Ananya Panday

Ananya Panday stuns in a black embellished Elie Saab halter-neck gown inspired by the Y2K fashion trend.
Y2K फैशन की वापसी: अनन्या पांडे ने Elie Saab के ब्लैक हाल्टर-नेक लुक से रेड कार्पेट पर बिखेरा जलवा

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री अनन्या पांडे ने हाल ही में आयोजित एक प्रतिष्ठित अवॉर्ड समारोह में अपने फैशन स्टेटमेंट से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। फिल्म 'केसरी चैप्टर 2' में अपने शानदार अभिनय के लिए सम्मानित हुईं अनन्या ने रेड कार्पेट पर मशहूर लेबनानी फैशन डिजाइनर Elie Saab के प्री-फॉल 2026 कलेक्शन का खूबसूरत ब्लैक एन्सेंबल पहनकर Y2K फैशन ट्रेंड को एक बार फिर जीवंत कर दिया। एम्बेलिश्ड ब्लैक हाल्टर-नेक लुक बना आकर्षण का केंद्र अनन्या ने ब्लैक लेस से तैयार एम्बेलिश्ड हाल्टर-नेक टॉप को मैचिंग मैक्सी स्कर्ट के साथ स्टाइल किया। पूरे आउटफिट में नाजुक ब्लैक लेस, बेज लाइनिंग, फ्लोरल एप्लीके वर्क, सीक्विन्स और क्रिस्टल एम्बेलिशमेंट का इस्तेमाल किया गया था, जिसने उनके लुक को बेहद आकर्षक और रॉयल बनाया। स्कर्ट का लंबा ट्रेल रेड कार्पेट पर उनके स्टाइल में चार चांद लगा रहा था। मिनिमल ज्वेलरी और ओल्ड हॉलीवुड-इंस्पायर्ड मेकअप ने बढ़ाई खूबसूरती स्टाइलिस्ट प्रियंका कापड़िया ने इस लुक को मिनिमल एक्सेसरीज़ के साथ पूरा किया। अनन्या ने आर्ट डेको-इंस्पायर्ड डायमंड और पर्पल जेमस्टोन डैंगलर ईयररिंग्स, डायमंड व सिट्रीन हगी ईयररिंग्स और कीमती पत्थरों से सजी रिंग्स पहनीं। मेकअप में उन्होंने 1960 के दशक के ओल्ड हॉलीवुड ग्लैमर से प्रेरित लुक अपनाया। ल्यूमिनस हाईलाइटर, शार्प विंग्ड आईलाइनर, ब्रॉन्ज्ड शोल्डर्स, न्यूड ग्लॉसी लिप्स और स्लीक वेट-लुक हेयरस्टाइल ने उनके पूरे लुक को बेहद एलिगेंट बना दिया। बेरूत से प्रेरित है Elie Saab का 'Indelible Love' कलेक्शन अनन्या का यह आउटफिट Elie Saab के 'Indelible Love' कलेक्शन का हिस्सा है। यह कलेक्शन लेबनान की राजधानी बेरूत और वहां की महिलाओं की खूबसूरती, मजबूती और शालीनता को समर्पित है। इसमें 1950 से 1970 के दशक के बीच 'Paris by the Sea' कहे जाने वाले बेरूत की ग्लैमरस विरासत को मोनोक्रोम रंगों, शानदार फैब्रिक्स, लेस वर्क और शानदार एम्बेलिशमेंट के जरिए दर्शाया गया है। Elie Saab के डिजाइन्स में पहले भी नजर आ चुकी हैं अनन्या यह पहला मौका नहीं है जब अनन्या पांडे ने Elie Saab का डिजाइन पहना हो। इससे पहले वह मुंबई के एक अवॉर्ड शो में डिजाइनर के Spring/Summer 2007 आर्काइव हाल्टरनेक गाउन और लंदन में आयोजित एक ज्वेलरी इवेंट में Fall/Winter 2025-26 कलेक्शन की शीयर ड्रेस पहनकर भी चर्चा में रही थीं। Y2K ट्रेंड को फिर बनाया फैशन का हॉट फेवरेट अनन्या पांडे का यह लेटेस्ट रेड कार्पेट लुक एक बार फिर साबित करता है कि Y2K फैशन, क्लासिक ब्लैक आउटफिट और ओल्ड हॉलीवुड ग्लैमर का मेल आज भी फैशन प्रेमियों के बीच सबसे बड़ा ट्रेंड बना हुआ है।  

surbhi जून 29, 2026 0
Ananya Panday stuns in a custom copper saree gown at Piaget's Monaco high jewellery event.
मोनाको में अनन्या पांडे का ग्लैमरस अंदाज, गौरव गुप्ता की कॉपर साड़ी-गाउन में बिखेरा जलवा

