Apple का अगला फ्लैगशिप स्मार्टफोन iPhone 18 Pro सितंबर 2026 में लॉन्च होने की उम्मीद है। टेक रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी का यह लॉन्च शेड्यूल केवल परंपरा नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति हो सकता है। इससे Apple को Samsung और Google जैसे Android ब्रांड्स की नई डिवाइसों के बाजार प्रदर्शन का आकलन करने और उसी हिसाब से अपनी रणनीति बनाने का मौका मिल सकता है। हालांकि, Apple ने अभी तक iPhone 18 Series की लॉन्च डेट, कीमत या फीचर्स की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सितंबर लॉन्च से Apple को क्या फायदा? हर साल Samsung और Google अपने प्रीमियम स्मार्टफोन जुलाई-अगस्त के दौरान लॉन्च करते हैं। इसके बाद सितंबर में Apple अपनी नई iPhone Series पेश करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे Apple को कई फायदे मिलते हैं: प्रतिस्पर्धी कंपनियों की कीमतों और उपभोक्ता प्रतिक्रिया का विश्लेषण करने का समय मिलता है। त्योहारी सीजन से पहले iPhone की बिक्री शुरू हो जाती है। कैरियर और नेटवर्क कंपनियां नए iPhone के साथ आकर्षक ऑफर्स लॉन्च करती हैं। प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में ग्राहकों का ध्यान तेजी से iPhone की ओर शिफ्ट हो जाता है। iOS 27 से मिलेगा बेहतर अनुभव? रिपोर्ट्स के मुताबिक Apple iOS 27 का पब्लिक बीटा जल्द जारी कर सकता है। बताया जा रहा है कि नया अपडेट मुख्य रूप से: सिस्टम परफॉर्मेंस सुधार, Apple Intelligence फीचर्स, Siri AI अपग्रेड, बेहतर स्थिरता पर केंद्रित होगा। Apple की खास बात यह है कि नया iOS एक साथ कई पुराने iPhone मॉडल्स तक पहुंचता है, जबकि Android में अलग-अलग कंपनियों के कारण अपडेट अलग समय पर मिलते हैं। AI फीचर्स पर रहेगा फोकस टेक रिपोर्ट्स के अनुसार iPhone 18 Pro में Apple का नया AI हार्डवेयर और ऑन-डिवाइस Apple Intelligence फीचर्स देखने को मिल सकते हैं। कंपनी की रणनीति क्लाउड आधारित AI के बजाय प्राइवेसी को प्राथमिकता देते हुए अधिक AI प्रोसेसिंग सीधे डिवाइस पर उपलब्ध कराने की हो सकती है। हालांकि इन फीचर्स की आधिकारिक जानकारी लॉन्च के समय ही सामने आएगी। बढ़ सकती है iPhone 18 Pro की कीमत रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मेमोरी और स्टोरेज कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत के कारण प्रीमियम स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ रही हैं। यदि Samsung और Google पहले अपने नए फ्लैगशिप की कीमत बढ़ाते हैं, तो Apple के लिए भी iPhone 18 Pro की ऊंची कीमत तय करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। हालांकि Apple ने अभी तक कीमतों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। Android से मुकाबले में क्या होगी रणनीति? विश्लेषकों का मानना है कि सितंबर में लॉन्च होने से Apple को यह देखने का अवसर मिलता है कि: ग्राहक किस तरह के AI फीचर्स पसंद कर रहे हैं। बाजार में किन फीचर्स की सबसे अधिक मांग है। प्रतिस्पर्धी कंपनियों की मार्केटिंग रणनीति कितनी सफल रही। इसके बाद Apple अपने iPhone 18 Pro की मार्केटिंग और सेवाओं को उसी हिसाब से पेश कर सकता है। अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार फिलहाल iPhone 18 Pro से जुड़ी अधिकांश जानकारी लीक्स और उद्योग विशेषज्ञों की रिपोर्ट्स पर आधारित है। लॉन्च के बाद ही फोन की वास्तविक कीमत, स्पेसिफिकेशन और उपलब्धता की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
