सरायकेला-खरसावां

illegal sand mining in Kharsawan
खरसावां में अवैध बालू कारोबार पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो हाइवा वाहन जब्त

खरसावां, एजेंसियां। झारखंड के खरसावां थाना क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। आमदा ओपी पुलिस ने शुक्रवार सुबह गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध बालू से लदे दो हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में सक्रिय बालू माफिया और अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।   गुप्त सूचना पर तुरंत हरकत में आई पुलिस पुलिस को पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि क्षेत्र में बालू की अवैध ढुलाई बड़े पैमाने पर की जा रही है। शुक्रवार सुबह आमदा ओपी पुलिस को सूचना मिली कि दो हाइवा वाहन बिना अनुमति बालू लेकर बड़ाबाम्बो की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और निर्धारित मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी। थोड़ी ही देर में दोनों वाहनों को रोककर उनकी जांच की गई।   जांच में खुला अवैध परिवहन का मामला पुलिस जांच के दौरान दोनों हाइवा वाहनों में बिना वैध कागजात के बालू लदा पाया गया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों वाहनों को जब्त कर लिया और उन्हें आमदा ओपी परिसर में खड़ा करा दिया। ओपी प्रभारी राम रेखा पासवान ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध धंधे के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।   स्थानीय लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में अवैध बालू कारोबार लंबे समय से चल रहा है, खासकर रात के समय भारी वाहन लगातार गुजरते हैं। इससे न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि सड़कों की हालत भी खराब हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे अभियानों को नियमित और और अधिक सख्ती के साथ चलाया जाए।   माफियाओं में बढ़ी दहशत पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में डर और बेचैनी का माहौल है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध बालू माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

Anjali Kumari मार्च 27, 2026 0
Tribal villagers raise issues on forest rights, malnutrition and lack of development in Saranda forests Jharkhand
सारंडा के जंगलों में ‘विकास’ पर सवाल: कोल्हान रक्षा संघ की बैठक में आदिवासियों ने खोली जमीनी हकीकत

सरायकेला: झारखंड के सारंडा क्षेत्र से एक बार फिर विकास कार्यों की वास्तविक तस्वीर सामने आई है। कोल्हान रक्षा संघ द्वारा नोवामुंडी प्रखंड के पोखरिया गांव में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान वन अधिकार से लेकर कुपोषण, पेंशन, रोजगार और शिक्षा तक कई गंभीर मुद्दे सामने आए, जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो गए। वन अधिकारों से वंचित ग्रामीण बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा वन पट्टा का रहा। ग्रामीणों ने बताया कि राजस्व गांव होने के बावजूद उन्हें अब तक वन अधिकार नहीं मिला है। पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में आने के बावजूद संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी पर लोगों ने गहरा आक्रोश जताया। कुपोषण की भयावह स्थिति गांव में महिलाओं और बच्चों के बीच कुपोषण की स्थिति चिंताजनक पाई गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पोषाहार केंद्र से नियमित रूप से भोजन नहीं मिल रहा है। बच्चों और महिलाओं में कुपोषण के स्पष्ट लक्षण दिखाई दे रहे हैं, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करते हैं। योजनाएं कागजों तक सीमित? ‘मंईयां सम्मान योजना’ को लेकर भी गंभीर गड़बड़ी सामने आई। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 300 पात्र महिलाओं में से सिर्फ एक को ही योजना का लाभ मिला है। इससे योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं। घटती औसत आयु बना चिंता का विषय बैठक में यह तथ्य सामने आया कि क्षेत्र में लोगों की औसत आयु काफी कम है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के बीच 48 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की संख्या बेहद कम पाई गई। विशेषज्ञ इसे कुपोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से जोड़कर देख रहे हैं। पेंशन और रोजगार का संकट वृद्धावस्था पेंशन कई महीनों से बंद होने की शिकायत सामने आई। वहीं रोजगार के अभाव में ग्रामीण जंगल से पत्ता, लकड़ी और दातुन बेचकर जीवनयापन कर रहे हैं। लेकिन वन विभाग की कार्रवाई का डर इस जीविका को भी अस्थिर बना रहा है। शिक्षा व्यवस्था की बदहाली शिक्षा के क्षेत्र में भी हालात बेहद खराब हैं। पूरे गांव में केवल एक स्कूल है, जो एक पारा शिक्षक के भरोसे चल रहा है। यह स्थिति ग्रामीण शिक्षा तंत्र की जमीनी चुनौतियों को उजागर करती है। बैठक में कौन-कौन रहे शामिल? इस बैठक की अध्यक्षता डिबार जोंकों ने की। इसके अलावा कई सामाजिक कार्यकर्ता और मुंडा-माणकी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए और अपनी समस्याएं साझा कीं। बड़ा सवाल: क्या बदलेगी तस्वीर? कोल्हान रक्षा संघ की इस बैठक ने साफ कर दिया है कि सारंडा जैसे सुदूर इलाकों में विकास योजनाओं का लाभ अभी भी पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहा है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई करेगा या फिर ये समस्याएं यूं ही बनी रहेंगी।  