बॉलीवुड अभिनेत्री अनन्या पांडे का ग्लोबल फैशन जगत में प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय फैशन ब्रांड्स की ग्लोबल एंबेसडर बनने के बाद अब वह दुनिया के प्रतिष्ठित फैशन और ज्वेलरी आयोजनों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। हाल ही में अनन्या मोनाको के प्रतिष्ठित विला साइप्रिस में आयोजित स्विस लक्जरी वॉचमेकर Piaget के 150वें वर्ष के विशेष हाई ज्वेलरी शोकेस 'Colours of Extraleganza' में शामिल हुईं। इस खास मौके पर अनन्या पांडे ने भारतीय डिजाइनर गौरव गुप्ता की कस्टम-निर्मित कॉपर रंग की साड़ी-गाउन पहनकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पेरिस कॉउचर कलेक्शन से था खास आउटफिट अनन्या का यह शानदार आउटफिट 'Soft Armour' नाम से गौरव गुप्ता के Paris Couture 2026 कलेक्शन 'The Divine Androgyne' का हिस्सा है। यह कलेक्शन पारंपरिक स्त्री और पुरुष डिजाइन तत्वों के मेल को दर्शाता है और सामाजिक सीमाओं से परे फैशन की नई परिभाषा पेश करता है। वन-शोल्डर डिजाइन वाली इस साड़ी-गाउन में स्ट्रक्चर्ड कॉर्सेट बॉडी और फ्लोइंग ड्रेपिंग का खूबसूरत संयोजन देखने को मिला। हाई-शाइन सैटिन फैब्रिक से तैयार इस ड्रेस में थाई-हाई स्लिट और पीछे की ओर लंबा प्लीटेड ट्रेल इसे और भी आकर्षक बना रहा था। क्रिस्टल टैसल्स ने बढ़ाई खूबसूरती इस लुक की सबसे खास बात थी नेकलाइन और शोल्डर पर लगे कैस्केडिंग क्रिस्टल टैसल्स, जो ज्वेलरी जैसे फिनिश के साथ पूरे आउटफिट को रॉयल टच दे रहे थे। Piaget की हाई ज्वेलरी वॉच और Louboutin हील्स से पूरा किया लुक अनन्या की स्टाइलिस्ट प्रियंका कपाड़िया ने इस आउटफिट के साथ Piaget की स्टेटमेंट कफ-स्टाइल हाई ज्वेलरी वॉच को पेयर किया। वहीं फुटवियर के लिए उन्होंने Christian Louboutin की Follies Strass पंप्स चुनीं, जो ड्रेस की चमकदार डिटेलिंग के साथ बेहतरीन तालमेल बिठा रही थीं। अनन्या ने अपने बालों को स्लीक बन में स्टाइल किया और मेकअप को मिनिमल रखा। ब्राउन स्मोकी आईज और न्यूड लिप्स ने उनके पूरे लुक को एलिगेंट और क्लासी फिनिश दिया। अनन्या पांडे का यह मोनाको लुक एक बार फिर साबित करता है कि भारतीय डिजाइन और अंतरराष्ट्रीय फैशन का मेल वैश्विक मंच पर नई पहचान बना रहा है।  

surbhi जून 19, 2026 0
Lakshya and Ananya Panday in a scene from Chand Mera Dil during its box office run
बॉक्स ऑफिस पर टिके रहने में सफल रही 'चांद मेरा दिल', 4 दिनों में 12 करोड़ रुपये के पार पहुंची फिल्म

