Kidney Health Monsoon Diet: मानसून के मौसम में संक्रमण, डिहाइड्रेशन और खानपान की गड़बड़ी का असर किडनी की सेहत पर भी पड़ सकता है। ऐसे में संतुलित आहार के साथ कुछ हेल्दी सुपरफूड रेसिपीज डाइट का हिस्सा बनाकर किडनी की कार्यक्षमता को सपोर्ट किया जा सकता है। हालांकि, किडनी रोग से पीड़ित मरीज किसी भी डाइट में बदलाव से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें। मानसून में किडनी की देखभाल क्यों है जरूरी? बारिश के मौसम में नमी, दूषित पानी और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा कई लोग इस दौरान पानी कम पीते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो सकती है। पर्याप्त पानी, संतुलित पोषण और ताजा भोजन किडनी के सामान्य कार्य को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। अगर आप स्वस्थ हैं, तो कुछ पोषक तत्वों से भरपूर रेसिपीज अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। 1. लौकी-मूंग दाल सूप आवश्यक सामग्री 1 कप लौकी (कटी हुई) ¼ कप धुली मूंग दाल 1 छोटा टुकड़ा अदरक काली मिर्च थोड़ा हरा धनिया बनाने की विधि मूंग दाल और लौकी को प्रेशर कुकर में पकाएं। ब्लेंड करके हल्का सूप तैयार करें और ऊपर से धनिया डालकर सर्व करें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 120 kcal प्रोटीन: 8 ग्राम फाइबर: 4 ग्राम संभावित फायदे हल्का और आसानी से पचने वाला शरीर को हाइड्रेशन देने में मदद कम फैट वाला विकल्प 2. खीरा-दही रायता आवश्यक सामग्री 1 खीरा 1 कप लो-फैट दही भुना जीरा पुदीना बनाने की विधि खीरे को कद्दूकस कर दही में मिलाएं। ऊपर से जीरा और पुदीना डालें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 90 kcal प्रोटीन: 6 ग्राम संभावित फायदे शरीर को ठंडक हाइड्रेशन में मदद पाचन को सपोर्ट 3. लाल शिमला मिर्च और पत्तागोभी सलाद आवश्यक सामग्री लाल शिमला मिर्च पत्तागोभी गाजर नींबू का रस काली मिर्च बनाने की विधि सभी सब्जियों को मिलाकर नींबू और काली मिर्च डालें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 95 kcal फाइबर: 5 ग्राम संभावित फायदे विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स इम्यूनिटी को सपोर्ट 4. सेब-दालचीनी ओट्स बाउल आवश्यक सामग्री ½ कप ओट्स 1 छोटा सेब दालचीनी लो-फैट दूध बनाने की विधि ओट्स पकाएं, ऊपर से कटे सेब और दालचीनी डालें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 220 kcal प्रोटीन: 8 ग्राम फाइबर: 6 ग्राम संभावित फायदे लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद संतुलित ऊर्जा 5. ब्लूबेरी या जामुन योगर्ट बाउल आवश्यक सामग्री 1 कप दही ब्लूबेरी या जामुन चिया सीड्स (कम मात्रा में) बनाने की विधि दही में फल मिलाकर तुरंत खाएं। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 160 kcal प्रोटीन: 8 ग्राम संभावित फायदे एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत हेल्दी स्नैक विकल्प 6. कद्दू और मूंग दाल खिचड़ी आवश्यक सामग्री मूंग दाल चावल (कम मात्रा) कद्दू हल्दी जीरा बनाने की विधि सभी सामग्री को प्रेशर कुकर में पकाकर हल्की खिचड़ी तैयार करें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: 240 kcal प्रोटीन: 10 ग्राम फाइबर: 5 ग्राम संभावित फायदे आसानी से पचने वाली संतुलित भोजन मानसून में आरामदायक मील मानसून में किडनी हेल्थ के लिए रखें इन बातों का ध्यान पर्याप्त मात्रा में साफ और सुरक्षित पानी पिएं। सड़क किनारे खुले खाद्य पदार्थ खाने से बचें। अधिक नमक और प्रोसेस्ड फूड सीमित रखें। ताजे फल और सब्जियां अच्छी तरह धोकर खाएं। नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद लें। ध्यान दें यह रेसिपीज सामान्य स्वस्थ लोगों के लिए संतुलित आहार का हिस्सा हो सकती हैं। यदि आपको किडनी की बीमारी, हाई क्रिएटिनिन, डायलिसिस, हाई पोटैशियम या अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो इन खाद्य पदार्थों का सेवन डॉक्टर या रजिस्टर्ड डाइटिशियन की सलाह के अनुसार ही करें। कोई भी एक खाद्य पदार्थ अकेले किडनी को स्वस्थ नहीं रख सकता।
