राशि

बैसाखी 2026: खेतों से गुरुद्वारों तक, जानें सेवा-लंगर की खास परंपरा, इतिहास और इसका धार्मिक महत्व

Keerti Rajpoot अप्रैल 14, 2026
बैसाखी 2026: खेतों से गुरुद्वारों तक, जानें सेवा-लंगर की खास परंपरा, इतिहास और इसका धार्मिक महत्व
बैसाखी 2026: खेतों से गुरुद्वारों तक, जानें सेवा-लंगर की खास परंपरा, इतिहास और इसका धार्मिक महत्व
Baisakhi 2026: बैसाखी 2026 14 अप्रैल को मनाई जा रही है. यह फसल, नववर्ष और खालसा पंथ की स्थापना का प्रतीक है. गुरुद्वारों में सेवा, लंगर और सांस्कृतिक उत्सव इसकी खास पहचान हैं.

Astrology

View more
Budh Pradosh Vrat April 2026 Muhurat: 15 अप्रैल को बुध प्रदोष, 2:14 घंटे का मुहूर्त, देखें दिनभर के शुभ समय, लेकिन भद्रा में न करें नए काम
Budh Pradosh Vrat April 2026 Muhurat: 15 अप्रैल को बुध प्रदोष, 2:14 घंटे का मुहूर्त, देखें दिनभर के शुभ समय, लेकिन भद्रा में न करें नए काम

Budh Pradosh Vrat April 2026 Muhurat: 15 अप्रैल को बुध प्रदोष व्रत है. जो लोग व्रत रखेंगे, उनको शिव पूजा के लिए करीब सवा दो घंटे का मुहूर्त प्राप्त होगा, लेकिन इस दिन भद्रा भी लग रही है. भद्रा में कोई शुभ काम न करें. आइए जानते हैं प्रदोष व्रत का पूजा मुहूर्त और दिनभर के शुभ समय.

Kartikey Tiwari अप्रैल 14, 2026
April 2026 Shubh Muhurat: आज से खरमास खत्म, अप्रैल में करना है गृह प्रवेश या खरीदनी है दुकान, मकान या कार, पंचांग से देखें शुभ मुहूर्त
April 2026 Shubh Muhurat: आज से खरमास खत्म, अप्रैल में करना है गृह प्रवेश या खरीदनी है दुकान, मकान या कार, पंचांग से देखें शुभ मुहूर्त

April 2026 Shubh Muhurat: आज 14 अप्रैल से खरमास खत्म हो गया है. अप्रैल में आपको गृह प्रवेश करना है या फिर दुकान, मकान, नई कार, बाइक या कोई प्रॉपर्टी खरीदनी है तो आपको अप्रैल के शुभ मुहूर्त देखने चाहिए.

Kartikey Tiwari अप्रैल 14, 2026
Akshaya Tritiya 2026 Shubh Yog: अक्षय तृतीया पर बन रहे 6 शुभ योग, पूरा दिन उन्नति और सफलता वाला, जानें क्या है अबूझ मुहूर्त
Akshaya Tritiya 2026 Shubh Yog: अक्षय तृतीया पर बन रहे 6 शुभ योग, पूरा दिन उन्नति और सफलता वाला, जानें क्या है अबूझ मुहूर्त

Akshaya Tritiya 2026 Shubh Yog: इस साल की अक्षय तृतीया पर 6 शुभ योग बन रहे हैं, जिसकी वज​​ह से पूरा दिन उन्नति और सफलतादायक बन गया है. अक्षय तृतीया को अखा तीज भी कहते हैं, जो वैशाख शुक्ल तृतीया ति​थि को है. अक्षय तृतीया पर अबूझ मुहूर्त होता है. आइए जानते हैं अक्षय तृतीया पर बनने वाले शुभ योगों का महत्व.

Kartikey Tiwari अप्रैल 14, 2026
बैसाखी 2026: खेतों से गुरुद्वारों तक, जानें सेवा-लंगर की खास परंपरा, इतिहास और इसका धार्मिक महत्व
बैसाखी 2026: खेतों से गुरुद्वारों तक, जानें सेवा-लंगर की खास परंपरा, इतिहास और इसका धार्मिक महत्व

Baisakhi 2026: बैसाखी 2026 14 अप्रैल को मनाई जा रही है. यह फसल, नववर्ष और खालसा पंथ की स्थापना का प्रतीक है. गुरुद्वारों में सेवा, लंगर और सांस्कृतिक उत्सव इसकी खास पहचान हैं.