अभिनेता Lakshya और अभिनेत्री Ananya Panday की रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'चांद मेरा दिल' बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए रखने में सफल रही है। रिलीज के चौथे दिन यानी पहले सोमवार को फिल्म ने संतोषजनक प्रदर्शन करते हुए कुल कमाई को 12 करोड़ रुपये के पार पहुंचा दिया है। पहले सोमवार को भी बनी रही दर्शकों की रुचि रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने सोमवार को लगभग 2 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। यह ओपनिंग डे की तुलना में करीब 25 प्रतिशत कम है, लेकिन वर्किंग डे होने के बावजूद फिल्म का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर माना जा रहा है। फिल्म की कमाई को बढ़ाने में 'बाय वन गेट वन' टिकट ऑफर का भी अहम योगदान रहा, जिसके चलते दर्शकों की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। चार दिनों में 12.25 करोड़ रुपये की कमाई विवेक सोनी के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने शुरुआती चार दिनों में कुल 12.25 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन दर्ज किया है। दिनवार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दिन कमाई पहला दिन 2.75 करोड़ रुपये दूसरा दिन 3.50 करोड़ रुपये तीसरा दिन 4.00 करोड़ रुपये चौथा दिन 2.00 करोड़ रुपये (अनुमानित) कुल 12.25 करोड़ रुपये पहले सप्ताह में 17 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म को मंगलवार को भी सस्ते टिकट दरों का फायदा मिल सकता है। यदि मौजूदा रफ्तार बनी रहती है तो 'चांद मेरा दिल' पहले सप्ताह के अंत तक 16 से 17 करोड़ रुपये के बीच का कारोबार कर सकती है। फिल्म को अगले कुछ दिनों तक बड़ी फिल्मों से सीधी प्रतिस्पर्धा का सामना नहीं करना पड़ेगा, जिससे इसके पास दर्शकों को आकर्षित करने का अच्छा मौका रहेगा। महामारी के बाद रोमांटिक फिल्मों के लिए चुनौती कोविड महामारी के बाद छोटे और मझोले बजट की रोमांटिक फिल्मों के लिए बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल करना आसान नहीं रहा है। हालांकि कुछ फिल्मों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। ऐसे में इंडस्ट्री की नजर इस बात पर बनी हुई है कि क्या 'चांद मेरा दिल' लंबी रेस का घोड़ा साबित हो पाएगी और आने वाले दिनों में स्थिर कमाई जारी रख सकेगी। दर्शकों से मिले-जुले रिव्यू Vivek Soni के निर्देशन में बनी इस फिल्म को दर्शकों से मिश्रित प्रतिक्रिया मिली है। जहां कई लोगों ने लक्ष्या और अनन्या पांडे की अभिनय क्षमता की सराहना की है, वहीं फिल्म के संगीत को भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में फिल्म वर्ड ऑफ माउथ के दम पर कितनी मजबूत पकड़ बना पाती है।  

surbhi मई 26, 2026 0
Ananya Panday and Lakshya in emotional scenes from Chand Mera Dil psychological romantic drama film.
‘चाँद मेरा दिल’ रिव्यू: रिश्तों, मानसिक तनाव और टूटते सपनों की दर्दनाक लेकिन शानदार कहानी

Chand Mera Dil आज के दौर के रिश्तों की चमक के पीछे छिपे दर्द, असुरक्षा और मानसिक संघर्ष को बेहद गहराई से दिखाती है। निर्देशक Vivek Soni ने इस फिल्म को किसी टिपिकल बॉलीवुड लव स्टोरी की तरह पेश नहीं किया, बल्कि इसे एक इंटेंस साइकोलॉजिकल-रोमांटिक ड्रामा का रूप दिया है। फिल्म डिटेल्स फिल्म: Chand Mera Dil निर्देशक: Vivek Soni मुख्य कलाकार: Ananya Panday, Lakshya जॉनर: साइकोलॉजिकल-रोमांटिक ड्रामा रेटिंग: 4/5 कहानी: प्यार से ज्यादा दर्द की कहानी फिल्म की कहानी आरव और चांदनी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका कॉलेज वाला रोमांस धीरे-धीरे जिंदगी की असल चुनौतियों के बीच टूटने लगता है। आरव एक मध्यमवर्गीय लड़का है, जो करियर में लगातार असफलताओं और आर्थिक दबाव से जूझ रहा है। दूसरी तरफ चांदनी बचपन के घरेलू हिंसा वाले ट्रॉमा से बाहर नहीं निकल पाई है। जब ये दोनों एक रिश्ते में आते हैं, तो उनका प्यार धीरे-धीरे एक इमोशनल संघर्ष में बदल जाता है, जहाँ दोनों खुद भी टूटते हैं और एक-दूसरे को भी तोड़ने लगते हैं। फिल्म यह दिखाती है कि आज के रिश्तों में सिर्फ प्यार काफी नहीं होता, मानसिक स्थिरता और भावनात्मक सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। लक्ष्य की शानदार परफॉर्मेंस Lakshya ने आरव के किरदार में बेहतरीन अभिनय किया है। उनका गुस्सा और फ्रस्ट्रेशन बहुत रियल लगता है। कई सीन्स में बिना डायलॉग बोले सिर्फ उनकी आंखें किरदार का दर्द महसूस करा देती हैं। यह अब तक की उनकी सबसे मजबूत परफॉर्मेंस मानी जा सकती है। अनन्या पांडे का सबसे दमदार रोल Ananya Panday ने इस फिल्म से अपनी ग्लैमरस इमेज से बिल्कुल अलग अभिनय किया है। उन्होंने एक ऐसी लड़की का किरदार निभाया है जो अंदर से टूट चुकी है लेकिन बाहर से खुद को संभालने की कोशिश करती रहती है। उनका यह ट्रांसफॉर्मेशन दर्शकों को काफी प्रभावित करता है। कई इमोशनल सीन्स में अनन्या ने साबित किया है कि वे सिर्फ कमर्शियल फिल्मों तक सीमित नहीं हैं। निर्देशन और संगीत फिल्म की ताकत Vivek Soni का निर्देशन काफी संतुलित और प्रभावशाली है। फिल्म कहीं भी ओवरड्रामैटिक नहीं लगती। डायलॉग्स बेहद नेचुरल हैं बैकग्राउंड स्कोर कहानी के दर्द को और गहरा बनाता है क्लाइमेक्स में टाइटल ट्रैक फिल्म को भावनात्मक ऊंचाई पर ले जाता है फिल्म का संगीत कहानी के मूड को मजबूती देता है। फिल्म की कमजोरी क्या है? फिल्म का सबसे बड़ा नेगेटिव पॉइंट इसका बहुत ज्यादा इमोशनली भारी होना है। लगातार तनाव और दुख दर्शकों को मानसिक रूप से थका सकता है सेकेंड हाफ कुछ जगहों पर थोड़ा स्लो महसूस होता है यह फिल्म हर तरह के दर्शकों के लिए नहीं है अगर कोई हल्की-फुल्की एंटरटेनमेंट फिल्म देखना चाहता है, तो यह उसके लिए सही विकल्प नहीं होगी। फाइनल वर्डिक्ट Chand Mera Dil उन फिल्मों में से है जो सिर्फ एंटरटेन नहीं करतीं, बल्कि सोचने पर मजबूर करती हैं। अगर आप रियलिस्टिक और इमोशनली स्ट्रॉन्ग सिनेमा पसंद करते हैं, तो यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए। Lakshya और Ananya Panday दोनों ने अपने करियर की सबसे यादगार परफॉर्मेंस दी है।  