Vietnam Boat Accident: वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए दर्दनाक नाव हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीयों के शव जल्द भारत लाए जाएंगे। वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने बताया है कि सभी पार्थिव शरीरों को आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जल्द से जल्द भारत भेजा जाएगा। इस बीच वियतनाम सरकार ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। भारतीय दूतावास ने जारी किया अपडेट भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि हादसे में मारे गए 15 भारतीयों के शव हो ची मिन्ह सिटी ले जाए जा रहे हैं। वहां पहचान और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद पार्थिव शरीरों को भारत भेजने की व्यवस्था की जाएगी। दूतावास ने कहा कि वह वियतनामी प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वियतनाम सरकार ने जांच के दिए आदेश स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग ने हादसे की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि दुर्घटना के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने संबंधित एजेंसियों को हादसे के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में रखे गए शव आन जियांग प्रांत के अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए पांच शवों को कीन जियांग जनरल अस्पताल में रखा गया है। वहीं, अन्य 10 शवों को हो ची मिन्ह सिटी के चो रे अस्पताल भेजा गया है, जहां उनकी पहचान और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। लावा मोबाइल कंपनी की ट्रिप के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुई नाव में कुल 36 लोग सवार थे। इनमें 32 भारतीय नागरिक और नाव के चालक दल के सदस्य शामिल थे। बताया गया है कि लावा मोबाइल कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए वियतनाम की यात्रा आयोजित की थी। कंपनी के करीब 110 कर्मचारी छुट्टियां मनाने के लिए वियतनाम पहुंचे थे। हादसे में जान गंवाने वाले सभी भारतीय दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों के निवासी बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद परिवारों में शोक नाव हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में शोक की लहर है। भारतीय दूतावास, स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां शवों को जल्द भारत पहुंचाने और पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में जुटी हुई हैं। वहीं, हादसे के कारणों की जांच जारी है।
Google ने अपने सालाना Made by Google इवेंट की तारीख का ऐलान कर दिया है। कंपनी 12 अगस्त 2026 को न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाले इस इवेंट में नई Pixel 11 Series और Pixel Watch 5 पेश कर सकती है। लॉन्च से पहले सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार स्मार्टफोन सीरीज में स्टोरेज, AI फीचर्स और कीमत तीनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। 12 अगस्त को लॉन्च होगी Pixel 11 Series Made by Google इवेंट में कंपनी के इन डिवाइसों से पर्दा उठने की उम्मीद है: Google Pixel 11 Google Pixel 11 Pro Google Pixel 11 Pro XL Google Pixel 11 Pro Fold Google Pixel Watch 5 लीक्स के अनुसार, फोन का डिजाइन पिछले मॉडल से मिलता-जुलता रहेगा, जबकि Pro और Fold मॉडल पहले से अधिक पतले हो सकते हैं। 