रांची

Hemant government DSP transfers
हेमंत सरकार ने एक साथ 201 डीएसपी का किया तबादला

रांची। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने राज्य पुलिस सेवा में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। बता दे  एक साथ 201 डीएसपी स्तर के अधिकारियों का तबादला हुआ है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बुधवार, 20 मई को जारी अधिसूचना में कई जिलों के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), यातायात डीएसपी, साइबर सेल, विशेष शाखा और पुलिस मुख्यालय में तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसे राज्य में लंबे समय बाद हुआ सबसे बड़ा पुलिस प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है।   कई जिलों में बदले गए एसडीपीओ सरकार की ओर से जारी सूची के अनुसार, कई जिलों के एसडीपीओ को नई जगहों पर तैनात किया गया है। गढ़वा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नीरज कुमार को हटिया का डीएसपी बनाया गया है। वहीं, पुलिस मुख्यालय रांची में पदस्थापित दीपक कुमार को बेड़ो का डीएसपी बनाया गया है।   हजारीबाग में झारखंड सशस्त्र पुलिस-7 में तैनात मनीष चंद्र लाल को सिल्ली का डीएसपी नियुक्त किया गया है। बसिया के एसडीपीओ नाजीर अख्तर को धनबाद मुख्यालय-2 भेजा गया है। बरही के एसडीपीओ अजित कुमार विमल को बाघमारा का अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा विशेष शाखा में कार्यरत लिलेश्वर महतो को निरसा और प्रकाश चंद्र महतो को सिंदरी का एसडीपीओ बनाया गया है। सरकार ने कई जिलों में लंबे समय से तैनात अधिकारियों को भी बदला है ताकि प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा लाई जा सके।   रांची और धनबाद में बड़े स्तर पर बदलाव राजधानी रांची और धनबाद जिले में भी व्यापक फेरबदल किया गया है। आलोक कुमार सिंह को सीसीआर रांची, अजय आर्यन को डीएसपी मुख्यालय-2 रांची और रामाकांत रजक को यातायात-4 रांची में तैनात किया गया है। ताराश सोरेन को यातायात-2 रांची की जिम्मेदारी मिली है, जबकि प्रदीप कुमार-2 को साइबर डीएसपी रांची बनाया गया है। धनबाद में कुमार विनोद को मुख्यालय-4 का डीएसपी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा ट्रैफिक, साइबर सेल और विशेष शाखा में भी कई अधिकारियों की नई पोस्टिंग की गई है।   कानून-व्यवस्था मजबूत करने की कोशिश सरकार के इस फैसले को राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध पर निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर पुलिसिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह व्यापक बदलाव किया गया है। सरकार का मानना है कि नई तैनाती से पुलिस प्रशासन अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनेगा। सभी संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द नई जगह पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राज्य की पुलिस व्यवस्था और अपराध नियंत्रण प्रणाली में इसका असर साफ दिखाई देगा।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
Naxalite news
कल लगभग 25 माओवादी करेंगे आत्मसमपर्ण ,10 महिला नक्सली भी शामिल

रांची। झारखंड में गुरुवार को अब तक का सबसे बड़ा एकल-दिवसीय माओवादी आत्मसमर्पण होने जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सारंडा क्षेत्र में सक्रिय लगभग 25 बड़े और खूंखार माओवादी सुरक्षा बलों के सामने हथियार डालेंगे। आत्मसमर्पण करने वालों में 10 महिला माओवादी भी शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियां इसे राज्य में नक्सल अभियान की बड़ी सफलता मान रही हैं।   सूत्रों के मुताबिक सूत्रों के मुताबिक आत्मसमर्पण के दौरान माओवादी बड़ी संख्या में हथियार भी जमा करेंगे। लंबे समय से सुरक्षा बलों की कार्रवाई और लगातार बढ़ते दबाव के कारण माओवादी संगठन कमजोर पड़ते जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह आत्मसमर्पण झारखंड में नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति बहाली की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।   सारंडा में सिर्फ मिसिर बेसरा बचेगा इन 25 माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद सारंडा क्षेत्र में एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी Misir Besra ही प्रमुख रूप से बच जाएगा। बताया जा रहा है कि उसके साथ करीब 15 माओवादी और मौजूद हैं। सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि लगातार घिरते जाने के कारण वह भी जल्द आत्मसमर्पण कर सकता है। सारंडा लंबे समय से माओवादी गतिविधियों का गढ़ माना जाता रहा है। हालांकि पिछले एक वर्ष में सुरक्षा बलों ने यहां बड़े स्तर पर अभियान चलाकर माओवादियों की कमर तोड़ दी है।   लगातार अभियान से कमजोर हुआ नक्सल नेटवर्क सुरक्षा बलों ने हाल के महीनों में कई मुठभेड़ों में दो दर्जन से अधिक माओवादियों को मार गिराया है। जंगलों में लगातार सर्च ऑपरेशन और खुफिया कार्रवाई के चलते माओवादी संगठन दबाव में आ गए हैं।   अधिकारियों के अनुसार अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का भी असर दिख रहा है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को पुनर्वास, आर्थिक सहायता और मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर आत्मसमर्पण झारखंड में नक्सलवाद के कमजोर पड़ने का संकेत है और इससे क्षेत्र में विकास और शांति की संभावनाएं मजबूत होंगी।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
Lijjat Papad women empowerment
महिलाओं की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है लिज्जत पापड़: कल्पना सोरेन

रांची। गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन ने महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश साझा किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए अपने पोस्ट में उन्होंने “संघे शक्ति कलियुगे” की अवधारणा को सामने रखते हुए श्री महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़ को महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि लिज्जत पापड़ केवल एक व्यावसायिक संस्था नहीं, बल्कि महिलाओं की सामूहिक शक्ति, आत्मविश्वास और सहयोग का जीवंत आंदोलन है। इस मॉडल ने लाखों महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का काम किया है। विधायक के अनुसार, सहकारी मॉडल समाज में आर्थिक और सामाजिक बदलाव लाने की बड़ी क्षमता रखते हैं।   विकेन्द्रित उत्पादन मॉडल की सराहना कल्पना सोरेन ने “डिस्ट्रिब्यूटेड प्रोडक्शन” यानी विकेन्द्रित उत्पादन प्रणाली की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह मॉडल महिलाओं को घर या स्थानीय स्तर पर रहकर काम करने का अवसर देता है। इससे महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी मजबूत बनती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह व्यवस्था स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को बढ़ावा देती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलती है। उनके अनुसार, कुटीर और गृह उद्योग गांवों में रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।   अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने की मांग विधायक ने सुझाव दिया कि लिज्जत पापड़ जैसे सफल सहकारी मॉडलों को हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और लघु उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी लागू किया जाना चाहिए। इससे अधिक संख्या में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा और ग्रामीण परिवारों को स्थायी आजीविका का अवसर मिलेगा।   उन्होंने सरकार, स्वयंसेवी संस्थाओं और निजी क्षेत्र से समन्वित प्रयास करने की अपील की। सोशल मीडिया पर उनका यह संदेश तेजी से वायरल हो रहा है और महिला सशक्तिकरण व ग्रामीण विकास को लेकर नई चर्चा को जन्म दे रहा है।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
Hantavirus causes and prevention
क्या है इबोला वायरस (Ebola Virus) और हंतावायरस (Hantavirus) ? कैसे करें बचाव?