surbhi मई 22, 2026 0
Ananya Panday and Lakshya Lalwani in a romantic scene from Chand Mera Dil amid CBFC censorship controversy.
‘चांद मेरा दिल’ के रोमांटिक सीन्स पर चली सेंसर बोर्ड की कैंची, 96 सेकेंड के किसिंग विजुअल्स हटाए गए

Central Board of Film Certification यानी CBFC एक बार फिर अपने फैसले को लेकर चर्चा में है। इस बार मामला Chand Mera Dil से जुड़ा है, जिसमें अभिनेता Lakshya Lalwani और अभिनेत्री Ananya Panday के रोमांटिक सीन्स पर बोर्ड ने कैंची चला दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट दिया गया है, लेकिन इसके साथ फिल्म के करीब 96 सेकेंड लंबे किसिंग और लिप-लॉक सीन्स हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। 96 सेकेंड के रोमांटिक सीन हटाए गए मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार CBFC ने फिल्म से: 10 सेकेंड का एक किसिंग सीन हटाने और करीब 1 मिनट 26 सेकेंड के लिप-लॉक विजुअल्स काटने का निर्देश दिया है। कुल मिलाकर फिल्म से लगभग 96 सेकेंड के रोमांटिक विजुअल्स हटाए गए हैं। सोशल मीडिया पर उठे सवाल सेंसर बोर्ड के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि जब हिंसा, खून-खराबा और गालियों से भरी फिल्मों को आसानी से पास किया जा रहा है, तब एक रोमांटिक फिल्म के किसिंग सीन्स पर इतनी सख्ती क्यों दिखाई गई। लोगों ने तुलना करते हुए Animal, KGF और अन्य हिंसक फिल्मों का भी जिक्र किया। 22 मई को रिलीज होगी फिल्म Chand Mera Dil 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म का रनटाइम लगभग 2 घंटे 15 मिनट 36 सेकेंड बताया गया है। एडवांस बुकिंग 18 मई से शुरू हो चुकी है। ट्रेलर ने बटोरी थी तारीफ फिल्म का ट्रेलर 11 मई को रिलीज हुआ था, जिसे दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला। फिल्म में Ananya Panday और Lakshya Lalwani की केमिस्ट्री को काफी पसंद किया गया। ट्रेलर के कुछ डायलॉग्स भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें: “प्यार तो बहुत है, लेकिन इज्जत उससे ज्यादा जरूरी है।” और “लेजेंड्री लव स्टोरीज की एंडिंग ही तो ट्रैजिक होती है।” जैसी लाइनें शामिल हैं। ‘सैयारा’ जैसी फीलिंग की चर्चा ट्रेलर देखने के बाद कई यूजर्स ने फिल्म की तुलना रोमांटिक ड्रामा फिल्मों से की थी। कुछ लोगों का कहना था कि फिल्म में इमोशनल लव स्टोरी के साथ ट्रेजडी और मैच्योर रिलेशनशिप की झलक देखने को मिल रही है। करण जौहर की प्रोडक्शन टीम से जुड़ी फिल्म फिल्म का निर्देशन Vivek Soni ने किया है, जबकि इसे Karan Johar समेत कई निर्माताओं ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में: अनन्या पांडे लक्ष्य लालवानी आस्था सिंह प्रथम राठौड़ एल्विस जोस मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म का अनुमानित बजट करीब 90 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।  

surbhi मई 19, 2026 0
Ananya Panday and Lakshya Lalwani in romantic college scenes from Chaand Mera Dil teaser
‘चांद मेरा दिल’ टीजर रिलीज: अनन्या पांडे-लक्ष्य की केमिस्ट्री पर मिला मिला-जुला रिस्पॉन्स

