Alia Bhatt सिर्फ फिल्मों ही नहीं, बल्कि अपने फैशन सेंस को लेकर भी लगातार सुर्खियों में रहती हैं। साल 2023 में Gucci की ग्लोबल एंबेसडर बनने के बाद आलिया ने अपने स्टाइल में इस लग्जरी ब्रांड के कई आइकॉनिक बैग्स को शामिल किया है। खास बात यह है कि उनका बैग कलेक्शन सिर्फ फैशन नहीं बल्कि क्लासिक और मॉडर्न स्टाइल का परफेक्ट मिश्रण भी दिखाता है। Gucci Jackie से लेकर Bamboo 1947 तक, आलिया के कई बैग्स सोशल मीडिया पर फैशन गोल्स बन चुके हैं। इनके अलावा Dior, Chanel और Bottega Veneta जैसे बड़े लग्जरी ब्रांड्स के बैग्स भी उनके कलेक्शन का हिस्सा हैं। Gucci Jackie 1961 बना आलिया का फेवरेट कान्स 2026 के दौरान आलिया ने Gucci Jackie 1961 बैग को स्लाउची जैकेट और कैपरी पैंट्स के साथ स्टाइल किया था। टेक्सचर्ड लेदर और क्लासिक पिस्टन क्लैस्प वाला यह बैग विंटेज फैशन का शानदार उदाहरण माना जाता है। यही नहीं, आलिया कई बार ब्लैक Gucci Jackie के साथ एयरपोर्ट और फैशन इवेंट्स में भी नजर आ चुकी हैं। Gucci Bamboo 1947 ने दिया रेट्रो ग्लैमर Gucci Bamboo 1947 बैग भी आलिया के सबसे चर्चित बैग्स में शामिल है। ब्लैक फर कोट और साटन आउटफिट के साथ इस बैग को कैरी कर उन्होंने ‘मोब-वाइफ’ एस्थेटिक को नया ट्विस्ट दिया। वहीं व्हाइट Bamboo बैग को मोनोक्रोम आउटफिट के साथ स्टाइल कर उन्होंने मिनिमल लग्जरी लुक पेश किया। Gucci Horsebit और Blondie बैग्स ने बढ़ाया स्टाइल गेम मिलान फैशन वीक में आलिया ने ऑल-ब्लैक लेदर ट्रेंच कोट के साथ Gucci Horsebit 1955 बैग कैरी किया था। वहीं रेड Gucci Blondie बैग को उन्होंने डेनिम और मोनोग्राम शर्ट के साथ पेयर किया, जिसने उनके कैजुअल लुक को भी लग्जरी टच दिया। Dior, Chanel और Bottega Veneta भी हैं कलेक्शन का हिस्सा Gucci के अलावा आलिया का Dior Book Tote एयरपोर्ट लुक्स में कई बार नजर आया है। वहीं पेस्टल पिंक Chanel Deauville Tote को उन्होंने इंडियन और वेस्टर्न दोनों आउटफिट्स के साथ स्टाइल किया। Bottega Veneta Acro Tote और Balenciaga Backpack उनके ट्रैवल फैशन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। क्यों खास है आलिया का बैग कलेक्शन? आलिया भट्ट का बैग कलेक्शन सिर्फ लग्जरी ब्रांड्स दिखाने तक सीमित नहीं है। उनके हर बैग में अलग स्टाइल स्टेटमेंट नजर आता है। कहीं क्लासिक विंटेज लुक है तो कहीं Gen-Z फैशन का मॉडर्न टच। यही वजह है कि फैशन लवर्स उनके एयरपोर्ट लुक से लेकर रेड कार्पेट स्टाइल तक को फॉलो करते हैं।
कान फिल्म फेस्टिवल 2026 में बॉलीवुड अभिनेत्री Alia Bhatt के कथित “इग्नोर” किए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर जारी ट्रोलिंग के बीच अब अभिनेता Sonu Sood उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि किसी भी कलाकार की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि को आलोचना का विषय नहीं, बल्कि गर्व का अवसर माना जाना चाहिए। ट्रोलिंग के बीच आया सोनू सूद का बयान Sonu Sood ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि जब कोई भारतीय कलाकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करता है, तो यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण होता है। उन्होंने लिखा कि हर उपलब्धि को कैमरों, सुर्खियों या बाहरी मान्यता से नहीं आंका जा सकता। असली सफलता उस मेहनत और जर्नी में होती है, जिसे कलाकार ने तय किया है। “गर्व महसूस करना चाहिए, कमियां नहीं ढूंढनी चाहिए” अपने संदेश में Sonu Sood ने ट्रोलिंग मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर लोगों को दूसरों की उपलब्धियों में कमियां ढूंढने की बजाय उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने सपनों को पूरा करने में लगे रहते हैं, उनके पास दूसरों को नीचे गिराने का समय नहीं होता। क्या है पूरा मामला? दरअसल, Alia Bhatt इस साल दूसरी बार कान फिल्म फेस्टिवल में शामिल हुईं। रेड कार्पेट से जुड़े कुछ वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि फोटोग्राफर्स ने उन्हें नजरअंदाज किया। कुछ यूजर्स ने इस पर सवाल उठाए, जबकि कई लोगों ने उनके लुक और आत्मविश्वास की तारीफ भी की। आलिया भट्ट का जवाब भी वायरल ट्रोलिंग के बीच Alia Bhatt ने भी एक यूजर को जवाब देते हुए कहा था कि “अफसोस किस बात का, आपने मुझे नोटिस तो किया ही।” उनके इस जवाब को सोशल मीडिया पर आत्मविश्वास और ग्रेस के रूप में देखा जा रहा है। फिल्म फेस्टिवल 23 मई तक चलेगा गौरतलब है कि कान फिल्म फेस्टिवल 2026 की शुरुआत 12 मई को हुई थी और यह 23 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान कई भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सितारे रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
दूसरे रेड कार्पेट लुक ने जीता फैंस का दिल Alia Bhatt ने Cannes Film Festival 2026 में अपने दूसरे रेड कार्पेट अपीयरेंस से एक बार फिर फैशन जगत का ध्यान खींच लिया। इस बार अभिनेत्री ने सिंड्रेला-इंस्पायर्ड लुक अपनाया, जिसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं। यह कान्स 2026 में उनका चौथा लुक था और फैंस के साथ-साथ फैशन एक्सपर्ट्स ने भी उनकी जमकर तारीफ की। ब्लू गाउन में दिखा रॉयल अंदाज आलिया ने डिजाइनर Danielle Frankel का कस्टम स्टील-ब्लू गाउन पहना था। इस ड्रेस में सिल्क साटन और हनीकॉम्ब लेस का खूबसूरत मिश्रण देखने को मिला। गाउन का कॉर्सेट-स्टाइल फिटेड बॉडीस और लंबा फ्लोई स्कर्ट उनके लुक को बेहद रॉयल बना रहा था। वहीं हाई लेस कॉलर ने उनके आउटफिट में विंटेज और क्लासिक टच जोड़ दिया। रिया कपूर ने किया स्टाइल आलिया के इस लुक को मशहूर स्टाइलिस्ट Rhea Kapoor ने स्टाइल किया। उन्होंने इस आउटफिट के साथ मिनिमल लेकिन बेहद लग्जरी ज्वेलरी चुनी। अभिनेत्री ने डायमंड चोकर के बीच टीयरड्रॉप पेंडेंट कैरी किया, साथ ही डायमंड इयररिंग्स और रिंग्स से अपने लुक को पूरा किया। मेकअप और हेयरस्टाइल ने बढ़ाई खूबसूरती आलिया ने सॉफ्ट ग्लैम मेकअप चुना जिसमें रोजी चीक्स और ग्लॉसी न्यूड लिप्स शामिल थे। उनका हल्का मेसी अपडू और फेस-फ्रेमिंग हेयर स्ट्रैंड्स पूरे लुक को फेयरीटेल फिनिश दे रहे थे। कान्स में लगातार छा रही हैं आलिया इससे पहले भी आलिया भट्ट अपने हैंड-पेंटेड गाउन, पीच दुपट्टा लुक और साड़ी-गाउन स्टाइल से कान्स में चर्चा बटोर चुकी हैं। अभिनेत्री का यह नया सिंड्रेला-कोर लुक अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फैंस का कहना है कि आलिया इस बार सिर्फ कान्स में शामिल नहीं हुई हैं, बल्कि अपने फैशन स्टेटमेंट से पूरे इवेंट पर छा गई हैं।
भारत के तेजी से बढ़ते फैशन और ब्यूटी ई-कॉमर्स बाजार में Myntra ने बड़ा कदम उठाते हुए अभिनेत्री Alia Bhatt को अपना नया ब्रांड एंबेसडर बनाया है। इस साझेदारी के साथ कंपनी ने ‘Beauty Made Simple’ कैंपेन लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन ब्यूटी शॉपिंग को आसान, भरोसेमंद और व्यक्तिगत बनाना है। क्यों खास है यह साझेदारी? आलिया भट्ट आज की आधुनिक भारतीय महिला की पहचान मानी जाती हैं–एक सफल प्रोफेशनल, कामकाजी मां और डिजिटल दुनिया से जुड़ी जागरूक उपभोक्ता। मायंत्रा ने इसी छवि को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपने नए कैंपेन का चेहरा बनाया है। आलिया कहती हैं कि आज के दौर में ब्यूटी बहुत पर्सनल हो गई