रांची। दुनिया के कई देशों में इन दिनों दो खतरनाक वायरस इबोला और हंतावायरस को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं, वहीं कुछ देशों में हंतावायरस संक्रमण के केस भी दर्ज किए गए हैं।फिलहाल भारत में इन दोनों वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को इनके लक्षण और बचाव के तरीकों की जानकारी जरूर होनी चाहिए।   इबोला और हंतावायरस में क्या है अंतर? विशेषज्ञों के अनुसार, इबोला वायरस का ट्रांसमिशन एक से दूसरे व्यक्ति में हो सकता है, लेकिन हंतावायरस में ऐसा होने की आशंका कम रहती है। हंतावायरस उतनी तेजी से नहीं फैलता है। जबकि इबोला फैल सकता है। चिंता की बात यह है कि अभी तक हंतावायरस की कोई वैक्सीन मौजूद नहीं है। जबकि इबोला की वैक्सीन बन चुकी है। इबोला एक गंभीर वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के खून, शरीर के तरल पदार्थ या संक्रमित जानवरों के संपर्क से फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कांगो और युगांडा में इबोला वायरस के मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है।वहीं हंतावायरस एक ऐसा संक्रमण है जो आमतौर पर चूहों के संपर्क से फैलता है। संक्रमित चूहों के यूरिन, मल या लार के कण हवा में मिलकर इंसानों तक पहुंच सकते हैं। बता दे सबसे  पहले एक क्रूज शिप पर इस वायरस का आउटब्रेक हुआ था। तब से इसके केस लगातार बढ़ रहे हैं।    इबोला के प्रमुख लक्षण •    तेज बुखार  •    सिरदर्द  •    कमजोरी  •    उल्टी और दस्त  •    शरीर में दर्द  •    गंभीर मामलों में इंटरनल ब्लीडिंग    हंतावायरस के लक्षण •    तेज बुखार  •    मांसपेशियों और शरीर में दर्द  •    अत्यधिक थकान  •    सांस लेने में दिक्कत  •    कमजोरी और चक्कर    बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय •    भोजन से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं  •    चूहों और गंदगी वाले इलाकों से दूरी बनाएं  •    संक्रमित देशों की यात्रा से बचें  •    बुखार, सांस की तकलीफ या कमजोरी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें  •    विदेश से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग पर ध्यान दें    वैक्सीन और वायरस के बढ़ते  खतरे को लेकर क्या बोले डॉक्टर प्रमोद? डॉ. प्रमोद (General Physician) ने बताया कि इबोला वायरस के लिए वैक्सीन उपलब्ध है, जबकि हंतावायरस के लिए अभी तक कोई प्रभावी वैक्सीन नहीं बनी है। वह कहते है कि हालांकि भारत में फिलहाल घबराने जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा और वैश्विक संक्रमण को देखते हुए सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने आगे बताया कि हंतावायरस चूहों से फैलता है वहीं इबोला  human to human फैलता  है। बचाव  के लिए मास्क पहने। चूहों के होल्स दिखे तो झाड़ू नहीं लगाए। हाथ  धोकर खाए। हाइजीन्‌ रहे उनका मानना है कि सही जानकारी, सतर्कता और समय पर इलाज से इन खतरनाक वायरसों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
Hemant Sarkar Jharkhand
झारखंड में एक ट्वीट पर घर पहुंच रही हेमंत सरकार

रांची। झारखंड में तकनीक और संवेदनशीलता के मेल से सुशासन की एक नई इबारत लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पद सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं और शासन में पारदर्शिता लाने के लिए इसका बेहतरीन इस्तेमाल कर रहे हैं। राज्य के किसी भी कोने से 'एक्स' (ट्विटर) पर शिकायत मिलते ही मुख्यमंत्री सीधे संबंधित जिले के आला अधिकारियों को वहीं पर कार्रवाई के निर्देश जारी कर देते हैं। इस डिजिटल पहल का असर ये है कि जो गरीब परिवार महीनों से दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे, उनकी एक सिसकी पर अब पूरा प्रशासनिक महकमा खुद कागजातों का पुलिंदा लेकर उनके घर पहुंच रहा है। हेमंत के लिए सोशल मीडिया बना डिजिटल जनता दरबार झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन काफी समय से सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं, लेकिन सरकार में आने के बाद उन्होंने इसे जन-शिकायत निवारण का मुख्य जरिया बना लिया है। वह न केवल शिकायतों को गंभीरता से पढ़ते हैं, बल्कि अधिकारियों को टैग करके सीधे एक्शन रिपोर्ट भी सोशल मीडिया पर सबूत के साथ मांगते हैं। मुख्यमंत्री की इस सक्रियता ने ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालयों तक के अधिकारियों को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहने के लिए मजबूर कर दिया है। 'सरकार' की एक ट्वीट पर घर पहुंची सरकार सोशल मीडिया पर एक शख्स ने सीएम हेमंत सोरेन को टैग करते हुए ट्वीट किया, 'पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई और मां रांची के रिम्स में जिंदगी और मौत से लड़ रही है। इधर घर पर तीन बच्चे हैं, जिनकी स्थिति देखकर रोना आ रहा है। मामला बोकारो जिला के चंदनकियारी के बरमसिया ओपी क्षेत्र का है। बीते दिनों दुबेकांटा के पास एक सड़क दुर्घटना में सपन मांझी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पत्नी लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हो गई। उनका इलाज रिम्स में चल रहा है। परिवार में बेटी पल्लवी और बेटे विमल मांझी, विद्युत मांझी बचे हैं। जिनकी सिसकियां भावुक कर रही हैं। जिस गाड़ी से हादसा हुआ उसने 50 हजार रुपये मुआवजा देने का वादा किया था, लेकिन अब वो भी मुकर गया। बच्चों को मदद की जरूरत है।' इसके बाद हेमंत सोरेन ने इस ट्वीट को बोकारो के डीसी को टैग करते हुए लिखा, 'अविलम्ब संज्ञान लें। माता के इलाज एवं बच्चों के उचित देखभाल सुनिश्चित करते हुए सूचना दें।' फिर सोशल मीडिया पर बोकारो के डीसी ने बताया, 'माननीय सर, चंदनकियारी बीडीओ ने अभी बच्चों के घर जाकर परिवार की स्थिति का जायजा लिया एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं से आच्छादित करने की प्रक्रिया शुरू की है। बच्चों को खाद्य सुरक्षा योजना के तहत तत्काल 50 किलोग्राम अनाज, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत ₹2 लाख बीमा राशि, मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत प्रति बच्चे को ₹4000 प्रतिमाह, 18 वर्ष पूर्ण होने पर पीएम आवास योजना एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय चंदनकियारी में नामांकन एवं सावित्री बाई फुले योजना से सहायता सुनिश्चित कराने की कार्रवाई की जा रही है। पात्रता अनुसार राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना एवं मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के तहत भी लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। देवघर में 'सरकार' ने लिया संज्ञान सोशल मीडिया एक्स पर देवघर के गौरी की कहानी को एक शख्स ने शेयर किया। उसने लिखा, 'सड़क हादसे में उजड़ा परिवार, मुआवजे के इंतजार में बीता एक साल। देवघर के मधुपुर प्रखंड के बिल्ली गांव निवासी गौरी देवी अपने दो मासूम बच्चों के साथ पिछले एक साल से सरकारी सहायता की आस लगाये बैठी हैं। पति की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद परिवार पूरी तरह आर्थिक संकट में डूब गया है, 22 दिसंबर 2024 को मंटू मांझी ने घर पर ही दम तोड़ दिया। गौरी देवी को उम्मीद थी कि सड़क दुर्घटना मुआवजा मिलने से बच्चों का भविष्य किसी तरह संभल जायेगा, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। 9 मार्च 2026 को आवश्यक दस्तावेजों के साथ अंचल कार्यालय सारठ में मुआवजा के लिए आवेदन जमा कराया गया है। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आर्थिक तंगी से जूझ रहा यह परिवार अब सरकारी सहायता और प्रशासनिक पहल का इंतजार कर रहा है। वर्चुअल दुनिया से होते हुए गौरी की बात झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन तक भी पहुंची। फिर उन्होंने देवघर उपायुक्त को सोशल मीडिया एक्स पर ही निर्देश दे दिया। उन्होंने लिखा, उक्त मामले की जांच कर गौरी देवी जी और उनके बच्चों को शीघ्र मदद पहुंचाते हुए सूचित करें। यह भी सुनिश्चित करें कि परिवार को जरूरी सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा हो। साथ ही मामले में हुई देरी का स्पष्टीकरण मांगते हुए भी सूचित करें।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
Marwari College loses autonomy
मारवाड़ी कॉलेज की ऑटोनॉमी खत्म, 15 हजार विद्यार्थी प्रभावित