धर्मा प्रोडक्शंस की नई रोमांटिक फिल्म Chaand Mera Dil का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। Ananya Panday और Lakshya Lalwani की नई जोड़ी को पहली बार साथ देखने को लेकर उत्साह तो था, लेकिन टीजर देखने के बाद दर्शकों की प्रतिक्रियाएं बंटी हुई नजर आ रही हैं। रोमांस ज्यादा, लेकिन नया क्या? फिल्म का टीजर बेहद इंटेंस और रोमांटिक है, जिसमें कॉलेज लाइफ, प्यार और इमोशंस को दिखाया गया है। कहानी दो इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स-चांदनी और आरव-के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दोस्ती और पढ़ाई के बीच एक-दूसरे से प्यार कर बैठते हैं। हालांकि, दर्शकों का एक बड़ा वर्ग मान रहा है कि फिल्म की कहानी और ट्रीटमेंट पहले देखी गई फिल्मों जैसा ही है। ‘2 स्टेट्स’ से तुलना, फैंस ने जताई निराशा टीजर सामने आते ही कई यूजर्स ने इसकी तुलना 2 States और अन्य रोमांटिक फिल्मों से कर दी। कुछ लोगों ने इसे “सस्ती 2 स्टेट्स” तक कह दिया। हालांकि, Lakshya Lalwani की स्क्रीन प्रेजेंस और एक्टिंग की जमकर तारीफ हो रही है, वहीं Ananya Panday के प्रदर्शन को लेकर दर्शक पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे। करण जौहर का रोमांस फॉर्मूला फिर वापसी पर फिल्म Karan Johar के बैनर के तहत बनाई जा रही है, जो पहले Kuch Kuch Hota Hai, Kabhi Khushi Kabhie Gham, Kal Ho Naa Ho जैसी हिट लव स्टोरीज दे चुका है। इस बार मेकर्स उसी क्लासिक रोमांस को नए अंदाज में पेश करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन टीजर ने फिलहाल दर्शकों को पूरी तरह कन्विंस नहीं किया है। रिलीज डेट और बॉक्स ऑफिस मुकाबला ‘चांद मेरा दिल’ अब 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। पहले इसे 2025 में रिलीज किया जाना था, लेकिन किसी कारणवश इसमें देरी हुई। मई 2026 में कई फिल्में अलग-अलग तारीखों पर रिलीज हो रही हैं, जिससे सीधी टक्कर से बचने की रणनीति अपनाई गई है। ऐसे में फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अच्छा मौका मिल सकता है। क्या बनेगी गेम चेंजर फिल्म? यह फिल्म Ananya Panday और Lakshya Lalwani दोनों के करियर के लिए अहम मानी जा रही है। अब देखना होगा कि दर्शकों की शुरुआती आलोचना के बावजूद फिल्म रिलीज के बाद क्या कमाल दिखा पाती है।  

surbhi अप्रैल 7, 2026 0
Varun Sood birthday
वरुण सूद के जन्मदिन पर अनन्या पांडे का प्यारा पोस्ट, शेयर की खास तस्वीर

मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड अभिनेत्री अनन्या पांडे ने अपने को-स्टार और दोस्त वरुण सूद के जन्मदिन को खास अंदाज में सेलिब्रेट किया। अनन्या ने सोशल मीडिया पर एक प्यारी तस्वीर साझा कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इस पोस्ट में उन्होंने वरुण को प्यार से ‘प्रिंस’ कहा, जिससे दोनों की ऑफ-स्क्रीन दोस्ती की झलक भी देखने को मिली।   अनन्या ने शेयर की खास तस्वीर अनन्या पांडे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक ग्रुप फोटो शेयर की, जिसमें वह और वरुण सूद अपने दोस्तों और ‘कॉल मी बे’ की टीम के साथ कार में मस्ती करते नजर आए। तस्वीर में अनन्या आगे की सीट पर बैठी दिखीं, जबकि वरुण पीछे की सीट पर कैमरे के लिए पोज देते नजर आए। तस्वीर में सभी कलाकार हंसते और एंजॉय करते दिखाई दिए।   वरुण के लिए लिखा प्यारा मैसेज तस्वीर के साथ अनन्या ने वरुण के लिए एक दिलचस्प और प्यार भरा मैसेज भी लिखा। उन्होंने कहा, “हैप्पी बर्थडे प्रिंस, हम आपसे प्यार करते हैं और कभी-कभी आपके चुटकुलों से भी।” इस मजेदार कैप्शन ने फैंस का ध्यान खींच लिया और सोशल मीडिया पर दोनों की दोस्ती की चर्चा तेज हो गई।   ‘कॉल मी बे’ से बनी खास बॉन्डिंग अनन्या पांडे और वरुण सूद ने वेब सीरीज ‘कॉल मी बे’ में साथ काम किया है। यह अनन्या की पहली वेब सीरीज थी, जिसे करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस ने प्रोड्यूस किया था। सीरीज में दोनों की केमिस्ट्री को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। ऑफ-स्क्रीन भी उनकी दोस्ती मजबूत नजर आती है।   आगे क्या? वर्कफ्रंट की बात करें तो अनन्या पांडे जल्द ही धर्मा प्रोडक्शंस की रोमांटिक-ड्रामा फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ में नजर आएंगी। वहीं, वरुण सूद अपने अभिनय और डिजिटल प्रोजेक्ट्स के जरिए लगातार दर्शकों के बीच लोकप्रिय बने हुए हैं।

Unknown अप्रैल 1, 2026 0
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शादी समारोह में जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर हमला नाकाम, हमलावर 20 साल से कर रहा था मौके का इंतज़ार

  जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय हुई जब वे एक कार्यक्रम से बाहर निकल रहे थे और भीड़ में मौजूद एक व्यक्ति ने उनके बेहद करीब आकर पिस्तौल तान दी और गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षाकर्मियों की त्वरित कार्रवाई से यह हमला नाकाम हो गया और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में आयोजित एक विवाह समारोह में हुई, जहां Farooq Abdullah जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary के साथ पहुंचे थे।   कौन है हमलावर? पुलिस ने आरोपी की पहचान कमल सिंह जम्वाल (करीब 65 वर्ष) के रूप में की है, जो जम्मू के पुरानी मंडी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से इस मौके का इंतज़ार कर रहा था। पुलिस के अनुसार कमल सिंह के पास एक लाइसेंसी पिस्तौल थी और घटना के समय वह कथित तौर पर नशे में भी था। सुरक्षाकर्मियों ने मौके से हथियार बरामद कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि यह हमला व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश हो सकती है।   CCTV में कैद हुई पूरी घटना घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखता है कि जैसे ही Farooq Abdullah समारोह से बाहर निकल रहे थे, आरोपी पीछे से तेजी से आया और उनकी कनपटी पर पिस्तौल तान दी। उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन उसी क्षण सुरक्षा में तैनात कमांडो सक्रिय हो गए और उसका हाथ झटक दिया, जिससे गोली लक्ष्य से चूक गई। इसके तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों और मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। घटना के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।   सीएम उमर अब्दुल्ला ने उठाए सुरक्षा पर सवाल हमले के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री Omar Abdullah ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पिता बाल-बाल बच गए। उन्होंने लिखा कि एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ इतने करीब तक कैसे पहुंच गया, यह गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच की मांग भी की है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था में हुई संभावित खामियों का पता लगाया जा सके। घटना के समय उपमुख्यमंत्री Surinder Choudhary भी वहां मौजूद थे। इस दौरान उन्हें हल्की चोट आई, जिसके बाद मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।   पुलिस की जांच जारी जम्मू पुलिस के अनुसार हमला ग्रेटर कैलाश के रॉयल पार्क में आयोजित विवाह समारोह के दौरान हुआ। सुरक्षा दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पिस्तौल जब्त कर ली गई है और उसके पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्कों और मानसिक स्थिति की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं।  

हरीश राणा मामला: इच्छामृत्यु की अनुमति ने खड़े किए संवेदनशील सवाल, क्या सच में कोई अकेले मरता है?