Hair Growth Diet During Monsoon: मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं बढ़ती नमी और स्कैल्प में पसीना बालों से जुड़ी कई समस्याओं को भी बढ़ा सकता है। इस मौसम में हेयर फॉल, डैंड्रफ और बालों की कमजोर जड़ों की शिकायत आम हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल हेयर केयर प्रोडक्ट्स ही नहीं बल्कि संतुलित और पोषक आहार भी बालों की सेहत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। प्रोटीन, आयरन, बायोटिन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, जिंक और विटामिन C से भरपूर खाद्य पदार्थ बालों को अंदर से पोषण देने में मदद कर सकते हैं। अगर आप मानसून में अपने बालों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं, तो इन 5 हेल्दी रेसिपीज को अपनी डेली डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। 1. मूंग दाल और पालक चीला आवश्यक सामग्री 1 कप भीगी हुई मूंग दाल 1 कप बारीक कटा पालक अदरक हरी मिर्च जीरा नमक बनाने की विधि : भीगी हुई मूंग दाल को पीस लें। इसमें पालक और बाकी सामग्री मिलाकर बैटर तैयार करें। नॉन-स्टिक तवे पर हल्का तेल लगाकर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें। अनुमानित पोषण (2 चीला) कैलोरी: 220–250 kcal प्रोटीन: 14–16 ग्राम आयरन: अच्छी मात्रा फाइबर: 7–8 ग्राम संभावित फायदे प्रोटीन और आयरन से भरपूर बालों की जड़ों को पोषण देने में सहायक लंबे समय तक पेट भरा रखने में मददगार 2. दही, अलसी और मिक्स सीड्स बाउल आवश्यक सामग्री 1 कप दही 1 बड़ा चम्मच अलसी 1 बड़ा चम्मच कद्दू के बीज 1 बड़ा चम्मच सूरजमुखी के बीज मौसमी फल बनाने की विधि : दही में सभी बीज और कटे हुए फल मिलाकर तुरंत सर्व करें। अनुमानित पोषण कैलोरी: 240–280 kcal प्रोटीन: 10–12 ग्राम हेल्दी फैट: 12–15 ग्राम संभावित फायदे ओमेगा-3 और जिंक का अच्छा स्रोत स्कैल्प हेल्थ को सपोर्ट करने में मददगार पाचन के लिए भी लाभदायक 3. चना स्प्राउट्स सलाद आवश्यक सामग्री 1 कप अंकुरित काला चना खीरा टमाटर गाजर नींबू काला नमक हरा धनिया बनाने की विधि : सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर ताजा सलाद तैयार करें। अनुमानित पोषण कैलोरी: 180–220 kcal प्रोटीन: 11–13 ग्राम फाइबर: 8–10 ग्राम संभावित फायदे प्रोटीन और आयरन से भरपूर इम्यूनिटी और बालों की मजबूती में सहायक 4. बाजरा-ओट्स वेज उपमा आवश्यक सामग्री बाजरा ओट्स गाजर मटर शिमला मिर्च करी पत्ता राई बनाने की विधि : हल्के तेल में तड़का लगाकर सब्जियां भूनें और बाजरा व ओट्स डालकर पकाएं। अनुमानित पोषण कैलोरी: 260–300 kcal फाइबर: 8–10 ग्राम प्रोटीन: 8–10 ग्राम संभावित फायदे ऊर्जा देने वाला हेल्दी नाश्ता फाइबर और मिनरल्स से भरपूर 5. पालक-पनीर बेसन चीला आवश्यक सामग्री 1 कप बेसन पालक पनीर अदरक जीरा हरी मिर्च बनाने की विधि : सभी सामग्री मिलाकर बैटर तैयार करें और हल्का तेल लगाकर तवे पर सेंक लें। अनुमानित पोषण कैलोरी: 250–300 kcal प्रोटीन: 15–18 ग्राम कैल्शियम: अच्छी मात्रा संभावित फायदे प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत बालों और हड्डियों के लिए लाभदायक मानसून में