रांची। रांची के मारवाड़ी कॉलेज की ऑटोनॉमी खत्म हो गई है। 17 वर्षों तक स्वायत्त संस्थान के रूप में संचालित होने के बाद अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कॉलेज रांची यूनिवर्सिटी की पारंपरिक व्यवस्था में लौट जाएगा। इसका सीधा असर कॉलेज के 15 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं पर पड़ेगा। अब परीक्षा, रिजल्ट, सिलेबस, मूल्यांकन प्रणाली और अकादमिक कैलेंडर तक का नियंत्रण फिर से रांची यूनिवर्सिटी के हाथों में होगा। रांची विवि की परीक्षा व्यवस्था सवालों मे रांची यूनिवर्सिटी की परीक्षा, रिजल्ट व्यवस्था और सेशन लेट को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में मारवाड़ी कॉलेज जैसे बड़े संस्थान की स्वायत्तता समाप्त होना केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं माना जा रहा, बल्कि एक बार फिर शैक्षणिक सत्र प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है। मारवाड़ी कॉलेज लंबे समय से झारखंड में ऑटोनॉमस शिक्षा मॉडल का बड़ा चेहरा माना जाता रहा है। यही कारण रहा कि कॉलेज ने राज्य के अन्य संस्थानों की तुलना में अपनी अलग शैक्षणिक पहचान बनाई। लेकिन, अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कॉलेज दोबारा उसी शैक्षणिक संकट में फंसेगा, जिससे वह पहले गुजर चुका है? क्योंकि, पिछली बार ऑटोनॉमी समाप्त होने के बाद कॉलेज का सत्र भी रांची यूनिवर्सिटी की तरह अव्यवस्थित हो गया था। 2009 में पहली बार मिली थी ऑटोनॉमी मारवाड़ी कॉलेज को पहली बार वर्ष 2009 में यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन यानी यूजीसी ने ऑटोनॉमस स्टेटस दिया था। उस समय इसे झारखंड में उच्च शिक्षा सुधार की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना गया था। ऑटोनॉमी मिलने के बाद कॉलेज को कई शैक्षणिक अधिकार मिले। कॉलेज ने स्वयं परीक्षा आयोजित करनी शुरू की, अपने स्तर पर सिलेबस अपडेट और डिजाइन किया तथा कई नए प्रोफेशनल और जॉब ओरिएंटेड कोर्स शुरू किए। इसका सबसे बड़ा असर परीक्षा और रिजल्ट व्यवस्था पर पड़ा।   2021 में पहली बार खत्म हुई थी कॉलेज की ऑटोनॉमी पहली बार वर्ष 2021 में समाप्त हुई थी। तब कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा था। परीक्षा और रिजल्ट प्रक्रिया रांची यूनिवर्सिटी की व्यवस्था से जुड़ते ही सत्र गड़बड़ा गया था।बाद में जब कॉलेज को दोबारा ऑटोनॉमी मिली, तब कॉलेज प्रबंधन ने परीक्षा कैलेंडर को व्यवस्थित करने और सत्र नियमित करने पर विशेष फोकस किया। क्या पड़ेगा असर  परीक्षा कार्यक्रम अब रांची यूनिवर्सिटी तय करेगी। सिलेबस, प्रश्नपत्र और मूल्यांकन प्रक्रिया अब रांची विश्वविद्यालय के अधीन होगी। रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया केंद्रीकृत होगी। मारवाड़ी कॉलेज खुद नए कोर्स शुरू करता था, पर अब लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। अकादमिक कैलेंडर की स्वतंत्रता समाप्त हो जाएगी, रांची यूनिवर्सिटी के फैसला लागू होगा। मारवाड़ी कॉलेज का सफर 1963: मारवाड़ी शिक्षा ट्रस्ट ने मारवाड़ी कॉलेज की स्थापना की। 1980: मारवाड़ी कॉलेज रांची यूनिवर्सिटी की अंगीभूत इकाई बना। 2009: यूजीसी से पहली बार ऑटोनॉमी मिली। 2021: पहली बार स्वायत्तता समाप्त हुई। 2026: अप्रैल में फिर समाप्त हुई स्वायत्तता। यूजीसी को फिर से आवेदन देंगे: प्रिंसिपल मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य डॉ मनोज कुमार ने कहा कि ऑटोनॉमी मिलने के बाद क्वालिटी एजुकेशन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स की पढ़ाई शुरू करने वाला मारवाड़ी कॉलेज राज्य का पहला कॉलेज है। नैक के पुराने ग्रेडिंग के आधार पर मान्यता खत्म की गई है। लंबे समय से नैक का निरीक्षण नहीं हो रहा है। फिर से विचार करने के लिए यूजीसी को आवेदन देंगे।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
Ranchi-Hatia underpasses
रांची-हटिया स्टेशन के पास मेट्रो की तर्ज पर बनेंगे अंडरपास बिरसा चौक के जाम से मिलेगी मुक्ति

