झारखंड

Ram Navami DJ Ban Sparks Assembly Uproar

रामनवमी में DJ प्रतिबंध पर झारखंड विधानसभा में हंगामा, सत्ता और विपक्ष आमने-सामने

surbhi मार्च 11, 2026 0
BJP MLAs protest in Jharkhand Assembly over DJ ban during Ram Navami processions.
Jharkhand Assembly Protest Over Ram Navami DJ Ban

 

झारखंड में रामनवमी जुलूस के दौरान चलंत डीजे बजाने पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। इस मुद्दे पर मंगलवार को विधानसभा के भीतर और बाहर जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने इस फैसले के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया, जबकि सरकार ने साफ कहा कि यह कदम अदालत के आदेशों के पालन के तहत उठाया गया है।

 

विधानसभा परिसर में भाजपा का प्रदर्शन

रामनवमी जुलूस में डीजे पर रोक को लेकर भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में विरोध जताया। उनका आरोप है कि सरकार हिंदू त्योहारों के समय अनावश्यक पाबंदियां लगाकर लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत कर रही है।

भाजपा विधायक रोशनलाल ने कहा कि रामनवमी करोड़ों हिंदुओं की आस्था का पर्व है और जुलूस में डीजे पर प्रतिबंध लगाना अनुचित है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए। भाजपा नेताओं का यह भी कहना है कि हर बार हिंदू त्योहारों के समय ही इस तरह के प्रतिबंध लगाए जाते हैं, जो तुष्टिकरण की राजनीति को दर्शाता है।

 

सदन के अंदर भी गूंजे नारे

विपक्ष का विरोध केवल विधानसभा परिसर तक सीमित नहीं रहा। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, भाजपा विधायक नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराने लगे।

इस दौरान भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर रामनवमी के जुलूस में डीजे नहीं बजाने दिया जाएगा तो क्या हिंदुओं को धर्म परिवर्तन करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हजारीबाग में प्रशासन लोगों को जुलूस के दौरान डीजे बजाने से रोकने के लिए दबाव बना रहा है।

 

हजारीबाग की रामनवमी का दिया हवाला

भाजपा विधायकों ने कहा कि हजारीबाग की रामनवमी देशभर में अपनी भव्यता और परंपरा के लिए जानी जाती है। यहां कई दिनों तक धार्मिक जुलूस, अखाड़ा प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। ऐसे में डीजे पर प्रतिबंध लगाने से इस परंपरा पर असर पड़ेगा।

 

सरकार ने कहा-सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन

वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया। कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि प्रशासन केवल न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई कर रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत के आदेश के अनुसार रात 10 बजे के बाद तेज ध्वनि वाले डीजे और लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं है। इसलिए प्रशासन इसी नियम का पालन सुनिश्चित करा रहा है।

 

‘यह किसी धर्म विशेष का मुद्दा नहीं’

संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भी सदन में कहा कि यह मामला किसी धर्म विशेष से जुड़ा नहीं है। उन्होंने बताया कि अदालत के निर्देश के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक तेज ध्वनि वाले साउंड सिस्टम पर प्रतिबंध लागू है और सरकार केवल उसी का पालन कर रही है।

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को हिंदू-मुस्लिम रंग देकर समाज का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है।

 

सड़क से सदन तक बढ़ा विवाद

रामनवमी जैसे धार्मिक और आस्था से जुड़े पर्व के दौरान डीजे प्रतिबंध का मामला अब राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। सड़क से लेकर विधानसभा तक उठ रही आवाजों के बीच यह मुद्दा फिलहाल शांत होता नहीं दिख रहा है और आने वाले दिनों में इस पर सियासत और तेज होने की संभावना है।

 

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हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

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लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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रांची के कारोबारी लव भाटिया की जहर खाने से मौ'त