बालों की सेहत के लिए अपनाएं ये आदतें पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। रोजाना प्रोटीन युक्त भोजन लें। मौसमी फल और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। अधिक तला-भुना और जंक फूड सीमित रखें। पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम करें। ध्यान दें: बालों का झड़ना कई कारणों से हो सकता है, जैसे पोषण की कमी, हार्मोनल बदलाव, तनाव या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं। केवल किसी एक रेसिपी से बालों की वृद्धि की गारंटी नहीं दी जा सकती। यदि अत्यधिक हेयर फॉल हो रहा है, तो त्वचा विशेषज्ञ या योग्य चिकित्सक से सलाह लें।
Weight Loss Recipe : अगर आप वजन कम करना चाहते हैं लेकिन बार-बार भूख लगने, कमजोरी या सख्त डाइटिंग से बचना चाहते हैं, तो अपनी डेली डाइट में हाई-प्रोटीन और फाइबर से भरपूर दाल टिक्की शामिल कर सकते हैं। मूंग दाल, चना दाल और ताजी सब्जियों से तैयार यह हेल्दी रेसिपी लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकती है, जिससे अनहेल्दी स्नैकिंग कम हो सकती है। हालांकि, सिर्फ एक डिश खाने से एक महीने में वजन कम होने की गारंटी नहीं दी जा सकती। वजन घटाने के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद भी जरूरी है। क्यों फायदेमंद है यह हाई-प्रोटीन टिक्की? मूंग दाल और चना दाल प्रोटीन और फाइबर के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। इसमें ओट्स, सब्जियां और थोड़ी मात्रा में पनीर मिलाने से इसकी न्यूट्रिशन वैल्यू और बढ़ जाती है। यह कॉम्बिनेशन लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है और कैलोरी कंट्रोल करने में भी सहायक हो सकता है। दाल टिक्की बनाने के लिए सामग्री 1 कप भीगी हुई मूंग दाल ½ कप भीगी हुई चना दाल 2 बड़े चम्मच ओट्स 2 बड़े चम्मच भुनी मूंगफली 1 छोटा प्याज (बारीक कटा) ½ शिमला मिर्च (बारीक कटी) 1 हरी मिर्च 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट 2–3 बड़े चम्मच कद्दूकस किया पनीर (वैकल्पिक) हरा धनिया हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, भुना जीरा, काली मिर्च, चाट मसाला और नमक 1 छोटा चम्मच तेल या घी सफेद तिल ऐसे बनाएं भीगी हुई मूंग और चना दाल को ओट्स और मूंगफली के साथ बिना पानी डाले पीस लें। इसमें सभी सब्जियां, मसाले और पनीर मिलाकर मिश्रण तैयार करें। छोटी-छोटी टिक्कियां बनाएं और हल्का तेल लगाकर नॉन-स्टिक पैन में दोनों तरफ से सुनहरा होने तक धीमी आंच पर सेक लें। प्रोबायोटिक रायता 1 कप दही में कद्दूकस किया हुआ खीरा और गाजर मिलाएं। स्वादानुसार नमक डालें। जीरा, हींग, करी पत्ता और हरी मिर्च का हल्का तड़का लगाकर रायते में मिला दें। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण (2 टिक्की + 1 कटोरी रायता) कैलोरी: 300–350 kcal प्रोटीन: 18–22 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 28–35 ग्राम फैट: 10–14 ग्राम फाइबर: 8–10 ग्राम संभावित फायदे हाई प्रोटीन और फाइबर से भरपूर लंबे समय तक पेट भरा रखने में मददगार अनहेल्दी स्नैकिंग कम करने में सहायक पाचन के लिए प्रोबायोटिक दही का लाभ वजन प्रबंधन वाली डाइट में शामिल किया जा सकता है ध्यान दें: किसी भी एक रेसिपी से तेजी से वजन कम होने की गारंटी नहीं होती। बेहतर परिणाम के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो डाइट में बदलाव से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लें।