रांची। दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन ने रांची और हटिया रेलवे स्टेशन पर चल रहे रिडेवलपमेंट कार्यों का निरीक्षण किया। करीब दो घंटे तक दोनों स्टेशनों पर चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करने के दौरान उन्होंने यात्रियों की सुविधा को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। निरीक्षण के दौरान जीएम ने विशेष रूप से कहा कि रांची रेलवे स्टेशन पर बड़े और आधुनिक रेलवे स्टेशनों तथा मेट्रो स्टेशनों की तर्ज पर अंडरपासवे की व्यवस्था होनी चाहिए। यात्रियों को होगी सहुलियत इससे यात्रियों को एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाने में अधिक सहूलियत होगी और भीड़ प्रबंधन भी बेहतर तरीके से हो सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से इस दिशा में संभावनाएं तलाशने को कहा।   जून 2026 तक साउथ गेट भवन पूरा करने का लक्ष्य अधिकारियों ने जीएम को बताया कि रांची रेलवे स्टेशन के साउथ गेट पर बन रहे नए भवन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसे 30 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि फिनिशिंग और आंतरिक कार्यों में अतिरिक्त समय लग सकता है। यह भी जानकारी दी गई कि नार्थ गेट स्थित कार्यालयों और अन्य व्यवस्थाओं को धीरे-धीरे साउथ गेट की ओर शिफ्ट किया जाएगा। रांची रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है और यहां कुल छह प्लेटफार्म विकसित किए जा रहे हैं। भविष्य में कई प्रीमियम ट्रेनों का परिचालन भी यहीं से किया जाएगा। प्लेटफार्म पर शेड, टाइल्स और फॉल्स सीलिंग का काम बाकी निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन परिसर में प्लेटफार्म पर शेड लगाने, टाइल्स बिछाने, फाल्स सीलिंग, रेलिंग और अन्य सौंदर्यीकरण कार्य अभी शेष हैं। इन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। मंडल रेल प्रबंधक करुण निधि ने बताया कि स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ियों और कानकोर्स की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे यात्रियों को प्लेटफार्म तक पहुंचने में आसानी होगी।   साउथ गेट को जोड़ेगा रोड ओवरब्रिज मौके पर मौजूद इंजीनियरों ने बताया कि चुटिया ऑयल डिपो से साउथ गेट की ओर रोड ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसे अगले दो महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने के बाद साउथ गेट से आने-जाने वाले यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।   हटिया स्टेशन में भी बड़े बदलाव की तैयारी इसके बाद जीएम ने हटिया रेलवे स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट सिटी की ओर हटिया स्टेशन का नया साउथ गेट बनाया जाएगा, जिससे धुर्वा और आसपास की बड़ी आबादी सीधे स्टेशन से जुड़ सकेगी। इसके अलावा 33 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़े अंडरपासवे का निर्माण भी प्रस्तावित है। इसके बनने से धुर्वा की ओर से आने वाले यात्रियों को बिरसा चौक होकर नहीं आना पड़ेगा और वे सीधे हटिया स्टेशन के नार्थ गेट तक पहुंच सकेंगे। हटिया यार्ड में वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के रखरखाव के लिए दो नई पिटलाइन भी बनाई जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान जीएम ने सभी निर्माण कार्य तय समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। मौके पर एडीआरएम, सीनियर डीसीएम, डीएससी समेत कई रेल अधिकारी मौजूद थे।   रांची स्टेशन के साउथ गेट पर लगा स्वचालित सीढ़ी रांची रेलवे स्टेशन के साउथ गेट पर स्वचालित सीढ़ी को लगा दिया गया है। प्रवेश द्वार से आगे बढ़ने के बाद कानकार्स तक जाने के लिए इसकी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही एक लिफ्ट की व्यवस्था की गई है।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
Ranchi to Delhi Mumbai trains
राज्यपाल का जीएम से आग्रह-रांची से दिल्ली-मुंबई के लिए रोजाना चले ट्रेन

रांची। दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन ने मंगलवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अलग-अलग शिष्टाचार मुलाकात की। लोक भवन में मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने राज्य में लंबित रेल परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने का अनुरोध किया। उन्होंने रांची से मुंबई के लिए प्रतिदिन रेल सेवा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में यात्री इस मार्ग से आवागमन करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने रांची से नई दिल्ली के लिए अतिरिक्त ट्रेन सेवा उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी बताई। उन्होंने रांची-लखनऊ रेल सेवा को शीघ्र प्रारंभ किए जाने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री से मिले जीएम इधर, दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक ने मुख्यमंत्री से भी कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुलाकात की। उनके साथ रांची रेल मंडल के डीआरएम करुणानिधि सिंह भी थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं रेल अधिकारियों के बीच राज्य में रेल सेवाओं के विस्तार, यात्री सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा रेलवे से संबंधित विकासात्मक परियोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मौके पर सीनियर डीसीएम रांची रेल मंडल श्रेया सिंह एवं महाप्रबंधक के सचिव अजय कुमार भी उपस्थित थे।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
Jharkhand police Gram Sabha
झारखंड की ग्राम सभा में समस्याएं सुनेगी पुलिस

रांची। अब झारखंड पुलिस के वरीय पदाधिकारी व थानेदार ग्राम सभा के माध्यम से उनकी समस्या जानेंगे। इसके लिए वे प्रत्येक 10-15 दिनों में ग्राम सभा के साथ बैठक करेंगे। ग्रामीणों की समस्या जानेंगे और उसके समाधान का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री के माध्यम से पिछले दिनों बैठक में दिए गए इस निर्देश के बाद झारखंड पुलिस मुख्यालय भी गंभीर है। इस निर्देश का पालन करने के लिए एसओपी तैयार किया जा रहा है, ताकि राज्य के सभी थाना व ओपी स्तर पर इसकी पहल की जा सके। होगा ये असर मुख्यमंत्री ने विधि व्यवस्था संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक में माना था कि ग्राम सभा के साथ पुलिस की बैठक न सिर्फ ग्रामीणों व पुलिस के बीच के संबंधों को बेहतर करेगी, बल्कि विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण में भी इससे मदद मिलेगा। सूचनाएं पुलिस तक पहुंचेगी और कार्रवाई भी हो सकेगी। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी ग्रामीणों की समस्या जानेंगे। ग्रामीणों में पुलिस की विश्वसनीयता व जनविश्वास को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगा। पुलिस का चेहरा बदलने की कोशिश पुलिसकर्मियों को आचरण एवं व्यवहार के प्रति संवेदनशील बनाया जा रहा है, क्योंकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना इंटरनेट मीडिया पर शीघ्र वायरल हो जाती है और पुलिस के अच्छे कार्यों का इंटरनेट मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार भी होता है। विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के संबंध में जन-जागरूकता अभियान भी चलेगा मुख्यमंत्री के आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय की ओर से यह निर्णय लिया गया है कि विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के संबंध में जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। समय-समय पर मैसेज के माध्यम से भी इसके प्रति आम जनता को जागरूक किया जाएगा। डायल-112 सेवा का ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों व अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। आपराधिक गिरोहों, अपराधियों के संबंध में जनता को जागरूक किया जाएगा व पुलिस के अच्छे कार्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी होगा। स्कूल-कालेजों, महिला कालेजों में वरीय पुलिस अधिकारी, थानेदार नियमित भ्रमण करेंगे, ताकि पुलिस व विद्यार्थियों के बीच विश्वास व समन्वय विकसित किया जा सके। विद्यार्थियों को उनके अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि वे विधि व्यवस्था सुदृढ़ करने में उपयोगी सूचना स्रोत बन सकें।

Anjali Kumari मई 20, 2026 0
Bread Price Hike
Bread Price Hike: महंगाई का एक और झटका, ब्रेड के दाम बढ़े

