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Alia Bhatt’s Best Met Gala Looks So Far

Met Gala: आलिया भट्ट के अब तक के आइकॉनिक लुक्स, हर बार दिखा अलग अंदाज

surbhi मई 2, 2026 0
Alia Bhatt showcasing her iconic Met Gala red carpet looks in elegant couture gowns and a stunning designer saree
Alia Bhatt Iconic Met Gala Looks Through The Years

दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फैशन इवेंट Met Gala में Alia Bhatt ने अब तक भले ही सिर्फ दो बार शिरकत की हो, लेकिन दोनों ही बार उन्होंने अपने लुक्स से फैशन जगत में मजबूत छाप छोड़ी है। हर साल उनके स्टाइल में नया प्रयोग और परिपक्वता देखने को मिली है। 2026 के मेट गाला से पहले उनके पुराने लुक्स पर नजर डालना दिलचस्प है।

2023: प्रबल गुरुंग में डेब्यू, ‘सिंड्रेला’ जैसा अंदाज

आलिया भट्ट ने 2023 में मेट गाला में डेब्यू किया, जहां थीम था ‘Karl Lagerfeld: A Line of Beauty’। उन्होंने Prabal Gurung का कस्टम गाउन पहना, जो Karl Lagerfeld की Chanel 1992 ब्राइडल कलेक्शन से प्रेरित था।

यह आइवरी गाउन सिल्क ट्यूल और साटन ऑर्गेंजा से बना था, जिसमें 1 लाख से ज्यादा हाथ से जड़े पर्ल्स थे। लंबे ट्रेल, फिंगरलेस ग्लव्स और सॉफ्ट मेकअप के साथ उनका पूरा लुक किसी परीकथा की तरह नजर आया।

2024: सब्यसाची की साड़ी में भारतीय अंदाज

2024 में आलिया ने Sabyasachi Mukherjee की डिजाइन की हुई कस्टम मिंट-ग्रीन साड़ी पहनकर भारतीय फैशन को ग्लोबल मंच पर शानदार तरीके से पेश किया। यह लुक ‘Sleeping Beauties: Reawakening Fashion’ थीम के अनुरूप था।

23 फीट लंबी ट्रेल वाली इस साड़ी में फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी, सिल्क फ्लॉस, ग्लास बीड्स और सेमी-प्रेशियस स्टोन्स का इस्तेमाल किया गया था। स्टाइलिंग Anaita Shroff Adajania ने की थी, जिसने इस लुक को और भी शाही बना दिया। टूरमालीन और डायमंड जूलरी, हेयर एक्सेसरी और कॉकटेल रिंग्स ने इस आउटफिट को पूरी तरह कंप्लीट किया।

2026 को लेकर बढ़ी उत्सुकता

अब जब 2026 का मेट गाला नजदीक है, फैशन प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आलिया भट्ट इस बार किस अंदाज में रेड कार्पेट पर नजर आएंगी। उनके पिछले दोनों लुक्स को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि इस बार भी वह कुछ नया और यादगार पेश करेंगी।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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महंगे प्रोडक्ट्स छोड़ें, अपनाएं ये देसी फेस पैक और पाएं निखार