surbhi मार्च 24, 2026 0
Seraikela Kharsawan incident
सरायकेला-खरसावां में हैरान करने वाली घटना: ओवरब्रिज से कूदी महिला, कोयले ने बचाई जान

रांची। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। कांड्रा थाना क्षेत्र में शनिवार को एक महिला ने रेलवे ओवरब्रिज से अचानक छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही महिला नीचे गिर चुकी थी। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।   कोयले की परत बनी जीवन रक्षक महिला के लिए राहत की बात यह रही कि ओवरब्रिज के नीचे कोयले की मोटी परत जमा थी। उसी पर गिरने के कारण उसकी जान बच गई। हालांकि ऊंचाई से गिरने की वजह से उसे अंदरूनी चोटें आई हैं। यदि नीचे कठोर जमीन होती, तो हादसा गंभीर हो सकता था।   स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल महिला की मदद की। बिना समय गंवाए उसे उठाकर ऑटो के जरिए कांड्रा थाना पहुंचाया गया। लोगों की इस त्वरित कार्रवाई से महिला को समय पर उपचार मिल सका और उसकी स्थिति ज्यादा बिगड़ने से बच गई।   पुलिस ने कराया इलाज सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और महिला को तुरंत अस्पताल भिजवाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल उसकी हालत स्थिर है, लेकिन अंदरूनी चोटों की जांच जारी है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।   पहचान बताने से इनकार, जांच में चुनौती इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि महिला अपनी पहचान बताने से इनकार कर रही है। वह न तो अपना नाम बता रही है और न ही अपना पता। ऐसे में पुलिस के लिए घटना के कारणों का पता लगाना मुश्किल हो गया है।

Anjali Kumari मार्च 21, 2026 0
evotees performing Gayatri Mahayagya with sacred fire rituals and chanting in Kharasawan temple premises
खरसावां में भव्य गायत्री महायज्ञ का समापन, मंत्रों से गूंजा बड़ाबांबो, नारी शक्ति और संस्कारों का दिया संदेश