रांची। पेट्रोल-डीजल और दूध के बाद अब आम आदमी की जेब पर एक और बड़ा बोझ पड़ा है। ब्रेड की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की गई है। हाल ही में दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की वृद्धि के बाद, अब ब्रेड के दाम भी ₹5 प्रति पैकेट तक बढ़ गए हैं। क्यों बढ़े दाम?  विशेषज्ञों और उद्योग जगत के जानकारों के अनुसार, ब्रेड की कीमतों में इस उछाल के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण हैं: बढ़ती परिवहन लागत: पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन महंगा हो गया है। आयातित कच्चे माल की महंगाई: ब्रेड की प्लास्टिक पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला ‘प्लास्टिक पाउडर’ मुख्य रूप से आयात किया जाता है। रुपये की गिरावट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतों में उछाल ने लागत बढ़ा दी है। अन्य सामग्री: प्रिजर्वेटिव्स, नमक और अन्य बेकरी सामग्रियों की कीमतों में भी काफी वृद्धि देखी गई है। ब्रेड की नई कीमते खुदरा विक्रेताओं से मिली जानकारी के अनुसार, ब्रेड के अलग-अलग वेरिएंट्स की नई रेट इस प्रकार हैं: ब्रेड                        पुरानी कीमत        नई कीमत  सैंडविच ब्रेड (400 ग्राम)     40             45 होल व्हीट ब्रेड                   55             60 मल्टीग्रेन ब्रेड                     60            65 ब्राउन ब्रेड (बड़ा)               45            50 ब्राउन ब्रेड (छोटा)              28           30 व्हाइट ब्रेड                       20            22 और बढ़ सकते हैं दाम चर्चा है कि मॉडर्न ब्रेड (Modern Bread) के बाद अब ब्रिटानिया (Britannia) और विब्स (Wibs) जैसी बड़ी कंपनियां भी जल्द ही अपने उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। हालांकि, मॉडर्न ब्रेड की मालिक कंपनी ‘ग्रुपो बिम्बो’ की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इंडिया बेकर्स एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि जिस तरह से लागत बढ़ रही है, उसे देखते हुए बाजार में कीमतों का ऊपर जाना लगभग तय है।

Anjali Kumari मई 19, 2026 0
JTET language controversy
जेटेट भाषा विवाद: कमेटी का सवाल-भोजपुरी-मगही बोलने वाले ज्यादा, फिर परीक्षा से बाहर क्यों?

रांची। भोजपुरी-मगही विवाद झारखंड में गरमाता जा रहा है। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) की नई भाषा नियमावली को लेकर जारी विवाद पर बनी पांच मंत्रियों की उच्चस्तरीय कमेटी की बैठक में मंथन तो खूब हुआ, पर कोई नतीजा नहीं निकला। बैठक में अधिकारियों से कई अहम सवाल पूछे गए, लेकिन आवश्यक डेटा और स्पष्ट जवाब नहीं मिलने के कारण कमेटी कोई निर्णय नहीं ले सकी। अब अगली बैठक 22 मई को होगी। भोजपुरी-मगही बोलने वालों की संख्या अधिक वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह तथ्य सामने आया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार झारखंड में भोजपुरी और मगही बोलने वालों की संख्या ओड़िया और बांग्ला भाषियों से करीब चार गुना अधिक है। इस पर कमेटी के सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब इन भाषाओं का दायरा इतना बड़ा है, तो फिर इन्हें जेटेट परीक्षा से क्यों बाहर किया गया। सदस्यों ने यह भी पूछा कि वर्ष 2012 तक भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को परीक्षा में शामिल करने का आधार क्या था और 2025 की नई नियमावली में इन्हें किस आधार पर हटाया गया। कुरमाली को शामिल नहीं करने पर भी आपत्ति बैठक में नई नियमावली में संथाल परगना के जिलों में कुरमाली भाषा को शामिल नहीं करने पर भी आपत्ति जताई गई। सदस्यों ने दावा किया कि संथाल क्षेत्र में कुरमाली बोलने वालों की संख्या तीन लाख से अधिक है। इसके बावजूद भाषा को सूची से बाहर रखा गया है। कमेटी ने मांगी विस्तृत जानकारी कमेटी ने विभाग से अगली बैठक से पहले विस्तृत तथ्यात्मक और प्रशासनिक डाटा उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें राज्य के विभिन्न जिलों में बोली जाने वाली भाषाओं, भाषाभाषियों की संख्या, विभिन्न भाषाओं के शिक्षकों और विद्यार्थियों की संख्या तथा पिछली जेटेट परीक्षाओं में विभिन्न भाषाओं के अभ्यर्थियों के आंकड़े शामिल हैं। बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद, नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार, उद्योग मंत्री संजय प्रसाद यादव, कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो और शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद थे। कमेटी ने अगली बैठक में क्या-क्या जानकारी मांगी वर्ष 2012 तक भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को जेटेट में शामिल करने का आधार क्या था और 2025 की नियमावली में इन्हें किस आधार पर हटाया गया। पूरे झारखंड में विभिन्न भाषाओं के कितने शिक्षक हैं। राज्य में किन-किन भाषाओं की पढ़ाई होती है। साथ ही इन भाषाओं को पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या कितनी है। राज्य के अलग-अलग जिलों में भोजपुरी, मगही और अंगिका बोलने वालों की संख्या कितनी है तथा पूर्व की जेटेट परीक्षाओं में इन भाषाओं में कितने अभ्यर्थी शामिल हुए थे। असुर और बिरहोर जैसी आदिम जनजातीय भाषाओं को नियमावली से हटाने का आधार क्या है और इन भाषाओं को बोलने वालों की संख्या कितनी है। किस जिले में कौन-कौन सी जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाएं बोली जाती हैं तथा उनके भाषाभाषियों की संख्या कितनी है। मांगी गई जानकारी का ठोस उत्तर नहीं मिला बैठक के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अधिकारियों से मांगी गई जानकारी का ठोस उत्तर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि भाषाओं, शिक्षकों और विद्यार्थियों से जुड़े पूरे डेटा के बिना कमेटी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकती। उन्होंने यह भी माना कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कैबिनेट बैठक में भोजपुरी, मगही और अंगिका को जेटेट में शामिल करने की मांग रखी थी।

Anjali Kumari मई 19, 2026 0
Hotwar Jail Case
जेल में महिला बंदी यौन उत्पीड़न विवाद में नया मोड़, निजी लैब में हुआ प्रेग्नेंसी टेस्ट  सीएस को जांच के लिए भेजा पत्र