256GB स्टोरेज बन सकता है नया बेस वेरिएंट रिपोर्ट्स के मुताबिक Google इस बार 128GB बेस स्टोरेज को हटाकर 256GB स्टोरेज से शुरुआत कर सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यूजर्स को अधिक फोटो, वीडियो, ऐप्स और AI फीचर्स इस्तेमाल करने के लिए अतिरिक्त स्टोरेज मिलेगा, जिससे प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में Pixel की प्रतिस्पर्धा और मजबूत हो सकती है। Pixel Glow फीचर क्या है? लीक्स में एक नए Pixel Glow फीचर की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि यह फोन के पीछे LED आधारित नोटिफिकेशन सिस्टम होगा, जो: कॉल आने पर मैसेज नोटिफिकेशन चार्जिंग स्टेटस अन्य महत्वपूर्ण अलर्ट को अलग-अलग लाइट संकेतों के जरिए दिखा सकता है। हालांकि कंपनी ने अभी इस फीचर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। AI हार्डवेयर की वजह से बढ़ सकती है कीमत रिपोर्ट्स के अनुसार AI आधारित हार्डवेयर और महंगे कंपोनेंट्स की वजह से Pixel 11 Series की कीमत पिछले मॉडल्स से अधिक हो सकती है। संभावित अंतरराष्ट्रीय कीमतें: Pixel 11: लगभग 899 डॉलर Pixel 11 Pro: लगभग 1,099 डॉलर Pixel 11 Pro XL: लगभग 1,299 डॉलर Pixel 11 Pro Fold: लगभग 1,899 डॉलर हालांकि लॉन्च से पहले इन कीमतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। Pixel Watch 5 में भी मिल सकते हैं बड़े बदलाव इसी इवेंट में Pixel Watch 5 के लॉन्च होने की भी उम्मीद है। रिपोर्ट्स के अनुसार: डिजाइन में बड़े बदलाव की संभावना कम है। कंपनी नया Tensor आधारित प्रोसेसर इस्तेमाल कर सकती है। इससे AI फीचर्स और स्मार्ट परफॉर्मेंस बेहतर होने की उम्मीद है। बैटरी और वास्तविक प्रदर्शन की जानकारी लॉन्च के बाद ही सामने आएगी। भारतीय बाजार के लिए क्यों है खास? भारत में Pixel स्मार्टफोन्स की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। बेहतर कैमरा, क्लीन एंड्रॉयड अनुभव और लंबे सॉफ्टवेयर अपडेट की वजह से यह सीरीज प्रीमियम यूजर्स की पसंद बनती जा रही है। यदि 256GB स्टोरेज बेस मॉडल में मिलता है, तो भारतीय ग्राहकों को अधिक वैल्यू मिल सकती है। वहीं संभावित कीमत बढ़ने के बाद Pixel 11 Series की टक्कर Samsung Galaxy S Series, Apple iPhone और OnePlus के फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स से और कड़ी हो सकती है।
नई दिल्ली, एजेंसियां। आज के समय में स्मार्टफोन हर किसी की जरूरत बन चुका है, लेकिन कई लोग मोबाइल चार्ज करते समय छोटी-छोटी गलतियां करते हैं, जो धीरे-धीरे बैटरी और डिवाइस को नुकसान पहुंचाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इन गलतियों से फोन की बैटरी लाइफ कम हो सकती है और ओवरहीटिंग जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। लोकल चार्जर का इस्तेमाल सबसे बड़ी गलती अक्सर लोग ओरिजिनल चार्जर खराब होने पर बाजार से सस्ते या लोकल चार्जर का इस्तेमाल करने लगते हैं। इससे सही वोल्टेज नहीं मिलता, जिससे बैटरी पर दबाव पड़ता है और वह जल्दी खराब हो सकती है। इसलिए हमेशा कंपनी द्वारा दिए गए या प्रमाणित चार्जर का ही उपयोग करना चाहिए। चार्जिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल नुकसानदायक बहुत से लोग मोबाइल को चार्जिंग पर लगाकर गेम खेलते हैं, वीडियो देखते हैं या कॉल पर बात करते हैं। ऐसा करने से फोन गर्म होता है और बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे उसकी लाइफ कम हो जाती है। विशेषज्ञ चार्जिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल न करने की सलाह देते हैं। रातभर चार्जिंग पर फोन छोड़ना भी हानिकारक कई लोग फोन को रातभर चार्जिंग पर लगाकर छोड़ देते हैं। हालांकि