झारखंड के खरसावां क्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का समापन श्रद्धा और भक्ति के माहौल में भव्य पूर्णाहुति के साथ हुआ। बड़ाबांबो स्थित हुडीबाबा शिव मंदिर परिसर में हुए इस आयोजन ने पूरे इलाके को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। गायत्री मंत्रों के सामूहिक उच्चारण और हवन-पूजन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। हवन-पूजन और दीप यज्ञ से भक्तिमय माहौल मंगलवार को श्रद्धालुओं ने वेदमाता गायत्री का आह्वान करते हुए पांच कुंडों में विधि-विधान से हवन-पूजन किया। इस दौरान दीप यज्ञ का भी आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। शाम को पूर्णाहुति के साथ महायज्ञ का समापन हुआ। पूरे आयोजन में अनुशासन और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। दीक्षा संस्कार और 16 संस्कारों की जानकारी महायज्ञ के दौरान 19 श्रद्धालुओं को गायत्री मंत्र की दीक्षा दी गई। साथ ही भारतीय परंपरा के 16 संस्कारों के महत्व को विस्तार से समझाया गया। कार्यक्रम में: 2 बच्चों का नामकरण संस्कार 1 पुंशवन संस्कार 2 माताओं का गर्भधारण संस्कार भी संपन्न कराए गए। इन संस्कारों के माध्यम से समाज को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का संदेश दिया गया। संस्कारों से ही मजबूत बनता है समाज शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिनिधि संतोष संगम ने कहा कि अच्छे संस्कार ही एक सशक्त समाज की नींव होते हैं। उन्होंने चरित्र निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि सदविचारों को जीवन में उतारना ही सच्ची साधना है। गायत्री मंत्र के महत्व पर विशेष जोर वक्ताओं ने गायत्री मंत्र के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व को विस्तार से बताया। श्रद्धालुओं से अपील की गई कि वे प्रतिदिन गायत्री महामंत्र का जाप करें और साधना, स्वाध्याय व शिक्षा के माध्यम से आत्मविकास करें। भारतीय संस्कृति के मूल तत्व अपनाने की अपील कार्यक्रम में ‘गौ, गंगा, गीता, गायत्री और गुरु’ को भारतीय संस्कृति के आधार स्तंभ बताते हुए इन्हें जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन मूल्यों के संरक्षण से समाज को सही दिशा मिलती है। नारी शक्ति के सशक्तिकरण पर जोर इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नारी शक्ति संवर्धन भी रहा। महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने और समाज में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। कहा गया कि सशक्त नारी ही मजबूत समाज की पहचान है। आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम पूरे महायज्ञ के दौरान बड़ाबांबो क्षेत्र में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सामूहिक गायत्री मंत्र जाप से वातावरण गूंज उठा और श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गए। गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी इस धार्मिक आयोजन में गायत्री परिवार से जुड़े कई प्रमुख लोग और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया। धार्मिक आयोजन से मिला सामाजिक संदेश इस महायज्ञ के जरिए सिर्फ पूजा-अर्चना ही नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने का संदेश भी दिया गया। संस्कार, नैतिकता और सदाचार को अपनाकर जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा दी गई।  

surbhi मार्च 18, 2026 0
Kolhan assault case arrest
रंगदारी और मारपीट मामले में JLKM के कोल्हान अध्यक्ष सहित सात गिरफ्तार

सरायकेला-खरसावां। झारखंड के सरायकेला जिले में घर में घुसकर मारपीट और रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के एक नेता समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। यह मामला चांडिल थाना क्षेत्र के रसूनिया पंचायत स्थित सुखसारी पुनर्वास गांव का है, जहां स्थानीय निवासी फूलचंद महतो ने गंभीर आरोप लगाए हैं।   देर रात घर पहुंचा आरोपियों का समूह पीड़ित फूलचंद महतो के अनुसार, रविवार देर रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच JLKM के कोल्हान अध्यक्ष नवीन महतो अपने 15-20 साथियों के साथ चार गाड़ियों में सवार होकर उनके घर पहुंचे। आरोप है कि सभी के पास हथियार थे और वे नशे की हालत में थे। देर रात दरवाजा पीटने के बाद वे वहां से लौट गए, लेकिन सोमवार सुबह करीब छह बजे फिर से बड़ी संख्या में घर पहुंच गए।   घर में घुसकर मारपीट और धमकी फूलचंद महतो का आरोप है कि आरोपी जबरन घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए उन्हें घसीटकर मारपीट की। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्यों को भी धमकाया गया। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने उनसे पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी और पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने बताया कि करीब तीन महीने पहले भी इसी रकम की मांग की गई थी।   महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार का आरोप परिवार का आरोप है कि घटना के दौरान घर में मौजूद महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। बाथरूम में मौजूद महिला को धमकाया गया और पूरे परिवार के सामने गाली-गलौज की गई, जिससे परिवार के लोग भयभीत हो गए हैं।   ग्रामीणों की मदद से पकड़े गए आरोपी घटना की सूचना मिलने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कुछ आरोपियों को पकड़ लिया। बाद में इसकी जानकारी चांडिल थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके से सात लोगों को हिरासत में लेकर दो गाड़ियां जब्त कर लीं, जबकि दो अन्य वाहन वहां से फरार हो गए।   सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा विवाद प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले फूलचंद महतो ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि कोल्हान अध्यक्ष जहां भी जाएंगे वहां हार निश्चित है। माना जा रहा है कि इसी पोस्ट को लेकर विवाद बढ़ा।   पुलिस जांच में जुटी चांडिल थाना पुलिस गिरफ्तार किए गए सात लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपनी सुरक्षा की मांग की है।