रांची। रांची के प्रसिद्ध कारोबारी और कावेरी रेस्त्रां चेन के मालिक लव भाटिया उर्फ अभिमन्यु भाटिया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर में जहर की पुष्टि हुई है, जिसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम लव भाटिया लालपुर स्थित अपने रेस्त्रां और आवासीय परिसर में बेसुध अवस्था में पाए गए। उनकी हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।   पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा देर शाम रिम्स में हुए पोस्टमार्टम के दौरान यह पुष्टि हुई कि लव भाटिया ने जहर खाया था। रिपोर्ट के अनुसार, शरीर में जहर की मात्रा काफी  फैल चुकी थी, जिस कारण डॉक्टर उन्हें बचा न सके। सूत्रों के मुताबिक, दोपहर करीब 2:30 बजे लव भाटिया ने जहर खाया था। इसके बाद उन्हें बाथरूम में उल्टी करते हुए देखा गया। घर में काम करने वाले कर्मचारियों ने तुरंत परिवार को इसकी जानकारी दी। बताया जा रहा है कि सुबह उन्होंने सामान्य दिनचर्या के तहत नाश्ता किया था और फिर अपने कमरे में चले गए थे।   10 वर्ष पूर्व लालपुर कावेरी में हुआ था जानलेवा हमला लव भाटिया (अभिमन्यु भाटिया) पूर्व में भी कई बार चर्चा का विषय रह चुके हैं। दिसंबर 2016 में उन पर रंगदारी के चलते जानलेवा हमला हुआ था। इस घटना के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई थी। रांची पुलिस ने इस मामले में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके अलावा, लव भाटिया का अपहरण भी हो चुका है, जिसे रांची पुलिस ने सफलतापूर्वक हल किया था।

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Naxalites surrender
8 इनामी समेत 27 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 426 नक्सल घटनाओं में थे शामिल