अब अधिकतर स्मार्टफोन में ऑटो कट फीचर होता है, लेकिन लंबे समय तक चार्जिंग पर लगे रहने से बैटरी और चार्जर दोनों पर असर पड़ सकता है। इसे आदत नहीं बनाना चाहिए। मोटे कवर के साथ चार्जिंग से ओवरहीटिंग का खतरा फोन पर मोटा कवर लगा होने से चार्जिंग के दौरान निकलने वाली गर्मी बाहर नहीं निकल पाती, जिससे डिवाइस ओवरहीट हो सकता है। इसलिए चार्जिंग के समय फोन का कवर हटाना बेहतर माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर मोबाइल की बैटरी लाइफ को काफी हद तक बढ़ाया जा सकता है और डिवाइस को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
आज के समय में स्मार्टफोन खरीदते वक्त केवल कैमरा, प्रोसेसर या बैटरी ही मायने नहीं रखते, बल्कि यूजर्स एक साफ-सुथरे और बिना विज्ञापनों वाले सॉफ्टवेयर अनुभव को भी प्राथमिकता देने लगे हैं। कई कंपनियां अपने फोन्स में भारी कस्टम UI, प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स और प्रमोशनल नोटिफिकेशन देती हैं, जिससे फोन का अनुभव प्रभावित होता है। ऐसे में क्लीन एंड्रॉयड या नियर-स्टॉक एंड्रॉयड वाले स्मार्टफोन तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। अगर आपका बजट करीब ₹30,000 है और आप गेमिंग, कैमरा तथा स्मूद परफॉर्मेंस के साथ क्लीन सॉफ्टवेयर चाहते हैं, तो Motorola और Nothing के कुछ स्मार्टफोन बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। क्लीन एंड्रॉयड फोन की बढ़ती मांग क्लीन एंड्रॉयड वाले स्मार्टफोन कम सिस्टम संसाधनों का उपयोग करते हैं, जिससे डिवाइस तेज चलता है और बैटरी की खपत भी कम होती है। इसके अलावा ऐसे फोन्स में सॉफ्टवेयर अपडेट अपेक्षाकृत जल्दी मिलते हैं और यूजर इंटरफेस अधिक सरल व सहज होता है। यही वजह है कि अब बड़ी संख्या में यूजर्स बिना ब्लोटवेयर वाले स्मार्टफोन की तलाश कर रहे हैं। Motorola Edge 70: परफॉर्मेंस और कैमरा का संतुलित पैकेज ₹30,000 के आसपास की कीमत में Motorola Edge 70 एक मजबूत ऑलराउंडर विकल्प बनकर सामने आता है। इसमें Snapdragon 7 Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो BGMI, Call of Duty Mobile और अन्य लोकप्रिय गेम्स को आसानी से संभाल सकता है। फोन में 50MP + 50MP डुअल रियर कैमरा सेटअप और 50MP फ्रंट कैमरा मिलता है, जिससे फोटोग्राफी और वीडियो कॉलिंग का अनुभव बेहतर होता है। 5000mAh बैटरी पूरे दिन का बैकअप देने में सक्षम है। Motorola का Hello UI लगभग स्टॉक एंड्रॉयड जैसा अनुभव देता है, जिसमें अनावश्यक ऐप्स और विज्ञापनों की समस्या नहीं होती। Motorola Edge 60 Pro: बड़ी बैटरी और बेहतर जूम कैमरा यदि आपकी प्राथमिकता लंबी बैटरी लाइफ और कैमरा वर्सेटिलिटी है, तो Motorola Edge 60 Pro एक आकर्षक विकल्प हो सकता है। इसमें 6000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो सामान्य उपयोग में दो दिन तक का बैकअप देने में सक्षम है। फोन 90W फास्ट चार्जिंग और 15W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट के साथ आता है। कैमरा विभाग में 50MP मुख्य सेंसर के साथ 3X ऑप्टिकल जूम टेलीफोटो लेंस मिलता है, जो इस प्राइस रेंज में इसे खास बनाता है। साफ-सुथरा सॉफ्टवेयर अनुभव इसे और भी बेहतर विकल्प बनाता है। Nothing Phone (3a) Lite: यूनिक डिजाइन और मिनिमलिस्ट अनुभव जो यूजर्स भीड़ से अलग दिखने वाला स्मार्टफोन चाहते हैं, उनके लिए Nothing Phone (3a) Lite एक शानदार विकल्प हो सकता है। कंपनी का Nothing OS अपने मिनिमलिस्ट इंटरफेस और क्लीन डिजाइन के लिए जाना जाता है। फोन में MediaTek Dimensity 7300 Pro प्रोसेसर दिया गया है, जो रोजमर्रा के कामों के साथ गेमिंग को भी सहजता से संभाल सकता है। 