Anjali Kumari मार्च 16, 2026 0
Traditional Seraikela Chhau dancers performing with masks during Chhau Mahotsav cultural festival in Jharkhand.
सरायकेला में छऊ महोत्सव की तैयारी शुरू: 11 से 13 अप्रैल तक राजकीय मंच सजेगा, पद्मश्री कलाकारों का होगा सम्मान

  चैत्र पर्व के साथ सजेगा छऊ महोत्सव झारखंड के Seraikela में इस साल भी पारंपरिक चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह महोत्सव 11 से 13 अप्रैल तक आयोजित होगा, जिसमें देश-विदेश में प्रसिद्ध Seraikela Chhau Dance की विभिन्न शैलियों का आकर्षक प्रदर्शन देखने को मिलेगा। इस आयोजन में सरायकेला, खरसावां और मानभूम शैली के छऊ नृत्य के साथ-साथ अन्य राज्यों की लोक कलाओं की भी प्रस्तुति दी जाएगी, जिससे यह सांस्कृतिक उत्सव और भी खास बन जाएगा।   तैयारियों को लेकर प्रशासनिक बैठक महोत्सव की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को अनुमंडल कार्यालय में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी Abhinav Prakash ने की। बैठक में तय किया गया कि इस बार महोत्सव को पारंपरिक और भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा, ताकि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच मिल सके।   पद्मश्री कलाकारों को मिलेगा सम्मान आयोजन समिति ने निर्णय लिया है कि महोत्सव के दौरान छऊ नृत्य से जुड़े पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त कलाकारों और उनके परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित छऊ गुरुओं और कलाकारों को भी मंच पर विशेष सम्मान दिया जाएगा, जिससे युवा पीढ़ी को इस कला से जुड़ने की प्रेरणा मिले।   5 अप्रैल से भैरव पूजा के साथ शुरुआत चैत्र पर्व की औपचारिक शुरुआत 5 अप्रैल को भैरव पूजा से होगी। स्थानीय भैरव स्थान पर पूजा-अर्चना के बाद पारंपरिक अनुष्ठानों की श्रृंखला शुरू होगी। इसके तहत- 9 अप्रैल: झुमकेश्वरी पूजा 10 अप्रैल: यात्रा घट 11 अप्रैल: वृंदावनी घट 12 अप्रैल: गौरयाभार घट 13 अप्रैल: कालिका घट पूजा पर्व का समापन 14 अप्रैल को पाट संक्रांति के साथ किया जाएगा।   ग्रामीण छऊ दलों के बीच होगी प्रतियोगिता महोत्सव से पहले 6 से 8 अप्रैल तक ग्रामीण छऊ नृत्य दलों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। 6 अप्रैल: सरायकेला शैली 7 अप्रैल: मानभूम शैली 8 अप्रैल: खरसावां शैली इन प्रतियोगिताओं के जरिए स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।   बैठक में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष और आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक Manoj Choudhary, Pratap Aditya Singhdeo, बीडीओ Yasmita Singh, कला केंद्र के समन्वयक Sudip Kavi, एसोसिएशन के सचिव Bhola Mahanti सहित कई कलाकार और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। आयोजन समिति का कहना है कि इस महोत्सव के जरिए क्षेत्रीय संस्कृति और पारंपरिक छऊ नृत्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।  

surbhi मार्च 14, 2026 0
Police in Seraikela-Kharsawan warn residents about child kidnapping rumors spreading on social media.
सरायकेला-खरसावां में बच्चा चोरी की अफवाहों से हड़कंप, पुलिस ने लोगों से कहा– अपुष्ट खबरों पर न करें भरोसा

  झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में सोशल मीडिया पर फैल रही बच्चा चोरी और अपहरण की अफवाहों को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। इन अफवाहों के कारण लोगों के बीच डर और भ्रम का माहौल बन रहा है। इसे देखते हुए खरसावां पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट खबर या वायरल संदेश पर बिना जांच-पड़ताल के विश्वास न करें।   सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरें पुलिस के अनुसार पिछले कुछ दिनों से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की चोरी और गुमशुदगी से जुड़ी कई तरह की खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं। इन संदेशों के कारण कई इलाकों में लोगों के बीच आशंका और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि पुलिस द्वारा की गई जांच में ऐसे अधिकांश मामलों को अफवाह या भ्रामक सूचना पाया गया है। उन्होंने लोगों से कहा कि किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।   बिना पुष्टि के किसी सूचना पर न करें विश्वास थाना प्रभारी गौरव कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली हर सूचना सही नहीं होती। कई बार कुछ लोग बिना जांच के ही संदेश आगे बढ़ा देते हैं, जिससे अफवाह तेजी से फैल जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की खबर पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि करें और अनावश्यक रूप से उसे आगे न फैलाएं।   अफवाह फैलाना और भीड़ हिंसा दोनों अपराध पुलिस ने साफ किया है कि झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाना कानूनन अपराध है। इसके साथ ही ऐसी अफवाहों के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ मारपीट करना या भीड़ द्वारा हिंसा करना भी गंभीर दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस के अनुसार कई बार अफवाहों के कारण निर्दोष लोग भी भीड़ के गुस्से का शिकार हो जाते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।   संदिग्ध सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को दें जानकारी पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या सूचना सामने आती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। आपात स्थिति में लोग 112 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं या सीधे खरसावां थाना को जानकारी दे सकते हैं। पुलिस का कहना है कि समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आम लोगों की सतर्कता और सहयोग बेहद जरूरी है। अगर लोग अफवाहों से बचें और जिम्मेदारी से व्यवहार करें, तो ऐसी स्थितियों से आसानी से निपटा जा सकता है।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
PMAY housing scheme workers protesting outside Seraikela-Kharsawan district collectorate demanding salary hike and service benefits.
सरायकेला में PMAY आवास कर्मियों का धरना, मांगें पूरी नहीं हुईं तो 7 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

  झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) से जुड़े कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को जिला समाहरणालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। आवास कर्मियों ने सरकार से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो 7 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। यह आंदोलन प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कार्यरत कर्मचारियों द्वारा झारखंड राज्य आवास कर्मी संघ के आह्वान पर आयोजित किया गया। धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मियों ने भाग लिया और सरकार से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।   पहले भी कर चुके हैं कई चरणों में विरोध संघ के जिलाध्यक्ष सावन सोय ने बताया कि आवास कर्मी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 16 से 18 फरवरी तक सभी कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद भी सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। उन्होंने बताया कि 23 से 25 फरवरी तक कर्मियों ने कलमबंद हड़ताल कर कामकाज प्रभावित करते हुए अपना विरोध जताया, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया।   17 मार्च से चरणबद्ध हड़ताल का ऐलान जिलाध्यक्ष सावन सोय ने कहा कि यदि सरकार जल्द कोई निर्णय नहीं लेती है तो आवास कर्मी 17 से 20 मार्च तक हड़ताल पर जाएंगे। इसके बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 7 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। कर्मियों का कहना है कि यदि ऐसा हुआ तो आवास योजनाओं से जुड़े कई काम प्रभावित हो सकते हैं।   इन मांगों को लेकर आंदोलन आवास कर्मियों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें वेतन वृद्धि और सेवा शर्तों में सुधार प्रमुख हैं। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं- प्रखंड लेखापाल सह कंप्यूटर ऑपरेटर का वेतन 36,000 रुपये किया जाए। प्रखंड समन्वयक का वेतन 45,000 रुपये किया जाए। जिला लेखापाल का वेतन 41,000 रुपये किया जाए। जिला समन्वयक के मानदेय में वर्तमान राशि से 70 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जाए। जिला और प्रखंड स्तर के पदों को प्रशासी पदवर्ग समिति से स्वीकृति दिलाई जाए। मासिक मानदेय के स्थान पर ग्रेड-पे लागू किया जाए। क्षेत्र भ्रमण के लिए मासिक मानदेय का 5 प्रतिशत भत्ता दिया जाए। सेवा से हटाने की स्थिति में विभागीय स्तर पर अपील की व्यवस्था की जाए। हर साल अनुबंध नवीनीकरण की बाध्यता समाप्त कर सेवा अवधि 60 वर्ष तक तय की जाए।   बड़ी संख्या में कर्मी रहे मौजूद धरना-प्रदर्शन में जिला समन्वयक सत्यवान कुमार, प्रशिक्षण समन्वयक बसंत कुमार साहू, प्रखंड समन्वयक श्यामसुंदर महतो, ठाकुर सोरेन, लिपिक रावत, बीना बंकीरा, राकेश कुमार महतो, कीर्ति महतो, ऑपरेटर शिवा बेहरा, शिबू मुर्मु, ज्योति कुमारी, लक्ष्मी महतो, गीता, भीष्म मुंडा, संतोष जारिका और अभिषेक रावत समेत कई कर्मी मौजूद रहे। धरना में शामिल कर्मचारियों ने एकजुट होकर सरकार से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उनका कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।  

surbhi मार्च 11, 2026 0
Traffic Police Checking Vehicles Near Kandra Toll Saraikela
सरायकेला में ड्रंक एंड ड्राइव पर सख्ती, कांड्रा टोल मोड़ पर चला विशेष चेकिंग अभियान