नई दिल्ली, एजेंसियां। गर्मियों के मौसम में तेज धूप, पसीना और धूल-मिट्टी के कारण त्वचा बेजान और थकी हुई नजर आने लगती है। कई बार सनटैन, जलन और रेडनेस जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में लोग महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन हर बार ये सुरक्षित या असरदार हों, यह जरूरी नहीं। ऐसे में घर पर बना दही और खीरे का फेस पैक एक आसान, सस्ता और नैचुरल उपाय बन सकता है, जो त्वचा को ठंडक और निखार देता है।   क्यों फायदेमंद है दही और खीरा? दही और खीरा दोनों ही स्किन के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को मुलायम बनाने और डेड स्किन हटाने में मदद करता है। वहीं खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो त्वचा को हाइड्रेट रखता है और ठंडक प्रदान करता है। इन दोनों का संयोजन स्किन को फ्रेश, साफ और ग्लोइंग बनाने में मदद करता है। साथ ही यह सनबर्न और टैनिंग से राहत देने में भी कारगर है।   फेस पैक बनाने का आसान तरीका इस फेस पैक को बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती। 2 चम्मच ताजा दही लें   आधा खीरा कद्दूकस करके मिलाएं चाहें तो 1 चम्मच शहद भी जोड़ सकते हैं इन सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार कर लें।   लगाने का सही तरीका फेस पैक लगाने से पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ कर लें, ताकि धूल और गंदगी हट जाए। इसके बाद तैयार पेस्ट को चेहरे और गर्दन पर समान रूप से लगाएं। इसे करीब 20 मिनट तक सूखने दें। सूखने के बाद ठंडे पानी से हल्के हाथों से मसाज करते हुए धो लें। इससे त्वचा तुरंत साफ और ठंडी महसूस होगी। बेहतर परिणाम के लिए इस फेस पैक का इस्तेमाल हफ्ते में 2–3 बार किया जा सकता है।   क्या मिलेंगे फायदे? इस फेस पैक के नियमित उपयोग से त्वचा को ठंडक मिलती है और सनटैन कम होता है। यह स्किन को मॉइस्चराइज करता है, जिससे चेहरा सॉफ्ट और हेल्दी दिखता है। इसके अलावा यह पिंपल्स और ऑयली स्किन की समस्या को कम करने में भी मदद करता है। अगर आप गर्मियों में बिना ज्यादा खर्च के अपनी त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाना चाहते हैं, तो दही और खीरे का यह फेस पैक एक बेहतरीन विकल्प है। यह प्राकृतिक उपाय न सिर्फ आसान है, बल्कि नियमित उपयोग से आपकी स्किन को ताजगी और निखार भी देता है।

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हेयर ट्रेंड्स बदलते रहते हैं, लेकिन Curtain Bangs ने 2026 में एक बार फिर अपनी मजबूत वापसी दर्ज कराई है। 70 के दशक से प्रेरित यह स्टाइल, जिसे Brigitte Bardot ने आइकॉनिक बनाया था, अब मॉडर्न ट्विस्ट के साथ हर किसी की पसंद बन चुका है। आज के Curtain Bangs पहले की तुलना में ज्यादा सॉफ्ट, नेचुरल और कम मेंटेनेंस वाले हो गए हैं। यह चेहरे को फ्रेम करते हैं और धीरे-धीरे ग्रोथ में भी आसानी से ब्लेंड हो जाते हैं। Curtain Bangs करवाने से पहले क्या जानना जरूरी है? हेयर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आपके बालों की टेक्सचर और डेली रूटीन इस स्टाइल के लिए बेहद अहम हैं। फाइन हेयर: वॉल्यूमाइजिंग प्रोडक्ट्स जरूरी वेवी/कर्ली हेयर: हल्की हीट स्टाइलिंग की जरूरत हर 4–6 हफ्ते में ट्रिम जरूरी, ताकि शेप बना रहे किस फेस शेप पर जचते हैं Curtain Bangs? इस स्टाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी वर्सेटिलिटी है: ओवल, हार्ट और लॉन्ग फेस: परफेक्ट फिट राउंड फेस: लंबी बैंग्स फेस को लंबा दिखाती हैं स्क्वायर फेस: सॉफ्ट लेयर्स जॉ लाइन को बैलेंस करती हैं छोटा माथा: इस स्टाइल से बचना बेहतर घर पर Curtain Bangs स्टाइल करने के 6 एक्सपर्ट टिप्स 1. ‘C’ शेप बनाना सीखें गीले बालों पर राउंड ब्रश और ब्लो ड्रायर से बालों को पहले नीचे और फिर फेस से बाहर की तरफ मोड़ें, जिससे क्लासिक ‘C’ शेप बने। 2. Velcro रोलर ट्रिक अपनाएं ड्रायर के बाद रोलर लगाकर 10 मिनट छोड़ दें। इससे बिना मेहनत के बाउंसी फिनिश मिलेगा। 3. स्ट्रेटनर से सॉफ्ट फ्लिक दें बालों को सीधे नीचे खींचने के बजाय हल्का फ्लिक दें, जिससे नेचुरल लुक बना रहे। 4. ड्राई शैम्पू का इस्तेमाल करें बैंग्स जल्दी ऑयली हो जाते हैं, इसलिए ड्राई शैम्पू वॉल्यूम और फ्रेशनेस बनाए रखता है। 5. हल्के प्रोडक्ट्स चुनें भारी ऑयल या जेल से बचें। लाइट स्प्रे और हल्का पोमेड बेहतर रहेगा। 6. अपने नेचुरल टेक्सचर के साथ काम करें ओवर-स्टाइलिंग से बचें। स्ट्रेट, वेवी या कर्ली–हर टेक्सचर के हिसाब से हल्की स्टाइलिंग करें। क्यों है ये स्टाइल इतना पॉपुलर? Curtain Bangs उन लोगों के लिए परफेक्ट हैं जो बिना ज्यादा कमिटमेंट के नया लुक चाहते हैं। यह स्टाइल सॉफ्टनेस, वॉल्यूम और फेस फ्रेमिंग का शानदार बैलेंस देता है। आज Miley Cyrus और Anne Hathaway जैसे सितारे भी इस ट्रेंड को अपनाकर इसे और लोकप्रिय बना रहे हैं।  