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी इसे युवा यूजर्स के बीच खास बनाते हैं। इसका अलग डिजाइन और साफ सॉफ्टवेयर अनुभव इसे प्रतिस्पर्धियों से अलग पहचान दिलाता है। कौन सा फोन खरीदना रहेगा बेहतर? अगर आप गेमिंग, कैमरा और संतुलित परफॉर्मेंस वाला फोन चाहते हैं, तो Motorola Edge 70 सबसे उपयुक्त विकल्प हो सकता है। वहीं, लंबी बैटरी लाइफ और टेलीफोटो कैमरे की जरूरत रखने वाले यूजर्स Motorola Edge 60 Pro को प्राथमिकता दे सकते हैं। दूसरी ओर, स्टाइलिश डिजाइन और अलग सॉफ्टवेयर अनुभव पसंद करने वालों के लिए Nothing Phone (3a) Lite बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। तीनों स्मार्टफोन उन चुनिंदा डिवाइसेज में शामिल हैं जो क्लीन एंड्रॉयड अनुभव के साथ दमदार हार्डवेयर भी उपलब्ध कराते हैं।
आज के समय में Smartphone और मोबाइल इंटरनेट लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन कई यूजर्स की शिकायत रहती है कि उनका रोज का डेटा बहुत जल्दी खत्म हो जाता है, जबकि वे ज्यादा इस्तेमाल भी नहीं करते। असल में स्मार्टफोन में कई ऐसी सेटिंग्स और ऐप्स होती हैं, जो बैकग्राउंड में लगातार इंटरनेट खर्च करती रहती हैं। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान बदलाव करके आप बिना महंगा नया प्लान लिए अपने मोबाइल डेटा की काफी बचत कर सकते हैं। बैकग्राउंड ऐप्स चुपचाप खत्म करती हैं डेटा फोन में कई ऐप्स लगातार इंटरनेट इस्तेमाल करती रहती हैं, चाहे आप उन्हें इस्तेमाल कर रहे हों या नहीं। इसमें सोशल मीडिया ऐप्स, क्लाउड बैकअप, लोकेशन सर्विस और सिंकिंग फीचर्स शामिल हैं। अगर डेटा बचाना चाहते हैं, तो: जरूरत न होने पर मोबाइल डेटा बंद रखें बैकग्राउंड डेटा लिमिट करें रात में सोते समय इंटरनेट ऑफ करने की आदत डालें यह छोटी आदतें रोज के डेटा खर्च को काफी कम कर सकती हैं। Data Saver मोड जरूर करें ऑन Android और iOS दोनों में डेटा बचाने के लिए खास फीचर दिया जाता है। एंड्रॉयड यूजर्स सेटिंग्स में जाकर “Data Saver” मोड ऑन कर सकते हैं। इससे ऐप्स का बैकग्राउंड इंटरनेट इस्तेमाल सीमित हो जाता है और डेटा की बचत होती है। इसके अलावा यह भी जांच लें कि फोन का हॉटस्पॉट गलती से ऑन तो नहीं है। कई बार यही वजह डेटा तेजी से खत्म होने की होती है। WhatsApp और ऐप अपडेट्स पर रखें नजर WhatsApp जैसे ऐप्स फोटो और वीडियो ऑटोमैटिक डाउनलोड करते रहते हैं। इससे काफी डेटा खर्च होता है। WhatsApp की सेटिंग्स में जाकर: Media Auto Download को सिर्फ Wi-Fi पर सेट करें HD फोटो/वीडियो डाउनलोड सीमित रखें साथ ही Google Google Play Store और Apple App Store में ऑटो अपडेट को भी Wi-Fi तक सीमित करना बेहतर रहता है। Wi-Fi इस्तेमाल करें, लेकिन सावधानी जरूरी जहां भरोसेमंद Wi-Fi उपलब्ध हो, वहां मोबाइल डेटा की बजाय Wi-Fi इस्तेमाल करना समझदारी हो सकती है। इससे डेटा की अच्छी बचत होती है। हालांकि साइबर एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि सार्वजनिक और असुरक्षित Wi-Fi नेटवर्क इस्तेमाल करते समय सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि इससे डेटा चोरी और डिजिटल फ्रॉड का खतरा बढ़ सकता है। छोटी आदतें करेंगी बड़ा फर्क कुछ छोटी चीजें भी डेटा बचाने में काफी मदद कर सकती हैं: वीडियो ऑटो-प्ले बंद रखें जरूरत के वीडियो Wi-Fi पर डाउनलोड करें इस्तेमाल के बाद ब्राउजर टैब बंद करें हाई क्वालिटी स्ट्रीमिंग कम करें क्लाउड बैकअप का समय तय करें विशेषज्ञों का कहना है कि नया महंगा प्लान लेने से पहले फोन की सेटिंग्स जरूर चेक करनी चाहिए। कई बार समाधान आपके स्मार्टफोन में ही छिपा होता है।