भारत के कानूनी और सामाजिक विमर्श में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ तब आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दे दी। यह फैसला न केवल न्यायिक दृष्टि से अहम है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक पीड़ा को भी गहराई से छूता है। 13 साल का संघर्ष: जीवन और मृत्यु के बीच अटका एक अस्तित्व हरीश राणा पिछले 13 वर्षों से अचेत अवस्था में जीवन और मृत्यु के बीच झूल रहे थे। एक हादसे में चंडीगढ़ स्थित हॉस्टल की चौथी मंज़िल से गिरने के बाद उनका शरीर तो जीवित रहा, लेकिन वे किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने में असमर्थ हो गए। इन वर्षों में उनके माता-पिता ने निरंतर उनकी सेवा की, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक थकान ने उन्हें एक कठिन निर्णय के सामने ला खड़ा किया-अपने ही बेटे के लिए मृत्यु की अनुमति मांगना। अदालत का फैसला: ‘गरिमामय मृत्यु’ की दिशा में कदम सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी, जिसमें जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखने वाले उपकरणों को हटाया जाता है, ताकि व्यक्ति स्वाभाविक रूप से मृत्यु की ओर बढ़ सके। यह निर्णय भारत में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आए थे, जैसे अरुणा शानबाग का मामला, लेकिन तब अदालत ने अनुमति नहीं दी थी। एक सवाल जो दिल को झकझोरता है यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि गहरे मानवीय और भावनात्मक सवाल भी खड़े करता है- क्या हरीश राणा अकेले मरेंगे? असल में, किसी की मृत्यु कभी अकेली नहीं होती। हरीश के साथ उनके माता-पिता का एक हिस्सा भी खत्म होगा-खासतौर पर उनकी मां, जिन्होंने अपने बेटे की इच्छामृत्यु की अनुमति पर हस्ताक्षर किए। यह निर्णय केवल कागज पर हस्ताक्षर नहीं, बल्कि एक मां के भीतर की पीड़ा, त्याग और टूटन का प्रतीक है। समाज और परिवार पर उठते बड़े सवाल इस घटना ने समाज के बदलते स्वरूप पर भी सवाल खड़े किए हैं- क्या आधुनिक जीवनशैली और टूटते पारिवारिक ढांचे लोगों को ऐसे फैसले लेने के लिए मजबूर कर रहे हैं?   क्या ‘गरिमामय मृत्यु’ की मांग, ‘गरिमामय जीवन’ की कमी को दर्शाती है?   हरीश राणा और अरुणा शानबाग जैसे मामलों ने यह दिखाया है कि कई बार जीवन केवल शरीर से नहीं, बल्कि रिश्तों और देखभाल से भी चलता है। कानून बनने की जरूरत और संभावित खतरे सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इच्छामृत्यु पर स्पष्ट कानून बनाने की भी सलाह दी है। हालांकि, इसके साथ एक चिंता भी जुड़ी है- कहीं इस कानून का दुरुपयोग तो नहीं होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि बिना सख्त नियमों के, यह कानून कमजोर और बुजुर्ग लोगों के लिए खतरा बन सकता है। वहीं, कुछ परिवारों के लिए यह पीड़ा से मुक्ति का रास्ता भी साबित हो सकता है।  

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज अमित शाह का भाषण, सदन में हंगामे के आसार

  नई दिल्ली: लोकसभा स्पीकर Om Birla को पद से हटाने के लिए लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि उनके संबोधन के दौरान सदन में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है। यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद Mohammed Javed ने पेश किया है, जिसे विपक्ष के कई दलों का समर्थन मिला है। प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिलने के बाद इसे चर्चा के लिए स्वीकार किया गया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे Jagadambika Pal ने प्रस्ताव पर चर्चा की अनुमति दी और इसके लिए कुल 10 घंटे का समय निर्धारित किया। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे बहस के दौरान केवल प्रस्ताव से जुड़े मुद्दों पर ही अपनी बात रखें।   118 विपक्षी सांसदों का समर्थन स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर कुल 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष का आरोप है कि Om Birla ने सदन की कार्यवाही के दौरान निष्पक्षता नहीं बरती और कई मौकों पर ‘पक्षपातपूर्ण व्यवहार’ किया। इसी आरोप के आधार पर यह प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को बहस शुरू होते ही प्रक्रिया को लेकर भी विवाद देखने को मिला। एआईएमआईएम प्रमुख Asaduddin Owaisi और कांग्रेस सांसद K. C. Venugopal ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह की बहस की अध्यक्षता के लिए सदन को किसी सदस्य का चुनाव करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अध्यक्षों के पैनल से किसे कार्यवाही की अध्यक्षता के लिए चुना गया, इसका निर्णय किस आधार पर लिया गया। हालांकि सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad और Nishikant Dubey ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि नियमों के तहत ही कार्यवाही चल रही है।   गौरव गोगोई ने शुरू की बहस बहस की शुरुआत कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने की। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी व्यक्तिगत विरोध के कारण नहीं बल्कि संसद की गरिमा और निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा, “यह प्रस्ताव सदन की गरिमा की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत लाया गया है, न कि व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के खिलाफ।” गोगोई ने संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे अक्सर विपक्षी सांसदों की बातों में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड का अध्ययन होगा तो यह सामने आएगा कि विपक्ष की आवाज़ को सबसे अधिक बाधित किया गया।   रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना अपने जवाब में Kiren Rijiju ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि कोई खुद को स्पीकर से ऊपर समझता है तो उसका “कोई इलाज नहीं है।” रिजिजू ने कहा कि संसद के नियम स्पष्ट हैं और सदन में बोलने के लिए स्पीकर की अनुमति जरूरी होती है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो, मंत्री हो या विपक्ष का नेता।   प्रियंका गांधी का पलटवार इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को बेखौफ होकर घेरते हैं और यही बात सत्तारूढ़ दल को असहज करती है। प्रियंका गांधी ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में इस देश में केवल एक व्यक्ति है जिसने इनके सामने झुकने से इनकार किया है और वह विपक्ष के नेता हैं। वे जो सच बोलते हैं, उसे ये लोग पचा नहीं पाते।” आज जब गृह मंत्री Amit Shah इस प्रस्ताव पर सदन में अपना पक्ष रखेंगे, तब बहस और अधिक तीखी होने की संभावना है। ऐसे में लोकसभा में राजनीतिक टकराव और हंगामे के आसार बने हुए हैं।  