रांची।  नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत झारखंड पुलिस और CRPF को बड़ी सफलता मिली है। झारखंड में पहली बार एक साथ 27 नक्सलियों ने भारी संख्या में हथियार के साथ सरेंडर किया है। सरेंडर करने वाले 27 नक्सलियों में 25 भाकपा माओवादी संगठन और दो जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के नक्सली शामिल है। सरेंडर करने वाले इन नक्सलियों में आठ नक्सलियों के ऊपर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित है। इन सभी नक्सलियों के खिलाफ कुल 426 नक्सल मामले दर्ज है। डीजीपी के समक्ष सरेंडर गुरुवार को झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में डीजीपी तदाशा मिश्र, एडीजी अभियान, एडीजी मनोज कौशिक सीआरपीएफ आईजी साकेत सिंह, आईजी अभियान नरेंद्र सिंह ने इन सभी नक्सलियों को झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारियों के द्वारा आधिकारिक तौर पर सरेंडर कराया गया। ये पुलिस अधिकारी रहे मौजूद आईजी पंकज कंबोज, आईजी प्रभात कुमार, आईजी सुनील बंसल, आईजी असीम विक्रांत मिंज, आईजी अनूप बिरथरे, आईजी मयूर पटेल कन्हैयालाल, डीआईजी, इन्द्रजीत महथा, डीआईजी मनोज रतन चौथे, डीआईजी कार्तिक एस, शैलेंद्र वर्णवाल, एसएसपी राकेश रंजन, एसपी हरिश बिन जमा, एसपी श्री सौरभ समेत कई अधिकारी उपस्थित थे। नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार पुलिस को सौंपे इस आत्मसमर्पण के साथ ही नक्सलियों ने भारी मात्रा में आधुनिक हथियार, मैगजीन और हजारों राउंड जिंदा कारतूस भी पुलिस को सौंपे हैं। जिनमें एक इंसास एलएमजी, पांच इंसास राइफल, नौ एसएलआर, एक बोल्ट एक्शन रायफल और एक पिस्टल शामिल है। इसके अलावा 31 मैगजीन और 2987 राउंड कारतूस भी इन नक्सलियों के द्वारा पुलिस को सौंपे गए है। सरेंडर करनेवाले नक्सलियों के रैंक – विशेष क्षेत्र समिति सदस्य: 07 – एरिया कमांडर: 07 – सक्रिय कैडर: 13 सरेंडर करने वाले भाकपा माओवादियों की सूची – करण तियू (निवासी गोइल केरा चाईबासा) एरिया कमिटी मेम्बर, 2 लाख इनामी, चाईबासा में 29 मामले दर्ज। – गादी मुण्डा उर्फ गुलशन (निवासी: बुण्डू, रांची), विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम: 5 लाख रुपये, चाईबासा, सरायकेला, रांची और खूंटी मिलाकर कुल 48 मामले दर्ज। – नागेंद्र मुण्डा उर्फ प्रभात मुण्डा उर्फ मुखिया (निवासी: अड़की, खूंटी), विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम: 5 लाख रुपये, चाईबासा और सरायकेला में कुल 38 मामले दर्ज। – रेखा मुण्डा उर्फ जयंती (निवासी: बुण्डू, रांची) विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम: 5 लाख रुपये, चाईबासा और सरायकेला में कुल 18 मामले दर्ज। – सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल (निवासी: गोइलकेरा, चाईबासा), विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम: 5 लाख रुपये, चाईबासा में रिकॉर्ड 123 मामले दर्ज। – दर्शन उर्फ बिंज हांसदा (निवासी: चाईबासा), विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, चाईबासा में 14 मामले दर्ज। – सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा, (निवासी: छोटानगरा,चाईबासा),विशेष क्षेत्र समिति सदस्य, इनाम: 5 लाख रुपये, चाईबासा में 13 मामले दर्ज। – बासुमती जेराई उर्फ बासू (निवासी: किरीबुरू, चाईबासा), एरिया कॉमेडनर इनाम: 1 लाख रुपया, चाईबासा में 14 मामले दर्ज। – बैजनाथ मुण्डा: (निवासी: तमाड़, रांची), एरिया कमांडर चाईबासा में 4 मामले दर्ज। – रघु कायम उर्फ गुणा (निवासी: मुफसिल, चाईबासा), एरिया कमांडर, चाईबासा में 19 मामले दर्ज। – किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका: (निवासी: टोंटो, चाईबासा), एरिया कमांडर, चाईबासा में 11 मामले दर्ज। – राम दयाल मुण्डा: (निवासी: तमाड़, रांची), एरिया कमांडर रैंक, सरायकेला और चाईबासा में कुल चार मामले दर्ज। – इसके अलावा 13 अन्य सक्रिय कैडर्स ने भी आत्मसमर्पण किया है। इनमें वंदना उर्फ शांति, सुनिता सरदार, डांगुर बोइपाई, बसंती देवगम, मुन्नीराम मुण्डा, अनिशा कोड़ा उर्फ रानी, सपना उर्फ सुरू कालुंडिया, सुसारी उर्फ दसमा कालुंडिया, बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह, नुअस, बुमली तियू, निति माई उर्फ निति हेंब्रम और लादू तिरिया शामिल हैं। इन कैडर्स पर भी चाईबासा और अन्य थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।  JJMP के 1 इनामी समेत 2 नक्सलियों ने किया सरेंडरः – सचिन बैक: (अपर घाट, गुमला) 5 लाख का इनामी, 6 मामले गुमला में दर्ज है। – श्रवण गोप: (कलिगा, गुमला) 8 मामले गुमला में दर्ज है।   झारखंड में सक्रिय 3 भाकपा माओवादी नक्सली ने दूसरे राज्यों में किया सरेंडर – विश्वनाथ उर्फ संतोष उर्फ सिलाय: (निवासी: पूर्वी गोदावरी, आंध्र प्रदेश) – स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य चाईबासा में 13 मामले दर्ज है। इन्होंने तेलंगाना में सरेंडर किया। – पूनम उर्फ जोभा उर्फ भवानी उर्फ सुजाता: (पति: विश्वनाथ, निवासी: पूर्वी गोदावरी, आंध्र प्रदेश), रिजनल कमेटी सदस्य, चाईबासा में 11 मामले दर्ज।  इन्होंने भी तेलंगाना में सरेंडर किया। – समर दा उर्फ मधाई पात्रा: (निवासी: पश्चिम बंगाल) – जोनल कमेटी सदस्य, चाईबासा में 3 मामले दर्ज। एक सप्ताह पहले पश्चिम बंगाल में किया सरेंडर।                                                                                                                   झारखंड में सक्रिय 15 लाख इनामी महिला नक्सली बंगाल में गिरफ्तारः – 15 लाख इनामी बेला सरकार उर्फ आशा दी उर्फ दीपा सरकार: (पति: श्याम सिंकू, निवासी: नादिया मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल), रिजनल कमेटी सदस्य,चाईबासा में 3 मामले दर्ज।   बाकी बचे नक्सलियों से मुख्य धारा में लौटने की अपील पुलिस प्रशासन के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में कुख्यात नक्सलियों और शीर्ष कमेटी के सदस्यों का मुख्यधारा में लौटना माओवादी संगठन के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। सरकार की आत्मसमर्पण नीति और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण नक्सली अब लगातार हथियार डाल रहे हैं। पुलिस ने अन्य भटके हुए नक्सलियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की है।