नई दिल्ली: Vivo ने अपने लेटेस्ट स्मार्टफोन Vivo T5 Pro 5G की भारत में पहली सेल शुरू कर दी है। कंपनी के T-सीरीज के इस नए डिवाइस को बड़ी बैटरी, हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले और पावरफुल परफॉर्मेंस के साथ पेश किया गया है। पहली सेल में ग्राहकों को ₹3000 तक का डिस्काउंट भी मिल रहा है। कीमत और ऑफर्स Vivo T5 Pro 5G तीन वेरिएंट में उपलब्ध है: 8GB + 128GB: ₹29,999 8GB + 256GB: ₹33,999 12GB + 256GB: ₹39,999 HDFC, SBI और Axis बैंक कार्ड्स के साथ: बेस वेरिएंट पर ₹2000 तक की छूट अन्य वेरिएंट्स पर ₹3000 तक का डिस्काउंट फोन की बिक्री Flipkart, Vivo की आधिकारिक वेबसाइट और ऑफलाइन स्टोर्स पर शुरू हो चुकी है। डिस्प्ले और डिजाइन 6.8-इंच 1.5K AMOLED डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट 5000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस स्लिम डिजाइन, वजन 213 ग्राम यह सेटअप गेमिंग और वीडियो देखने के अनुभव को स्मूद बनाता है। कैमरा फीचर्स 50MP प्राइमरी कैमरा (OIS सपोर्ट) 2MP पोर्ट्रेट सेंसर 32MP फ्रंट कैमरा फ्रंट और रियर दोनों से 4K वीडियो रिकॉर्डिंग परफॉर्मेंस Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर 12GB तक RAM और 256GB स्टोरेज वेपर कूलिंग सिस्टम यह फोन मल्टीटास्किंग और हैवी गेमिंग के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। बैटरी और चार्जिंग इस स्मार्टफोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 9020mAh बैटरी है, जो लंबे समय तक बैकअप देने का दावा करती है। 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट बेहतर बैटरी हेल्थ मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर Android 16 पर आधारित सिस्टम लंबे समय तक सिक्योरिटी और सॉफ्टवेयर अपडेट का वादा
स्मार्टफोन बाजार में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि Oppo का नया फोन Oppo F33 Pro भारत में लॉन्च से ठीक पहले Google Play Console पर लिस्ट हो गया है। इस लिस्टिंग से फोन के कई अहम फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस सामने आ गए हैं। लॉन्च से पहले सामने आए बड़े खुलासे रिपोर्ट के अनुसार, Oppo F33 Pro (मॉडल नंबर CPH2835) Google Play Console पर दिखाई दिया है, जिससे इसके हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से जुड़ी जानकारी कन्फर्म हो गई है। प्रोसेसर: MediaTek Dimensity 6100+ RAM: कम से कम 8GB OS: Android 16 आधारित ColorOS 16 डिस्प्ले: Full-HD+ (480ppi पिक्सल डेंसिटी) दमदार बैटरी और फास्ट चार्जिंग Oppo F33 Pro की सबसे बड़ी खासियत इसकी बैटरी मानी जा रही है: 7000mAh बैटरी 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट यह बैटरी सेगमेंट में इसे लंबी बैकअप देने वाला स्मार्टफोन बना सकती है। कैमरा और डिजाइन फोन में ड्यूल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा: 50MP प्राइमरी सेंसर 2MP डेप्थ सेंसर वहीं, सेल्फी के लिए 50MP फ्रंट कैमरा दिया जाएगा फोन को Misty Forest, Starry Blue और Passion Red जैसे आकर्षक कलर ऑप्शंस में लॉन्च किया जाएगा। मजबूती और कूलिंग सिस्टम Oppo F33 Pro में IP69K और IPX9K रेटिंग दी जाएगी, जिससे यह: धूल और पानी से बेहतर सुरक्षा देगा इसके अलावा: 4,289 sq mm का Vapour Chamber कूलिंग सिस्टम लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान फोन को ठंडा रखने में मदद करेगा। लॉन्च और उपलब्धता Oppo F33 Pro भारत में 15 अप्रैल दोपहर 12 बजे लॉन्च होगा। लॉन्च के बाद यह: Amazon Oppo India वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। Oppo F33 Pro अपनी बड़ी बैटरी, मजबूत बिल्ड और दमदार कैमरा फीचर्स के साथ मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में बड़ा मुकाबला देने के लिए तैयार है। लॉन्च के बाद इसकी कीमत और परफॉर्मेंस ही तय करेगी कि यह यूजर्स के बीच कितना लोकप्रिय होता है।