है, लेकिन ट्रेंड्स, इंग्रीडिएंट्स और रूटीन की भरमार इसे जटिल भी बना देती है। यही कारण है कि यह कैंपेन लोगों के लिए ब्यूटी को आसान बनाने की कोशिश करता है। ‘Beauty Made Simple’ कैंपेन की झलक इस कैंपेन के तहत तीन अलग-अलग विज्ञापन फिल्में तैयार की गई हैं, जो यूजर्स के रियल लाइफ अनुभवों को दिखाती हैं: पहली फिल्म: स्किनकेयर और प्रोडक्ट चुनने की उलझन को दिखाती है, जहां Myntra का इन-ऐप क्विज यूजर को पर्सनलाइज्ड सुझाव देता है। दूसरी फिल्म: ऑनलाइन ब्यूटी प्रोडक्ट्स की ऑथेंटिसिटी (असली-नकली) को लेकर चिंता को संबोधित करती है और Myntra के डायरेक्ट-टू-ब्रांड मॉडल पर भरोसा दिलाती है। तीसरी फिल्म: K-Beauty के जटिल रूटीन को आसान बनाते हुए शुरुआती यूजर्स के लिए क्यूरेटेड प्रोडक्ट्स दिखाती है। प्लेटफॉर्म की ताकत Myntra Beauty अब तेजी से एक बड़े ब्यूटी हब के रूप में उभर रहा है: 90+ K-Beauty ब्रांड 4,500 से ज्यादा भारतीय ब्रांड 350+ इंटरनेशनल और लग्जरी ब्रांड इनमें M.A.C., Huda Beauty, Clinique, The Ordinary और LANEIGE जैसे बड़े नाम शामिल हैं। कंपनी का विजन Myntra का मानना है कि आज के उपभोक्ता “इंटेंट-ड्रिवन” हैं–वे सिर्फ प्रोडक्ट नहीं, बल्कि सही जानकारी और भरोसे के साथ खरीदारी करना चाहते हैं। इस कैंपेन के जरिए कंपनी टेक्नोलॉजी और क्यूरेशन के माध्यम से इस अनुभव को बेहतर बनाना चाहती है। क्या बदलने वाला है? यह साझेदारी संकेत देती है कि भारत में ब्यूटी और फैशन इंडस्ट्री अब सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा के उपयोग, सुविधा और पर्सनलाइजेशन पर ज्यादा फोकस कर रही है। आलिया भट्ट के साथ यह कैंपेन Myntra को नए जनरेशन के ग्राहकों से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है।
दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फैशन इवेंट Met Gala में Alia Bhatt ने अब तक भले ही सिर्फ दो बार शिरकत की हो, लेकिन दोनों ही बार उन्होंने अपने लुक्स से फैशन जगत में मजबूत छाप छोड़ी है। हर साल उनके स्टाइल में नया प्रयोग और परिपक्वता देखने को मिली है। 2026 के मेट गाला से पहले उनके पुराने लुक्स पर नजर डालना दिलचस्प है। 2023: प्रबल गुरुंग में डेब्यू, ‘सिंड्रेला’ जैसा अंदाज आलिया भट्ट ने 2023 में मेट गाला में डेब्यू किया, जहां थीम था ‘Karl Lagerfeld: A Line of Beauty’। उन्होंने Prabal Gurung का कस्टम गाउन पहना, जो Karl Lagerfeld की Chanel 1992 ब्राइडल कलेक्शन से प्रेरित था। यह आइवरी गाउन सिल्क ट्यूल और साटन ऑर्गेंजा से बना था, जिसमें 1 लाख से ज्यादा हाथ से जड़े पर्ल्स थे। लंबे ट्रेल, फिंगरलेस ग्लव्स और सॉफ्ट मेकअप के साथ उनका पूरा लुक किसी परीकथा की तरह नजर आया। 2024: सब्यसाची की साड़ी में भारतीय अंदाज 2024 में आलिया ने Sabyasachi Mukherjee की डिजाइन की हुई कस्टम मिंट-ग्रीन साड़ी पहनकर भारतीय फैशन को ग्लोबल मंच पर शानदार तरीके से पेश किया। यह लुक ‘Sleeping Beauties: Reawakening Fashion’ थीम के अनुरूप था। 23 फीट लंबी ट्रेल वाली इस साड़ी में फ्लोरल एम्ब्रॉयडरी, सिल्क फ्लॉस, ग्लास बीड्स और सेमी-प्रेशियस स्टोन्स का इस्तेमाल किया गया था। स्टाइलिंग Anaita Shroff Adajania ने की थी, जिसने इस लुक को और भी शाही बना दिया। टूरमालीन और डायमंड जूलरी, हेयर एक्सेसरी और कॉकटेल रिंग्स ने इस आउटफिट को पूरी तरह कंप्लीट किया। 2026 को लेकर बढ़ी उत्सुकता अब जब 2026 का मेट गाला नजदीक है, फैशन प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आलिया भट्ट इस बार किस अंदाज में रेड कार्पेट पर नजर आएंगी। उनके पिछले दोनों लुक्स को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि इस बार भी वह कुछ नया और यादगार पेश करेंगी।
बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली की आगामी फिल्म ‘Love And War’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। इस फिल्म में पहली बार रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल की तिकड़ी एक साथ नजर आएगी। हालांकि फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई है, लेकिन इसकी स्टारकास्ट को लेकर चर्चा लगातार तेज हो रही है। अब सवाल यह है कि इस हाई-प्रोफाइल स्टारकास्ट में सबसे ज्यादा दौलत किसके पास है? आइए विस्तार से जानते हैं। आलिया भट्ट: कमाई में सबसे आगे बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में शामिल आलिया भट्ट ने अपनी दमदार एक्टिंग और लगातार हिट फिल्मों के जरिए इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई है। फिल्मों के अलावा ब्रांड एंडोर्समेंट और प्रोडक्शन वेंचर्स से भी उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आलिया भट्ट की कुल नेटवर्थ लगभग 550 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है, जो उन्हें इस तिकड़ी में सबसे अमीर बनाती है। रणबीर कपूर: लग्जरी लाइफ और हाई फीस हाल ही में फिल्म ‘Animal’ की सफलता के बाद रणबीर कपूर का स्टारडम और भी बढ़ गया है। वे बॉलीवुड के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले एक्टर्स में शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रणबीर कपूर की कुल नेटवर्थ करीब 345 करोड़ रुपये है। खास बात यह है कि कई फिल्मों में उनकी फीस आलिया भट्ट से भी ज्यादा बताई जाती है। विक्की कौशल: दमदार एक्टिंग, बढ़ती कमाई ‘Sam Bahadur’ और ‘Chhaava’ जैसी फिल्मों से विक्की कौशल ने अपनी अभिनय क्षमता साबित की है। उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और वे इंडस्ट्री में मजबूत पकड़ बना रहे हैं। हालांकि नेटवर्थ के मामले में वे इस लिस्ट में तीसरे स्थान पर हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति लगभग 41 करोड़ रुपये है। कौन है सबसे ज्यादा अमीर? तीनों सितारों की संपत्ति की तुलना करें तो: नंबर 1: आलिया भट्ट नंबर 2: रणबीर कपूर नंबर 3: विक्की कौशल स्पष्ट तौर पर आलिया भट्ट इस तिकड़ी में सबसे ज्यादा अमीर हैं। वहीं रणबीर कपूर दूसरे और विक्की कौशल तीसरे स्थान पर आते हैं। फिल्म को लेकर बढ़ी उत्सुकता ‘Love And War’ में इन तीनों बड़े सितारों को एक साथ देखना दर्शकों के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं होगा। फिल्म की रिलीज भले ही टल गई हो, लेकिन इसकी चर्चा और क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे। कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है। CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।
भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं? क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है? हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।
नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें। 118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है। गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया। रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता। प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।
लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है। फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो। क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी। क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ। कैसे हुई मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।