High Protein Breakfast Recipe: ग्रीक योगर्ट, माचा और आम से तैयार यह हेल्दी बाउल देगा इंस्टेंट एनर्जी, लंबे समय तक रखेगा पेट भरा और स्किन को देगा नैचुरल ग्लो आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हेल्दी और जल्दी बनने वाला नाश्ता ढूंढना आसान नहीं है। अक्सर अनहेल्दी खाने की वजह से दोपहर तक शरीर में थकान, सुस्ती और एनर्जी की कमी महसूस होने लगती है। ऐसे में अगर आप ऐसा ब्रेकफास्ट चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ हाई-प्रोटीन, पौष्टिक और कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाए, तो Matcha Mango Yogurt Bowl एक शानदार विकल्प हो सकता है। हाल ही में हेल्थ कोच ल्यूक कौटिन्हो ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस हाई-प्रोटीन रेसिपी को शेयर किया। यह रेसिपी न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन है, बल्कि इसमें मौजूद प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स, हेल्दी फैट्स और फाइबर शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने के साथ त्वचा की सेहत को भी बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। यह हेल्दी बाउल सिर्फ 5 मिनट में तैयार हो जाता है, इसलिए यह बिजी लाइफस्टाइल वाले लोगों के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प है। Matcha Mango Yogurt Bowl बनाने के लिए आवश्यक सामग्री 1 कप बिना चीनी वाला गाढ़ा ग्रीक योगर्ट 1 छोटा चम्मच सेरेमोनियल माचा पाउडर 1 छोटा चम्मच मंक फ्रूट स्वीटनर (वैकल्पिक) 3 बड़े चम्मच पके आम के छोटे टुकड़े 1 बड़ा चम्मच चिया सीड्स या सब्जा के बीज (10 मिनट भीगे हुए) गार्निशिंग के लिए 1 छोटा चम्मच कद्दू के बीज 1 छोटा चम्मच सूरजमुखी के बीज 4–5 कटे हुए बादाम एक चुटकी माचा पाउडर ऐसे बनाएं हाई-प्रोटीन Matcha Mango Yogurt Bowl सबसे पहले चिया सीड्स या सब्जा के बीज को 10 मिनट तक पानी में भिगो दें। अब एक बाउल में ग्रीक योगर्ट, माचा पाउडर और मंक फ्रूट स्वीटनर डालकर अच्छी तरह फेंटें, ताकि मिश्रण पूरी तरह स्मूद और क्रीमी बन जाए। अब सर्विंग बाउल या ग्लास में सबसे पहले माचा योगर्ट की एक लेयर लगाएं। इसके ऊपर आम के टुकड़े और भीगे हुए चिया सीड्स डालें। इसी तरह दूसरी लेयर भी तैयार करें। अंत में कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज, कटे हुए बादाम और ऊपर से हल्का माचा पाउडर छिड़ककर तुरंत सर्व करें। परफेक्ट रेसिपी के लिए कुकिंग ट्रिक माचा पाउडर को पहले 1 चम्मच गुनगुने पानी में घोल लें, इससे गांठें नहीं बनेंगी। हमेशा गाढ़ा और ठंडा ग्रीक योगर्ट इस्तेमाल करें। मीठे और ठंडे आम का उपयोग करें ताकि स्वाद बेहतर आए। चिया सीड्स को कम से कम 10 मिनट भिगोना न भूलें। ड्राई फ्रूट्स सर्व करने से ठीक पहले डालें, ताकि उनका क्रंच बना रहे। प्रति सर्विंग अनुमानित पोषण कैलोरी: लगभग 250 kcal प्रोटीन: 18.5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 21.5 ग्राम हेल्दी फैट: 10 ग्राम फाइबर: लगभग 6 ग्राम क्यों फायदेमंद है यह हाई-प्रोटीन बाउल? शरीर को इंस्टेंट और लंबे समय तक ऊर्जा देने में मदद करता है। मसल रिकवरी और मसल्स ग्रोथ के लिए प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। माचा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को फ्री-रेडिकल्स से बचाने में मदद कर सकते हैं। चिया सीड्स ओमेगा-3, फाइबर और मिनरल्स से भरपूर होते हैं। ग्रीक योगर्ट में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में सहायक हैं। लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। फिटनेस लवर्स, जिम जाने वालों और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वालों के लिए उपयुक्त विकल्प।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।