती है। प्रमुख स्पेसिफिकेशन डिस्प्ले: 6.9-इंच HD+ AdaptiveSync, 120Hz प्रोसेसर: Unisoc T8300 RAM: 4GB स्टोरेज: 64GB / 128GB (2TB तक एक्सपेंडेबल) रियर कैमरा: 32MP फ्रंट कैमरा: 8MP बैटरी: 6300mAh ऑपरेटिंग सिस्टम: Android 16 आधारित HyperOS 3 कुल मिलाकर बड़ी बैटरी, बड़ा डिस्प्ले और किफायती कीमत के साथ Poco C85x 5G बजट 5G स्मार्टफोन सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनकर सामने आया है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।