रांची। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में महिला बंदी से जुड़े मामले ने अब नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। आरोप है कि जेल प्रशासन ने बिना किसी औपचारिक जांच टीम के गठन के ही महिला बंदी का प्रेग्नेंसी टेस्ट प्राइवेट लैब में करा दिया। इसे लेकर जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जब जेल प्रशासन को महिला बंदी के गर्भवती होने की आशंका हुई, तब जेल डॉक्टरों की टीम के माध्यम से आनन-फानन में जांच कराई गई। सवाल यह उठ रहा है कि इतनी संवेदनशील स्थिति में बिना औपचारिक प्रक्रिया अपनाए प्राइवेट लैब में टेस्ट क्यों कराया गया। उस समय न तो कोई अधिकृत जांच टीम बनाई गई थी और न ही पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती गई। बताया गया कि पीड़िता ने शुरुआत में प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने से साफ इंकार कर दिया था। बाद में उसे समझाने के बाद ब्लड सैंपल लिया गया। मामले के तूल पकड़ने के बाद जेल प्रबंधन ने अब सिविल सर्जन को पत्र लिखकर जांच कराने का आग्रह किया है। पत्र में महिला बंदी का ब्लड सैंपल लेने को कहा गया है।   डीसी ने दिए जांच के आदेश रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने एडीएम (विधि-व्यवस्था) और एसडीएम स्तर के अफसरों यह को जिम्मेदारी सौंपी है। प्रक्रिया का पालन नहीं, प्राइवेट लैब में जांच महिला बंदी का प्रेग्नेंसी टेस्ट जिस लैब में कराया गया, उसका इस्तेमाल आमतौर पर जेल प्रशासन तत्काल स्वास्थ्य जरूरतों में करता है। जेल सूत्रों के अनुसार, जब किसी कैदी की अचानक तबीयत बिगड़ती है या तुरंत मेडिकल रिपोर्ट की जरूरत होती है, तब इसी तरह की लैब से जांच कराई जाती है, ताकि प्राथमिक स्थिति का आकलन किया जा सके। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि ऐसे गंभीर और संवेदनशील मामलों में महिला बंदी की जांच के लिए पहले सिविल सर्जन को आग्रह पत्र भेजना जरूरी माना जाता है। आरोप है कि इस मामले में इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। जेल के डॉक्टरों ने सीधे सैंपल लेकर उसे प्राइवेट लैब भेज दिया और जांच रिपोर्ट में महिला बंदी को गर्भवती नहीं बताया गया।

Anjali Kumari मई 19, 2026 0
Employment update
सीएम हेमंत बोले: 4 माह में 9 हजार से अधिक नियुक्तियां हुईं, अनुबंध पर 2 लाख युवाओं को रोजगार मिला इस वर्ष सैकड़ों बहाली का वादा

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को 333 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपा। कक्षा एक से 5 तक के लिए 160 और कक्षा 6 से 8 तक के लिए 156 सहायक आचार्यों तथा 17 आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं के बीच नियुक्ति पत्र बांटे गए। सीएम ने कहा, जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियां बाधित हो रही हैं, वहीं झारखंड सरकार ने पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में ही 9000 से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है। आनेवाले कुछ महीनों में सैकड़ों नियुक्तियां होंगी। दो लाख से अधिक नियुक्तियां की गई सीएम ने कहा कि उनके पूर्व के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध एवं निजी संस्थानों में करीब दो लाख से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद से मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियां की गई हैं। यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी। शिक्षकों को नसीहत मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी-कभी ऐसा भी होता है कि कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं। ऐसी सोच के साथ समग्र विकास संभव नहीं है। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जैसी पहल इसीलिए की गई है, ताकि वर्षों से हमारी शिक्षा व्यवस्था पर लगे कलंक को मिटाया जा सके और बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सके। इस अवसर पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह, निदेशक प्राथमिक शिक्षा मनोज कुमार रंजन आदि मौजूद थे। घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुंचना है: सीएम सीएम ने कहा कि यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि आपके माध्यम से सरकार गांव-गांव, घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहती है। खासकर महिलाओं और बच्चों तक, जिन्हें हमें आने वाले भविष्य के लिए तैयार करना है। यह अवसर न केवल नव नियुक्त अभ्यर्थियों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। नवनियुक्त कर्मी गांव-गांव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में काम करें। राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

Anjali Kumari मई 19, 2026 0
piska railway station
आनंद विहार की तर्ज पर लिकसित होगा पिस्का स्टेशन, 3 और लाइनें बनेंगी

रांची। रांची का पिस्का रेलवे स्टेशन नई दिल्ली के आनंद बिहार रेलवे स्टेशन की तरह होगा। रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इस स्टेशन का तेजी से आधुनिकीकरण और विस्तार किया जा रहा है। रक्षा राज्यमंत्री सह रांची सांसद संजय सेठ के मुताबिक पिस्का स्टेशन आनेवाले समय में रांची रेलमंडल में रांची व हटिया के बाद तीसरा सबसे बड़ा स्टेशन होगा। यहां पैसेंजर का आना-जाना पांच गुना बढ़ेगा। अभी प्रतिदिन करीब 1400 पैसेंजर का आनाजाना है, जो बढ़कर लगभग सात हजार हो जाएगा। नई लाइनों को मिली मंजूरी रांची रेल मंडल के डीआरएम ने कहा कि इस स्टेशन में तीन लाइनें और बनेंगी। इसकी स्वीकृति मिल गई है। तीन लाइन बनने से ट्रेनों की होल्डिंग बढ़ेगी। सर्कुलेटिंग एरिया भी बढ़ाया जाएगा। इससे दिल्ली, दक्षिण भारत और ओडिशा की ओर यात्रा आसान होगी। स्टेशन के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण का काम जारी है। पिस्का से लोधमा तक लगभग 17 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। इस परियोजना को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। पिस्का-लोधमा रेल लाइन से कनेक्टिविटी में बदलाव तेजी से निर्माणाधीन पिस्का से लोधमा तक नई रेलवे लाइन रांची क्षेत्र की रेल व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाली परियोजना है। इसके पूरा होने के बाद ओड़िशा की ओर से आने वाली ट्रेनें बिना रांची जंक्शन और हटिया रेलवे स्टेशन पहुंचे सीधे दिल्ली और दक्षिण भारत की ओर जा सकेंगी। इससे रांची जंक्शन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। राउरकेला से आने वाली मालगाड़ियों भी इस नए रूट से बिना रुकावट संचालित हो सकेंगी। अभी जिन ट्रेनों को रांची होकर टोरी की ओर जाना पड़ता है और इंजन बदलना पड़ता है, वे अब बिना इंजन बदले सीधे इस लाइन से गुजर सकेंगी, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होगी। यहां राजधानी एक्सप्रेस, सासाराम, चोपन और साप्ताहिक अजमेर जैसी प्रमुख ट्रेनों के ठहराव पर विचार हो रहा है।   प्रमुख रेलवे हब के रूप में उभरेगा यह स्टेशन : डीआरएम डीआरएम करुणानिधि सिंह ने कहा कि नई लाइनों व अत्याधुनिक सुविधाओं के जुड़ने के बाद पिस्का रेलवे स्टेशन रांची के प्रमुख रेलवे हब के रूप में उभरेगा। यह स्टेशन राजधानी क्षेत्र के बड़े स्टेशनों में शुमार होगा। नई रेल लाइनें बनने का ये फायदा रांची स्टेशन पर लोड घटेगा, ट्रेनों को मिलेगा होल्डिंग स्पेस, कई ट्रेनें रुक सकेंगी। पश्चिमी रांची के लोगों को शहर के मुख्य स्टेशन तक आने की जरूरत कम पड़ेगी। आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, जमीन और शहरी विकास को भी गति मिलेगी। राजधानी समेत कई एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों का यहां ठहराव होगा। उद्घाटन जून में संभव अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत बन रहे स्टेशनों में सबसे ज्यादा 21 करोड़ रुपए पिस्का स्टेशन पर खर्च किया गया है। स्टेशन परिसर में आधुनिक यात्री सुविधाएं, बेहतर पार्किंग व्यवस्था, नया फुटओवर ब्रिज, आधुनिक प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं। इसका उद्घाटन जून में होने की संभावना है। इन क्षेत्र के लोगों को होगा लाभ पिस्का मोड़, अरगोड़ा, कटहल मोड़, रातू, ब्रांबे, मांडर, इटकी, नगड़ी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा। इसके अलावा रांची जंक्शन और हटिया रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का दबाव कम होने से पूरे रांची शहर को अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