सरायकेला-खरसावां: जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने यातायात नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में कांड्रा टोल मोड़ के पास पुलिस ने ड्रंक एंड ड्राइव और ओवरलोडिंग के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान शराब के नशे में वाहन चला रहे एक चालक को पकड़ा गया, जबकि अतिरिक्त यात्रियों को बैठाकर चल रही तीन सवारी गाड़ियों पर भी जुर्माना लगाया गया। कांड्रा टोल मोड़ पर वाहनों की सघन जांच 5 मार्च 2026 को यातायात थाना की टीम ने थाना प्रभारी राजू के नेतृत्व में शाम करीब 5 बजे से कांड्रा टोल मोड़ के पास वाहनों की जांच शुरू की। अभियान के दौरान मोटरसाइकिल से लेकर छोटे और बड़े सभी वाहनों की जांच की गई। पुलिस ने वाहन चालकों के दस्तावेजों की जांच के साथ ड्रंक एंड ड्राइव की भी जांच की। शराब पीकर वाहन चलाने वाला चालक पकड़ा गया चेकिंग के दौरान वाहन संख्या JH05BB-3312 के चालक हरिराम सरदार को शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। जांच में पाया गया कि चालक ने 335 एमजी अल्कोहल का सेवन कर वाहन चला रहा था। इसके बाद वाहन मालिक को सूचना देते हुए चालक पर यातायात नियमों के तहत जुर्माना लगाया गया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। ओवरलोडिंग पर भी पुलिस की कार्रवाई जांच के दौरान पुलिस को कई सवारी वाहनों में ओवरलोडिंग की शिकायत भी मिली। जांच में तीन सवारी गाड़ियों में करीब 30 अतिरिक्त यात्रियों को बैठाकर वाहन चलाते हुए पाया गया। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने इन वाहनों पर भी चालान काटते हुए जुर्माना लगाया। नियमों का पालन करने की अपील यातायात थाना ने जिले के वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाएं। पुलिस ने साफ कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।  

kalpana मार्च 6, 2026 0
MLA Dashrath Gagrai Meeting Villagers in Kuchai
कुचाई में विधायक फंड से बनेगा खेल का मैदान, ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं विधायक दशरथ गागराई

सरायकेला-खरसावां: जिले के कुचाई प्रखंड अंतर्गत गोमेयाडीह पंचायत के ईचाडीह गांव के सेकरेडीह टोला में जल्द ही खेल का मैदान और चबूतरे का निर्माण कराया जाएगा। यह घोषणा स्थानीय विधायक Dashrath Gagrai ने ग्राम सभा की बैठक के दौरान की। शुक्रवार को आयोजित ग्राम सभा में विधायक ने ग्रामीणों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और विकास कार्यों को तेज करने का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि यह दोनों योजनाएं उनकी विधायक निधि से पूरी की जाएंगी। विधायक निधि से बनेगा फुटबॉल मैदान बैठक में विधायक दशरथ गागराई ने सेकरेडीह टोला में फुटबॉल मैदान और चबूतरा निर्माण की घोषणा की। साथ ही कुदाडीह में भी खेल मैदान बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि पहाड़ी और दूरदराज के गांवों तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। सरकार गांवों में पहुंचा रही बुनियादी सुविधाएं विधायक ने कहा कि राज्य सरकार गांवों में सड़क, शिक्षा, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। अलग-अलग विभागों के माध्यम से योजनाएं बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। ग्रामीणों ने रखीं कई मांगें ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों ने विधायक के सामने कई समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अभी तक आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है, जिससे छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा ग्रामीणों ने पक्की सड़क, नाला पर पुलिया निर्माण और खेल मैदान जैसी सुविधाओं की मांग भी की। उन्होंने पांडाडीह-सोसोडोवा से कुइनगुटू-टुटूउली तक सड़क निर्माण समेत कई अन्य परियोजनाओं को जल्द पूरा कराने की मांग की। समस्याओं के समाधान का भरोसा विधायक दशरथ गागराई ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने लोगों से सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक रहने और उनका लाभ उठाने की अपील भी की। बैठक में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद ग्राम सभा की बैठक में विधायक की धर्मपत्नी बसंती गागराई, विधायक प्रतिनिधि धर्मेंद्र कुमार मुंडा, मुखिया करम सिंह मुंडा, भरत सिंह मुंडा, राहुल सोय, मुन्ना सोय समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।  

kalpana मार्च 6, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट घोषित, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर, 958 उम्मीदवार सफल

