झारखंड

Ranchi Girl Innovates 5km Audio Transmitter

रांची की 9वीं की छात्रा ने बनाया 5 किमी रेंज वाला ऑडियो ट्रांसमीटर, STEM शिक्षा से बदल रही हजारों बेटियों की दुनिया

surbhi मार्च 19, 2026 0
Ranchi girl Khushi Kumari demonstrates her 5 km range audio transmitter, inspiring STEM learning for girls
Ranchi girl Khushi Kumari demonstrates her 5 km range audio transmitter, inspiring STEM learning for girls

रांची: झारखंड के रांची जिले से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां एक सरकारी स्कूल की छात्रा ने अपनी प्रतिभा से सबको चौंका दिया है। चान्हो स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की 9वीं कक्षा की छात्रा Khushi Kumari ने लगभग 5 किलोमीटर तक काम करने वाला ऑडियो ट्रांसमीटर तैयार किया है।

यह डिवाइस एक साथ सैकड़ों लोगों तक जानकारी पहुंचाने में सक्षम है, जो खासकर ग्रामीण इलाकों में शिक्षा और सूचना प्रसार के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।

STEM लैब ने बदली पढ़ाई की दिशा

खास बात यह है कि Khushi Kumari पहले विज्ञान विषय को समझने में कठिनाई महसूस करती थीं। लेकिन स्कूल में शुरू हुई STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) लैब में प्रैक्टिकल तरीके से पढ़ाई ने उनकी सोच और समझ दोनों को बदल दिया।

उन्होंने अपने विज्ञान शिक्षक के मार्गदर्शन में यह डिवाइस तैयार किया, जो अब ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना साझा करने का मजबूत माध्यम बन सकता है।

36 हजार से ज्यादा छात्राओं को मिल रहा फायदा

खुशी अकेली नहीं हैं। झारखंड के 7 जिलों में चल रहे इस प्रोजेक्ट के तहत 36,000 से ज्यादा छात्राएं अब किताबों की बजाय प्रैक्टिकल के जरिए विज्ञान सीख रही हैं।

82 सरकारी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) और झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय (JBAV) की छात्राएं अब रटने की बजाय प्रयोग करके विज्ञान के सिद्धांत समझ रही हैं और रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान खोज रही हैं।

‘प्रोजेक्ट ब्रिज’ से मिला नया प्लेटफॉर्म

यह पहल ‘प्रोजेक्ट ब्रिज’ के तहत शुरू की गई है, जो राज्य के शिक्षा विभाग, UNICEF India और BMW Group के सहयोग से संचालित हो रही है।

इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में STEM शिक्षा को मजबूत करना और छात्राओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है।

विशेषज्ञों ने सराहा प्रयास

हाल ही में इन संस्थाओं की टीम ने रांची के कुछ स्कूलों का दौरा किया और प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की।
Saadhna Panday ने कहा कि भारत में शुरुआती शिक्षा में सुधार हुआ है, लेकिन माध्यमिक स्तर पर STEM विषयों में प्रदर्शन अभी भी चुनौती है। ऐसे प्रोजेक्ट इस अंतर को भरने में मदद कर रहे हैं।

वहीं Vinod Pandey ने बताया कि शुरुआती नतीजे काफी उत्साहजनक हैं और इससे छात्रों की समझ में स्पष्ट सुधार देखा गया है।

पूरे राज्य में विस्तार की तैयारी

राज्य सरकार भी इस पहल को बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी में है।
Shashi Ranjan ने बताया कि झारखंड के करीब 2,800 माध्यमिक स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से STEM लैब स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है।

इससे खासकर लड़कियों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

 

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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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धनबाद में कोयला लदे हाइवा की टक्कर से रिटायर्ड ईसीएल कर्मी की मौत

धनबाद। झारखंड के धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में ईसीएल (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के सेवानिवृत्त कर्मी की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हादसा निरसा-जामताड़ा रोड स्थित खुशरी मोड़ के पास उस समय हुआ, जब कोयला लदा एक हाइवा स्कूटर सवारों को टक्कर मारते हुए निकल गया।   मृतक की पहचान पांडरा निवासी है   मृतक की पहचान पांडरा निवासी 65 वर्षीय मनोज सिन्हा के रूप में हुई है। वह स्कूटर से निरसा बाजार जा रहे थे। उनके साथ गांव की रहने वाली 62 वर्षीय बीना घोष भी सवार थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निरसा की ओर से आ रहे हाइवा ने स्कूटर को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में हाइवा का पिछला पहिया मनोज सिन्हा के ऊपर चढ़ गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल बीना घोष को धनबाद के अशर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।   घटना के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और निरसा-जामताड़ा रोड को जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सड़क जाम के कारण एमपीएल के लिए कोयला और फ्लाई ऐश का परिवहन भी प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में भारी वाहनों के लिए अलग एप्रोच रोड बनाने या मौजूदा सड़क का चौड़ीकरण कर ट्रांसपोर्टिंग के लिए अलग मार्ग उपलब्ध कराने की मांग उठाई।   नप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौके पर पहुंचे सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौके पर पहुंचे तथा लोगों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। वहीं, निरसा थाना प्रभारी अजीत कुमार भारती ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। दुर्घटना में शामिल वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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राज्यसभा चुनाव: क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए एनडीए ने विधायकों को होटल में किया शिफ्ट