Anjali Kumari मई 19, 2026 0
Hajj yatri 2026
25 मई से शुरू होगी हज यात्रा

रांची। सऊदी अरब में बकरीद का चांद नजर आने के साथ ही हज यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत हो गई है। सोमवार से जिलहिज्जा महीने का आगाज हो चुका है और 25 मई से हज के मुख्य अरकान शुरू होंगे। दुनिया भर से लाखों मुस्लिम श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल होने के लिए मक्का पहुंच चुके हैं। भारत और खासकर झारखंड से गए हज यात्री भी इन दिनों इबादत और तैयारियों में जुटे हैं।   मीना से शुरू होंगे हज के अरकान 25 मई को हज यात्री एहराम बांधकर मीना के लिए रवाना होंगे। वहां वे खेमों में ठहरकर पांच वक्त की नमाज अदा करेंगे और इबादत में समय बिताएंगे। इसके बाद 26 मई को सभी यात्री अराफात के मैदान पहुंचेंगे, जिसे हज का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। यहां लाखों लोग एक साथ दुआ और नमाज में शामिल होंगे।   मुजदलिफा और जमरात की रस्में अराफात से निकलने के बाद हज यात्री मुजदलिफा पहुंचेंगे, जहां वे रात खुले आसमान के नीचे बिताएंगे और शैतान को मारने के लिए कंकड़ियां जमा करेंगे। 27 मई को जमरात में बड़े शैतान को सात कंकड़ी मारने की रस्म अदा की जाएगी। इसके बाद कुर्बानी, सिर मुंडवाने और खाना-ए-काबा में तवाफ-ए-जियारत की प्रक्रिया पूरी होगी।   भारतीय यात्रियों ने बताई स्थिति झारखंड के हज यात्रियों ने वहां की व्यवस्थाओं को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। डोरंडा निवासी मास्टर शाहिद ने मौसम और सुविधाओं को बेहतर बताया, जबकि शाहिद जमाल और असलम ने खाने-पीने की व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि भोजन लेने के लिए लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है।   उत्साह और इबादत का माहौल हज यात्रा को लेकर दुनियाभर के मुसलमानों में उत्साह का माहौल है। लाखों श्रद्धालु इबादत में जुटे हैं और उनके परिवार सुरक्षित व सफल हज यात्रा के लिए दुआ कर रहे हैं।

Anjali Kumari मई 19, 2026 0
hotwar jail case
होटवार जेल में महिला बंदी से यौन शोषण की पुष्टि  झालसा और डालसा की जांच टीम के सामने पीड़िता ने खोले राज!

रांची। रांची जिले के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है। जेल में बंद एक महिला बंदी के साथ यौन शोषण के आरोपों की प्रारंभिक जांच में पुष्टि हो गई है। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश पर गठित जांच टीम के समक्ष पीड़िता ने खुद के साथ हुए यौन उत्पीड़न की बात को स्वीकार किया है। पीड़िता का आरोप है कि जेल के भीतर ही उच्च अधिकारियों द्वारा उसका शारीरिक शोषण किया गया।   जस्टिस एसएन प्रसाद के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस एसएन प्रसाद ने सोमवार को संज्ञान लिया था। उन्होंने झालसा सचिव कुमारी रंजना को इस कथित यौन शोषण प्रकरण की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराने का कड़ा निर्देश दिया। जस्टिस एसएन प्रसाद के आदेश के तुरंत बाद रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया गया, जो जांच के लिए सीधे होटवार जेल पहुंची। जेलर और जेल अधीक्षक पर लगे गंभीर आरोप जेल पहुंची जांच टीम ने पीड़ित महिला बंदी से बंद कमरे में गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पीड़िता ने अपने बयान में सीधे तौर पर जेल के शीर्ष अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया। महिला का आरोप है कि: जेल के जेलर और जेल अधीक्षक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसके साथ जेल के अंदर यौन शोषण किया। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने अपनी प्रारंभिक तफ्तीश, पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यौन शोषण की इस घटना को सत्य पाया है। विस्तृत रिपोर्ट तैयार, झालसा को सौंपी जाएगी – जांच को पूरी तरह निष्पक्ष और पुख्ता बनाने के लिए टीम ने केवल पीड़िता ही नहीं, बल्कि कई अन्य पक्षों के भी बयान दर्ज किए हैं। – पीड़ित महिला बंदी का मुख्य बयान दर्ज किया गया। – जेल के पीएलवी (पारा लीगल वालंटियर) और जेल डॉक्टर के बयान लिए गए। – आरोपी जेल अधिकारियों सहित अन्य संदेहास्पद कर्मियों से पूछताछ की गई। – जेल के सभी वार्डों का बारीकी से निरीक्षण किया गया, ताकि सुरक्षा और सीसीटीवी फुटेज आदि की स्थिति को समझा जा सके। – इस पूरी प्रक्रिया के बाद टीम ने एक विस्तृत और गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर झालसा को भेज दी है। यह रिपोर्ट जल्द ही झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस एसएन प्रसाद के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी, जिसके बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई तय मानी जा रही है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उठाया था मुद्दा बताते चलें कि इस मामले को सबसे पहले राज्य के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर होटवार जेल में बंद महिला बंदी के साथ हो रहे अत्याचार की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। मरांडी ने अपने पत्र में बेहद संगीन आरोप लगाते हुए कहा था कि जेल अधीक्षक द्वारा महिला बंदी का यौन शोषण किए जाने के कारण वह गर्भवती हो गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि जेल प्रशासन के रसूखदार लोग इस पूरे मामले को दबाने और सबूतों को मिटाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। पीड़िता को मुफ्त कानूनी सहायता और सुरक्षा के निर्देश मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डालसा सचिव ने बताया कि पीड़ित महिला को कानूनी न्याय दिलाने के लिए पैनल अधिवक्ता के माध्यम से निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध करा दी गई है। इसके साथ ही जांच टीम ने जेल प्रशासन को सख्त लहजे में निर्देश दिया है कि, पीड़ित महिला की सुरक्षा और स्वास्थ्य का समुचित ध्यान रखा जाए.उसे जेल के भीतर हर आवश्यक सुरक्षा और सुविधाएं प्रदान की जाएं, ताकि उस पर किसी भी प्रकार का मानसिक या शारीरिक दबाव न बनाया जा सके।

Anjali Kumari मई 19, 2026 0
JTET Language Issue
JTET भाषा विवाद सुलझाने की कवायद तेज, मंत्रियों की कमेटी की पहली बैठक हुई संपन्न