यौन उत्पीड़न केस में शंकराचार्य को राहत, हाईकोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

लखनऊ, एजेंसियां। यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों से घिरे Swami Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी कानूनी राहत मिली है। अलाहबाद हाई कोर्ट  ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। इसी मामले में उनके शिष्य Swami Mukundanand Giri को भी राहत दी गई है।   फैसला सुरक्षित रखने के बाद सुनाया गया आदेश इस मामले में अदालत ने पहले ही सभी पक्षों की दलीलें सुन ली थीं और 27 फरवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के इस निर्णय को आरोपियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि केस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।   मीडिया बयान पर भी कोर्ट की रोक हाईकोर्ट ने इस मामले को संवेदनशील मानते हुए एक अहम निर्देश भी दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता और आरोपियों—दोनों पक्षों को मीडिया में बयान देने से रोक दिया है, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो।   क्या है पूरा मामला? यह मामला नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़ा है। आरोप है कि आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत के आधार पर विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।   जांच जारी, आगे भी होगी सुनवाई फिलहाल, अदालत से मिली अग्रिम जमानत के कारण गिरफ्तारी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां जांच में जुटी हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

इच्छामृत्यु के बाद Harish Rana को अंतिम विदाई, पिता की मार्मिक अपील- "रोना मत"

गाजियाबाद/दिल्ली, एजेंसियां। 13 साल से कोमा में रहे 31 वर्षीय हरीश राणा का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह 8.30 बजे अंतिम संस्कार के लिए दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट लाया गया। पिता अशोक राणा ने बेटे को आखिरी बार प्रणाम किया और कहा, “कोई रोए न, बेटा शांति से जाए। उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” थोड़ी देर बाद हरीश का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके भाई ने मुखाग्नि दी।   क्या है मामला? हरीश 2013 में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद क्वाड्रिप्लेजिया और गंभीर लकवे के कारण कोमा में चले गए थे। बीते 13 वर्षों में उनका जीवन केवल लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर निर्भर रहा। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पैसिव यूथेनेशिया यानी इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी, जिससे हरीश की जिंदगी का अंत उनके परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्डों की मंजूरी के तहत संभव हुआ।   कैसे हुई  मौत ? एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया के तहत जीवनरक्षक उपकरण और फीडिंग ट्यूब से हटाया गया। परिवार ने हरीश के हार्ट वाल्व और कॉर्निया दान कर दिए। इस प्रक्रिया ने भारत में इच्छामृत्यु के कानूनी मान्यता प्राप्त पहले मामले का उदाहरण पेश किया।अंतिम संस्कार के दौरान माता निर्मला राणा और पिता अशोक राणा भावुक नजर आए। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और ब्रह्मकुमारी लवली समेत अन्य लोग मौजूद रहे। घाट पर हरीश का पार्थिव शरीर फूलों और उपलों से सजाया गया। पिता ने अंतिम संस्कार के समय सबको संयम रखने और शांति बनाए रखने की अपील की।   सुप्रीम कोर्ट ने क्या  कहा ? सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इच्छामृत्यु के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत या तो मरीज ने लिविंग विल लिखी हो या परिवार/करीबी निर्णय लें। पैसिव यूथेनेशिया में इलाज या लाइफ सपोर्ट रोक दिया जाता है, जबकि एक्टिव यूथेनेशिया भारत में गैरकानूनी है। हरीश राणा का यह मामला न केवल परिवार के साहस का प्रतीक है, बल्कि देश में इच्छामृत्यु के संवैधानिक अधिकार को भी सामने लाता है।

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abhishek singh जुलाई 2, 2026 0