स्मार्टफोन बाजार में बढ़ती कीमतों और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच Nothing Phone 4a Pro ने एक प्रीमियम डिवाइस के रूप में एंट्री ली है। इस बार कंपनी ने अपना फ्लैगशिप लॉन्च नहीं किया, बल्कि ‘a Pro’ सीरीज को ही अपग्रेड करके एक नई रणनीति अपनाई है। करीब 39,999 रुपये की शुरुआती कीमत के साथ यह फोन मिड-रेंज और प्रीमियम सेगमेंट के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है। डिजाइन: प्रीमियम लुक और यूनिक पहचान Nothing Phone 4a Pro का डिजाइन इस बार पूरी तरह बदला हुआ नजर आता है। प्लास्टिक फ्रेम की जगह अब एयरक्राफ्ट-ग्रेड एल्युमिनियम का मेटल यूनिबॉडी दिया गया है, जो इसे प्रीमियम फील देता है। इसका ट्रांसपेरेंट कैमरा मॉड्यूल और Glyph Matrix डिजाइन इसे भीड़ से अलग बनाते हैं। IP65 रेटिंग के साथ यह फोन मजबूती के मामले में भी बेहतर साबित होता है। डिस्प्ले: ब्राइट और शार्प, लेकिन कुछ सीमाएं फोन में 6.83 इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 1.5K रिजॉल्यूशन और 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है। कंपनी ने 144Hz का दावा किया है, लेकिन वास्तविक इस्तेमाल में यह 120Hz तक ही सीमित रहता है। HDR सपोर्ट होने के बावजूद OTT ऐप्स पर इसका पूरा फायदा नहीं मिल पाता। सॉफ्टवेयर: यूनिक एक्सपीरियंस Android 16 आधारित Nothing OS 4.1 इस फोन को अलग पहचान देता है। Glyph Matrix फीचर, AI Eraser और नए विजेट्स इसे फन और उपयोगी बनाते हैं। हालांकि, अब इसमें कुछ प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स भी मिलते हैं, जो पहले की तरह पूरी तरह क्लीन अनुभव नहीं देते। परफॉर्मेंस: ठीक-ठाक लेकिन टॉप नहीं फोन में Snapdragon 7 Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो रोजमर्रा के काम और गेमिंग के लिए ठीक है। Call of Duty जैसे गेम्स स्मूद चलते हैं Genshin Impact जैसे भारी गेम्स मीडियम सेटिंग पर बेहतर चलते हैं हालांकि, इस कीमत पर कुछ प्रतियोगी फोन बेहतर परफॉर्मेंस ऑफर करते हैं। कैमरा: सबसे बड़ा अपग्रेड Nothing Phone 4a Pro का कैमरा इस बार सबसे बड़ा आकर्षण है। 50MP प्राइमरी कैमरा शानदार डिटेल और नैचुरल कलर देता है 50MP टेलीफोटो (3.5x zoom) इस सेगमेंट में खास बनाता है लो-लाइट फोटोग्राफी में भी अच्छा प्रदर्शन हालांकि, सेल्फी कैमरा औसत है और वीडियो रिकॉर्डिंग में कुछ कमियां नजर आती हैं। बैटरी: दमदार और भरोसेमंद भारत में 5,400mAh बैटरी के साथ यह फोन पूरे दिन आराम से चल जाता है। हेवी यूज में भी दिनभर का बैकअप 50W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट खरीदना चाहिए या नहीं? Nothing Phone 4a Pro एक ऐसा स्मार्टफोन है जो डिजाइन, कैमरा और सॉफ्टवेयर के दम पर खुद को अलग साबित करता है। अगर आप यूनिक डिजाइन और शानदार कैमरा चाहते हैं, तो यह एक अच्छा विकल्प है। लेकिन अगर आपकी प्राथमिकता सिर्फ परफॉर्मेंस है, तो बाजार में बेहतर विकल्प मौजूद हैं।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।