रांची। झारखंड में 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने सभी विधायकों को रांची के होटल रेडिसन ब्लू में ठहराने का फैसला किया है। चुनाव संपन्न होने तक सभी विधायक एक साथ इसी होटल में रहेंगे और यहीं से चुनावी रणनीति तैयार की जाएगी।   एक साथ रहेंगे, एक साथ करेंगे मतदान गठबंधन नेतृत्व ने सभी एनडीए विधायकों को निर्धारित समय तक होटल पहुंचने के निर्देश दिए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मतदान तक सभी विधायक एक ही स्थान पर रहेंगे, ताकि संगठनात्मक एकजुटता बनी रहे और किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग की संभावना को रोका जा सके। मतदान के दिन सभी विधायक होटल से एक साथ विधानसभा के लिए रवाना होंगे। इस दौरान उन्हें राज्यसभा चुनाव की मतदान प्रक्रिया और वरीयता क्रम के अनुसार वोट डालने का प्रशिक्षण भी दिया जा सकता है।   परिमल नथवाणी की जीत पर पूरा जोर एनडीए इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए प्रथम वरीयता के 28 मतों की आवश्यकता होती है। फिलहाल एनडीए के पास कुल 24 विधायक हैं, जिनमें भाजपा के 21 तथा आजसू, लोजपा और जदयू के एक-एक विधायक शामिल हैं।   चार अतिरिक्त वोट जुटाने की रणनीति बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए एनडीए को अभी चार और वोटों की जरूरत है। माना जा रहा है कि होटल में आयोजित बैठकों के दौरान इन्हीं अतिरिक्त मतों के समर्थन को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। गठबंधन नेतृत्व का उद्देश्य न केवल अपने विधायकों को एकजुट रखना है, बल्कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की राजनीतिक टूट-फूट या क्रॉस वोटिंग की संभावना को भी पूरी तरह खत्म करना है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव से पहले एनडीए की यह बाड़ेबंदी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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Aditi Pandey
अदिति का नहीं तो वो मांस का टुकड़ा किसका था ?

रांची। रांची के कोकर स्थित खोरा टोली से 9 मई से लापता डेढ़ वर्षीय अदिति पांडे की तलाश में पुलिस एक बार फिर बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और नई रणनीति के तहत हर संभावित पहलू की पड़ताल की जा रही है। एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बच्ची का कोई सुराग नहीं मिलने से परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं स्थानीय लोग भी अदिति की सकुशल बरामदगी की उम्मीद लगाए हुए हैं। मामले की जांच कर रहे सदर थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने अदिति के परिजनों से मुलाकात कर जांच की प्रगति से उन्हें अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने लापता  अदिति अदिति  के  माता पिता को घर के पिछले हिस्से में सुरक्षा के लिहाज से बाउंड्री वॉल बनवाने की सलाह दी ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न  हो।     कई बार नाले में सर्च अभियान चलाया अदिति के लापता होने के बाद राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने कई बार नाले में सर्च अभियान चलाया। हाल ही में बच्ची के घर से करीब 800 मीटर दूर नाले की झाड़ियों में मांस का एक टुकड़ा बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया था। बाद में  अदालत ने इस छोटे से टुकड़ा को डीएनए टेस्ट  कराने की अनुमति दी थी। उसके बाद बात थी कि इसे खेलगांव स्थित फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा, जहां अदिति के माता-पिता के डीएनए सैंपल लिए जाएंगे और सभी सैंपल को कोलकाता की प्रयोगशाला भेजे जाएंगे।   कहां है  रिपोर्ट ? हालांकि, एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इस प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। अब तक न तो डीएनए जांच की रिपोर्ट सार्वजनिक हुई है और न ही यह स्पष्ट किया गया है कि अदिति के माता-पिता के डीएनए नमूने लिए गए या नहीं। यदि सैंपल लिए गए थे तो रिपोर्ट कहां तक पहुंची, और यदि नहीं लिए गए तो इसकी वजह क्या रही? इन सवालों के जवाब अब भी सामने नहीं आए हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केवल इंतजार ही नजर आ रहा है।   मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी मामले को गंभीरता से लिया  इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए रांची पुलिस को अदिति की जल्द बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस ने सर्च अभियान और जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। पुलिस ने अदिति की सूचना देने वाले के लिए घोषित इनाम की राशि 50 हजार बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर दी है। साथ ही पोस्टर, विज्ञापन और सोशल मीडिया के माध्यम से भी व्यापक स्तर पर लोगों से सहयोग मांगा जा रहा है।   अदिति के पिता मनीष कुमार पांडेय और परिवार के अन्य सदस्य लगातार शहर के विभिन्न इलाकों में पोस्टर लगाकर बच्ची की तलाश कर रहे हैं। पुलिस ने जिले के सभी थानों को बच्ची का विवरण भेज दिया है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच जारी है।   अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि यदि अदिति के संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि उसे सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाया जा सके।                                                                              

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अपाचे हेलीकॉप्टर घटना के बाद अमेरिका का ईरान पर हमला, तेहरान ने दी कड़ी चेतावनी

Deepshikha जून 10, 2026 0

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