रांची। झारखंड में JTET 2026 भाषा विवाद को लेकर गठित मंत्रियों की कमेटी की पहली बैठक रविवार को हुई। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, सुदिव्य कुमार सोनू और योगेंद्र प्रसाद शामिल हुए। करीब दो घंटे चली बैठक में भाषा विवाद से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।   अधिकारियों को दिए गए अहम निर्देश बैठक के बाद मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि पहली बैठक काफी सकारात्मक रही। कमेटी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे JTET भाषा विवाद से जुड़े सभी तथ्य, दस्तावेज और आवश्यक जानकारी अगली बैठक में प्रस्तुत करें। सरकार नई नियमावली की समीक्षा कर रही है और जिन बिंदुओं पर विवाद है, उन पर विस्तार से विचार किया जाएगा।   नियमावली में सुधार पर मंथन मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि नई JTET नियमावली में किन-किन जगहों पर सुधार की आवश्यकता है, इसे लेकर विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। हालांकि अगली बैठक की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार कमेटी इस शुक्रवार को दोबारा बैठक कर सकती है।   क्या है पूरा विवाद? JTET 2026 को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब हेमंत सोरेन सरकार ने नई नियमावली को मंजूरी दी। नई सूची में भोजपुरी, मगही और अंगिका जैसी भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा श्रेणी से बाहर कर दिया गया, जबकि 2016 की JTET परीक्षा में ये भाषाएं शामिल थीं।   कई जिलों में विरोध पलामू, गढ़वा, गोड्डा, देवघर और दुमका जैसे जिलों में बड़ी संख्या में लोग इन भाषाओं का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में भाषाओं को सूची से हटाने पर राजनीतिक और सामाजिक विरोध तेज हो गया। विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री ने समाधान के लिए पांच मंत्रियों की कमेटी गठित की, जिसकी पहली बैठक अब संपन्न हुई है।

Anjali Kumari मई 18, 2026 0
Jharkhand Weather update
Jharkhand Weather update: झारखंड में अगले 72 घंटे भारी, बारिश-आंधी और वज्रपात का अलर्ट

रांची। झारखंड में अगले 72 घंटों के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। रांची स्थित मौसम केंद्र ने राज्य के कई जिलों में गरज के साथ बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। दक्षिणी और मध्य झारखंड के इलाकों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की अपील की है।   कई जिलों में तेज हवा और वज्रपात का खतरा मौसम केंद्र के अनुसार खूंटी और गुमला समेत दक्षिणी झारखंड के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। इसके साथ ही वज्रपात की भी आशंका है। वहीं धनबाद, बोकारो, रामगढ़ और लोहरदगा समेत मध्य झारखंड के जिलों में भी गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।   अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान 19 मई को उत्तर-पश्चिमी झारखंड को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश और तेज हवा का असर देखने को मिल सकता है। 20 मई को पूर्वी और मध्य झारखंड में मौसम और ज्यादा सक्रिय रहेगा। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 21 मई को पलामू, गढ़वा और लातेहार को छोड़कर बाकी हिस्सों में बारिश और मेघ गर्जन की संभावना बनी रहेगी।   तापमान में भी बढ़ोतरी राज्य के कई जिलों में गर्मी का असर भी बना हुआ है। डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जमशेदपुर, बोकारो और रांची में भी तापमान सामान्य से ऊपर रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

Anjali Kumari मई 18, 2026 0
BCCL Fraud
BCCL में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 करोड़ की ठगी, झारखंड से बंगाल तक फैला नेटवर्क

रांची। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) में नौकरी दिलाने के नाम पर झारखंड में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। डकरा, खलारी, पिपरवार, टंडवा और हजारीबाग समेत कई इलाकों के करीब 200 लोगों से लगभग 20 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है। मामले की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है, जबकि आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।   कांग्रेस नेत्री से 24 लाख की ठगी डकरा निवासी कांग्रेस नेत्री इंदिरा देवी ने खलारी थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे और भतीजे को BCCL में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 24 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताते हुए भरोसा जीत लिया और फर्जी ज्वाइनिंग लेटर तक दिखाए।   मेडिकल जांच और ट्रेनिंग का नाटक पीड़ितों के अनुसार, युवकों को धनबाद बुलाकर होटल में ठहराया गया और फिर मेडिकल जांच कराई गई। इसके बाद बायोमीट्रिक हस्ताक्षर और कथित ट्रेनिंग प्रक्रिया भी पूरी कराई गई। अभ्यर्थियों को पोस्टिंग लिस्ट दिखाकर विश्वास दिलाया गया कि उनकी नौकरी पक्की हो चुकी है, लेकिन बाद में किसी को ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिला।   नेटवर्क मार्केटिंग की तरह चला गिरोह जांच में सामने आया है कि गिरोह ने पूरी ठगी को नेटवर्क मार्केटिंग मॉडल की तरह चलाया। लोगों को पहले नौकरी का लालच दिया गया और फिर उनसे नए उम्मीदवार जोड़ने को कहा गया। इसी तरह रिश्तेदारों और परिचितों से पैसे जुटाकर करोड़ों रुपये इकट्ठा किए गए।   बंगाल और धनबाद से जुड़े तार मामले में पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी निवासी सागर चक्रवर्ती और धनबाद के सिजुआ निवासी मुस्तकीम अंसारी के नाम सामने आए हैं। दोनों खुद को राजनीतिक प्रभाव वाला व्यक्ति बताते थे। पुलिस के अनुसार, कई आरोपियों के मोबाइल बंद हैं और उनकी तलाश जारी है। खलारी थाना पुलिस ने कहा है कि पैसों के लेनदेन का सत्यापन किया जा रहा है और जल्द आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Anjali Kumari मई 18, 2026 0
Teacher Recruitment
सीएम हेमंत 338 शिक्षकों को सौंपेंगे नियुक्ति पत्र

रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार 18 मई को सहायक आचार्य के पद पर नियुक्त 319 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इसे लेकर प्रोजेक्ट भवन सभागार में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया है। नियुक्त अभ्यर्थियों में 158 उम्मीदवारों का चयन इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य तथा 161 अभ्यर्थियों का चयन स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य के पदों पर किया गया है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा पिछले वर्ष दिसंबर में ही कर दी थी। 19 महिला पर्यवेक्षकों को भी मिलेगा नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा विभाग के लिए नियुक्त महिला पर्यवेक्षक के पदों पर चयनित 19 अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। जिला स्तर पर काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति पत्र वितरण का निर्णय लिया गया।

Anjali Kumari मई 18, 2026 0
Teacher Demand
शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से अलग रखने की मांग

रांची। झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से अलग रखने की मांग की है। संघ ने कहा कि आठवीं पास करने के बाद नौवीं में बच्चों का हाई स्कूल में एडमिशन होता है। इनरोलमेंट बढ़ाने के लिए कम अंक वाले विद्याथियों का भी एडमिशन ले लिया जाता है। वे एक पैराग्राफ भी ढंग से नहीं लिख पाते हैं। नौवीं कक्षा में विद्यार्थियों का सेंटअप टेस्ट भी बंद कर दिया गया है। वे सीधे मैट्रिक की परीक्षा में शामिल होते हैं। दूसरी ओर शिक्षकों को साल भर गैर शैक्षणिक कार्यों जैसे चुनाव, ट्रेनिंग, सावित्री बाई फुले योजना, बैंक खाता खोलने और आय प्रमाण पत्र भरने जैसे काम में लगा दिया जाता है। अभी उन्हें जनगणना में लगाया गया है। इस कारण शिक्षक बच्चों पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पाते। यह भी रिजल्ट खराब होने का बड़ा कारण है। झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के सचिव रविंद्र कुमार चौधरी ने स्कूलों में सेंटअप टेस्ट शुरू करने और शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से अलग रखने की मांग की है।

Anjali Kumari मई 18, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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Indian delegation at international cyber security meeting after India assumed CCDB chairmanship role
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भारत को मिली बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी, संभाला CCDB के अध्यक्ष का पद

surbhi मई 15, 2026 0

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