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किचन की इस एक चीज से पाएं मुलायम और चमकदार पैर

नई दिल्ली, एजेंसियां। पैरों की देखभाल के लिए अब महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं है। घर की रसोई में मौजूद टमाटर से आप आसानी से पैरों को साफ, मुलायम और चमकदार बना सकते हैं। इसमें मौजूद विटामिन C और प्राकृतिक एंजाइम त्वचा की गंदगी, टैनिंग और डेड स्किन हटाने में मदद करते हैं।   टमाटर स्क्रब क्यों है फायदेमंद? टमाटर में प्राकृतिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो त्वचा को गहराई से साफ करते हैं। यह पैरों की रूखी त्वचा को नरम बनाता है और धूप से होने वाली टैनिंग को कम करने में मदद करता है। नियमित इस्तेमाल से पैर ज्यादा हेल्दी और फ्रेश दिखते हैं।   कैसे करें टमाटर स्क्रब का इस्तेमाल? सबसे पहले एक पका हुआ टमाटर लेकर उसे बीच से काट लें। इसके बाद पैरों को हल्के गुनगुने पानी में 5–10 मिनट भिगोकर साफ कर लें, ताकि त्वचा नरम हो जाए। अब टमाटर को सीधे पैरों पर हल्के हाथों से रगड़ें।   बेहतर असर के लिए जोड़ें ये चीजें स्क्रब को और असरदार बनाने के लिए टमाटर पर थोड़ा चीनी या कॉफी पाउडर लगाया जा सकता है। चीनी डेड स्किन हटाने में मदद करती है, जबकि कॉफी त्वचा को स्मूद और चमकदार बनाती है। इसे एड़ी, तलवे और उंगलियों के बीच अच्छे से रगड़ें।   कुछ मिनट बाद धोकर मॉइस्चराइज करें स्क्रब करने के बाद 2–3 मिनट तक इसे पैरों पर लगा रहने दें, फिर साफ पानी से धो लें। इसके बाद नारियल तेल या मॉइस्चराइज़र लगाना जरूरी है, ताकि त्वचा में नमी बनी रहे और पैर मुलायम रहें।

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