UPSC CSE Result 2025: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में से एक Civil Services Examination का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। Union Public Service Commission ने शुक्रवार 6 मार्च 2026 को UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट घोषित किया। इस परीक्षा में अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल किया है। परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट UPSC Official Website पर जाकर फाइनल मेरिट लिस्ट देख सकते हैं। 958 उम्मीदवारों का हुआ चयन यूपीएससी द्वारा जारी फाइनल रिजल्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 958 उम्मीदवारों ने सफलता हासिल की है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उनकी रैंक और पसंद के आधार पर की जाएगी। फाइनल रिजल्ट उम्मीदवारों के लिखित परीक्षा (Main Exam) और पर्सनैलिटी टेस्ट (Interview) में प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है। इन प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए होता है चयन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से देश की कई प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं— भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)   भारतीय पुलिस सेवा (IPS)   भारतीय विदेश सेवा (IFS)   भारतीय राजस्व सेवा (IRS)   भारतीय व्यापार सेवा सहित अन्य ग्रुप A और ग्रुप B सेवाएं   979 पदों को भरने का लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 979 रिक्त पदों को भरा जाना है। ऐसे चेक करें UPSC CSE 2025 का रिजल्ट उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स के माध्यम से अपना रिजल्ट देख सकते हैं— आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं   होमपेज पर “Examination” टैब पर क्लिक करें   “Active Examinations” या “What’s New” सेक्शन में जाएं   Civil Services Examination Final Result 2025 लिंक पर क्लिक करें   मेरिट लिस्ट की PDF खुल जाएगी   Ctrl + F दबाकर अपना नाम या रोल नंबर सर्च करें   15 दिन में जारी होगी मार्कशीट यूपीएससी के अनुसार सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट रिजल्ट जारी होने के 15 दिनों के भीतर आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। उम्मीदवार इसे 30 दिनों तक ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। पिछले साल का कट-ऑफ पिछले वर्ष का अंतिम कट-ऑफ इस प्रकार था— जनरल: 87.98   EWS: 85.92   OBC: 87.28   SC: 79.03   ST: 74.23   आयु सीमा क्या है यूपीएससी की अधिसूचना के अनुसार उम्मीदवार की आयु 1 अगस्त 2024 तक कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष होनी चाहिए। यानी उम्मीदवार का जन्म 2 अगस्त 1992 से 1 अगस्त 2003 के बीच होना चाहिए। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन तीन चरणों—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू—को पार कर बहुत कम उम्मीदवार ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। UPSC CSE 2025 टॉप-20 उम्मीदवारों की सूची रैंक रोल नंबर नाम 1 1131589 अनुज अग्निहोत्री 2 4000040 राजेश्वरी सुवे एम 3 3512521 अकांश ढुल 4 0834732 राघव झुनझुनवाला 5 0409847 ईशान भटनागर 6 6410067 जिनिया अरोड़ा 7 0818306 ए आर राजा मोहिद्दीन 8 0843487 पक्षल सेक्रेटरी 9 0831647 आस्था जैन 10 1523945 उज्ज्वल प्रियांक 11 1512091 यशस्वी राज वर्धन 12 0840280 अक्षित भारद्वाज 13 7813999 अनन्या शर्मा 14 5402316 सुरभि यादव 15 3507500 सिमरनदीप कौर 16 0867445 मोनिका श्रीवास्तव 17 0829589 चितवन जैन 18 5604518 श्रुति आर 19 0105602 निसार दिशांत अमृतलाल 20 6630448 रवि राज

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नालंदा मंदिर हादसा: भीड़ ने ली 8 महिलाओं की जान, धार्मिक आयोजन में मची भगदड़ जैसी स्थिति

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