Keerti Rajpoot अप्रैल 14, 2026
Vrishabh Rashifal:  वृषभ राशि पर आज बरसेगी कृपा, धनवर्षा का दिन, करें ये उपाय
Vrishabh Rashifal: वृषभ राशि पर आज बरसेगी कृपा, धनवर्षा का दिन, करें ये उपाय

Aaj ki Vrishabh Rashi 14 April 2026: वृषभ राशि के जो जातक बिजनेस कर रहे हैं, आज उन्हें चौगुना लाभ होगा. नौकरी करने वालों को ऑफिस में अपनी काबिलियत साबित करनी होगी. बॉस का सहयोग मिलेगा. आज म्युचुअल फंड में पैसा इन्वेस्ट करना शुभ रहेगा. लव लाइफ में पुराने झगड़े खत्म होंगे. अपने पार्टनर के साथ किसी धार्मिक जगह घूमने जा सकते हैं.

Aryan Seth अप्रैल 14, 2026
Aaj ka Makar Rashifal: मकर राशि वालों को धन लाभ के प्रबल योग, करियर में तरक्की, व्यापार में बड़ा फायदा संभव
Aaj ka Makar Rashifal: मकर राशि वालों को धन लाभ के प्रबल योग, करियर में तरक्की, व्यापार में बड़ा फायदा संभव

Aaj ka Makar Rashifal 14 April 2026: मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन बेहद शुभ रहने वाला है. धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं और रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है. व्यापारियों को फंसा पैसा वापस मिल सकता है और नई डील हाथ लग सकती है. नौकरीपेशा लोगों के लिए भी बदलाव के साथ तरक्की के संकेत हैं. प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा. यात्रा के योग बन रहे हैं. कुल मिलाकर आज का दिन आर्थिक और करियर के लिहाज से बेहद लाभकारी साबित हो सकता है.

deep ranjan अप्रैल 14, 2026
Aaj Ka Kumbh Rashifal 14 April 2026: कुंभ राशि वालों को मिलेगा पार्टनर का साथ, जानें आज का उपाय, लकी कलर और नंबर भी
Aaj Ka Kumbh Rashifal 14 April 2026: कुंभ राशि वालों को मिलेगा पार्टनर का साथ, जानें आज का उपाय, लकी कलर और नंबर भी

Aaj Ka Kumbh Rashifal 14 April 2026: आज का दिन (मंगलवार) आपको अंदर से मजबूत बनाएगा. आपको महसूस होगा कि आप खुद ही अपने जीवन के मैजिशियन हैं और जो चाहें, उसे हासिल कर सकते हैं. यह सकारात्मक सोच आपके काम को तेजी से आगे बढ़ाने में मददगार होगी.

Rahul Singh अप्रैल 14, 2026
Aaj ka Tula Rashifal: तुला राशि वालों को मेहनत दिलाएगी सफलता, नौकरी-कर्ज में राहत, विरोधी होंगे परास्त
Aaj ka Tula Rashifal: तुला राशि वालों को मेहनत दिलाएगी सफलता, नौकरी-कर्ज में राहत, विरोधी होंगे परास्त

Aaj ka Tula Rashifal 14 April 2026: तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन सकारात्मक परिणाम देने वाला है. चंद्रमा का गोचर छठे भाव में होने से नौकरी, शत्रु और कर्ज से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है. कार्यक्षेत्र में मेहनत रंग लाएगी और पेंडिंग काम पूरे होने के योग हैं. सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा और विरोधी कमजोर पड़ेंगे. आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी और पुराने कर्ज से राहत मिल सकती है. स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी है. आज का दिन अनुशासन और समझदारी से काम लेने का है.

deep ranjan अप्रैल 14, 2026
Aaj Ka Love Rashifal: मेष वाले रोमांटिक डेट पर जाएंगे, कर्क के प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव आएगा, ये 2 जातक अपने दिल की सुनें, पढ़ें लव राशिफल
Aaj Ka Love Rashifal: मेष वाले रोमांटिक डेट पर जाएंगे, कर्क के प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव आएगा, ये 2 जातक अपने दिल की सुनें, पढ़ें लव राशिफल

Aaj Ka Love Rashifal: आज 14 अप्रैल मंगलवार के ​दिन मेष राशि वाले अपने रिश्ते में नई ऊर्जा लाने के लिए रोमांटिक डेट प्लान करेंगे. छोटे-छोटे सरप्राइज का इस्तेमाल करेंगे. वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन प्रेम संबंधों में कुछ मुश्किलें लेकर आ सकता है. कर्क वालों के लिए आज का दिन आपके प्रेम जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव लेकर आ सकता है. विस्तार से पढ़ें आज का अपना लव राशिफल.

Anshumala अप्रैल 14, 2026
Popular post
शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

Voting poll

अगर भविष्य में रश्मिका और विजय जीवनसाथी बनते हैं, तो क्या आपको उनकी जोड़ी पसंद होगी?