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रांची में बिजली व्यवस्था सुधरेगी, नामकुम-कांके-हटिया ग्रिड की बढ़ेगी क्षमता

रांची। बिजली की समस्या से जूझ रही राजधानी रांची सुधार के प्रयास तेज हो गये हैं। बढ़ती गर्मी और लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए बिजली विभाग अब ग्रिडों की क्षमता बढ़ाने जा रहा है। शहर के तीन बड़े ग्रिड स्टेशन नामकुम, कांके और हटिया की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इससे आने वाले दिनों में लोगों को बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और बार-बार ट्रिपिंग जैसी समस्याओं से काफी राहत मिलेगी। रांची में तेजी से आबादी बढ़ रही है। नए अपार्टमेंट, कॉलोनियां और कमर्शियल बिल्डिंग लगातार बन रहे हैं। इसके साथ ही गर्मी बढ़ने पर AC, कूलर और दूसरे बिजली उपकरणों का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है। इसी वजह से शहर के कई इलाकों में बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ गया है। कई बार ओवरलोडिंग की वजह से फॉल्ट और बिजली बाधित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।   तीन बड़े ग्रिड होंगे अपग्रेड बिजली विभाग की योजना के तहत नामकुम, कांके और हटिया ग्रिड स्टेशनों को अपग्रेड किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इन ग्रिडों में ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाई जाएगी, ताकि ज्यादा लोड संभाला जा सके। मौजूदा समय में हटिया और नामकुम ग्रिड में 50 MVA क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर लगे हैं। अब इनमें से कुछ ट्रांसफॉर्मरों को 80 MVA क्षमता में अपग्रेड करने की तैयारी है। इससे कुल बिजली आपूर्ति क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या रांची के कई इलाकों में गर्मी के दिनों में लो-वोल्टेज की समस्या आम हो जाती है। लोगों को पंखा, कूलर और मोटर तक सही तरीके से नहीं चलने की शिकायत रहती है। ग्रिड की क्षमता बढ़ने के बाद बिजली सप्लाई ज्यादा स्थिर होगी। इससे ट्रिपिंग कम होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज मिलने की उम्मीद है। खासकर शाम के पीक आवर में राहत मिल सकती है। बिजली विभाग सिर्फ गर्मी ही नहीं, बल्कि आने वाले मानसून को देखते हुए भी तैयारी कर रहा है। बारिश के दौरान कई बार लाइन फॉल्ट और ओवरलोडिंग की दिक्कत बढ़ जाती है। ऐसे में पहले से ग्रिड मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। नामकुम, कांके और हटिया ग्रिड रांची शहर की बिजली व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। इनकी क्षमता बढ़ने से राजधानी के लाखों घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा।

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